दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला: रोलेक्स घड़ी व्यक्तिगत उपयोग के लिए, कॉमर्शियल क्वांटिटी नहीं
दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला: रोलेक्स घड़ी व्यक्तिगत उपयोग के लिए, कॉमर्शियल क्वांटिटी नहीं

दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि एयर पैसेंजर से जब्त की गई रोलेक्स घड़ी को कॉमर्शियल क्वांटिटी नहीं माना जा सकता।जस्टिस प्रतीभा एम. सिंह और शैल जैन की खंडपीठ ने कहा,“स्पष्ट है कि एक रोलेक्स घड़ी को कॉमर्शियल क्वांटिटी नहीं माना जा सकता और इसे व्यक्तिगत उपयोग के लिए रखा जा सकता है।”यह आदेश दुबई निवासी एक यात्री की याचिका पर आया, जिसकी एक रोलेक्स घड़ी भारत आगमन पर कस्टम द्वारा बिना घोषणा के आरोप में जब्त कर ली गई।यात्री को 1,80,000 का जुर्माना अदा कर घड़ी को री-एक्सपोर्ट (पुनः निर्यात) करने की...

न्यूजलॉन्ड्री और रविश कुमार ने अडानी ग्रुप के खिलाफ कंटेंट हटाने के आदेश को चुनौती दी, गुरुवार को होगी सुनवाई
न्यूजलॉन्ड्री और रविश कुमार ने अडानी ग्रुप के खिलाफ कंटेंट हटाने के आदेश को चुनौती दी, गुरुवार को होगी सुनवाई

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार (22 सितंबर) को डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म न्यूजलॉन्ड्री और पत्रकार रविश कुमार द्वारा केंद्र सरकार के उस निर्देश को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई को गुरुवार (25 सितंबर) तक स्थगित कर दिया। केंद्र सरकार ने डिजिटल मीडिया प्रकाशकों से अडानी समूह के संबंध में प्रकाशित कई रिपोर्ट और वीडियो हटाने का आदेश दिया था।न्यूजलॉन्ड्री की ओर से सीनियर एडवोकेट सौरभ किरपाल ने जस्टिस सचिन दत्ता को बताया कि हाईकोर्ट में यह याचिका अधिकारों की सीमा पर आधारित है, जबकि मुख्य मामला अंतरिम...

दिल्ली हाईकोर्ट में तिहाड़ जेल से अफ़ज़ल गुरु और मक़बूल भट्ट की कब्रें हटाने की PIL दायर
दिल्ली हाईकोर्ट में तिहाड़ जेल से अफ़ज़ल गुरु और मक़बूल भट्ट की कब्रें हटाने की PIL दायर

दिल्ली हाईकोर्ट में एक पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (PIL) दायर की गई है, जिसमें तिहाड़ जेल, दिल्ली से आतंकवाद संबंधी अपराधों के लिए फांसी पाए मोहम्मद मक़बूल भट्ट और मोहम्मद अफ़ज़ल गुरु की कब्रों को हटाने की मांग की गई है। वैकल्पिक रूप से, यह भी प्रार्थना की गई है कि उनके अवशेषों को कानून के अनुसार किसी गुप्त स्थान पर स्थानांतरित किया जाए, “ताकि आतंकवाद की महिमा फैलने और जेल परिसर के दुरुपयोग को रोका जा सके।”याचिका, जो “विश्व वैदिक सनातन संघ” के माध्यम से दायर की गई है, में कहा गया है कि राज्य...

गिरोह के सदस्य के खिलाफ FIR का संज्ञान MCOCA लगाने के लिए पर्याप्त, दोषसिद्धि आवश्यक नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
गिरोह के सदस्य के खिलाफ FIR का 'संज्ञान' MCOCA लगाने के लिए पर्याप्त, दोषसिद्धि आवश्यक नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि कोई मजिस्ट्रेट किसी व्यक्ति के खिलाफ 'गिरोह के सदस्य' के रूप में दर्ज दो या अधिक FIR का संज्ञान लेता है तो कठोर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम, 1999 लागू किया जा सकता है और ऐसी कोई पूर्व शर्त नहीं है कि ऐसी FIR के परिणामस्वरूप दोषसिद्धि हो।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने यह टिप्पणी मकोका के तहत 6 साल से अधिक समय से न्यायिक हिरासत में बंद एक आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए की।याचिकाकर्ता ने दावा किया कि उसे 2018 में हत्या की साजिश रचने के आरोप...

आरोप-पत्र जारी न होने तक लंबित अनुशासनात्मक कार्यवाही के आधार पर निलंबन तब तक नहीं बढ़ाया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
आरोप-पत्र जारी न होने तक लंबित अनुशासनात्मक कार्यवाही के आधार पर निलंबन तब तक नहीं बढ़ाया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की दिल्ली हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कहा कि अनुशासनात्मक कार्यवाही लंबित होने के आधार पर निलंबन को वैध रूप से तब तक नहीं बढ़ाया जा सकता, जब तक कि आरोप-पत्र जारी न कर दिया गया हो। इस गलत आधार पर किया गया विस्तार अमान्य है, जिससे कर्मचारी को बहाली का अधिकार मिल जाता है।पृष्ठभूमि तथ्ययाचिकाकर्ता को केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1965 के नियम 10(1)(क) के तहत 28 फरवरी, 2025 के आदेश द्वारा निलंबित कर दिया गया था। उन्हें इस आधार पर...

चार्जशीट या निलंबन के बिना सील्ड कवर प्रक्रिया लागू नहीं की जा सकती: दिल्ली हाईकोर्ट
चार्जशीट या निलंबन के बिना सील्ड कवर प्रक्रिया लागू नहीं की जा सकती: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि पदोन्नति मामलों में सील्ड कवर प्रक्रिया केवल तभी अपनाई जा सकती है, जब कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही में चार्जशीट जारी की गई हो, आपराधिक अभियोजन में आरोपपत्र दाखिल हुआ हो या वह निलंबित किया गया हो। महज़ FIR दर्ज होने या जांच लंबित रहने की स्थिति में यह प्रक्रिया लागू नहीं की जा सकती।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस मधु जैन की खंडपीठ ने यह निर्णय उस याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया, जिसमें केंद्र सरकार ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) के आदेश को चुनौती दी थी।...

न कोई पीड़ित, न कोई अपराधी: दिल्ली हाईकोर्ट ने नाबालिग पत्नी से संबंध के मामले में पति को दी अंतरिम जमानत
न कोई पीड़ित, न कोई अपराधी: दिल्ली हाईकोर्ट ने नाबालिग पत्नी से संबंध के मामले में पति को दी अंतरिम जमानत

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक 24 वर्षीय युवक को पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act) के मामले में अंतरिम जमानत दी। यह मामला तब सामने आया, जब दिल्ली पुलिस ने दावा किया कि उनकी शादी से पहले उनके आपसी सहमति से बने संबंध के समय उसकी पत्नी नाबालिग थी, जिससे उसकी सहमति कानूनी रूप से अप्रासंगिक हो गई।जस्टिस अरुण मोंगा ने इस मामले को अजीब बताते हुए कहा कि इसमें न तो कोई पीड़ित है, न कोई अपराधी और न ही कोई शिकायतकर्ता। फिर भी 24 वर्षीय आरोपी कानून के घेरे में है। कोर्ट ने यह भी कहा कि इस मामले को और भी खास बनाता है कि...

लोकतंत्र पर दुखद टिप्पणी: दिल्ली हाईकोर्ट DUSU उम्मीदवारों के बड़े वाहनों व JCB इस्तेमाल से नाराज़
"लोकतंत्र पर दुखद टिप्पणी: दिल्ली हाईकोर्ट DUSU उम्मीदवारों के बड़े वाहनों व JCB इस्तेमाल से नाराज़"

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों द्वारा 'बड़ी कारों' और जेसीबी के इस्तेमाल पर शुक्रवार को निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने पिछले साल की स्थिति से कोई सबक नहीं सीखा।चीफ़ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने स्थिति को 'दर्दनाक' बताते हुए टिप्पणी की: उन्होंने कहा, 'यह बहुत दुखद है, स्थिति पर एक दुखद टिप्पणी है, समाज के हमारे लोकतांत्रिक कामकाज पर एक दुखद टिप्पणी है, यहां के संस्थानों के लोकतांत्रिक कामकाज पर एक दुखद...

1990 से छह सरकारों ने कश्मीर मसले पर मुझसे संवाद किया: यासीन मलिक ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा
'1990 से छह सरकारों ने कश्मीर मसले पर मुझसे संवाद किया': यासीन मलिक ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा

कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक, जिन्हें 2022 में NIA कोर्ट ने आतंकी फंडिंग और भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई थी, ने दिल्ली हाईकोर्ट में दावा किया है कि 1990 से लेकर मनमोहन सिंह सरकार तक छह लगातार प्रधानमंत्रियों (वी.पी. सिंह, चंद्रशेखर, पी.वी. नरसिम्हा राव, एच.डी. देवगौड़ा, आई.के. गुजराल, अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह) से उनका "वर्किंग रिलेशनशिप" रहा।यासीन ने लिखित जवाब में कहा कि उन्हें कई बार कश्मीर और क्षेत्रीय स्थिरता पर संवाद के लिए बुलाया गया...

न्यूज़लॉन्ड्री ने अडानी कंपनियों के खिलाफ कंटेंट हटाने को हाईकोर्ट में चुनौती दी
न्यूज़लॉन्ड्री ने अडानी कंपनियों के खिलाफ कंटेंट हटाने को हाईकोर्ट में चुनौती दी

डिजिटल न्यूज प्लेटफ़ॉर्म न्यूज़लॉन्ड्री ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) द्वारा जारी उस निर्देश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी, जिसमें डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म को अडानी ग्रुप की कंपनियों से संबंधित कई रिपोर्ट और वीडियो हटाने के लिए कहा गया।यह मामला जस्टिस सचिन दत्ता की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध था। हालांकि, इस पर सुनवाई नहीं हुई और अब इसे सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया।अनुच्छेद 226 के तहत दायर रिट याचिका में न्यूज़लॉन्ड्री ने 16 सितंबर को मंत्रालय द्वारा न्यूज़लॉन्ड्री के साथ-साथ ध्रुव...

इससे अधिक गंभीर कुछ नहीं: नाबालिग बेटी से रेप के आरोपी पिता की जमानत दिल्ली हाईकोर्ट ने रद्द की
इससे अधिक गंभीर कुछ नहीं: नाबालिग बेटी से रेप के आरोपी पिता की जमानत दिल्ली हाईकोर्ट ने रद्द की

दिल्ली हाईकोर्ट ने व्यक्ति की जमानत रद्द की, जिस पर कई वर्षों तक अपनी नाबालिग बेटी के साथ बार-बार दुष्कर्म करने, उसे पोर्न देखने के लिए मजबूर करने और उसकी मां को उसके सामने गाली देकर डराने का आरोप है।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कहा, "किसी बच्चे के लिए इससे अधिक गंभीर कुछ नहीं हो सकता कि जिस पिता ने उसे जन्म दिया और जिसकी पवित्र जिम्मेदारी उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की है वही उसका शोषण करे।"अदालत ने कहा कि सेशन कोर्ट ने इतने गंभीर मामले में गिरफ्तारी के मात्र नौ दिन के भीतर जमानत देकर खुद को...

दत्तक माता-पिता को यौन शोषण और क्रूरता का दोषी, दिल्ली हाईकोर्ट ने मानव तस्करी के पहलू की अनदेखी पर पुलिस को फटकारा
दत्तक माता-पिता को यौन शोषण और क्रूरता का दोषी, दिल्ली हाईकोर्ट ने मानव तस्करी के पहलू की अनदेखी पर पुलिस को फटकारा

दत्तक माता-पिता को यौन शोषण और क्रूरता का दोषी, दिल्ली हाईकोर्ट ने मानव तस्करी के पहलू की अनदेखी पर पुलिस को फटकारा दिल्ली हाईकोर्ट ने नाबालिग बच्ची के दत्तक माता-पिता को क्रूरता और यौन उत्पीड़न का दोषी ठहराया। न्यायालय ने कहा कि यह मामला बच्चों की तस्करी से जुड़ा हो सकता है। इस पहलू की अनदेखी करने पर पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल उठाए हैं।जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने अपनी टिप्पणी में कहा कि जांच अधिकारी ने बच्ची के जैविक माता-पिता को ढूंढने का कोई प्रयास नहीं किया और न ही यह जांच की गई कि बच्ची...

डाबर च्यवनप्राश विज्ञापन मामले में पतंजलि को राहत नहीं, हाईकोर्ट ने अपील पर उठाए सवाल
डाबर च्यवनप्राश विज्ञापन मामले में पतंजलि को राहत नहीं, हाईकोर्ट ने अपील पर उठाए सवाल

पतंजलि आयुर्वेद ने दिल्ली हाईकोर्ट में एकल जज के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें उसे डाबर के च्यवनप्राश उत्पाद का कथित रूप से अपमान करने वाले विज्ञापन चलाने से रोक दिया गया था।मामले की सुनवाई जस्टिस सी. हरिशंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने की।शुरुआत में कोर्ट ने पतंजलि का प्रतिनिधित्व कर रहे सीनियर एडवोकेट जयंत मेहता से मौखिक रूप से कहा कि सिंगल जज का आदेश विवेकाधीन प्रकृति का है। उसके खिलाफ अपील में बैठने का कोई कारण नहीं है।कोर्ट ने टिप्पणी की,“आपने च्यवनप्राश बनाने वाले सभी लोगों को...

आरोपी द्वारा आत्म-दोषपूर्ण तथ्य न बताना, स्वीकारोक्ति से इनकार करना असहयोग नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
आरोपी द्वारा आत्म-दोषपूर्ण तथ्य न बताना, स्वीकारोक्ति से इनकार करना असहयोग नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि किसी आरोपी द्वारा जांच अधिकारी द्वारा पूछे गए प्रश्नों का स्पष्ट उत्तर न देना या कोई भी स्वीकारोक्ति देने से इनकार करना असहयोग नहीं कहा जा सकता।जस्टिस अरुण मोंगा ने कहा कि किसी आरोपी द्वारा अपने विरुद्ध कोई भी आरोप लगाने वाली बात कहने से इनकार करना भी असहयोग नहीं कहा जा सकता।अदालत एक आरोपी द्वारा जबरन वसूली के मामले में अग्रिम ज़मानत की मांग करते हुए दायर याचिका पर विचार कर रहा था। यह FIR भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 384 (जबरन वसूली), 385 (जबरन वसूली के लिए किसी...

अरविंद केजरीवाल को नहीं मिल रहा सरकारी बंगला, दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र से कहा- मनमर्जी पर आधारित नहीं हो सकता
अरविंद केजरीवाल को नहीं मिल रहा सरकारी बंगला, दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र से कहा- 'मनमर्जी पर आधारित नहीं हो सकता'

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को टिप्पणी की कि आवासीय आवास का आवंटन पूरी तरह से अधिकारियों की मनमर्जी पर आधारित नहीं हो सकता, क्योंकि उसने आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को आवासीय आवास आवंटित करने की याचिका पर सुनवाई की।जस्टिस सचिन दत्ता ने केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के संयुक्त सचिव और संपदा निदेशालय के निदेशक को अगली सुनवाई की तारीख 25 सितंबर को वर्चुअल रूप से अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया।केंद्र सरकार के वकील ने अदालत को बताया कि 35, लोधी एस्टेट...

दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला आने तक NHAI द्वारा CLAT-PG अंकों के आधार पर वकीलों की भर्ती पर रोक लगाई
दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला आने तक NHAI द्वारा CLAT-PG अंकों के आधार पर वकीलों की भर्ती पर रोक लगाई

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार (18 सितंबर) को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की 11 अगस्त की अधिसूचना को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया, जिसमें कहा गया कि वकीलों की भर्ती के लिए CLAT-PG अंक आधार होंगे।अदालत ने याचिका पर फैसला सुनाए जाने तक NHAI द्वारा भर्ती पर भी रोक लगाई।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने सभी पक्षकारों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया।पिछली सुनवाई में NHAI ने हाईकोर्ट को बताया कि वह वकीलों की भर्ती के लिए...