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टूलकिट केसः दिल्ली कोर्ट ने पर्यावरण कार्यकर्ता शुभम कर चौधरी को 15 मार्च तक अंतरिम संरक्षण दिया
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने टूलकिट केस में पर्यावरण कार्यकर्ता शुभम कर चौधरी को टूलकिट मामले में 15 मार्च तक अंतरिम संरक्षण दिया। राज्य ने इस तरह के अंतरिम संरक्षण की अवधि बढ़ाने पर कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई।सहायक लोक अभियोजक इरफान अहमद ने प्रस्तुत किया कि एक सह-आरोपी व्यक्ति का आवेदन 15 मार्च को सुनवाई के लिए प्रस्तुत होगा और उसे अंतरिम संरक्षण के विस्तार से कोई आपत्ति नहीं है। चौधरी को इस महीने की शुरुआत में बॉम्बे हाईकोर्ट ने ट्रांजिट जमानत दी थी।"एक्सटिक्सन रिबेलयन" नामक संगठन के सदस्य...
यह युवा मन को दूषित करेगा, जिसका परिणाम बच्चों के साथ दुर्व्यवहार और शोषण हो सकता हैः एनसीपीसीआर ने नेटफ्लिक्स से 'बॉम्बे बेगम' की स्ट्रीमिंग बंद करने को कहा
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने गुरुवार (11 मार्च) को सब्सक्रिप्शन बेस्ड स्ट्रीमिंग सेवा प्रदाता नेटफ्लिक्स को एक नोटिस जारी करते हुए अपनी नई वेब सीरीज 'बॉम्बे बेगम' की स्ट्रीमिंग को रोकने के लिए कहा। वेब सीरीज 'बॉम्बे बेगम' में बच्चों के अनुचित चित्रण का हवाला देते हुए शीर्ष बाल अधिकार संस्था एनसीपीसीआर ने नेटफ्लिक्स से सीरीज की स्ट्रीमिंग तुरंत बंद करने और 24 घंटे के भीतर एक विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट पेश करने को कहा है।एनसीपीसीआर ने आगे कहा कि अगर नेटफ्लिक्स ऐसा करने में विफल...
वकालत एक महान पेशा है, जब वकील को पैरवी की जिम्मेदारी सौंपी जाती है, तो वकील को अपने क्लाइंट के हितों की रक्षा करने की कोशिश करनी चाहिए: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने (बुधवार) वकीलों की प्रतिष्ठा और मुवक्किल (क्लाइंट) और सामान्य रूप से न्याय के प्रशासन के प्रति उनके कर्तव्यों पर महत्वपूर्ण बातें कही हैं।न्यायमूर्ति आर नारायण पिशराडी ने कहा कि,"जब एक वकील को पैरवी की जिम्मेदारी सौंपी जाती है, तो उससे अपेक्षा की जाती है कि वह पेशेवर नैतिकता के मानदंडों का पालन करे और अपने मुवक्किल के हितों की रक्षा करने की कोशिश करे, जिसके द्वारा उन पर विश्वास जताया गया है।"कोर्ट ने न्यायपालिका में एक वकील की बुनियादी भूमिका की पुष्टि करते हुए कहा कि,"कानून और...
अब एक पक्ष पर शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाने या डराने के लिए यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराना ट्रेंड बनता जा रहा हैः दिल्ली हाईकोर्ट
यह कहते हुए कि उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने का समय आ गया है, जो धारा 354, 354A, 354B, 354C, 354D IPC आदि के तहत भ्रामक शिकायत दर्ज करते हैं, दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में याचिकाकर्ताओं पर 30,000 रूपए का जुर्माना लगाया, साथ ही उन्हें झूठे और ओछे मामलों को दर्ज न कराने की चेतावनी दी है।जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद की खंडपीठ ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि अब धारा 354, 354A, 354B, 354C, 354D IPC के तहत अपराध दर्ज कराने के लिए एफआईआर दर्ज कराने का चलन बन गया है या यह या तो किसी पक्ष को उनके...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने सीबीएसई, आईसीएसई स्कूलों को 70% से अधिक फीस लेने पर सरकार के आदेश के तहत कठोर कार्रवाई से संरक्षण दिया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य प्राधिकरणों को निर्देश दिया है कि सरकारी आदेश के किसी भी उल्लंघन पर सीबीएसई और आईसीएसई से संबद्ध एसोसिएशन ऑफ इंडिया स्कूलों के सदस्यों के खिलाफ कोई भी कठोर कदम न उठाएं। हाईकोर्ट ने यह केवल शैक्षणिक वर्ष 2020-21 के लिए कहा। वहीं शैक्षणिक वर्ष 2019-20 के लिए अभिभावकों से केवल 70% ट्यूशन फीस के लिए और अन्य शुल्क नहीं वसूले जाएंगे।हाईकोर्ट ने आईसीएसई और सीबीएसई बोर्ड और याचिकाकर्ताओं की एसोसिएशन से जुड़े संस्थानों के प्रबंधन को अपने नोटिस बोर्डों में स्वेच्छा से सार्वजनिक...
टूलकिट केसः गोवा निवासी एक्टिविस्ट शुभम कर चौधरी ने अग्रिम जमानत के लिए दिल्ली कोर्ट का रुख किया
टूलकिट मामले से संबंधित एक अन्य केस में गोवा निवासी पर्यावरण कार्यकर्ता शुभम कर चौधरी ने बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा उन्हें दी गई ट्रांजिट बेल की समाप्ति पर अग्रिम जमानत के लिए नई दिल्ली में पटियाला हाउस कोर्ट का रुख किया है। "एक्सटिक्सन रिबेलयन" नामक संगठन के सदस्य चौधरी टूलकिट मामले के सिलसिले में गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहे हैं।बॉम्बे हाईकोर्ट ने चौधरी को 10 दिनों की अवधि के लिए अंतरिम जमानत के सुरक्षा प्रदान की थी, जो 3 मार्च से शुरू होकर 12 मार्च 2021 तक थी। अब उन्होंने उचित राहत पाने के...
भागकर शादी करने वाले/इंटर-फेथ जोड़ों का संरक्षणः पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कार्यकारी स्तर पर कदम उठाने का सुझाव दिया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बुधवार को घर से भागने वाले और इंटर-फेथ जोड़ों की तरफ से बड़ी संख्या में दायर की जा रही संरक्षण याचिकाओं पर चिंता व्यक्त की। न्यायमूर्ति अवनीश झिंगन की एकल पीठ ने कहा कि प्रतिदिन दायर किए जा रहे इस तरह के काफी सारे मामलों के बीच खतरे के वास्तविक मामलों की अक्सर अनदेखी हो जाती है। इसलिए कोर्ट ने कई कदमों का सुझाव दिया है जो ऐसे जोड़ों के जीवन को सुरक्षा प्रदान करने के लिए कार्यकारी को जिम्मेदार बनाते हैं ताकि कोर्ट पर बोझ कम हो सके। जज ने इसी बीच जो सुझाव दिए हैं,वो...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने अभिनेता कमाल आर खान पर अभिनेता-निर्माता निखिल द्विवेदी के खिलाफ मानहानिकारक बयान देने पर रोक लगाई
बॉम्बे हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह अभिनेता कमाल आर. खान (प्रतिवादी नंबर 1) को अभिनेता-निर्माता निखिल द्विवेदी (वादी) के खिलाफ मानहानि संबंधी बयान प्रकाशित करने और/या द्विवेदी के खिलाफ समान या समालोचक आरोपों वाले किसी भी बयान को देने से रोक दिया। न्यायमूर्ति ए. के. मेनन की खंडपीठ द्विवेदी की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जो खान के खिलाफ कथित अपमानजनक और निंदनीय ट्वीट्स और खान द्वारा पोस्ट किए गए YouTube वीडियो के संबंध में दायर की गई थी, जिसमें उन्होंने द्विवेदी के खिलाफ कथित रूप...
पटना हाईकोर्ट ने ओबीसी श्रेणी में नियमित आधार पर ट्रांसजेंडर समुदाय को आरक्षण देने का सुझाव दिया, राज्य सरकार से फैसला लेने को कहा
पटना हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि, "हो सकता है कि ट्रांसजेंडरों को ओबीसी श्रेणी के तहत नियमित आधार पर आरक्षण दिया जा सकता है।"मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायमूर्ति एस. कुमार की एक खंडपीठ ने देखा,"सकारात्मक दृष्टि से लिया गया एक निर्णय न केवल ट्रांसजेंडरों की जीवन शैली और शिक्षा का उत्थान करेगा, बल्कि उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए एक अहम कदम भी साबित होगा।"यह टिप्पणी बिहार राज्य में ट्रांसजेंडर समुदाय की दयनीय स्थिति के खिलाफ दायर रिट याचिका पर की गई है।कोरोना वायरस महामारी के दौरान वीरा...
इच्छुक गवाहों के साक्ष्य को सावधानीपूर्वक जांच के साथ स्वीकार किया जाना चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने माना है कि इच्छुक गवाह की गवाही, हालांकि स्वीकार्य है, लेकिन अदालत द्वारा रिकॉर्ड पर रखी गई अन्य सामग्रियों के साथ सावधानीपूर्वक जांच और पुष्टि के बाद स्वीकार किया जाना चाहिए। जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस सौमित्र दयाल सिंह की डिवीजन बेंच ने कहा, "किसी भी ठोस निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले एक इच्छुक गवाह को अधिक सावधानी से जांचना चाहिए।"इस संदर्भ में, बेंच ने जलपत राय बनाम हरियाणा राज्य, 2011 (14) SCC 208, के फैसले का उल्लेख किया, जिसमें यह कहा गया है, "आवश्यक यह है कि...
COVID-19 मामलों में वृद्धि- "निकाय चुनावों के दौरान एक बार फिर लोगों का लापरवाह रवैया दिखा": गुजरात हाईकोर्ट ने सरकार को सुझाव दिए
गुजरात हाईकोर्ट ने हाल ही में यह देखते हुए कि विभिन्न स्तरों पर विभिन्न नागर निकायों (सिविक बॉडी) के चुनाव के दौरान लोगों के लापरवाह रवैये ने "एक बार फिर COVID-19 के मामलों में वृद्धि कर दी है", हाईकोर्ट ने राज्य सरकार COVID-19 की स्थिति से निपटने के लिए विचार करने के लिए कुछ सुझाव जारी किए।मुख्य न्यायाधीश विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला की खंडपीठ का यह अवलोकन कोरोनो वायरस महामारी से संबंधित मुद्दों पर एक स्वतः संज्ञान जनहित याचिका पर आया है।न्यायालय ने सरकार को यह सुनिश्चित करने का भी...
अनुच्छेद 12 के तहत आरबीआई एक "राज्य" है : निजी बैंक भी सार्वजनिक कर्तव्यों के निर्वहन के कारण रिट- क्षेत्राधिकार के दायरे में : कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने माना है कि भारतीय रिज़र्व बैंक ( आरबीआई) संविधान के अनुच्छेद 12 के तहत "राज्य" है और इस प्रकार, इसके खिलाफ एक रिट याचिका सुनवाई योग्य है।न्यायमूर्ति सब्यसाची भट्टाचार्य की एकल पीठ द्वारा दिए गए फैसले में कहा गया है कि निजी बैंक भी अपने खिलाफ रिट याचिका दाखिल करने को सुनवाई योग्य होने के लिए चुनौती देने के लिए गैर-राज्य अभिकर्ता होने की शरण नहीं ले सकते हैं, क्योंकि उनके कार्य सार्वजनिक कर्तव्यों के निर्वहन से संबंधित हैं।एकल पीठ ने फैसला सुनाया,"चूंकि भारतीय रिज़र्व बैंक...
महिला दिवस: यौन उत्पीड़न, मातृत्व अवकाश, और अन्य मुद्दों पर बोलीं तेलंगाना हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस अनु शिवरामन
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर आयोजित एक वर्चुअल प्रोग्राम में बोलते हुए तेलंगाना हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस हिमा कोहली ने बार के अपने एक अनुभव को साझा किया, जब किरायेदारी के विवाद में उलझी एक मुवक्किल अपनी फीस नहीं दे सकती थी, फिर भी वह उसका मुकदमा लड़ती रहीं। मुवक्किल एक दर्जी थी, वह चीफ जस्टिस कोहली के पास आई, और उनके अहसानों को लौटाने के लिए, उनकी सफेद साड़ी को स्टार्च करने की पेशकश की। जज ने जब यह किस्स सुनाया, उनकी आवाज भरभरा गई।उन्होंने कहा, "जो संतुष्टि किसी अहम काम को करने में...
दिल्ली हाईकोर्ट ने समलैंगिक महिला को उसकी मर्ज़ी के खिलाफ शादी करवाने पर दिया संरक्षण, विवाह खत्म करने के कदम उठाने का निर्देश
दिल्ली हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता की पीठ ने बुधवार को एक समलैंगिक महिला को उसके परिवार की पसंद के एक व्यक्ति से उस महिला की इच्छा के विरुद्ध शादी करने पर महिला की याचिका पर नोटिस जारी किया और दिल्ली पुलिस को महिला की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।विशेष रूप से, इस मामले पर एक प्रगतिशील रुख अपनाते हुए अदालत ने महिला और उसके पति के साथ भी बातचीत की और निर्देश दिया कि विवाह के विघटन (ख़त्म करना) के लिए जल्द से जल्द कदम उठाए जा सकते हैं। अदालत ने कहा,"एक वयस्क महिला को...
'शिप का कैप्टन अंत में जाता है': बॉम्बे हाईकोर्ट मुख्य न्यायाधीश ने कानूनी बिरादरी के टीकाकरण को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान 'टाइटैनिक' का हवाला दिया
बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता ने उस जनहित याचिका पर अपने विचार व्यक्त करने के लिए प्रतिष्ठित अमेरिकी महाकाव्य - टाइटैनिक का हवाला दिया,जिसमें न्यायाधीशों सहित कानूनी बिरादरी के सदस्यों को अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं के रूप में घोषित करने और प्राथमिकता के आधार पर उनका सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम(एसएआरएस) कोरोनोवायरस के लिए टीकाकरण करने की मांग की गई थी। जस्टिस दीपांकर दत्ता ने आलंकारिक तरीके से पूछा कि, ''क्या आपने अंग्रेजी फिल्म टाइटैनिक देखी है? क्या आप जहाज के...
केरल हाईकोर्ट ने लाइव लॉ की आईटी नियमों की चुनौती वाली याचिका पर नोटिस जारी किया, कठोर कार्रवाई पर रोक लगाई
केरल हाईकोर्ट ने (बुधवार) केंद्र सरकार को सूचना प्रौद्योगिकी के (इंटरमीडियरी और डिजिटल मीडिया आचार संहिता के लिए दिशानिर्देश) नियम [ Information Technology (Guidelines For Intermediaries And Digital Media Ethics Code)], 2021 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली लाइव लॉ (LiveLaw) की याचिका पर नोटिस जारी किया।याचिका में इस नए आईटी नियम, जिसे 25 फरवरी को केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित किया गया था, के माध्यम से डिजिटल न्यूज मीडिया और सोशल मीडिया इंटरमीडियरी पर "मनमाना, अस्पष्ट, असंगत और अनुचित रूप...
दिल्ली हाईकोर्ट ने "हवाई यात्रा के दौरान सही तरीके से मास्क न पहनने" की शिकायत पर स्वतः संज्ञान लेते हुए दिशानिर्देश जारी किए
दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सी हरि शंकर ने 5 मार्च को कोलकाता से दिल्ली की ओर जाने वाली एयर इंडिया की उड़ान पर "खतरनाक स्थिति" के रूप में वर्णित कर स्वतः संज्ञान लेते हुए नागरिक उड्डयन (डीजीसीए) और देश में वाणिज्यिक एयरलाइन इन-फ्लाइट महानिदेशालय को COVID-19 प्रोटोकॉल के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए।सोमवार को पारित एक आदेश में उन्होंने नोट किया कि, "हालांकि सभी यात्रियों ने मास्क पहन रखे थे, कई यात्रियों ने अपनी ठुड्डी के नीचे मास्क पहन रखा था और अपने मास्क ठीक से पहनने के लिए जिद्दी हिचक...
तेलंगाना हाईकोर्ट मे तेलंगाना जिला न्यायाधीश भर्ती अधिसूचना 2020 को चुनौती, याचिका दायर
जिला जज बनने के इच्छुक एक वकील ने तेलंगाना हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर एंट्री लेवल ज्यूडिशियरी एग्जाम के लिए भर्ती अधिसूचना, 2020 को चुनौती देते हुए आरोप लगाया है कि यह भेदभावपूर्ण, असंवैधानिक है और तेलंगाना राज्य न्यायिक (सेवा और संवर्ग), 2017 के नियमों के भी खिलाफ है।हाईकोर्ट में एक प्रैक्टिस वकील वंगला जगन मोहन रेड्डी यह कहते हुए याचिका दायर की गई है कि न्यायिक अधिकारियों की रिक्तियों को सूचित करने में अनुचित देरी ने उन्हें परीक्षा में बैठने के अवसर से वंचित कर दिया है।इसके अलावा उन्होंने...
दिल्ली कोर्ट ने एडवोकेट महमूद प्राचा के खिलाफ दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा जारी सर्च वारंट पर 12 मार्च तक रोक लगाई
दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को एडवोकेट महमूद प्राचा के खिलाफ दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा जारी सर्च वारंट की कार्रवाई पर रोक लगा दी। इस मामले की अगली सुनवाई अब 12 मार्च, 2021 को होगी।मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट पंकज शर्मा ने एडवोकेट महमूद प्राचा और विशेष लोक अभियोजक अमित प्रसाद द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद सर्च वारंट के संचालन पर रोक लगा दी।अपनी याचिका में एडवोकेट प्राचा ने दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ द्वारा की गई दूसरी छापेमारी का जोरदार विरोध किया। प्राचा ने न्यायालय के समक्ष...
घरेलू हिंसा अधिनियम की कार्यवाही के खिलाफ दायर दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 482 के तहत याचिका सुनवाई योग्यः मेघालय हाईकोर्ट
मेघालय उच्च न्यायालय ने माना है कि घरेलू हिंसा अधिनियम की कार्यवाही के खिलाफ दायर दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 482 के तहत याचिका सुनवाई योग्य है।इस मामले में, यह दलील दी गई थी कि डीवी एक्ट, 2005 के तहत कार्यवाही पूर्णतया दीवानी प्रकृति की है और धारा 18 से 22 के तहत विचारित राहतें, बिना किसी आपराधिक दायित्वों के दीवानी राहते हैं और इस प्रकार, जांच आपराधिक मामले की सुनवाई नहीं है, जो धारा 482 सीआरपीसी के प्रावधान को आकर्षित करेगा।न्यायालय ने कहा कि डीवी अधिनियम की धारा 28 में विशेष रूप से...



















