गुजरात हाईकोर्ट

अधिकारियों की अनुमति के बिना परिसर का उपयोग होमस्टे या हॉस्टल के रूप में नहीं किया जा सकता: गुजरात हाईकोर्ट
अधिकारियों की अनुमति के बिना परिसर का उपयोग होमस्टे या हॉस्टल के रूप में नहीं किया जा सकता: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि उचित पंजीकरण और अधिकारियों से अनिवार्य अनुमति के बिना आवसीय परिसर को होम स्टे या पेइंग गेस्ट के रूप में संचालित करना अवैध है। ऐसे व्यवसाय को चलाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने मौजूदा मामले में ऐसे परिसर में रहने वाले 8 अतिथियों को एक सप्ताह के भीतर वैकल्पिक व्यवस्था करने की पेशकश की।जस्टिस मौना एम भट्ट ने कहा,“प्रतिवादी निगम के हलफनामे में दिए गए कथनों पर विचार करते हुए कि परिसर का उपयोग होम स्टे या पीजी हॉस्टल के रूप में करने के लिए संबंधित...

सेलेबी ने अडानी के अहमदाबाद एयरपोर्ट को उसकी सेवाएं बदलने पर अंतिम फैसला लेने से रोकने के लिए गुजरात हाईकोर्ट का रुख किया
सेलेबी ने अडानी के अहमदाबाद एयरपोर्ट को उसकी सेवाएं बदलने पर अंतिम फैसला लेने से रोकने के लिए गुजरात हाईकोर्ट का रुख किया

गुजरात हाईकोर्ट ने गुरुवार (5 जून) को सेलेबी ग्राउंड हैंडलिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर अपील पर नोटिस जारी किया, जिसमें वाणिज्यिक न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें अदानी समूह द्वारा संचालित अहमदाबाद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ग्राउंड हैंडलिंग सेवाओं के लिए समझौते को समाप्त करने पर उसकी अंतरिम याचिका को खारिज कर दिया गया था। जस्टिस देवन एम देसाई की अवकाश पीठ ने मामले की कुछ देर तक सुनवाई करने के बाद अपने आदेश में कहा, "प्रतिवादी को 10 जून तक जवाब देने के लिए नोटिस जारी...

गुजरात हाईकोर्ट ने करोड़ों रुपये के बैंक धोखाधड़ी के आरोपी को व्यापार के अवसर तलाशने के लिए विदेश जाने की अनुमति दी
गुजरात हाईकोर्ट ने करोड़ों रुपये के बैंक धोखाधड़ी के आरोपी को 'व्यापार के अवसर तलाशने' के लिए विदेश जाने की अनुमति दी

गुजरात हाईकोर्ट ने करोड़ों रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में आरोपी आईटी फर्म साई इंफोसिस्टम (इंडिया) लिमिटेड के निदेशक सुनील कक्कड़ को भारत में बैक-एंड आईटी सपोर्ट और एंटरप्राइजेज रिसोर्स प्लानिंग सॉफ्टवेयर आवश्यकताओं को आउटसोर्स करने के लिए कंपनियों के साथ व्यापार के अवसर तलाशने के लिए यूएई जाने की अनुमति दी।कक्कड़ को कथित तौर पर 2014 में लाइबेरिया में गिरफ्तार किया गया और उन पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप है, जिसकी जांच CBI कर रही है। इसी से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग...

S.12 POSH Act | गुजरात हाईकोर्ट ने जांच पूरी होने के बावजूद शिकायतकर्ता को आरोपी के बगल में बैठने से बचाने के लिए एक सप्ताह की छुट्टी दी
S.12 POSH Act | गुजरात हाईकोर्ट ने जांच पूरी होने के बावजूद शिकायतकर्ता को आरोपी के बगल में बैठने से बचाने के लिए एक सप्ताह की छुट्टी दी

गुजरात हाईकोर्ट ने एक सरकारी महिला कर्मचारी को एक सप्ताह के लिए छुट्टी पर रहने की अनुमति दी है, जिसने POSH अधिनियम के तहत अपने सहकर्मी के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने संबंध‌ित प्राधिकरण के समक्ष दिए अपने प्रतिनिधित्व में स्थानांतरण की मांग की है, ताकि उसे यौन उत्पीड़न के आरोपी सहकर्मी के बगल में न बैठना पड़े।महिला को एक हफ्ते की छुट्टी प्रदान करते हुए न्यायालय ने कहा कि POSH अधिनियम की धारा 12 के अनुसार शिकायतकर्ता को अधिनियम के तहत जांच लंबित रहने तक एक सप्ताह की छुट्टी...

पति ने हाईकोर्ट में अपनी पत्नी से उसके पैतृक स्थान पर रीति-रिवाजों के अनुसार पुनर्विवाह करने पर सहमति जताई
पति ने हाईकोर्ट में अपनी पत्नी से उसके पैतृक स्थान पर रीति-रिवाजों के अनुसार 'पुनर्विवाह' करने पर सहमति जताई

गुजरात हाईकोर्ट के समक्ष अजीबोगरीब मामले में व्यक्ति ने अपनी पत्नी को पेश करने की मांग की, जिसके बारे में कहा गया कि उसे उसके माता-पिता ने हिरासत में लिया है, वह उसके पैतृक स्थान पर जाकर वहां के रीति-रिवाजों के अनुसार उससे पुनर्विवाह करने के लिए सहमत हो गया।दंपति ने अपने परिवारों की अनुपस्थिति में विवाह किया और महिला का परिवार- जो राजस्थान से संबंधित है, पति और उसके परिवार की उपस्थिति में अपने पैतृक स्थान पर कुछ विवाह अनुष्ठान करने के इच्छुक थे।जब पति के परिवार ने राजस्थान में उनकी सुरक्षा को...

पासपोर्ट प्राधिकरण यह तय नहीं कर सकता कि आरोपी को विदेश यात्रा का अधिकार है या नहीं, ऐसी शक्ति केवल ट्रायल कोर्ट के पास: गुजरात हाईकोर्ट
पासपोर्ट प्राधिकरण यह तय नहीं कर सकता कि आरोपी को विदेश यात्रा का अधिकार है या नहीं, ऐसी शक्ति केवल ट्रायल कोर्ट के पास: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि पासपोर्ट अधिकारियों के पास यह तय करने का कोई अधिकार नहीं है कि किसी आरोपी को विदेश यात्रा का अधिकार है या नहीं। कोर्ट ने कहा कि ऐसा अधिकार केवल ट्रायल कोर्ट के पास है, जो आरोपी द्वारा यात्रा याचिका दायर करने पर शर्तें लगा सकता है। ऐसा करते हुए, न्यायालय ने पासपोर्ट प्राधिकरण को पासपोर्ट अधिनियम, 1967 और नियमों के अनुसार याचिकाकर्ता-आरोपी के पासपोर्ट को 10 वर्ष की अवधि के लिए नवीनीकृत करने का निर्देश दिया।न्यायालय जुआ अधिनियम के तहत दर्ज एक व्यक्ति की याचिका...

गुजरात हाईकोर्ट ने 13 साल की रेप पीड़िता की 33 हफ्ते की प्रेग्नेंसी को टर्मिनेट करने की दी इजाजत
गुजरात हाईकोर्ट ने 13 साल की रेप पीड़िता की 33 हफ्ते की प्रेग्नेंसी को टर्मिनेट करने की दी इजाजत

गुजरात हाईकोर्ट ने सोमवार (12 मई) को 13 वर्षीय नाबालिग रेप पीड़िता की 33 हफ्ते की प्रेग्नेंसी को टर्मिनेट करने की अनुमति दी। कोर्ट ने कहा कि लड़की के सामने अभी लंबा जीवन है और उसकी सेहत को ध्यान में रखते हुए यह फैसला जरूरी है।राजकोट स्थित पीडीयू जनरल अस्पताल के एक्सपर्ट डॉक्टरों की रिपोर्ट पर विचार करते हुए गुजरात हाईकोर्ट ने सोमवार (12 मई) को 13 वर्षीय नाबालिग रेप पीड़िता की 33 सप्ताह की प्रेग्नेंसी को टर्मिनेट करने की अनुमति दी।जस्टिस निरज़ार एस देसाई ने यह आदेश पारित करते हुए अधिकारियों को...

अधिक धन कमाने का व्यवस्थित प्रयास: गुजरात हाईकोर्ट ने सरकारी धन हड़पने के लिए जबरन एंजियोप्लास्टी करने के आरोपी डॉक्टर को जमानत देने से इनकार किया
'अधिक धन कमाने का व्यवस्थित प्रयास': गुजरात हाईकोर्ट ने सरकारी धन हड़पने के लिए जबरन एंजियोप्लास्टी करने के आरोपी डॉक्टर को जमानत देने से इनकार किया

गुजरात हाईकोर्ट ने एक निजी अस्पताल के लिए प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) योजना से धन प्राप्त करने के लिए स्वस्थ व्यक्तियों पर एंजियोप्लास्टी करने के आरोपी हृदय रोग विशेषज्ञ की जमानत याचिका खारिज कर दी है। ऐसा करते हुए न्यायालय ने पाया कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री याचिकाकर्ता के खिलाफ "प्रथम दृष्टया मजबूत" मामला दर्शाती है, जहां कथित अपराध में उसकी संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता है। यह अभियोजन पक्ष के इस तर्क से भी सहमत था कि यह महज चिकित्सा लापरवाही का मामला नहीं था, बल्कि सरकार से...

गुजरात हाईकोर्ट ने साबरमती आश्रम परिसर से ट्रस्ट के कथित अवैध संचालन के खिलाफ जनहित याचिका खारिज की
गुजरात हाईकोर्ट ने साबरमती आश्रम परिसर से ट्रस्ट के कथित अवैध संचालन के खिलाफ जनहित याचिका खारिज की

गुजरात हाईकोर्ट ने साबरमती में गांधी आश्रम के परिसर से ट्रस्ट के कथित अवैध संचालन को रोकने की मांग करने वाली जनहित याचिका यह देकते हुए खारिज की कि अदालत को कोई सबूत दिखाए बिना किसी आशंका पर कोई जांच नहीं की जा सकती।वकील द्वारा दायर जनहित याचिका में दावा किया गया कि गांधी आश्रम परिसर के भीतर मूल साबरमती हरिजन आश्रम ट्रस्ट के एक ट्रस्टी द्वारा संचालित मानव साधना ट्रस्ट के परिणामस्वरूप साबरमती हरिजन आश्रम ट्रस्ट के नाम पर दान निधि से वंचित किया गया। इसने दावा किया कि मानव साधना ट्रस्ट गांधी आश्रम...

अवैध निर्माण को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता: गुजरात हाईकोर्ट ने चंदोला झील पर ध्वस्तीकरण अभियान पर रोक लगाने की याचिका खारिज की
'अवैध निर्माण को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता': गुजरात हाईकोर्ट ने चंदोला झील पर ध्वस्तीकरण अभियान पर रोक लगाने की याचिका खारिज की

अहमदाबाद के चंदोला झील में रहने वाले 58 व्यक्तियों की याचिका पर, जिनकी झोपड़ियाँ पिछले महीने राज्य अधिकारियों द्वारा ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान हटा दी गई थीं, गुजरात हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि झील की भूमि पर "अवैध और अनधिकृत निर्माण" करने के निवासियों के कृत्य को "अनदेखा" नहीं किया जा सकता। न्यायालय ने पुनर्वास दिए जाने तक आगे के विध्वंस पर रोक लगाने की याचिकाकर्ताओं की याचिका को "योग्यताहीन" बताते हुए "खारिज" कर दिया, लेकिन न्यायालय ने कहा कि याचिकाकर्ता पुनर्वास के लिए व्यक्तिगत आवेदन के साथ...

2002 गोधरा ट्रेन बर्निंग को रोका जा सकता था: गुजरात हाईकोर्ट ने ड्यूटी में लापरवाही के लिए 9 रेलवे कांस्टेबलों की बर्खास्तगी को बरकरार रखा
'2002 गोधरा ट्रेन बर्निंग को रोका जा सकता था': गुजरात हाईकोर्ट ने ड्यूटी में लापरवाही के लिए 9 रेलवे कांस्टेबलों की बर्खास्तगी को बरकरार रखा

गुजरात हाईकोर्ट ने उन नौ रेलवे कांस्टेबलों की बर्खास्तगी को बरकरार रखा है, जिन्हें उस साबरमती एक्सप्रेस पर यात्रा करने की जिम्‍मेदारी सौंपी गई थी, जिसमें 27 फरवरी 2002 में आग लगने से 59 यात्रियों की मौत हो गई थी। हाईकोर्ट ने फैसले में कहा कि अगर वे किसी अन्य ट्रेन में जाने के बजाय उसी ट्रेन से जाते तो उस दुर्घटना को रोका जा सकता था।ऐसा करते हुए न्यायालय ने पाया कि याचिकाकर्ताओं ने ट्रेन रजिस्टर में फर्जी प्रविष्टियां की थीं और "अपने कर्तव्य के प्रति लापरवाही और असावधानी" दिखाई थी। 24 अप्रैल को...

2024 राजकोट अग्निकांड | गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से अग्निशमन सेवाओं की संरचना के बारे में जानकारी मांगी
2024 राजकोट अग्निकांड | गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से अग्निशमन सेवाओं की संरचना के बारे में जानकारी मांगी

गुजरात हाईकोर्ट ने शुक्रवार (2 मई) को राज्य सरकार से राज्य में अग्निशमन सेवाओं की संरचना के बारे में सूचित करने को कहा।चीफ़ जस्टिस सुनीता अग्रवाल और जस्टिस प्रणव त्रिवेदी की खंडपीठ 25 मई, 2024 को राजकोट के नाना-मावा इलाके में खेल क्षेत्र में लगी भीषण आग में चार बच्चों सहित सत्ताईस व्यक्तियों के मारे जाने के बाद पिछले साल उच्च न्यायालय द्वारा शुरू की गई स्वत: संज्ञान याचिका सहित याचिकाओं के एक बैच की सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान पीठ ने पूछा कि भर्ती प्रक्रिया का प्रभारी कौन है। राज्य की ओर...

न्यायालय के समय के बाद/छुट्टियों के दिन दायर की गई अत्यावश्यक याचिकाओं को सूचीबद्ध करने से पहले चीफ जस्टिस की मंजूरी की आवश्यकता होती है: गुजरात हाईकोर्ट
न्यायालय के समय के बाद/छुट्टियों के दिन दायर की गई अत्यावश्यक याचिकाओं को सूचीबद्ध करने से पहले चीफ जस्टिस की मंजूरी की आवश्यकता होती है: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने गुरुवार (1 मई) को एक सर्कुलर जारी किया, जिसमें न्यायालय की छुट्टियों के दौरान या नियमित न्यायालय समय के बाद दायर किए गए अत्यावश्यक मामलों को सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया निर्धारित की गई।सर्कुलर में दिनेशभाई भगवानभाई बंभानिया एवं अन्य बनाम गुजरात राज्य एवं अन्य में पहले पारित न्यायिक निर्देशों का उल्लेख है।रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी परिपत्र में आगे कहा गया,"मुझे माननीय चीफ जस्टिस द्वारा यह अधिसूचित करने का निर्देश दिया गया कि न्यायालय की छुट्टियों के दिन या न्यायालय समय के बाद...

गुजरात हाईकोर्ट ने अहमदाबाद के चंदोला झील क्षेत्र में विध्वंस अभियान को बरकरार रखा, पुनर्वास के लिए याचिका खारिज की
गुजरात हाईकोर्ट ने अहमदाबाद के चंदोला झील क्षेत्र में विध्वंस अभियान को बरकरार रखा, पुनर्वास के लिए याचिका खारिज की

गुजरात हाईकोर्ट ने मंगलवार को अहमदाबाद के चंदोला झील क्षेत्र में राज्य प्रशासन द्वारा चलाए गए विध्वंस अभियान को बरकरार रखा।अदालत 18 व्यक्तियों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें 28 अप्रैल को चंदोला झील क्षेत्र में राज्य द्वारा किए गए विध्वंस अभियान को मौलिक अधिकारों का उल्लंघन और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन घोषित करने की मांग की गई थी। संरचनाओं के विध्वंस के मामले में पुन: निर्देशों में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भरोसा किया गया था और यह प्रार्थना की गई थी कि उत्तरदाताओं...

गुजरात हाईकोर्ट ने भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रचने के आरोपी BSF अधिकारी की जमानत याचिका खारिज की
गुजरात हाईकोर्ट ने भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रचने के आरोपी BSF अधिकारी की जमानत याचिका खारिज की

गुजरात हाईकोर्ट ने सीमा सुरक्षा बल में तैनात एक व्यक्ति की जमानत याचिका को यह देखते हुए खारिज कर दिया कि अभियोजन पक्ष ने 'राष्ट्र के कल्याण के खिलाफ गंभीर अपराध' में उसकी सक्रिय संलिप्तता का आरोप लगाया है।अदालत ने आगे कहा कि मुकदमा पहले ही शुरू हो चुका है और याचिकाकर्ता द्वारा जमानत देने के लिए कोई नया आधार नहीं दिखाया गया है। जस्टिस दिव्येश ए जोशी ने अपने आदेश में कहा कि अभियोजन पक्ष ने इस बात की 'प्रबल आशंका' जताई है कि यदि आवेदक को जमानत पर रिहा किया जाता है तो सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने और...

पति की प्रेमिका पत्नी द्वारा क्रूरता का आरोप लगाने के लिए रिश्तेदार नहीं: गुजरात हाईकोर्ट ने दोहराया
पति की प्रेमिका पत्नी द्वारा क्रूरता का आरोप लगाने के लिए 'रिश्तेदार' नहीं: गुजरात हाईकोर्ट ने दोहराया

गुजरात हाईकोर्ट ने विवाहित व्यक्ति की कथित प्रेमिका के खिलाफ क्रूरता की FIR खारिज करते हुए दोहराया कि जिस महिला को पति की प्रेमिका बताया गया, उसे शिकायतकर्ता पत्नी द्वारा भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 498ए के तहत आरोप लगाने के लिए "रिश्तेदार" के रूप में शामिल नहीं किया जा सकता।याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि वह शिकायतकर्ता के पति की "प्रेमिका" है। इस आरोप के अलावा कि याचिकाकर्ता शिकायतकर्ता के पति के साथ संबंध में थी, उसके खिलाफ कोई अन्य आरोप नहीं लगाया गया।जस्टिस जे.सी. दोषी ने अपने आदेश में...

इंस्टिट्यूट फॉर प्लाज्मा रिसर्च राज्य नहीं, कर्मचारी रिट याचिका दायर नहीं कर सकते: गुजरात हाईकोर्ट
इंस्टिट्यूट फॉर प्लाज्मा रिसर्च 'राज्य' नहीं, कर्मचारी रिट याचिका दायर नहीं कर सकते: गुजरात हाईकोर्ट

इंस्ट‌िटयूट फॉर प्लाज्मा रिसर्च ने एक व्यक्ति की इंजीनियर के रूप में सर्विस समाप्त कर दी थी, जिसके खिलाफ उसने रिट पीटिशन दायर की थी, जिसे खारिज कर दिया गया। गुजरात हाईकोर्ट ने हाल में याचिका खारिज करने के उस फैसले को बरकरार रखा। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में यह आधार दिया कि संस्थान एक स्वतंत्र और स्वायत्त निकाय है और केवल इसलिए कि यह परमाणु ऊर्जा विभाग के अधिकार क्षेत्र में है, इसे 'राज्य' नहीं कहा जा सकता है।न्यायालय एकल न्यायाधीश के आदेश के खिलाफ अपील पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें कहा गया था कि...

गुजरात हाईकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पत्रकार महेश लांगा की जमानत याचिका पर नोटिस जारी किया
गुजरात हाईकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पत्रकार महेश लांगा की जमानत याचिका पर नोटिस जारी किया

गुजरात हाईकोर्ट ने बुधवार (16 अप्रैल) को पत्रकार महेश लांगा द्वारा दायर नियमित जमानत याचिका पर नोटिस जारी किया, जो पत्रकार के खिलाफ दर्ज दो धोखाधड़ी FIR के संबंध में दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दायर की गई, जिन्हें पूर्ववर्ती अपराध बताया गया।संदर्भ के लिए एक सेशन कोर्ट ने पिछले साल नवंबर में विज्ञापन एजेंसी चलाने वाले व्यक्ति द्वारा दायर की गई शिकायत पर उनके खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी की FIR में लांगा को अग्रिम जमानत दे दी थी। अदालत ने यह देखते हुए जमानत दी थी कि FIR की सामग्री के अनुसार पक्षों के बीच...

NEET-UG 2025 | दस्तावेजों की अनुपलब्धता के कारण ऑनलाइन आवेदन न करने से पोर्टल दोबारा खोलने का कोई अधिकार नहीं बनता: गुजरात हाईकोर्ट
NEET-UG 2025 | दस्तावेजों की अनुपलब्धता के कारण ऑनलाइन आवेदन न करने से पोर्टल दोबारा खोलने का कोई अधिकार नहीं बनता: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने NEET-UG 2025 की अभ्यर्थी द्वारा दाखिल की गई याचिका खारिज की, जिसमें आवेदन पोर्टल को दोबारा खोलने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता आवश्यक दस्तावेज़ समयसीमा के भीतर न मिलने के कारण आवेदन नहीं कर सकी थी।इस पर कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता ने पोर्टल को दोबारा खोलने के लिए कोई असाधारण परिस्थिति प्रस्तुत नहीं की, केवल इसलिए कि वह आवश्यक दस्तावेज़ समय पर अपलोड नहीं कर पाई, यह उसे यह अधिकार नहीं देता कि वह अधिकारियों को पोर्टल दोबारा खोलने का निर्देश दिलवा सके।जस्टिस निर्जर एस. देसाई ने...

गुजरात हाईकोर्ट ने 2015-2022 तक के कुछ अभिलेखों को नष्ट करने के लिए नोटिस जारी किया; पक्षकारों को समय-सीमा से पहले प्रतियां एकत्र करने की सलाह दी
गुजरात हाईकोर्ट ने 2015-2022 तक के कुछ अभिलेखों को नष्ट करने के लिए नोटिस जारी किया; पक्षकारों को समय-सीमा से पहले प्रतियां एकत्र करने की सलाह दी

गुजरात हाईकोर्ट ने सभी संबंधित पक्षों और वकीलों को औपचारिक नोटिस जारी किया, जिसमें उन्हें गुजरात हाईकोर्ट नियम 1993 के अध्याय XV, नियम 162 से 169A(I) और (II) के तहत न्यायिक अभिलेखों के प्रस्तावित विनाश के बारे में सूचित किया गया।गुजरात हाईकोर्ट नियम के नियम 169A(II) के अनुसार हाईकोर्ट की रजिस्ट्री ने कहा कि अपीलीय या मूल साइड स्टाम्प क्रमांकित मुख्य मामलों के कागजात साथ ही इसके आई.ए. जिनका 01.01.2015 से 31.12.2022 की अवधि के दौरान पंजीकरण से इनकार करने के कारण निपटारा किया गया या जिन्हें चूक के...