मुख्य सुर्खियां
तेलंगाना हाईकोर्ट मे तेलंगाना जिला न्यायाधीश भर्ती अधिसूचना 2020 को चुनौती, याचिका दायर
जिला जज बनने के इच्छुक एक वकील ने तेलंगाना हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर एंट्री लेवल ज्यूडिशियरी एग्जाम के लिए भर्ती अधिसूचना, 2020 को चुनौती देते हुए आरोप लगाया है कि यह भेदभावपूर्ण, असंवैधानिक है और तेलंगाना राज्य न्यायिक (सेवा और संवर्ग), 2017 के नियमों के भी खिलाफ है।हाईकोर्ट में एक प्रैक्टिस वकील वंगला जगन मोहन रेड्डी यह कहते हुए याचिका दायर की गई है कि न्यायिक अधिकारियों की रिक्तियों को सूचित करने में अनुचित देरी ने उन्हें परीक्षा में बैठने के अवसर से वंचित कर दिया है।इसके अलावा उन्होंने...
दिल्ली कोर्ट ने एडवोकेट महमूद प्राचा के खिलाफ दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा जारी सर्च वारंट पर 12 मार्च तक रोक लगाई
दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को एडवोकेट महमूद प्राचा के खिलाफ दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा जारी सर्च वारंट की कार्रवाई पर रोक लगा दी। इस मामले की अगली सुनवाई अब 12 मार्च, 2021 को होगी।मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट पंकज शर्मा ने एडवोकेट महमूद प्राचा और विशेष लोक अभियोजक अमित प्रसाद द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद सर्च वारंट के संचालन पर रोक लगा दी।अपनी याचिका में एडवोकेट प्राचा ने दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ द्वारा की गई दूसरी छापेमारी का जोरदार विरोध किया। प्राचा ने न्यायालय के समक्ष...
घरेलू हिंसा अधिनियम की कार्यवाही के खिलाफ दायर दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 482 के तहत याचिका सुनवाई योग्यः मेघालय हाईकोर्ट
मेघालय उच्च न्यायालय ने माना है कि घरेलू हिंसा अधिनियम की कार्यवाही के खिलाफ दायर दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 482 के तहत याचिका सुनवाई योग्य है।इस मामले में, यह दलील दी गई थी कि डीवी एक्ट, 2005 के तहत कार्यवाही पूर्णतया दीवानी प्रकृति की है और धारा 18 से 22 के तहत विचारित राहतें, बिना किसी आपराधिक दायित्वों के दीवानी राहते हैं और इस प्रकार, जांच आपराधिक मामले की सुनवाई नहीं है, जो धारा 482 सीआरपीसी के प्रावधान को आकर्षित करेगा।न्यायालय ने कहा कि डीवी अधिनियम की धारा 28 में विशेष रूप से...
स्वप्ना सुरेश के धारा 164 के तहत दिए गए बयान का प्रकाशनः केरल के एडवोकेट जनरल ने अवमानना याचिका के तहत सीमा शुल्क आयुक्त को नोटिस जारी किया
केरल के एडवोकेट जनरल सीपी सुधाकर प्रसाद ने सीमा शुल्क आयुक्त सुमित कुमार को एक याचिका पर नोटिस जारी किया है। याचिका में सीआरपीसी की धारा 164 (1) के तहत दर्ज तस्करी की आरोपी स्वप्ना सुरेश के बयानों को छापने के आरोप में सुमित कुमार के खिलाफ आपराधिक अवमानना की अदालती कार्रवाई शुरू करने के लिए मंजूरी की मांग की गई है।स्वप्ना सुरेश ने आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 164 (1) के तहत मजिस्ट्रेट के सामने दिए गए बयानों में मुख्यमंत्री, मंत्रियों, स्पीकर और अन्य लोगों को कथित रूप से फंसाया...
उम्मीदवार की पदोन्नति पात्रता की तिथि से प्रभावी होगी न कि साक्षात्कार की तिथि से प्रभावी होगी: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि उम्मीदवार की पदोन्नति पात्रता की तारीख से प्रभावी होगी, न कि यूजीसी विनियमों द्वारा संचालित कैरियर एडवांसमेंट स्कीम (CAS) के अनुसार साक्षात्कार की तिथि से प्रभावी होगी।डॉ. किरण गुप्ता, प्रो पीबी पंकजा और मंजू अरोरा रिलन की ओर से दायर याचिकाओं में प्रार्थना की गई थी कि पात्रता की तारीख से प्रभावी होने के साथ एसोसिएट प्रोफेसर के पद से प्रोफेसर के पद पर पदोन्नति के लिए मांगी गई थी, न कि दिल्ली विश्वविद्यालय के विधि संकाय द्वारा साक्षात्कार की तिथि से प्रभावी...
हाईब्रिड मोड़ में सुनवाई करना एक अपवाद है, नियम नहीं: दिल्ली कोर्ट ने 15 मार्च से पूरी तरह से फिजिकल कामकाज फिर से शुरू होने पर कहा
दिल्ली हाईकोर्ट मंगलवार को वकीलों के वैक्सीनेश तक फिजिकल सुनवाई की मांग करने वाली एक याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्देश दिया कि दिल्ली की सभी अदालतें 15 मार्च से पूर्ण रूप से फिजिकल कामकाज शुरू करेंगी और वर्चुअल सुनवाई की अनुमति केवल असाधारण मामलों में दी जाए। जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस रेखा पल्ली की डिवीजन जज की बेंच ने कहा कि,"संबंधित सुनवाई मोड को एक दिन पहले काम करने की अनुमति देने पर हाइब्रिड सुनवाई मोड केवल एक अपवाद होगा, आदर्श नहीं।"पीठ ने कहा,"हमें फिजिकल सुनवाई को फिर से शुरू करना...
"पूरी तरह से गैर-कानूनी और अन्यायपूर्ण": दिल्ली पुलिस की ओर से की गई दूसरी छापेमारी के खिलाफ एडवोकेट महमूद प्राचा ने दिल्ली कोर्ट का रूख किया
एडवोकेट महमूद प्राचा ने 9 मार्च 2021 को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा की गई दूसरी छापेमारी के खिलाफ दिल्ली कोर्ट का रुख किया, जिसमें इस तरह की छापेमारी को "पूरी तरह से गैर-कानूनी और अन्यायपूर्ण" बताया। एडवोकेट प्राचा पिछले साल फरवरी में दिल्ली में हुए दंगों की साजिश के कई आरोपियों की कोर्ट में पैरवी कर रहे हैं।दिल्ली पुलिस ने पिछले साल दिसंबर में भी एडवोकेट महमूद प्राचा के दफ्तर पर छापा मारा था, जिसमें कहा गया था कि प्रचा के लॉ फर्म के आधिकारिक ईमेल पते के "गुप्त दस्तावेजों" और "आउटबॉक्स के...
''माहवारी हमारे समाज में कलंकित है, माहवारी से प्रभावित महिला को अशुद्ध कहने का कोई कारण नहीं'': गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट के हालिया 15 पन्नों के आदेश में सभी निजी और सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के सामाजिक बहिष्कार (उनके मासिक धर्म की स्थिति के आधार) को प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव दिया है, जो समाज और सभी धर्मों द्वारा मासिक धर्म को समझने के तरीकों को तय करता है। कोर्ट के समक्ष दलील न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति इलेश जे वोरा की खंडपीठ एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना के संबंध में दायर जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें कच्छ के भील कस्बे में श्री सहजानंद गर्ल्स इंस्टीट्यूट के एक...
अस्थायी कर्मचारियों को सुप्रीम कोर्ट के नियमितीकरण पर जारी निर्देशों का उल्लंघन करते हुए नियमित नहीं किया जा सकता है, केरल हाईकोर्ट ने कहा
फरवरी से एक अपील के फैसले के अंत में केरल उच्च न्यायालय द्वारा जारी एक निर्देश ने राज्य में हंगामा मचा दिया है; उच्च न्यायालय ने केरल सरकार के मुख्य सचिव को सरकारी संगठनों, संस्थानों, विभागों और निगमों में अस्थायी कर्मचारियों के नियमितीकरण पर रोक लगाने के लिए निर्देश जारी करने के लिए कहा है।जस्टिस एके जयशंकरन नांबियार और जस्टिस गोपीनाथ पी की पीठ ने पाया कि कर्मचारियों को नियमित करने के आदेश सुप्रीम कोर्ट द्वारा कर्नाटक राज्य और अन्य बनाम उमा देवी और अन्य में घोषित कानून के विपरीत जारी किए...
टूलकिट केसः दिल्ली कोर्ट ने शांतनु मुलुक और निकिता जैकब की अंतरिम जमानत 15 मार्च तक बढ़ाई
दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को शांतनु मुलुक और मुंबई की वकील निकिता जैकब द्वारा किसानों के विरोध प्रदर्शनों के आयोजन के लिए बनाई गई 'टूलकिट' को लेकर दिल्ली पुलिस की एफआईआर के संबंध में अग्रिम जमानत की अर्जी पर सुनवाई स्थगित कर दी। हालाँकि, कोर्ट ने उनकी अंतरिम सुरक्षा बढ़ाने के लिए आदेश दिया कि सुनवाई की अगली तारीख तक जैकब और मुलुक दोनों के खिलाफ कोई भी कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने दोनों की अग्रिम जमानत याचिका पर एक साथ सुनवाई के बाद मामले को स्थगित कर...
'शर्मनाक, निराशाजनक': झारखंड हाईकोर्ट ने 'विच-हंट' के चलते एक परिवार की हत्या करने के मामले पर स्वत संज्ञान लिया
झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य में एक परिवार के पांच सदस्यों की 'विक्षुब्ध' करने वाली हत्याओं के मामले पर स्वत संज्ञान लिया है, जिसमें एक पांच साल का बच्चा भी शामिल है। कथित तौर पर एक चुड़ैल के शिकार(विच-हंट) के परिणामस्वरूप यह हत्याएं की गई हैं। मुख्य न्यायाधीश डॉ रवि रंजन और न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने इस मामले पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि आधुनिक सभ्य समाज में अभी भी जादू टोना की बुराई जारी है। बेंच ने कहा कि, ''यह न केवल शर्मनाक है, बल्कि पूरी व्यवस्था पर एक गंभीर सवाल भी...
'मजिस्ट्रेट/ चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के नाबालिग पीड़ित को चाइल्ड प्रोटेक्शन होम में भेजने के न्यायिक आदेश के खिलाफ हैबियस कॉर्पस की याचिका सुनवाई योग्य नहीं': इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट की पूर्ण पीठ ने (सोमवार) कहा कि एक न्यायिक मजिस्ट्रेट या बाल कल्याण समिति के पीड़ित को महिला सुरक्षा गृहों / चाइल्ड केयर होम में भेजने वाले आदेश को चुनौती नहीं दी जा सकती है और बंदी प्रत्यक्षीकरण (हैबियस कॉर्पस) की रिट पर आदेश को अलग नहीं रखा जा सकता है।खंडपीठ ने यह भी कहा कि ऐसे चाइल्ड केयर होम में पीड़ित को कस्टडी में रखना अवैध कस्टडी नहीं माना जा सकता है।न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा, न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति संजय यादव की पूर्ण पीठ एक बंदी प्रत्यक्षीकरण...
दिल्ली हाईकोर्ट ने इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी (गाइडलाइंस फॉर इंटरमीडिराइसिस एंड डिजिटल मीडिया एथिक कोड) एक्ट, 2021 को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने डिजिटल न्यूज़ मीडिया को विनियमित करने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी (इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी) अधिनियम के तहत 25 फरवरी को केंद्र द्वारा अधिसूचित इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी (Guidelines for intermediaries and Digital Media Ethics Code) नियम, 2021 को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया है। मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल की अध्यक्षता वाली एक खंडपीठ 'फाउंडेशन फॉर इंडिपेंडेंट जर्नलिस्ट' द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। 'फाउंडेशन फॉर इंडिपेंडेंट जर्नलिस्ट' एक ट्रस्ट है, जिसे 'द वायर'...
गुजरात हाईकोर्ट ने धार्मिक और शैक्षणिक संस्थानों समेत सभी निजी और सार्वजनिक स्थानों पर मासिक धर्म के आधार पर महिलाओं के सामाजिक बहिष्कार पर रोक लगाने का प्रस्ताव दिया
गुजरात उच्च न्यायालय ने सभी स्थानों पर, चाहे वह निजी हो या सार्वजनिक, धार्मिक हों या शैक्षिक, मासिक धर्म की स्थिति के आधार पर महिलाओं के सामाजिक बहिष्कार पर रोक लगाने का प्रस्ताव दिया है।यह रेखांकित करते हुए कि सभी धर्म (सिख धर्म को छोड़कर) मासिक धर्म की अवधि में महिला को " धार्मिक रूप से अशुद्ध" बताते हैं, गुजरात उच्च न्यायालय ने हाल ही में कई दिशानिर्देश प्रस्तावित किए, जिसे राज्य सरकार को मासिक धर्म निषेध को समाप्त करने के लिए पालन करना चाहिए।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस इलेश जे वोरा...
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने पासपोर्ट जारी करने के लिए महबूबा मुफ्ती द्वारा दायर याचिका पर विदेश मंत्रालय और सरकार से 2 सप्ताह के भीतर जवाब मांगा
जम्मू और कश्मीर हाईकोर्ट ने सोमवार (08 मार्च) को जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती द्वारा पासपोर्ट जारी करने में पुलिस सत्यापन के लिए कथित तौर पर देरी को लेकर दायर याचिका पर विदेश मंत्रालय और सरकार से दो सप्ताह में जवाब मांगा। वरिष्ठ वकील जहांगीर इकबाल गनाई (मुफ्ती के लिए पेश वकील) ने न्यायमूर्ति अली मोहम्मद माग्रे की खंडपीठ के समक्ष प्रस्तुत किया कि मुफ्ती ने नए पासपोर्ट के लिए दिसंबर 2020 में आवेदन किया था, क्योंकि उनका पुराना...
पुलिस थानों में महिलाओं के लिए शौचालयः इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के गृह सचिव को हलफनामा दायर करने या व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने के लिए कहा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार के गृह सचिव से कहा है कि राज्य के प्रत्येक पुलिस स्टेशन में महिलाओं के लिए शौचालय का निर्माण करने के लिए उठाए गए कदमों के संबंध में एक हलफनामा दायर करें। न्यायमूर्ति संजय यादव और न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी की खंडपीठ ने राज्य के वकील से कहा है कि यदि हलफनामा दायर नहीं किया जाता है, तो सचिव को व्यक्तिगत रूप से सुनवाई की अगली तारीख पर न्यायालय के समक्ष उपस्थित होना होगा। कुछ दिन पहले कोर्ट ने इस बात पर नाराजगी व्यक्त की थी कि विभिन्न थानों में...
'न्यायिक व्यवस्था पर से समाज का विश्वास नहीं उठना चाहिए'; बॉम्बे हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार के आरोपी मजिस्ट्रेट को अग्रिम जमानत देने से इनकार किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र के मावल कोर्ट के न्यायिक मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (जेएमएफसी) को अग्रिम जमानत (Anticipatory bail) देने से इनकार कर दिया, जिसमें भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत अभियुक्त द्वारा रिश्वत की मांग करने और पक्ष के फेवर में आदेश पारित करने के लिए सहयोगी के माध्यम से रिश्वत लेने का आरोप लगा था।न्यायमूर्ति सारंग कोतवाल ने कहा कि जेएमएफसी अर्चना जाटकर बहुत ही "जिम्मेदारी भरे पद" पर काबिज थीं और उनके खिलाफ लगे आरोपों की गंभीरता को देखते हुए सटीक जांच की आवश्यकता है।बेंच ने कहा...
बॉम्बे हाईकोर्ट के जज, स्टाफ और वकीलों को कोरोना वैक्सीन दिए जाने को लेकर बीबीए ने एजी से हस्तेक्षप करने की मांग की
बॉम्बे हाईकोर्ट की कानूनी बिरादरी को फ्रंटलाइन वर्कर्स के रूप में मानते हुए उनको प्राथमिकता के आधार पर कोरोना वैक्सीन दिए जाने को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने महाराष्ट्र राज्य सरकार के एडवोकेट जनरल आशुतोष कुंभकोनी से हस्तक्षेप करने की मांग की है। बॉम्बे बार एसोसिएशन देश के सबसे पुराने बार एसोसिएशनों में से एक है।बीबीए के अध्यक्ष सीनियर एडवोकेट नितिन ठक्कर ने दिल्ली हाईकोर्ट का उदाहरण दिया, जिसने 3 मार्च को सभी जजों, कोर्ट के स्टाफ और वकीलों को कोरोना वैक्सीन दिए जाने को लेकर उनकी उम्र...
जबलपुर में ऑल इंडिया स्टेट ज्यूडिशियल एकेडेमीज़ डायरेक्टर्स रिट्रीट का आयोजन
मध्य प्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी, जबलपुर ने एक अद्वितीय कार्यक्रम 'ऑल इंडिया स्टेट ज्यूडिशियल एकेडेमीज़ डायरेक्टर्स रिट्रीट' का आयोजन किया है। यह रिट्रीट इस देश में आयोजित अपनी तरह का पहला कार्यक्रम था। दो दिनों के इस आयोजन में देश भर के 24 राज्यों के न्यायिक अकादमियों के सभी अध्यक्ष/प्रभारी न्यायाधीश और डायरेक्टर्स ने भाग लिया। कार्यक्रम दिनांक 6 और 7 मार्च, 2021 को जबलपुर में आयोजित हुआ।कार्यक्रम का उद्घाटन भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के करकमलों से एवं उनके मुख्य आतिथ्य में हुआ। उद्घाटन...
जाति व्यवस्था निषिद्ध है, लेकिन प्रत्येक व्यक्ति अपनी इच्छा के अनुसार जातिसूचक डिस्प्ले बोर्ड लगाने के लिए स्वतंत्र हैं: मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति (निजी) अपनी इच्छा के अनुसार डिस्प्ले बोर्ड या अन्य सामग्री को (भले ही उसमें जाति का उल्लेख हो) स्वतंत्र रूप से लगा सकते हैं, जब तक कि वे अश्लील या अपमानजनक नहीं हैं।मुख्य न्यायाधीश संजीब बनर्जी और न्यायमूर्ति आर. हेमलता की खंडपीठ अमुथन की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिन्होंने प्रतिनिधित्व के आधार पर तमिलनाडु के शैक्षणिक संस्थानों और दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों के सामने इस्तेमाल होने वाले जातिसूचक नामों को हटाने के लिए प्रतिवादी को निर्देश देने की...



















