हाईकोर्ट
'पुलिस प्रशासन पर धब्बा': उड़ीसा हाईकोर्ट ने पुलिस द्वारा अपहृत नाबालिग लड़की को छुड़ाने के लिए कथित तौर पर पैसे मांगने पर एसपी को पेश होने का आदेश दिया
उड़ीसा हाईकोर्ट ने मंगलवार (5 अगस्त) को उन पुलिस अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई, जिन्होंने कथित तौर पर पहले से ही अपहृत नाबालिग लड़की को छुड़ाने के लिए किसी प्रकार की 'रिश्वत' मांगी थी। मुख्य न्यायाधीश हरीश टंडन और न्यायमूर्ति मुरारी श्री रमन की खंडपीठ एक आपराधिक रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें एक व्यक्ति द्वारा अपनी नाबालिग बेटी का पता लगाने के लिए बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका जारी करने की मांग की गई थी, जिसका 18 जून, 2025 को अपहरण कर लिया गया था।सुनवाई की पिछली तारीख (22 जुलाई) पर, राज्य...
उधारकर्ता द्वारा अवैध रि-एंट्री पर डीएम SARFAESI Act की धारा 14 के तहत कब्जे के आदेश को पुनः निष्पादित कर सकते हैं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस हिरदेश की खंडपीठ ने एक अपील स्वीकार करते हुए यह माना कि जिला मजिस्ट्रेट, उधारकर्ता द्वारा अवैध रूप से रि-एंट्री के बाद, SARFAESI अधिनियम की धारा 14 के तहत कब्जे के आदेशों को पुनः निष्पादित कर सकते हैं। न्यायालय ने प्रतिवादी प्राधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उधारकर्ता को गिरवी रखी गई संपत्ति से बेदखल करने के लिए याचिकाकर्ता को आवश्यक सहायता प्रदान करें। मामले की पृष्ठभूमियाचिकाकर्ता ने उधारकर्ता को एक निश्चित बंधक ऋण सुविधा प्रदान की।...
'अपमानजनक अभियान': गुजरात हाईकोर्ट ने जजों पर 'घृणास्पद हमले' के लिए वकील को 3 महीने की जेल दी और ₹1 लाख का जुर्माना लगाया
गुजरात हाईकोर्ट ने एक वकील को हाईकोर्ट के जजों और न्यायिक अधिकारियों के खिलाफ "झूठे" और "निंदनीय" आरोप लगाने के लिए न्यायालय की अवमानना का दोषी ठहराया और उसे तीन महीने के कारावास और एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।जस्टिस एएस सुपेहिया और जस्टिस आरटी वच्चानी की खंडपीठ ने अवमाननाकर्ता, जो हाईकोर्ट के साथ-साथ राज्य की अन्य अदालतों में कार्यरत एक वकील है, के खिलाफ पिछले कई वर्षों (2011 से शुरू) में स्वतः संज्ञान से दायर अवमानना याचिकाओं पर यह आदेश पारित किया।पीठ ने कहा कि कार्यवाही के दौरान...
मां या बच्चे की जान को छोड़ बाकी मामलों में गर्भपात को असंवैधानिक घोषित करने की याचिका पर हाईकोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने मंगलवार को एक जनहित याचिका (PIL) पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है, जिसमें यह घोषित करने की मांग की गई है कि गर्भवती महिला या अजन्मे बच्चे की जान को गंभीर और तात्कालिक खतरा छोड़कर अन्य सभी परिस्थितियों में गर्भपात (medical termination of pregnancy) असंवैधानिक है क्योंकि यह संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन करता है।यह याचिका हरियाणा निवासी दीपक कुमार द्वारा दायर की गई है, जिसमें मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट, 1971 की धारा 3(2) के साथ उसमें दी गई व्याख्या-1...
क्या जाति जांच समितियां स्वतः संज्ञान लेकर जाति प्रमाणपत्रों को मान्य करने वाले अपने ही आदेशों को वापस ले सकती हैं? बॉम्बे हाईकोर्ट की बड़ी बेंच करेगी फ़ैसला
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार (4 अगस्त) को यह मामला एक बड़ी पीठ को सौंप दिया ताकि यह तय किया जा सके कि क्या जाति जांच समिति (सीएससी) को जाति प्रमाणपत्रों को वैधता प्रदान करने वाले अपने ही आदेशों को इस आधार पर स्वतः वापस लेने का अधिकार है कि वे धोखाधड़ी, गलत बयानी या तथ्यों को छिपाने के कारण दूषित थे। जस्टिस मनीष पिताले और जस्टिस यशवराज खोबरागड़े की खंडपीठ ने इसी मुद्दे पर विभिन्न खंडपीठों के अलग-अलग विचारों को देखते हुए, यह राय व्यक्त की कि इस मुद्दे को एक बड़ी पीठ के माध्यम से 'आधिकारिक रूप से'...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान और उन्हें निर्वासित करने की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जनहित याचिका (PIL) पर केंद्र सरकार भारत निर्वाचन आयोग (ECI) और उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा। इस याचिका में राज्य में रह रहे अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान और उन्हें निर्वासित करने के लिए एक व्यापक सर्वेक्षण और सत्यापन अभियान चलाने की मांग की गई।जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस मनीष कुमार की खंडपीठ ने सोमवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए पुलिस महानिदेशक (DGP) भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के महानिदेशक और खुफिया ब्यूरो (IB) के महानिदेशक सहित प्रतिवादियों को चार...
'यूपी सरकार पाप कर रही है' : बांके बिहारी मंदिर अध्यादेश पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार (6 अगस्त) को वृंदावन (मथुरा) स्थित ऐतिहासिक बांके बिहारी मंदिर की देखरेख के लिए यूपी सरकार द्वारा लाए गए अध्यादेश की कड़ी आलोचना जारी रखी और कहा कि सरकार "पाप" कर रही है।यह टिप्पणी उस समय आई है जब दो दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने भी बांके बिहारी मंदिर का प्रबंधन अपने हाथ में लेने के लिए अध्यादेश लाने में यूपी सरकार की "अत्यधिक जल्दी" पर सवाल उठाया था।जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की पीठ ने आज मौखिक रूप से तीखी टिप्पणी करते हुए राज्य सरकार से कहा कि वह मंदिर प्रबंधन को...
बार-बार यौन शोषण की शिकायत करने वालों का डाटाबेस बनाने की याचिका पर जल्द फैसला करें: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को दिल्ली पुलिस और अन्य संबंधित प्राधिकारियों से एक याचिका पर शीघ्र निर्णय लेने को कहा, जिसमें यौन अपराधों के कई मामलों में शिकायत करने वालों का एक डाटाबेस तैयार करने की मांग की गई थी।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने यह आदेश शॉनी कपूर द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर दिया, जिन्हें एडवोकेट शशि रंजन कुमार सिंह ने प्रतिनिधित्व किया।सुनवाई के दौरान, अधिवक्ता ने कहा कि डाटाबेस बनाए जाने के अलावा, याचिका में यह निर्देश भी मांगा गया है कि पुलिस...
"पुलिस किसी का पक्ष क्यों ले रही है?", बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुस्लिम परिवार की FIR दर्ज करने से इनकार करने पर पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार (5 अगस्त) को पुणे पुलिस के एक थाना प्रभारी (SHO) के आचरण पर हैरानी जताई, जिन्होंने एक मुस्लिम परिवार की शिकायत पर इस आधार पर FIR दर्ज करने से इनकार कर दिया कि एक हिंदू परिवार द्वारा रोड रेज के एक मामले में उनके खिलाफ पहले ही FIR दर्ज की जा चुकी है। अदालत ने पुणे के पुलिस आयुक्त को संबंधित अधिकारी के खिलाफ 'कड़ी' कार्रवाई करने का आदेश दिया।जस्टिस रवींद्र घुगे और जस्टिस गौतम अंखड की खंडपीठ ने कहा कि रोड रेज की शुरुआत हिंदू परिवार - केसवानी परिवार - के घर के बाहर हॉर्न...
शिमला रिज के 140 साल पुराने पानी के टैंक की सुरक्षा पर हाईकोर्ट ने रिपोर्ट मांगी
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शिमला रिज पर स्थित 140 साल पुराने भूमिगत जल टैंक की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार और शिमला नगर निगम से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। चीफ जस्टिस जी.एस. संधावालिया और जस्टिस रंजन शर्मा की खंडपीठ ने नोटिस जारी कर राज्य सरकार और नगर निगम शिमला से उस ऐतिहासिक रिज के नीचे स्थित इस 140 साल पुराने भूमिगत जल टैंक की संरचनात्मक सुरक्षा पर स्थिति रिपोर्ट मांगी है। यह जनहित याचिका पूर्व उपमहापौर और पर्यावरणविद् टिकेन्दर सिंह पंवर द्वारा दायर की गई थी। उन्होंने अदालत का ध्यान...
औद्योगिक विवाद अधिनियम की धारा 17बी के तहत 'रोज़गार' में स्व-रोज़गार भी शामिल है, जहां कर्मचारी पर्याप्त कमाई करता है: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में फैसला सुनाया कि औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 की धारा 17बी के तहत "रोज़गार" शब्द में स्व-रोज़गार भी शामिल है जहां कामगार पर्याप्त आय अर्जित करता है। जस्टिस एस मनु ने एक रिट याचिका में एक अंतरिम आवेदन पर निर्णय देते हुए कहा कि यदि कोई कामगार लाभ कमाने वाले व्यवसाय या स्व-रोज़गार में लगा हुआ है, तो वह औपचारिक रोज़गार के अभाव में धारा 17बी के तहत लाभों का दावा नहीं कर सकता।याचिकाकर्ता, जिसे प्रतिवादी श्वास होम्स प्राइवेट लिमिटेड ने 2011 में नौकरी से निकाल दिया था, उसे...
BNSS की धारा 224 | क्षेत्राधिकार न होने पर मजिस्ट्रेट को शिकायत उचित न्यायालय को लौटानी चाहिए : उड़ीसा हाईकोर्ट
ओडिशा हाईकोर्ट ने चेक बाउंस से संबंधित एक मामले की सुनवाई करते हुए यह दोहराया कि यदि किसी मजिस्ट्रेट के पास क्षेत्राधिकार नहीं है और वह अपराध का संज्ञान नहीं ले सकता, तो उसे लिखित शिकायत को उपयुक्त टिप्पणी (endorsement) के साथ वापस कर देना चाहिए, ताकि उसे सही क्षेत्राधिकार वाली अदालत में पेश किया जा सके।जस्टिस संजय कुमार मिश्रा की एकल पीठ ने 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS)' की धारा 224 का उल्लेख करते हुए कहा, “यदि किसी मजिस्ट्रेट के पास किसी अपराध का संज्ञान लेने की शक्ति नहीं है, और उसे...
एल्गर परिषद मामले के आरोपी ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया, बीमार पिता से मिलने के लिए अंतरिम ज़मानत मांगी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार (6 अगस्त) को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को भीमा कोरेगांव एल्गर परिषद मामले के आरोपी रमेश गायचोर द्वारा दायर याचिका पर निर्देश प्राप्त करने और जवाब दाखिल करने का आदेश दिया। गायचोर ने अपने बीमार पिता से मिलने के लिए अस्थायी ज़मानत मांगी है।जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस राजेश पाटिल की खंडपीठ ने NIA को जवाब दाखिल करने के लिए दो हफ़्ते का समय दिया।गाइचोर ने स्पेशल कोर्ट के 1 जुलाई, 2025 के आदेश को चुनौती दी, जिसने उनकी अंतरिम ज़मानत याचिका खारिज कर दी थी।गाइचोर के अनुसार उनके...
घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत पत्नी का साझा घर में रहने का अधिकार, तलाकशुदा जोड़े के बीच वैवाहिक घर के बंटवारे पर कोई रोक नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि घरेलू हिंसा अधिनियम की धारा 17 के तहत एक विवाहित महिला का साझा घर में रहने का अधिकार, दीवानी कार्यवाही में पति के बंटवारे या स्वामित्व अधिकारों के प्रवर्तन की मांग करने के वैध अधिकार को रद्द या निरस्त नहीं कर सकता। जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की खंडपीठ ने पारिवारिक न्यायालय के फैसले के खिलाफ एक तलाकशुदा महिला की अपील को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि वह और उसका पूर्व पति मुकदमे वाली संपत्ति में 50-50% हिस्से के हकदार हैं।महिला...
जेल में बंद सांसद इंजीनियर राशिद ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा जुर्माने के चलते नहीं कर पा रहे संसद में अपने निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व
जेल में बंद जम्मू-कश्मीर के सांसद इंजीनियर राशिद ने बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि संसद सत्र में भाग लेने के लिए दैनिक खर्च का भुगतान करने की शर्त के कारण वह अपने निर्वाचन क्षेत्र (बारामूला) का प्रतिनिधित्व करने में असमर्थ हैं।सीनियर एडवोकेट एन हरिहरन ने जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस अनूप जयराम भंभानी की खंडपीठ के समक्ष यह दलील दी। राशिद ने 25 मार्च को समन्वय पीठ द्वारा पारित उस आदेश में संशोधन की मांग की, जिसमें उन्हें हिरासत में रहते हुए संसद में भाग लेने के लिए जेल अधिकारियों के पास...
दिल्ली हाईकोर्ट ने पत्नी को अंतरिम भरण-पोषण देने से किया इनकार, 70 वर्षीय पति की आर्थिक और भावनात्मक अक्षमता का दिया हवाला
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में एक महिला को उसके अलग हुए पति की आर्थिक अक्षमता का हवाला देते हुए हिंदू विवाह अधिनियम (Hindu Marriage Act) की धारा 24 के तहत अंतरिम भरण-पोषण देने से इनकार कर दिया।जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की खंडपीठ ने कहा,"प्रतिवादी पर अंतरिम भरण-पोषण देने का दायित्व नहीं डाला जाना चाहिए। खासकर जब उसकी अपनी आर्थिक, शारीरिक और भावनात्मक स्थिति स्पष्ट रूप से तनावपूर्ण हो।"महिला लगभग तीन दशकों से अपने 70 वर्षीय पति से अलग रह रही थी।उसने अपने पति से भरण-पोषण...
एक हाईकोर्ट से दूसरे हाईकोर्ट में मामला ट्रांसफर करने का अधिकार नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने माना कि उसे किसी मामले को एक हाईकोर्ट से दूसरे हाईकोर्ट में ट्रांसफर करने का अधिकार नहीं है।चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने कहा,"जहां तक उपरोक्त तीनों मामलों को किसी अन्य हाईकोर्ट में ट्रांसफर करने की प्रार्थना का संबंध है, उसे स्वीकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि इस उद्देश्य के लिए इस न्यायालय को ऐसी कोई शक्ति प्राप्त नहीं है। याचिकाकर्ता उपयुक्त मंच से संपर्क करने के लिए स्वतंत्र है।"यह याचिका एक वकील द्वारा दायर की गई, जिसमें हाईकोर्ट के जज के...
पीएम मोदी का उपहास उडाने वाली फेसबुक पोस्ट पर व्यक्ति को नहीं मिली ज़मानत, कोर्ट ने बताया- राष्ट्र-विरोधी विचारधारा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ़्ते एक व्यक्ति की ज़मानत याचिका खारिज कर दी, जिस पर फेसबुक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाते हुए आपत्तिजनक और भड़काऊ सामग्री साझा करने और पाकिस्तान का महिमामंडन करने का आरोप है।जस्टिस संजय कुमार सिंह की पीठ ने कहा कि कथित पोस्ट भारतीय नेतृत्व का उपहास करते प्रतीत होते हैं और राष्ट्रीय संप्रभुता, एकता और अखंडता के हितों के विपरीत एक कथानक को बढ़ावा देते हैं।आरोपी (ताहिर मेवाती) पर फेसबुक पर कथित तौर पर आपत्तिजनक दृश्य पोस्ट करने के आरोप में भारतीय न्याय...
प्राथमिक न्यायालय ज़िला परिषद और पंचायत समितियों अधिनियम के तहत अधिकारियों के विरुद्ध वाद दायर करने की नोटिस अवधि को माफ नहीं कर सकता : बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि महाराष्ट्र ज़िला परिषद और पंचायत समितियां अधिनियम की धारा 280 तथा महाराष्ट्र ग्राम पंचायत अधिनियम की धारा 180 के तहत वाद दायर करने से पूर्व अनिवार्य नोटिस देने की जो शर्त है, उसे प्राथमिक न्यायालय माफ नहीं कर सकता। यह स्थिति दीवानी प्रक्रिया संहिता (CPC) की धारा 80(2) से अलग है, जो सीमित विवेकाधिकार प्रदान करती है। कोर्ट ने कहा कि इन प्रावधानों का अनुपालन न होने की स्थिति में वाद सुनवाई योग्य नहीं माना जाएगा।जस्टिस शैलेश पी. ब्रह्मे ने यह टिप्पणी उस सिविल...
मद्रास हाईकोर्ट ने ट्रांसजेंडर और इंटरसेक्स समुदाय को क्षैतिज आरक्षण प्रदान करने पर राज्य सरकार से निर्णय मांगा
मद्रास हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को ट्रांसजेंडर और इंटरसेक्स व्यक्तियों को क्षैतिज आरक्षण प्रदान करने पर निर्णय लेने का निर्देश दिया।जस्टिस एन आनंद वेंकटेश ने कहा कि इस संबंध में निर्णय लिया जाना आवश्यक है ताकि ट्रांसजेंडर और इंटरसेक्स व्यक्तियों को हर बार अदालत का दरवाजा खटखटाकर सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण की मांग न करनी पड़े।अदालत ने कहा,"यह स्पष्ट नहीं है कि क्या सरकार ट्रांसजेंडर और इंटरसेक्स व्यक्तियों को क्षैतिज आरक्षण प्रदान करना चाहती है, जिसकी मांग समुदाय द्वारा हमेशा...




















