हाईकोर्ट
आखिरी बार आरोपियों के साथ दिखी बच्ची, 10 घंटे में मिला शव: पटना हाईकोर्ट ने दुष्कर्म-हत्या मामले में उम्रकैद बरकरार रखी
पटना हाईकोर्ट ने आठ वर्षीय बच्ची के दुष्कर्म और हत्या मामले में दो दोषियों की सजा बरकरार रखते हुए कहा कि जब अभियोजन यह साबित कर दे कि पीड़िता आखिरी बार आरोपियों के साथ देखी गई थी और कुछ ही घंटों बाद उसका शव बरामद हुआ तो ऐसी स्थिति में आरोपियों पर यह दायित्व आ जाता है कि वे मृत्यु के संबंध में स्पष्टीकरण दें।जस्टिस बिबेक चौधुरी और जस्टिस अंसुल की खंडपीठ ने मुजफ्फरपुर की स्पेशल POCSO कोर्ट द्वारा 2018 में सुनाई गई दोषसिद्धि और सजा के आदेश के खिलाफ दायर अपील खारिज करते हुए यह फैसला दिया।दोनों...
सांभर झील के पास सौर परियोजना को हाईकोर्ट की मंजूरी, प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा के लिए लगाए कड़े निर्देश
राजस्थान हाईकोर्ट ने नागौर जिले में सांभर झील के निकट प्रस्तावित 100 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना को अनुमति दी। साथ ही प्रवासी पक्षियों के प्राकृतिक आवास की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई शर्तें भी लगाईं।एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने कहा कि जिस भूमि पर परियोजना स्थापित की जानी है। वह सांभर झील अथवा किसी अधिसूचित आर्द्रभूमि का हिस्सा नहीं है, हालांकि यह क्षेत्र प्रवासी पक्षियों के लिए महत्वपूर्ण प्रजनन स्थल है।अदालत ने कहा कि शीतकाल में इस क्षेत्र में...
NEET-UG 2026 आवेदन पोर्टल दोबारा खोलने से आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट का इनकार, कहा- समयसीमा का सख्ती से पालन जरूरी
आंध्रप्रदेश हाईकोर्ट ने NEET-UG 2026 के आवेदन पोर्टल को दोबारा खोलने या वैकल्पिक माध्यम से आवेदन स्वीकार करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक नोटिस और सूचना पुस्तिका में तय समयसीमा का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए और मानवीय आधार पर इसमें हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता।चीफ़ जस्टिस लीसा गिल और जस्टिस निनाला जयसूर्या की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया।याचिकाकर्ता छात्रों ने कहा था कि उन्होंने आवेदन जमा करने का काम कॉलेज से जुड़े एक कंप्यूटर/DTP ऑपरेटर को सौंपा था, जिसने पैसे लेने...
अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को अपनी पसंद का प्राचार्य चुनने का पूर्ण अधिकार: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्यप्रदेश ने कहा है कि अल्पसंख्यक सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों (minority aided educational institutions) को अपने संस्थान का प्रमुख चुनने का संवैधानिक अधिकार है और इस अधिकार पर कोई भी प्रतिबंध संविधान के Article 30(1) का उल्लंघन होगा।जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस आनंद सिंह बहारावत की खंडपीठ ने कहा कि यदि किसी अल्पसंख्यक संस्थान का प्रबंधन योग्य व्यक्ति को प्राचार्य या हेडमास्टर नियुक्त करने का फैसला करता है, तो अदालत उस निर्णय की उचितता या प्रक्रिया की जांच नहीं कर सकती।मामला S.S.L. Jain P.G....
“हॉस्टलों में लड़कियों की सुरक्षा पर बिहार पुलिस के सर्कुलर में नियमों का पालन न करने पर सज़ा का कोई प्रावधान नहीं, इसे लागू किया जाना चाहिए”: हाईकोर्ट
पटना हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी की कि निजी हॉस्टलों और लॉज में रहने वाली लड़कियों की सुरक्षा के उपायों के संबंध में बिहार पुलिस द्वारा जारी सर्कुलर में नियमों का पालन न करने पर किसी भी तरह की सज़ा का कोई प्रावधान नहीं है। इस बात पर ज़ोर दिया कि इसे सख्ती से लागू किया जाना चाहिए और इस पर आगे की कार्रवाई भी होनी चाहिए।चीफ जस्टिस संगम कुमार साहू और जस्टिस हरीश कुमार की डिवीज़न बेंच बिहार राज्य में लड़कियों के हॉस्टलों और लॉज में रहने वाली स्टूडेंट्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ज़रूरी सलाह और...
ई-रिक्शा के रेगुलेशन और हाईवे पर उनके चलने पर रोक लगाने की मांग वाली PIL पर हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जनहित याचिका (PIL) पर नोटिस जारी किया, जिसमें राज्य में ई-रिक्शा के बिना किसी रेगुलेशन के चलने को लेकर चिंता जताई गई।जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस पुष्पेंद्र यादव की डिवीज़न बेंच ने याचिका स्वीकार करने पर शुरुआती दलीलें सुनने के बाद निर्देश दिया:"प्रतिवादियों को सात कामकाजी दिनों के भीतर प्रोसेस फीस जमा करने पर नोटिस जारी किया जाए, जिसका जवाब चार हफ़्तों के भीतर देना होगा। इस बीच प्रतिवादियों को निर्देश दिया जाता है कि वे अपना जवाब दाखिल करें।"याचिका में कहा गया कि भारत में...
दिल्ली हाईकोर्ट ने 100% दृष्टिहीन महिला को पिता की आपत्ति के बावजूद अपने पार्टनर के साथ रहने की इजाज़त दी
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक 100% दृष्टिहीन वयस्क महिला को अपनी पसंद के पार्टनर के साथ रहने की इजाज़त दी। कोर्ट ने दोहराया कि एक वयस्क व्यक्ति को, माता-पिता की आपत्तियों की परवाह किए बिना, अपना निवास स्थान चुनने की पूरी आज़ादी होती है।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की डिवीज़न बेंच महिला के पार्टनर द्वारा दायर 'बंदी प्रत्यक्षीकरण' (Habeas Corpus) याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि महिला के माता-पिता उसे उसकी मर्ज़ी के खिलाफ ज़बरदस्ती अपने पास रोककर रखे हुए हैं।कोर्ट के...
नियमित ज़मानत मिलने के बाद अग्रिम ज़मानत नहीं मिल सकती, भले ही बाद में कोई गंभीर अपराध जोड़ दिया गया हो: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि जिस आरोपी को पहले ही नियमित ज़मानत मिल चुकी है, वह सिर्फ़ इसलिए अग्रिम ज़मानत नहीं मांग सकता कि बाद में उसके ख़िलाफ़ कोई ज़्यादा गंभीर अपराध जोड़ दिया गया। कोर्ट ने दोहराया कि ऐसे आरोपी को "कानून की हिरासत में" (Constructive Custody of Law) माना जाता है।जस्टिस मनीषा बत्रा ने कहा कि याचिकाकर्ता की पिछली याचिका को कोर्ट ने 06.04.2026 को ही खारिज किया था। उसके तुरंत बाद 16.04.2026 को यह मौजूदा याचिका दायर की गई।कोर्ट ने आगे कहा, "याचिका में...
'पहली नज़र में देरी करने की चाल चली': गुजरात हाईकोर्ट ने रेप केस में नारायण साई की उम्रकैद की सज़ा निलंबित करने से किया इनकार
गुजरात हाईकोर्ट ने सोमवार (5 मई) को नारायण साई की याचिका खारिज की, जिसमें उन्होंने रेप केस में अपनी उम्रकैद की सज़ा निलंबित करने की मांग की थी। इस केस में सूरत सेशन कोर्ट ने 2019 में उन्हें दोषी ठहराया था। कोर्ट ने पहली नज़र में यह पाया कि वह अपनी दोषसिद्धि को चुनौती देने वाली अपील की जल्द सुनवाई में दिलचस्पी नहीं ले रहे थे और उन्होंने जानबूझकर देरी करने की चाल चली थी।याचिकाकर्ता की इस दलील पर कि वह 11 साल जेल में बिता चुके हैं और उनकी आपराधिक अपील की सुनवाई में देरी हो रही है, जस्टिस इलेश जे....
जांच में खामियां होने पर भी अगर दुराचार स्वतंत्र रूप से साबित हो जाए तो सज़ा बरकरार रह सकती है: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एमपी ग्रामीण बैंक में काम करने वाले ब्रांच मैनेजर को अनिवार्य रिटायरमेंट देने के अनुशासनात्मक अधिकारी का आदेश बरकरार रखा, भले ही उसके खिलाफ की गई अनुशासनात्मक जांच में प्रक्रियागत खामियां पाई गईं।जस्टिस आशीष श्रोती की बेंच ने पाया कि प्रक्रियागत चूकों के कारण जांच में खामियां आ गई थीं, लेकिन वित्तीय दुराचार के स्वतंत्र सबूत अनिवार्य रिटायरमेंट की सज़ा बरकरार रखने के लिए काफी है।बेंच ने ज़ोर देकर कहा:"बैंक के एक सीनियर ऑफिसर होने के नाते याचिकाकर्ता से यह उम्मीद की जाती थी...
योजना का क्रियान्वयन मॉडल बदलने पर आउटसोर्स लैब तकनीशियनों को बनाए रखना सरकार की बाध्यता नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि जब किसी सरकारी योजना को नई योजना से प्रतिस्थापित कर उसके क्रियान्वयन का तरीका बदल दिया जाए तो राज्य सरकार को यह बाध्य नहीं किया जा सकता कि वह आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों की सेवाएं जारी रखे।जस्टिस मुन्नुरी लक्ष्मण की पीठ ने स्पष्ट किया कि पूर्व के कई मामलों में अदालत ने आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों के हितों की रक्षा की, लेकिन वह संरक्षण केवल उन परिस्थितियों में दिया गया था जब मात्र एजेंसी बदलने के कारण एक समूह के...
'I Love Mohammed' पोस्ट मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दी ज़मानत
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसे व्यक्ति को ज़मानत दी, जिस पर अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर यह पोस्ट करने का आरोप था कि वह 'I Love Mohammed' के लिए अपना सिर कटवा भी सकता है और दूसरों का सिर काट भी सकता है।जस्टिस राजीव लोचन शुक्ला की बेंच ने यह टिप्पणी की कि आवेदक द्वारा की गई 'कथित आपत्तिजनक' पोस्ट में किसी खास जाति या समुदाय का नाम नहीं लिया गया।आरोपी-नदीम मुजफ्फरनगर ज़िले का रहने वाला है। उस पर पिछले साल यूपी पुलिस ने उसकी इंस्टाग्राम प्रोफ़ाइल पर कथित तौर पर संवेदनशील टिप्पणियाँ करने के...
मथुरा भगदड़ मामलों पर हाईकोर्ट सख्त, भीड़ प्रबंधन नीति और अवैध निर्माण पर प्रशासन को लगाई फटकार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मथुरा में हालिया भगदड़ जैसी घटनाओं और अवैध निर्माणों को लेकर प्रशासनिक तंत्र पर कड़ी नाराजगी जताते हुए मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण तथा जिला प्रशासन को फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि सार्वजनिक सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर प्रशासन की उदासीनता चिंताजनक है।जस्टिस विनोद दिवाकर की पीठ ने मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण द्वारा दाखिल हलफनामे पर असंतोष जताते हुए पूछा कि उसके अधिकार क्षेत्र में अवैध निर्माण रोकने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कोई नीति क्यों नहीं...
डॉ. आंबेडकर शोर-शराबे नहीं, बौद्धिक विकास और वंचितों के उत्थान को देते थे प्राथमिकता: बॉम्बे हाइकोर्ट ने जन्म जयंती समारोहों पर उठाए सवाल
बॉम्बे हाइकोर्ट ने डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर तेज आवाज, नारेबाजी और पटाखों के साथ होने वाले आयोजनों पर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि डॉ. आंबेडकर संभवतः ऐसे उत्सव के बजाय बौद्धिक विकास, सामाजिक सुधार और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण पर केंद्रित आयोजन को प्राथमिकता देते थे।जस्टिस उर्मिला जोशी-फाल्के और जस्टिस निवेदिता मेहता की खंडपीठ ने नागपुर स्थित संविधान चौक पर डॉ. आंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर हुए कार्यक्रमों के दौरान अत्यधिक शोर, नारेबाजी और पटाखों पर आपत्ति जताई। अदालत के समक्ष न्यायमित्र...
HDFC Bank प्रमुख शशिधर जगदीशन के खिलाफ रिश्वतखोरी की FIR हुई रद्द
बॉम्बे हाइकोर्ट ने HDFC बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शशिधर जगदीशन के खिलाफ दर्ज रिश्वतखोरी की FIR रद्द की। यह FIR लीलावती कीर्तिलाल मेहता मेडिकल ट्रस्ट द्वारा दर्ज कराई गई थी।जस्टिस मकरंद कर्णिक और जस्टिस नितिन बोरकर की खंडपीठ ने मंगलवार को यह आदेश सुनाया।मामले में शिकायतकर्ता ट्रस्ट मुंबई के प्रसिद्ध लीलावती अस्पताल का संचालन करता है। ट्रस्ट ने अपनी FIR में आरोप लगाया था कि शशिधर जगदीशन ने पूर्व ट्रस्टी चेतन मेहता से 2.05 करोड़ रुपये की रिश्वत ली थी।आरोप के अनुसार, यह राशि चेतन मेहता को...
केजरीवाल-सिसोदिया की अनुपस्थिति मामले की पैरवी करेंगे एमिक्स क्यूरी, CBI की याचिका पर अब उनके माध्यम से होगी सुनवाई
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि वह आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक की ओर से तीन सीनियर एडवोकेट को एमिक्स क्यूरी नियुक्त करेगा, क्योंकि इन नेताओं ने कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई की याचिका की सुनवाई का बहिष्कार किया है।जस्टिस स्वराणा कांता शर्मा ने बुधवार को सुनवाई के दौरान कहा कि संबंधित प्रतिवादी अदालत में उपस्थित नहीं हैं और न ही उनकी ओर से कोई वकील पेश हो रहा है।अदालत ने कहा, “प्रतिवादी नंबर 8, 18 और 19 के लिए सीनियर...
2013 की हिस्ट्रीशीट: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद POCSO मामले के शिकायतकर्ता आशुतोष महाराज ने मामला रद्द कराने पहुंचे हाइकोर्ट
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ दर्ज POCSO मामले के प्रथम सूचना दाता आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने वर्ष 2013 में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा खोली गई अपनी हिस्ट्रीशीट को चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की। उन्होंने पुलिस निगरानी रजिस्टर से अपना नाम हटाने की भी मांग की।आशुतोष महाराज ने स्वयं अदालत में पेश होकर कहा कि उनके खिलाफ शामली जिले के कांधला थाने में हिस्ट्रीशीट खोली गई। याचिका में उनका कहना है कि जिन आपराधिक मामलों का हवाला देकर यह कार्रवाई की गई, उनमें कई मामलों...
'गोली मारो' स्पीच, 'कोरोना जिहाद' पोस्ट, 'UPSC जिहाद' शो, धर्म संसद: सुप्रीम कोर्ट द्वारा बंद किए गए हेट स्पीच मामलों पर एक नज़र
एक लंबे समय से प्रतीक्षित फैसले को प्रस्तुत करते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में विभिन्न कथित घृणास्पद भाषण अपराधों के खिलाफ राहत की मांग करने वाली याचिकाओं के एक समूह को बंद कर दिया।हालांकि इसने घृणास्पद भाषणों/अपराधों से संबंधित पहले के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए एक निरंतर परमादेश जारी करने से इनकार कर दिया, अदालत ने स्पष्ट किया कि सीआरपीसी की धारा 156 (3) के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश देने के लिए मजिस्ट्रेट के लिए पूर्व मंज़ूरी की आवश्यकता नहीं है।जस्टिस विक्रम नाथ और...
सिविल सेवकों को 'माननीय' लिखने का अधिकार नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि संप्रभु कार्यों का निर्वहन करने वाले संवैधानिक पदाधिकारियों को प्रत्येक आधिकारिक संचार में माननीय संबोधन दिया जाना चाहिए। अदालत ने स्पष्ट किया कि सांसद, मंत्री, जज तथा अन्य ऐसे संवैधानिक पदाधिकारी इस सम्मानसूचक संबोधन के हकदार हैं जबकि किसी भी रैंक के सिविल सेवक इस विशेष संबोधन के पात्र नहीं हैं।जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने कहा कि किसी व्यक्ति की निजी नाराजगी या पारिवारिक परिचय के आधार पर किसी संवैधानिक पदाधिकारी...
गर्भपात की दवा कूरियर से भेजना अपने आप में अपराध नहीं, जबरन देकर गर्भपात कराने का इरादा हो तभी बनेगा मामला: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि केवल किसी महिला को कूरियर के माध्यम से गर्भपात की दवा भेज देना भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 312 और 313 के तहत अपराध नहीं माना जा सकता, जब तक यह साबित न हो कि दवा महिला को जबरन दी गई हो और उसका उद्देश्य गर्भपात कराना हो। इसी आधार पर अदालत ने महिला के खिलाफ दर्ज FIR रद्द किया।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ने कहा कि मामले में याचिकाकर्ता महिला के खिलाफ ऐसा कोई आरोप नहीं है कि उसने पीड़िता का गर्भपात कराया हो।अदालत ने स्पष्ट कहा, "केवल गर्भपात की...




















