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दोषी का निर्धारण, मुआवजा देने के लिए आवश्यक नहीं; राज्य नागरिकों के जीवन की रक्षा के लिए बाध्यः पटना हाईकोर्ट
दोषी का निर्धारण, मुआवजा देने के लिए आवश्यक नहीं; राज्य नागरिकों के जीवन की रक्षा के लिए बाध्यः पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने यह मानते हुए कि राज्य का कर्तव्य है कि वह अपने नागरिकों के जीवन की रक्षा करे, बुधवार को मुंगेर मां दुर्गा पूजा गोलीबारी घटना में पिछले साल अक्टूबर में मारे गए 18 साल के लड़के के पिता को मुआवजे के रूप में 10 लाख रुपए प्रदान किया है।यह आदेश महत्वपूर्ण है, क्योंकि क्षतिपूर्ति फायरिंग की घटना की जांच लंबित होने के बावजूद दी गई है।जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद की एकल पीठ ने कहा कि मुआवजा देने के उद्देश्य से, यह जानना कि गोलीबारी के पीछे कौन था, जो लड़के के दुर्भाग्यपूर्ण निधन का कारण बना,...

बलात्कारी असहाय महिला की आत्मा को अपमानित करता हैः पटना हाईकोर्ट ने नाबालिग से बलात्कार करने वाले व्यक्ति की सजा को सही ठहराया
बलात्कारी असहाय महिला की आत्मा को अपमानित करता हैः पटना हाईकोर्ट ने नाबालिग से बलात्कार करने वाले व्यक्ति की सजा को सही ठहराया

पटना हाईकोर्ट ने 14 साल की नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार करने के मामले में दोषी पाए गए एक व्यक्ति की सजा की पुष्टि करते हुए मंगलवार को कहा कि,''बलात्कार केवल एक शारीरिक हमला नहीं है, यह अक्सर पीड़ित व्यक्ति के पूरे व्यक्तित्व का विनाशकारी होता है। एक हत्यारा पीड़ित के फिजिकल शरीर को नष्ट करता है, परंतु एक बलात्कारी असहाय महिला की आत्मा को अपमानित करता है।'' न्यायमूर्ति बीरेंद्र कुमार की एकल पीठ ने यह भी कहा कि यदि मामले के रिकॉर्ड से पता चलता है कि पीड़िता के पास आरोपी को गलत तरीके से फंसाने के लिए...

COVID-19 मास्क के लिए अनुपालन शुल्क अधिवक्ताओं के लिए सामान्य रूप से अधिक हो सकता है, इगो का इश्यू नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
COVID-19 मास्क के लिए अनुपालन शुल्क अधिवक्ताओं के लिए सामान्य रूप से अधिक हो सकता है, इगो का इश्यू नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के निजी वाहन में अकेले यात्रा करते समय भी COVID-19 प्रोटोकॉल के हिस्से के रूप में मास्क पहनने के आदेश को चुनौती देने वाली 4 अधिवक्ताओं की याचिकाओं को खारिज करते हुए जोरदार शब्दों में कहा, "एक वर्ग के रूप में अधिवक्ताओं के कारण उनके कानूनी प्रशिक्षण का एक उच्च कर्तव्य है कि विशेष रूप से महामारी जैसी परिस्थितियों का अनुपालन करें। मास्क पहनने को अहम् मुद्दा नहीं बनाया जा सकता है।"न्यायमूर्ति प्रतिभा सिंह की एकल न्यायाधीश पीठ ने कहा कि उनके कानूनी प्रशिक्षण के कारण...

[दिल्ली दंगे] कोर्ट ने अपने ही घर को लूटने और नुकसान पहुँचाने की शिकायत करने वाले व्यक्ति को ही आरोप बनाने वाले मामले की कार्यवाही पर रोक लगाई
[दिल्ली दंगे] कोर्ट ने अपने ही घर को लूटने और नुकसान पहुँचाने की शिकायत करने वाले व्यक्ति को ही आरोप बनाने वाले मामले की कार्यवाही पर रोक लगाई

दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को सीएमएम कोर्ट के समक्ष लंबित उस कार्यवाही पर रोक लगा दी, जिसमें उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान हाशिम अली नाम के एक व्यक्ति ने पुलिस को लूट, आगजनी और अपने घर को नुकसान पहुंचाने की शिकायत की थी, मगर बाद में पुलिस ने चोरी, संपत्ति को नष्ट करने और आगजनी का आरोप लगाते हुए एक अन्य एफआईआर के साथ उसकी शिकायत को टैग करते हुए उसे ही आरोपी बना दिया।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव ने उक्त कार्यवाही पर रोक लगाते हुए जांच अधिकारी और एसएचओ, करावल नगर को सुनवाई की अगली...

[कोरोना की दूसरी लहर] मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की सभी बेंच 24 अप्रैल तक मामलों की वर्चुअल मोड में सुनवाई करेंगी
[कोरोना की दूसरी लहर] मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की सभी बेंच 24 अप्रैल तक मामलों की वर्चुअल मोड में सुनवाई करेंगी

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रधान सीट जबलपुर और इंदौर और ग्वालियर की बेंच द्वारा 8 से 24 अप्रैल तक सूचीबद्ध सभी मामलों को सुनवाई वर्चुअल मोड में करने का निर्णय लिया है।यह निर्देश बुधवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, जबलपुर, हाईकोर्ट एडवोकेट्स बार एसोसिएशन, जबलपुर, स्टेट बार काउंसिल ऑफ एमपी, सीनियर एडवोकेट्स काउंसिल और हाई कोर्ट बार एसोसिएशन, जबलपुर, इंदौर और ग्वालियर की ओर से किए गए आवेदन पर दिया गया है।यह निर्देश इस संबंध में 11 फरवरी 2021 और 3 अप्रैल 2021 को जारी पूर्व एसओपी और...

कोरोनोवायरस संक्रमित कार चालक के मुंह से निकलीं बूंदें घंटों बाद भी कार में बैठने वाले व्यक्ति को संक्रमित कर सकती हैं: दिल्ली हाईकोर्ट ने अकेले वाहन चलाते समय भी मास्क पहनना अनिवार्य किया
'कोरोनोवायरस संक्रमित कार चालक के मुंह से निकलीं बूंदें घंटों बाद भी कार में बैठने वाले व्यक्ति को संक्रमित कर सकती हैं': दिल्ली हाईकोर्ट ने अकेले वाहन चलाते समय भी मास्क पहनना अनिवार्य किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि जब कोई व्यक्ति अकेले कार चला रहा हो तब भी फेस मास्क पहनना अनिवार्य है क्योंकि कोरोनोवायरस संक्रमित कार चालक के मुंह से निकलीं बूंदें घंटों बाद भी कार में बैठने वाले व्यक्ति को संक्रमित कर सकती हैं।कोर्ट ने वाहन चलाते समय फेस मास्क नहीं लगाने पर दिल्ली के अधिकारियों द्वारा लगाए गए जुर्माने को चुनौती देने वाले विभिन्न अधिवक्ताओं द्वारा दायर चार याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि एक निजी कार COVID-19 नियंत्रण के उद्देश्य से एक सार्वजनिक स्थान हो सकती है।कोर्ट ने कहा कि...

[ऑफिस रेड] एडवोकेट महमूद प्राचा ने अधिकारियों द्वारा रिकॉर्ड किए गए सूबतों पर हेरफेर का आरोप लगाया, 13 अप्रैल को होगी बहस
[ऑफिस रेड] एडवोकेट महमूद प्राचा ने अधिकारियों द्वारा रिकॉर्ड किए गए सूबतों पर हेरफेर का आरोप लगाया, 13 अप्रैल को होगी बहस

दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को एडवोकेट महमूद प्राचा द्वारा दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की उनके ऑफिस पर रेड के मामले में तारीख की जल्द सुनवाई के लिए दायर याचिका पर सुनवाई की। अपनी याचिका में उन्होंने आरोप लगाया है कि स्पेशल सेल ने तत्काल मामले में केस फाइलों में कथित रूप से हेरफेर की है।आरोपों की सुनवाई पिछली 5 अप्रैल को हुई थी, जिसमें विशेष लोक अभियोजक अमित प्रसाद इंस्पेक्टर के साथ दोपहर 2 बजे कोर्ट में पेश हुए थे। इससे पहले मामले की फाइलों को कोर्ट में पेश नहीं करने और एडवोकेट महमूद प्राचा की...

राजनीतिक दलों को उन चुनावी वादों को करने से रोका जाना चाहिए, जिनसे सार्वजनिक खजाने पर बोझ बढ़ेः मद्रास हाईकोर्ट
राजनीतिक दलों को उन चुनावी वादों को करने से रोका जाना चाहिए, जिनसे सार्वजनिक खजाने पर बोझ बढ़ेः मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने 31 मार्च 2021 को ‌‌दिए एक आदेश में कहा है कि राजनीतिक दलों को ऐसे चुनावी वादे करने से रोका जाना चाहिए, जिससे सरकारी खजाने पर बोझ बढ़ता है। जस्टिस एन किरुबाकरन और बी पुगलेंधी की पीठ ने चुनाव आयोग और अन्य सरकारी प्राध‌िकरणों को निम्नलिखित सवालों के जवाब देने का निर्देश दिया है--क्या केंद्र सरकार ने राजनीतिक घोषणापत्र को कानून के दायरे में लाने के लिए कोई कदम उठाया है, विशेष रूप से, चुनाव घोषणापत्र और राजनीतिक दलों को नियंत्रित करने के लिए एस सुब्रमण्यम बालाजी बनाम तमिलनाडु राज्य...

कस्टडी में जांच उचित, हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने देह व्यापार के आरोपी को अग्रिम जमानत देने से इनकार किया
"कस्टडी में जांच उचित", हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने देह व्यापार के आरोपी को अग्रिम जमानत देने से इनकार किया

हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने मंगलवार को किशोर लड़कियों को देह व्यापार में धकेलने के आरोपी एक व्यक्ति को अग्र‌िम जामनत देने से इनकार कर दिया। आरोपी पर शादी का लालच देकर किशोर लड़कियों की तस्करी और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देह व्यापार में धकेलने में लिप्त एक रैकेट का हिस्‍सा होने का आरोप है।जस्टिस विवेक सिंह की एकल पीठ ने कहा कि एक अभियुक्त सभी मामलों में हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता नहीं होने पर भी अग्रिम जमानत का हकदार नहीं हो सकता है। कोर्ट ने कहा कि जमानत अर्जी खारिज करने का एकमात्र...

(बलात्कार और नाबालिग की मौत)साक्ष्य की पूरी बकेट अस्वीकार्य या अविश्वसनीय : पटना हाईकोर्ट ने मौत की सजा रद्द करते हुए आरोपियों को बरी किया
(बलात्कार और नाबालिग की मौत)''साक्ष्य की पूरी बकेट अस्वीकार्य या अविश्वसनीय' : पटना हाईकोर्ट ने मौत की सजा रद्द करते हुए आरोपियों को बरी किया

पटना हाईकोर्ट ने सोमवार को एक 13 साल की नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार और उसकी हत्या करने के मामले में तीन आरोपियों को निचली अदालत द्वारा दी गई मौत की सजा को रद्द करते हुए उनको बरी कर दिया है। हाईकोर्ट ने यह आदेश देते हुए कहा कि ''सबूतों की पूरी बकेट या तो अस्वीकार्य थी या अविश्वसनीय थी,जिस पर कोर्ट ने भरोसा किया था।''न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार सिंह और न्यायमूर्ति अरविंद श्रीवास्तव की खंडपीठ ने कहा किः ''सभी सबूतों पर विचार करने पर, हम दोहराते हैं कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ उचित संदेह...

God Does Not Recognize Any Community, Temple Shall Not Be A Place For Perpetuating Communal Separation Leading To Discrimination
वीआईपी मूवमेंट के दौरान सुनिश्चित करें कि आम नागरिकों को कम से कम असुविधा हो : मद्रास हाईकोर्ट ने डीजीपी, कनिश्नर को निर्देश दिए

मद्रास हाईकोर्ट ने पुलिस अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि वीआईपी/गणमान्य व्यक्तियों के वाहनों/काफिले की आवाजाही की विशेष व्यवस्था करने के दौरान आम नागरिकों को कम से कम असुविधा हो।मुख्य न्यायाधीश संजीब बनर्जी और न्यायमूर्ति सेंथिलकुमार राममूर्ति की एक खंडपीठ ने राज्य पुलिस के महानिदेशक और शहर के पुलिस आयुक्तों को निर्देश दिया कि वे वीआईपी मूवमेंट के दौरान आम नागरिकों को कम से कम असुविधा सुनिश्चित करने के लिए शहर के आयुक्तों को निर्देश दें। उच्च गणमान्य व्यक्ति में भारत के...

मास्क सुरक्षा कवच की तरह है : दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि अकेले वाहन में भी मास्क लगाना अनिवार्य
"मास्क सुरक्षा कवच की तरह है" : दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि अकेले वाहन में भी मास्क लगाना अनिवार्य

न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह की एकल पीठ ने आज व्यक्तिगत वाहनों में अकेले यात्रा के दौरान मास्क नहीं पहनने वाले व्यक्तियों पर दिल्ली सरकार द्वारा जुर्माना लगाने की चुनौती देने वाली रिट याचिकाओं को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि मास्क एक "सुरक्षा कवच" की तरह है जो इसे पहनने वाले और इसके आसपास रहने वाले दोनों लोगों की रक्षा करता है।अदालत ने कहा, "वैज्ञानिक और अंतर्राष्ट्रीय सरकारें मास्क पहनने की सलाह देती हैं। महामारी की चुनौती बहुत बड़ी थी और किसी व्यक्ति को टीका लगा या नहीं, मास्क अनिवार्य...

बोलने की स्वतंत्रता का अधिकार धार्मिक भावनाओं को आहत करने का लाइसेंस नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अयोध्या राम मंदिर के खिलाफ दुष्प्रचार करने के आरोपी पीएफआई सदस्य को अग्रिम जमानत देने से इनकार किया
'बोलने की स्वतंत्रता का अधिकार धार्मिक भावनाओं को आहत करने का लाइसेंस नहीं': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अयोध्या राम मंदिर के खिलाफ दुष्प्रचार करने के आरोपी पीएफआई सदस्य को अग्रिम जमानत देने से इनकार किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने अयोध्या में राम मंदिर के शिलान्यास समारोह के खिलाफ दुष्प्रचार करके दो धार्मिक समुदायों के बीच दुश्मनी को बढ़ाने के आरोपी को अग्रिम जमानत देने से इनकार किया।न्यायमूर्ति चंद्र धारी सिंह की एकल पीठ ने कहा कि,"धर्मनिरपेक्ष राज्य में लोगों को प्राप्त भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मौलिक अधिकार, नागरिकों की धार्मिक भावनाओं और विश्वासों और आस्था को चोट पहुंचाने का पूर्ण लाइसेंस नहीं है।"बेंच ने देखा कि अभियुक्त मोहम्मद नदीम के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला बनता...

दिल्ली हाईकोर्ट ने दंगों के पीड़ितों की दुकान जलाने और लूट से हुए नुकसान के लिए 5 लाख रुपये मुआवजे की मांग करने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने दंगों के पीड़ितों की दुकान जलाने और लूट से हुए नुकसान के लिए 5 लाख रुपये मुआवजे की मांग करने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया

दिल्ली हाईकोर्ट दिल्ली दंगों, 2020 के पीड़ितों द्वारा दायर उत्तर-पूर्वी दिल्ली के शिव विहार में उनकी किराए की दुकान को लूटने, जलाने और नष्ट करने से हुए नुकसान के लिए 5 लाख रूपये की मुआवजे की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया।न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह ने सईद अहमद खान की याचिका पर उपायुक्त (डीसी) और उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) से जवाब मांगा और अन्य समान मामलों के एक संग्रह के साथ 26 अप्रैल को आगे की सुनवाई के लिए मामले को निर्धारित किया।याचिका में AAP के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार द्वारा...

COVID-19: सुनवाई केवल वर्चुअल माध्यम से होगी- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने COVID के दौरान लखनऊ बेंच के कामकाज के लिए गाइडलाइन जारी की
COVID-19: सुनवाई केवल वर्चुअल माध्यम से होगी- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने COVID के दौरान लखनऊ बेंच के कामकाज के लिए गाइडलाइन जारी की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने COVID-19 मामलों में हालिया उछाल को देखते हुए मंगलवार (06 अप्रैल) को हाईकोर्ट के कामकाज को लेकर (COVID-19 के दौरान हाईकोर्ट के कामकाज से संबंधित) गाइडलाइन जारी की है, जो 07 अप्रैल 2021 से 09 अप्रैल 2021 तक प्रभावी रहेगी।नई गाइडलाइन के अनुसार, 07 अप्रैल 2021 से 09 अप्रैल 2021 तक मामलों की सुनवाई केवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही वकीलों को 7, 8 और 9 अप्रैल 2021 को कोर्ट रूम और कॉरिडोर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।कॉज लिस्ट के अनुसार,...

Allahabad High Court expunges adverse remarks against Judicial Officer
मामले, जहां आरोप पत्र दायर होने के बाद भी अग्रिम जमानत दी जा सकती हैः इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिशा निर्देश जारी किए

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को को कहा कि एक अभियुक्त को केवल इस आधार पर अग्रिम जमानत न देना कि जांच अधिकारी ने आरोप-पत्र दायर कर दिया है या न्यायालय ने उसके खिलाफ, धारा 204 सीआरपीसी के तहत संज्ञान लिया है, बिना उसकी प्रथम दृष्टया प्राम‌णिकता पर विचार किए, "न्याय के बड़े हित में नहीं होगा।"जस्टिस सिद्धार्थ की एकल पीठ ने उक्त अवलोकन करते हुए विभिन्न "उपयुक्त मामलों" को प्रतिपादित किया, जहां चार्जशीट और न्यायालय के संज्ञान के बाद भी, गिरफ्तारी की आशंका के मद्देनजर अभियुक्त को अग्रिम जमानत दी जा...

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने बॉम्बे और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के लिए स्थायी जजों की सिफारिश की
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने बॉम्बे और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के लिए स्थायी जजों की सिफारिश की

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट के लिए 10 अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति को स्थायी करने की सिफारिश की।कॉलेजियम ने जिन न्यायाधीशों को स्थायी करने की सिफारिश की उनके नाम हैं:जस्टिस अविनाश गुनवंत घरोटेजस्टिस नितिन भगवंतराव सूर्यवंशीजस्टिस अनिल सत्यविजय किलोरजस्टिस मिलिंद नरेंद्र जाधवजस्टिस एमजी सेवालीकरजस्टिस वीजी बिष्टजस्टिस देवबदल भालचंद्र उग्रसेनजस्टिस एमएस जावलकरजस्टिस एसपी तावड़ेजस्टिस एनआर बोरकरस्थायी जस्टिस गृहोट, जस्टिस सूर्यवंशी, जस्टिस किलोर और जस्टिस जाधव को 23...

हिरासत में मौत का आरोप: बॉम्बे हाई कोर्ट ने नाबालिग के शरीर का दूसरा पोस्टमार्टम करने का निर्देश दिया
हिरासत में मौत का आरोप: बॉम्बे हाई कोर्ट ने नाबालिग के शरीर का दूसरा पोस्टमार्टम करने का निर्देश दिया

बॉम्बे हाई कोर्ट ने पिछले हफ्ते, जुलाई 2018 में पुलिस कस्टडी में कथित तौर पर मारे गए एक नाबालिग के शव का दूसरा पोस्टमार्टम करने का आदेश दिया। न्यायमूर्ति एस.एस. शिंदे और न्यायमूर्ति मनीष पिटले की खंडपीठ ने सर जेजे अस्पताल के अधिकारियों को 17 वर्षीय लड़के सचिन जायसवार का दूसरा पोस्टमार्टम करने का निर्देश दिया, जिसके परिवार ने दूसरा पोस्टमार्टम होने तक शव लेने से इनकार कर दिया था। परिवार को संदेह है कि मोबाइल चोरी के मामले में हिरासत में लिए गए नाबालिग की वर्ष 2018 में पुलिस हिरासत...

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने केरल हाईकोर्ट के 5 अतिरिक्त न्यायाधीशों को स्थायी करने की सिफारिश की
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने केरल हाईकोर्ट के 5 अतिरिक्त न्यायाधीशों को स्थायी करने की सिफारिश की

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सोमवार को केरल हाईकोर्ट के पांच अतिरिक्त न्यायाधीशों की स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जिन नामों की स्थायी किए जाने की सिफारिश की है, वे हैं:1. जस्टिस कोनराड एस. डायस2. जस्टिस पीवी कुन्हीकृष्णन3. जस्टिस टीआर रवि4. जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस5. न्यायमूर्ति गोपीनाथ पी.जस्टिस डायस ने 18 नवंबर, 2019 को केरल हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी।न्यायमूर्ति कुन्हिकृष्णन ने 13 फरवरी, 2020 को केरल हाईकोर्ट...

पुलिस गवाह के बयानों पर केवल इसलिए संदेह नहीं किया जा सकता क्योंकि वे पुलिस के ऑफिशियल गवाह हैं : जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट
पुलिस गवाह के बयानों पर केवल इसलिए संदेह नहीं किया जा सकता क्योंकि वे पुलिस के ऑफिशियल गवाह हैं : जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट ने कहा कि पुलिस के बयान या गवाहों पर केवल इसलिए संदेह नहीं किया जा सकता क्योंकि वे पुलिस के ऑफिशियल गवाह हैं। इन गवाहों के बयानों पर संदेह पैदा करने के लिए बचाव में इससे अधिक सबूतों की आवश्यकता है।जस्टिस ताशी रैब्स्टर और जस्टिस विनोद चटर्जी कोल की डिवीजन बेंच ने यह स्पष्ट कर दिया कि सिर्फ इसलिए कि अभियोजन पक्ष ने किसी भी नागरिक या स्वतंत्र व्यक्ति को गवाह के रूप प्रस्तुत नहीं किया है तो यह निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए कि अभियोजन का मामला संदेह के घेरे में है और आरोपी...