दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने 1984 में ₹15,000 की रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार 90 वर्षीय व्यक्ति को राहत दी
41 साल पुराने भ्रष्टाचार के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने 90 वर्षीय व्यक्ति को राहत प्रदान की। उक्त मामले कथित आरोप केवल एक दिन के लिए हिरासत में रहा और मुकदमे व अपील के लंबित रहने के दौरान जमानत पर रहा। उसकी सजा को पहले ही बिताई गई अवधि तक कम कर दिया गया।भारतीय राज्य व्यापार निगम (STCI) में मुख्य विपणन प्रबंधक के पद पर कार्यरत सुरेंद्र कुमार को 1984 में एक फर्म के साझेदार से 15,000 रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। कुमार को गिरफ्तारी के तुरंत बाद जमानत पर रिहा कर दिया गया...
आपराधिक शिकायत शुरू करने के अधिकार पर सुप्रीम कोर्ट का एआर अंतुले का फैसला रिट याचिकाओं पर लागू नहीं होता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में रियल एस्टेट कंपनी मेसर्स आईआरईओ रेजिडेंसेज के खिलाफ अदालत की निगरानी में प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जांच कराने की मांग वाली कई रिट याचिकाओं को जुर्माने के साथ खारिज कर दिया, जिसमें कथित तौर पर घर खरीदारों को धोखा देने और ₹4,000 करोड़ से अधिक की धनराशि की हेराफेरी करने का आरोप लगाया गया था।जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा ने कहा कि याचिकाकर्ता न तो घर खरीदार था और न ही कंपनी के कथित कृत्यों से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित था।उन्होंने कहा,“याचिकाकर्ता पीड़ित...
राष्ट्रीय सुरक्षा के संरक्षण के मामलों प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत को झुकना होगाः दिल्ली हाईकोर्ट ने सेलेबी की मंजूरी रद्द करने के फैसले को बरकरार रखा
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को तुर्की स्थित कंपनी सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड की केंद्र द्वारा उसकी सुरक्षा मंज़ूरी रद्द करने के ख़िलाफ़ दायर याचिका को खारिज करते हुए कहा कि प्राकृतिक न्याय एक महत्वपूर्ण संवैधानिक सिद्धांत है, हालांकि "राज्य की सुरक्षा" के मामलों में, राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए प्राकृतिक न्याय को प्राथमिकता देनी होगी।जस्टिस सचिन दत्ता ने अपने आदेश में कहा कि वर्तमान मामले में, प्रासंगिक जानकारी के अवलोकन से यह पता चला है कि इसमें "राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े...
'देश को धर्म के आधार पर बांटना चाहते थे, जेल में रहना बेहतर': दिल्ली दंगा UAPA केस में पुलिस ने हाईकोर्ट में जमानत का विरोध किया
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष 2020 के दिल्ली दंगों के "बड़े षड्यंत्र" मामले में उमर खालिद, शरजील इमाम और अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं का विरोध करते हुए कहा, "यदि आप राष्ट्र के खिलाफ कुछ कर रहे हैं, तो बेहतर होगा कि आप बरी या दोषी ठहराए जाने तक जेल में रहें।कुछ समय तक मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने उमर खालिद, शरजील इमाम, मोहम्मद अली खान और मोहम्मद अली खान की जमानत याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। सलीम खान, शिफा उर रहमान, अतहर खान, खालिद सैफी और गुलफिशा फातिमा।...
Liquor Policy Case: समन के खिलाफ अरविंद केजरीवाल की याचिकाओं पर हाईकोर्ट ने ED से मांगा जवाब
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को आम आदमी पार्टी (AAP) प्रमुख अरविंद केजरीवाल द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें कथित शराब नीति घोटाले से संबंधित धन शोधन मामले में उन्हें जारी समन को बरकरार रखने वाले निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी गई।जस्टिस रविंदर डुडेजा ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जवाब मांगा और उसे छह सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।ED की ओर से पेश हुए वकील ने शुरुआत में ही केजरीवाल की याचिका की स्वीकार्यता पर प्रारंभिक आपत्ति जताई। यह दलील दी गई कि यह याचिका...
दिल्ली में जारी OBC सर्टिफिकेट को 'माइग्रेंट' नहीं माना जा सकता, भले ही वह पिता के अन्य राज्य के सर्टिफिकेट पर आधारित हो: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में दिल्ली सरकार द्वारा एक उम्मीदवार को जारी OBC सर्टिफिकेट को केवल इसलिए 'माइग्रेंट' मानने से इनकार कर दिया, क्योंकि वह उसके पिता के उत्तर प्रदेश में जारी जाति सर्टिफिकेट के आधार पर बना था। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि जब सर्टिफिकेट दिल्ली के अधिकारियों द्वारा जारी किया गया तो उसे माइग्रेंट प्रमाणपत्र नहीं कहा जा सकता।जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस अजय दिग्पौल की खंडपीठ ने कहा,“प्रमाणपत्र को जैसा है, वैसा ही पढ़ा जाना चाहिए। इसमें यह कहीं नहीं लिखा कि यह माइग्रेंट के तौर...
स्वागत रेस्टोरेंट ने ट्रेडमार्क उल्लंघन का आरोप लगाते हुए तेलंगाना स्थित होटल सीरीज के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया
दिल्ली की लोकप्रिय रेस्टोरेंट सीरीज ने 'स्वागत' नाम के इस्तेमाल को लेकर ट्रेडमार्क उल्लंघन का आरोप लगाते हुए तेलंगाना स्थित होटल ग्रुप के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया।जस्टिस अमित बंसल ने रेस्टोरेंट के मुकदमे और अंतरिम निषेधाज्ञा आवेदन, साथ ही होटल समूह के ट्रेडमार्क को रद्द करने की मांग वाली सुधार याचिका दोनों पर नोटिस जारी किए।स्वागत नई दिल्ली और आसपास के इलाकों में फ्रैंचाइज़ी आधार पर होटल चलाता है।होटल स्वागत का दावा है कि वह 1991 से तेलंगाना में कार्यरत है। वर्तमान में विवादित नाम से 11...
उदयपुर फाइल्स विवाद: CBFC ने कहा- आपत्तिजनक हिस्से फिल्म से हटाए गए, दिल्ली हाईकोर्ट ने निर्माता को आज ही स्क्रीनिंग करने का निर्देश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार (9 जुलाई) को 'Udaipur Files: Kanhaiya Lal Tailor Murder' फिल्म से संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान सेंसर बोर्ड (CBFC) के इस बयान के बाद कि फिल्म के आपत्तिजनक हिस्सों को हटा दिया गया, फिल्म निर्माता को निर्देश दिया कि पक्षकारों के वकीलों के लिए आज ही फिल्म की स्क्रीनिंग आयोजित की जाए।यह मामला जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) सहित कई याचिकाओं से जुड़ा है, जिसमें फिल्म के खिलाफ हेट स्पीच और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के आधार...
दिल्ली दंगे: पुलिस का कहा- UAPA के तहत ज़मानत के लिए सिर्फ़ देरी कोई कारण नहीं, हाईकोर्ट ने तस्लीम अहमद की ज़मानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को UAPA मामले में आरोपी तस्लीम अहमद की ज़मानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया। तस्लीम अहमद ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों में बड़ी साज़िश का आरोप लगाया था।जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की खंडपीठ ने अहमद की ओर से वकील महमूद प्राचा और दिल्ली पुलिस की ओर से एसपीपी अमित प्रसाद की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया।बता दें, मंगलवार को प्राचा ने मुकदमे में देरी के आधार पर दलीलें पेश करते हुए कहा कि उन्होंने निचली अदालत से एक दिन की भी...
भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कॉल इंटरसेप्शन वैध, अपराध की आर्थिक गंभीरता 'सार्वजनिक सुरक्षा' की कसौटी पर खरी उतरनी चाहिए: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा कॉल और संदेशों को इंटरसेप्ट करने के खिलाफ एक आरोपी द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया है कि भ्रष्टाचार का देश की अर्थव्यवस्था पर व्यापक प्रभाव पड़ता है। जस्टिस अमित महाजन ने आकाश दीप चौहान द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 120 बी के तहत उनके खिलाफ आरोप तय करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी, जिसे भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 9 के साथ पढ़ा जाए। ...
दिल्ली दंगों को पांच साल हो गए, किसी व्यक्ति को कितने समय तक जेल में रखा जा सकता है? तस्लीम अहमद की जमानत पर याचिका हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस से पूछा
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली पुलिस से पूछा कि 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों को पांच साल हो गए, तो किसी आरोपी को कितने समय तक जेल में रखा जा सकता है?जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की खंडपीठ ने दंगों के लिए बड़ी साजिश का आरोप लगाने वाले UAPA मामले में आरोपी तस्लीम अहमद की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली पुलिस के एसपीपी अमित प्रसाद से यह सवाल पूछा।अहमद की ओर से पेश हुए एडवोकेट महमूद प्राचा द्वारा मुकदमे में देरी के आधार पर दलीलें दिए जाने के बाद यह सवाल...
लक्ष्मी पुरी मानहानि मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने साकेत गोखले के माफ़ीनामे पर आपत्ति जताई, नए सिरे से दाखिल करने को कहा
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद साकेत गोखले द्वारा संयुक्त राष्ट्र में भारत की पूर्व सहायक महासचिव लक्ष्मी पुरी को बदनाम करने के लिए दायर माफ़ीनामे को रिकॉर्ड पर लेने से इनकार किया।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रेणु भटनागर की खंडपीठ ने कहा कि हलफ़नामे की कुछ सामग्री रिकॉर्ड पर नहीं ली जा सकती।जजों ने गोखले के वकील सीनियर एडवोकेट अमित सिब्बल से कहा,"ऐसा नहीं किया जा सकता... आप पहले इस हलफ़नामे को वापस लें, फिर हम आपकी बात सुनेंगे।"पुरी ने गोखले के ट्वीट पर...
बिरकेनस्टॉक को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत, जॉन डो आदेश जारी – नकली माल की जांच के लिए लोक आयुक्तों की नियुक्ति
दिल्ली हाईकोर्ट ने मशहूर फुटवियर ब्रांड बिरकेनस्टॉक के पक्ष में जॉन डो आदेश (John Doe Order) पारित करते हुए नकली उत्पाद बेचने वाले दुकानदारों और वितरकों के ठिकानों की जांच के लिए लोक आयुक्तों (Local Commissioners) की नियुक्ति का आदेश दिया।जस्टिस सौरभ बनर्जी की एकल पीठ ने प्रतिवादी दुकानदारों, वितरकों, विक्रेताओं, आयातकों, निर्यातकों और फ्रेंचाइज़ियों को Birkenstock ट्रेडमार्क या उसके ट्रेड ड्रेस के तहत किसी भी उत्पाद को बेचने प्रचारित करने या व्यवसाय में लाने से अंतरिम रूप से रोक दिया।यह आदेश...
325 दिन की देरी पर फटकार: गंभीर अपराधों में अपील में देरी पीड़ितों के न्याय के अधिकार पर कुठाराघात- दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने अहम फैसले में कहा कि गंभीर आपराधिक मामलों में राज्य सरकार द्वारा अपील दाखिल करने में की गई देरी विशेषकर तब जब पीड़ित समाज के हाशिए या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आता हो, उसके निष्पक्ष न्याय के अधिकार को नुकसान पहुंचाती है।जस्टिस स्वराणा कांता शर्मा की पीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा,“पीड़ितों के पास स्वतंत्र रूप से कानूनी उपाय अपनाने के साधन नहीं होते और वे राज्य प्रणाली पर न्याय के लिए निर्भर रहते हैं। ऐसे में अगर राज्य समय पर अपील नहीं करता तो यह केवल प्रक्रियात्मक चूक नहीं...
कन्हैया लाल हत्याकांड पर बनी फिल्म 'उदयपुर फाइल्स' की रिलीज के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचा जमीयत उलेमा-ए-हिंद
दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई, जिसमें नफरत फैलाने वाले भाषण और सांप्रदायिक सद्भाव के आधार पर 11 जुलाई को सिनेमाघरों में आने वाली फिल्म “उदयपुर फाइल्स” की रिलीज पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई।जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी द्वारा दायर याचिका में फिल्म को सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए सीबीएफसी द्वारा दिए गए प्रमाण पत्र को भी चुनौती दी गई।यह प्रस्तुत किया गया कि फिल्म का ट्रेलर ऐसे संवादों और उदाहरणों से भरा हुआ है, जो सांप्रदायिक वैमनस्य को बढ़ावा देते हैं। इसलिए इसमें...
2020 दिल्ली दंगे मामले में केस डायरी सुरक्षित रखने की देवांगना कलीता की याचिका पर हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को देवांगना कलिता की याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।कलिता ने 6 नवंबर, 2024 के ट्रायल कोर्ट के आदेश को रद्द करने की मांग करते हुए हाईकोर्ट का रुख किया था, जिसने उनके अनुरोध को अस्वीकार कर दिया था और दिल्ली पुलिस को 'राज्य बनाम राज्य बनाम भारत मामले' की जांच के संबंध में बनाई गई पुस्तिकाओं 9989 और 9990 को फिर से बनाने और संरक्षित करने का निर्देश दिया था। थाना-जाफराबाद में दर्ज एफआईआर संख्या 48/2020 में फैजान और अन्य। पक्षकारों की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस रविंदर...
राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर सुरक्षा मंजूरी रद्द करने के खिलाफ तुर्क कंपनी Celebi की याचिका दिल्ली हाईकोर्ट से खारिज
राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर सुरक्षा मंजूरी रद्द करने के खिलाफ तुर्क कंपनी Celebi की याचिका दिल्ली हाईकोर्ट से खारिज दिल्ली हाईकोर्ट ने तुर्की स्थित कंपनी सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड की उस याचिका को सोमवार को खारिज कर दिया जिसमें नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में उसकी सुरक्षा मंजूरी रद्द करने के फैसले को चुनौती दी गई थी। जस्टिस सचिन दत्ता ने यह आदेश पारित किया। अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद 23 मई को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया...
क्षतिपूर्ति का दावा करने में ठेकेदार के बजाय नियोक्ता को तरजीह देने वाले अनुबंध खंड को यदि ट्रिब्यूनल के समक्ष चुनौती नहीं दी जाती है तो इसे जानबूझकर शामिल किया गया माना जाएगा: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस मनोज कुमार ओहरी की पीठ ने माना कि अनुबंध के खंड जो क्षतिपूर्ति का दावा करने में ठेकेदार पर नियोक्ता को लाभ देते हैं, यदि मध्यस्थ न्यायाधिकरण के समक्ष या अनुबंध के गठन या निष्पादन के समय प्रश्नगत नहीं किए जाते हैं, तो मध्यस्थता अधिनियम की धारा 34 के तहत प्रश्नगत नहीं किए जा सकते हैं, क्योंकि माना जाता है कि पार्टियों ने जानबूझकर अनुबंध में ऐसे खंड शामिल किए हैं। तथ्यवर्तमान याचिका मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 (मध्यस्थता अधिनियम) की धारा 34 के तहत मध्यस्थ न्यायाधिकरण...
सुप्रीम कोर्ट का विजय मदनलाल फैसला अपराध से प्राप्त आय के विदेशी प्राप्तकर्ताओं को लेनदेन की मात्र संविदात्मक वैधता के आधार पर जांच से छूट नहीं देता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अपराध की आय के विदेशी प्राप्तकर्ताओं को केवल लेन-देन की 'अनुबंधात्मक वैधता' के आधार पर धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत जांच से छूट नहीं दी जा सकती है। इस प्रकार जस्टिस रविंदर डुडेजा ने पिछले 17 वर्षों से हांगकांग में रहने वाले अमृत पाल सिंह की याचिका को खारिज कर दिया, जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय द्वारा की जा रही है।तथ्यों के अनुसार, सिंह की कंपनी को भारतीय फर्जी संस्थाओं से 2,880,210 अमेरिकी डॉलर (लगभग 20.75 करोड़ रुपये) की धोखाधड़ी वाली विदेशी बाहरी...
जनहित के साथ संतुलन आवश्यक: दिल्ली हाईकोर्ट ने रेलवे में लो विजन और नेत्रहीन अभ्यर्थियों के लिए पदों के विभाजन को उचित ठहराया
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में रेलवे द्वारा दृष्टिबाधित उम्मीदवारों के लिए आरक्षित पदों को दो श्रेणियों में विभाजित करने की कार्रवाई को सही करार दिया। एक श्रेणी में ऐसे पद शामिल हैं, जिन्हें लो विजन (एलवी) और नेत्रहीन दोनों उम्मीदवारों द्वारा संभाला जा सकता था, जबकि दूसरी श्रेणी में केवल एलवी उम्मीदवारों के लिए पद निर्धारित किए गए।जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस अजय दिग्पौल की खंडपीठ ने यह कहते हुए याचिकाकर्ताओं की दलीलों को खारिज कर दिया कि नेत्रहीन और एलवी उम्मीदवार एक ही श्रेणी में आते हैं और...

















