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COVID-19 मामलों में वृद्धि: झारखंड बार काउंसिल ने वकीलों और उनके कर्मचारियों को 7 दिनों के लिए फिजिकल/ऑनलाइन रूप में कोर्ट का काम करने से रोका
COVID-19 मामलों में वृद्धि: झारखंड बार काउंसिल ने वकीलों और उनके कर्मचारियों को 7 दिनों के लिए फिजिकल/ऑनलाइन रूप में कोर्ट का काम करने से रोका

झारखंड स्टेट बार काउंसिल ने COVID-19 की घातक चेन को तोड़ने के लिए राज्यों के सभी अधिवक्ताओं और उनके कर्मचारियों को चाहे वह फिजिकल हो या ऑनलाइन किसी भी न्यायालय के कार्य को करने से रोकने का प्रस्ताव पारित किया है।19 अप्रैल (सोमवार) को पारित किए गए इस प्रस्ताव को सात दिनों के लिए लागू किया गया है।परिषद ने ध्यान दिया है कि कानूनी बिरादरी का एक बड़ा वर्ग वायरस से संक्रमित हो गया है और इसके प्रसार को नियंत्रित करने के लिए सख्त उपायों की आवश्यकता है।प्रस्ताव में कहा गया,"झारखंड स्टेट बार काउंसिल ने...

केरल हाईकोर्ट ने यौन शोषण की शिकार 13 वर्षीय नाबालिग लड़की को 26 सप्ताह का गर्भ समाप्त करने की अनुमति दी
केरल हाईकोर्ट ने यौन शोषण की शिकार 13 वर्षीय नाबालिग लड़की को 26 सप्ताह का गर्भ समाप्त करने की अनुमति दी

केरल हाईकोर्ट ने एक विशेष सुनवाई में सोमवार को यौन शोषण की शिकार एक 13 वर्षीय नाबालिग लड़की को अपनी 26 सप्ताह की गर्भावस्था को समाप्त करने की अनुमति दी।न्यायमूर्ति बेचू कुरियन थॉमस की खंडपीठ ने बच्ची के पिता द्वारा दायर की गई याचिका पर सुनवाई की।न्यायमूर्ति थॉमस ने आदेश में टिप्पणी की कि,"यह (गर्भावस्था) भी पीड़ित को बलात्कार की घटना को याद दिलाने की संभावना हो सकती है। जाहिर है कि समाज के हित में नहीं है कि इस युवा पीड़िता को अपने जीवन में हर रोज बलात्कार की घटना के आघात से गुजरना पड़े। दुख इस...

COVID-19: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 26 अप्रैल तक सामान्य कामकाज निलंबित किया, केवल अतिआवश्यक मामलों की होगी सुनवाई
COVID-19: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 26 अप्रैल तक सामान्य कामकाज निलंबित किया, केवल अतिआवश्यक मामलों की होगी सुनवाई

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने COVID-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर, बिलासपुर जिले को कंटेंटमेंट ज़ोन घोषित किए जाने के बाद 26 अप्रैल तक सामान्य कामकाज को निलंबित कर दिया है और इस अवधि के दौरान केवल अतिआवश्यक मामलों की ही सुनवाई होगी।इस संबंध में हाईकोर्ट ने निम्नलिखित निर्देश जारी किए हैं;1. असाधारण स्थिति को देखते हुए न्यायालय का सामान्य कामकाज उपरोक्त अवधि के दौरान निलंबित रहेगा। उक्त अवधि के दौरान हाईकोर्ट के कामकाज को न्यूनतम समर्थन कर्मचारियों के साथ न्यूनतम आधार पर रखा जाएगा, जो कि अत्यावश्यक...

COVID-19: उत्तर प्रदेश सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के 5 शहरों में लॉकडाउन लगाने के आदेश को लागू करने से इनकार किया
COVID-19: उत्तर प्रदेश सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के 5 शहरों में लॉकडाउन लगाने के आदेश को लागू करने से इनकार किया

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के 5 शहरों में लॉकडाउन लगाने के हाईकोर्ट के आदेश को लागू करने से इनकार कर दिया है।इलाहाबाद हाईकोर्ट ने COVID-19 के तेजी से बढ़ते मामलों के मद्देनजर लगभग पूरे यू.पी. और विशेषकर प्रयागराज, लखनऊ, वाराणसी, कानपुर और गोरखपुर जैसे शहरों में चिकित्सा बुनियादी ढांचे में कमी के चलते सोमवार (19 अप्रैल) से 26 अप्रैल तक इन शहरों में लॉकडाउन लगाने का आदेश दिया।इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने आज (सोमवार) उत्तर प्रदेश के 5 शहरों में लॉकडाउन का आदेश देते...

सऊदी अरब में हिंदू युवक का मुस्‍लिम परंपरा के अनुसार हुआ अंतिम संस्‍कार-केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि सऊदी अधिकारियों ने युवक की कब्र का पता लगाया
सऊदी अरब में हिंदू युवक का मुस्‍लिम परंपरा के अनुसार हुआ अंतिम संस्‍कार-केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि सऊदी अधिकारियों ने युवक की कब्र का पता लगाया

एक ऐसे मामले में, जहां एक भारतीय व्यक्ति को, सऊदी अरब में उसकी मौत पर मुस्लिम संस्कारों के अनुसार दफनाया गया था, भारत सरकार ने पिछले सप्ताह दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि सऊदी अरब में संबंधित अधिकारियों ने अपने भारतीय समकक्षों को सूचित किया है याचिकाकर्ता के पति की कब्र के भौगोलिक निर्देशांक का उन्होंने पता लगा लिया है।जस्टिस प्रथिबा एम सिंह की खंडपीठ को विदेश मंत्रालय, भारत सरकार के सीपीवी ड‌िव‌िजन के निदेशक ने भी जारी प्रयासों के सबंध में अवगत कराया था, और बताया था कि वे सऊदी अरब के आंतरिक...

COVID-19- स्वास्थ्य एक बुनियादी मानव अधिकार है, जिसे कोई भी लोकप्रिय सरकार नकार नहीं सकती: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कई दिशा-निर्देश जारी किए
COVID-19- 'स्वास्थ्य एक बुनियादी मानव अधिकार है, जिसे कोई भी लोकप्रिय सरकार नकार नहीं सकती': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कई दिशा-निर्देश जारी किए

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार में शामिल स्वास्थ्य का अधिकार की व्याख्या करने वाले सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न निर्णयों का उल्लेख करते हुए राज्य सरकार को कई दिशा-निर्देश जारी किए।मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक और न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन की खंडपीठ ने टिप्पणी की कि,"नागरिकों के स्वास्थ्य का अधिकार तभी सुरक्षित हो सकता है जब राज्य नागरिकों के स्वास्थ्य देखभाल के लिए पर्याप्त उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराएं और कोरोनावायरस जैसी आपदाओं से बचाकर नागारिकों की देखभाल...

पुलिस थाने के लिए खरीदें कानून की किताबें: बॉम्बे हाईकोर्ट ने एसएचओ को दिया निर्देश
पुलिस थाने के लिए खरीदें कानून की किताबें: बॉम्बे हाईकोर्ट ने एसएचओ को दिया निर्देश

बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच ने हाल ही में वसमतनगर पुलिस स्टेशन के एक स्टेशन हाउस ऑफिसर को थाने में रखने के लिए विभिन्न आपराधिक कानूनों की 'लेटेस्ट बेयर एक्ट्स ' की खरीद करने का निर्देश दिया।जस्टिस रवींद्र वी घुग और बीयू देबद्वार की पीठ ने अपने आदेश में उन बेयर एक्ट्स की एक सांकेतिक सूची बनाई, जिनकी खरीद करने का निर्देश दिया गया है।आदेश में कहा गया, "हमारा विचार है कि स्टेशन हाउस ऑफिसर को भारतीय दंड संहिता, आपराधिक प्रक्रिया संहिता, साक्ष्य अधिनियम, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार...

इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने 1 अप्रैल के बाद से COVID-19 से मरने वाले अधिवक्ताओं के परिवारों के लोगों को 5 लाख रूपये प्रदान करने का निर्णय लिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने 1 अप्रैल के बाद से COVID-19 से मरने वाले अधिवक्ताओं के परिवारों के लोगों को 5 लाख रूपये प्रदान करने का निर्णय लिया

इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने एक महत्वपूर्ण कदम में उन अधिवक्ताओं के परिवारों/नामांकित व्यक्तियों को वित्तीय सहायता (5 लाख रुपये) प्रदान करने का फैसला किया है जिनकी COVID-19 के कारण मृत्यु हो गई है।यह ध्यान दिया जा सकता है कि बार एसोसिएशन उन सभी अधिवक्ताओं के आश्रितों या नामितों को 5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगा, जिनकी मृत्यु 1 अप्रैल 2021 के बाद हुई है। इस आशय का एक प्रस्ताव शुक्रवार (16 अप्रैल) को एसोसिएशन के कार्यकारी निकाय द्वारा पारित किया गया।संकल्प में कहा गया है कि 5 लाख...

कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से धार्मिक स्थलों के अनधिकृत निर्माण के खिलाफ उठाए गए कदमों के बारे में पूछा
कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से धार्मिक स्थलों के अनधिकृत निर्माण के खिलाफ उठाए गए कदमों के बारे में पूछा

कर्नाटक हाईकोर्ट ने शनिवार को राज्य सरकार के मुख्य सचिव को राज्य के साथ निहित संपत्ति सहित सार्वजनिक स्थानों पर मंदिर / चर्च / मस्जिद / गुरुद्वारा, आदि के अनधिकृत निर्माण को रोकने के लिए उठाए गए कदमों पर एक हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया।मुख्य न्यायाधीश अभय ओका और न्यायमूर्ति सूरज गोविंदराज की खंडपीठ ने कहा,"हम राज्य सरकार को रिकॉर्ड हलफनामना दायर करने के लिए निर्देशित करते हैं कि राज्य सरकार ने कौन से प्रतिबंधात्मक कदम उठाए हैं या यह 16 फरवरी, 2010 को शीर्ष अदालत के निर्देशों के संदर्भ में...

कलकत्ता हाईकोर्ट ने सुधार गृह में मौजूद मानसिक रूप से बीमार गैर-अपराधियों/ अपराधियों/ अंडरट्रायल का विवरण मांगा
कलकत्ता हाईकोर्ट ने सुधार गृह में मौजूद मानसिक रूप से बीमार गैर-अपराधियों/ अपराधियों/ अंडरट्रायल का विवरण मांगा

कलकत्ता हाईकोर्ट ने सुधार गृह में मौजूद मानसिक रूप से बीमार गैर-अपराधी व्यक्तियों की दुर्दशा से संबंधित मुद्दों पर विचार करते हुए सुधार गृह में मौजूद मानसिक रूप से बीमार गैर-अपराधियों / अपराधियों / अंडरट्रायल का विवरण मांगा है।न्यायमूर्ति शम्पा सरकार की खंडपीठ मेंटल हेल्थ और मेंटल हेल्थ केयर और पश्चिम बंगाल और केंद्रशासित प्रदेश अंडमान और निकोबार के विभिन्न सुधारक गृह में कस्टडी में रखे गए अपराधियों और अडंरट्रायल मामलों के संदर्भ में दिए गए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के संबंध में सुनवाई कर रही...

क्या विकलांग व्यक्तियों के अधिकारों के तहत पेट्रोल पंप आवंटित करने के लिए कोई नीति बनाई गई है?: दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र से पूछा
क्या विकलांग व्यक्तियों के अधिकारों के तहत पेट्रोल पंप आवंटित करने के लिए कोई नीति बनाई गई है?: दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र से पूछा

दिल्ली हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय और सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय से पूछा था कि क्या विकलांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत पेट्रोल पंपों के आवंटन के लिए कोई नीति बनाई गई है।न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता विकलांगता से पीड़िता दीप्ति लेनका (अन्य के साथ) की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें याचिकाकर्ता ने अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया कि उसे एक पेट्रोल पंप के आवंटन पर विचार नहीं किया जा रहा है।याचिकाकर्ताओं ने विकलांगों...

विवाहित बेटियों को अनुकंपा नियुक्ति से वंचित करने वाली नीति समानता का उल्लंघन: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (डबल बेंच) ने सिंगल बेंच के आदेश को सही ठहराया
''विवाहित बेटियों को अनुकंपा नियुक्ति से वंचित करने वाली नीति समानता का उल्लंघन'': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (डबल बेंच) ने सिंगल बेंच के आदेश को सही ठहराया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने इंदौर में स्थित हाईकोर्ट की पूर्ण पीठ द्वारा व्यक्त किए उस विचार पर सहमति जताई है जो विवाहित बेटी की अनुकंपा नियुक्ति के संबंध में व्यक्त किया गया था।जस्टिस शेल नागू और जस्टिस आनंद पाठक की खंडपीठ ने एकल पीठ के आदेश के खिलाफ राज्य की तरफ से दायर अपील को खारिज कर दिया है। एकल पीठ ने याचिकाकर्ता की उस चुनौती को स्वीकार कर लिया था,जिसमें उसने कहा था कि सिर्फ उसकी वैवाहिक स्थिति के आधार पर अनुकंपा नियुक्ति के लिए उसके दावे को अस्वीकार कर दिया गया है। ...

नागरिकता के विषय में प्रश्न, व्यक्ति को सुनते हुए मेरिट पर तय किए जाने चाहिए: गुवाहाटी हाईकोर्ट ने महिला को विदेशी घोषित करने वाले एक पक्षीय आदेश को खारिज किया
नागरिकता के विषय में प्रश्न, व्यक्ति को सुनते हुए मेरिट पर तय किए जाने चाहिए: गुवाहाटी हाईकोर्ट ने महिला को विदेशी घोषित करने वाले एक पक्षीय आदेश को खारिज किया

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कहा कि नागरिकता किसी व्यक्ति के सबसे महत्वपूर्ण अधिकारों में से एक है और आगे कहा कि किसी व्यक्ति की नागरिकता से संबंधित उठने वाले किसी भी प्रश्न को संबंधित व्यक्ति को सुनते हुए मैरिट के आधार पर तय किया जाना चाहिए।न्यायमूर्ति एन कोटिश्वर सिंह और न्यायमूर्ति सौमित्र सैकिया की खंडपीठ ने कहा कि,"यह याद रखना चाहिए कि नागरिकता किसी व्यक्ति के सबसे महत्वपूर्ण अधिकारों में से एक है। नागरिकता के आधार पर कोई व्यक्ति एक संप्रभु देश का सदस्य बन जाता है और देश में कानून द्वारा प्रदत्त...

कोरोना की दूसरी लहरः दिल्ली सरकार ने राज्य में 19 अप्रैल रात से 25 अप्रैल सुबह तक लॉकडाउन की घोषणा की
कोरोना की दूसरी लहरः दिल्ली सरकार ने राज्य में 19 अप्रैल रात से 25 अप्रैल सुबह तक लॉकडाउन की घोषणा की

दिल्ली सरकार ने COVID-19 के प्रसार को रोकने और राज्य में COVID-19 मामलों में रिकॉर्ड वृद्धि के मद्देनजर, सोमवार (19 अप्रैल, 10 PM) रात से सोमवार (26 अप्रैल, सुबह 6 बजे) तक राजधानी में संपूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की है।दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज यानी सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके लॉकडाउन की घोषणा की और इसे 'मिनी लॉकडाउन' कहा। लॉकडाउन के दौरान सभी आवश्यक सेवाएं चालू रहेंगी।यह ध्यान दिया जा सकता है कि दिल्ली ने एक दिन में COVID-19 मामले में सबसे बड़ा उछाल देखा, क्योंकि रविवार (18...

COVID-19 मामलों में वृद्धि: दिल्ली हाईकोर्ट ने 2021 में केवल अतिआवश्यक मामलों की सुनवाई करने का फैसला किया
COVID-19 मामलों में वृद्धि: दिल्ली हाईकोर्ट ने 2021 में केवल अतिआवश्यक मामलों की सुनवाई करने का फैसला किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में COVID-19 मामलों में खतरनाक वृद्धि के मद्देनजर 8 अप्रैल, 2021 के पहले के आदेश को जारी रखते हुए यह प्रस्ताव पारित किया है कि इस साल 19, अप्रैल 2021 से "बेहद जरूरी मामले" ही सुनवाई के लिए दर्ज किए जाएंगे।हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल मनोज जैन द्वारा रविवार को जारी किए गए नोटिस के अनुसार,"दिल्ली के एनसीटी में COVID-19 मामलों में खतरनाक वृद्धि को ध्यान में रखते हुए अदालत के कार्यालय आदेश संख्या 23/आरजी/डीएचसी/2021 दिनांक 8.4.2021 को जारी रखते हुए यह आदेश...

किस आधार पर उन बीमा नीतियों को मंजूरी दी जो मानसिक अस्वस्थता को बीमा के पूर्ण कवरेज से बाहर रखते हैं: दिल्ली उच्च न्यायालय ने IRDA से पूछा
किस आधार पर उन बीमा नीतियों को मंजूरी दी जो मानसिक अस्वस्थता को बीमा के पूर्ण कवरेज से बाहर रखते हैं: दिल्ली उच्च न्यायालय ने IRDA से पूछा

दिल्ली उच्च न्यायालय ने पिछले सप्ताह बीमा क्षेत्र के नियामक बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) को यह बताने के लिए कहा कि उसने ऐसी बीमा पॉलिसियों को किस आधार पर मंजूरी दी, जिन्होंने मानसिक बीमारियों को पूर्ण कवरेज से बाहर रखा। न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह की खंडपीठ एक सुभाष खंडेलवाल की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिन्होंने अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया था कि उन्होंने मैक्स बुपा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से एक बीमा पॉलिसी खरीदी थी और उन्होंने नियमित आधार पर 35 लाख की बीमा राशि...

मृतक पत्नी की तस्वीर हाथरस बलात्कार पीड़ित के रूप में प्रसारित: दिल्ली हाईकोर्ट ने पति की याचिका पर अपलोड करने वालों की जानकारी की मांग की
मृतक पत्नी की तस्वीर हाथरस बलात्कार पीड़ित के रूप में प्रसारित: दिल्ली हाईकोर्ट ने पति की याचिका पर अपलोड करने वालों की जानकारी की मांग की

दिल्ली उच्च न्यायालय ने पिछले हफ्ते केंद्र, फेसबुक, गूगल और ट्विटर को नोटिस जारी करते हुए याचिकाकर्ता की पत्नी की तस्वीर को गलत तरीके से हाथरस बलात्कार पीड़िता बताकर अपलोड करने वालों का विवरण मांगा। न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह की पीठ ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और सोशल मीडिया प्लेटफार्मों को नोटिस जारी किया और सीलबंद कवर में उनकी प्रतिक्रियाओं की मांग की। याचिकाकर्ता द्वारा एक आवेदन किया गया था जिसमें आपत्तिजनक सामग्री के प्रवर्तक का पूरा विवरण मांगा गया था, ...

एक अपील दायर करने का निर्णय लेने से पहले मामलों की उचित रूप से जांच करें, जब कोई त्रुटि न हो तो अपील दायर करने से बचें: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से कहा
एक अपील दायर करने का निर्णय लेने से पहले मामलों की उचित रूप से जांच करें, जब कोई त्रुटि न हो तो अपील दायर करने से बचें: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से कहा

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने हाल ही में उत्तर प्रदेश राज्य सरकार को यह निर्देश दिया कि अपील दायर करने का निर्णय लेने से पहले मामलों की उचित जांच करें। "अन्यथा, यह न्यायालयों के साथ-साथ सरकारी अधिवक्ता के कार्यालय पर एक अनावश्यक बोझ का कारण बनता है", अदालत ने आगे जोड़ते हुए कहा। एक मामले से निपटते हुए, जिसमें दिए गए आदेश में कोई त्रुटि नहीं पाते हुए (जो अपील दायर करने के फैसले को सही ठहरा सके), न्यायमूर्ति मुनीश्वर नाथ भंडारी और न्यायमूर्ति शमीम अहमद की खंडपीठ ने निर्देश दिया "राज्य...