दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने अन्य लोगों से शादीशुदा होने के बावजूद लिव-इन कपल को दी पुलिस सुरक्षा, अनुच्छेद 21 के अधिकारों का हवाला
दिल्ली हाईकोर्ट ने अलग रह रहे माता-पिता द्वारा अपनी अमेरिका में जन्मी बेटी की कस्टडी को लेकर दायर परस्पर याचिकाओं को खारिज कर दिया है। अदालत ने दोहराया कि बच्चे का सर्वोपरि हित (welfare of the child) ही सबसे महत्वपूर्ण मानदंड है और विदेशी अदालतों के आदेश अंतिम (conclusive) नहीं होते।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर दुडेजा की खंडपीठ ने कहा कि विदेशी अदालतों के आदेशों को उचित महत्व और सम्मान दिया जाता है, लेकिन बच्चे के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि कस्टडी...
4PM यूट्यूब चैनल ब्लॉक करने पर सवाल, दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब
दिल्ली हाईकोर्ट ने 4PM नामक यूट्यूब चैनल को ब्लॉक किए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर केंद्र सरकार और यूट्यूब को नोटिस जारी किया। अदालत ने इस मामले में सरकार से जवाब तलब करते हुए अगली सुनवाई 14 अप्रैल को तय की।जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव की पीठ ने सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार से पूछा कि क्या याचिकाकर्ता के पास इस आदेश के खिलाफ कोई प्रभावी उपाय उपलब्ध है। इस पर सरकार की ओर से कहा गया कि याचिकाकर्ता को अंतर-विभागीय समिति के समक्ष सुनवाई का अवसर दिया गया।याचिका चैनल के संपादक संजय शर्मा और 4 पीएम...
आपत्तिजनक पोस्ट पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, पत्रकार राणा अय्यूब के खिलाफ कार्रवाई के संकेत
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया मंच 'X' पर कथित तौर पर हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणियों को लेकर पत्रकार राना अय्यूब के खिलाफ कार्रवाई की जरूरत बताई। अदालत ने इस मामले को गंभीर मानते हुए तत्काल सुनवाई योग्य बताया।जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव की पीठ याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें इन पोस्ट को हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। अदालत ने केंद्र सरकार सोशल मीडिया कंपनी दिल्ली पुलिस और राना अय्यूब को नोटिस जारी कर जवाब मांगा।अदालत ने कहा कि इन पोस्ट की प्रकृति...
शादीशुदा होने के बावजूद लिव-इन कपल को सुरक्षा, दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- जीवन और स्वतंत्रता सर्वोपरि
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि यदि दो वयस्क अपनी इच्छा से साथ रह रहे हैं तो केवल इस आधार पर उन्हें सुरक्षा से वंचित नहीं किया जा सकता कि वे पहले से किसी और से शादीशुदा हैं। अदालत ने ऐसे ही एक लिव-इन कपल को पुलिस सुरक्षा देने का निर्देश दिया।जस्टिस सौरभ बनर्जी की पीठ ने स्पष्ट कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार सर्वोपरि है और यह सभी नागरिकों को समान रूप से प्राप्त है।अदालत ने कहा,“दोनों याचिकाकर्ता वयस्क हैं और भारतीय नागरिक हैं। इसलिए...
अगस्तावेस्टलैंड केस: दिल्ली हाईकोर्ट ने क्रिश्चियन मिशेल की जेल से रिहाई की याचिका खारिज की
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार (8 अप्रैल) को अगस्तावेस्टलैंड VVIP चॉपर घोटाले के आरोपी क्रिश्चियन मिशेल की याचिका खारिज की। इस याचिका में उन्होंने भारत-UAE प्रत्यर्पण संधि के अनुच्छेद 17 को चुनौती दी थी जो साल 1999 में हुई थी।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की डिवीज़न बेंच ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को भी सही ठहराया, जिसमें मिशेल की जेल से रिहाई की अर्जी खारिज की गई थी। मिशेल ने यह अर्जी इस आधार पर दी थी कि वह सात साल की अधिकतम सज़ा काट चुके हैं।कोर्ट ने कहा,"हमें इस याचिका में कोई दम नहीं...
वकीलों को WhatsApp अकाउंट बैन और डेटा नुकसान की शिकायत: दिल्ली हाईकोर्ट ने अपीलीय पैनल से संपर्क करने का निर्देश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने WhatsApp अकाउंट बैन से जुड़ी याचिकाओं के समूह को निपटाते हुए याचिकाकर्ताओं को सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के तहत कानूनी उपाय का लाभ उठाने का निर्देश दिया।जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने कहा कि IT Rules के नियम 3A के तहत शिकायत निवारण का प्रभावी सिस्टम उपलब्ध है, जो शिकायत अपीलीय समिति के समक्ष अपील का प्रावधान करता है।ये याचिकाएं प्रैक्टिस करने वाले वकीलों— दीपक कंसल, डॉ. आदिश सी अग्रवाल और रोहित पांडे ने दायर की थीं,...
CBI से क्लीन चिट मिलने के बावजूद जांच का आदेश देने के लिए लोकपाल को कारण बताने होंगे: दिल्ली हाईकोर्ट ने DRI अधिकारी के खिलाफ जांच रद्द की
दिल्ली हाईकोर्ट ने लोकपाल का आदेश रद्द किया, जिसमें Directorate of Revenue Intelligence (DRI) के अधिकारी के खिलाफ CBI जांच का निर्देश दिया गया। कोर्ट ने कहा कि ऐसा फैसला बिना स्पष्ट कारण बताए नहीं लिया जा सकता, खासकर तब जब पिछली जांच में अधिकारी को बेकसूर पाया गया हो।जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस रेनू भटनागर की डिवीज़न बेंच ने अधिकारी द्वारा दायर रिट याचिका स्वीकार की और लोकपाल के 24 जुलाई, 2025 का आदेश रद्द किया, जहां तक वह उस अधिकारी से संबंधित था।कोर्ट ने कहा,"जब ये सबूत याचिकाकर्ता के पक्ष...
22 साल जेल काटने के बाद उम्रकैदी की रिहाई का आदेश, अपराध की गंभीरता के आधार पर बार-बार इनकार पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त
दिल्ली हाईकोर्ट ने 22 साल से अधिक सजा काट चुके एक उम्रकैदी की समयपूर्व रिहाई का आदेश देते हुए सेंटेंस रिव्यू बोर्ड (एसआरबी) के फैसलों पर कड़ी टिप्पणी की।अदालत ने कहा कि केवल अपराध की गंभीरता के आधार पर बार-बार रिहाई से इनकार करना यांत्रिक और मनमाना है।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की पीठ ने राजब अली की याचिका स्वीकार करते हुए यह आदेश दिया। अली को वर्ष 2005 में दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई।अदालत ने पाया कि एसआरबी ने 2016 से लेकर 2024 तक कई बार उसकी रिहाई की अर्जी खारिज की और हर बार...
अनिल अंबानी के मानहानि मुकदमा वापस लेने के आदेश को चुनौती, दिल्ली हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस
दिल्ली हाईकोर्ट ने न्यूज वेबसाइट कोबरा पोस्ट की याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें उद्योगपति अनिल अंबानी को मानहानि का मुकदमा वापस लेने की अनुमति देने वाले ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई।जस्टिस राजीव कुमार गुप्ता की पीठ ने अनिल अंबानी, लाइव मीडिया एंड पब्लिशर्स प्राइवेट लिमिटेड और बेनेट कोलमैन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा।मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई को तय की गई।बता दें, मामला उस रिपोर्टिंग से जुड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि अंबानी की कंपनियों ने 41,000 करोड़ रुपये से अधिक का कथित...
खेल परिसरों का मूल उद्देश्य खेल ही रहे, व्यावसायीकरण सीमित हो: दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणी
दिल्ली हाईकोर्ट ने सिरी फोर्ट स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में बढ़ते व्यावसायीकरण पर सुनवाई के दौरान कहा कि व्यावसायीकरण से पूरी तरह परहेज नहीं है, लेकिन ऐसे परिसरों का मूल उद्देश्य खेल गतिविधियां और खिलाड़ियों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना ही होना चाहिए।जस्टिस जस्मीत सिंह ने यह टिप्पणी उस याचिका पर सुनवाई करते हुए की, जिसमें दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) को खेल परिसर में हो रही व्यावसायिक गतिविधियों को रोकने का निर्देश देने की मांग की गई थी।याचिकाकर्ता का आरोप था कि पिछले एक वर्ष से परिसर में अत्यधिक...
धोखाधड़ी मामले में दोषसिद्धि के खिलाफ पूर्व विधायक की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट का नोटिस
दिल्ली हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश के पूर्व कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने धोखाधड़ी के मामले में अपनी दोषसिद्धि और सजा को चुनौती दी है।जस्टिस स्वर्णा कांत शर्मा की पीठ ने इस याचिका पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। याचिका में भारती ने ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई तीन साल की सजा को भी चुनौती दी।दोषसिद्धि के बाद हाल ही में भारती को विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया गया। दतिया सीट से उनकी सदस्यता समाप्त करने का नोटिफिकेशन भी जारी किया गया।मामले के...
शराब नीति मामला: जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को हटाने की मांग वाली केजरीवाल की याचिका पर नोटिस जारी
दिल्ली हाईकोर्ट ने अरविंद केजरीवाल की उस अर्जी पर नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने शराब नीति मामले से जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के हटने की मांग की थी।दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार (6 अप्रैल) को CBI को नोटिस जारी किया। यह नोटिस दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के मुखिया अरविंद केजरीवाल की उस अर्जी पर जारी किया गया, जिसमें उन्होंने जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के मामले से हटने की मांग की थी। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा अभी CBI की उस याचिका पर सुनवाई कर रही हैं, जिसमें कथित शराब नीति...
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री का वादा, पॉलिसी के बिना कानूनी तौर पर लागू नहीं होगा: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि किसी मुख्यमंत्री द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया गया कोई आश्वासन या वादा, किसी औपचारिक पॉलिसी या कानूनी आधार के बिना कानूनी तौर पर लागू होने वाला वादा नहीं माना जा सकता।जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की डिवीज़न बेंच ने कहा कि अगर कोई कानूनी ज़िम्मेदारी मौजूद नहीं है तो ऐसे वादे को 'रिट ऑफ़ मैंडमस' (आदेशिका) के ज़रिए लागू नहीं करवाया जा सकता।कोर्ट ने ये टिप्पणियां तब कीं, जब उसने एक सिंगल जज का आदेश रद्द किया, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद...
X अकाउंट ब्लॉकिंग पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त: 'डॉ. निमो यादव' और 'नेहर हू' अकाउंट तुरंत बहाल करने का आदेश
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ब्लॉक किए गए दो अकाउंट डॉ. निमो यादव और नेहर हू को तुरंत बहाल करने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि पूरे अकाउंट को ब्लॉक करना उचित नहीं है। हालांकि विवादित पोस्ट फिलहाल ब्लॉक रहेंगे।जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने यह आदेश प्रकरण की सुनवाई के दौरान पारित किया। यह याचिका डॉ. निमो यादव नाम से संचालित पैरोडी अकाउंट के संचालक प्रतीक शर्मा की ओर से दायर की गई। इसी तरह कुमार नयन द्वारा संचालित नेहर हू अकाउंट के मामले में भी अदालत ने समान राहत दी।सुनवाई...
एपस्टीन लिंक वाले पोस्ट पर विवाद: दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई तेज करने का दिया आदेश
दिल्ली हाईकोर्ट ने अहम मामले में सिंगल जज को निर्देश दिया कि वह उस आवेदन पर शीघ्र सुनवाई करें, जिसमें सोशल मीडिया पोस्ट हटाने का आदेश रद्द या स्थगित करने की मांग की गई। यह मामला रायपुर के सोशल एक्टिविस्ट कुनाल शुक्ला द्वारा दायर किया गया।विवाद उन पोस्टों से जुड़ा है जिनमें केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी की बेटी हिमानी पुरी को अमेरिकी वित्तीय अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जोड़ने का आरोप लगाया गया।जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस रेनू भटनागर की खंडपीठ ने सिंगल जज को निर्देश दिया कि दोनों पक्षों को सुनकर मामले...
केजरीवाल के किराया माफी बयान को लागू कराने से इनकार: दिल्ली हाईकोर्ट ने सिंगल जज का आदेश पलटा
दिल्ली हाईकोर्ट ने अहम फैसले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के उस बयान को कानूनी रूप से लागू कराने से इनकार किया, जिसमें उन्होंने कोविड लॉकडाउन के दौरान गरीब किरायेदारों का किराया सरकार द्वारा देने की बात कही थी।जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने सिंगल जज के आदेश को संशोधित करते हुए कहा कि इस तरह के बयान को लागू कराने के लिए अदालत कोई निर्देश (मैंडेमस) जारी नहीं कर सकती। कोर्ट ने याचिका को भ्रमित बताते हुए खारिज किया।अदालत ने स्पष्ट कहा,“मुख्यमंत्री द्वारा प्रेस...
शराब नीति मामले से जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को हटाने के लिए फिर से हाईकोर्ट पहुंचे अरविंद केजरीवाल
आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली हाईकोर्ट में नई अर्जी दाखिल की। इस अर्जी में उन्होंने मांग की कि कथित शराब नीति घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में उनकी रिहाई को चुनौती देने वाली सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) की याचिका पर सुनवाई से जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को हटा दिया जाए।इस अर्जी पर जस्टिस शर्मा द्वारा सोमवार को सुनवाई होने की संभावना है। CBI द्वारा दाखिल मुख्य याचिका भी जज के सामने आइटम नंबर 50 पर लिस्टेड है।खास बात यह है कि यह अर्जी केजरीवाल ने खुद दाखिल...
CPF विकल्प चुनने के बाद CCS नियमों के तहत पेंशन का दावा करने के लिए इसे बदला नहीं जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
जस्टिस संजीव नरूला की अध्यक्षता वाली दिल्ली हाईकोर्ट की बेंच ने फैसला सुनाया कि कोई भी कर्मचारी जिसने CPF योजना के तहत बने रहने का विकल्प चुना है, वह बाद में CCS पेंशन नियमों के तहत पेंशन लाभों का दावा नहीं कर सकता, क्योंकि 'मानित रूपांतरण' (Deemed Conversion) केवल वहीं लागू होता है जहाँ कोई विकल्प नहीं चुना गया।पृष्ठभूमि के तथ्ययाचिकाकर्ता एक्सपोर्ट इंस्पेक्शन काउंसिल (EIC) और एक्सपोर्ट इंस्पेक्शन एजेंसियों (EIAs) के पूर्व कर्मचारियों का एक समूह हैं। उन्होंने केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम,...
BSF के कॉम्बैट पदों पर तैनात जवान 57 साल की उम्र में रिटायर होंगे, 60 साल की सिविलियन रिटायरमेंट उम्र का दावा नहीं कर सकते - दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस अनिल क्षेतर्पाल और जस्टिस अमित महाजन की डिवीज़न बेंच ने फैसला सुनाया कि सीमा सुरक्षा बल (BSF) में किसी कॉम्बैट पद पर दोबारा नियुक्त किया गया कोई पूर्व सैनिक, जो उस कॉम्बैट कैडर के लाभों का आनंद लेता है, BSF की 57 साल की वैधानिक रिटायरमेंट उम्र के अधीन होगा, न कि सिविलियन पदों पर लागू 60 साल की रिटायरमेंट उम्र के।पृष्ठभूमि के तथ्यप्रतिवादी को 31 अगस्त, 1990 को भारतीय वायु सेना से सेवामुक्त कर दिया गया। इसके बाद 13 दिसंबर, 1991 को उसे BSF की एयर विंग में सब-इंस्पेक्टर...
फर्जी गैंगरेप केस में फंसाने और हिरासत में प्रताड़ना: वकील व पुलिसकर्मी की सजा बरकरार, दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक वकील और पुलिसकर्मी की सजा और दोषसिद्धि को बरकरार रखते हुए कहा कि पद और अधिकार का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त संदेश जाना चाहिए।जस्टिस चन्द्रशेखरन सुधा ने कहा कि अदालतें ऐसे मामलों में नरमी नहीं बरत सकतीं, जहां वकील और पुलिस जैसे जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग अपने अधिकारों का दुरुपयोग करें।मामला क्या था?मृतक सुशील गुलाटी को 2000 में एक फर्जी गैंगरेप केस में फंसाया गया था। बाद में डीएनए जांच में यह साबित हुआ कि अपराध किसी अन्य व्यक्ति ने किया था, जिसके बाद गुलाटी को बरी कर...




















