मुख्य सुर्खियां
सुनिश्चित करें कि आईआईटी मद्रास कैंपस कुत्तों के लिए डंपिंग ग्राउंड न बने: मद्रास हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा
मद्रास हाईकोर्ट ने शुक्रवार को तमिलनाडु राज्य को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि आईआईटी मद्रास कैंपस कुत्तों के लिए डंपिंग ग्राउंड न बने और इस संबंध में कुछ उपाय करें।चीफ जस्टिस संजीब बनर्जी और जस्टिस पीडी ऑडिकेसवालु की बेंच पीपुल फॉर कैटल इन इंडिया नाम के एक एनजीओ द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी।इस याचिका में आईआईटी मद्रास कैंपस में कुत्तों की दुर्दशा की शिकायत की गई थी।न्यायालय के समक्ष प्रस्तुतियाँन्यायालय को भारतीय पशु कल्याण बोर्ड, ग्रेटर चेन्नई निगम और राज्य के पशुपालन विभाग...
NEET-UG 2021: केरल हाईकोर्ट ने निरीक्षक द्वारा देरी का हवाला देते हुए रीटेस्ट की मांग करने वाली याचिका पर NTA से जवाब मांगा
केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एक NEET-UG 2021 उम्मीदवार द्वारा दायर एक याचिका को स्वीकार कर लिया।इस याचिका में कहा गया कि उसकी ओएमआर उत्तर पुस्तिका को उसके परीक्षा हॉल में सौंपे गए पर्यवेक्षक की लापरवाही के कारण खारिज किए जाने की संभावना है। इस पर कोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी से जवाब मांगा। न्यायमूर्ति पीबी सुरेश कुमार आगामी सप्ताह में मामले की सुनवाई करेंगे।याचिकाकर्ता ने कथित मनमाने तरीके से अदालत का दरवाजा खटखटाया था, जिसमें उसके परीक्षा केंद्र श्री नारायण पब्लिक स्कूल, पूथोट्टा में...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देशभर के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (13 सितंबर 2021 से 17 सितंबर 2021 तक) क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।लिव इन रिलेशनशिप के दौरान पीड़िता द्वारा वहन किए गए खर्च को आपराधिक अपराध नहीं माना जाएगा: दिल्ली हाईकोर्टदिल्ली हाईकोर्ट ने पाया कि लिव-इन रिलेशनशिप में जहां दोनों साथी एक साथ रह रहे हैं, यह एक आपराधिक अपराध नहीं होगा कि यदि खर्च अभियोक्ता या दोनों भागीदारों द्वारा वहन किया जाता है।न्यायमूर्ति...
एससी/एसटी एक्ट के तहत शिकायतकर्ता की जाति बहुत ही महत्वपूर्ण और अनिवार्य शर्तः मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने मंगलवार को माना कि अनुसूचित जाति/जनजाति अधिनियम के तहत मामले में शिकायतकर्ता की जाति बहुत ही महत्वपूर्ण और अनिवार्य शर्त और यह नहीं माना जा सकता है कि शिकायतकर्ता एफआईआर में यह उल्लेख करना भूल गया होगा कि हमलावरों ने उसकी जाति पर टिप्पणी नहीं की होगी।इन टिप्पणियों के साथ जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की खंडपीठ ने अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3 (2) (5 ए) के तहत एक व्यक्ति के खिलाफ दर्ज मामले को खारिज कर दिया, जिस पर शिकायतकर्ता के खिलाफ जातिगत...
दहेज हत्याः मौत के कारणों पर परिवार के सदस्यों की चुप्पी परिस्थितियों की श्रृंखला में एक अतिरिक्त कड़ी बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ ने कहा कि ससुराल में महिला की मौत पर घर वालों की चुप्पी उन्हीं के खिलाफ मानी जाएगी, क्योंकि ऐसी घटनाएं पूरी गोपनीयता से होती हैं।जस्टिस वीके जाधव और जस्टिस श्रीकांत कुलकर्णी की खंडपीठ ने पति और ससुराल वालों को गर्भवती महिला की मौत के मामले आईपीसी की धारा 304 बी के तहत दहेज हत्या का दोषी ठहराया। महिला की शादी के दो साल के भीतर गला दबाकर हत्या कर दी गई, जबकि वारदात से आठ दिन पहले उसे जान से मारने की धमकी दी गई थी।कोर्ट ने कहा, "यह आईपीसी की धारा 304 बी के तहत...
वकील का 'शरारती व्यवहार'- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले को ऐसी बेंच के समक्ष, जो वकील के व्यवहार को बर्दाश्त कर सके, सूचीबद्ध करने के निर्देश को वापस लिया
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पिछले सप्ताह दिए एक आदेश को वापस ले लिया, जिसमें उसने एक मामले को एक अन्य बेंच के समक्ष सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने "वकील के शरारती व्यवहार" का हवाला देकर ऐसा निर्देश दिया था।अनिवार्य रूप से, 6 सितंबर, 2021 को, मामले में दीवानी आवेदनों की सुनवाई करते हुए, जो 1995 से लंबित हैं, कोर्ट ने वकील से सभी मामलों में देरी की माफी के बारे में पूछताछ की, क्योंकि सभी मामलों की एक साथ सुनवाई होनी थी।#AllahabadHighCourt directs listing of a matter before any other...
"घटनास्थल से मवेशी की हड्डियां मिलीं": इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गोहत्या मामले में एफआईआर रद्द करने से इनकार किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को यू.पी. गोहत्या निवारण अधिनियम, 1955 के तहत दर्ज एफआईआर को रद्द करने से इनकार कर दिया। उक्त अधिनियम की धारा 3/5/8 के तहत सात व्यक्तियों के विरुद्ध का मामला दर्ज किया गया था।न्यायमूर्ति सरोज यादव और न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा की पीठ ने यह कहते हुए एफआईआर रद्द करने से इनकार कर दिया कि आक्षेपित प्राथमिकी में संज्ञेय अपराध का खुलासा हुआ है और याचिकाकर्ता गोहत्या में शामिल है जैसा कि घटना स्थल से मिली मवेशियों की हड्डियों से स्पष्ट है।प्रस्तुतियांयाचिकाकर्ताओं के वकील ने...
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय रक्त नीति के कार्यान्वयन की मांग वाली जनहित याचिका पर केंद्र, नागालैंड सरकार को नोटिस जारी किया
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार और नागालैंड सरकार को एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर नोटिस जारी किया, जिसमें राष्ट्रीय रक्त नीति और नागालैंड के कुछ जिलों में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के कार्यान्वयन के लिए प्रार्थना की गई है।जस्टिस सोंगखुपचुंग सर्टो और जस्टिस एस. हुकातो स्वू की बेंच ने नोटिस जारी किया और मामले को 4 सप्ताह के बाद आगे की सुनवाई के लिए पोस्ट कर दिया।भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा वर्ष 2017 में प्रकाशित राष्ट्रीय...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने 2020-21 के लिए प्राइवेट स्कूल फीस पर 15% छूट का निर्देश दिया; 30% कटौती करने के सरकारी आदेश में संशोधन किया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने अन्य बातों के साथ-साथ शिक्षण संस्थानों को शैक्षणिक वर्ष 2020-2021 के लिए शिक्षण शुल्क के 70% से अधिक शुल्क लेने से रोकने के संदर्भ में दिनांक 29.01.2021 को जारी सरकारी आदेश को संशोधित किया।न्यायमूर्ति आर देवदास की एकल पीठ ने निर्देश दिया कि,"याचिकाकर्ता-संस्थान (संबंधित निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूल का स्कूल प्रबंधन) शैक्षणिक वर्ष 2019-20 के लिए 1995 के अधिनियम के तहत निर्धारित अपने छात्रों से वार्षिक स्कूल शुल्क जमा करेगा, लेकिन शैक्षणिक वर्ष 2020-21 की प्रासंगिक अवधि के...
'ट्विटर कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सहयोग नहीं कर रहा है': एनसीपीसीआर ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया, ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर की ट्वीट को हटाने की मांग की
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है, जिसमें ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर द्वारा पोस्ट किए गए एक ट्वीट से संबंधित मामले में ट्विटर को एक आवश्यक पक्षकार के रूप में पेश करने की मांग की गई है, जिसमें एक नाबालिग लड़की की तस्वीर है, जिसका चेहरा धुंधला है।यह मामला ज़ुबैर द्वारा पोस्ट किए गए एक ट्वीट से संबंधित है, जिसमें सिंह की प्रोफाइल तस्वीर साझा की गई है, जिसमें वह अपनी नाबालिग पोती के साथ खड़े हैं, और नाबालिग लड़की के चेहरे को धुंधला कर- ये पूछा कि क्या...
लिव इन रिलेशनशिप के दौरान पीड़िता द्वारा वहन किए गए खर्च को आपराधिक अपराध नहीं माना जाएगा: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने पाया कि लिव-इन रिलेशनशिप में जहां दोनों साथी एक साथ रह रहे हैं, यह एक आपराधिक अपराध नहीं होगा कि यदि खर्च अभियोक्ता या दोनों भागीदारों द्वारा वहन किया जाता है।न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने अभियोक्ता द्वारा दायर बलात्कार के एक मामले में एक व्यक्ति को अग्रिम जमानत देते हुए आरोप लगाया कि उसे दबाव में 1,25,000 रूपये खर्च करने के लिए कहा गया था।कोर्ट ने कहा,"एक लिव-इन रिलेशनशिप में जहां दोनों साथी एक साथ रह रहे हैं, ऐसा नहीं है कि केवल एक साथी को खर्च वहन करना पड़ता है। फिर यदि खर्च...
सरकार की दोषपूर्ण प्रणाली/दोषपूर्ण सॉफ्टवेयर के कारण मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने में नागरिकों को कष्ट नहीं होना चाहिए: त्रिपुरा हाईकोर्ट
त्रिपुरा हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा है कि सरकार की दोषपूर्ण प्रणाली / दोषपूर्ण सॉफ्टवेयर के कारण मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने में नागरिकों को कष्ट नहीं होना चाहिए।न्यायमूर्ति अरिंदम लोध की पीठ अभिजीत गोन चौधरी की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसकी पत्नी की बैंगलोर में मृत्यु हो गई और उसने सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करके अपनी पत्नी का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए अगरतला नगर निगम में आवेदन किया था।अदालत के समक्ष याचिकाकर्ता ने कहा कि इस तथ्य के बावजूद कि उनकी पत्नी की मृत्यु के 3 महीने से...
दुष्प्रेरण से उकसाना आरोपी के आशय पर निर्भर करता है, पीड़ित के कार्यों पर नहीं : बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि उकसाने का अपराध आरोपी के आशय पर निर्भर करेगा न कि पीड़ित के कार्यों पर।न्यायमूर्ति भारती डांगरे ने के एक व्यक्ति की 17 वर्षीय भतीजी को बालकनी से कूदकर आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी एक व्यक्ति को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा कि दुष्प्रेरण के मामलों में 'उकसाने' को आत्महत्या के आसपास की परिस्थितियों से इकट्ठा करना होगा।न्यायमूर्ति भारती डांगरे ने कहा,"किसी विशेष मामले में यह संभव है कि उकसाने के संबंध में प्रत्यक्ष साक्ष्य न हो जिनका...
"दिल्ली दंगे मामलों पुलिस अधिकारियों के अभियोजन के लिए उचित कदम उठाने में विफल रहने से ट्रायल में देर हुई": कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की खिंचाई की
दिल्ली की एक अदालत ने दिल्ली दंगों के मामलों के अभियोजन के लिए उचित कदम उठाने में विफल रहने से ट्रायल में हुई देरी पर दिल्ली पुलिस की खिंचाई की।ये उपाए इसलिए किए जाने थे जिससे मामलों की सुनवाई में देरी से बचा जा सके।मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अरुण कुमार गर्ग ने इस प्रकार देखा:"दंगों के मामलों में अभियोजन पक्ष के साथ-साथ जांच एजेंसी की ओर से इस तरह के ढुलमुल रवैये को बार-बार न केवल डीसीपी नॉर्थ ईस्ट और जॉइंट सीपी ईस्टर्न रेंज के संज्ञान में लाया गया है, बल्कि दिल्ली पुलिस कमिश्नर के ध्यान में...
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने प्राइवेट मदरसों के बच्चों के बीच प्राथमिक शिक्षा के सार्वभौमिकरण की मांग वाली जनहित याचिका खारिज की
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एक वकील द्वारा दायर एक जनहित याचिका (पीआईएल) को खारिज कर दिया।इस जनहित याचिका में अन्य बातों के साथ-साथ प्राइवेट तौर पर संचालित धार्मिक मदरसों के बच्चों के बीच प्राथमिक शिक्षा के सार्वभौमिकरण को भारत के संविधान के अनुच्छेद 21ए के तहत गारंटीकृत मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार के अनुसार माँग की गई।न्यायमूर्ति एन. कोटेश्वर सिंह और न्यायमूर्ति मनीष चौधरी की खंडपीठ ने जनहित याचिका को खारिज करते हुए इस प्रकार कहा:"हम यह नहीं देखते हैं कि याचिकाकर्ता व्यक्तिगत रूप से...
''अगर पीड़िता धर्म परिवर्तन करती है तो आरोपी व्यक्ति शादी करने को तैयार है, शादी का कोई झूठा वादा नहीं किया गया'': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बलात्कार के आरोपी को जमानत दी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उस आरोपी जावेद आलम को जमानत दे दी है, जिस पर शादी के झूठे वादे पर पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध स्थापित करने का आरोप लगाया गया है। हाईकोर्ट ने पाया कि अगर पीड़िता धर्म परिवर्तन करती है तो आरोपी व्यक्ति शादी करने को तैयार है।न्यायमूर्ति आलोक माथुर की खंडपीठ ने यह टिप्पणी आलम की जमानत याचिका पर सुनवाई करने के बाद की। आलम के खिलाफ पीड़ित महिला के पिता द्वारा एफआईआर दर्ज करवाई गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि उसने पीड़िता पर यह शर्त रखी कि वह अपना धर्म बदल ले और उसके बाद ही वह...
टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी और उनकी पत्नी ने कोयला घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय के समन को रद्द करने की मांग करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया
अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी और उनकी पत्नी ने पश्चिम बंगाल कोयला घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जारी समन को रद्द करने की मांग करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।अधिवक्ता रूपिन बहल और अंगद मेहता के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है कि बनर्जी और उनकी पत्नी दोनों का नाम न तो सीबीआई की प्राथमिकी में है और न ही ईडी द्वारा पीएमएलए की धारा 45 के तहत नई दिल्ली में दर्ज शिकायत में।याचिका में कहा गया है कि एजेंसी अनुसूचित अपराध में उत्पन्न होने वाले मनी...
ईबीपीजीसी कोटा पर अंडरटेकिंग के उल्लंघन के लिए हरियाणा के महाधिवक्ता के खिलाफ पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर
विभिन्न विभागों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के उम्मीदवारों को कथित रूप से नियुक्त करने के लिए हरियाणा राज्य के महाधिवक्ता और मुख्य सचिवों के खिलाफ पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के समक्ष एक अवमानना याचिका दायर की गई है, जबकि न्यायालय के समक्ष ऐसा नहीं करने का वचन दिया गया है।सुरेश कुमार ने अधिवक्ता संदीप कुमार गोयत के माध्यम से बलदेव राज महाजन, एजी, हरियाणा राज्य, श्रुति जैन गोयल, डिप्टी एजी, हरियाणा राज्य और विजय वर्धन, मुख्य सचिव, हरियाणा के खिलाफ अवमानना कार्यवाही की मांग करते हुए याचिका दायर...
'सीआरपीसी की धारा 173 के तहत जांच अधिकारी 2 महीने के भीतर जांच पूरी करें': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को सर्कुलर जारी करने के निर्देश दिए
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को मैनपुरी की एक 16 वर्षीय लड़की की मौत के मामले से निपटते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से पूछा कि क्या उसने यौन अपराधों की जांच एक समय सीमा के भीतर पूरी करने के लिए जांच अधिकारियों को सीआरपीसी की धारा 173 का पालन करने के लिए आदेश जारी किया है।कोर्ट ने निर्देश दिया है कि अगर अभी तक सर्कुलर/निर्देश जारी नहीं किया गया है तो तुरंत आदेश जारी किया जाए।उल्लेखनीय है कि आईपीसी की धारा 376, 376-ए, 376-एबी, 376-बी, 376-सी, 376-डी, 376-डीए, 376-डीबी या 376-ई के तहत दर्ज मामले में...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस्लामिक स्टेट की विचारधारा के प्रचार के आरोप में गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को जमानत दी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को मोहम्मद राशिद खान को जमानत दे दी।राशिद खान पर इस्लामिक स्टेट की विचारधारा को 'प्रसार' करने और लोगों को हिंसा और अन्य राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के लिए उकसाने के लिए मामला दर्ज किया गया था।न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह की खंडपीठ ने उसे आरोप की प्रकृति, दोषसिद्धि के मामले में सजा की गंभीरता, आरोप के समर्थन में न्यायालय की प्रथम दृष्टया संतुष्टि, सजा के सुधारात्मक सिद्धांत और भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के बड़े जनादेश को देखते हुए जमानत दी।आरोपी खान...


















