हाईकोर्ट

रेलवे के 4.47 लाख रुपये के गबन के आरोप में महिला अधिकारी को अग्रिम जमानत नहीं, हाईकोर्ट ने कहा- जांच में हिरासत में पूछताछ जरूरी हो सकती है
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने रेलवे की मुख्य बुकिंग पर्यवेक्षक के पद पर कार्यरत महिला कर्मचारी को अग्रिम जमानत देने से इनकार किया। महिला पर अन्य रेलवे कर्मचारियों के साथ मिलकर टिकट बिक्री से प्राप्त 4.47 लाख रुपये के रेलवे राजस्व के कथित गबन का आरोप है।जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की पीठ ने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और आरोपी की सटीक भूमिका का पता लगाया जाना बाकी है। ऐसे में हिरासत में लेकर पूछताछ की आवश्यकता से इनकार नहीं किया जा सकता।मामला रेलवे के एक बुकिंग कार्यालय में टिकट बिक्री से प्राप्त...

वैवाहिक क्रूरता साबित करने के लिए पहले पुलिस शिकायत या चोट का दस्तावेज जरूरी नहीं: झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि वैवाहिक क्रूरता और मारपीट के आरोपों को साबित करने के लिए पीड़िता की ओर से पहले पुलिस शिकायत दर्ज कराना या चोटों का चिकित्सकीय दस्तावेज पेश करना अनिवार्य मानना अनुचित है। अदालत ने ऐसी शर्त को बेतुका और अनावश्यक बताया।जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की एकल पीठ ने पति को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 498ए के तहत बरी करने वाले अपीलीय अदालत का फैसला रद्द किया और निचली अदालत द्वारा सुनाई गई दोषसिद्धि तथा सजा बहाल की।मामला सुषमा देवी और संजय कुमार उर्फ राजेश कुमार के विवाह से...

अंबेडकर जयंती की बैठक को चुनाव में अनुचित प्रभाव डालने की कोशिश नहीं माना जा सकता: झारखंड हाईकोर्ट ने केस रद्द किया
झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि स्कूल के सभागार में अंबेडकर जयंती मनाने के लिए बैठक आयोजित करना अपने आप में चुनाव में अनुचित प्रभाव डालने का अपराध नहीं है।अदालत ने 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान स्कूल में आयोजित ऐसी ही एक बैठक को लेकर दो लोगों के खिलाफ शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही रद्द की।जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की एकल पीठ ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 171एफ, 171एच और 188 के तहत दर्ज मामले में आरोप पत्र, संज्ञान आदेश और आरोपमुक्ति आवेदन खारिज करने के आदेश समेत पूरी कार्यवाही रद्द की।मामला सरस्वती...

20 साल सेवा के बाद अवैध रूप से हटाई गई शिक्षिका को सिर्फ 1 लाख मुआवजा देना अनुचित: राजस्थान हाईकोर्ट ने बढ़ाकर 20 लाख किया
राजस्थान हाईकोर्ट ने अवैध रूप से सेवा से हटाई गई शिक्षिका को दिए गए एक लाख रुपये के मुआवजे को बढ़ाकर 20 लाख रुपये किया।अदालत ने कहा कि राजस्थान गैर-सरकारी शैक्षणिक संस्थान अधिकरण द्वारा दिया गया एक लाख रुपये का मुआवजा बेहद असंगत था। जस्टिस अनुरूप सिंघी की पीठ एक हिंदी शिक्षिका की याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिन्होंने संबंधित स्कूल में करीब 20 वर्ष तक सेवा की थी। वर्ष 2015 में स्कूल ने यह कहते हुए उनकी सेवाएं समाप्त कर दी थीं कि हिंदी विषय पढ़ने के लिए कोई छात्र उपलब्ध नहीं है।शिक्षिका...

फर्जी GST रजिस्ट्रेशन में तकनीकी जांच की हाईकोर्ट ने सराहना की, आरोपी को अग्रिम जमानत से इनकार
दिल्ली हाईकोर्ट ने निर्दोष लोगों के पैन कार्ड और अन्य पहचान संबंधी जानकारियों का दुरुपयोग कर फर्जी GST रजिस्ट्रेशन कराने के आरोपों की जांच में तकनीक के इस्तेमाल की सराहना की। अदालत ने मामले के आरोपी राज कुमार को अग्रिम जमानत देने से इनकार किया।जस्टिस गिरीश कठपालिया ने जांच अधिकारी की ओर से दाखिल विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि पुलिस ने सूचना प्रौद्योगिकी के साधनों का इस्तेमाल कर कथित जालसाजों तक पहुंचने के लिए वैज्ञानिक तरीके से जांच की।अदालत ने कहा,“जांच अधिकारी ने सूचना...

जमानत में तय रकम नकद जमा करना जरूरी नहीं, स्थानीय जमानतदार की शर्त भी नहीं लगा सकते: गुवाहाटी हाईकोर्ट
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जमानत या जमानतदार बांड में लिखी गई रकम को आरोपी की रिहाई के लिए नकद जमा करने की राशि नहीं माना जा सकता।अदालत ने कहा कि बांड में किसी रकम का उल्लेख होने मात्र से पुलिस या अदालत आरोपी से उस रकम को नकद जमा करने की मांग नहीं कर सकती।जस्टिस बुदी हाबुंग ने यह टिप्पणी उस याचिका पर सुनवाई करते हुए की, जिसमें दापोरिजो के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा लगाई गई जमानत की शर्तों में बदलाव की मांग की गई।मामले में अनार अली को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2) और...

प्रेडिकेट अपराध की FIR में मिली सुरक्षा का लाभ PMLA मामले में अपने आप नहीं मिलेगा: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी आरोपी को मूल या अनुसूचित अपराध से जुड़ी FIR की कार्यवाही में मिली सुरक्षा का लाभ धन शोधन निवारण कानून (PMLA) के तहत शुरू की गई अलग कार्यवाही में स्वतः नहीं मिल सकता।अदालत ने कहा कि धन शोधन निवारण कानून के तहत कार्यवाही अनुसूचित अपराध से अलग और स्वतंत्र होती है।जस्टिस मधु जैन ने धन शोधन के एक मामले में आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आरोपी के खिलाफ धन शोधन निवारण कानून के तहत मामला दर्ज किया।आरोपी की ओर से...

सिर्फ विरोध या अभद्र भाषा बोलना सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा नहीं: हिमाचल हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि किसी सरकारी कर्मचारी के खिलाफ केवल विरोध करना या अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना अपने आप में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 186 के तहत अपराध नहीं है।कोर्ट ने कहा कि यदि ऐसा कोई प्रत्यक्ष कृत्य नहीं हुआ जिससे सरकारी कर्मचारी अपने आधिकारिक कर्तव्य का निर्वहन करने से वास्तव में बाधित हुआ हो तो इसे सरकारी काम में स्वेच्छा से बाधा डालना नहीं माना जा सकता।जस्टिस संदीप शर्मा ने कहा कि सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा जरूरी नहीं कि केवल शारीरिक हो लेकिन अभियोजन को ऐसा कृत्य...

स्कूल जाने के लिए 30 किलोमीटर पैदल चल रहे 228 बच्चों की सुरक्षा पर बॉम्बे हाईकोर्ट सख्त, सरकार की उदासीनता पर जताई नाराजगी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सह्याद्री टाइगर रिजर्व और चांदोली राष्ट्रीय उद्यान के वन्यजीव प्रभावित इलाकों से होकर स्कूल जाने वाले 228 बच्चों की सुरक्षा को लेकर महाराष्ट्र सरकार और संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जताई।अदालत ने कहा कि बच्चों को रोजाना करीब 30 किलोमीटर तक पैदल चलकर स्कूल जाने के लिए मजबूर होना और उनकी सुरक्षा के लिए न्यूनतम परिवहन सुविधा तक उपलब्ध न कराना सरकार की गंभीर उदासीनता को दर्शाता है।जस्टिस शर्मिला देशमुख और जस्टिस नीरज धोटे की खंडपीठ ने कहा कि कम से कम 228 बच्चे...

POSH Act के तहत एम्प्लॉयर अपनी खुद की अपीलीय अथॉरिटी नहीं बना सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि POSH Act की धारा 18 और POSH नियमों के नियम 11 को मिलाकर पढ़ने पर एम्प्लॉयर को अपीलीय अथॉरिटी बनाने या गठित करने का कोई अधिकार या अधिकार-क्षेत्र नहीं मिलता है। कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी कि सरकारी संस्थानों को नियमों की व्याख्या करते समय सावधान रहना चाहिए, क्योंकि गलत व्याख्या से अव्यवस्था फैल सकती है।जस्टिस जी. एस. कुलकर्णी और जस्टिस डॉ. नीला गोखले की डिवीजन बेंच अशोक उपाध्याय की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। उन्होंने 'कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और...

शादीशुदा ज़िंदगी में सिर्फ़ नाराज़गी या चिड़चिड़ापन क्रूरता नहीं है: बॉम्बे हाईकोर्ट ने पति को तलाक़ देने से इनकार किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में एक पति की अपील खारिज करते हुए कहा कि पति-पत्नी के बीच सिर्फ़ नाराज़गी या चिड़चिड़ापन क्रूरता नहीं माना जाएगा और हिंदू मैरिज एक्ट के तहत तलाक़ का आधार नहीं हो सकता। पति ने फैमिली कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ अपील की थी जिसमें क्रूरता के आधार पर शादी खत्म करने की उसकी अर्ज़ी खारिज की गई।जस्टिस उर्मिला जोशी-फाल्के और जस्टिस राज वाकोडे की डिवीज़न बेंच ने कहा कि छोटी-मोटी बातों पर क्रूरता के आरोपों पर विचार नहीं किया जा सकता और आरोपों में क्रूरता के समय, जगह और तरीके का...

सिर्फ़ महिला पर हमला करना, रेप करने की कोशिश नहीं माना जाएगा: झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि रेप करने की कोशिश के तौर पर किसी खास हरकत के बिना, महिला पर किया गया हमला अपने आप में रेप की कोशिश नहीं माना जाएगा।जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की सिंगल जज बेंच ने एक व्यक्ति की सज़ा को बदला। उसे पहले इंडियन पीनल कोड (IPC) की धारा 376/511 के तहत रेप की कोशिश का दोषी ठहराया गया था, जिसे बदलकर IPC की धारा 354 के तहत महिला की मर्यादा भंग करने का दोषी माना गया।यह अपील डाल्टनगंज (पलामू) के एडिशनल सेशन जज के 2005 के फ़ैसले के ख़िलाफ़ दायर की गई। उस फ़ैसले में अपील करने वाले...

डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर सरकारी आदेश को चुनौती नहीं दे सकते, वे राज्य के पदानुक्रमित फ़ैसले से बंधे हैं: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने ग्रेटर विशाखापत्तनम म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (GVMC) और डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर की उन याचिकाओं को खारिज किया, जिनमें 'रयोतवारी पट्टा' अधिकार देने वाले सरकारी आदेश (GO) को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि कानूनी कर्तव्यों को निभाने के लिए सरकार द्वारा नियुक्त डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर, सरकार के ही रिविजनल आदेश के खिलाफ रिट याचिका दायर नहीं कर सकते। [2026 LiveLaw (AP) 194]जस्टिस सुमति जगदम ने रूप चंद बनाम पंजाब राज्य मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा,"कानूनी...

मरते समय दिए गए बयान के अनुसार जलना दुर्घटना: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने दहेज के कारण हुई मौत के मामले में 22 साल बाद व्यक्ति को बरी किया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 1998 के दहेज के कारण हुई मौत के मामले में दोषी ठहराए गए व्यक्ति को बरी किया। कोर्ट ने कहा कि एविडेंस एक्ट की धारा 113-B के तहत कानूनी अनुमान लगाने से पहले अभियोजन पक्ष को IPC की धारा 304-B के ज़रूरी आधार साबित करने होंगे।जस्टिस मनदीप पन्नू ने कहा कि जब मरने वाली महिला ने खुद लगातार यह कहा- जलने के तुरंत बाद और बाद में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के सामने रिकॉर्ड किए गए मरते समय दिए गए बयान में - कि वह गलती से जली थी, तो अभियोजन पक्ष को दुर्घटना से मौत की संभावना को ठोस...

'सरकारी मान्यता' का मतलब भारतीय अधिकारियों से मान्यता, नेपाल के संस्थान का सर्टिफिकेट PDS लाइसेंस के लिए मान्य नहीं: पटना हाईकोर्ट
पटना हाईकोर्ट ने कहा कि जहां पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) लाइसेंस के लिए "सरकार" से मान्यता प्राप्त एजुकेशनल सर्टिफिकेट की ज़रूरत होती है, वहां इस शब्द का मतलब भारत सरकार या भारत के अंदर या उसके नियंत्रण वाले अधिकारियों से होता है।जस्टिस गिरीश कुमार की सिंगल जज बेंच ने उस उम्मीदवार की उम्मीदवारी खारिज करने के फैसले को सही ठहराया, जिसने नेपाल के एक संस्थान से कंप्यूटर सर्टिफिकेट हासिल किया।याचिकाकर्ता ने PDS की खाली दुकान के लिए लाइसेंस के लिए आवेदन किया और अपने आवेदन के साथ बेसिक कंप्यूटर...

सेम-सेक्स पार्टनर रिलेशनशिप में रह सकते हैं तो उन्हें एक-दूसरे के लिए मेडिकल सहमति देने का विकल्प क्यों नहीं दिया जा सकता? दिल्ली हाईकोर्ट का सवाल
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को सवाल किया कि अगर सेम-सेक्स पार्टनर को रिलेशनशिप में रहने और साथ रहने का अधिकार है तो उन्हें एक-दूसरे के लिए मेडिकल सहमति देने के विकल्प से क्यों वंचित किया जाना चाहिए।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने यह टिप्पणी तब की जब उन्होंने केंद्र सरकार से पूछा कि एक साल बीत जाने के बाद भी उस याचिका का जवाब क्यों नहीं दिया गया, जिसमें मरीज के नॉन-हेटरोसेक्सुअल पार्टनर को उनका मेडिकल प्रतिनिधि मानने और मेडिकल स्थितियों में सहमति देने के लिए गाइडलाइंस बनाने की मांग की गई।यह याचिका...

Prayagraj Waterlogging | हाईकोर्ट ने प्रभावित इलाकों में पंप लगाने का आदेश दिया, पानी निकालने के लिए 24 घंटे की समय-सीमा तय की
प्रयागराज में लगातार बारिश के कारण जलभराव की गंभीर समस्या पर स्वतः संज्ञान लेते हुए दायर जनहित याचिका (PIL) की सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आज प्रयागराज नगर निगम को निर्देश दिया कि वे ज़मीन पर पर्याप्त वॉटर पंप लगाएं ताकि शहर के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या को अगले 24 घंटों के भीतर दूर किया जा सके।जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस गरिमा प्रसाद की बेंच ने प्रयागराज में जलभराव और नागरिक सुविधाओं की विफलता से संबंधित स्वतः संज्ञान कार्यवाही की सुनवाई करते हुए ये निर्देश जारी किए।कोर्ट...

बिहार शिक्षक ट्रांसफर नियम: सरकारी नौकरी में पति-पत्नी को एक ही जगह पोस्टिंग में प्राथमिकता - पटना हाई कोर्ट
पटना हाईकोर्ट ने कहा कि बिहार राज्य शिक्षक ट्रांसफर नियम, 2026 में खास तौर पर उन मामलों में ट्रांसफर में प्राथमिकता देने का प्रावधान है जहाँ पति-पत्नी दोनों सरकारी नौकरी में हैं। कोर्ट ने दो महिला शिक्षकों की उस अर्ज़ी पर विचार करने का निर्देश दिया है, जिसमें उन्होंने पटना सदर शहरी क्षेत्र में पोस्टिंग की मांग की थी, जहाँ उनके पति काम करते हैं।जस्टिस हरीश कुमार की सिंगल बेंच ने ज़िला स्थापना समिति को निर्देश दिया कि वे 2026 के नियमों के तहत याचिकाकर्ताओं के ट्रांसफर के अनुरोधों पर विचार करें और...

PMLA के तहत ED की ECIR, तलाशी या ज़ब्ती को चुनौती देने वाली सिविल रिट पर हाईकोर्ट सुनवाई कर सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत सिविल रिट याचिका पर सुनवाई की जा सकती है, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दर्ज प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ECIR) और मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम, 2002 (PMLA) की धारा 17(1) के तहत तलाशी और ज़ब्ती सहित उससे जुड़ी कार्यवाही को चुनौती दी गई हो।जस्टिस अनीश दयाल ने कहा कि ECIR, ED का आंतरिक प्रशासनिक दस्तावेज़ होने के बावजूद, हाई कोर्ट द्वारा न्यायिक समीक्षा के दायरे में आता है।कोर्ट ने कहा,"इस कोर्ट को प्रवर्तन निदेशालय द्वारा शुरू की...

सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने वाली अविवाहित महिला से भर्ती प्रक्रिया पूरी होने तक अविवाहित रहने की उम्मीद नहीं की जा सकती: एचपी हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि सरकारी पद के लिए आवेदन करने वाली अविवाहित महिला से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वह भर्ती प्रक्रिया पूरी होने तक अविवाहित ही रहेगी।कोर्ट ने यह टिप्पणी 'वन मित्र' पद के लिए एक महिला की उम्मीदवारी रद्द किए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए की। महिला ने चयन प्रक्रिया के दौरान शादी कर ली थी। कोर्ट ने कहा कि उसकी योग्यता का आकलन आवेदन की तारीख के आधार पर किया जाना चाहिए और बाद में वैवाहिक स्थिति में बदलाव के कारण उसे नियुक्ति के लिए अयोग्य नहीं ठहराया...
