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पश्चिमी क्षेत्र एनजीटी में न्यायिक सदस्य की अनुपस्थिति पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा
बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने एक जनहित याचिका पर सरकार से जवाब मांगा। इस याचिका में कम से कम एक न्यायिक सदस्य को नियुक्त करने की मांग की गई, जो राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के विशेषज्ञ सदस्य के साथ काम कर सके।जस्टिस आर.एन.लद्दा और जस्टिस एम.एस.सोनाक की खंडपीठ ने अंतरिम राहत के मुद्दे पर विचार करने का प्रस्ताव दिया।याचिकाकर्ता ने कहा कि वर्तमान में एनजीटी की पश्चिमी जोन बेंच के पास केवल एक विशेषज्ञ सदस्य बचा है। पश्चिमी क्षेत्र की बेंच को कोई न्यायिक सदस्य नहीं दिया गया। कहा गया कि जनवरी,...
वादी धारा 151 सहपठित आदेश XX नियम 6ए के तहत अर्जी दायर कर सकता है, जहां मुकदमा निर्णायक रूप से तय किया गया है, लेकिन कोई डिक्री नहीं दी गई थी: मेघालय हाईकोर्ट
मेघालय हाईकोर्ट ने कहा है कि एक वादी धारा 151 के साथ पठित आदेश XX नियम 6ए के तहत आवेदन दायर कर सकता है, जहां उसके द्वारा दायर किए गए मुकदमे पर निर्णायक रूप से निर्णय तो लिया जाता है, लेकिन उस संबंध में कोई औपचारिक डिक्री नहीं दी गयी थी।न्यायमूर्ति एचएस थांगखिव की एकल पीठ ने कहा,"कोर्ट के सुविचारित मत के अनुसार ये प्रक्रियागत मामले हैं। चूंकि कोई डिक्री तैयार नहीं की गई थी, इसलिए याचिकाकर्ता को निचली अदालत के समक्ष सीपीसी के आदेश 20 नियम 6-ए के साथ पठित धारा 151 के तहत दिनांक 04.07.2016 के आदेश...
'16 साल के बच्चे माता-पिता में से किसी एक के साथ रहने का विकल्प चुनने में सक्षम': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मां को बच्चे की कस्टडी देने से इनकार किया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, इंदौर खंडपीठ ने हाल ही में अपीलकर्ता-मां को बच्चे की कस्टडी देने का आदेश पारित करने से इनकार किया। कोर्ट ने देखा कि बच्चों ने स्वयं अपने पिता के साथ रहने के लिए अपनी इच्छा व्यक्त की है।न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर और न्यायमूर्ति सत्येंद्र कुमार सिंह की खंडपीठ ने कहा, "यह सच है कि दोनों नाबालिग हैं। हालांकि, 16 साल की उम्र ऐसी उम्र नहीं है, जहां एक बच्चा, माता-पिता में से किसी एक के साथ रहने का विकल्प दिया जाता है, उसके साथ रहने के अपने झुकाव के बारे में अपना मन नहीं बना पाता...
ओपन कोर्ट में महिला जज को अपशब्द कहने वाले वकील ने माफी मांगी: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2 हजार रुपए के जुर्माने के साथ अवमानना मामले का निपटारा किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने हाल ही में एक वकील के खिलाफ एक अवमानना मामले का निपटारा किया, जिसने अदालत/न्यायिक अधिकारी के समक्ष बिना शर्त माफी मांगी। दरअसल, वकील ने ओपन कोर्ट में एक महिला न्यायाधीश को अपशब्द कहा था।न्यायमूर्ति सुनीत कुमार और न्यायमूर्ति विक्रम डी. चौहान की खंडपीठ ने 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया जिसे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मऊ में जमा करना होगा।इसके अलावा, अवमानना करने वाले अधिवक्ता को उसके आचरण और व्यवहार के संबंध में दो साल की अवधि के लिए निगरानी में रखा...
सहायक सामग्री के बिना लिखित शिकायतों पर लोक सेवकों के खिलाफ भ्रष्टाचार का अपराध दर्ज करना विनाशकारी: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत दर्ज एक मामले में आरोप पत्र और उसके बाद की कार्यवाही को रद्द कर दिया।कोर्ट ने कहा कि जांच एजेंसी ने आधी-अधूरी सामग्री के आधार पर मुकदमा चलाया और उसी आधार पर मुकदमे को आगे बढ़ाने की अनुमति देना निरर्थकता होगी, जिसका नतीजा यह होगा कि दरअसल आरोपी को बरी कर दिया जाएगा।जस्टिस शील नागू और जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव की खंडपीठ सीआरपीसी की धारा 482 के तहत दायर एक आवेदन पर विचार कर रही थी, जिसमें पीसी एक्ट की धारा 7 के तहत अपराध...
हत्या के लिए अपहरण: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने आपसी समझौते पर आईपीसी की धारा 364 के तहत दर एफआईआर रद्द की
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 364 के तहत दर्ज एफआईआर को खारिज कर दिया। उक्त एफआईआर "हत्या के लिए अपहरण" से संबंधित है।जस्टिस आलोक कुमार वर्मा की सिंगल जज बेंच ने एफआईआर को खारिज करते हुए कहा,"हालांकि, यह न्यायालय सामान्य रूप से आईपीसी की धारा 364 के तहत दर्ज एफआईआर रद्द करने में संकोच करेगा। यह देखा गया कि पक्षों के बीच कोई विवाद नहीं है और वे शांति और सद्भाव से रह रहे हैं।"एफआईआर प्रतिवादी नंबर तीन द्वारा दर्ज की गई थी। एफआईआर के अनुसार 14.11.2021 को प्रतिवादी नंबर...
यूपी पुलिस को सही साइट मैप तैयार करने के लिए निर्देशित करें, जांच के दौरान स्मार्ट फोन से अपराध स्थल की तस्वीर लें: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीजीपी से कहा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में पुलिस महानिदेशक, यूपी को निर्देश दिया कि जांच अधिकारियों को सही तरीके से साइट प्लान/मैप तैयार करने और स्मार्ट फोन से मौके की तस्वीरें लेने के संबंध में आवश्यक निर्देश जारी करें।जस्टिस राजीव सिंह की खंडपीठ ने सामूहिक बलात्कार के एक आरोपी की जमानत याचिका को स्वीकार करते हुए यह आदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि मामले में जांच अधिकारी ने बहुत ही सरसरी तौर पर साइट योजना तैयार की।पीठ ने इस बात पर भी जोर दिया कि जांच अधिकारी का यह कर्तव्य है कि वह जांच के दौरान आयामों के...
स्पेशल कोर्ट ने महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री नवाब मलिक की ईडी रिमांड 7 मार्च तक बढ़ाई
मुंबई की स्पेशल पीएमएलए कोर्ट ने गुरुवार को महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री और राकांपा नेता नवाब मलिक की प्रवर्तन निदेशालय (ED) रिमांड 7 मार्च तक के लिए बढ़ाई।प्रवर्तन निदेशालय ने मलिक को भगोड़े गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम के परिवार के सदस्यों के साथ कथित संपत्ति सौदों के आरोप में 23 फरवरी को गिरफ्तार किया था। उस दिन कोर्ट ने मलिक को 3 मार्च तक ईडी की हिरासत में भेज दिया था। कोर्ट ने आज ईडी रिमांड 7 मार्च तक बढ़ा दी।अदालत ने कहा, "यह देखते हुए कि आरोपी को 25 से 28 फरवरी तक अस्पताल में भर्ती कराया गया...
'राजा' जैसे शीर्षक न्यायालयों, सार्वजनिक कार्यालयों आदि में इस्तेमाल नहीं किए जा सकते क्योंकि वे संविधान के अनुच्छेद 14, 18 और 363A के तहत निषिद्ध हैं: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच ने माना है कि संवैधानिक न्यायालयों, अन्य सभी न्यायालयों, न्यायाधिकरणों, राज्य के सार्वजनिक कार्यालयों आदि में 'राजा', 'नवाब' और 'राजकुमार' जैसे अभिवादन और उपाधियों का उपयोग संविधान के अनुच्छेद 14, 18 और 363A के संदर्भ में प्रतिबंधित है।अदालत ने आदेश दिया कि उक्त प्रतिबंध सार्वजनिक क्षेत्र के साथ-साथ सार्वजनिक दस्तावेजों और सार्वजनिक कार्यालयों में भी लागू होगा।जस्टिस समीर जैन ने कहा,'उपरोक्त के आलोक में, यह न्यायालय मानता है कि संवैधानिक न्यायालयों, अन्य सभी...
दिल्ली में एक व्यक्ति घर में कितनी मात्रा में शराब रख सकता है? दिल्ली हाईकोर्ट ने बताया
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि 25 वर्ष से अधिक आयु का व्यक्ति 9 लीटर भारतीय शराब और विदेशी शराब, यानी व्हिस्की, वोदका, जिन और रम, और 18 लीटर बीयर, वाइन और एल्कोपॉप रख सकता है।न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने दिल्ली निवासी के खिलाफ उसके घर में अवैध शराब भंडारण के लिए दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की याचिका पर फैसला सुनाते हुए यह टिप्पणी की।जानिए पूरा मामलायाचिकाकर्ता के घर से शराब की 132 बोतलें बरामद की गईं। इसमें 51.8 लीटर व्हिस्की, रम, वोदका, जिन और 55.4 लीटर वाइन, बीयर, एल्कोपॉप शामिल थे। इसके साथ ही...
क्या पति पर धारा 377 आईपीसी के तहत मुकदमा चलाया जा सकता है, जब धारा 375 आईपीसी वैवाहिक यौन संबंध से छूट देती है? दिल्ली हाईकोर्ट विचार करेगा
दिल्ली हाईकोर्ट में दायर एक याचिका में यह घोषणा करने की मांग की गई है कि भारतीय दंड संहिता की धारा 377 के तहत एक पति पर पत्नी के साथ अप्राकृतिक यौन संबंध के अपराध के लिए मुकदमा नहीं चलाया जा सकता है, जब धारा 375 का अपवाद 2 वैवाहिक यौन संबंध को बलात्कार के अपराध से छूट देता है। हाईकोर्ट ने उक्त याचिका को याचिकाओं के एक बैच से अलग कर दिया है, जिनमें वैवाहिक बलात्कार के अपराधीकरण की मांग की गई थी। जस्टिस राजीव शकधर और जस्टिस सी हरिशंकर की खंडपीठ ने कई दिनों तक चली लंबी सुनवाई के बाद संहिता की धारा...
गुजरात हाईकोर्ट जीएसटी डिपार्टेमेंट के वैधानिक समय अवधि से परे एससीएन जारी करने में देरी पर जब्त नकदी और माल जारी करने का निर्देश दिया
गुजरात हाईकोर्ट ने माल और सेवा कर (जीएसटी डिपार्टेमेंट) के वैधानिक समय अवधि से परे कारण बताओ नोटिस (एससीएन) जारी कर जब्त नकदी और माल जारी करने का निर्देश दियाजस्टिस सोनिया गोकानी और जस्टिस हेमंत एम. प्रच्छक की खंडपीठ ने कहा,"यह अमान्य है कि समय सीमा का पालन क्यों नहीं किया जाता है। कारण बताओ नोटिस जारी करने में वैधानिक समय अवधि से अधिक देरी हुई है। इसलिए, हस्तक्षेप इस न्यायालय के अंत में कानून के अनुसार नए सिरे से निर्णय प्रक्रिया शुरू करने के लिए प्रतिवादियों के अधिकारों को खुला रखते हुए आवश्यक...
विवाह के उद्देश्य से लड़की का अपहरण करने का आरोप: पटना हाईकोर्ट ने आरोपी-व्यक्ति को जमानत दी
पटना हाईकोर्ट ने बुधवार को कथित तौर पर विवाह के उद्देश्य से एक लड़की का अपहरण करने के मामले में आरोपी- व्यक्ति को जमानत दी।दरअसल, आरोपी ने मामले में याचिका दायर कर जमानत की मांग की थी। एकल न्यायाधीश अनिल कुमार सिन्हा ने कहा, "दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 164 के तहत दर्ज पीड़ित-लड़की के बयान को ध्यान में रखते हुए मैं याचिकाकर्ता को नियमित जमानत देने के लिए इच्छुक हूं।" याचिकाकर्ता ने भारतीय दंड संहिता की धारा 363/366-ए/504/34 के तहत दंडनीय अपराध के लिए दर्ज मामले में नियमित जमानत की मांग...
समन कार्यवाही सीसीटीवी से नहीं हो सकती: दिल्ली हाईकोर्ट ने जीएसटी धोखाधड़ी मामले में समन रद्द करने से इनकार किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने कई फर्जी फर्म बनाने और धोखाधड़ी से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ उठाने के आरोपी व्यक्ति के खिलाफ समन रद्द करने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से 'समन कार्यवाही' करने के लिए जीएसटी विभाग द्वारा जबरदस्ती की उचित आशंका होनी चाहिए।जस्टिस रजनीश भटनागर की एकल पीठ ने इस आधार पर समन को रद्द करने से इनकार कर दिया कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और वर्तमान मामले में लगभग 350 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी शामिल है। साथ ही लगभग 200 फर्म धोखाधड़ी आईटीसी रखने...
केन्द्रीय विद्यालय : एडमिशन के लिए न्यूनतम आयु छह वर्ष के खिलाफ माता-पिता ने हाईकोर्ट का रुख किया
बॉम्बे हाईकोर्ट के समक्ष एक रिट याचिका दायर की गई। इस याचिका में केंद्रीय विद्यालयों में प्रवेश मानदंड को इस आधार पर चुनौती दी गई कि वह कक्षा एक में एक बच्चे के प्रवेश के लिए न्यूनतम छह वर्ष की आयु निर्धारित करता है।याचिकाकर्ता पांच साल की छात्रा है। उसने अपने पिता विष्णु पीएस लंगावत के माध्यम से अदालत का दरवाजा खटखटाया।पांच साल के बच्चे के पिता की ओर से दाखिले के मानदंड को चुनौती देने वाले एक एनजीओ सोशल ज्यूरिस्ट द्वारा दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष भी इसी तरह की याचिका दायर की गई।बॉम्बे हाईकोर्ट के...
सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए फिटनेस| मेडिकल बोर्ड की राय प्राइवेट/सरकारी डॉक्टरों की राय पर प्रभावी होगी; जब तक दुर्भावना न हो अनुच्छेछ 226 के तहत कोई हस्तक्षेप नहींः दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने माना है कि सशस्त्र बलों में चयन के लिए उम्मीदवारों को पूरी तरह से फिट होना चाहिए और उन्हें इस संबंध में संदेह का कोई लाभ नहीं दिया जा सकता है।कोर्ट ने आगे कहा कि सशस्त्र बलों के डॉक्टर, जो ड्यूटी की मांगों और उन्हें पूरा करने के लिए आवश्यक शारीरिक मानकों से अच्छी तरह वाकिफ हैं, उनकी चिकित्सा राय को खारिज नहीं किया जा सकता है और वास्तव में, उनकी राय निजी या यहां तक कि सरकारी डॉक्टर की अन्य राय पर प्रबल होगी।न्यायालय ने आगे स्पष्ट किया कि यह नहीं कहा जा सकता है कि बलों में...
अगर आधिकारिक गवाहों के साक्ष्य भरोसे को प्रेरित करते हों तो पक्षदोही हो चुके स्वतंत्र गवाहों की ओर से पुष्टि ना भी हो तो अभियोजन का मामला कमजोर नहीं होगाः कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि कि यदि आधिकारिक गवाहों के साक्ष्य विश्वास को प्रेरित करते हैं तो स्वतंत्र गवाहों द्वारा पुष्टि का ना होना, जो पक्षद्रोही हो गए हैं, अभियोजन मामले को कमजोर नहीं करेगा जस्टिस बिवास पटनायक और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच नकली नोटों की जब्ती से जुड़े एक मामले पर फैसला सुना रही थी।कोर्ट ने रेखांकित किया, "यह तय कानून है कि अगर आधिकारिक गवाहों के सबूत स्पष्ट, आश्वस्त और विश्वास को प्रेरित करते हैं तो स्वतंत्र गवाहों से समर्थन की कमी जो पक्षद्रोही हो गए हैं,...
आर्टिकल 226 के तहत राहत का हकदार नहीं: कलकत्ता हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता की नागरिकता पर संदेह करने वाले UIDAI द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस में हस्तक्षेप करने से इनकार किया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को एक हिंदू व्यक्ति की नागरिकता के विवाद में हस्तक्षेप करने से यह देखते हुए इनकार कर दिया कि संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत कोई राहत नहीं दी जा सकती है। व्यक्ति का दावा था कि उसने अपना धर्म इस्लाम से बदलकर हिंदू किया है।याचिकाकर्ता ने 27 जनवरी, 2022 को यूआईडीएआई द्वारा जारी एक कारण बताओ नोटिस को चुनौती दी थी, जिसमें कहा गया था कि अगर वह भारत में अपनी नागरिकता या निवास को प्रमाणित करने वाले किसी भी निर्णय को प्रदान करने में विफल रहता है तो उसका आधार कार्ड निष्क्रिय कर...
एनडीपीएसः आरोप पत्र दाखिल करने में वैधानिक अवधि से आगे विस्तार आरोपी को सुनवाई का मौका दिए बिना नहीं दिया जा सकता: उड़ीसा हाईकोर्ट
उड़ीसा हाईकोर्ट ने दोहराया है कि नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 (एनडीपीएस एक्ट) के तहत अपराधों से संबंधित मामलों में चार्जशीट दायर करने के लिए वैधानिक अवधि से परे समय बढ़ाने से पहले नोटिस जारी करना और आरोपी को निष्पक्ष सुनवाई प्रदान करना अनिवार्य है।राज्य के तर्कों को खारिज करते हुए, जस्टिस शशिकांत मिश्रा की एकल न्यायाधीश खंडपीठ ने कहा, "... यह स्पष्ट है कि 27.01.2021 को विद्वान विशेष न्यायाधीश ने अभियुक्तों को पेश किए बिना और उन्हें मामले में अपनी बात रखने का अवसर दिए बिना...
नवाब मलिक की गिरफ्तारी: बॉम्बे हाईकोर्ट ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर ईडी से सात मार्च तक जवाब मांगा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को नवाब मलिक द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका (Habeas Corpus Plea) पर सुनवाई सात मार्च तक स्थगित कर दी। इस याचिका में उनकी गिरफ्तारी और उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में भेजने के आदेश को चुनौती दी गई है।जस्टिस सुनील शुक्रे और जस्टिस जीए सनप की खंडपीठ ने ईडी को इस याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए कहा। कोर्ट ने देखा कि मलिक की दूसरी रिमांड की अवधि गुरुवार को पूरी होने वाली है, इससे उनके या अभियोजन पक्ष के अधिकारों और दलीलों पर...


















