दिल्ली हाईकोर्ट

गैर-कानूनी तरीके से नौकरी से निकालना अपने आप में नौकरी पर वापस रखने या पिछले वेतन का हकदार नहीं बनाता: दिल्ली हाईकोर्ट
गैर-कानूनी तरीके से नौकरी से निकालना अपने आप में नौकरी पर वापस रखने या पिछले वेतन का हकदार नहीं बनाता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने यह साफ किया कि अगर यह पाया जाता है कि किसी को गैर-कानूनी तरीके से नौकरी से निकाला गया तो इसका मतलब यह नहीं है कि उसे अपने आप ही नौकरी पर वापस रखने या पिछले वेतन का हक मिल जाएगा।जस्टिस शैल जैन ने इसलिए प्रोप्राइटरशिप फर्म द्वारा गैर-कानूनी तरीके से नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों को नौकरी पर वापस रखने और पिछले वेतन देने से मना किया। उन्होंने इसके लिए काफी समय बीत जाने का हवाला दिया, खासकर तब जब कई कर्मचारी पहले ही रिटायरमेंट की उम्र तक पहुंच चुके थे और उन्होंने अपनी कानूनी...

बढ़ती प्रॉपर्टी की कीमतों के कारण प्रॉपर्टी डील्स में समय-सीमा का पालन ज़रूरी: दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पेसिफिक परफॉर्मेंस का आदेश देने से इनकार किया
बढ़ती प्रॉपर्टी की कीमतों के कारण प्रॉपर्टी डील्स में समय-सीमा का पालन ज़रूरी: दिल्ली हाईकोर्ट ने 'स्पेसिफिक परफॉर्मेंस' का आदेश देने से इनकार किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने बिक्री के एक कथित समझौते के 'स्पेसिफिक परफॉर्मेंस' (समझौते को लागू करने) का आदेश देने से इनकार करते हुए यह टिप्पणी की कि प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमतों के कारण प्रॉपर्टी के लेन-देन में समय-सीमा का पालन करना बहुत ज़रूरी हो जाता है।जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस रेनू भटनागर की डिवीज़न बेंच ने कहा,"दिल्ली जैसे बड़े शहरों में, जहां प्रॉपर्टी की कीमतें लगातार और काफ़ी तेज़ी से बढ़ती रहती हैं, प्रॉपर्टी से जुड़े लेन-देन की व्यावसायिक सच्चाई यह है कि समझौते की शर्तों को पूरा करने में समय की...

कैंसलेशन रिपोर्ट स्वीकार करने के बाद मजिस्ट्रेट फंक्टस ऑफिसियो हो जाते हैं, पुलिस की चूकों की जांच नहीं कर सकते: दिल्ली हाईकोर्ट
कैंसलेशन रिपोर्ट स्वीकार करने के बाद मजिस्ट्रेट 'फंक्टस ऑफिसियो' हो जाते हैं, पुलिस की चूकों की जांच नहीं कर सकते: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने यह फैसला दिया कि एक बार जब कोई मजिस्ट्रेट पुलिस द्वारा दायर की गई कैंसलेशन या 'अनट्रेस्ड' (लापता) रिपोर्ट को स्वीकार कर लेता है तो अदालत 'फंक्टस ऑफिसियो' (अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर) हो जाती है। उसके बाद जांच में कथित चूकों की जांच करने या पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश देने के लिए आगे नहीं बढ़ सकती।जस्टिस सौरभ बनर्जी ने इस प्रकार पुलिस अधिकारियों द्वारा दायर याचिकाओं के एक समूह को स्वीकार किया। इन याचिकाओं में पटियाला हाउस कोर्ट के एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल...

दिल्ली हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार के मामले में आरोप तय होने से पहले मंज़ूरी देने वाले अधिकारी को बुलाने का फ़ैसला सही ठहराया
दिल्ली हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार के मामले में आरोप तय होने से पहले मंज़ूरी देने वाले अधिकारी को बुलाने का फ़ैसला सही ठहराया

दिल्ली हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार के मामले में आरोप तय होने से पहले (प्री-चार्ज स्टेज) मंज़ूरी देने वाले अधिकारी को बुलाने के फ़ैसले को सही ठहराया। कोर्ट ने कहा कि जहां तथ्यों की ज़रूरत हो, वहां ट्रायल शुरू होने से पहले मंज़ूरी की वैधता की जाँच करने से अदालतों को रोका नहीं जा सकता।जस्टिस अमित महाजन ने इस तरह राज्य सरकार की याचिका खारिज की, जिसमें स्पेशल जज के उस आदेश को चुनौती दी गई, जिसमें आरोपी को CrPC की धारा 311 के तहत मंज़ूरी देने वाले अधिकारी को बुलाने की इजाज़त दी गई ताकि उसके मुक़दमे के लिए...

गौतम गंभीर के पर्सनेलिटी राइट्स की रक्षा करेगा हाईकोर्ट, आपत्तिजनक सामग्री हटाने के संकेत
गौतम गंभीर के पर्सनेलिटी राइट्स की रक्षा करेगा हाईकोर्ट, आपत्तिजनक सामग्री हटाने के संकेत

दिल्ली हाइकोर्ट ने बुधवार को कहा कि वह भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर के व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए अंतरिम आदेश पारित करेगा।जस्टिस ज्योति सिंह ने सुनवाई के दौरान संकेत दिए कि अदालत मेटा, गूगल और अमेज़न से जुड़े विक्रेताओं को कथित उल्लंघनकारी सामग्री हटाने का निर्देश दे सकती है।अदालत ने कहा कि वह इन मंचों को आपत्तिजनक सामग्री हटाने के साथ-साथ अपलोड करने वालों की बुनियादी जानकारी (BCI) और आईपी लॉगिन विवरण उपलब्ध कराने का भी निर्देश देगी।सुनवाई के दौरान गंभीर की ओर से पेश...

मानव तस्करी मामले में सोनू पंजाबन बरी, पीड़िता की गवाही पर दिल्ली हाईकोर्ट ने जताया संदेह
मानव तस्करी मामले में सोनू पंजाबन बरी, पीड़िता की गवाही पर दिल्ली हाईकोर्ट ने जताया संदेह

दिल्ली हाईकोर्ट ने मानव तस्करी और नाबालिग के यौन शोषण से जुड़े एक चर्चित मामले में गीता अरोड़ा उर्फ सोनू पंजाबन को बरी किया।अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में असफल रहा और पीड़िता की गवाही भरोसेमंद नहीं पाई गई।जस्टिस चंद्रशेखरन सुधा ने अपने फैसले में कहा कि केवल पीड़िता की गवाही के आधार पर दोषसिद्धि संभव है लेकिन वह गवाही उच्च स्तर की और पूरी तरह विश्वसनीय होनी चाहिए।अदालत ने कहा,“इस मामले में गवाह की गवाही में कई विरोधाभास हैं और यह भरोसा पैदा नहीं करती।”हाईकोर्ट ने पाया कि घटना के...

गोपनीय जानकारी लीक करना बदनामी नहीं, सिर्फ अनुबंध उल्लंघन हो सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट
गोपनीय जानकारी लीक करना बदनामी नहीं, सिर्फ अनुबंध उल्लंघन हो सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी कर्मचारी द्वारा कंपनी की गोपनीय जानकारी उजागर करने का आरोप, भले ही सही मान लिया जाए तो वह अधिकतम अनुबंध का उल्लंघन हो सकता है, लेकिन उसे अपने आप बदनामी (मानहानि) नहीं माना जा सकता।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने पुस्तक कंपनी की अपील खारिज करते हुए यह फैसला दिया। कंपनी ने अपने पूर्व कर्मचारी पर 10 लाख रुपये हर्जाने की मांग करते हुए मानहानि का मुकदमा दायर किया था।पूरा मामलाकंपनी का आरोप था कि पूर्व कर्मचारी ने प्रतिस्पर्धी कंपनियों से संपर्क कर उनके व्यापार और...

BNSS की धारा 223 पर बड़ा सवाल: संज्ञान के चरण को लेकर दिल्ली हाइकोर्ट ने मामला बड़ी पीठ को भेजा
BNSS की धारा 223 पर बड़ा सवाल: 'संज्ञान' के चरण को लेकर दिल्ली हाइकोर्ट ने मामला बड़ी पीठ को भेजा

दिल्ली हाइकोर्ट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 223 के तहत संज्ञान लेने के चरण को लेकर उत्पन्न कानूनी अस्पष्टता पर महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मामले को बड़ी पीठ को सौंप दिया।जस्टिस स्वर्ण कांत शर्मा ने पाया कि इस प्रावधान की व्याख्या को लेकर विभिन्न हाईकोर्टों के फैसलों और सुप्रीम कोर्ट के स्थापित सिद्धांतों में संभावित टकराव नजर आ रहा है।BNSS की धारा 223 के तहत मजिस्ट्रेट को शिकायत मिलने पर संज्ञान लेते समय शिकायतकर्ता और गवाहों के बयान शपथ पर दर्ज करने होते हैं। साथ ही इसके...

UPSC में ऑटिज्म व मानसिक बीमारियों वाले अभ्यर्थियों को आरक्षण से बाहर करने पर हाईकोर्ट सख्त, केंद्र से जवाब तलब
UPSC में ऑटिज्म व मानसिक बीमारियों वाले अभ्यर्थियों को आरक्षण से बाहर करने पर हाईकोर्ट सख्त, केंद्र से जवाब तलब

दिल्ली हाईकोर्ट ने सिविल सेवा परीक्षा में ऑटिज्म, बौद्धिक दिव्यांगता, विशेष सीखने की अक्षमता और मानसिक बीमारी से पीड़ित अभ्यर्थियों को आरक्षण से बाहर रखने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और संघ लोक सेवा आयोग से जवाब मांगा।चीफ जस्टिस डी के उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने दोनों पक्षों को चार सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।अदालत ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से जवाब एक सक्षम अधिकारी द्वारा दाखिल किया जाए और इसमें संबंधित सभी विभागों से...

जजों की सुरक्षा पर सख्त रुख: दिल्ली हाइकोर्ट ने सरकार, पुलिस और गृह मंत्रालय की संयुक्त बैठक के दिए आदेश
जजों की सुरक्षा पर सख्त रुख: दिल्ली हाइकोर्ट ने सरकार, पुलिस और गृह मंत्रालय की संयुक्त बैठक के दिए आदेश

दिल्ली हाइकोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी में न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस और गृह मंत्रालय को संयुक्त बैठक करने का निर्देश दिया।जस्टिस मनोज जैन की एकल पीठ ने कहा कि याचिका में उठाए गए मुद्दे की गंभीरता को किसी भी स्तर पर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि जजों की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था जरूरी है।यह आदेश न्यायिक सेवा संघ द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया, जिसमें जिला न्यायपालिका के जजों को व्यक्तिगत सुरक्षा...

यूनिवर्सिटी में असहमति दबाना नहीं, विचारों को बढ़ावा देना जरूरी: दिल्ली हाइकोर्ट की अहम टिप्पणी
यूनिवर्सिटी में असहमति दबाना नहीं, विचारों को बढ़ावा देना जरूरी: दिल्ली हाइकोर्ट की अहम टिप्पणी

दिल्ली हाइकोर्ट ने कहा कि यूनिवर्सिटी का काम स्टूडेंट्स की आवाज दबाना नहीं बल्कि स्वतंत्र सोच और अभिव्यक्ति को बढ़ावा देना है। अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल इसलिए किसी स्टूडेंट के विचारों को नहीं रोका जा सकता क्योंकि वे प्रबंधन की सोच से मेल नहीं खाते।जस्टिस जस्मीत सिंह ने कहा कि यूनिवर्सिटी केवल पढ़ाई का स्थान नहीं बल्कि ऐसा मंच है, जहां स्टूडेंट्स को स्वतंत्र सोच, सवाल पूछने और आलोचनात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का अवसर मिलना चाहिए।अदालत ने कहा,“शांतिपूर्ण विरोध और असहमति विश्वविद्यालय जीवन का...

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक्ट्रेस सोनाक्षी सिन्हा के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा की, अश्लील AI कंटेंट हटाने का आदेश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक्ट्रेस सोनाक्षी सिन्हा के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा की, अश्लील AI कंटेंट हटाने का आदेश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनाक्षी सिन्हा के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा करते हुए 'जॉन डो' (John Doe) आदेश पारित किया।जस्टिस ज्योति सिंह ने कई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन रिटेलर्स को उनके नाम, रूप, आवाज़ और पर्सनैलिटी से जुड़े अन्य गुणों का बिना इजाज़त इस्तेमाल करने से रोक दिया।कोर्ट ने यह आदेश सिन्हा द्वारा दायर अंतरिम रोक याचिका पर दिया, जो उन्होंने कई प्रतिवादियों (Defendants) के खिलाफ दायर अपने मुकदमे में दी थी। इन प्रतिवादियों में अमेरिका स्थित AI चैटबॉट...

साथ न रहने और शारीरिक संबंध न बनने के कारण वैवाहिक संबंध कभी बन ही नहीं पाए: दिल्ली हाईकोर्ट ने तलाक़ के लिए 1 साल की इंतज़ार की अवधि माफ़ की
साथ न रहने और शारीरिक संबंध न बनने के कारण वैवाहिक संबंध 'कभी बन ही नहीं पाए': दिल्ली हाईकोर्ट ने तलाक़ के लिए 1 साल की इंतज़ार की अवधि माफ़ की

दिल्ली हाईकोर्ट ने फ़ैसला दिया कि जिस शादी में न तो शारीरिक संबंध बने हों और न ही पति-पत्नी साथ रहे हों, उसे किसी भी असली मायने में शादी नहीं कहा जा सकता। ऐसे हालात में तलाक़ के लिए क़ानूनी तौर पर तय इंतज़ार की अवधि पर ज़ोर देने का कोई फ़ायदा नहीं होगा।जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस रेनू भटनागर की डिवीज़न बेंच ने कहा,"साथ न रहना और शारीरिक संबंध न बनना, साथ ही शादी के तुरंत बाद ही दोनों पक्षों का अलग हो जाना, यह साफ़ दिखाता है कि दोनों पक्षों के बीच वैवाहिक संबंध कभी भी किसी असली मायने में बन ही...

मृत किरायेदार के गैर-आश्रित कानूनी वारिस एक साल बाद किराया अधिनियम का संरक्षण खो देते हैं: दिल्ली हाईकोर्ट
मृत किरायेदार के गैर-आश्रित कानूनी वारिस एक साल बाद किराया अधिनियम का संरक्षण खो देते हैं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि मृत किरायेदार के ऐसे कानूनी वारिस जो किरायेदार पर आर्थिक रूप से निर्भर नहीं थे, किरायेदार की मृत्यु के एक साल से ज़्यादा समय तक दिल्ली किराया नियंत्रण अधिनियम के तहत लगातार संरक्षण का दावा नहीं कर सकते।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने अधिनियम की धारा 2(L) के स्पष्टीकरण II का हवाला देते हुए कहा,“यह साफ़ है कि किसी ऐसे व्यक्ति का, जिसे उत्तराधिकार से किरायेदारी मिली हो और जो मृत व्यक्ति की मृत्यु के दिन उस पर आर्थिक रूप से निर्भर न हो, किरायेदारी खत्म होने के बाद भी...

निष्कासित TMC नेता की पार्टी के रजिस्ट्रेशन के लिए 30 दिन की नोटिस अवधि कम करने की याचिका पर विचार करे ECI: दिल्ली हाईकोर्ट
निष्कासित TMC नेता की पार्टी के रजिस्ट्रेशन के लिए 30 दिन की नोटिस अवधि कम करने की याचिका पर विचार करे ECI: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय चुनाव आयोग (ECI) को एक याचिका पर विचार करने का निर्देश दिया। यह याचिका निष्कासित तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता हुमायूं कबीर द्वारा बनाई गई एक पार्टी ने दायर की, जिसमें राजनीतिक पार्टी के रजिस्ट्रेशन के लिए तय 30 दिन की नोटिस अवधि को कम करने की मांग की गई।जस्टिस अमित बंसल 'आम जनता उन्नयन पार्टी' द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। इस याचिका में 30 दिनों तक जनता से आपत्तियां मांगने की कानूनी शर्त में ढील देने की मांग की गई और प्रार्थना की गई कि इस मामले के तथ्यों को...

सड़क विक्रेताओं का कर्तव्य है कि वे सफ़ाई बनाए रखें, सार्वजनिक जगहों पर कब्ज़ा न करें: दिल्ली हाईकोर्ट
सड़क विक्रेताओं का 'कर्तव्य' है कि वे सफ़ाई बनाए रखें, सार्वजनिक जगहों पर कब्ज़ा न करें: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि सड़क विक्रेताओं का यह "कर्तव्य" है कि वे अपनी बेचने की जगहों के आस-पास सफ़ाई बनाए रखें और यह पक्का करें कि वे सार्वजनिक जगहों पर कब्ज़ा न करें या पैदल चलने वालों की आवाजाही में रुकावट न डालें।जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मधु जैन की डिवीज़न बेंच ने यह बात तब कही, जब वे एक सड़क विक्रेता की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। याचिका में आरोप लगाया गया कि दिल्ली नगर निगम (MCD) के अधिकारी उसे मालवीय नगर में उसकी तय जगह पर बेचने की इजाज़त नहीं दे रहे है।याचिकाकर्ता, जिसके पास...