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यूएपीए के तहत जमानत देने से इनकार करने के मामले में क्या सत्र न्यायालय के आदेश के खिलाफ याचिका डिवीजन बेंच के समक्ष रखी जानी चाहिए? : मद्रास हाईकोर्ट ने बड़ी पीठ के पास सवाल रेफर किया
यूएपीए के तहत जमानत देने से इनकार करने के मामले में क्या सत्र न्यायालय के आदेश के खिलाफ याचिका डिवीजन बेंच के समक्ष रखी जानी चाहिए? : मद्रास हाईकोर्ट ने बड़ी पीठ के पास सवाल रेफर किया

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में एक बड़ी पीठ को यह सवाल रेफर किया है कि क्या गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत एक सत्र न्यायालय द्वारा पारित आदेश के खिलाफ दायर आवेदन को हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के समक्ष रखा जाना चाहिए या डिवीजन बेंच के समक्ष? न्यायमूर्ति ए डी जगदीश चंदीरा की एकल पीठ एक आरोपी जफर सथीक की तरफ से दायर जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी। जफर के खिलाफ यूएपीए अधिनियम (एनआईए अधिनियम के तहत अनुसूचित अपराध) के तहत केस बनाया गया है और उसे जिला एंव सत्र न्यायाधीश,कोयम्बटूर ने जमानत देने...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने टेलीविज़न विज्ञापन के माध्यम से चमत्कारी या अलौकिक शक्तियों का दावा करने वाले आइटम की बिक्री पर रोक लगाई
बॉम्बे हाईकोर्ट ने टेलीविज़न विज्ञापन के माध्यम से चमत्कारी या अलौकिक शक्तियों का दावा करने वाले आइटम की बिक्री पर रोक लगाई

बॉम्बे हाईकोर्ट (औरंगाबाद बेंच) ने मंगलवार (05 जनवरी) को एक महत्वपूर्ण फैसले में उन वस्तुओं की बिक्री पर रोक लगा दी, जो टेलीविजन विज्ञापन के माध्यम से यह दावा करती है कि उनके पास चमत्कारी या अलौकिक शक्तियां हैं। न्यायमूर्ति तानाजी नलावडे और न्यायमूर्ति मुकुंद सेवलिकर की पीठ ने यह भी कहा है कि इस तरह के विज्ञापन का प्रसारण करने वाला टीवी चैनल महाराष्ट्र प्रतिबंध और मानव बलि और अन्य अमानवीय, बुराई और अघोरी प्रथाओं की रोकथाम और काला जादू कानून, 2013 के प्रावधानों के तहत उत्तरदायी होगा।बेंच ने...

Allahabad High Court expunges adverse remarks against Judicial Officer
अन्वेषण अधिकारी अग्रिम जमानत मामलों को आवश्यक गंभीरता से नहीं लेते: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य को उचित सहायता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया

यह देखते हुए कि अग्रिम जमानत मामले प्रकृति में 'गंभीर' होते हैं और इन्हें प्राथमिकता पर लिया जाना आवश्यक है, क्योंकि वे देश के नागरिकों की स्वतंत्रता से संबंधित होते हैं। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने हाल ही में देखा, "बड़ी संख्या में ऐसे मामलों में यह पाया गया है कि अन्वेषण अधिकारी/सर्किल अधिकारी ऐसे मामलों को आवश्यक गंभीरता के साथ नहीं लेते हैं और उनके द्वारा बार-बार निर्देश/प्रति शपथपत्र या न्यायालय के समक्ष संबंधित रिकॉर्ड रखने के लिए समय मांगा जाता है।"दरअसल न्यायमूर्ति विवेक चौधरी की पीठ धारा...

साक्षरता और जागरूकता के लिए एससी / एसटी के समक्ष पेश आने वाली दिक्कतों को नजरंदाज करके तकनीकी आधार पर आरक्षण का लाभ उनसे वापस नहीं लिया जा सकता : दिल्ली हाईकोर्ट
साक्षरता और जागरूकता के लिए एससी / एसटी के समक्ष पेश आने वाली दिक्कतों को नजरंदाज करके तकनीकी आधार पर आरक्षण का लाभ उनसे वापस नहीं लिया जा सकता : दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा है, "यह वास्तविक तथ्य कि अनुसूचित जनजाति के लोगों के लिए न केवल कानूनी तौर पर, बल्कि संवैधानिक तौर पर एक निश्चित आरक्षण / छूट की व्यवस्था की गयी है, इस व्यवस्था की जरूरत को प्रदर्शित करता है। इस कथित आवश्यकता की पूर्ति न केवल आरक्षण / छूट प्रदान करके पूरी की जानी चाहिए, बल्कि एसटी के लिए निर्धारित आरक्षण और लाभ के अनुपालन में भी सहयोग किया जाना चाहिए। आरक्षण और छूट का अनुपालन करते वक्त इस तरह का आरक्षण / छूट प्रदान करने के कारण और उद्देश्य की भी अनदेखी नहीं की...

कर्नाटक सरकार ने पशु हत्या पर रोक लगाने के लिए अध्यादेश लागू किया, केवल 13 साल से अध‌िक उम्र की भैंस प्रत‌िबंध के दायरे से बाहर
कर्नाटक सरकार ने पशु हत्या पर रोक लगाने के लिए अध्यादेश लागू किया, केवल 13 साल से अध‌िक उम्र की भैंस प्रत‌िबंध के दायरे से बाहर

विधान परिषद में पशु हत्या के खिलाफ कानून पारित कराने में विफल रहने के बाद कर्नाटक सरकार अध्यादेश लेकर आई है।कर्नाटक के राज्यपाल ने मंगलवार को कर्नाटक मवेशी वध रोकथाम एवं संरक्षण विधेयक-2020 को मंजूरी दी। इस अध्यादेश के तहत 13 वर्ष से अधिक उम्र के भैंस को छोड़कर सभी मवेशियों के वध पर प्र‌तिबंध होगा।अध्यादेश के तहत "गाय, बछड़े, सांड़, बैल, 13 साल से कम उम्र की भैंस का मवेशा के रूप में परिभाष‌ित किया गया है। किसी भी रूप में मवेशियों के मांस" को "बीफ" के रूप में परिभाषित किया गया है।"अध्यादेश की...

शाहीन बाग की दादी के फोटो को किसान आंदोलन का बताकर ट्वीट करने पर अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज
'शाहीन बाग की दादी' के फोटो को किसान आंदोलन का बताकर ट्वीट करने पर अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज

बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ किसान आंदोलन में प्रदर्शन करने वाली एक महिला प्रदर्शनकारी की तुलना शाहीन बाग की बिल्कीस दादी से करने पर आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया गया है। 73 वर्षीय महिला किसान प्रदर्शनकारी महिंदर कौर ने मजिस्ट्रेट कोर्ट, भटिंडा में यह मुकदमा दायर किया है, जिसमें रानौत के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने की मांग की गई है। दायर मुकदमें कहा गया कि कंगना से झूठा दावा करते हुए कहा है कि वह 100 रूपये में प्रदर्शन के लिये उपलब्ध है। यह दावा किया गया है कि...

याचिकाकर्ता लिटिगेशन डिपेंडेश सिंड्रोम से पीड़ित प्रतीत होता है याचिकाकर्ता को फटकारते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा दोबारा याचिका दायर करना कोर्ट की प्रक्रिया का दुरुपयोग करने जैसा
"याचिकाकर्ता लिटिगेशन डिपेंडेश सिंड्रोम से पीड़ित प्रतीत होता है" याचिकाकर्ता को फटकारते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा दोबारा याचिका दायर करना कोर्ट की प्रक्रिया का दुरुपयोग करने जैसा

दिल्ली उच्च न्यायालय ने हाल ही में एक याचिकाकता को एक ही तथ्य और सामग्री को बार-बार य‌ाचिकाएं दायर कर, उठाने के लिए कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता लिटिगेशन डिपेंडेश सिंड्रोम से पीड़ित प्रतीत होता है।जस्टिस राजीव सहाय एंडलॉ और जस्टिस आशा मेनन की खंडपीठ एचसी राम नरेश की ओर से दायर एक अपील पर सुनवाई कर रही थी। अपील उसी पीठ द्वारा पारित आदेश के खिलाफ दायर की गई थी।कोर्ट ने कहा कि यह उल्लेखनीय है कि याचिकाकर्ता के व‌िवादों पर 8 दिसंबर 2020 के एक पुराने आदेश में विचार किया जा चुका है और...

अधिवक्ता को जासूस की तरह जिज्ञासु, किसान की तरह दृढ़, और सर्जन की तरह सटीक होना चाहिए, चीफ जस्टिस आरएस चौहान ने अपने विदाई भाषण में कहा
"अधिवक्ता को जासूस की तरह जिज्ञासु, किसान की तरह दृढ़, और सर्जन की तरह सटीक होना चाहिए", चीफ जस्टिस आरएस चौहान ने अपने विदाई भाषण में कहा

चीफ जस्ट‌िस राघवेंद्र सिंह चौहान को सोमवार को तेलंगाना हाईकोर्ट की फुल कोर्ट ने विदाई दी। हाल ही में उन्हें उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में स्थानांतरित किया गया है।अपने विदाई भाषण में जस्टिस चौहान ने कहा, "अधिवक्ता को जासूस की तरह जिज्ञासु, किसान की तरह दृढ़, और सर्जन की तरह सटीक होना चाहिए।" उन्होंने कहा, "कानूनी बिरादरी में, हमें भारत के संविधान द्वारा निर्धारित मार्ग पर चलना चाहिए। संवैधानिक मार्ग को छोड़ना अराजकता के मार्ग पर चलने जैसे और जंगल राज में प्रवेश करने जैसा...

Consider The Establishment Of The State Commission For Protection Of Child Rights In The UT Of J&K
अभियुक्त को इस आधार पर हिरासत में रखा जाना कि उसने गंभीर अपराध किया है, उसे ट्रायल से पहले सजा देने जैसा : जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी आरोपी को केवल इस कारण से हिरासत में नहीं रखा जा सकता है कि उसके द्वारा किया गया अपराध गंभीर प्रकृति का है। अदालत ने एक अभियुक्त की जमानत याचिका को स्वीकार करते हुए कहा कि, "याचिकाकर्ता को सिर्फ इस आधार पर हिरासत में रखना कि उस पर गंभीर अपराध का आरोप है। यह तो उसे ट्रायल से पहले सजा देने जैसा होगा।"न्यायमूर्ति संजय धर की खंडपीठ ने दोहराया कि प्रत्येक व्यक्ति को तब तक निर्दोष माना जाता है जब तक कि वह विधिवत दोषी नहीं ठहराया जाता है, इसलिए जमानत...

चिकित्सा लापरवाही- त्रिपुरा उच्च न्यायालय ने मृतक अधिवक्ता की मां को दस लाख रुपए का मुआवजा देने का निर्देश दिया
चिकित्सा लापरवाही- त्रिपुरा उच्च न्यायालय ने मृतक अधिवक्ता की मां को दस लाख रुपए का मुआवजा देने का निर्देश दिया

त्रिपुरा उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने, जिसमें चीफ जस्टिस अकिल कुरैशी और ज‌स्ट‌िस एसजी चट्टोपाध्याय शामिल थे, सोमवार को त्रिपुरा राज्य को एक अधिवक्ता भास्कर देबरॉय की मौत के मामले में दस लाख रुपए का मुआवजा देने का निर्देश दिया। जांच में पाया गया था कि अधिवक्ता की मौत जीबीपी अस्पताल की चिकित्सा लापरवाही के कारण हुई थी।मामले की पृष्ठभूमिसामाजिक कार्यकर्ता पुलक साहा की ओर से दायर जनहित याचिका में चिकित्सा लापरवाही के मामले में डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। य‌ाचिका...

यदि महिला संगठन शराब की अवैध बिक्री को लेकर शिकायत कर रहे हैं, इसका मतलब है कि अभी राज्य सरकार को और अधिक कार्य करने की आवश्यकता है: कर्नाटक हाईकोर्ट
यदि महिला संगठन शराब की अवैध बिक्री को लेकर शिकायत कर रहे हैं, इसका मतलब है कि अभी राज्य सरकार को और अधिक कार्य करने की आवश्यकता है: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि यदि महिलाओं का एक संगठन शराब की अवैध बिक्री के बारे में शिकायत करता है, तो राज्य सरकार और उसके अधिकारियों को महिलाओं के अधिकारों को देखते हुए बहुत तेजी से कार्य करने की आवश्यकता है। मुख्य न्यायाधीश अभय ओका और न्यायमूर्ति एस विश्वजीत शेट्टी की खंडपीठ ने 1 दिसंबर, 2020 को कर्नाटक राज्य सरकार को यह आदेश दिया। आदेश में आगे कहा कि," राज्य सरकार का कर्तव्य है कि यदि कहीं अवैध रूप से शराब की बिक्री हो रही है और इसके खिलाफ कोई शिकायत आती है, तो राज्य सरकार को शराब की अवैध...

मुस्लिम लड़के के साथ घर छोड़कर जाने वाली हिंदू लड़की को दिल्ली हाईकोर्ट ने माता-पिता के साथ लौटने की अनुमति दी
मुस्लिम लड़के के साथ घर छोड़कर जाने वाली हिंदू लड़की को दिल्ली हाईकोर्ट ने माता-पिता के साथ लौटने की अनुमति दी

दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रजनीश भटनागर की खंडपीठ ने सोमवार को उस बालिग हिंदू लड़की को घर लौटाने की अनुमति दे दी है,जो अपने मुस्लिम प्रेमी के साथ घर से चली गई थी। इसी के साथ खंडपीठ ने उसे सुरक्षा प्रदान करते हुए यह शर्त भी लगाई है कि उसके माता-पिता उसकी शिक्षा की पूरी जिम्मेदारी उठाएंगे। लड़की, जो एक बीटेक की छात्रा है, ने दावा किया था कि वह यूपीएससी की भी तैयारी कर रही है और उसे अपनी महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए अपने माता-पिता से उचित समर्थन नहीं मिल रहा था।...

न्यायाधीशों और वकीलों को भी COVID-19 वैक्सीन की प्राथमिकता सूची में शामिल किया जाए: तमिलनाडु एडवोकेट्स एसोसिएशन
न्यायाधीशों और वकीलों को भी COVID-19 वैक्सीन की प्राथमिकता सूची में शामिल किया जाए: तमिलनाडु एडवोकेट्स एसोसिएशन

तमिलनाडु एडवोकेट्स एसोसिएशन (टीएनएए) ने केंद्रीय और राज्य स्वास्थ्य मंत्रालय को लिखे पत्र में और साथ ही मद्रास कोर्ट और हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों से मांग की है कि वकीलों और न्यायाधीशों को भी COVID-19 वैक्सीन की प्राथमिक सूची में शामिल किया जाये। पत्र में कहा गया है कि सरकार ने "समाज के प्राथमिकता खंड" की एक अस्थायी सूची बनाई थी, जिसे टीकाकरण के पहले चरण में टीका लगाया जाएगा। इस टीकाकरण के आगामी सप्ताह में शुरू होने की संभावना है। पत्र में लिखा गया कि इस सूची में वकीलों या न्यायाधीशों का...

नायलॉन की डोर की अवैध बिक्री की वजह से फेस्टिव सीज़न में इंसानों और पक्षियों को गंभीर चोट पहुंचाने के खतरे पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया
नायलॉन की डोर की अवैध बिक्री की वजह से फेस्टिव सीज़न में इंसानों और पक्षियों को गंभीर चोट पहुंचाने के खतरे पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया

बॉम्बे हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति रवींद्र वी. घुंग और न्यायमूर्ति विभा कंकानवाड़ी (अवकाशीय पीठ), औरंगाबाद बेंच की एक खंडपीठ ने बुधवार (30 दिसंबर, 2020) को उत्सव के अवसर पर असंख्य पक्षियों को गंभीर रूप से घायल कर देने वाले नायलॉन के मांझे (डोर) की अवैध बिक्री पर स्वतः संज्ञान लिया। स्वतः संज्ञान में सहयोग की पृष्ठभूमिबेंच ने एक जनहित याचिका के रूप में यह स्वतः संज्ञान ऑफ़ इंडिया के 30 दिसंबर, 2020 अखबार के दो लेख प्रकाशित होने के बाद लिया। "नायलॉन मांझा सेे नासिक में महिला की मौत और "नायलॉन पर बैन...

Allahabad High Court expunges adverse remarks against Judicial Officer
राज्य से वित्तीय सहायता न मिलने की दलील देकर सेवानिवृत्त कर्मचारी को पेंशन लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार (04 जनवरी) को एक मामले में यह देखा कि राज्य से वित्तीय सहायता न मिलने की दलील देकर एक सेवानिवृत्त कर्मचारी को उसके पेंशन लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता है। मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर एवं न्यायमूर्ति रमेश सिंह की खंडपीठ ने एक मामले में यह अवलोकन करते हुए कहा कि नगर पालिका परिषद, सीतापुर के लिए यह अनिवार्य था कि वे, जिस तारीख को कर्मचारी ने सेवानिवृत्ति की आयु प्राप्त की थी, उस दिन वो उसके पेंशन मामले को अंतिम रूप देते।न्यायालय के समक्ष मामलायह अपील नगर पालिका...

विज्ञापन के दावे के मुताबिक बाल नहीं उगे : उपभोक्ता अदालत ने ब्रांड एंबेसडर पर झूठे दावे के लिए जुर्माना लगाया
विज्ञापन के दावे के मुताबिक बाल नहीं उगे : उपभोक्ता अदालत ने ब्रांड एंबेसडर पर झूठे दावे के लिए जुर्माना लगाया

एक दिलचस्प आदेश में, केरल की एक उपभोक्ता अदालत ने एक फिल्म अभिनेता को प्रभावशीलता का पता लगाए बिना एक हेयर क्रीम उत्पाद का समर्थन करने का झूठा दावा करने के लिए उत्तरदायी ठहराया है। डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर रिड्रेसल फोरम, त्रिशूर ने 'धात्री हेयर क्रीम' के निर्माताओं और एक विज्ञापन में उत्पाद का समर्थन करने वाले सेलिब्रिटी फिल्म अभिनेता अनूप मेनन को "झूठा वादा" करने के लिए एक उपभोक्ता को 10,000 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।दरअसल फ्रांसिस वडक्कन द्वारा ए-वन मेडिकल, धात्री आयुर्वेद प्राइवेट...

व्यक्तिगत अधिकारों को राष्ट्रीय हित को संरक्षित करना चाहिए: केरल उच्च न्यायालय ने UAPA मामले में पत्रकारिता के छात्र की जमानत रद्द की
व्यक्तिगत अधिकारों को राष्ट्रीय हित को संरक्षित करना चाहिए': केरल उच्च न्यायालय ने UAPA मामले में पत्रकारिता के छात्र की जमानत रद्द की

"व्यक्तिगत अधिकारों को राष्ट्रीय हितों का संरक्षण करना चाहिए।" केरला हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी यूएपीए के एक मामले में क‌थ‌ित माओवादी लिंक के आरोप में गिरफ्तार थ्वाहा फसल को विशेष एनआईए कोर्ट, कोच्चि द्वारा जमानत देने के आदेश को रद्द करते हुए की है।ज‌स्ट‌िस ए हरिप्रसाद और के हरिपाल की खंडपीठ ने कहा कि जब व्यक्तिगत अधिकारों को राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा के खिलाफ खड़ा किया जाता है, तो राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा को प्रमुखता दी जानी चाहिए। अदालत ने कहा है कि अभियुक्तों के पास से बरामद दस्तावेजों में...