हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अयोध्या में राम मंदिर के आसपास के कथित सिख फॉर जस्टिस सदस्यों को जमानत देने से इनकार किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अयोध्या में राम मंदिर के आसपास के कथित 'सिख फॉर जस्टिस' सदस्यों को जमानत देने से इनकार किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते 'सिख फॉर जस्टिस' के दो कथित सदस्यों और खालिस्तानी समर्थकों को जमानत देने से इनकार कर दिया था, जिन्हें पिछले साल जनवरी में अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर के आसपास 'रेकी' करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।जस्टिस संगीता चंद्रा और जस्टिस श्रीप्रकाश सिंह की खंडपीठ ने इस तथ्य का संज्ञान लिया कि निचली अदालत ने उन्हें जमानत देने से इनकार करते हुए प्रथम दृष्टया उनके खिलाफ पर्याप्त सामग्री पाई थी कि उन्होंने 22 जनवरी को अयोध्या में कानून व्यवस्था को बिगाड़ने की योजना...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नीलाम की गई संपत्ति पर जानबूझकर मुकदमे को लंबा खींचने के लिए लोन गारंटरों पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नीलाम की गई संपत्ति पर जानबूझकर मुकदमे को लंबा खींचने के लिए लोन गारंटरों पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2017 में नीलाम की गई संपत्ति के संबंध में जानबूझकर मुकदमे को लंबा खींचने के लिए लोन गारंटरों पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।लोन गारंटरों (याचिकाकर्ताओं) को नीलाम की गई संपत्ति को खाली करने और नीलामी खरीदार के पक्ष में जुर्माना अवार्ड देते हुए जस्टिस संगीता चंद्रा ने कहा,“यह न्यायालय रिट क्षेत्राधिकार के न्यायसंगत क्षेत्राधिकार होने और वादी की जिम्मेदारी के संबंध में पूर्वोक्त न्यायिक मिसालों पर गौर करने के बाद तथ्यों का स्पष्ट और पूर्ण खुलासा करते हुए किसी भी सक्रिय गलत...

प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति के काफिले को धमकाने का आरोप, व्हाट्सएप मैसेज के आधार पर की गई गिरफ्तारी, अब हाईकोर्ट ने राज्य से मांगा जवाब
प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति के काफिले को धमकाने का आरोप, व्हाट्सएप मैसेज के आधार पर की गई गिरफ्तारी, अब हाईकोर्ट ने राज्य से मांगा जवाब

व्हाट्सएप मैसेज के आधार पर एक व्यक्ति को 24 घंटे तक हिरासत में रखने से संबंधित मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस विशाल धगत ने राज्य को यह दिखाने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया कि मैसेज का याचिकाकर्ता से क्या संबंध है और प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति के काफिले को धमकाने से संबंधित हिरासत के कथित आधार क्या हैं।मामले के तथ्यात्मक मैट्रिक्स के अनुसार, याचिकाकर्ता को उसके घर से उठाकर 20.06.2023 को सुबह लगभग 7.00 बजे पुलिस स्टेशन ले जाया गया और अगले दिन रिहा होने से पहले बिना किसी कारण के स्टेशन प्रभारी...

DCPCR के रिक्त पदों को भरने में दिल्ली सरकार की उदासीनता की सराहना नहीं की जा सकती, बाल अधिकार पीछे छूट गए: हाईकोर्ट
DCPCR के रिक्त पदों को भरने में दिल्ली सरकार की उदासीनता की सराहना नहीं की जा सकती, बाल अधिकार पीछे छूट गए: हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (DCPCR) में रिक्त पदों को भरने में दिल्ली सरकार की उदासीनता की सराहना नहीं की जा सकती।चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने कहा कि रिक्त पदों के कारण बाल अधिकार निकाय के कार्य नहीं हो पा रहे हैं और नाबालिग बच्चों के अधिकार पीछे छूट गए।यह देखते हुए कि DCPCR बाल अधिकारों के संरक्षण को सुनिश्चित करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण वैधानिक कार्य करता है, न्यायालय ने कहा:“हालांकि रिक्त पदों के कारण ऐसे...

नए पते की जानकारी दिए बिना बटालियन छोड़ने पर अनिवार्य रिटायरमेंट वैध, नियोक्ता कर्मचारी की तलाश नहीं कर सकता: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
नए पते की जानकारी दिए बिना बटालियन छोड़ने पर अनिवार्य रिटायरमेंट वैध, नियोक्ता कर्मचारी की तलाश नहीं कर सकता: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने 326 दिनों की अवधि के लिए छुट्टी के दौरान बिना अनुमति के बटालियन से लगातार अनुपस्थित रहने के कारण याचिकाकर्ता पर लगाए गए सेवा से अनिवार्य रिटायरमेंट (Compulsory Retirement) का आदेश बरकरार रखा।याचिकाकर्ता CRPF कांस्टेबल है। उसने तर्क दिया कि प्रतिवादी नंबर 3 द्वारा जारी आदेश एकपक्षीय जांच पर आधारित है और याचिकाकर्ता को सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया। प्राधिकारी द्वारा जो भी नोटिस भेजा गया, वह प्राप्त नहीं हो सका, क्योंकि उसने अपनी बीमारी के कारण अपना आवासीय पता बदल लिया...

बदलापुर फर्जी मुठभेड़: 5 पुलिसकर्मियों पर SIT जांच के आदेश, हाईकोर्ट ने राज्य की अनिच्छा पर उठाए सवाल
बदलापुर फर्जी मुठभेड़: 5 पुलिसकर्मियों पर SIT जांच के आदेश, हाईकोर्ट ने राज्य की अनिच्छा पर उठाए सवाल

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बदलापुर फर्जी मुठभेड़ मामले में कथित तौर पर शामिल पांच पुलिसकर्मियों की एसआईटी जांच का आदेश दिया है।जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे और जस्टिस डॉ. नीला गोखले की खंडपीठ ने आदेश सुनाते हुए कहा, "जांच रिपोर्ट के अवलोकन के बाद, हम संतुष्ट हैं कि विचाराधीन मामले यानी मुठभेड़ में गहन जांच की आवश्यकता है, क्योंकि यह निर्विवाद है कि मृतक की मौत एक पुलिस अधिकारी द्वारा दी गई गोली से हुई थी, जब वह पुलिस हिरासत में था। मृतक के माता-पिता की अनुपस्थिति में मामले को बंद करना आसान होता, लेकिन एक...

FIR दर्ज, जांच जारी: बॉम्बे हाईकोर्ट ने मिड-डे मील घोटाले का आरोप लगाने वाली जनहित याचिका का निपटारा किया
FIR दर्ज, जांच जारी: बॉम्बे हाईकोर्ट ने मिड-डे मील घोटाले का आरोप लगाने वाली जनहित याचिका का निपटारा किया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मिड-डे मील योजना के तहत खाद्यान्न वितरण में कथित घोटाले से संबंधित जनहित याचिका (PIL) का निपटारा करते हुए कहा कि FIR दर्ज कर ली गई और जांच चल रही है।चीफ जस्टिस आलोक अराधे और जस्टिस एमएस कार्णिक की खंडपीठ ने याचिका में लगाए गए आरोपों को गंभीर मानते हुए लंबित FIR के मद्देनजर मामले का निपटारा करना उचित समझा।जनहित याचिका में आरोप लगाया गया कि खाद्यान्न वितरण में घोटाला हुआ। आरोप लगाया गया कि आपूर्ति किए गए अनाज को पात्र स्कूलों से गलत तरीके से लिया गया, जिससे सरकार को भारी नुकसान...

कर्नाटक हाईकोर्ट ने बीएस येदियुरप्पा की जमानत की शर्त को संशोधित करने की याचिका पर नोटिस जारी किया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने बीएस येदियुरप्पा की जमानत की शर्त को संशोधित करने की याचिका पर नोटिस जारी किया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने सोमवार (7 अप्रैल) को पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा द्वारा दायर आवेदन पर राज्य सरकार को नोटिस जारी किया, जिसमें यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम (POCSO Act)के प्रावधानों के तहत दर्ज मामले में अग्रिम जमानत देते समय उन पर लगाई गई जमानत की शर्तों को संशोधित करने की मांग की गई।मामले की सुनवाई ग्रीष्मावकाश के बाद पोस्ट करते हुए जस्टिस प्रदीप सिंह येरुर ने कहा,"इस मामले को आईए के विचार के लिए ग्रीष्मावकाश के तुरंत बाद सूचीबद्ध करें, प्रतिवादी यदि कोई आपत्ति दर्ज करें तो...

CLAT UG 2025 के परिणामों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर जल्द से जल्द निर्णय लिया जाएगा: दिल्ली हाईकोर्ट
CLAT UG 2025 के परिणामों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर जल्द से जल्द निर्णय लिया जाएगा: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि वह विभिन्न राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों में ग्रेजुएट लॉ कोर्स में एडमिशन के लिए पिछले वर्ष दिसंबर में आयोजित कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) UG परीक्षा 2025 के परिणामों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर जल्द से जल्द सुनवाई पूरी करेगा।चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने कहा कि CLAT UG 2025 के परिणामों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर जल्द से जल्द सुनवाई की आवश्यकता है और इस पर छुट्टियों से पहले निर्णय लिया जाना चाहिए।चीफ जस्टिस...

दिल्ली हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट बिल्डिंग विस्तार परियोजना के लिए पेड़ों को ट्रांसप्लांट करने की अनुमति दी
दिल्ली हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट बिल्डिंग विस्तार परियोजना के लिए पेड़ों को ट्रांसप्लांट करने की अनुमति दी

दिल्ली हाईकोर्ट ने अतिरिक्त कोर्ट रूम और चैंबर बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट बिल्डिंग विस्तार परियोजना के लिए 26 पेड़ों के प्रत्यारोपण की अनुमति दी है।जस्टिस जसमीत सिंह ने केंद्रीय लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रत्यारोपण की अनुमति मांगने के लिए दायर एक आवेदन को स्वीकार कर लिया। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ने एक हलफनामा दायर किया था जिसमें कहा गया था कि गेट ए और बी के बीच बगीचे की परिधि के साथ 16 पेड़ों को प्रत्यारोपित किया जाना था और 10 पेड़ों को गेट नंबर 1 से सटे प्रशासनिक भवन परिसर के कोने के पास...

COVID-19 की इंटर्नशिप के आधार पर बोनस अंकों की मांग वाली याचिका राजस्थान हाईकोर्ट ने की खारिज
COVID-19 की इंटर्नशिप के आधार पर बोनस अंकों की मांग वाली याचिका राजस्थान हाईकोर्ट ने की खारिज

राजस्थान हाईकोर्ट ने जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (GNM) डिप्लोमा कोर्स कर रहे विभिन्न छात्रों द्वारा दायर उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान की गई इंटर्नशिप के आधार पर नर्सिंग ऑफिसर पद पर नियुक्ति के लिए कोविड हेल्थ असिस्टेंट (CHA) को दिए गए बोनस अंकों का लाभ मांगा था।जस्टिस अरुण मोंगा ने अपने निर्णय में कहा कि इंटर्नशिप, जिस बिना पर डिप्लोमा प्रदान नहीं किया जा सकता, शैक्षणिक पाठ्यक्रम का अभिन्न हिस्सा है। इसलिए इसे रोजगार नहीं माना जा सकता, बल्कि यह छात्रावस्था...

आयकर अधिनियम | राजस्थान हाईकोर्ट ने व्हाट्सएप चैट के आधार पर धारा 153सी के तहत शुरू की गई कार्यवाही के खिलाफ चुनौती खारिज की, कहा- चैट की पुष्टि की गई थी
आयकर अधिनियम | राजस्थान हाईकोर्ट ने व्हाट्सएप चैट के आधार पर धारा 153सी के तहत शुरू की गई कार्यवाही के खिलाफ चुनौती खारिज की, कहा- चैट की पुष्टि की गई थी

राजस्थान हाईकोर्ट ने आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 153सी के तहत कार्यवाही शुरू करने में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिसके बारे में आरोप लगाया गया था कि यह कार्यवाही केवल कुछ व्हाट्सएप चैट के आधार पर शुरू की गई थी, यह देखते हुए कि चैट में दी गई जानकारी विशिष्ट लेन-देन द्वारा पूरी तरह से पुष्टि की गई थी और इसलिए, उक्त चैट को धारा 153सी के तहत "अन्य दस्तावेजों" की परिभाषा के अंतर्गत माना जा सकता है।जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस चंद्र प्रकाश श्रीमाली की खंडपीठ ने फैसला सुनाया कि धारा 153सी...

उपभोक्ता आयोग को गिरफ्तारी वारंट जारी करने का कानूनी अधिकार नहीं: कलकत्ता हाईकोर्ट
उपभोक्ता आयोग को गिरफ्तारी वारंट जारी करने का कानूनी अधिकार नहीं: कलकत्ता हाईकोर्ट

कलकत्ता हाईकोर्ट ने अपने एक में कहा कि उपभोक्ता मंच, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, धारा 71 या 72 के तहत दंड लगाते समय गिरफ्तारी वारंट जारी करने के लिए अधिकृत नहीं हैं। जस्टिस सुव्र घोष ने कहा: अधिनियम की धारा 72, जिला आयोग, राज्य आयोग या राष्ट्रीय आयोग द्वारा पारित आदेशों की अवहेलना पर दंड का प्रावधान करती है, अर्थात् आयोग धारा 72 के तहत आदेश की अवहेलना के लिए कार्यवाही शुरू कर सकता है। डिक्री धारक उपभोक्ता मंच द्वारा पारित आदेश के क्रियान्वयन के लिए...

अवैध प्रवासी नहीं, राज्यविहीन नहीं छोड़ा जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट ने अधिकारियों से 60 साल से भारत में रह रही महिला की नागरिकता याचिका पर फैसला करने को कहा
अवैध प्रवासी नहीं, राज्यविहीन नहीं छोड़ा जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट ने अधिकारियों से 60 साल से भारत में रह रही महिला की नागरिकता याचिका पर फैसला करने को कहा

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में मुंबई के डिप्टी कलेक्टर को एक 70 वर्षीय 'राज्यविहीन' महिला द्वारा दायर आवेदन पर निर्णय लेने का आदेश दिया, जिसने देश में 60 साल बिताने के बाद भारतीय नागरिकता मांगी है। जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे और जस्टिस डॉ. नीला गोखले की खंडपीठ ने पाया कि याचिकाकर्ता इला पोपट - जिनका जन्म सितंबर 1955 में हुआ था - 15 फरवरी, 1966 को 10 साल की उम्र में अपने युगांडा-राष्ट्रीय माता-पिता के साथ भारत में आई थीं। हालांकि, बाद में उनके माता-पिता की मृत्यु हो गई और तब से वह भारत में ही रह रही...

कानून का शासन एक संवैधानिक स्तंभ है, राज्य को अनुबंधों का उल्लंघन करने की अनुमति देना इसे अप्रभावी बना देगा: पी एंड एच हाईकोर्ट
कानून का शासन एक संवैधानिक स्तंभ है, राज्य को अनुबंधों का उल्लंघन करने की अनुमति देना इसे अप्रभावी बना देगा: पी एंड एच हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि यदि राज्य प्राधिकारियों को अनुबंधों का उल्लंघन करने की अनुमति दी जाती है, तो कानून का शासन, जो कि संवैधानिक आधार है, अप्रभावी हो जाएगा। जस्टिस सुरेश्वर ठाकुर और जस्टिस विकास सूरी ने कहा,"यदि राज्य या उसकी एजेंसियों को उचित संविदात्मक वादों से मुकरने की अनुमति दी जाती है, या यदि राज्य एजेंसियों को संविधान के प्रावधानों के अधिदेश से वंचित नहीं किया जाता है, तो वे अपने ऊपर लगाए गए संविदात्मक दायित्वों का उल्लंघन नहीं कर सकते, जिससे कल्याणकारी राज्य का आधार बनता...

कर्नाटक हाईकोर्ट ने बलात्कार मामले में प्रज्वल रेवन्ना की जमानत याचिका पर नोटिस जारी किया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने बलात्कार मामले में प्रज्वल रेवन्ना की जमानत याचिका पर नोटिस जारी किया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने सोमवार (7 अप्रैल) को जनता दल (सेक्युलर) नेता और पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना द्वारा दायर जमानत याचिका पर राज्य सरकार को नोटिस जारी किया। यह याचिका हसन जिले के होलेनरसिपुरा ग्रामीण पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ दर्ज पहले कथित बलात्कार मामले के संबंध में दायर की गई।जस्टिस प्रदीप सिंह येरूर ने राज्य को नोटिस जारी किया और उसे सुनवाई की अगली तारीख 15 अप्रैल तक अपनी आपत्तियां दर्ज करने का निर्देश दिया।याचिकाकर्ता की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट प्रभुलिंग के नवदगी ने याचिकाकर्ता की जल्द...

राज्य सरकार ने दंडात्मक कार्रवाई न करने का आश्वासन दिया, P&H हाईकोर्ट ने NDPS आरोपियों को जारी विध्वंस नोटिस के खिलाफ दायर याचिका का निस्तारण किया
राज्य सरकार ने दंडात्मक कार्रवाई न करने का आश्वासन दिया, P&H हाईकोर्ट ने NDPS आरोपियों को जारी विध्वंस नोटिस के खिलाफ दायर याचिका का निस्तारण किया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका का निपटारा कर दिया, जिसमें एनडीपीएस अधिनियम के तहत एक आरोपी को कथित तौर पर पेश होने और यह साबित करने के लिए बचाव प्रस्तुत करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया था कि उसका घर पंजाब भवन निर्माण नियमों का उल्लंघन नहीं करता है। यह आरोप लगाया गया था कि याचिकाकर्ता के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी, और इसलिए, कथित ड्रग तस्करों की संपत्तियों को ध्वस्त करने के पंजाब सरकार के अभियान के कारण, पुलिस अधिकारियों ने नगर निगम के...

उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम | कानून को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कम जानकार और अप्रशिक्षित उपभोक्ता अपने कानूनी अधिकारों से वंचित न हों: बॉम्बे हाईकोर्ट
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम | 'कानून को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कम जानकार और अप्रशिक्षित उपभोक्ता अपने कानूनी अधिकारों से वंचित न हों': बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार (4 अप्रैल) को एक महत्वपूर्ण फैसले में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के उद्देश्य पर जोर देते हुए कहा कि कानून का उद्देश्य और रूपरेखा यह सुनिश्चित करना है कि "अप्रशिक्षित, असावधान" उपभोक्ता 'असमान' सौदेबाजी शक्ति के कारण अपने कानूनी अधिकारों से वंचित न हों। जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस अद्वैत सेठना की खंडपीठ ने एक डेवलपर द्वारा दायर अपील को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की, जिसने अगस्त 2024 में पारित राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद समाधान आयोग (एनसीडीआरसी) के एक आदेश को चुनौती दी...