मुख्य सुर्खियां
इलाहाबाद हाईकोर्ट 1 मार्च से परंपरागत तरीके से मामलों की सुनवाई करेगा
इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर के आदेशों के तहत जारी एक अधिसूचना के अनुसार, मामलों की फिजिकल सुनवाई उक्त तारीख से नियमित रूप से होगी। इसे सुविधाजनक बनाने के लिए सभी न्यायाधीश और उनके सहायक कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी से हाईकोर्ट की कार्यवाही में भाग लेंगे।फिजिकल सुनवाई के लिए निम्नलिखित दिशानिर्देश जारी किए गए हैं:अधिवक्ताओं की एंट्री1. केवल उन अधिवक्ताओं को ई-पास के माध्यम से हाईकोर्ट में प्रवेश करने की अनुमति दी जाएगी, जिनके मामले (ओं) को उस दिन न्यायालय द्वारा सुना जाएगा।2....
केरल हाईकोर्ट में चार नए न्यायाधीश ने संभाला पदभार, न्यायाधीशों की संख्या 40 हुई
केरल हाईकोर्ट में चार नए न्यायाधीशों को गुरुवार को अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलाई गई।जस्टिस मुरली पुरुषोत्तमन, जस्टिस ज़ियाद रहमान, जस्टिस करुणाकरण बाबू और जस्टिस डॉ. कौसर एदप्पगाथ ने दो साल तक केरल हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में शपथ ली।मुख्य न्यायाधीश एस. मणिकुमार ने इन न्यायाधीशों को पद की शपथ दिलाई।Justices Murali Purushothaman, Ziyad Rahman Alevakkatt Abdul Rahiman, Karunakaran Babu and Dr. Kauser Edappagath sworn in as Additional Judges of the #Kerala High Court, for two...
पत्नी को पति की संपत्ति मानने की मध्ययुगीन धारणा अब भी मौजूद, चाय देने से इनकार करना एकाएक या गंभीर रूप से भड़कने का कारण नहींः बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने यह देखते हुए कि पत्नी को पति की संपत्ति मानने की मध्ययुगीन धारणा अब तक मौजूद है, सदोष हत्या का प्रयास, जिसमें हत्या न हुई हो, के दोषी एक व्यक्ति के प्रति किसी भी प्रकार की उदारता दिखाने से इनकार कर दिया।जस्टिस रेवती मोहिते डेरे ने पति की इस दलील को खारिज कर दिया कि उसकी पत्नी ने चाय बनाने से इनकार करके उसे एकाएक और गंभीर रूप से भड़कने का कारण दिया। उन्होंने दलील को "भद्दा, स्पष्ट रूप से अस्थिर और अरक्षणीय" बताया।पति ने चरित्र पर शक करने और चाय बनाने से इनकार करने के कारण उसे...
तीस हजारी हिंसा मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने जांच आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर, 2021 तक बढ़ाया
दिल्ली हाईकोर्ट ने नवंबर 2019 में तीस हजारी अदालत परिसर में पुलिस और वकीलों के बीच हुई हिंसक झड़प की घटना की जाँच के लिए गठित जाँच आयोग का कार्यकाल हाल ही में बढ़ा दिया है।यह देखते हुए कि जांच चल रही है और कई गवाहों की जांच अभी बाकी है और मार्च 2020 से देश में लॉकडाउन लगा हुआ है। इसके साथ ही COVID-19 महामारी की स्थिति को देखते हुए मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने 31 दिसंबर 2021 तक जांच आयोग का कार्यकाल बढ़ा दिया है।आयोग के बारे मेंअदालत ने तीस हजारी कोर्ट...
अमेरिकी महिला से दुष्कर्म के आरोपी व्यक्ति की जमानत दिल्ली हाईकोर्ट ने मंजूर की, पीड़िता नहीं चाहती मामले को बढ़ाना
दिल्ली हाईकोर्ट ने अमेरिकी महिला के साथ बलात्कार के सह-आरोपी की नियमित जमानत याचिका हाल ही में मंजूर कर ली।न्यायमूर्ति अनु मल्होत्रा ने उस वक्त जमानत याचिका मंजूर कर ली जब उन्हें यह अवगत कराया गया कि बलात्कार पीड़िता ने मामले को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया है।बेंच ने कहा कि ट्रायल कोर्ट की ओर से पीड़िता के लिए नियुक्त वकील ने मामले से खुद को अलग करने की अनुमति मांगी थी। यहां तक कि अमेरिकी न्याय विभाग के एटर्नी ने भी उन्हें सूचित किया था कि पीड़िता इस मामले को अब आगे नहीं बढ़ाना चाहती।राज्य...
नाबालिग का मासिक भरण पोषण इस निर्देश के साथ बैंक अकाउंट में जमा नहीं करवाया जा सकता कि बालिग होने पर उसे दे दिया जाएगा : केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने एक फैमिली कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया है,जिसके तहत एक पिता को निर्देश दिया गया था कि वह अपनी नाबालिग बच्ची का निर्वाह भत्ता उसके नाम से खोले गए बैंक खाते में जमा करवाए और यह राशि बच्ची के बालिग होने के बाद ही उसे प्राप्त होगी। जस्टिस मैरी जोसेफ की सिंगल बेंच इस मामले में फैमिली कोर्ट के निर्देशों के खिलाफ नाबालिग की मां की तरफ से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। फैमिली कोर्ट के निर्देश के अनुसार नाबालिग बच्ची के भरण पोषण/निर्वाह भत्ते की राशि उसकी मां को देने की बजाय...
एक अंधे व्यक्ति को नौकरी से हटाना पीडब्ल्यूडी अधिनियम, 2016 के तहत अधिकारों का उल्लंघन: कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने हरिंगाता महाविद्यालय द्वारा एक अंधे प्रोफेसर को मुख्य रूप से उनकी शारीरिक विकलांगता के आधार पर बंगाली भाषा विभाग के प्रमुख के पद से हटाने के आदेश को रद्द कर दिया।न्यायमूर्ति रवि कृष्ण कपूर की एकल पीठ ने उल्लेख किया कि दिनांक 31 जुलाई, 2017 को जारी अधिसूचना, जिसमें याचिकाकर्ता को पद से हटा दिया गया था, वह विकलांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016 के प्रावधानों का सीधा उल्लंघन है।संबंधित कॉलेज ने कहा,"दी गई अधिसूचना के एक खंड पर यह स्पष्ट होता है कि नेत्रहीनता के आधार पर...
"90% तक जली महिला को इस तरह नहीं रखा जा सकता": झारखंड हाईकोर्ट ने मेल से भेजी गई शिकायत के आधार पर मामले का स्वतः संज्ञान लिया
झारखंड हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह एमजीएम अस्पताल, जमशेदपुर के लापरवाही भरे रवैये के खिलाफ ई-मेल से आई एक शिकायत का संज्ञान लिया। शिकायत में आरोप लगाया था कि 90% जल चुकी एक महिला को अर्धनग्न अवस्था में और बिना उचित चिकित्सीय सुविधाओं के छोड़ दिया गया था। चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ के समक्ष पेश होकर मेल भेजने वाले एडवोकेट अनूप अग्रवाल ने अदालत को बताया कि महिला की जलने से मृत्यु हो गई। शुरु में उसे बर्न वार्ड में नहीं रखा गया। वह एक बिस्तर पर पड़ी रही।न्यायालय के...
धार्मिक जुलूसों को सकारात्मकता/भाईचारा फैलाना चाहिए और किसी भी सांप्रदायिक अशांति का कारण नहीं होना चाहिए: मद्रास उच्च न्यायालय
याचिकाकर्ता सहित आम जनता को मंदिर के आसपास जुलूस निकालने की रस्म (गिरीवलम) निभाने की अनुमति देते हुए, मद्रास उच्च न्यायालय (मदुरै बेंच) ने हाल ही में देखा कि सभी धार्मिक जुलूस, सकारात्मकता और भाईचारे का प्रसार करते हुए होने चाहिए और वे किसी भी तरीके से सांप्रदायिक अशांति का कारण नहीं होने चाहिए। न्यायमूर्ति आर. हेमलता की खंडपीठ एक एम. थंगराज (पूर्व एमएमसी) की याचिका पर सुनवाई की, जिन्होंने अदालत से पहले अर्लीमीग पद्मगिरीश्वर स्वामी और अरुलमिगु अबिरामी अम्बिगई मंदिर के बाहर अनुष्ठान...
'एक बार एक पार्टी के लिए पेश हुई'- कलकत्ता हाईकोर्ट जज ने दोनों पक्षों द्वारा आपत्ति न लेने के बावजूद भी अपने आदेश को वापस लेते हुए कहा "यह सबसे अच्छा और एकमात्र उपलब्ध रास्ता है"
कलकत्ता हाईकोर्ट ने (सोमवार) एक ट्रेडमार्क विवाद में पारित अपने निषेधाज्ञा (Injunction) के आदेश को वापस लिया, क्योंकि इस मामले की अध्यक्षता करने वाली न्यायाधीश एक समान ट्रेडमार्क के संबंध में एक पक्ष के लिए पेश हुई थी।न्यायमूर्ति मौसमी भट्टाचार्य की एकल पीठ ने पक्षकारों द्वारा यह आश्वासन दिए जाने के बाद भी कि उन्हें न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय पर कोई आपत्ति नहीं है, फिर भी अपने द्वारा पारित आदेश को वापस लिया। पीठ का मानना है कि मामला जारी रखना, सबसे अच्छा और एकमात्र कार्रवाई है क्योंकि वह एक...
शांतिपूर्वक जुलूस निकालना, नारे लगाना अपराध नहीं हो सकता: हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने महिला वकील के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द की
यह रेखांकित करते हुए कि शांतिपूर्ण जुलूस निकालना, नारे लगाना, भारत के संविधान के तहत अपराध न है और न ही हो सकता है, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने सोमवार (22 फरवरी) को एक महिला अधिवक्ता के खिलाफ धारा 341, 147, 147, 149, 353, 504, और 506 आई.पी.सी. के तहत दायर एक प्राथमिकी को खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति अनूप चितकारा की खंडपीठ एक महिला अधिवक्ता और शिमला जिला न्यायालय बार एसोसिएशन के सदस्य की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसने अपने खिलाफ दर्ज की गई प्राथमिकी को रद्द करने के लिए अदालत के...
'माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम 2007 के तहत ट्रिब्यूनल के आदेश के खिलाफ केवल सीनियर सिटीजन और माता-पिता अपील करने के हकदार हैं': मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने कहा है कि माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम , 2007 के तहत केवल वरिष्ठ नागरिक और माता-पिता ही ट्रिब्यूनल के पारित आदेश के खिलाफ अपील दायर करने के हकदार हैं।मुख्य न्यायाधीश संजीब बनर्जी और न्यायमूर्ति सेंथिलकुमार राममूर्ति की खंडपीठ ने उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें घोषणा की गई थी कि माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम की धारा 16 के तहत पारित आदेश के खिलाफ कोई भी पीड़ित पक्ष अपील दायर कर सकता है।पीठ ने देखा कि,"जब...
टूलकिट मामले में दिल्ली कोर्ट ने शांतनु मुलुक की अग्रिम जमानत याचिका पर कल तक के लिए सुनवाई स्थगित की
दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में सोशल मीडिया पर शेयर की गई टूलकिट मामले के सह-आरोपी शांतनु मुलुक की अग्रिम जमानत अर्जी पर कल यानी गुरुवार तक के लिए सुनवाई स्थगित कर दी।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, धर्मेंद्र राणा ने अतिरिक्त लोक अभियोजक इरफान अहमद के अनुरोध पर मामले की सुनवाई स्थगित कर दी।शांतनु की ओर से अधिवक्ता सरीम नावेद उपस्थित हुए। नावेद ने अदालत को सूचित किया कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने शांतनु को 10 दिनों के लिए अग्रिम जमानत दे दी थी,...
कैदियों को वीडियो कॉन्फ्रेंस और फिजिकल पेशी में से विकल्प चुनने का अवसर दिया जाए: दिल्ली हाईकोर्ट
पिंजरा तोड़ की कार्यकर्ता नताशा नरवाल और देवांगना कलिता द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति प्रथिबा सिंह की एकल पीठ ने दिल्ली के जेल महानिदेशक से कहा है कि वे कैदियों को अदालत में फिजिकल तौर पर या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होने का विकल्प देने पर विचार करें। याचिका में आरोप लगाया था कि अदालत में फिजिकल तौर पर पेश होने के बाद उनको हर बार 14 दिन के क्वारंटीन होना पड़ रहा है,जो उनके अधिकारों के लिए पूर्वाग्रही है। इसलिए वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेश करने की...
'जो लोग जानवरों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं, उनसे निर्दयता से निपटा जाना चाहिए': मद्रास उच्च न्यायालय ने सरकार को हाथियों के स्वामित्व पर रोक लगाने के लिए नीति बनाने का निर्देश दिया
मद्रास उच्च न्यायालय ने तमिलनाडु सरकार से कहा है कि एक नीति बनाए, जिसके तहत व्यक्ति या मंदिरों को हाथियों का मालिकाना ना दिया जाए। हथियों का स्वामित्व प्रतिबंधित हो। जानवरों (इस मामले में हाथी) के साथ निजी स्वामित्व में हो रहे 'दुर्व्यवहार' पर चिंता व्यक्त करते हुए, चीफ जस्टिस संजीब बनर्जी और जस्टिस सेंथिलकुमार राममूर्ति की खंडपीठ ने कहा कि एक समान नीति होनी चाहिए, जिसके तहत "व्यक्तियों और मंदिरों के लिए भविष्य में हाथियों का स्वामित्व पूरी तरह से प्रतिबंधित किया जाना चाहिए।"पीठ ने कहा, ...
दलित लेबर एक्टिविस्ट नौदीप कौर जमानत याचिका: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने सुनवाई 26 फरवरी तक के लिए स्थगित की
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने बुधवार (24 फरवरी) को दलित लेबर एक्टिविस्ट नौदीप कौर द्वारा दायर जमानत याचिका पर 26 फरवरी तक के लिए सुनवाई स्थगित कर दी।न्यायमूर्ति अवनीश झिंगन की खंडपीठ ने राज्य के वकील को बुधवार से संबंधित दस्तावेजों को रिकॉर्ड पर रखने का भी निर्देश दिया ताकि मामले को शुक्रवार को फिर से सुनवाई के लिए उठाया जा सके।इससे पहले यह कहते हुए कि उसे टारगेट किया गया है और उसे इस मामले में झूठा फंसाया गया है, क्योंकि वह किसान आंदोलन के पक्ष में बड़े पैमाने पर समर्थन हासिल करने में सफल रही,...
दिल्ली हाईकोर्ट ने 3499 अंडरट्रायल कैदियों की अंतरिम जमानत को 15 दिनों के लिए बढ़ाया
दिल्ली हाईकोर्ट ने 20 फरवरी 2021 से 3499 अंडरट्रायल कैदियों की अंतरिम जमानत को 15 दिनों के लिए बढ़ाया।जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल और जस्टिस तलवंत सिंह की खंडपीठ ने 17 फरवरी, 2021 की बैठक में हाई पावर्ड कमेटी (एचपीसी) की बैठक के बाद आदेश दिया कि अंतरिम जमानत के और विस्तार की सिफारिश नहीं की जाएगी।दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव कंवलजीत अरोड़ा ने अदालत को सूचित किया कि समिति ने 14 जनवरी 2021 को अंतरिम जमानत के विस्तार की सिफारिश करते हुए कहा कि पिछली बार भी ऐसा ही किया गया था और हाल की...
अभियुक्त को आबकारी मामलों में ताड़ी के 'बी सैंपल' के रासायनिक जांच का कोई अधिकार नहीं है: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट की खंडपीठ ने विभिन्न एकल पीठ के निर्णय में व्यक्त किए गए अलग-अलग विचारों को समझते हुए कहा है कि ताड़ी की मिलावट से संबंधित मामलों में, अभियुक्त को 'सैंपल बी' के रासायनिक जांच (केमिकल एनालिसिस) करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।केरल आबकारी शॉप्स डिस्पोज़ल रूल्स के नियम 8 के अनुसार, संदिग्ध मिलावट के मामलों में ताड़ी के दो नमूने (सैंपल) लिए जाने चाहिए। रासायनिक जांच के लिए 'ए' लेबल का सैंपल मुख्य रासायनिक परीक्षक को भेजा जाएगा। अन्य सैंपल, जिसे 'बी' लेबल किया गया है, को उप आबकारी...
'यात्रा के लिए अभियुक्त के वाहनों के इस्तेमाल के बदले कृपा बरसा रहा अधिकारी' : उत्तराखंड हाईकोर्ट ने न्यायिक अधिकारी को निलंबित किया
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने अल्मोड़ा के सिविल जज (सीनियर डिवीजन) / न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक कुमार श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया है और उन्हें जिला जज मुख्यालय, देहरादून के साथ सम्बद्ध कर दिया है।न्यायिक अधिकारी के खिलाफ मुख्य आरोप यह है कि वह और उनके परिवार के सदस्य चंद्र मोहन सेठी नामक अभियुक्त के निजी वाहनों का इस्तेमाल दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा स्थित अपने परिजनों के घरों तक यात्रा के लिए करते रहे हैं।गौरतलब है कि न्यायिक अधिकारी और उनके परिजन कथित तौर पर चंद्र मोहन सेठी नामक जिस अभियुक्त के निजी...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य में आंगनवाड़ी परियोजनाओं के कार्यान्वयन पर यूपी सरकार से जवाब मांंगा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को राज्य में आंगनबाड़ियों की स्थिति पर यूपी सरकार से पोषण कार्यक्रमों के संबंध में जवाब मांगा।मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमश्री की खंडपीठ ने राज्य सरकार के संबंधित विभाग को निर्देश देते हुए टिप्पणी करते हुए कहा, "रिट के लिए यह याचिका एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, जिसमें पोषण आहार से संबंधित योजना सहित आंगनवाड़ी परियोजनाओं को लागू करना है।" इसके साथ ही कोर्ट ने राज्य सराकर को एक महीने के भीतर इस पर हलफनामा दायर करने को कहा।जनहित याचिका निशांत...




















