दिल्ली हाईकोर्ट

वैवाहिक वेबसाइट पर दी गई स्वयं-घोषित जानकारी को आय का प्रमाण नहीं माना जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
वैवाहिक वेबसाइट पर दी गई स्वयं-घोषित जानकारी को आय का प्रमाण नहीं माना जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि वैवाहिक पोर्टल पर दी गई कोई भी 'स्वयं-घोषित जानकारी', यदि बिना सत्यापन या पुष्टिकारक साक्ष्य के हो, तो उसे विश्वसनीय या स्वीकार्य आय के प्रमाण के रूप में नहीं माना जा सकता।जस्टिस स्वरना कांत शर्मा ने स्पष्ट किया कि कानून की अदालत किसी व्यक्ति द्वारा matrimonial वेबसाइट पर किए गए दावे पर भरोसा नहीं कर सकती।कोर्ट ने पत्नी की वह याचिका खारिज की, जिसमें उसने फैमिली कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी।फैमिली कोर्ट ने पति को यह निर्देश दिया था कि वह याचिका दायर करने की तारीख से 31...

घरेलू हिंसा कानून में गुज़ारे भत्ते के लिए पहली या दूसरी शादी में कोई भेद नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
घरेलू हिंसा कानून में गुज़ारे भत्ते के लिए पहली या दूसरी शादी में कोई भेद नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि गुज़ारे भत्ते के अधिकार के संदर्भ में घरेलू हिंसा अधिनियम (Domestic Violence Act) पहली या दूसरी शादी में कोई अंतर नहीं करता।जस्टिस स्वरना कांत शर्मा ने एक गुज़ारा भत्ता विवाद की सुनवाई करते हुए पति की इस दलील को खारिज कर दिया कि पत्नी की यह दूसरी शादी थी और उसके पहले विवाह से दो बच्चे हैं।कोर्ट ने निचली अदालत के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें पति को पत्नी को 1,00,000 प्रति माह बढ़ा हुआ गुज़ारा भत्ता देने का निर्देश दिया गया।पति की ओर से यह तर्क दिया गया,उसकी...

पूर्व अवैध गिरफ्तारी की प्रक्रियात्मक त्रुटियां सुधारे जाने के बाद दोबारा गिरफ्तारी पर कोई रोक नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
पूर्व अवैध गिरफ्तारी' की प्रक्रियात्मक त्रुटियां सुधारे जाने के बाद दोबारा गिरफ्तारी पर कोई रोक नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने यह निर्णय दिया कि यदि किसी आरोपी की पहले की गिरफ्तारी में प्रक्रियात्मक त्रुटियां थीं और उन्हें सुधार दिया गया तो उस आरोपी की दोबारा गिरफ्तारी पर न तो कोई वैधानिक और न ही कोई न्यायिक रोक है।जस्टिस स्वरना कांत शर्मा ने कहा कि जांच एजेंसी की ओर से की गई कोई भी त्रुटि चाहे वह जानबूझकर हो या अनजाने में, आरोपी को भविष्य में उसी मामले में गिरफ्तारी से पूर्ण सुरक्षा प्रदान नहीं कर सकती।न्यायालय ने कहा,“अगर ऐसा माना जाए कि एक बार गिरफ्तारी में प्रक्रियात्मक त्रुटि हो जाए तो आरोपी को...

दिल्ली हाईकोर्ट ने जियो और रिलायंस को दी अंतरिम राहत, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को नकली FMCG उत्पादों को सूची से हटाने का दिया आदेश
दिल्ली हाईकोर्ट ने जियो और रिलायंस को दी अंतरिम राहत, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को नकली FMCG उत्पादों को सूची से हटाने का दिया आदेश

दिल्ली हाईकोर्ट ने अमेज़न और फ्लिपकार्ट जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को रिलायंस और जियो ट्रेडमार्क का दुरुपयोग करके FMCG क्षेत्र में नकली उत्पाद बेचने वाले 21 विक्रेताओं के पेजों को अस्थायी रूप से सूची से हटाने का आदेश दिया।जस्टिस सौरभ बनर्जी ने कहा कि यह विवाद खाद्य उत्पादों से जुड़ा है। ब्रांड नाम के दुरुपयोग से उपभोक्ता सुरक्षा को खतरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस मामले में "अधिक सतर्क और कठोर दृष्टिकोण" अपनाया जाना चाहिए।आदेश में कहा गया,"चूंकि वर्तमान विवाद खाद्य उत्पाद, यानी पोहा से जुड़ा...

सुप्रीम कोर्ट में दोषसिद्धि के विरुद्ध अपील लंबित रहने के दौरान फर्लो और पैरोल के आवेदनों पर विचार किया जा सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट
सुप्रीम कोर्ट में दोषसिद्धि के विरुद्ध अपील लंबित रहने के दौरान फर्लो और पैरोल के आवेदनों पर विचार किया जा सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने व्यवस्था दी कि किसी दोषी की दोषसिद्धि के विरुद्ध अपील के सुप्रीम कोर्ट में लंबित रहने के दौरान जेल प्राधिकारी उसके फर्लो और पैरोल के आवेदनों पर विचार कर सकते हैं।जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस अमित शर्मा की खंडपीठ ने कहा कि यदि मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है तो दिल्ली कारागार नियम पैरोल और फर्लो पर विचार करने पर रोक नहीं लगाते हैं।न्यायालय ने कहा कि यह एक बिल्कुल अलग प्रश्न है कि क्या किसी विशिष्ट मामले के तथ्यों के आधार पर यदि सुप्रीम कोर्ट विशेष अनुमति याचिका या अपील के...

किराया तय करने के लिए सिर्फ अंदाजा नहीं, किराए से जुड़ा सबूत जरूरी: दिल्ली हाईकोर्ट
किराया तय करने के लिए सिर्फ अंदाजा नहीं, किराए से जुड़ा सबूत जरूरी: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि बिना किसी सामग्री के किसी आंकड़े पर आना जो अपने आप में किसी क्षेत्र का किराया हो सकता है, कानून में स्वीकार्य नहीं है।जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा कि महज अनुमान लगाने से काम नहीं होता और किराए का पता लगाने के लिए इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। पीठ ने कहा, ''केवल अनुमान लगाने के काम का इस्तेमाल किराए का पता लगाने के लिए नहीं किया जा सकता। यह न्यायालय पतली हवा में अनुमान नहीं लगा सकता है। अनुमान कार्य साक्ष्य का रूप नहीं ले सकता। ऐसे आंकड़े पर आना जो बिना किसी...

दिल्ली हाईकोर्ट ने मालिक और सरबाला जी फिल्मों की सामग्री स्ट्रीम करने वाली अवैध वेबसाइटों पर रोक लगाई
दिल्ली हाईकोर्ट ने मालिक और सरबाला जी फिल्मों की सामग्री स्ट्रीम करने वाली अवैध वेबसाइटों पर रोक लगाई

दिल्ली हाईकोर्ट ने 56 अवैध वेबसाइटों को मालिक और सरबाला जी फिल्मों की सामग्री अवैध और अनधिकृत रूप से स्ट्रीम करने से रोक दिया।जस्टिस अमित बंसल ने टिप्स फिल्म्स लिमिटेड के पक्ष में इन वेबसाइटों के खिलाफ कॉपीराइट उल्लंघन के मुकदमे में अंतरिम निषेधाज्ञा पारित की।न्यायालय ने डोमेन नाम रजिस्ट्रार को प्रतिवादी अवैध वेबसाइटों के डोमेन नाम रजिस्ट्रेशन को लॉक और निलंबित करने का निर्देश दिया।न्यायालय ने कहा,"यदि कोई वेबसाइट, जो मुख्य रूप से उल्लंघनकारी साइट नहीं है, वर्तमान आदेश के तहत अवरुद्ध की जाती है...

S.3(k) Patents Act| दिल्ली हाईकोर्ट ने पी2पी नेटवर्क पर संवेदनशील सामग्री शेयर करने वाले यूजर्स का पता लगाने वाली प्रणाली का पेटेंट देने से किया इनकार
S.3(k) Patents Act| दिल्ली हाईकोर्ट ने पी2पी नेटवर्क पर 'संवेदनशील सामग्री' शेयर करने वाले यूजर्स का पता लगाने वाली प्रणाली का पेटेंट देने से किया इनकार

दिल्ली हाईकोर्ट ने अमेरिका स्थित क्रोल इंफॉर्मेशन एश्योरेंस द्वारा दायर याचिका खारिज की, जिसमें पीयर टू पीयर नेटवर्क के माध्यम से यूजर्स का पता लगाने की प्रणाली को पेटेंट देने की मांग की गई थी।जस्टिस अमित बंसल ने पेटेंट अधिनियम, 1970 की धारा 3(क) का हवाला दिया, जो 'एल्गोरिदम' और कंप्यूटर प्रोग्राम पर से संबंधित आविष्कारों को पेटेंट योग्य नहीं मानता।पीठ ने टिप्पणी की,“किसी सॉफ़्टवेयर या कंप्यूटर प्रोग्राम को धारा 3(क) के तहत पेटेंट योग्य विषय वस्तु बनने के लिए यह केवल निर्देशों की एक श्रृंखला...

Customs Act | निर्णायक प्राधिकारी CA के प्रमाण पत्र की उपस्थिति में अतिरिक्त शुल्क की वापसी से इनकार नहीं कर सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
Customs Act | निर्णायक प्राधिकारी CA के प्रमाण पत्र की उपस्थिति में अतिरिक्त शुल्क की वापसी से इनकार नहीं कर सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि सीमा शुल्क प्राधिकरण, किसी भी साक्ष्य के अभाव में, किसी व्यापारी द्वारा चुकाए गए अतिरिक्त शुल्क की वापसी से इनकार नहीं कर सकता, बशर्ते कि व्यापारी अपने मामले के समर्थन में किसी योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट से प्रमाण पत्र प्रस्तुत करे। इस प्रकार, जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस रजनीश कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने नोकिया के खिलाफ विभाग की अपील खारिज कर दी।नोकिया ने मोबाइल हैंडसेट के आयात पर चुकाए गए अतिरिक्त शुल्क की वापसी की मांग की थी। हालांकि केंद्र सरकार ने...

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस के ग्राहकों की गोपनीय व्यक्तिगत जानकारी को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और डार्क वेब पर शेयर करने या प्रसारित करने पर रोक लगाई
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस के ग्राहकों की गोपनीय व्यक्तिगत जानकारी को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और डार्क वेब पर शेयर करने या प्रसारित करने पर रोक लगाई

जस्टिस सौरभ बनर्जी ने यह अंतरिम आदेश एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस लिमिटेड द्वारा दायर वाद में पारित किया, जो एक अज्ञात व्यक्ति या समूह के खिलाफ दायर किया गया था। बता दें, इस अज्ञात इकाई ने कंपनी को धमकी दी थी कि यदि बातचीत और सौदा नहीं किया गया तो वह इसके 20 लाख ग्राहकों की संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारी को डार्क वेब पर बिक्री के लिए प्रकाशित कर देगा।वाद में कहा गया कि यह अज्ञात इकाई ज्वेलर्स राजदीप नामक प्रोफाइल का उपयोग करके ईमेल भेज रही थी और कंपनी के चीफ मैनेजर (मार्केटिंग) को धमकी भरे ईमेल...

स्वतंत्रता के प्रति गंभीरता की कमी: दिल्ली पुलिस की लापरवाही पर हाईकोर्ट की फटकार, सिस्टम सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने का निर्देश
स्वतंत्रता के प्रति गंभीरता की कमी': दिल्ली पुलिस की लापरवाही पर हाईकोर्ट की फटकार, सिस्टम सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने का निर्देश

दिल्ली हाईकोर्ट ने धोखाधड़ी मामले में सुनवाई के दौरान जांच अधिकारियों (IO) की गैर-हाजिरी और तैयारी की कमी को लेकर दिल्ली पुलिस को कड़ी फटकार लगाई। जस्टिस गिरीश कथपालिया ने कहा कि यह पुलिस की ओर से व्यक्ति की स्वतंत्रता के प्रति गंभीरता की कमी को दर्शाता है।मामले की पृष्ठभूमियह टिप्पणी उस समय आई, जब न्यायालय एक पूर्व-गिरफ्तारी जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहा था। कोर्ट ने यह जानकर हैरानी जताई कि कई बार निर्देश देने के बावजूद न तो जांच अधिकारी (IO) और न ही थाना प्रभारी (SHO) कोर्ट में पेश...

दिल्ली सरकार लॉ रिसर्चर के मासिक पारिश्रमिक में स्वीकृत वृद्धि पर शीघ्र निर्णय ले: हाईकोर्ट
दिल्ली सरकार लॉ रिसर्चर के मासिक पारिश्रमिक में स्वीकृत वृद्धि पर शीघ्र निर्णय ले: हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने लॉ रिसर्चर के मासिक पारिश्रमिक को बकाया राशि सहित 65,000 रुपये से बढ़ाकर 80,000 रुपये करने की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया।जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस रंजीश कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने कहा कि प्रथम दृष्टया दिल्ली सरकार को न्यायालय द्वारा लॉ रिसर्चर के लिए स्वीकृत वृद्धि पर विचार करना चाहिए और शीघ्र निर्णय लेना चाहिए।यह तब हुआ जब याचिकाकर्ताओं के वकील ने दलील दी कि हाईकोर्ट के जजों की समिति ने लॉ रिसर्चर के मासिक पारिश्रमिक को 65,000 रुपये से बढ़ाकर 80,000 रुपये...

हॉकी इंडिया के सब-जूनियर महिला चैंपियनशिप के कार्यक्रम में बदलाव पर सहमति जताने के बाद दिल्ली हॉकी टीम को हाईकोर्ट से राहत
हॉकी इंडिया के सब-जूनियर महिला चैंपियनशिप के कार्यक्रम में बदलाव पर सहमति जताने के बाद दिल्ली हॉकी टीम को हाईकोर्ट से राहत

हॉकी इंडिया ने हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि 15वीं हॉकी इंडिया सब-जूनियर महिला राष्ट्रीय चैंपियनशिप 2025 का कार्यक्रम दिल्ली हॉकी टीम के लिए संशोधित या अनुकूलित किया जाएगा।यह घटनाक्रम तब हुआ, जब हॉकी इंडिया के ऑनलाइन पोर्टल से टीम को हटा दिए जाने के कारण चैंपियनशिप में दिल्ली हॉकी टीम की भागीदारी रद्द कर दी गई थी।हॉकी इंडिया के वकील ने जस्टिस सचिन दत्ता को बताया कि रांची में चल रही राष्ट्रीय चैंपियनशिप में दिल्ली हॉकी से संबद्ध खिलाड़ियों की भागीदारी के लिए व्यवस्था की जाएगी। भले ही...

शादी से निराश पति, आत्महत्या के लिए उकसाने का सबूत नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने आत्महत्या के मामले में पत्नी को बरी करने का फैसला बरकरार रखा
शादी से निराश पति, आत्महत्या के लिए उकसाने का सबूत नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने आत्महत्या के मामले में पत्नी को बरी करने का फैसला बरकरार रखा

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक मामले में पत्नी और उसके परिवार के सदस्यों को सबूतों के अभाव में बरी करने के फैसले को बरकरार रखा।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कहा कि ऐसा मामला हो सकता है, जहां पति अपनी शादी से नाखुश और निराश था लेकिन पत्नी और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का कोई आरोप नहीं बनता, क्योंकि न तो सुसाइड नोट से और न ही मृतक के माता-पिता की गवाही से कोई आरोप बनता है।न्यायालय ने कहा,"केवल यही आरोप लगाया जा रहा है कि पत्नी मृतक को धमकी देती थी कि उसे और उसके परिवार के सदस्यों...

BREAKING | हाईकोर्ट ने उदयपुर फाइल्स फिल्म की रिलीज़ पर लगाई रोक, केंद्र से फैसला लेने को कहा
BREAKING | हाईकोर्ट ने 'उदयपुर फाइल्स' फिल्म की रिलीज़ पर लगाई रोक, केंद्र से फैसला लेने को कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने विवादास्पद फिल्म "उदयपुर फाइल्स: कन्हैया लाल टेलर मर्डर" की रिलीज़ पर रोक लगा दी। इस रोक के साथ ही इस्लामी धर्मगुरुओं के संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद और अन्य याचिकाकर्ताओं को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) द्वारा फिल्म के लिए दिए गए प्रमाणन के खिलाफ केंद्र सरकार से संशोधन का अनुरोध करने की अनुमति मिल गई।बता दें, केंद्र सरकार जब तक याचिकाकर्ता की संशोधन याचिका पर अंतरिम राहत पर फैसला नहीं ले लेती, तब तक हाईकोर्ट ने फिल्म की रिलीज़ पर रोक लगा दी। यह फिल्म उदयपुर के दर्जी...

यूट्यूबर मोहक मंगल की दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका, ANI की ओर से दायर कॉपीराइट और ट्रेडमार्क उल्लंघन के मुकदमे को हाईकोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग
यूट्यूबर मोहक मंगल की दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका, ANI की ओर से दायर कॉपीराइट और ट्रेडमार्क उल्लंघन के मुकदमे को हाईकोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग

यूट्यूबर मोहक मंगल ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की है, और एशियन न्यूज़ इंटरनेशनल (ANI) की ओर से अपने खिलाफ पटियाला हाउस कोर्ट में दायर कॉपीराइट और ट्रेडमार्क उल्लंघन के मुकदमे को हाईकोर्ट में स्थानांतरित करने की मांग की है। ज‌स्टिस अनूप जयराम भंभानी ने गुरुवार को मामले की संक्षिप्त सुनवाई। उन्होंने सवाल किया कि क्या स्थानांतरण याचिका पर वह सुनवाई कर सकते हैं, क्योंकि वाणिज्यिक न्यायालय अधिनियम के अनुसार, मामले की सुनवाई एक खंडपीठ द्वारा की जानी है।ANI की ओर से पेश हुए एडवोकेट सिद्धांत...

सज़ा का उद्देश्य अंतहीन कारावास नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने समयपूर्व रिहाई की मांग कर रहे आजीवन कारावास की सजा पाए दोषी को दी राहत
सज़ा का उद्देश्य अंतहीन कारावास नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने समयपूर्व रिहाई की मांग कर रहे आजीवन कारावास की सजा पाए दोषी को दी राहत

दिल्ली हाईकोर्ट ने 2003 में आठ साल की बच्ची के साथ बलात्कार और हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा पाए व्यक्ति को राहत प्रदान की, जिसकी समयपूर्व रिहाई की याचिका सजा समीक्षा बोर्ड (SRB) ने खारिज कर दी थी।जस्टिस गिरीश कठपालिया ने कहा कि दोषी द्वारा किया गया अपराध जघन्य था लेकिन उसे इसके लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई और वह पहले ही 24 साल जेल में बिता चुका है।न्यायालय ने कहा,"किसी अपराध की सज़ा की भी अपनी सीमाएं होनी चाहिए अन्यथा वह सज़ा अपने आप में गलत और अनुत्पादक हो जाएगी। सज़ा का...

नकल का दाग करियर पर डालता है बुरा असर, उम्मीदवार को दी जाए पूरी जानकारी व CCTV फुटेज: दिल्ली हाईकोर्ट
नकल का दाग करियर पर डालता है बुरा असर, उम्मीदवार को दी जाए पूरी जानकारी व CCTV फुटेज: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में डॉक्टर के पक्ष में फैसला सुनाया, जिसकी उम्मीदवारी नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन्स इन मेडिकल साइंसेज़ (NBEMS) द्वारा रद्द कर दी गई थी। साथ ही दो वर्षों के लिए परीक्षा में बैठने से प्रतिबंधित कर दिया गया था। बता दें, यह कार्रवाई परीक्षा के दौरान अनुचित साधनों के उपयोग के कथित आरोपों के आधार पर की गई, जिनका कोई पुख्ता प्रमाण नहीं था।जस्टिस विकास माहाजन ने कहा कि अनुचित साधनों में लिप्त होने का आरोप गंभीर कलंक है, जो उम्मीदवार के करियर को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।...