दिल्ली हाईकोर्ट

BREAKING | हाईकोर्ट ने उदयपुर फाइल्स फिल्म की रिलीज़ पर लगाई रोक, केंद्र से फैसला लेने को कहा
BREAKING | हाईकोर्ट ने 'उदयपुर फाइल्स' फिल्म की रिलीज़ पर लगाई रोक, केंद्र से फैसला लेने को कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने विवादास्पद फिल्म "उदयपुर फाइल्स: कन्हैया लाल टेलर मर्डर" की रिलीज़ पर रोक लगा दी। इस रोक के साथ ही इस्लामी धर्मगुरुओं के संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद और अन्य याचिकाकर्ताओं को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) द्वारा फिल्म के लिए दिए गए प्रमाणन के खिलाफ केंद्र सरकार से संशोधन का अनुरोध करने की अनुमति मिल गई।बता दें, केंद्र सरकार जब तक याचिकाकर्ता की संशोधन याचिका पर अंतरिम राहत पर फैसला नहीं ले लेती, तब तक हाईकोर्ट ने फिल्म की रिलीज़ पर रोक लगा दी। यह फिल्म उदयपुर के दर्जी...

यूट्यूबर मोहक मंगल की दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका, ANI की ओर से दायर कॉपीराइट और ट्रेडमार्क उल्लंघन के मुकदमे को हाईकोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग
यूट्यूबर मोहक मंगल की दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका, ANI की ओर से दायर कॉपीराइट और ट्रेडमार्क उल्लंघन के मुकदमे को हाईकोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग

यूट्यूबर मोहक मंगल ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की है, और एशियन न्यूज़ इंटरनेशनल (ANI) की ओर से अपने खिलाफ पटियाला हाउस कोर्ट में दायर कॉपीराइट और ट्रेडमार्क उल्लंघन के मुकदमे को हाईकोर्ट में स्थानांतरित करने की मांग की है। ज‌स्टिस अनूप जयराम भंभानी ने गुरुवार को मामले की संक्षिप्त सुनवाई। उन्होंने सवाल किया कि क्या स्थानांतरण याचिका पर वह सुनवाई कर सकते हैं, क्योंकि वाणिज्यिक न्यायालय अधिनियम के अनुसार, मामले की सुनवाई एक खंडपीठ द्वारा की जानी है।ANI की ओर से पेश हुए एडवोकेट सिद्धांत...

सज़ा का उद्देश्य अंतहीन कारावास नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने समयपूर्व रिहाई की मांग कर रहे आजीवन कारावास की सजा पाए दोषी को दी राहत
सज़ा का उद्देश्य अंतहीन कारावास नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने समयपूर्व रिहाई की मांग कर रहे आजीवन कारावास की सजा पाए दोषी को दी राहत

दिल्ली हाईकोर्ट ने 2003 में आठ साल की बच्ची के साथ बलात्कार और हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा पाए व्यक्ति को राहत प्रदान की, जिसकी समयपूर्व रिहाई की याचिका सजा समीक्षा बोर्ड (SRB) ने खारिज कर दी थी।जस्टिस गिरीश कठपालिया ने कहा कि दोषी द्वारा किया गया अपराध जघन्य था लेकिन उसे इसके लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई और वह पहले ही 24 साल जेल में बिता चुका है।न्यायालय ने कहा,"किसी अपराध की सज़ा की भी अपनी सीमाएं होनी चाहिए अन्यथा वह सज़ा अपने आप में गलत और अनुत्पादक हो जाएगी। सज़ा का...

नकल का दाग करियर पर डालता है बुरा असर, उम्मीदवार को दी जाए पूरी जानकारी व CCTV फुटेज: दिल्ली हाईकोर्ट
नकल का दाग करियर पर डालता है बुरा असर, उम्मीदवार को दी जाए पूरी जानकारी व CCTV फुटेज: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में डॉक्टर के पक्ष में फैसला सुनाया, जिसकी उम्मीदवारी नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन्स इन मेडिकल साइंसेज़ (NBEMS) द्वारा रद्द कर दी गई थी। साथ ही दो वर्षों के लिए परीक्षा में बैठने से प्रतिबंधित कर दिया गया था। बता दें, यह कार्रवाई परीक्षा के दौरान अनुचित साधनों के उपयोग के कथित आरोपों के आधार पर की गई, जिनका कोई पुख्ता प्रमाण नहीं था।जस्टिस विकास माहाजन ने कहा कि अनुचित साधनों में लिप्त होने का आरोप गंभीर कलंक है, जो उम्मीदवार के करियर को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।...

दिल्ली हाईकोर्ट ने 1984 में ₹15,000 की रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार 90 वर्षीय व्यक्ति को राहत दी
दिल्ली हाईकोर्ट ने 1984 में ₹15,000 की रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार 90 वर्षीय व्यक्ति को राहत दी

41 साल पुराने भ्रष्टाचार के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने 90 वर्षीय व्यक्ति को राहत प्रदान की। उक्त मामले कथित आरोप केवल एक दिन के लिए हिरासत में रहा और मुकदमे व अपील के लंबित रहने के दौरान जमानत पर रहा। उसकी सजा को पहले ही बिताई गई अवधि तक कम कर दिया गया।भारतीय राज्य व्यापार निगम (STCI) में मुख्य विपणन प्रबंधक के पद पर कार्यरत सुरेंद्र कुमार को 1984 में एक फर्म के साझेदार से 15,000 रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। कुमार को गिरफ्तारी के तुरंत बाद जमानत पर रिहा कर दिया गया...

आपराधिक शिकायत शुरू करने के अधिकार पर सुप्रीम कोर्ट का एआर अंतुले का फैसला रिट याचिकाओं पर लागू नहीं होता: दिल्ली हाईकोर्ट
आपराधिक शिकायत शुरू करने के अधिकार पर सुप्रीम कोर्ट का एआर अंतुले का फैसला रिट याचिकाओं पर लागू नहीं होता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में रियल एस्टेट कंपनी मेसर्स आईआरईओ रेजिडेंसेज के खिलाफ अदालत की निगरानी में प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जांच कराने की मांग वाली कई रिट याचिकाओं को जुर्माने के साथ खारिज कर दिया, जिसमें कथित तौर पर घर खरीदारों को धोखा देने और ₹4,000 करोड़ से अधिक की धनराशि की हेराफेरी करने का आरोप लगाया गया था।जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा ने कहा कि याचिकाकर्ता न तो घर खरीदार था और न ही कंपनी के कथित कृत्यों से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित था।उन्होंने कहा,“याचिकाकर्ता पीड़ित...

राष्ट्रीय सुरक्षा के संरक्षण के मामलों प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत को झुकना होगाः दिल्ली हाईकोर्ट ने सेलेबी की मंजूरी रद्द करने के फैसले को बरकरार रखा
राष्ट्रीय सुरक्षा के संरक्षण के मामलों प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत को झुकना होगाः दिल्ली हाईकोर्ट ने सेलेबी की मंजूरी रद्द करने के फैसले को बरकरार रखा

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को तुर्की स्थित कंपनी सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड की केंद्र द्वारा उसकी सुरक्षा मंज़ूरी रद्द करने के ख़िलाफ़ दायर याचिका को खारिज करते हुए कहा कि प्राकृतिक न्याय एक महत्वपूर्ण संवैधानिक सिद्धांत है, हालांकि "राज्य की सुरक्षा" के मामलों में, राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए प्राकृतिक न्याय को प्राथमिकता देनी होगी।जस्टिस सचिन दत्ता ने अपने आदेश में कहा कि वर्तमान मामले में, प्रासंगिक जानकारी के अवलोकन से यह पता चला है कि इसमें "राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े...

देश को धर्म के आधार पर बांटना चाहते थे, जेल में रहना बेहतर: दिल्ली दंगा UAPA केस में पुलिस ने हाईकोर्ट में जमानत का विरोध किया
'देश को धर्म के आधार पर बांटना चाहते थे, जेल में रहना बेहतर': दिल्ली दंगा UAPA केस में पुलिस ने हाईकोर्ट में जमानत का विरोध किया

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष 2020 के दिल्ली दंगों के "बड़े षड्यंत्र" मामले में उमर खालिद, शरजील इमाम और अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं का विरोध करते हुए कहा, "यदि आप राष्ट्र के खिलाफ कुछ कर रहे हैं, तो बेहतर होगा कि आप बरी या दोषी ठहराए जाने तक जेल में रहें।कुछ समय तक मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने उमर खालिद, शरजील इमाम, मोहम्मद अली खान और मोहम्मद अली खान की जमानत याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। सलीम खान, शिफा उर रहमान, अतहर खान, खालिद सैफी और गुलफिशा फातिमा।...

Liquor Policy Case: समन के खिलाफ अरविंद केजरीवाल की याचिकाओं पर हाईकोर्ट ने ED से मांगा जवाब
Liquor Policy Case: समन के खिलाफ अरविंद केजरीवाल की याचिकाओं पर हाईकोर्ट ने ED से मांगा जवाब

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को आम आदमी पार्टी (AAP) प्रमुख अरविंद केजरीवाल द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें कथित शराब नीति घोटाले से संबंधित धन शोधन मामले में उन्हें जारी समन को बरकरार रखने वाले निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी गई।जस्टिस रविंदर डुडेजा ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जवाब मांगा और उसे छह सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।ED की ओर से पेश हुए वकील ने शुरुआत में ही केजरीवाल की याचिका की स्वीकार्यता पर प्रारंभिक आपत्ति जताई। यह दलील दी गई कि यह याचिका...

दिल्ली में जारी OBC सर्टिफिकेट को माइग्रेंट नहीं माना जा सकता, भले ही वह पिता के अन्य राज्य के सर्टिफिकेट पर आधारित हो: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली में जारी OBC सर्टिफिकेट को 'माइग्रेंट' नहीं माना जा सकता, भले ही वह पिता के अन्य राज्य के सर्टिफिकेट पर आधारित हो: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में दिल्ली सरकार द्वारा एक उम्मीदवार को जारी OBC सर्टिफिकेट को केवल इसलिए 'माइग्रेंट' मानने से इनकार कर दिया, क्योंकि वह उसके पिता के उत्तर प्रदेश में जारी जाति सर्टिफिकेट के आधार पर बना था। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि जब सर्टिफिकेट दिल्ली के अधिकारियों द्वारा जारी किया गया तो उसे माइग्रेंट प्रमाणपत्र नहीं कहा जा सकता।जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस अजय दिग्पौल की खंडपीठ ने कहा,“प्रमाणपत्र को जैसा है, वैसा ही पढ़ा जाना चाहिए। इसमें यह कहीं नहीं लिखा कि यह माइग्रेंट के तौर...

स्वागत रेस्टोरेंट ने ट्रेडमार्क उल्लंघन का आरोप लगाते हुए तेलंगाना स्थित होटल सीरीज के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया
स्वागत रेस्टोरेंट ने ट्रेडमार्क उल्लंघन का आरोप लगाते हुए तेलंगाना स्थित होटल सीरीज के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया

दिल्ली की लोकप्रिय रेस्टोरेंट सीरीज ने 'स्वागत' नाम के इस्तेमाल को लेकर ट्रेडमार्क उल्लंघन का आरोप लगाते हुए तेलंगाना स्थित होटल ग्रुप के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया।जस्टिस अमित बंसल ने रेस्टोरेंट के मुकदमे और अंतरिम निषेधाज्ञा आवेदन, साथ ही होटल समूह के ट्रेडमार्क को रद्द करने की मांग वाली सुधार याचिका दोनों पर नोटिस जारी किए।स्वागत नई दिल्ली और आसपास के इलाकों में फ्रैंचाइज़ी आधार पर होटल चलाता है।होटल स्वागत का दावा है कि वह 1991 से तेलंगाना में कार्यरत है। वर्तमान में विवादित नाम से 11...

उदयपुर फाइल्स विवाद: CBFC ने कहा- आपत्तिजनक हिस्से फिल्म से हटाए गए, दिल्ली हाईकोर्ट ने निर्माता को आज ही स्क्रीनिंग करने का निर्देश दिया
उदयपुर फाइल्स विवाद: CBFC ने कहा- आपत्तिजनक हिस्से फिल्म से हटाए गए, दिल्ली हाईकोर्ट ने निर्माता को आज ही स्क्रीनिंग करने का निर्देश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार (9 जुलाई) को 'Udaipur Files: Kanhaiya Lal Tailor Murder' फिल्म से संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान सेंसर बोर्ड (CBFC) के इस बयान के बाद कि फिल्म के आपत्तिजनक हिस्सों को हटा दिया गया, फिल्म निर्माता को निर्देश दिया कि पक्षकारों के वकीलों के लिए आज ही फिल्म की स्क्रीनिंग आयोजित की जाए।यह मामला जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) सहित कई याचिकाओं से जुड़ा है, जिसमें फिल्म के खिलाफ हेट स्पीच और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के आधार...

दिल्ली दंगे: पुलिस का कहा- UAPA के तहत ज़मानत के लिए सिर्फ़ देरी कोई कारण नहीं, हाईकोर्ट ने तस्लीम अहमद की ज़मानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा
दिल्ली दंगे: पुलिस का कहा- UAPA के तहत ज़मानत के लिए सिर्फ़ देरी कोई कारण नहीं, हाईकोर्ट ने तस्लीम अहमद की ज़मानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को UAPA मामले में आरोपी तस्लीम अहमद की ज़मानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया। तस्लीम अहमद ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों में बड़ी साज़िश का आरोप लगाया था।जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की खंडपीठ ने अहमद की ओर से वकील महमूद प्राचा और दिल्ली पुलिस की ओर से एसपीपी अमित प्रसाद की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया।बता दें, मंगलवार को प्राचा ने मुकदमे में देरी के आधार पर दलीलें पेश करते हुए कहा कि उन्होंने निचली अदालत से एक दिन की भी...

भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कॉल इंटरसेप्शन वैध, अपराध की आर्थिक गंभीरता सार्वजनिक सुरक्षा की कसौटी पर खरी उतरनी चाहिए: दिल्ली हाईकोर्ट
भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कॉल इंटरसेप्शन वैध, अपराध की आर्थिक गंभीरता 'सार्वजनिक सुरक्षा' की कसौटी पर खरी उतरनी चाहिए: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा कॉल और संदेशों को इंटरसेप्ट करने के खिलाफ एक आरोपी द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया है कि भ्रष्टाचार का देश की अर्थव्यवस्था पर व्यापक प्रभाव पड़ता है। ज‌स्टिस अमित महाजन ने आकाश दीप चौहान द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 120 बी के तहत उनके खिलाफ आरोप तय करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी, जिसे भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 9 के साथ पढ़ा जाए। ...

दिल्ली दंगों को पांच साल हो गए, किसी व्यक्ति को कितने समय तक जेल में रखा जा सकता है? तस्लीम अहमद की जमानत पर याचिका हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस से पूछा
दिल्ली दंगों को पांच साल हो गए, किसी व्यक्ति को कितने समय तक जेल में रखा जा सकता है? तस्लीम अहमद की जमानत पर याचिका हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस से पूछा

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली पुलिस से पूछा कि 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों को पांच साल हो गए, तो किसी आरोपी को कितने समय तक जेल में रखा जा सकता है?जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की खंडपीठ ने दंगों के लिए बड़ी साजिश का आरोप लगाने वाले UAPA मामले में आरोपी तस्लीम अहमद की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली पुलिस के एसपीपी अमित प्रसाद से यह सवाल पूछा।अहमद की ओर से पेश हुए एडवोकेट महमूद प्राचा द्वारा मुकदमे में देरी के आधार पर दलीलें दिए जाने के बाद यह सवाल...

लक्ष्मी पुरी मानहानि मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने साकेत गोखले के माफ़ीनामे पर आपत्ति जताई, नए सिरे से दाखिल करने को कहा
लक्ष्मी पुरी मानहानि मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने साकेत गोखले के माफ़ीनामे पर आपत्ति जताई, नए सिरे से दाखिल करने को कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद साकेत गोखले द्वारा संयुक्त राष्ट्र में भारत की पूर्व सहायक महासचिव लक्ष्मी पुरी को बदनाम करने के लिए दायर माफ़ीनामे को रिकॉर्ड पर लेने से इनकार किया।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रेणु भटनागर की खंडपीठ ने कहा कि हलफ़नामे की कुछ सामग्री रिकॉर्ड पर नहीं ली जा सकती।जजों ने गोखले के वकील सीनियर एडवोकेट अमित सिब्बल से कहा,"ऐसा नहीं किया जा सकता... आप पहले इस हलफ़नामे को वापस लें, फिर हम आपकी बात सुनेंगे।"पुरी ने गोखले के ट्वीट पर...

बिरकेनस्टॉक को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत, जॉन डो आदेश जारी – नकली माल की जांच के लिए लोक आयुक्तों की नियुक्ति
बिरकेनस्टॉक को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत, जॉन डो आदेश जारी – नकली माल की जांच के लिए लोक आयुक्तों की नियुक्ति

दिल्ली हाईकोर्ट ने मशहूर फुटवियर ब्रांड बिरकेनस्टॉक के पक्ष में जॉन डो आदेश (John Doe Order) पारित करते हुए नकली उत्पाद बेचने वाले दुकानदारों और वितरकों के ठिकानों की जांच के लिए लोक आयुक्तों (Local Commissioners) की नियुक्ति का आदेश दिया।जस्टिस सौरभ बनर्जी की एकल पीठ ने प्रतिवादी दुकानदारों, वितरकों, विक्रेताओं, आयातकों, निर्यातकों और फ्रेंचाइज़ियों को Birkenstock ट्रेडमार्क या उसके ट्रेड ड्रेस के तहत किसी भी उत्पाद को बेचने प्रचारित करने या व्यवसाय में लाने से अंतरिम रूप से रोक दिया।यह आदेश...

325 दिन की देरी पर फटकार: गंभीर अपराधों में अपील में देरी पीड़ितों के न्याय के अधिकार पर कुठाराघात- दिल्ली हाईकोर्ट
325 दिन की देरी पर फटकार: गंभीर अपराधों में अपील में देरी पीड़ितों के न्याय के अधिकार पर कुठाराघात- दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने अहम फैसले में कहा कि गंभीर आपराधिक मामलों में राज्य सरकार द्वारा अपील दाखिल करने में की गई देरी विशेषकर तब जब पीड़ित समाज के हाशिए या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आता हो, उसके निष्पक्ष न्याय के अधिकार को नुकसान पहुंचाती है।जस्टिस स्वराणा कांता शर्मा की पीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा,“पीड़ितों के पास स्वतंत्र रूप से कानूनी उपाय अपनाने के साधन नहीं होते और वे राज्य प्रणाली पर न्याय के लिए निर्भर रहते हैं। ऐसे में अगर राज्य समय पर अपील नहीं करता तो यह केवल प्रक्रियात्मक चूक नहीं...

कन्हैया लाल हत्याकांड पर बनी फिल्म उदयपुर फाइल्स की रिलीज के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचा जमीयत उलेमा-ए-हिंद
कन्हैया लाल हत्याकांड पर बनी फिल्म 'उदयपुर फाइल्स' की रिलीज के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचा जमीयत उलेमा-ए-हिंद

दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई, जिसमें नफरत फैलाने वाले भाषण और सांप्रदायिक सद्भाव के आधार पर 11 जुलाई को सिनेमाघरों में आने वाली फिल्म “उदयपुर फाइल्स” की रिलीज पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई।जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी द्वारा दायर याचिका में फिल्म को सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए सीबीएफसी द्वारा दिए गए प्रमाण पत्र को भी चुनौती दी गई।यह प्रस्तुत किया गया कि फिल्म का ट्रेलर ऐसे संवादों और उदाहरणों से भरा हुआ है, जो सांप्रदायिक वैमनस्य को बढ़ावा देते हैं। इसलिए इसमें...

2020 दिल्ली दंगे मामले में केस डायरी सुरक्षित रखने की देवांगना कलीता की याचिका पर हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
2020 दिल्ली दंगे मामले में केस डायरी सुरक्षित रखने की देवांगना कलीता की याचिका पर हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को देवांगना कलिता की याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।कलिता ने 6 नवंबर, 2024 के ट्रायल कोर्ट के आदेश को रद्द करने की मांग करते हुए हाईकोर्ट का रुख किया था, जिसने उनके अनुरोध को अस्वीकार कर दिया था और दिल्ली पुलिस को 'राज्य बनाम राज्य बनाम भारत मामले' की जांच के संबंध में बनाई गई पुस्तिकाओं 9989 और 9990 को फिर से बनाने और संरक्षित करने का निर्देश दिया था। थाना-जाफराबाद में दर्ज एफआईआर संख्या 48/2020 में फैजान और अन्य। पक्षकारों की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस रविंदर...