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Sri Rama Close To The Heart Of Hindus: Madras HC Directs Police To Consider Allowing Ayodhya Ram Temple Campaign
"श्री राम हिंदुओं के दिल के बहुत करीब": मद्रास हाईकोर्ट ने पुलिस को अयोध्या राम मंदिर अभियान को अनुमति देने पर विचार करने का निर्देश दिया

मद्रास उच्च न्यायालय (मदुरै खंडपीठ) ने शुक्रवार (19 फरवरी) को एक याचिका को अनुमति दी जिसमें अयोध्या में "श्री राम मंदिर" के निर्माण के लिए मदुरै के आसपास के क्षेत्र में जागरूकता अभियान चलाने की अनुमति मांगी गई थी। न्यायमूर्ति आर. हेमलता की खंडपीठ ने मदुरै शहर के पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता के प्रतिनिधित्व पर विचार करें और मदुरै और उसके आसपास वाहन की मुक्त आवाजाही के लिए उचित प्रतिबंधों के साथ उचित आदेश पारित करें। संक्षेप में तथ्य यह मद्रास उच्च न्यायालय के...

कर्नाटक हाईकोर्ट ने अजीम प्रेमजी के खिलाफ कई याचिकाएं दायर करने पर याचिकाकर्ता पर 10 लाख का जुर्माना लगाया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने अजीम प्रेमजी के खिलाफ कई याचिकाएं दायर करने पर याचिकाकर्ता पर 10 लाख का जुर्माना लगाया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने प्रॉफिट कंपनी-इंडिया अवेक फॉर ट्रांसपेरेंसी पर विप्रो कंपनी के संस्थापक अजीम प्रेमजी और अन्य के खिलाफ एक ही मुद्दे पर मामला दर्ज करने की मांग को लेकर एक के बाद एक कई याचिकाएं दायर करने के कारण 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में कई याचिकाएं दायर की हैं, जिसमें अजीम प्रेमजी द्वारा संचालित कंपनियों में वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों पर आपराधिक कार्रवाई की मांग की गई है। उन याचिकाओं को खारिज करने के बावजूद याचिकाकर्ता ने पुराने आरोपों पर फिर...

Beaten Black And Blue By Police Officials, Dalit Labour Activist Nodeep Kaur Submits In Her Bail Plea, P&H HC To Hear Plea Tomorrow
"मुझे अत्यधिक पीटा गया": दलित लेबर एक्टिविस्ट नौदीप कौर ने अपनी जमानत याचिका में कहा; पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट कल याचिका पर सुनवाई करेगा

यह कहते हुए कि उसे लक्षित किया गया है और उसे इस मामले में झूठा फंसाया गया है क्योंकि वह किसान आंदोलन के पक्ष में बड़े पैमाने पर समर्थन हासिल करने में सफल रही, दलित श्रम कार्यकर्ता नौदीप कौर ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के समक्ष दायर अपनी जमानत याचिका में दावा किया है कि उसे पीटा गया, उसके साथ अत्याचार किया गया और उसे कई चोटें लगीं। अपनी जमानत याचिका में, उसने यह भी दावा किया है कि उसे गिरफ्तार करने के बाद, पुलिस अधिकारी उसे "किसी महिला पुलिस अधिकारी की अनुपस्थिति में" पुलिस...

अंतर-जातीय विवाह का मामला- लड़की कोई मवेशी नहीं बल्कि एक जीवित स्वतंत्र आत्मा है;जिसके अपने अधिकार हैं और अपनी इच्छाओं के अनुसार स्वंय के विवेक का उपयोग कर सकती हैः हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
अंतर-जातीय विवाह का मामला- लड़की कोई मवेशी नहीं बल्कि एक जीवित स्वतंत्र आत्मा है;जिसके अपने अधिकार हैं और अपनी इच्छाओं के अनुसार स्वंय के विवेक का उपयोग कर सकती हैः हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

अंतर जाति के कारण किसी विवाह का विरोध आध्यात्मिक और साथ ही धार्मिक अज्ञानता का नतीजा है, हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सोमवार (22 फरवरी) को एक फैसला सुनाते हुए कहा कि एक लड़की कोई मवेशी या निर्जीव वस्तु नहीं है बल्कि एक जीवित स्वतंत्र आत्मा है,जिसके पास दूसरों की तरह अधिकार हैं और विवेक की उम्र प्राप्त करने पर वह अपनी इच्छा के अनुसार अपने विवेक का उपयोग कर सकती है। न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर की खंडपीठ एक उच्च जाति की महिला (राजपूत) की निचली जाति के व्यक्ति के साथ विवाह से संबंधित याचिका पर सुनवाई...

निकट भविष्य में ट्रायल पूरा होने की कोई संभावना नहीं, बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस्लामिक स्टेट में शामिल होने के आरोपी युवक आरिब मजीद की जमानत बरकरार रखी
"निकट भविष्य में ट्रायल पूरा होने की कोई संभावना नहीं", बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस्लामिक स्टेट में शामिल होने के आरोपी युवक आरिब मजीद की जमानत बरकरार रखी

बॉम्बे हाईकोर्ट ने ‌कथित रूप से इस्लामिक स्टेट में शामिल रहे युवक आरिब मजीद की जमानत को बरकरार रखा है। ‌हाईकोर्ट ने बुधवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की याचिका को निस्तारित किया।मजीद को विशेष अदालत ने 17 मार्च, 2020 को जमानत दी थी, जिसके बाद एनआई ने हाईकोर्ट में अपील की और आदेश पर रोक लगा दी गई थी। मुंबई स्थित कल्याण के 27 वर्षीय मजीद ने हाईकोर्ट में अपनी जमानत अर्जी पर खुद जिरह की।जस्टिस एसएस शिंदे और मनीष पिटले की खंडपीठ ने मजीद को छह साल से कारावास में रखने और सुनवाई की धीमी गति को...

केरल हाईकोर्ट ने सहमति से यौन संबंध बनाने के बाद बलात्कार की शिकायत करने वाली महिला के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का निर्देश दिया
केरल हाईकोर्ट ने सहमति से यौन संबंध बनाने के बाद बलात्कार की शिकायत करने वाली महिला के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का निर्देश दिया

केरल हाईकोर्ट ने सोमवार को पुलिस को निर्देश दिया है कि उस महिला के खिलाफ तेजी से कानूनी कार्रवाई की जाए,जिसने एक व्यक्ति के साथ सहमति से संभोग करने के बाद उसके खिलाफ झूठी बलात्कार की शिकायत दर्ज करवाई थी। महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि एक जूनियर हेल्थ इंस्पेक्टर ने उस समय उसके साथ जबरन बलात्कार किया,जब वह COVID19 के कारण क्वारंटीन थी। पिछले साल नवंबर में, हाईकोर्ट ने आरोपी को जमानत दे दी थी क्योंकि महिला ने एक हलफनामा दायर कर कहा था कि उनके बीच संभोग आपसी सहमति पर आधारित था। उस समय तक आरोपी...

पर्यावरण और हाथी की आबादी का अपूरणीय क्षति होगी: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने शिवालिक एलीफेंट रिजर्व को डी-नोटिफाई करने के आदेश पर रोक लगाई
'पर्यावरण और हाथी की आबादी का अपूरणीय क्षति होगी': उत्तराखंड हाईकोर्ट ने शिवालिक एलीफेंट रिजर्व को डी-नोटिफाई करने के आदेश पर रोक लगाई

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कहा है कि अगर देहरादून के जॉली ग्रांट हवाई अड्डे के विस्तार के लिए शिवालिक हाथी रिजर्व के प्रस्तावित क्षेत्र को बदल दिया जाता है, तो पर्यावरणीय नुकसान होगा और इसके साथ ही हाथी की आबादी पर भी इसका अनुचित प्रभाव पड़ेगा।चीफ जस्टिस राघवेन्द्र सिंह चौहान और जस्टिस मनोज कुमार तिवारी की डिवीजन बेंच ने प्रथम दृष्टया (Prima Facie को रिकॉर्ड करते हुए शिवालिक एलीफेंट रिजर्व के प्रस्तावित क्षेत्र में बदलाव (डी-नोटिफाई) करने के आदेश पर रोक लगा दी।खंडपीठ ने यह भी कहा कि वन (संरक्षण)...

ट्रैफिक कानूनों के उल्लंघन के बावजूद, घायल पीड़ितों की दुर्दशा पर विचार करने की मानसिकता की समीक्षा करने का सही समय है: मद्रास हाईकोर्ट
'ट्रैफिक कानूनों के उल्लंघन के बावजूद, घायल पीड़ितों की दुर्दशा पर विचार करने की मानसिकता की समीक्षा करने का सही समय है': मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने कहा कि यह उन सभी हितधारकों के लिए सही समय है जो मोटर दुर्घटना के मामलों से जूझ रहे हैं और घायल पीड़ितों, द्वारा ट्रैफिक कानूनों के उल्लंघन के बावजूद, की दुर्दशा पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करना और उन्हें मुआवजे देने के लिए उनकी मानसिकता की समीक्षा करनी चाहिए। न्यायमूर्ति के. मुरली शंकर की एकल पीठ ने एक बस चालक के मामले को निपटाने के दौरान, जिसे मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा चार व्यक्तियों को ले जाने वाले दोपहिया वाहन के साथ दुर्घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था, कहा...

If Police Officials Are Unable To Comply With Courts Order Then They Are Unfit To Hold Their Post: Madras High Court
यदि पुलिस अधिकारी न्यायालय के आदेश का अनुपालन करने में असमर्थ हैं तो वे अपने पद पर बने रहने के लिए अयोग्य हैं: मद्रास हाईकोर्ट

यह देखते हुए कि जब एडवोकेट कमिश्नर संपत्ति का निरीक्षण करने गए थे, तो कुत्तों को छोड़ दिया गया था और पुलिस सुरक्षा के बावजूद कोई भी संपत्ति में प्रवेश नहीं कर सका, सोमवार (22 फरवरी) को मद्रास उच्च न्यायालय ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को फटकार लगाई। न्यायमूर्ति एन. किरुबाकरन और न्यायमूर्ति पी. डी. आदिकेशवल्लू की खंडपीठ ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, "अदालत के आदेशों का अक्षर और भावना में लागू/ अनुपालन किया जाना है। यदि अधिकारी ऐसा करने में असमर्थ हैं, तो वे पुलिस बल जैसे अनुशासित बल...

सुपरमार्केट में कंपनी के लोगो के साथ कैरी बैग के लिए अलग से चार्ज वसूलना  अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस: उपभोक्ता फोरम
सुपरमार्केट में कंपनी के लोगो के साथ कैरी बैग के लिए अलग से चार्ज वसूलना 'अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस': उपभोक्ता फोरम

एक कंज्यूमर कोर्ट ने हैदराबाद के 'मोर मेगास्टोर' को भुगतान करने के समय उपभोक्ता पर कैरी बैग (कंपनी के लोगो वाले) का अतिरिक्त चार्ज लगाने के अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस (व्यापार को अनैतिक तरीका) को बंद करने के लिए कहा है।जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, हैदराबाद ने माना है कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 की धारा 2 (1) (आर) के तहत अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस के लिए उपभोक्ता को एक विज्ञापन एजेंट के रूप में इस्तेमाल नहीं किया सकता है।आयोग के अध्यक्ष वकांती नरसिम्हा राव, पीवीटीआर जवाहर बाबू (सदस्य) और आरएस...

एडवोकेट जसमीत सिंह और एडवोकेट अमित बंसल को दिल्ली हाईकोर्ट में न्यायाधीश नियुक्त किया गया
एडवोकेट जसमीत सिंह और एडवोकेट अमित बंसल को दिल्ली हाईकोर्ट में न्यायाधीश नियुक्त किया गया

केंद्र सरकार ने एडवोकेट जसमीत सिंह और एडवोकेट अमित बंसल को दिल्ली हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने को लेकर अधिसूचित जारी कर दी है।कानून और न्याय मंत्रालय (न्याय विभाग) द्वारा जारी 22.02.2021 की अधिसूचना में भारत सरकार ने कहा:"भारत के संविधान के अनुच्छेद 217 के खंड (1) द्वारा प्रदत्त शक्ति के तहत राष्ट्रपति एस/श्री (i) जसमीत सिंह और (ii) अमित बंसल को दिल्ली हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करते हैं। यह नियुक्त वरिष्ठता के उस क्रम में है, जिस तिथि से वे अपने संबंधित...

एक व्यक्ति जो दिल्ली में प्रैक्टिस करने जा रहा हो, वह बिहार में नहीं रह सकता : दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा, बीसीडी को एनरॉलमेंट के लिए आवासीय सबूत मांगने का अधिकार
'एक व्यक्ति जो दिल्ली में प्रैक्टिस करने जा रहा हो, वह बिहार में नहीं रह सकता' : दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा, बीसीडी को एनरॉलमेंट के लिए आवासीय सबूत मांगने का अधिकार

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि वह बार काउंसिल ऑफ दिल्ली (बीसीडी) को एनरॉलमेंट प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन करने का निर्देश जारी नहीं कर सकता क्योंकि यह एक नीतिगत फैसला है।हालांकि बेंच ने एनरॉलमेंट प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन बनाये जाने की कुछ विधि छात्रों की याचिका पर यथाशीघ्र निर्णय लेने के लिए बार काउंसिल को कहा है।काउंसिल ने कोर्ट को अवगत कराया कि जुलाई 2020 तक 5000 वकीलों ने आंशिक ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिये एनरॉलमेंट कराये हैं और याचिकाकर्ता स्नातकों को भी अस्थायी तौर पर एनरॉल किया जा चुका...

Lawyer Not Wearing Neck-Band During Virtual Hearing
'वकीलों के प्रोफेशनल बिलों का भुगतान नहीं किया जा रहा' : दिल्ली सरकार को पैनल में शामिल वकीलों के बिलों का भुगतान करने का दिल्ली हाईकोर्ट का निर्देश

दिल्ली हाईकोर्ट ने इस कोर्ट के आदेश के बावजूद पैनल में शामिल वकीलों के बिलों का भुगतान नहीं किये जाने और वकीलों को इसके लिए रिट याचिकाएं दायर करने को विवश होने का संज्ञान लेते हुए पिछले सप्ताह दिल्ली सरकार के विधि सचिव को यह निर्देश दिया कि वह रिट याचिकाकर्ता (वकील) को 30 दिनों के भीतर उसके बिल का भुगतान करे।न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह की बेंच प्रणय रंजन नामक एक वकील की याचिका की सुनवाई कर रही थी, जिन्होंने अपने प्रोफेशनल बिलों के भुगतान की मांग को लेकर दिल्ली सरकार के खिलाफ रिट याचिका दायर की...

उन्नाव में मौतों का मामला- जांच सीबीआई को सौंपी जाए, इलाहाबाद हाईकोर्ट को भेजी गई पत्र याचिका में मांग
उन्नाव में मौतों का मामला- "जांच सीबीआई को सौंपी जाए," इलाहाबाद हाईकोर्ट को भेजी गई पत्र याचिका में मांग

इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को एक पत्र-याचिका भेजी गई है, जिसमें उन्नाव जिले आसोहा पुलिस स्टेशन के तहत बाबहारा गांव में दो नाबालिग दलित लड़कियों की संदिग्ध हत्या और तीसरी लड़की, जिसकी स्‍थति गंभीर है, के मामले का संज्ञान लेने का अनुरोध किया गया है।याचिकाकर्ता निलीम दत्ता (अध्यक्ष, एकीकृत जन आंदोलन) द्वारा भेजे गए प्रतिनिधित्व/जनहित याचिका में कहा गया है कि "यह भरोसा नहीं पैदा हो पा रहा है कि उन्नाव पुलिस वर्तमान मामले में न्याय करेगी।"इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार...

कर्नाटक उच्च न्यायालय के चार अतिरिक्त न्यायाधीश स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्त, पढ़ें अधिसूचना
कर्नाटक उच्च न्यायालय के चार अतिरिक्त न्यायाधीश स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्त, पढ़ें अधिसूचना

केंद्र सरकार ने सोमवार (22 फरवरी) को कर्नाटक उच्च न्यायालय के चार अतिरिक्त न्यायाधीशों की स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति को अधिसूचित किया। जिन चार अतिरिक्त न्यायाधीशों ने स्थायी किया, उनके नाम इस प्रकार हैं- सिंगापुरम राघवचार कृष्ण कुमार- अशोक सुभाषचंद्र किनगी- सूरज गोविंदराज, और- सचिन शंकर मगदुमइस संबंध में केंद्र सरकार की अधिसूचना में कहा गया है कि"भारत के संविधान के अनुच्छेद 217 के खंड (1) द्वारा प्रदत्त शक्ति के अभ्यास में राष्ट्रपति कर्नाटक उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश (1)...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पति से बच्चे की कस्टडी की मांग वाली मां की हेबियस कॉर्पस याचिका मंजूर की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पति से बच्चे की कस्टडी की मांग वाली मां की हेबियस कॉर्पस याचिका मंजूर की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने (शुक्रवार) मां की बंदी प्रत्यक्षीकरण (हेबियस कॉर्पस) याचिका को अनुमति दी, जिसमें उसने अपने पति (बच्चे के पिता) से साढ़े तीन साल की उम्र के बच्चे की कस्टडी मांगी थी। न्यायमूर्ति जेजे मुनीर की एकल पीठ ने कहा कि मां के पास में बच्चे के कल्याण के लिए बेहतर तरीके से देखभाल करने की मजबूत धारणा है।बेंच ने कहा कि,"यह पीढ़ियों का प्रचलित ज्ञान है कि एक युवा बच्चे का कल्याण पिता की तुलना में मां के हाथों में, या उस मामले के लिए, किसी और के लिए बेहतर है। यह मानव जाति के इस पारलौकिक...

शीर्ष अदालत के समक्ष मामला लंबित: केरल हाईकोर्ट ने समय पर डिमोनेटाइज़्ड करेंसी जमा करने में असमर्थ रहे एनआरआई की याचिका खारिज की
"शीर्ष अदालत के समक्ष मामला लंबित": केरल हाईकोर्ट ने समय पर डिमोनेटाइज़्ड करेंसी जमा करने में असमर्थ रहे एनआरआई की याचिका खारिज की

केरल हाईकोर्ट ने बुधवार (17 फरवरी) को अनिवासी भारतीयों (NRI) द्वारा दायर रिट याचिका को खारिज कर दी, यह देखते हुए कि समय पर विमुद्रीकृत मुद्रा (Demonetized Currency) जमा नहीं कर सके, इसलिए यह मामला शीर्ष अदालत द्वारा लार्च बेंच द्वारा एक निर्णय के लिए तैयार किए गए प्रश्न के दायरे में आता है (और मामला शीर्ष अदालत के समक्ष लंबित है)। न्यायमूर्ति पी. बी. सुरेश कुमार की खंडपीठ उन याचिकाकर्ताओं की याचिका पर सुनवाई कर रही थी जो अप्रवासी भारतीय हैं और उनमें से प्रत्येक के पास भारत सरकार द्वारा...