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केरल हाईकोर्ट ने अपराध के तुरंत बाद मानसिक‌ स्थिति की जांच ना कराने के आधार पर ‌तिहरे हत्याकांड की आरोपी महिला को बरी किया
केरल हाईकोर्ट ने अपराध के तुरंत बाद मानसिक‌ स्थिति की जांच ना कराने के आधार पर ‌तिहरे हत्याकांड की आरोपी महिला को बरी किया

केरल हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने मातृहत्या और दोहरी संतान हत्या की आरोपी एक महिला की दोषसिद्ध‌ि और सजा को इस आधार पर रद्द कर दिया कि जांच अधिकारी ने उसकी मानसिक सुदृढ़ता का निर्धारण करने के लिए तुरंत उसका चिकित्सा परीक्षण नहीं किया। खंडपीठ ने कई सबूतों और जांच में शामिल कई तथ्यों के कारण आरोपी की मानसिक स्थिति के संबंध में उचित संदेह पैदा हाने के बाद, जिसके बावजूद आरोपी का चिकित्सा परीक्षण नहीं किया गया था, के बाद फैसला लिया।आरोपी ललिता ने अपनी मां और दो नाबालिग बेटियों की कथित हत्या के मामले में...

असंतोष को कुचलने की चिंता में राज्य के दिमाग में विरोध करने के संवैधानिक अधिकार और आतंकवादी गतिविधि के बीच का अंतर धुंधला होता जा रहा हैः दिल्ली हाईकोर्ट
असंतोष को कुचलने की चिंता में राज्य के दिमाग में विरोध करने के संवैधानिक अधिकार और आतंकवादी गतिविधि के बीच का अंतर धुंधला होता जा रहा हैः दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मं॒गलवार को ‌दिल्‍ली दंगों के आरोप में गिरफ्तार जेएनयू की छात्रा नताशा नरवाल को जमानत देते हुए कहा, "हम यह कहने के लिए मजबूर हैं कि ऐसा लगता है कि राज्य के दिमाग में, असंतोष को कुचलने की चिंता में विरोध करने के संवैधानिक अधिकार और आतंकवादी गतिविधि के बीच का अंतर धुंधला होता जा रहा है।"ज‌स्ट‌िस सिद्धार्थ मृदुल और ज‌स्ट‌िस अनूप जे. भंभानी की खंडपीठ ने कहा कि "यदि यह मानसिकता प्रचलित होती है तो यह लोकतंत्र के लिए दुखद दिन होगा।"जेएनयू की एमफिल-पीएचडी की छात्र नरवाल पर...

मद्रास हाईकोर्ट ने COVID19 के कारण जान गंवाने वाले व्यक्तियों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग पर एनडीएमए को नोटिस जारी किया
मद्रास हाईकोर्ट ने COVID19 के कारण जान गंवाने वाले व्यक्तियों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग पर एनडीएमए को नोटिस जारी किया

मद्रास हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव बनर्जी और न्यायमूर्ति सेंथिलकुमार राममूर्ति की खंडपीठ ने मंगलवार को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) को उस याचिका पर नोटिस जारी किया है,जिसमें COVID19 आपदा के कारण मरने वाले व्यक्तियों के परिवारों को अनुग्रह राशि का भुगतान करने की मांग की गई थी।यह नोटिस इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले सप्ताह इसी बेंच ने कहा था कि कोर्ट सभी COVID19 पीड़ितों को मुआवजा देने का निर्देश देने वाला एक परमादेश जारी नहीं कर सकती है, भले ही परिवार की वित्तीय...

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली दंगा 2020 मामले में देवांगना कलिता, नताशा नरवाल और आसिफ इकबाल तन्हा को जमानत दी
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली दंगा 2020 मामले में देवांगना कलिता, नताशा नरवाल और आसिफ इकबाल तन्हा को जमानत दी

दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूर्ति अनूप जयराम भंभानी की खंडपीठ ने आज (मंगलवार) UAPA के तहत दिल्ली दंगों के बड़े षड्यंत्र मामले में आसिफ इकबाल तन्हा और पिंजरा तोड़ की कार्यकर्ता नताशा नरवाल और देवांगना कलिता को जमानत दे दी।जमानत 50,000 रुपये के व्यक्तिगत बांड और दो स्थानीय जमानतदार पेश करने की शर्त पर दी गई है। जमानत की शर्तों में तीनों को अपना पासपोर्ट सरेंडर करना और मामले में बाधा डालने वाली गतिविधियों में भाग लेना नहीं शामिल है।पिंजरा तोड़ आंदोलन से जुड़ी जवाहरलाल...

आजकल की युवा पीढ़ी पर प्रतिकूल प्रभाव: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ड्रग पेडलर्स की जमानत याचिका खारिज की
'आजकल की युवा पीढ़ी पर प्रतिकूल प्रभाव': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ड्रग पेडलर्स की जमानत याचिका खारिज की

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य में नशीली दवाओं की वृद्धि और युवा पीढ़ियों पर इसके प्रतिकूल प्रभाव का हवाला देते हुए पिछले सप्ताह कथित ड्रग पेडलर्स द्वारा दायर कम से कम तीन जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया।न्यायमूर्ति अंजुली पालो ने तीन आवेदनों को खारिज करते हुए कहा,"समाज में इस तरह के मामलों की बढ़ती संख्या और युवा पीढ़ी पर इसके प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए मुझे आवेदक को जमानत पर रिहा करना उचित नहीं लगता।" .न्यायाधीश ने गुरुदेव सिंह बनाम पंजाब राज्य में सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणियों पर भरोसा...

केंद्र ने राज्यों की डोर-टू-डोर वैक्सीनेशन नीति पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है: बॉम्बे हाईकोर्ट
'केंद्र ने राज्यों की डोर-टू-डोर वैक्सीनेशन नीति पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है': बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को COVID19 वैक्सीन के लिए वैक्सीनेशन सेंटर तक आने में असक्षम बुजुर्गों और विकलांग नागरिकों को डोर-टू-डोर वैक्सीनेशन करने से प्रतिबंधित नहीं किया है।मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जीएस कुलकर्णी की खंडपीठ ने महाराष्ट्र सरकार से यह तय करने के लिए कहा कि क्या वह 22 जून तक डोर-टू-डोर टीकाकरण करेगी। इसमें कहा गया है कि राज्य को ऐसे दिशानिर्देशों को लागू करने के लिए अपने आदेशों की प्रतीक्षा करने की आवश्यकता नहीं है यदि ...

धारा 138 एनआई एक्ट- डिमांड नोटिस की तामील की तारीख का उल्लेख नहीं करना केस के लिए घातक नहीं है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
धारा 138 एनआई एक्ट- डिमांड नोटिस की तामील की तारीख का उल्लेख नहीं करना केस के लिए घातक नहीं है: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना है कि नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 की धारा 138 के तहत चेक के अनादर की शिकायत को केवल इसलिए खारिज नहीं किया जा सकता है क्योंकि इसमें उस तारीख का उल्लेख नहीं है, जिस पर कथित डिफॉल्टर/ड्रॉअर को डिमांड नोटिस तामील किया गया था।ज‌स्ट‌िस विवेक वर्मा की सिंगल बेंच ने अपने फैसले में कहा, "शिकायत को चौखट पर नहीं फेंका जा सकता है, भले ही वह किसी दी गई तारीख पर नोटिस की तामील के संबंध में कोई विशिष्ट दावा न करे। शिकायत में, हालांकि, चेक के आहर्ता को नोटिस जारी करने के तरीके...

पुलिस  गैरकानूनी नजरबंदी के मामलों को छिपाने के लिए अक्सर दावा करती है कि पुलिस थाने में लगे सीसीटीवी कैमरेकाम नहीं कर रहे: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
पुलिस गैरकानूनी नजरबंदी के मामलों को छिपाने के लिए अक्सर दावा करती है कि पुलिस थाने में लगे सीसीटीवी कैमरेकाम नहीं कर रहे: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य में स्थानीय पुलिस अधिकारियों द्वारा याचिकाकर्ता की कथित गैरकानूनी हिरासत के खिलाफ दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रथम दृष्टया टिप्पणी की कि दायित्व से बचने के लिए पुलिस अक्सर झूठा रुख अपनाती है कि पुलिस स्टेशन में लगाए गए सीसीटीवी काम नहीं कर रहे हैं।न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन की खंडपीठ ने कहा,"यह अदालत प्रथम दृष्टया महसूस करती है कि पुलिस द्वारा गैरकानूनी हिरासत के मामलों को छिपाने के लिए पुलिस यह तर्क देती है कि सीसीटीवी कैमरे खराब हैं।"इसमें कहा गया है कि...

अर्थहीन जनहित याचिका, निजता के संवैधानिक अधिकार को समझने का कोई प्रयास नहीं किया गया: उड़ीसा हाईकोर्ट ने COVID-19 मरीजों के इलाज के सीसीटीवी कवरेज की मांग वाली याचिका खारिज की
'अर्थहीन जनहित याचिका, निजता के संवैधानिक अधिकार को समझने का कोई प्रयास नहीं किया गया': उड़ीसा हाईकोर्ट ने COVID-19 मरीजों के इलाज के सीसीटीवी कवरेज की मांग वाली याचिका खारिज की

उड़ीसा हाईकोर्ट ने हाल ही में "कोरोना रोगियों के इलाज को अधिक पारदर्शी और जनता के प्रति जवाबदेह बनाने के लिए" सभी COVID-19 अस्पतालों में सीसीटीवी कैमरे और डिस्प्ले बोर्ड लगाने की मांग करने वाली एक जनहित याचिका को खारिज कर दिया।मुख्य न्यायाधीश डॉ. एस. मुरलीधर और न्यायमूर्ति केआर महापात्र की खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता ने उन प्रभावों को ध्यान में नहीं रखा, जो इस तरह के कदम से विभिन्न अस्पतालों में भर्ती मरीजों की निजता पर पड़ सकते हैं।खंडपीठ ने कहा,"याचिका केवल एक प्रेस क्लिपिंग के आधार पर दायर...

जयपुर गोल्डन अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के कारण अपने पिता को खोने वाले नाबालिग मुआवजे के लिए दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे
जयपुर गोल्डन अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के कारण अपने पिता को खोने वाले नाबालिग मुआवजे के लिए दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे

राष्ट्रीय राजधानी के जयपुर गोल्डन अस्पताल में कथित रूप से ऑक्सीजन की कमी के कारण COVID19 में अपने एकमात्र रोजी-रोटी कमाने वाले पिता को खो देने वाले नाबालिगों (यास्मीन और रूबेन कटारिया) ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने हाईकोर्ट से मांग की है कि सरकारों को निर्देश दिया जाए कि मुआवजे की उन प्रस्तावित योजनाओं को तेजी से लागू किया जाए,जो दिल्ली में कोरोना वायरस की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी या COVID19 के कारण जान गंवाने वाले पीड़ितों के परिवारों तैयार की गई हैं।इन दोनों बच्चों ने अपनी...

वैधानिक निर्णय के बिना CAG रिपोर्ट के आधार पर उपकर की वसूली नहीं हो सकती: सुप्रीम कोर्ट
वैधानिक निर्णय के बिना CAG रिपोर्ट के आधार पर उपकर की वसूली नहीं हो सकती: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बिना किसी वैधानिक निर्णय प्रक्रिया के केवल नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट के आधार पर उपकर की वसूली नहीं हो सकती है।जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस इंदिरा बनर्जी की खंडपीठ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा, जिसमें उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPTCL) द्वारा जारी आदेश को रद्द कर दिया गया था, जिसमें ठेकेदार को 2,60,68,814/- रुपये का श्रम उपकर जमा करने का निर्देश दिया गया था।UPPTCL ने कथित तौर पर बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स...

सीबीएसई का हेड ऑफिस दिल्ली में होने से कोई क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र नहीं है: दिल्ली हाईकोर्ट
"सीबीएसई का हेड ऑफिस दिल्ली में होने से कोई क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र नहीं है:" दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने गाजियाबाद में एक स्कूली छात्र द्वारा सीबीएसई से संबद्ध स्कूल की फीस में वृद्धि के खिलाफ एक याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए कहा है कि केंद्रीय निकाय के रूप में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) देश में कहीं भी कार्यवाही का बचाव कर सकता है। साथ ही दिल्ली हाईकोर्ट का सीबीएसई के सभी मामलों में क्षेत्रीय क्षेत्राधिकार केवल इसलिए नहीं है, क्योंकि इसका प्रधान कार्यालय दिल्ली में है।यह देखते हुए कि याचिका का संबंध केवल सीबीएसई से अधिक उत्तर प्रदेश राज्य से है, अदालत ने...

केरल हाईकोर्ट ने विदेश में रहने वाले कपल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विवाह के रजिस्ट्रेशन की अनुमति दी
केरल हाईकोर्ट ने विदेश में रहने वाले कपल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विवाह के रजिस्ट्रेशन की अनुमति दी

केरल हाईकोर्ट ने महामारी की वजह से देश में लगाए गए यात्रा प्रतिबंधों के कारण ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले एक कपल को केरल विवाह पंजीकरण (सामान्य) नियम, 2008 के तहत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपनी शादी को पंजीकृत करवाने की अनुमति दी है। याचिकाकर्ता थॉमस कुट्टी जोसेफ और ब्लॉसम थॉमस को विवाह के स्थानीय रजिस्ट्रार ने सूचित किया था कि ज्ञापन पर आगे की कार्यवाही करने के लिए उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति की आवश्यकता है। जिसके बाद उन्होंने अपने पावर ऑफ अटॉर्नी के माध्यम से हाईकोर्ट का रुख किया। ...

लिव-इन कपल्स की याचिकाएं शायद ही कभी खतरे के वास्तविक अस्तित्व पर आधारित होती हैं, ऐसे मामले कोर्ट का अधिक समय लेते हैं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
'लिव-इन कपल्स की याचिकाएं शायद ही कभी खतरे के वास्तविक अस्तित्व पर आधारित होती हैं, ऐसे मामले कोर्ट का अधिक समय लेते हैं': पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही लिव-इन-कपल (जो अभी तक विवाह योग्य आयु प्राप्त नहीं किए हैं) की सुरक्षा से संबंधित याचिका को निपटाते हुए कहा कि कि लिव-इन कपल्स के अधिकांश याचिकाएं औपचारिक प्रतीकात्मक तर्क, काल्पनिक कारणों के आधार पर कार्रवाई और शायद ही कभी खतरे के वास्तविक अस्तित्व पर आधारित होती हैं।जस्टिस मनोज बजाज की बेंच दया राम [20 साल] और रीनू [14 साल] की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में कहा गया है कि वे एक-दूसरे को पिछले एक साल से जानते हैं और समय बीतने के साथ उन्हें प्यार हो...

एलएलबी परीक्षा- डीयू के लॉ फैकल्टी के 650 छात्रों ने बीसीआई विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के मद्देनजर घर से परीक्षा देने के लिए डीन को पत्र लिखा
एलएलबी परीक्षा- डीयू के लॉ फैकल्टी के 650 छात्रों ने बीसीआई विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के मद्देनजर घर से परीक्षा देने के लिए डीन को पत्र लिखा

लॉ फैकल्टी, दिल्ली विश्वविद्यालय के 650 से अधिक छात्रों ने विधि संकाय के डीन को एक अभ्यावेदन भेजा है। इस प्रतिनिधित्व में आगामी ऑनलाइन ओपन बुक परीक्षाओं को टेक-होम असाइनमेंट/परीक्षाओं में बदलने की मांग की गई है। अंतिम वर्ष की परीक्षाएं 16 जून, 2021 से शुरू होने वाली हैं और पिछले सेमेस्टर की लंबित परीक्षाएं जुलाई-अगस्त में आयोजित होने वाली हैं। पिछले 2 महीनों में छात्रों द्वारा इसी तरह की तर्ज पर कई अभ्यावेदन दिए गए हैं। नवीनतम प्रतिनिधित्व बीसीआई विशेषज्ञ समिति की सिफारिश के आधार पर एक अंतिम...

दुर्लभ बीमारी से पीड़ित पांच महीने के बच्चे के इलाज के लिए जीवन रक्षक दवा के आयात के लिए याचिका: केरल हाईकोर्ट ने राज्य से जवाब मांगा
दुर्लभ बीमारी से पीड़ित पांच महीने के बच्चे के इलाज के लिए जीवन रक्षक दवा के आयात के लिए याचिका: केरल हाईकोर्ट ने राज्य से जवाब मांगा

केरल हाईकोर्ट ने राज्य के प्रमुख सचिव और स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक से एक दवा के आयात के संबंध में जवाब मांगा है। दरअसल, पीठ स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉपी (Spinal Muscular Atrophy) से पीड़ित एक बच्चे के इलाज के लिए जीवन रक्षक दवा के आयात के लिए सरकारी सहायता की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी।अधिवक्ता पी चंद्रशेखर ने जोर देकर कहा कि याचिकाकर्ता का पांच महीने का बेटा एक दुर्लभ बीमारी से पीड़ित है, जिसका इलाज दुनिया की सबसे महंगी दवा 'ओनासेमनोगीन (Onasemnogene)' की एक खुराक देकर ही किया जा...

भ्रष्टाचार के मामलों में प्रारम्भिक जांच के बाद ही प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए : केरल हाईकोर्ट
भ्रष्टाचार के मामलों में प्रारम्भिक जांच के बाद ही प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए : केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट की एकल पीठ ने हाल ही में कुछ भ्रष्टाचार की शिकायतें दर्ज करने के निर्देश संबंधी रिट याचिका खारिज करते हुए व्यवस्था दी है कि भ्रष्टाचार के मामलों में प्रारम्भिक जांच करने के बाद ही प्राथमिकी दर्ज करने की आवश्यकता होती है।कोर्ट का यह निर्णय केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) डिपो के वाहन सुपरवाइजर जुडे जोसेफ की उस याचिका पर आया, जिसमें उन्होंने निगम के 2012 से 2015 तक के खातों के आंतरिक ऑडिट में सरकारी राजस्व की गंभीर हेराफेरी में शामिल कुछ अधिकारियों के खिलाफ उनके आरोपों के...

अवैध हिरासत में रखे गए व्यक्तियों को राज्य सरकार की ओर से मुआवजा दिया जाएगा: इलाहाबाद हाईकोर्ट
अवैध हिरासत में रखे गए व्यक्तियों को राज्य सरकार की ओर से मुआवजा दिया जाएगा: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इस बात पर जोर देते हुए कि सार्वजनिक प्राध‌िकरणों द्वारा उत्पीड़न के कारण दिया गया मुआवजा, ना केवल व्यक्ति को मुआवजा देता है, उसे व्यक्तिगत रूप से संतुष्ट करता है बल्कि सामाजिक बुराई को ठीक करने में मदद करता है, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में राज्य सरकार को एक नागरिक (25 हजार रुपए) मुआवजा देने की अपनी नीति को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है। व्यक्ति को जिन्हें अवैध रूप से हिरासत में लिया गया है।ज‌स्टिस सूर्य प्रकाश केसरवानी और जस्टिस शमीम अहमद की खंडपीठ ने किसी भी अधिकारी द्वारा किसी भी...