छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

प्रेरणा से धर्मांतरण सामाजिक संकट: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने आदिवासी गांवों में पादरियों के प्रवेश पर लगी रोक रखी बरकरार
प्रेरणा से धर्मांतरण सामाजिक संकट: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने आदिवासी गांवों में पादरियों के प्रवेश पर लगी रोक रखी बरकरार

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में आदिवासी बहुल क्षेत्रों में प्रलोभन द्वारा धर्मांतरण की प्रथा पर कड़ी चिंता व्यक्त करते हुए इसे सामाजिक संकट करार दिया।न्यायालय ने उन ग्राम सभाओं द्वारा उठाए गए कदम को संवैधानिक रूप से सही ठहराया, जिन्होंने अपने गांवों के प्रवेश द्वार पर ईसाई पादरियों और धर्मांतरित ईसाइयों के प्रवेश को रोकने वाले होर्डिंग लगाए थे।चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की खंडपीठ ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि धर्मांतरण तब एक गंभीर समस्या बन जाता है, जब यह...

कर्मचारी के ट्रांसफर पोस्ट पर कार्यभार ग्रहण करने के बाद ट्रांसफर आदेश को चुनौती देना अस्वीकार्य हो जाता है: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
कर्मचारी के ट्रांसफर पोस्ट पर कार्यभार ग्रहण करने के बाद ट्रांसफर आदेश को चुनौती देना अस्वीकार्य हो जाता है: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कहा कि कर्मचारी के ट्रांसफर पोस्ट पर कार्यभार ग्रहण करने के बाद ट्रांसफर आदेश को चुनौती देना सामान्यतः स्वीकार्य नहीं होता।पृष्ठभूमि तथ्यलेक्चरर (हिस्ट्री) शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, अभनपुर में कार्यरत थे। उन्हें अधिशेष घोषित कर राजपुर के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में ट्रांसफर कर दिया गया। बाद में वे काउंसलिंग के लिए उपस्थित हुए। हालांकि, उनके विषय में कोई रिक्त पद न होने के कारण उन्हें संभागीय...

आँखों में धूल झोंकने वाली कार्रवाई पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट नाराज़, मुख्य सचिव से मांगा नया हलफनामा
आँखों में धूल झोंकने' वाली कार्रवाई पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट नाराज़, मुख्य सचिव से मांगा नया हलफनामा

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सड़कों पर होने वाली गुंडागर्दी को रोकने के लिए राज्य के अधिकारियों द्वारा उठाए गए कदमों पर असंतुष्टि व्यक्त की है। यह गुंडागर्दी मुख्य रूप से लापरवाह ड्राइवरों द्वारा स्टंट करने और रिकॉर्ड करने, और सार्वजनिक सड़कों पर जन्मदिन मनाने के कारण होती है।चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की खंडपीठ ने टिप्पणी की कि राज्य द्वारा की गई कार्रवाई केवल आँखों में धूल झोंकने के समान प्रतीत होती है और अधिकारियों के प्रयास में गंभीरता की कमी है।कोर्ट ने 13 अक्टूबर को मुख्य...

कर्मचारियों को केवल उसी तत्काल निचले पद पर वापस किया जा सकता है, जहां से उन्हें पदोन्नत किया गया, न कि सबसे निचले पद पर: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
कर्मचारियों को केवल उसी तत्काल निचले पद पर वापस किया जा सकता है, जहां से उन्हें पदोन्नत किया गया, न कि सबसे निचले पद पर: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल की खंडपीठ ने कहा कि किसी कर्मचारी को केवल उसी तत्काल निचले पद पर वापस किया जा सकता है जहां से उन्हें पदोन्नत किया गया और उन्हें उससे निचले पद पर वापस करना असंवैधानिक और कानून की दृष्टि से अनुचित है।पृष्ठभूमि तथ्ययाचिकाकर्ता की नियुक्ति शुरू में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में तकनीशियन ग्रेड-III के पद पर हुई। उन्हें क्रमिक रूप से पदोन्नति मिली। वे कनिष्ठ अभियंता (विद्युत) के पद पर पहुंचे। 15.07.2013 को उन्हें 19.06.2013 से...

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शराब घोटाला मामले में चैतन्य बघेल की ED गिरफ्तारी बरकरार रखी, कहा- प्रक्रियागत खामियां अवैध नहीं
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शराब घोटाला मामले में चैतन्य बघेल की ED गिरफ्तारी बरकरार रखी, कहा- प्रक्रियागत खामियां अवैध नहीं

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में कथित संलिप्तता के लिए चैतन्य बघेल (याचिकाकर्ता) के खिलाफ शुरू की गई गिरफ्तारी और उसके बाद की आपराधिक कार्यवाही रद्द करने से इनकार किया।जहां याचिकाकर्ता ने अपनी गिरफ्तारी में कई प्रक्रियागत खामियों और अनियमितताओं की ओर इशारा किया, जैसे - समन जारी न करना, असहयोग के निराधार दावे, गिरफ्तारी के सामान्य आधार और अनुचित बलपूर्वक कार्रवाई, वहीं जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा ने गिरफ्तारी और कार्यवाही में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए कहा,“आगे की जांच में...

आश्रित, सात साल बाद मृत मान लिए गए लापता कर्मचारी की सेवा समाप्ति को चुनौती दे सकता है और उसके सेवा लाभों का दावा कर सकता है: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
आश्रित, सात साल बाद मृत मान लिए गए लापता कर्मचारी की सेवा समाप्ति को चुनौती दे सकता है और उसके सेवा लाभों का दावा कर सकता है: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल की खंडपीठ ने कहा कि किसी लापता सरकारी कर्मचारी की आश्रित पत्नी उसकी एकतरफा सेवा समाप्ति को चुनौती दे सकती है और सात साल बाद मृत मान लिए गए लापता कर्मचारी के सेवा लाभों का दावा कर सकती है।पृष्ठभूमि तथ्यप्रतिवादी का पति भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) की राजहरा खदान में वरिष्ठ तकनीशियन (विद्युत) के पद पर कार्यरत था। वह मानसिक रूप से बीमार था और बाद में लापता हो गया। इसलिए वह लंबे समय तक अपने कर्तव्यों से अनुपस्थित रहा। उसकी पत्नी...

आपराधिक मामले के लंबित रहने से विभागीय कार्यवाही स्वतः जारी रहने या समाप्त होने पर रोक नहीं लगती: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
आपराधिक मामले के लंबित रहने से विभागीय कार्यवाही स्वतः जारी रहने या समाप्त होने पर रोक नहीं लगती: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कहा कि किसी आपराधिक मामले के लंबित रहने से विभागीय कार्यवाही स्वतः जारी रहने या समाप्त होने पर रोक नहीं लगती। इसके अलावा, आपराधिक मुकदमे के लंबित रहने तक अनुशासनात्मक कार्यवाही पर रोक केवल एक उचित अवधि के लिए ही होनी चाहिए। साथ ही किसी कर्मचारी द्वारा आपराधिक मुकदमे की लंबी अवधि का उपयोग विभागीय कार्यवाही को अनिश्चित काल के लिए विलंबित करने के लिए नहीं किया जा सकता।पृष्ठभूमि तथ्यप्रतिवादी छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण...

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पुल के रास्ते को अवरुद्ध करने पर लिया स्वत: संज्ञान, कहा- अतिक्रमणकारी राज्य को सीधी चुनौती दे रहे हैं
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पुल के रास्ते को अवरुद्ध करने पर लिया स्वत: संज्ञान, कहा- अतिक्रमणकारी राज्य को सीधी चुनौती दे रहे हैं

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक हिंदी दैनिक में प्रकाशित समाचार पर स्वत: संज्ञान लिया, जिसमें बताया गया म कि दयालबंद पुल के नीचे रहने वाले 15 परिवारों के लिए इस्तेमाल होने वाले चिह्नित फुटपाथ को कुछ लोगों ने अवरुद्ध कर दिया। ये लोग पहले वह ज़मीन खरीदने में विफल रहे थे और उन्होंने अब वहां एक लोहे का गेट और दीवार खड़ी कर दी, जिस पर एक धमकी भरा नोट भी चिपका है कि उस रास्ते से गुजरने वालों को 'उचित उपचार' दिया जाएगा।चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभू दत्ता गुरु की खंडपीठ ने इन व्यक्तियों द्वारा अपनाई...

पुत्र जीवित है तो पुत्री मिताक्षरा हिंदू पिता की संपत्ति की उत्तराधिकारी नहीं हो सकती, जिनकी मृत्यु 1956 से पहले हुई थी: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
पुत्र जीवित है तो पुत्री मिताक्षरा हिंदू पिता की संपत्ति की उत्तराधिकारी नहीं हो सकती, जिनकी मृत्यु 1956 से पहले हुई थी: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा कि मिताक्षरा विधि के अनुसार, यदि पुत्र जीवित है तो पुत्री अपने मृत हिंदू पिता की संपत्ति की उत्तराधिकारी नहीं हो सकती, जिनकी मृत्यु 1956 (हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के लागू होने के वर्ष) से ​​पहले हुई।जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की एकल पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि पुत्र की अनुपस्थिति में पुत्री ऐसी संपत्ति पर अपना अधिकार जता सकती है।कोर्ट ने कहा,“यह विधिक स्थिति सर्वविदित है कि मिताक्षरा कानून के अनुसार, पुत्री, अधिनियम, 1956 के लागू होने से पूर्व अपने पिता की संपत्ति की...

साइबर अपराध जांच में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य परीक्षकों की कमी पर चिंता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
साइबर अपराध जांच में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य परीक्षकों की कमी पर चिंता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य के लिए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य परीक्षकों की अनुपस्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। कोर्ट ने कहा कि इस कमी के कारण कानून प्रवर्तन और न्यायिक प्राधिकरणों की साइबर अपराधों से तुरंत निपटने की क्षमता बाधित हो रही है।चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की खंडपीठ जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें राज्य के लिए पर्याप्त संख्या में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य परीक्षकों की नियुक्ति की मांग की गई।कोर्ट ने खेद व्यक्त करते हुए कहा,"यह वास्तव में एक महत्वपूर्ण चिंता का...

पति को पालतू चूहा कहना और माता-पिता से दूर रहने के लिए मजबूर करना क्रूरता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने तलाक बरकरार रखी
पति को पालतू चूहा कहना और माता-पिता से दूर रहने के लिए मजबूर करना क्रूरता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने तलाक बरकरार रखी

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट का फैसला बरकरार रखा, जिसमें एक पति को तलाक दिया गया था, क्योंकि उसकी पत्नी ने उसे पालतू चूहा कहा और लगातार यह दबाव बनाया कि वह अपने माता-पिता को छोड़कर केवल उनके साथ रहे।मामले में अपीलकर्ता पत्नी ने पति को छोड़ दिया था और फैमिली कोर्ट ने पति की तलाक की याचिका स्वीकार की।जस्टिस रजनी दुबे और जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की डिविजन बेंच ने कहा,“प्रतिवादी और उसके परिवार के मौखिक बयान, जबरदस्ती और अपीलकर्ता द्वारा की गई आलोचनाएं सीधे तौर पर क्रूरता की कानूनी परिभाषा...

पेंशन के लिए अवैध धन की मांग जैसे अपराध पर समझौते से FIR नहीं खत्म हो सकती: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
पेंशन के लिए अवैध धन की मांग जैसे अपराध पर समझौते से FIR नहीं खत्म हो सकती: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की खंडपीठ स्पष्ट किया कि सरकारी कर्मियों द्वारा पेंशन रिलीज़ के नाम पर अवैध धन की मांग और धन का गबन जैसी घटनाएं केवल निजी विवाद नहीं हैं बल्कि समाज के लिए गंभीर नकारात्मक प्रभाव पैदा करती हैं। इसलिए ऐसे मामलों में समझौते के आधार पर FIR को रद्द नहीं किया जा सकता।मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार याचिकाकर्ता सरकारी क्लर्क था, जबकि शिकायतकर्ता एक मृतक शिक्षक की विधवा हैं। याचिकाकर्ता और एक अन्य अधिकारी ने शिकायतकर्ता से उसके पति की...

गरीबों पर डंडा, अमीरों पर रहम: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
गरीबों पर डंडा, अमीरों पर रहम: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक बार फिर सड़कों पर हो रहे हुड़दंग और लापरवाह ड्राइविंग की घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाया। अदालत ने दो हिंदी दैनिकों में प्रकाशित रिपोर्टों पर स्वतः संज्ञान लिया, जिनमें बताया गया कि कुछ युवक जन्मदिन मनाने फार्महाउस जाते समय गाड़ियों को लापरवाही से चला रहे थे, स्टंट कर रहे थे और खिड़कियों व सनरूफ से लटककर अन्य राहगीरों की जान को खतरे में डाल रहे थे।चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभु दत्त गुरु की खंडपीठ ने इस पर कड़ी नाराज़गी जताई और कहा कि पुलिस गरीबों, मध्यम वर्ग और वंचितों...

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बार काउंसिल में नामांकन न होने के कारण न्यायपालिका एग्जाम एडमिट कार्ड न दिए जाने को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बार काउंसिल में नामांकन न होने के कारण न्यायपालिका एग्जाम एडमिट कार्ड न दिए जाने को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मंगलवार (16 सितंबर) को सिविल जज (जूनियर डिवीजन) परीक्षा-2024 के लिए रजिस्टर्ड कई अभ्यर्थियों द्वारा दायर रिट याचिकाओं को खारिज कर दिया। इन अभ्यर्थियों में लोक अभियोजक और सहायक लोक अभियोजक भी शामिल है, जो परीक्षा के विज्ञापन की तिथि पर बार काउंसिल में 'एडवोकेट' के रूप में नामांकित नहीं है। इन अभ्यर्थियों ने एडमिट कार्ड न दिए जाने को चुनौती दी थी, जबकि उन्हें पहले परीक्षा के लिए आवेदन करने की अनुमति दी गई।बुधवार (17 सितंबर) शाम को वेबसाइट पर उपलब्ध कराए गए इस तर्कसंगत आदेश...

दिव्यांगता श्रेणी में आरक्षण का आदान-प्रदान कर सकती है सरकार: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
दिव्यांगता श्रेणी में आरक्षण का आदान-प्रदान कर सकती है सरकार: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि विकलांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016 (RPwD Act) की धारा 34 के तहत राज्य सरकार विकलांगता श्रेणियों के बीच आरक्षण का आदान-प्रदान कर सकती है। कोर्ट ने कहा कि वाणिज्य संकाय के पदों से दृष्टिबाधित उम्मीदवारों को बाहर करना अवैध नहीं है।चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की खंडपीठ ने यह फैसला दृष्टिबाधित उम्मीदवार की याचिका खारिज करते हुए दिया, जिसने वाणिज्य संकाय में सहायक प्रोफेसर के पद पर आरक्षण की मांग की...

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बजट स्वीकृति के बावजूद मेडिकल इंस्टीट्यूट को आधुनिक डिवाइस की आपूर्ति में देरी पर निराशा व्यक्त की
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बजट स्वीकृति के बावजूद मेडिकल इंस्टीट्यूट को आधुनिक डिवाइस की आपूर्ति में देरी पर निराशा व्यक्त की

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया, जिसमें बताया गया कि छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (CIMS), बिलासपुर के डॉक्टरों को नए और आधुनिक मेडिकल डिवाइस की खरीद के लिए सरकार द्वारा 15 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने के चार महीने बाद भी पुराने उपकरणों से ही ऑपरेशन करना पड़ रहा है।इस संबंध में चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की खंडपीठ ने कहा,"उपरोक्त रिपोर्ट से यह पता चलता है कि पर्याप्त धनराशि उपलब्ध होने के बावजूद, CIMS को मशीनें/उपकरण उपलब्ध नहीं...

हाईकोर्ट ने रायपुर में पुलिस क्वार्टरों की जर्जर हालत पर प्रकाश डालने वाली खबर पर स्वतः संज्ञान लिया, राज्य से हलफनामा मांगा
हाईकोर्ट ने रायपुर में पुलिस क्वार्टरों की जर्जर हालत पर प्रकाश डालने वाली खबर पर स्वतः संज्ञान लिया, राज्य से हलफनामा मांगा

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया, जिसमें रायपुर के आमानाका स्थित पुलिस क्वार्टरों की जर्जर हालत और नए आवासों के निर्माण के लिए स्वीकृत धनराशि राज्य सरकार द्वारा न दिए जाने का मुद्दा उठाया गया।मीडिया में खुलासा हुआ है कि क्वार्टरों में 24 मकान लगभग 34 साल पुराने हैं। उनकी हालत ऐसी है कि छत तक जाने वाली सीढ़ियां टूटकर गिर गईं। रिपोर्ट में आगे बताया गया कि पहली मंजिल तक जाने वाली सीढ़ियां खंभों के सहारे टिकी हुई हैं। लगभग 20 परिवार वहां "भगवान की दया" पर रह रहे हैं।नगर...