हाईकोर्ट

स्त्रीधन की वापसी का निर्णय हिंदू विवाह अधिनियम की कार्यवाही में ही होना चाहिए, अलग आवेदन पर नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
स्त्रीधन की वापसी का निर्णय हिंदू विवाह अधिनियम की कार्यवाही में ही होना चाहिए, अलग आवेदन पर नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निर्णय दिया कि पति-पत्नी की संपत्तियों के वितरण, जिसमें 'स्त्रीधन' की वापसी भी शामिल है, उसका निर्धारण हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की कार्यवाही के अंतर्गत ही किया जाना चाहिए, न कि धारा 27 के तहत अलग से दिए गए आवेदन पर।जस्टिस अरिंदम सिन्हा और जस्टिस अवनीश सक्सेना की खंडपीठ ने कहा,'स्त्रीधन' की वापसी एक मुद्दा होना चाहिए, जिसे अधिनियम के तहत चल रही कार्यवाही के ट्रायल में तय किया जाए, न कि धारा 27 के तहत स्वतंत्र रूप से दिए गए आवेदन पर।"फैमिली कोर्ट ने अपीलकर्ता-पति को निर्देश...

दिल्ली हाईकोर्ट ने मजनू का टीला स्थित पाकिस्तानी-हिंदू शरणार्थी शिविर को ध्वस्त करने के खिलाफ याचिका खारिज की
दिल्ली हाईकोर्ट ने मजनू का टीला स्थित पाकिस्तानी-हिंदू शरणार्थी शिविर को ध्वस्त करने के खिलाफ याचिका खारिज की

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) को निर्देश देने की मांग वाली एक याचिका को खारिज कर दिया है कि वह शहर के मजनू का टीला में पाकिस्तानी-हिंदू शरणार्थी शिविर को तब तक न तोड़े और न ही वहां के निवासियों को कोई वैकल्पिक भूमि आवंटित कर दे। जस्टिस धर्मेश शर्मा ने रवि रंजन सिंह नामक व्यक्ति द्वारा दायर याचिका को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें और इसी तरह के अन्य शरणार्थियों को "विवादित क्षेत्र में कब्जा जारी रखने का कोई अधिकार नहीं है"।दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) को...

दिल्ली हाईकोर्ट ने लैंड फॉर जॉब्स घोटाले में लालू प्रसाद यादव की ट्रायल स्थगन याचिका खारिज की
दिल्ली हाईकोर्ट ने 'लैंड फॉर जॉब्स' घोटाले में लालू प्रसाद यादव की ट्रायल स्थगन याचिका खारिज की

दिल्ली हाईकोर्ट ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव द्वारा दाखिल याचिका खारिज की, जिसमें उन्होंने 'लैंड फॉर जॉब्स' घोटाले में सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर और ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की थी।यह मामला 2 जून को राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश के समक्ष आरोप तय करने के लिए सूचीबद्ध है।जस्टिस रवींद्र दुजेडा ने कहा कि ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने के लिए कोई ठोस कारण नहीं है। हालांकि कोर्ट ने यादव की याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने CBI की FIR, तीन चार्जशीट्स और...

गैर-योग्य विषय पढ़ाने के लिए शिक्षक को मजबूर करना बच्चों के शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन: राजस्थान हाईकोर्ट
गैर-योग्य विषय पढ़ाने के लिए शिक्षक को मजबूर करना बच्चों के शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने एक ग्रेड III शिक्षक (सामाजिक विज्ञान) का तबादला रद्द कर दिया जिनका विषय बदलकर अंग्रेजी कर दिया गया। कोर्ट ने कहा कि यदि किसी शिक्षक को ऐसा विषय पढ़ाने के लिए मजबूर किया जाए, जिसमें वह योग्य नहीं है तो उसे विभागीय कार्रवाई जैसे प्रतिकूल नागरिक परिणामों का सामना करना पड़ सकता है।जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस सनीप शाह की खंडपीठ ने यह भी कहा कि शिक्षक का यह तबादला छात्रों को एक योग्य शिक्षक से पढ़ने के अधिकार से वंचित कर देगा, जो संविधान के अनुच्छेद 21-ए के तहत उनके शिक्षा के...

S.12 POSH Act | गुजरात हाईकोर्ट ने जांच पूरी होने के बावजूद शिकायतकर्ता को आरोपी के बगल में बैठने से बचाने के लिए एक सप्ताह की छुट्टी दी
S.12 POSH Act | गुजरात हाईकोर्ट ने जांच पूरी होने के बावजूद शिकायतकर्ता को आरोपी के बगल में बैठने से बचाने के लिए एक सप्ताह की छुट्टी दी

गुजरात हाईकोर्ट ने एक सरकारी महिला कर्मचारी को एक सप्ताह के लिए छुट्टी पर रहने की अनुमति दी है, जिसने POSH अधिनियम के तहत अपने सहकर्मी के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने संबंध‌ित प्राधिकरण के समक्ष दिए अपने प्रतिनिधित्व में स्थानांतरण की मांग की है, ताकि उसे यौन उत्पीड़न के आरोपी सहकर्मी के बगल में न बैठना पड़े।महिला को एक हफ्ते की छुट्टी प्रदान करते हुए न्यायालय ने कहा कि POSH अधिनियम की धारा 12 के अनुसार शिकायतकर्ता को अधिनियम के तहत जांच लंबित रहने तक एक सप्ताह की छुट्टी...

न्यायालय को यह देखना चाहिए कि कंपनी अधिनियम की धारा 433(एफ) के तहत कंपनी को बंद करने के लिए वाणिज्यिक जगत के लिए खतरा है या नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
न्यायालय को यह देखना चाहिए कि कंपनी अधिनियम की धारा 433(एफ) के तहत कंपनी को बंद करने के लिए वाणिज्यिक जगत के लिए खतरा है या नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना कि कंपनी अधिनियम (Companies Act) की धारा 433(एफ) के तहत कंपनी को बंद करने के लिए न्यायालय को यह विचार करना चाहिए कि यदि कंपनी अस्तित्व में रहती है तो वह वाणिज्यिक जगत के लिए खतरा है।जस्टिस पंकज भाटिया ने कंपनी को बंद करने का आवेदन खारिज करते हुए कहा,“किसी कंपनी को बंद करने के मामले को इस आधार पर समझने के लिए कि यह न्यायसंगत और समतापूर्ण है, न्यायालय के लिए यह विचार बनाना आवश्यक है कि कंपनी की स्थिति को देखते हुए यदि कंपनी को बंद नहीं किया जाता है तो यह वाणिज्यिक जगत के...

दिल्ली हाईकोर्ट ने साप्ताहिक धार्मिक परेड में भाग लेने से इनकार करने वाले ईसाई सेना अधिकारी की बर्खास्तगी बरकरार रखी
दिल्ली हाईकोर्ट ने साप्ताहिक धार्मिक परेड में भाग लेने से इनकार करने वाले ईसाई सेना अधिकारी की बर्खास्तगी बरकरार रखी

दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय सेना के एक कमांडिंग अधिकारी की बर्खास्तगी को बरकरार रखा है, जिसने वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा विभिन्न स्तरों पर कई अवसरों और परामर्श सत्रों के बावजूद, ईसाई धर्म से संबंधित होने के आधार पर रेजिमेंटल साप्ताहिक धार्मिक परेड में भाग लेने से इनकार कर दिया था। जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस शालिंदर कौर की खंडपीठ ने कहा कि बर्खास्तगी आदेश से यह स्पष्ट होता है कि अधिकारी धार्मिक परेड में शामिल न होने के अपने निर्णय पर अडिग था और व्यक्तिगत धार्मिक मान्यताओं का हवाला देते हुए परिसर के...

जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने 1944 का भूमि विनिमय आदेश बरकरार रखा, कहा- निहित अधिकारों को प्रशासनिक जड़ता से समाप्त नहीं किया जा सकता
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने 1944 का भूमि विनिमय आदेश बरकरार रखा, कहा- निहित अधिकारों को प्रशासनिक जड़ता से समाप्त नहीं किया जा सकता

लंबे समय से चले आ रहे प्रशासनिक निर्णयों और निहित अधिकारों की पवित्रता की रक्षा करते हुए जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने 1944 के सरकारी आदेश संख्या 60-सी की प्रवर्तनीयता को बरकरार रखा। साथ ही अधिकारियों को उक्त आदेश के तहत भूमि विनिमय के लिए निर्माण की अनुमति की प्रक्रिया करने का निर्देश दिया, बशर्ते कि ऐसी भूमि घने वृक्षारोपण के अंतर्गत न हो और पहलगाम मास्टर प्लान 2032 के तहत अन्यथा अनुमेय हो।सरकारी आदेश 1944 को बरकरार रखते हुए, जिसके तहत सरकार ने पहलगाम में संरक्षण और पर्यटन विकास के लिए...

विदेशी घोषित किए गए गुमशुदा बंदियों के परिवारों की याचिका पर हाईकोर्ट ने मांगा असम सरकार से जवाब
'विदेशी' घोषित किए गए गुमशुदा बंदियों के परिवारों की याचिका पर हाईकोर्ट ने मांगा असम सरकार से जवाब

गुवाहाटी हाईकोर्ट की जस्टिस कल्याण राय सुराना और जस्टिस मालाश्री नंदी की खंडपीठ ने गुरुवार को राज्य सरकार के वकील को नोटिस जारी कर निर्देश दिया कि वे असम के कामरूप जिले के दो निवासियों के ठिकाने के बारे में निर्देश प्राप्त करें, जिनका 25 मई को असम पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद से कोई पता नहीं चल पाया, जैसा कि उनके परिवार ने दावा किया।वर्तमान याचिका याचिकाकर्ता के चाचाओं के ठिकाने की मांग करते हुए दायर की गई, जो असम पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद से लापता हैं।याचिकाकर्ता ने...

उन्नाव रेप केस की सुनवाई करने वाले जस्टिस धर्मेश शर्मा दिल्ली हाईकोर्ट से रिटायर हुए
उन्नाव रेप केस की सुनवाई करने वाले जस्टिस धर्मेश शर्मा दिल्ली हाईकोर्ट से रिटायर हुए

जिला न्यायपालिका में अपने चुनौतीपूर्ण समय को याद करते हुए जस्टिस धर्मेश शर्मा ने शुक्रवार को 'गहरी संतुष्टि के साथ' दिल्ली हाईकोर्ट को विदाई दी।जस्टिस शर्मा 1992 में दिल्ली न्यायिक सेवा में शामिल हुए। उन्हें 2019 में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, पश्चिम जिले के रूप में नियुक्त किया गया था। हाईकोर्ट में पदोन्नति से पहले, उन्हें प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, नई दिल्ली जिले के रूप में तैनात किया गया था। उन्हें 17 मई, 2023 को हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलाई गई थी। उन्होने...

दिल्ली हाईकोर्ट ने महिलाओं को IIT, AIIMS सहित अन्य परीक्षाओं की प्रवेश शुल्क से छूट देने की मांग पर जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने महिलाओं को IIT, AIIMS सहित अन्य परीक्षाओं की प्रवेश शुल्क से छूट देने की मांग पर जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने IIT, AIIMS आदि जैसे केंद्रीय स्वायत्त निकायों द्वारा आयोजित परीक्षाओं के लिए प्रवेश शुल्क का भुगतान करने से महिला उम्मीदवारों के लिए छूट की मांग करने वाली जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया है।चीफ़ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेदेला की खंडपीठ ने केंद्र सरकार, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी से जवाब मांगा है। मोना आर्य द्वारा दायर याचिका में कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय (कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग) द्वारा 03 अगस्त, 2010 को जारी एक...

MP हाईकोर्ट ने आबकारी अधिनियम के उस प्रावधान को अवैध माना, जिसके तहत डीएम को अवैध शराब के साथ वाहन जब्त करने और मालिक को बचाव का मौका न देने की अनुमति दी गई थी
MP हाईकोर्ट ने आबकारी अधिनियम के उस प्रावधान को अवैध माना, जिसके तहत डीएम को अवैध शराब के साथ वाहन जब्त करने और मालिक को बचाव का मौका न देने की अनुमति दी गई थी

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने धारा 47ए एमपी आबकारी अधिनियम-जो डीएम को वाहन जब्त करने का अधिकार देता है और वाहन के उपयोग के बारे में ज्ञान के बचाव पर भरोसा करने से मालिक को वंचित करता है-को संविधान के तहत पेशे का अभ्यास करने के अधिकार (अनुच्छेद 19(1)(जी)) और संपत्ति के अधिकार (अनुच्छेद 300) के विरुद्ध घोषित किया है। गौवंश अधिनियम के तहत डीएम की जब्ती शक्ति के संबंध में-जिसकी संवैधानिकता को चुनौती नहीं दी गई थी, न्यायालय ने माना कि हालांकि जब्ती की कार्यवाही आपराधिक मुकदमे के समानांतर शुरू की जा सकती...

प्रक्रिया जारी है; जुलाई तक शिकायत का समाधान हो सकता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने न्यायिक रिक्तियों को शीघ्र भरने के लिए जनहित याचिका स्थगित की
'प्रक्रिया जारी है; जुलाई तक शिकायत का समाधान हो सकता है': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने न्यायिक रिक्तियों को शीघ्र भरने के लिए जनहित याचिका स्थगित की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आज एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई करते हुए कहा कि उच्च न्यायालय में सभी मौजूदा न्यायिक रिक्तियों को समय पर और शीघ्रता से भरने के लिए निर्देश देने की मांग की गई है। जस्टिस विवेक कुमार बिड़ला और जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की पीठ ने मामले की संक्षिप्त सुनवाई की और इसे जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया, क्योंकि इसने मौखिक रूप से टिप्पणी की कि याचिका में उठाई गई शिकायतों का जुलाई तक समाधान हो सकता है। पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता एसएफए नकवी (याचिकाकर्ता के लिए) से यह भी पूछा कि...

POCSO Act | “बाल विशेष” प्रक्रियात्मक सुरक्षा उस पीड़ित को उपलब्ध नहीं हो सकती जो मुकदमे के दौरान वयस्क हो जाता है: राजस्थान हाईकोर्ट
POCSO Act | “बाल विशेष” प्रक्रियात्मक सुरक्षा उस पीड़ित को उपलब्ध नहीं हो सकती जो मुकदमे के दौरान वयस्क हो जाता है: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है कि POCSO अधिनियम की धारा 33(2) और 37 के तहत प्रक्रियात्मक सुरक्षा उपाय पीड़ित की आयु पर निर्भर हैं, और उन्हें "बच्चे" की वैधानिक परिभाषा तक सीमित रखा जाना चाहिए। इसलिए, जब कोई पीड़ित मुकदमे के लंबित रहने के दौरान वयस्क हो जाता है, तो ये प्रक्रियात्मक सुरक्षा उपाय लागू नहीं होते। "जबकि POCSO अधिनियम वास्तव में एक परोपकारी कानून है, जिसे बच्चों को यौन अपराधों से बचाने के लिए बनाया गया है, इसमें निहित सुरक्षात्मक तंत्र को वयस्कों तक नहीं बढ़ाया जा सकता है...ऐसा...

स्वच्छ जल की उपलब्धता अनुच्छेद 21 का हिस्सा: कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य को पेयजल सुविधाओं के रखरखाव के लिए SOP तैयार करने का निर्देश दिया
स्वच्छ जल की उपलब्धता अनुच्छेद 21 का हिस्सा: कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य को पेयजल सुविधाओं के रखरखाव के लिए SOP तैयार करने का निर्देश दिया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह राज्य में नागरिकों को पीने का पानी उपलब्ध कराने वाली सुविधाओं के रखरखाव के लिए एक व्यापक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करे। चीफ जस्टिस एन वी अंजारिया और जस्टिस के वी अरविंद की खंडपीठ ने कहा,“मानव उपभोग के लिए उपयुक्त पेयजल उपलब्ध कराना राज्य का मौलिक कर्तव्य है। स्वच्छ जल तक पहुंच दान नहीं है, यह मौलिक अधिकारों के ताने-बाने में बुना गया एक संवैधानिक वादा है। प्रत्येक व्यक्ति के जीवन के अधिकार में शुद्ध और सुरक्षित पेयजल तक पहुंच का...

मजिस्ट्रेट CrPC की धारा 84 के तहत तीसरे पक्ष के स्वामित्व संबंधी आपत्तियों पर निर्णय को कुर्की होने तक स्थगित नहीं कर सकते: J&K हाईकोर्ट
मजिस्ट्रेट CrPC की धारा 84 के तहत तीसरे पक्ष के स्वामित्व संबंधी आपत्तियों पर निर्णय को कुर्की होने तक स्थगित नहीं कर सकते: J&K हाईकोर्ट

जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने माना कि दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 84 के तहत तीसरे पक्ष द्वारा दायर आपत्तियों पर निर्णय लेना मजिस्ट्रेट के लिए कानूनी रूप से बाध्य है, इससे पहले कि धारा 83 सीआरपीसी के तहत कुर्की आदेश लागू किया जाए। भौतिक कुर्की या अनुपालन रिपोर्ट प्राप्त होने तक इस तरह के निर्णय को स्थगित करना कानून के विपरीत है, न्यायालय ने फैसला सुनाया। जस्टिस संजय धर ने श्रीनगर के प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट (उप-पंजीयक) के एक आदेश को रद्द करते हुए ये टिप्पणियां कीं,...

Bar Before Bench: भारत में निचली न्यायपालिका में प्रवेश के लिए वकील के रूप में 3 वर्ष की प्रैक्टिस अनिवार्य करना-कितना उचित?
Bar Before Bench: भारत में निचली न्यायपालिका में प्रवेश के लिए वकील के रूप में 3 वर्ष की प्रैक्टिस अनिवार्य करना-कितना उचित?

जैसा कि सर जेरोम फ्रैंक ने "लॉ एंड द मॉडर्न माइंड" पुस्तक में कहा है - "कानून की निश्चितता एक मिथक है", देश में प्रवेश-स्तर की न्यायिक सेवाओं में प्रवेश से संबंधित कानून बदलने वाला है। यथार्थवाद के शानदार सिद्धांत की जय हो! माननीय सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में ऑल इंडिया जजेज एसोसिएशन और अन्य बनाम भारत संघ और अन्य (2025) के ऐतिहासिक मामले में देश के सभी राज्यों में आयोजित न्यायिक सेवा परीक्षा में प्रतिस्पर्धा करने के लिए न्यायालयों में तीन वर्ष का अभ्यास अनिवार्य कर दिया है, जिससे वे राज्य बच गए...

राजस्व बोर्ड की प्रशासनिक शक्ति संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत हाईकोर्ट की पर्यवेक्षी शक्तियों के समान नहीं: राजस्‍‌थान हाईकोर्ट
राजस्व बोर्ड की प्रशासनिक शक्ति संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत हाईकोर्ट की पर्यवेक्षी शक्तियों के समान नहीं: राजस्‍‌थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने निर्णय दिया है कि राजस्थान काश्तकारी अधिनियम, 1955 (अधिनियम) की धारा 221 के तहत राजस्व मंडल को दी गई शक्ति केवल प्रशासनिक प्रकृति की है तथा संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत हाईकोर्ट की पर्यवेक्षी शक्ति के समान नहीं है। इसलिए, ऐसी प्रशासनिक शक्ति के प्रयोग में, किसी भी डिक्री या न्यायिक आदेश को रद्द नहीं किया जा सकता। अधिनियम की धारा 221, मंडल को सभी राजस्व न्यायालयों तथा उनके अधीनस्थ न्यायालयों पर अधीक्षण तथा नियंत्रण की सामान्य शक्तियाँ प्रदान करती है।जस्टिस अनूप कुमार ढांड...