मुख्य सुर्खियां
उड़ीसा हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेशों की अवधि 30 जून तक बढ़ाई
उड़ीसा हाईकोर्ट ने गुरुवार को कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा इन रे: कॉग्निजेंस फॉर एक्सटेंशन ऑफ लिमिटेशन को 27 अप्रैल को पारित आदेशों के मद्देनजर सामान्य कानून या विशेष कानून के तहत निर्धारित सबमिशन की सीमा अवधि अगले आदेशों तक विस्तारित की जा रही है।मुख्य न्यायाधीश डॉ. एस. मुरलीधर और न्यायमूर्ति बीपी राउतरा की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान अवधि के विस्तार से संबंधित मुकदमे की सुनवाई करते हुए कहा कि अवधि के विस्तार के उपरोक्त पहलू पर किसी भी अलग आदेश को पारित करने की आवश्यकता नहीं है।हालांकि, खंडपीठ ने...
"मीडिया जजों की मौखिक टिप्पणियों की रिपोर्टिंग ना करे", चुनाव आयोग ने 'हत्या का मुकदमा चलाने' की टिप्पणी पर मद्रास हाईकोर्ट से अनुरोध किया
मद्रास उच्च न्यायालय की मौखिक टिप्पणी, जिसमें कोविड-19 की दूसरी लहर के लिए चुनाव आयोग को जिम्मेदार माना गया था, पर चुनाव आयोग ने न्यायालय से अनुरोध किया है कि मीडिया संस्थनों को निर्देश जारी किए जाएं कि अपने रिपोर्टों को आदेशों या निर्णयों में दर्ज टिप्पणियों तक सीमित करें और अदालती कार्यवाही के दरमियान की गई मौखिक टिप्पणियों की रिपोर्टिंग से बचें।याचिका में मद्रास उच्च न्यायालय की 26 अप्रैल की मौखिक टिप्पणियों के मीडिया कवरेज मुद्दा को विशेष रूप से उठाया गया है, जिसमें न्यायालय ने कहा था कि...
COVID-19 प्रबंधन: राजस्थान हाईकोर्ट ने आम लोगों की समस्याओं को कम करने के लिए वकीलों की राज्य और जिला स्तरीय कमेटी गठित की
राजस्थान हाईकोर्ट ने बुधवार (28 अप्रैल) को राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए COVID-19 मरीजों की दुर्दशा और अस्पतालों में कमी से उत्पन्न स्थिति पर प्रकाश डालते हुए राजस्थान राज्य में बड़े पैमाने आम लोगों की समस्याओं को कम करने के लिए राज्य और जिला स्तरीय समितियों का गठन किया है।मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत महंती और न्यायमूर्ति इंद्रजीत सिंह की खंडपीठ ने इस उम्मीद के साथ विश्वास व्यक्त किया कि गठित समितियां भारतीय संघ और राजस्थान राज्य द्वारा राज्य के लोगों...
कॉलेजियम ने न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की उत्तराखंड हाईकोर्ट के स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति की सिफारिश की
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने बुधवार को उत्तराखंड हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा को उस हाईकोर्ट के स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।16 अगस्त, 1964 को वाराणसी में जन्मे जस्टिस वर्मा ने 1985 में हरीश चंद्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय से कानून की डिग्री प्राप्त की थी।वह वर्ष 1987 में यूपी में 1982 बैच की न्यायिक सेवाओं में शामिल हुए। बाद में उन्होंने उत्तराखंड राज्य में न्यायिक सेवा का विकल्प चुना।उन्हें मई 2019 में उत्तराखंड हाईकोर्ट के...
COVID-19 वैक्सीन की कीमत में अंतर: राजस्थान हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया
राजस्थान हाईकोर्ट ने गुरुवार (29 अप्रैल) को केंद्र और राज्य के COVID-19 वैक्सीन की कीमत में अंतर को निर्धारित करने की मांग वाली याचिका पर केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया।पत्रकार मुकेश शर्मा ने अधिवक्ता अभय कुमार भंडारी और अधिवक्ता सिद्धार्थ बापना के माध्यम से याचिका दायर की कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (Serum institute of india) और भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड (Bharat Biotech International Limited) ने भारत सरकार और राज्य सरकारों और निजी अस्पतालों के लिए COVID-19 वैक्सीन का मूल्य...
जम्मू और कश्मीर उच्च न्यायालय ने आरटीओ, कश्मीर के उस परिपत्र को खारिज किया, जिसमें बाहर के वाहनों का दोबारा पंजीकृत करने का आदेश दिया गया था
जम्मू और कश्मीर उच्च न्यायालय ने गुरुवार को आरटीओ, कश्मीर द्वारा जारी एक परिपत्र को खारिज कर दिया, जिसमें वाहन मालिकों को जम्मू और कश्मीर के बाहर से खरीदे जाने वाले वाहनों को, जिन पर बाहर के पंजीकरण चिह्न थे, उन्हें यूटी में नया पंजीकरण चिन्हों के लिए आवेदन करना अनिवार्य किया गया था।जस्टिस विनोद चटर्जी कौल और जस्टिस अली मोहम्मद माग्रे की एक खंडपीठ ने कहा कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा 47 की शर्तों को पूरा नहीं करता है और यूटी में प्रवेश करने वाले वाहनों को अनावश्यक रूप से प्रभावित करता...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय कुमार सेठ का COVID-19 से निधन
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति संजय कुमार सेठ का शुक्रवार की सुबह COVID-19 से निधन हो गया।जस्टिस संजय कुमार सेठ ने नवंबर 2018 में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली और जून 2019 में सेवानिवृत्त हुए।जस्टिस सेठ ने वर्ष 1981 में एक वकील के रूप में दाखिला लिया था और जबलपुर में सिविल और संवैधानिक मामलों पर प्रैक्टिस शुरू की थी।उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार के लिए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में अतिरिक्त महाधिवक्ता के रूप में भी कार्य कियान्यायमूर्ति सेठ को वर्ष...
भारत के पूर्व अटॉर्नी जनरल सोली सोराबजी का निधन
भारत के पूर्व अटॉर्नी जनरल और अनुभवी न्यायविद सोली सोराबजी का शुक्रवार सुबह निधन हो गया। वह 91 वर्ष के थे।बॉम्बे में 1930 में जन्मे सोली जहांगीर सोराबजी ने बॉम्बे हाईकोर्ट में वर्ष 1953 में अपनी कानूनी प्रैक्टिस शुरू की। उन्हें 1971 में भारत के सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किया गया था। वह दो बार भारत के अटॉर्नी जनरल बने। पहली बार 1989-90 तक और फिर दूसरी बार 1998-2004 तक।सोराबजी एक प्रसिद्ध मानवाधिकार वकील थे। उन्हें संयुक्त राष्ट्र द्वारा 1997 में नाइजीरिया के लिए एक...
AIBE-XVI: ऑनलाइन आवेदन के लिए समय सीमा 15 जून तक बढ़ाई गई
भारत भर में COVID-19 मामलों में हालिया उछाल को देखते हुए बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने ऑल इंडिया बार परीक्षा (AIBE) XVI के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि को 15 जून, 2021 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है।गौरतलब है कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने पिछले महीने ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन (AIBE) -XVI की तारीख फिर से बढ़ाने का फैसला लिया था और यह अधिसूचित किया गया था कि संशोधित तारीख जल्द ही सार्वजनिक कर दी जाएगी। यह ध्यान दिया जा सकता है कि AIBE-XVI पहले 25 अप्रैल को आयोजित होने जा रहा था।इसके अलावा, आवेदन प्राप्त...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने पुलिस को बीजेपी सांसद सुजय विखे पाटिल के लाए गए रेमडेसिविर इंजेक्शन का पता लगाने का निर्देश दिया
बॉम्बे हाईकोर्ट (औरंगाबाद बेंच) ने गुरुवार को अहमदनगर जिला कलेक्टर द्वारा भाजपा सांसद डॉ.सुजय विखे पाटिल के कथित रूप से रेमडेसिविर इंजेक्शन की अनधिकृत खरीद और वितरण के संबंध में समर्थन के लिए आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस पर कई सवाल खड़ा किए।पीठ अहमदनगर निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा सांसद पाटिल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी। दरअसल, याचिका में सांसद पाटिल के कथित रूप से रेमडेसिविर इंजेक्शन की अनधिकृत खरीद और वितरण के लिए एक चार्टर्ड उड़ान के माध्यम दिल्ली से शिरडी लाने...
मूल्य नियंत्रण उपायों को लागू करके COVID वैक्सीन 150 रूपये में उपलब्ध करवाई जाएः झारखंड हाईकोर्ट के समक्ष याचिका दायर
झारखंड हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर मांग की गई है कि आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 को लागू करते हुए COVID19 वैक्सीन(कोविशील्ड, कोवैक्सीन आदि) को मूल्य नियंत्रण के तहत लाने के लिए निर्देश दिए जाएं। यह याचिका एक प्रैक्टिसिंग वकील मोहम्मद मुमताज अंसारी द्वारा दायर की गई है और इसमें यह भी मांग की गई है कि वैक्सीन की कीमत 150 रुपये निर्धारित करने के लिए निर्देश दिए जाएं। याचिका में कहा गया है कि, ''केंद्र सरकार ने इस जीवन रक्षक COVID19 वैक्सीन की...
दिल्ली उच्च न्यायालय ने बीमा कंपनियों को निर्देश दिया कि COVID मरीजों को 30 से 60 मिनट के भीतर डिस्चार्ज एप्रूवल भेजें
दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को एक ऑनलाइन पोर्टल पर रेमेडिसविर की उपलब्धता, ऑक्सीजन उपचार सक्षम खाली बिस्तरों की उपलब्धता के सबंध में जानकारी, और कोविड 19 रोगियों के डिस्चार्ज के दौरान बीमा कंपनियों के अनुमोदन के संबंध में कई दिशा-निर्देश जारी किए।जस्टिस प्रतिभा एम सिंह की पीठ ने रेमेडिसविर की अनुपलब्धता और दिल्ली सरकार द्वारा बनाए गए पोर्टल www.delififightsona.in, जिसमें अस्पताल में भर्ती के संबंध में जानकारी होती है, संबंधित दो याचिकाओं पर निर्देश जारी किए।COVID-19 रोगियों के...
सुनिश्चित करें कि मतगणना का दिन सुपर स्प्रेडर इवेंट नहीं बने: मद्रास हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग और पार्टियों से कहा
मद्रास हाईकोर्ट ने गुरुवार को कहा कि भारत के चुनाव आयोग, राज्य सरकार और राजनीतिक दलों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मतगणना का दिन COVID-19 महामारी के लिए "सुपर-स्प्रेडर" घटना न बने।मुख्य न्यायाधीश संजीब बनर्जी और न्यायमूर्ति सेंथिलकुमार राममूर्ति की खंडपीठ ने 2 मई को मतगणना के दिन COVID-19 को उचित व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग द्वारा उठाए गए कदमों की जांच की।तमिलनाडु के महाधिवक्ता विजय नारायण ने पीठ को बताया कि स्वास्थ्य सचिव और मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने न्यायालय द्वारा की गई...
"सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित कानून को नहीं माना जाता है, तो यह गंभीर मामला है" : केरल हाईकोर्ट जज ने शादी के कारण बलात्कार के आरोप रद्द करने के फैसलों को वापस लिया
विभिन्न आरोपियों के खिलाफ बलात्कार और बाल यौन उत्पीड़न के आरोपों को रद्द करने के आदेशों के बाद, बुधवार को एक विशेष सुनवाई में केरल उच्च न्यायालय ने स्वत: संज्ञान लेते हुए इनमें से तीन आदेशों को वापस ले लिया।न्यायमूर्ति के हरिपाल की पीठ ने उनके तीन आदेशों को निरस्त कर दिया, जहां पीड़ितों के अभियुक्तों से विवाह के आधार पर मामलों को रद्द कर दिया गया था।कोर्ट ने फैसला सुनाया,"जब माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित कानून को नहीं माना जाता है, तो यह एक गंभीर मामला है और इसलिए, उपरोक्त आपराधिक...
दिल्ली को COVID-19 की लड़ाई में अन्य राज्यों की तुलना में कम ऑक्सीजन आवंटित की गईः दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट को बताया
दिल्ली सरकार ने गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया कि वर्तमान COVID-19 संकट से लड़ने के लिए दिल्ली को अन्य राज्यों की तुलना में कम मात्रा में ऑक्सीजन आवंटित किया गया है।न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की खंडपीठ ने दिल्ली सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा की प्रस्तुतियां दर्ज कीं और केंद्र से इस पर जवाब देने को कहा है।एसजी तुषार मेहता ने विभिन्न दाखिलों की रिकॉर्डिंग पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इन्हें रिकॉर्ड नहीं किया जा सकता, क्योंकि इससे दहशत...
'क्यों दूसरे राज्यों को मांग की तुलना में अधिक ऑक्सीजन प्राप्त हुआ, लेकिन दिल्ली को कम मिला': दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को विभिन्न राज्यों द्वारा ऑक्सीजन की मांग और आवंटन में अंतर के संबंध में दिल्ली सरकार की ओर से किए गए सबमिशन के संबंध में केंद्र से जवाब मांगा है। कोर्ट ने एसजी मेहता को जवाब देने और उसे रिकॉर्ड पर रखने के लिए एक दिन का समय दिया है।कोर्ट के समक्ष दिल्ली सरकार ने कहा कि दिल्ली को आवंटित की ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं की जा रही है जबकि मध्य प्रेदश और महाराष्ट्र को अधिक ऑक्सीजन की आपूर्ति हो रही है। इसका जवाब केंद्र को देना चाहिए।न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रेखा...
कोविड के कारण हो रही मौतेंः इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लापरवाह अधिकारियों पर मुकदमा चलाने की जनहित याचिका खारिज की
कोविड-19 महामारी के बीच पर्याप्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में विफल रहने पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 'टीम -11' और अन्य स्वास्थ्य अधिकारियों सहित सरकारी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग वाली जनहित याचिका खारिज कर दी है।जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस राजीव सिंह की डिवीजन बेंच ने याचिका को सुनवाई योग्य न मानते हुए खारिज कर दिया और याचिकाकर्ता को इलाहाबाद में डिवीजन बेंच से समक्ष आवेदन पत्र स्थानांतरित करने की स्वतंत्रता दी, जो राज्य में कोविड...
COVID-19: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने सभी अंतरिम आदेशों की अवधि 30 जून तक बढ़ाई
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने COVID-19 महामारी की दूसरी लहर से पैदा हुए कहर को देखते हुए इसके और अधीनस्थ न्यायालयों/ट्रिब्यनलों द्वारा 21 अप्रैल, 2021 तक पारित सभी अंतरिम आदेशों की अवधी 30 जून, 2021 तक बढ़ा दिया है।मुख्य न्यायाधीश एके गोस्वामी और न्यायमूर्ति सीपी कुमार की खंडपीठ ने आदेश दिया,"प्रचलित स्थिति के संबंध में यह निर्देशित किया जाता है कि 21.04.2021 तक इस न्यायालय और इसके अधीनस्थ न्यायालयों/न्यायाधिकरणों द्वारा पारित सभी अंतरिम आदेश आदेश बिना शर्त के 30.06.2021 तक विस्तारित किए जाएंगे, जब...
5 स्टार होटल में जजों के लिए COVID-19 केयर सेंटर: दिल्ली हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के निर्देश वापस लेने के बाद स्वतः संज्ञान मामले को बंद किया
दिल्ली हाईकोर्ट को गुरुवार को सूचित किया गया कि दिल्ली सरकार ने कोर्ट के स्वतः संज्ञान मामले में दिए गए निर्देश का पालन करते हुए अशोका होटल में जजों और उनके परिवारों के लिए 5-स्टार COVID-19 की सुविधा देने के अपने आदेश को वापस ले लिया है। इसके बाद हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान मामले को बंद कर दिया।न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की खंडपीठ ने इसलिए स्वतः संज्ञान कार्यवाही को बंद कर दिया है कि इस मुद्दे और समाचार पत्र की रिपोर्टों के बारे में उसी के संज्ञान में लिया गया था।सुनवाई के...
'हमें अपना स्वार्थ छोड़ना होगा': दिल्ली हाईकोर्ट ने दुकानदारों से ऑक्सीजन सिलेंडर और दवाइयों की जमाखोरी और कालाबाजारी न करने को कहा
दिल्ली हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की एक खंडपीठ राष्ट्रीय राजधानी में ऑक्सीजन की कमी और COVID-19 संकट से संबंधित याचिकाओं की सुनवाई करते हुए कहा, "इसलिए, हम लोगों की अच्छी समझ के लिए आवश्यक दवा और ऑक्सीजन विक्रेताओं से अपील करते हैं कि वे इन चीजों की जमाखोरी और कालाबाजारी न करें, जिससे इन्हें जरूरतमंद लोगों को उपलब्ध कराया जा सके।"पीठ ने यह टिप्पणी उस समय की जब नोटबंदी के बाद से ही COVID-19 दवाओं और ऑक्सीजन सिलेंडरों की कालाबाजारी और जमाखोरी के मुद्दे पर ध्यान...



















