मुख्य सुर्खियां
लापता व्यक्तियों के मामलों में अन्वेषण के लिए एसओपी तैयार करें, प्रशिक्षित अधिकारियों को बच्चों के लापता होने के मामले सौंपें: सिक्किम HC ने सरकार, DGP से कहा
जून 2013 से लापता एक 14 वर्षीय लड़की से संबंधित एक मामले से निपटते हुए, सिक्किम उच्च न्यायालय ने पिछले हफ्ते राज्य सरकार और पुलिस महानिदेशक को बच्चों सहित लापता व्यक्तियों के मामले में एसओपी के साथ आने का निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश जितेंद्र कुमार माहेश्वरी और न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय की खंडपीठ ने आगे यह निर्देश दिया कि SOP में जांच अधिकारियों और उनकी टीम द्वारा उठाए जाने वाले आवश्यक कदमों को शामिल किया जाना चाहिए और यदि उसका उल्लंघन किया जाता है, तो ऐसे जांच अधिकारियों पर...
'नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में राज्य की विफलता अनुच्छेद 21 का उल्लंघन': पटना हाईकोर्ट ने राज्य मानवाधिकार आयोग को COVID-19 अस्पतालों की जांच का निर्देश दिया
पटना हाईकोर्ट ने बिहार राज्य में COVID-19 के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए राज्य सरकार की ओर से कोई भी व्यापक कार्य योजना नहीं बनाए जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए बिहार मानवाधिकार आयोग को हस्तक्षेप करने के लिए कहा है।जस्टिस सीएस सिंह और जस्टिस मोहित कुमार शाह की डिवीजन बेंच ने कहा कि COVID-19 महामारी के बीच में पर्याप्त स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत नागरिकों को प्रदान किए गए जीवन के अधिकार का उल्लंघन है।बेंच ने कहा कि,"भारत के संविधान के अनुच्छेद 12 के अर्थ...
कोरोना की दूसरी लहरः उड़ीसा हाईकोर्ट 50 % स्टाफ के साथ काम करेगा, मामले फाइल करने के समय में भी हुई कटौती
उड़ीसा हाईकोर्ट ने COVID-19 के दूसरी लहर को देखते हुए गुरुवार, 22 अप्रैल से शुरू होने वाली सुनवाई में केवल 50% कर्मचारियों के साथ कार्य करने का निर्णय लिया है।हाईकोर्ट द्वारा जारी कार्यालय आदेश के अनुसार, हाईकोर्ट का कार्यालय 22.04.2021 से अगले आदेश तक 50% कर्मचारियों (सहायक रजिस्ट्रार और उससे ऊपर के रैंक के अधिकारियों को छोड़कर) के साथ कार्य करेगा।आदेश में कहा गया है कि प्रत्येक कर्मचारी प्रत्येक वैकल्पिक कार्य दिवस पर कार्यालय में उपस्थित होगा। इसके अलावा, सभी कर्मचारी सदस्यों को यह निर्देश...
'राज्य में स्थिति दयनीय, रेमडेसिविर इंजेक्शन और दवाएं उपलब्ध नहीं': झारखंड हाईकोर्ट ने COVID-19 से निपटने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए
झारखंड हाईकोर्ट ने आरआईएमएस में सीटी स्कैन मशीन की अनुपलब्धता के मुद्दे पर ध्यान देते हुए झारखंड राज्य में COVID -19 मामलों में हाल ही में हुई वृद्धि को संभालने के राज्य सरकार के तरीके पर चिंता व्यक्त की।मुख्य न्यायाधीश रवि रंजन और न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने इसे गंभीर मुद्दा मानते हुए चिंता व्यक्त की। जबकि ड्रग कंट्रोलर ने कहा कि रेमडेसिविर इंजेक्शन और फेविपिराविर टैबलेट शीर्ष मेडिकल शॉप पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, इसलिए लोग इन दवाइयों को प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं।झारखंड...
COVID-19 वैक्सीन के एक खुराक का अपव्यय एक आपराधिक अपव्यय होगा: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने राज्यों को आवंटित 10 करोड़ वैक्सीन में से 44 लाख वैक्सीन की डोज़ की अपव्यय की खबरों का उल्लेख करते हुए कहा कि "वैक्सीन की एक भी खुराक का अपव्यय, जब एक ही जीवन-रक्षक साबित हो रहा है, एक अपराधी अपव्यय होगा।"जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस रेखा पल्ली की खंडपीठ ने अवलोकन करते हुए कहा,"एक बार शीशी खोले जाने के बाद इसे या तो पूरी तरह से उपयोग किया जाना चाहिए, अन्यथा पूरी शीशी बेकार चली जाती है।"पीठ को सूचित किया गया कि एक शीशी में 10 खुराक हैं।न्यायालय ने अवलोकन किया,"सरकारों के लिए यह...
''पेनल्टी से बचने के लिए प्रतिदिन इफ्तार भोजन करवाएं'' न्यायालय की अवमानना के मामले में तेलंगाना हाईकोर्ट ने सरकारी अफसर को निर्देश दिया
तेलंगाना हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह एक सरकारी अधिकारी को निर्देश दिया है कि वह इफ्तार के समय कम से कम 20 लोगों को एक सप्ताह के लिए प्रतिदिन खाना खिलाए, ताकि अदालत की अवमानना के मामले में उस पर लगाई गई पेनल्टी से वह बच सके।मुख्य न्यायाधीश हेमा कोहली और न्यायमूर्ति बी विजयसेन रेड्डी की पीठ इस मामले में आबकारी उपायुक्त सैयद यासीन कुरैशी की तरफ से दायर एक अवमानना की अपील पर सुनवाई कर रही थी।यह अपील 20 जनवरी 2021 को एकल पीठ द्वारा पारित आदेश के खिलाफ दायर की गई थी। एकल पीठ ने अपीलकर्ता को अदालत की...
गुजरात हाईकोर्ट ने बीजेपी के रेमडेसिवीर डिस्ट्रीब्यूशन अभियान पर नोटिस जारी किया
गुजरात हाईकोर्ट ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सूरत कार्यालय से COVID-19 उपचार में इस्तेमाल होने वाली एक प्रमुख एंटी-वायरल दवा रेमडेसिवीर की खरीद और वितरण के संबंध में राज्य के भाजपा अध्यक्ष सीआर पाटिल और विजय रूपानी सरकार को नोटिस जारी किए।राज्य भाजपा के 5,000 शीशियों का मुफ्त वितरण अभियान 10 अप्रैल से सूरत कार्यालय से शुरू हुआ।जस्टिस सोनिया गोकानी और जस्टिस वैभवी नानावती की डिवीजन बेंच ने गुजरात विधानसभा में विपक्ष के नेता परेश धनानी की याचिका को स्वीकार करते हुए मंगलवार को पाटिल...
'हड़ताल करने के लिए सबसे खराब समय': कर्नाटक हाईकोर्ट ने ट्रांसपोर्ट कर्मचारियों की हड़ताल पर कहा
कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार को कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन कर्मचारी लीग को नोटिस जारी करते हुए कहा कि "संभवतः यह हड़ताल का करने का सबसे बुरा समय है", जिसने राज्य के चार बस ऑपरेटर द्वारा बस सेवाओं की राज्य में 7 अप्रैल से सड़क परिवहन निगम द्वारा अनिश्चितकालीन हड़ताल का आह्वान किया है।मुख्य न्यायाधीश अभय ओका और न्यायमूर्ति सूरज गोविंदराज की खंडपीठ ने एस नटराज शर्मा द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए गुरुवार को नोटिस जारी किया।अदालत ने कहा,"हम आशा और विश्वास करते हैं कि संघ द्वारा की गई मांगों पर...
'लोगों को अभी ऑक्सीजन की आवश्यकता है तो फिर उद्योगों पर ऑक्सीजन के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने के लिए 22 अप्रैल तक क्यों इंतजार करना चाहिए': दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को COVID-19 रोगियों के लिए ऑक्सीजन की आपूर्ति में कमी के मद्देनजर केंद्र सरकार से कहा कि उद्योगों में ऑक्सीजन के उपयोग को प्रतिबंधित करने में देरी क्यों हो रही है।जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस रेखा पल्ली की डिवीजन बेंच ने टिप्पणी की कि,"आपने कहा है कि आप 22 तारीख तक उद्योगों में ऑक्सीजन के उपयोग पर प्रतिबंध लगा देंगे, लेकिन आज क्यों नहीं? आज जो लोगों की जान जा रही है उसका क्या? क्या आप मरीजों को 2 दिन इंतजार करने के लिए कहेंगे?"कोर्ट दिल्ली में COVID-19 स्थिति के संबंध...
स्टेट बार काउंसिल को ऐसे बार एसोसिएशनों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए, जो अपने सदस्यों को विशेष अभियुक्तों का बचाव नहीं करने के लिए कहते हैंः कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा है कि स्टेट बार काउंसिल को ऐसे बार एसोसिएशनों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए, जो अपने सदस्यों को विशेष अभियुक्तों का बचाव नहीं करने के लिए कहते हैं। चीफ जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस सूरज गोविंदराज की खंडपीठ ने एएस मोहम्मद रफी बनाम तमिलनाडु राज्य के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लेख किया, जिसमें कहा गया था कि "किसी भी बार एसोसिएशन की इस प्रकार के प्रस्ताव को पारित करने की कार्रवाई कि उसका कोई भी सदस्य, किसी विशेष अभियुक्त के लिए, चाहे वह वह एक पुलिसकर्मी...
पश्चिम बंगाल चुनाव- "सरकारी कर्मचारियों/पुलिस बल का उपयोग COVID प्रोटोकॉल/दिशानिर्देशों के सख्त अनुपालन के लिए करें": कलकत्ता HC ने चुनाव अधिकारियों से कहा
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मंगलवार (20 अप्रैल) को मुख्य चुनाव आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी से ऐसे सरकारी अधिकारियों और पुलिस बल का उपयोग करने के लिए कहा, जो सीओवीआईडी -19 प्रोटोकॉल और दिशानिर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक हो सकते हैं। मुख्य न्यायाधीश थोथाथिल बी. राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति अरिजीत बनर्जी की खंडपीठ ने चुनावों के दौरान COVID-19 दिशानिर्देशों के कार्यान्वयन के लिए किए गए उपायों के संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी, पश्चिम बंगाल की एक रिपोर्ट का...
अवमानना मामला: "दंड से बचने के लिए दैनिक आधार पर इफ्तार भोजन परोसें", तेलंगाना उच्च न्यायालय ने सरकारी अधिकारी को निर्देश दिया
तेलंगाना उच्च न्यायालय ने पिछले हफ्ते एक सरकारी अधिकारी को इफ्तार की अवधि के दौरान कम से कम 20 लोगों को एक सप्ताह की अवधि के लिए दैनिक आधार पर खाना खिलाने का निर्देश दिया ताकि अदालत के अवमानना मामले में उस पर लगाए गए दंड से वह बच सके। मुख्य न्यायाधीश हिमा कोहली और न्यायमूर्ति बी. विजयसेन रेड्डी की पीठ, आबकारी उपायुक्त, सैयद यासीन कुरैशी द्वारा दायर एक अवमानना अपील पर सुनवाई कर रही थी। अवमानना की अपील, 24 जनवरी 2021 के एकल न्यायाधीश द्वारा पारित एक आदेश के खिलाफ दायर की गई थी, ...
दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने और अधीनस्थ न्यायालयों द्वारा पारित अंतरिम आदेशों की अवधि 16 जुलाई तक बढ़ाई
दिल्ली हाईकोर्ट ने COVID-19 मामलों में वृद्धि के कारण न्यायालयों के सीमित कामकाज को ध्यान में रखते हुए अब इसके और अधीनस्थ न्यायालयों द्वारा 19 अप्रैल या इसके बाद तक तक पारित अंतरिम आदेशों की अवधि को 16 जुलाई तक बढ़ा दिया है।जस्टिस विपिन सांघी, जस्टिस रेखा पल्ली और जस्टिस तलवंत सिंह की एक पूर्ण पीठ ने आदेश दिया,"भारत के संविधान के अनुच्छेद 226 और 227 के तहत पूर्वोक्त असाधारण परिस्थितियों के बारे में स्वतः संज्ञान लेते हुए यह आदेश दिया गया है कि इस मामले में सभी मामले लंबित होने से पहले और इस...
COVID19- बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान मामले में जेल में बंद कैदियों को कोरोना वैक्सीन दिए जाने का निर्देश दिया
बॉम्बे हाई कोर्ट ने मंगलवार को महाराष्ट्र सरकार से कहा कि सभी 45 साल से अधिक उम्र के आरोपियों को उनकी गिरफ्तारी के बाद टीका लगाया जाए, ताकि उन्हें COVID-19 वायरस से बचाया जा सके।चीफ जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस जीएस कुलकर्णी की खंडपीठ ने महाराष्ट्र की जेलों में COVID-19 मामलों में तेज वृद्धि को देखते हुए एक जनहित याचिका पर सुनवाई की। यह मामला 198 जेलों में बंद 47 कैदियों के बाद 14 अप्रैल, 2021 को कोरोना पॉजीटिव होने के बाद दर्ज किया गया था।सीजे दत्त ने कहा,"गिरफ्तारी के समय 45 साल से ऊपर के...
29 साल से जेल में बंद व्यक्ति का मामला : कलकत्ता हाईकोर्ट ने अधिकारियों को रेमिशन आवेदन को 45 दिनों के भीतर निपटाने का निर्देश दिया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसले में कहा कि सरकार सहित विभिन्न प्राधिकरणों, दोषी ठहराने वाली अदालतों और कन्फर्मिंग कोर्ट को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के मद्देनजर जल्द-से-जल्द रेमिशन एप्लिकेशन (जेल में रहने की अवधि में कटौती हेतु आवेदन) पर फैसला करना चाहिए।मुख्य न्यायाधीश थोथाथिल बी. राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति अरिजीत बनर्जी की खंडपीठ एक अपीलकर्ता की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जो अब तक 29 साल से अधिक की सजा काट चुका है। याचिकाकर्ता को अलग-अलग मामलों में सजा सुनाई गई है। कोर्ट के समक्ष...
दिल्ली हाईकोर्ट ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के पिता की उनके बेटे के जीवन पर आधारित किसी भी फिल्म की रिलीज पर प्रतिंबध लगाने की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति मनोज कुमार ओहरी की एकल पीठ ने मंगलवार को दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के पिता की याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें अभिनेता के जीवन पर किसी भी फिल्म की रिलीज़ पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई।निजता के अधिकार के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए याचिका में कहा गया है कि फिल्मों और अन्य उपक्रमों के बारे में हाल के समाचार लेखों और प्रकाशनों के प्रकाश में, उनके व्यक्तिगत जीवन, नाम / छवियों / कैरिकेचर / जीवनशैली / समानता पर चित्रण बायोपिक के रूप में या कहानी यह तर्क...
RT-PCR टेस्ट वांछित दर पर नहीं; रेमडेसिवीर इंजेक्शन का अवैध व्यापार हो रहा हैः पटना हाईकोर्ट ने बिहार में COVID प्रबंधन पर चिंता व्यक्त की
पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के COVID19 मामलों में आए हालिया उछाल को संभालने के तरीके पर चिंता व्यक्त की है। जस्टिस सीएस सिंह और जस्टिस मोहित कुमार शाह की डिवीजन बेंच ने कहा कि COVID अस्पताल के बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर आदि की कमी के अलावा राज्य सरकार उन लोगों पर भी नजर नहीं रख रही है जो बाहर से यात्रा करके राज्य में आ रहे हैं, जो इस घातक वायरस के संभावित वाहक हो सकते हैं।शुक्रवार को दिए आदेश में पीठ ने कहा था कि, ''राज्य-प्रतिवादियों से न्यूनतम अपेक्षा की जाती है कि वे सभी संभव उपाय करें ताकि यह...
संविधान व्यापार का अधिकार देता है, लाभ का नहीं; इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने ऑल-यूपी स्टांप वेंडर्स एसोसिएशन की रिट याचिका खारिज की
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने ऑल-यूपी स्टांप वेंडर्स एसोसिएशन की एक रिट याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने न्यायिक और गैर-न्यायिक स्टांप पेपर को भौतिक रूप में जारी रखने की मांग की थी।जस्टिस यशवंत वर्मा की एकल पीठ ने एसोसिएशन के इस दलील को खारिज कर दिया कि राज्य सरकार द्वारा पेपर स्टांप को बंद करना संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (जी), 21 और 38 के तहत गारंटीकृत संवैधानिक सुरक्षा का उल्लंघन है।शुरुआत में, यह कहा गया कि केवल इसलिए कि सरकार ने ई-स्टांपिंग के नियम पेश किए हैं, इससे यह नहीं दिखता है कि...
COVID19 : राजस्थान हाईकोर्ट अर्जेंट मामलों की सुनवाई के लिए पूरी तरह से वर्चुअल मोड के माध्यम से कार्य करेगा, अंतरिम आदेशों की अवधि बढ़ाई
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा दो और सप्ताह के लिए कर्फ्यू लगाने देने के मद्देनजर, सोमवार को अपने पहले के निर्देशों को संशोधित करके यह निर्धारित किया कि हाईकोर्ट (जयपुर और जोधपुर) के दोनों पीठ केवल जरूरी मामलों की सुनवाई के लिए पूरी तरह से वर्चुअल मोड के माध्यम से कार्य करेंगे। वर्ष 2021 में इस अपवाद के साथ कि किसी अन्य मामले को न्यायालय की अनुमति से लिया जा सकता है। उक्त निर्देश 3 मई तक लागू रहेंगे। इस संबंध में हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है:"इस आदेश...
'प्रवासियों और दिहाड़ी मजदूरों की मदद करने में दिल्ली सरकार विफल रही; 2020 के लॉकडाउन में हुई दुर्दशा को दोहराने से बचना होगा': दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि दिल्ली में रहने वाले प्रवासी श्रमिकों और दिहाड़ी मजदूरों का साल 2020 में लगे लॉकडाउन में जिस तरह की दुर्दशा हुई थी, उस तरह की पीड़ा का सामना इस लॉकडाउन में न करना पड़े।दिल्ली सरकार ने COVID-19 महामारी की दूसरी लहर के मद्देनजर राज्य में 19 अप्रैल से 26 अप्रैल तक लॉकडाउन लगाने के घोषणा की।कोर्ट ने दिल्ली सरकार को 2020 के लॉकडाउन के दौरान प्रवासियों और दिहाड़ी मजदूरों की दुर्दशा की याद दिलाते हुए आग्रह किया कि इस साल पिछले साल की...



















