मुख्य सुर्खियां

भीमा कोरेगांव मामला: एनआईए ने 7 आरोपियों के जब्त किए गए मोबाइल हैंडसेट पेगासस कमेटी को सौंपने के लिए स्पेशल कोर्ट का रुख किया
भीमा कोरेगांव मामला: एनआईए ने 7 आरोपियों के जब्त किए गए मोबाइल हैंडसेट पेगासस कमेटी को सौंपने के लिए स्पेशल कोर्ट का रुख किया

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शनिवार को भीमा कोरेगांव एल्गार परिषद मामले (Bhima Koregaon Case) में सात आरोपियों के जब्त किए गए मोबाइल हैंडसेट को सुप्रीम कोर्ट द्वारा पेगासस स्पाइवेयर के इस्तेमाल की जांच के लिए गठित तकनीकी समिति को सौंपने के लिए स्पेशल एनआईए कोर्ट का रुख किया।विशेष न्यायाधीश डीई कोठालीकर ने आरोपियों से आवेदन पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए कहा और मामले को आज सुनवाई के लिए पोस्ट कर दिया।सात आरोपियों में रोना विल्सन, आनंद तेलतुबडे, वर्नोन गोंजाल्विस, पी. वरवर राव, सुधा भारद्वाज,...

सीआरपीसी की धारा 482 के तहत निहित शक्ति का नियमित रूप से प्रयोग नहीं करना चाहिए: गुवाहाटी हाईकोर्ट ने अपराध स्वीकार करने पर विदेशी घोषित व्यक्ति को राहत देने से इनकार किया
'सीआरपीसी की धारा 482 के तहत निहित शक्ति का नियमित रूप से प्रयोग नहीं करना चाहिए': गुवाहाटी हाईकोर्ट ने अपराध स्वीकार करने पर विदेशी घोषित व्यक्ति को राहत देने से इनकार किया

गुवाहाटी हाईकोर्ट (Gauhati High Court) ने कहा कि सीआरपीसी (CrPC) की धारा 482 के तहत निहित शक्ति का नियमित रूप से प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए। इसका प्रयोग केवल न्याय को बरकरार रखने या न्याय को सुरक्षित रखने के लिए करना चाहिए।अदालत ने इस प्रकार मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिसमें अपराध को स्वीकार करने के बाद याचिकाकर्ता को विदेशी घोषित किया गया था।कोर्ट ने कहा, "याचिकाकर्ता दोषी पाए जाने और लगभग एक साल की सजा काटने के बाद कुछ दस्तावेजों के साथ वर्तमान...

दिल्ली हाईकोर्ट, दिल्ली
दिल्ली हाईकोर्ट ने कंपनी मामलों में शीघ्र सुनवाई के आवेदनों के संबंध में प्रैक्टिस डायरेक्शन निर्देश जारी किए

दिल्ली हाईकोर्ट ने अदालत द्वारा कंपनी के मामलों के संबंध में जल्दी सुनवाई के आवेदनों पर विचार करने के लिए कुछ अभ्यास निर्देश (प्रैक्टिस डायरेक्शन) जारी किए।उक्त प्रैक्टिस डायरेक्शन "री-एमआईएस जेवीजी फाइनेंस लिमिटेड" में पारित 26 नवंबर, 2021 के आदेश के अनुसार जारी किए गए।प्रैक्टिस डायरेक्शन के अनुसार, कंपनी के मामले की जल्द सुनवाई की मांग करने वाले किसी भी आवेदन में आवेदक को अनिवार्य रूप से एक वचन देना होगा कि आवेदन से जुड़े मुद्दों से संबंधित कोई अन्य आवेदन लंबित नहीं है।यह भी जोड़ा गया कि यदि...

नेहरू प्लेस में आग लगने की घटना : दिल्ली हाईकोर्ट ने मानुषी संगठन की मॉक ड्रिल रिपोर्ट को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार किया
नेहरू प्लेस में आग लगने की घटना : दिल्ली हाईकोर्ट ने मानुषी संगठन की मॉक ड्रिल रिपोर्ट को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने 67 फेरीवालों और विक्रेताओं का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था मानुषी संगठन द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। इस याचिका में पिछले साल नेहरू प्लेस बाजार में एक इमारत में आग लगने की घटना के बाद दर्ज स्वत: संज्ञान मामले में दिल्ली दमकल सेवा द्वारा प्रस्तुत मॉक ड्रिल रिपोर्ट को चुनौती दी गई।जस्टिस मनमोहन और जस्टिस नवीन चावला की खंडपीठ पहले से ही स्वत: संज्ञान मामले पर सुनवाई कर रही है।पीठ ने याचिकाकर्ता को यह कहते हुए फटकार लगाते हुए कहा,"आप कई कार्यवाही के साथ...

कलकत्ता हाईकोर्ट ने आगामी नगरपालिका चुनावों के दौरान केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग वाली याचिका पर राज्य सरकार और एसईसी से जवाब मांगा
कलकत्ता हाईकोर्ट ने आगामी नगरपालिका चुनावों के दौरान केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग वाली याचिका पर राज्य सरकार और एसईसी से जवाब मांगा

कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को राज्य चुनाव आयोग के साथ-साथ राज्य सरकार से आगामी पश्चिम बंगाल नगरपालिका चुनावों के दौरान केंद्रीय संसदीय बलों की तैनाती की मांग वाली जनहित याचिकाओं पर जवाब मांगा।सिलीगुड़ी, बिधाननगर, आसनसोल और चंद्रनगर के चार नगर निगमों के चुनाव 12 फरवरी, 2022 को होने हैं। इन चुनावों के परिणाम 14 फरवरी को घोषित किए जाएंगे।हाईकोर्ट ने कुछ हफ़्ते पहले COVID-19 संक्रमण में वृद्धि को देखते हुए इन चार नगर निगमों के चुनाव को निर्देश पर स्थगित दिया था।चीफ जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और जस्टिस...

कलकत्ता हाईकोर्ट ने 15 साल से कम उम्र के गैर-टीकाकरण वाले छात्रों को फिजिकल क्लसेस के खिलाफ जनहित याचिका खारिज की
कलकत्ता हाईकोर्ट ने 15 साल से कम उम्र के गैर-टीकाकरण वाले छात्रों को फिजिकल क्लसेस के खिलाफ जनहित याचिका खारिज की

कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को एक जनहित याचिका (पीआईएल) को खारिज कर दिया, जिसमें यह सुनिश्चित करने का निर्देश देने की मांग की गई थी कि राज्य में कक्षा आठवीं के छात्रों के लिए शारीरिक कक्षाएं केवल टीकाकरण वाले बच्चों के लिए फिर से शुरू होनी चाहिए और जो बच्चे 15 साल से कम उम्र के हैं यानी वर्ष 2007 के बाद से जन्मे बच्चों को ऑनलाइन कक्षाओं में भाग लेने की अनुमति दी जानी चाहिए।जनहित याचिका बीरभूम जिले में रहने वाले हाईकोर्ट एडवोकेट गौरव पुरकायस्थ द्वारा दायर की गई थी।यह ध्यान दिया जा सकता है कि...

दिल्ली हाईकोर्ट, दिल्ली
एनडीपीएस एक्ट की धारा 37 के तहत जमानत पर प्रतिबंध से कंट्रोल सब्सटेंस प्रभावित नहीं : दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया

नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 (एनडीपीएस एक्ट) के तहत गिरफ्तार एक विदेशी नागरिक से जुड़े एक मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने नियंत्रित पदार्थों से जुड़े अपराधों के आरोपी व्यक्तियों की देयता और विदेशी के जमानत के अधिकार को स्पष्ट किया।अधिनियम की धारा 37(1) में कहा गया है कि "37. अपराधों का संज्ञेय और गैर-जमानती होना-(1) दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) में किसी बात के होते हुए भी,- (ए) इस अधिनियम के तहत दंडनीय प्रत्येक अपराध संज्ञेय होगा; (बी) धारा 19 या धारा 24 या...

मद्रास हाईकोर्ट
अन्य धार्मिक प्रथाओं के प्रति सहिष्णुता दिखाई जानी चाहिए; यह देश विविधता में एकता पर गर्व करता है: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल के एक फैसले में अन्य धार्मिक प्रथाओं के प्रति सहिष्णुता दिखाने की आवश्यकता के बारे में बात की।कोर्ट एक हिंदू व्यक्ति द्वारा दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें कन्याकुमारी जिला कलेक्टर द्वारा एक चर्च बनाने की अनुमति को चुनौती दी गई थी, जिसके खिलाफ याचिकाकर्ता ने दिन और रात लाउडस्पीकर के उपयोग के कारण उपद्रव होने की शिकायत की थी।कोर्ट ने अपना निर्णय यह कहते हुए शुरू किया कि भारत के संविधान की प्रस्तावना में भारत को एक धर्मनिरपेक्ष गणराज्य के रूप में गठित करने का...

लाइव लॉ एकेडमी ने द लीगल मेंटरशिप प्रोग्राम की शुरुआत की, रजिस्ट्रेशन प्रारंभ
लाइव लॉ एकेडमी ने 'द लीगल मेंटरशिप प्रोग्राम' की शुरुआत की, रजिस्ट्रेशन प्रारंभ

लॉ स्कूल अपने आप में एक ब्रह्मांड है। इसमें कई रास्ते आकर विलीन हो रहे हैं और इससे कई रास्ते निकल भी रहे हैं। आप लॉ स्कूल और अपने कानूनी करियर को कैसे बनाते हैं, यह पूरी तरह आप पर निर्भर है। लेकिन हम मानते हैं कि थोड़ा-सा सहयोग करके हम आपको एक अच्छी शुरुआत करने में मदद कर सकते हैं।ऑक्सफ़ोर्ड और हार्वर्ड के पूर्व छात्रों और एक वरिष्ठ अधिवक्ता अवनी बंसल द्वारा संचालित बारह-सप्ताह के इमर्सिव ऑनलाइन बूटकैंप के लिए हमसे जुड़ें। अवनि को कानून के नए छात्रों के साथ अपनी लॉ जर्नी साझा करने का हमेशा से...

एकमात्र चश्मदीद की गवाही सच्ची नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 23 साल पुराने मर्डर केस में दोषी की उम्रकैद की सजा रद्द की
"एकमात्र चश्मदीद की गवाही सच्ची नहीं": इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 23 साल पुराने मर्डर केस में दोषी की उम्रकैद की सजा रद्द की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को एक मामले में हत्या के दोषी की उम्रकैद की सजा को रद्द कर दिया। यह मामला वर्ष 1998 से पहले का है। कोर्ट ने यह निष्कर्ष निकाला कि मामले में एकमात्र चश्मदीद की गवाही सामग्री विशेष के आधार पर सच्ची नहीं है और असंगत भी है।जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस समीर जैन की खंडपीठ ने मामले में जोड़े गए तथ्यों, परिस्थितियों और सबूतों के अपने विश्लेषण में पीडब्ल्यू1 (मुखबिर और मृतक के भाई) की गवाही में कई विसंगतियां पाईं, जो घटना का एकमात्र प्रत्यक्षदर्शी है। और माना कि अपीलकर्ता की...

दिल्ली हाईकोर्ट, दिल्ली
आईपीसी की धारा 307 के तहत प्रक्रियात्मक अनियमितताओं के बावजूद घायल गवाह की विश्वसनीय गवाही का वजन होता है: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने घायल गवाह की गवाही की विश्वसनीयता की पुष्टि करने के बाद राज्य द्वारा धारा 307/324 आईपीसी (हत्या का प्रयास/खतरनाक हथियारों से चोट पहुंचाने का प्रयास) को बरकरार रखने के मामले को सही ठहराया।प्रक्रियात्मक अनियमितताओं जैसे कि सार्वजनिक गवाह का परीक्षण न होना और अभियोजन द्वारा अपराध के हथियार की बरामदगी के लिए अपीलकर्ता की आपत्तियों को घायल गवाह की विश्वसनीय गवाही के आलोक में खारिज कर दिया गया।जस्टिस मनोज कुमार ओहरी ने बहुत उच्च स्तर की विश्वसनीयता के अनुसार घायल गवाह की सराहना पर...

राजस्थान हाईकोर्ट ने मोटर दुर्घटना न्यायाधिकरण के फैसले को पलटा; आपत्तिजनक वाहन के बीमाकर्ता को विपरीत वाहन के बीमाकर्ता द्वारा किए गए भुगतान की प्रतिपूर्ति का निर्देश दिया
राजस्थान हाईकोर्ट ने मोटर दुर्घटना न्यायाधिकरण के फैसले को पलटा; आपत्तिजनक वाहन के बीमाकर्ता को विपरीत वाहन के बीमाकर्ता द्वारा किए गए भुगतान की प्रतिपूर्ति का निर्देश दिया

राजस्थान हाईकोर्ट ने मोटर दुर्घटना न्यायाधिकरण के निष्कर्षों को उलटते हुए, जिसने ट्रक चालक की 50% अंशदायी लापरवाही तय की थी, कार बीमा कंपनी को ट्रक बीमाकर्ता द्वारा किए गए भुगतान की प्रतिपूर्ति का निर्देश दिया है। ट्रक ने दावेदारों की कार को टक्कर मार दी थी।जस्टिस बीरेंद्र कुमार ने माना कि न्यायाधिकरण ने आक्षेपित आदेश में इस तथ्य पर ध्यान नहीं दिया कि ट्रक चालक की मृत्यु दुर्घटना से दो दिन पहले हो हो गई थी। ट्रक को पुलिस ने जब्त कर सड़क के किनारे खड़ा किया था। प‌िच रोड बिल्कुल खाली थी, इसके...

बॉम्बे हाईकोर्ट, मुंबई
ब्लैकलिस्टिंग सिविल डेथ जैसी, नियत प्रक्रिया अनिवार्य: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने यह देखते हुए कि एक इकाई को, बिना खुद को बचाने का उचित अवसर दिए बिना और कानून की उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना भविष्य के अनुबंधों में भाग लेने से ब्लैकलिस्ट नहीं किया जा सकता है, रेलवे के साथ अनुबंध‌ित एक कंपनी को अंतरिम राहत दी।अदालत ने माना कि रेलवे अधिकारियों ने शो कॉज नोटिस में डिबारमेंट की संभावना का उल्लेख नहीं किया, जिससे याचिकाकर्ता को अपने पक्ष का बचाव करने का उचित अवसर नहीं दिया गया।पिछले महीने एक फैसले में जस्टिस गिरीश कुलकर्णी ने कहा, उपरोक्त परिस्थितियों में,...

सीआरपीसी की धारा 195 के तहत गवाह के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए प्रारंभिक जांच आवश्यक नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
सीआरपीसी की धारा 195 के तहत गवाह के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए प्रारंभिक जांच आवश्यक नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (ग्वालियर बेंच) ने हाल ही में कहा कि सीआरपीसी के तहत मुकदमा चलाने के लिए एक निर्देश जारी करने के लिए प्रारंभिक जांच करना अनिवार्य नहीं है और आवेदक इससे पहले सुनवाई के किसी भी अवसर का हकदार नहीं है।न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया की एकल पीठ अनिवार्य रूप से अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के आदेश के खिलाफ एक आपराधिक रिवीजन से निपट रही थी, जिसमें प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष सीआरपीसी के तहत उसके आवेदन को खारिज करने के खिलाफ आवेदक द्वारा दायर अपील भी खारिज कर दी गई थी।मामले...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
जांच करें कि क्या सात चोरी के मामलों में आरोपी-वकील प्रैक्टिस करने के लिए लाइसेंस बनाए रखने का हकदार है?: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य बार काउंसिल से पूछा

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (जबलपुर पीठ) ने मध्य प्रदेश बार काउंसिल से पूछा है कि क्या एक वकील, जिस पर चोरी के सात केस दर्ज हैं, वह खुद को वकील के रूप में प्रस्तुत कर सकता है या नहीं, और क्या वह वकील प्रैक्टिस करने के लिए अपने लाइसेंस को बनाए रखने का हकदार है।न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल की खंडपीठ अधिवक्ता आशीष अग्रवाल की दूसरी जमानत याचिका पर विचार कर रही थी, जिस पर चोरी करने का आरोप लगाया गया है और जिसके पास से कई चीजें बरामद भी की गई हैं।पूरा मामलाअनिवार्य रूप से, अधिवक्ता आशीष अग्रवाल पर आईपीसी की...

केरल हाईकोर्ट
एससी महिला को ईसाई व्यक्ति से शादी करने के आधार पर जाति प्रमाण पत्र देने से इनकार नहीं किया जा सकता: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने कहा कि कि किसी व्यक्ति के मामले या समुदाय का फैसला उसके जन्म के आधार पर उक्त समुदाय में किया जाना है। उसका किसी अन्य समुदाय के व्यक्ति से विवाह करने पर उसके कास्ट सर्टिफिकेट (जाति प्रमाण पत्र) के अनुदान पर कोई असर नहीं पड़ता।अदालत हिंदू अनुसूचित जाति कुरवन समुदाय की एक महिला द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी। उक्त महिला एक ईसाई से शादी करने पर उसे कास्ट सर्टिफिकेट देने से इनकार करने से व्यथित थी।कोर्ट ने कहा कि अनुच्छेद 341 के तहत जारी राष्ट्रपति की अधिसूचना से पता चलता...

युवा छात्रों को एलएलबी डिग्री हासिल करने के अवसर से वंचित नहीं किया जाना चाहिए: हाईकोर्ट ने दिल्ली यूनिवर्सिटी को रिक्त सीटें भरने का निर्देश दिया
"युवा छात्रों को एलएलबी डिग्री हासिल करने के अवसर से वंचित नहीं किया जाना चाहिए": हाईकोर्ट ने दिल्ली यूनिवर्सिटी को रिक्त सीटें भरने का निर्देश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली यूनिवर्सिटी को अपने एलएलबी पाठ्यक्रम में सभी कैटेगरी में उपलब्ध सभी रिक्त सीटों को दो सप्ताह के अंदर भरने का निर्देश दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि भले ही एडमिशन के लिए कट-ऑफ डेट निकल चुकी हो।जस्टिस रेखा पल्ली ने कहा कि युवा छात्रों को एलएलबी डिग्री हासिल करने के अवसर से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। इन युवाओं ने प्रवेश परीक्षा को पास करने के लिए कड़ी मेहनत की है।अदालत खाली सीटों की उपलब्धता के बावजूद दिल्ली यूनिवर्सिटी के एलएलबी पाठ्यक्रम में प्रवेश नहीं दिए जाने से व्यथित तीन...

रेप के आधार पर गर्भ को समाप्त करने का अधिकार: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने 28 सप्ताह के गर्भ को समाप्त करने की अनुमति दी
"रेप के आधार पर गर्भ को समाप्त करने का अधिकार": उत्तराखंड हाईकोर्ट ने 28 सप्ताह के गर्भ को समाप्त करने की अनुमति दी

उत्तराखंड हाईकोर्ट (Uttarakhand High Court) ने बलात्कार पीड़िता (Rape) के 28 सप्ताह के गर्भ को समाप्त करने की अनुमति दी।जस्टिस आलोक कुमार वर्मा की सिंगल जज बेंच ने पीड़िता को राहत देते हुए कहा, "बलात्कार के आधार पर गर्भ को समाप्त करने का अधिकार है। एक बलात्कार पीड़िता को विकल्प चुनने का अधिकार है। उसे गर्भ का चिकित्‍सकीय समापन अधिनियम, 1971 के प्रावधानों के तहत शर्तों के अधीन गर्भ समाप्त करने का भी अधिकार है।"पूरा मामलायाचिकाकर्ता की उम्र करीब 16 साल है और वह रेप पीड़िता है। 12.01.2022 को...

दिल्ली हाईकोर्ट, दिल्ली
क्या एक मृत अविवाहित व्यक्ति के माता-पिता का उसके प्रिजवर्ड स्पर्म पर अधिकार है? दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर

दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष एक दिलचस्प मामला सामने आया है। इस मामले में एक मृत अविवाहित युवक के माता-पिता ने गंगा राम अस्पताल को अपने दिवंगत बेटे के जमा स्पर्म सैंपल को उन्हें दिए जाने का निर्देश देने की मांग की है।मृत अविवाहित युवक के माता-पिता का मामला यह है कि उनके बेटे के निधन के बाद वे शारीरिक अवशेषों के "एकमात्र दावेदार" हैं। इस तरह अस्पताल का उन्हें स्पर्म सैंपल देने से इनकार करना उनके अधिकारों का उल्लंघन है।इस मामले में दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल को दिसंबर, 2021 में नोटिस...