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कानून में कोई स्पष्ट निषेध नहीं, कोर्ट सरकार को नीति बनाने के लिए निर्देश नहीं दे सकता: दिल्ली हाईकोर्ट ने एमसीडी चुनावों में मतपत्रों से चुनाव चिह्न हटाने की याचिका खारिज की
"कानून में कोई स्पष्ट निषेध नहीं, कोर्ट सरकार को नीति बनाने के लिए निर्देश नहीं दे सकता": दिल्ली हाईकोर्ट ने एमसीडी चुनावों में मतपत्रों से चुनाव चिह्न हटाने की याचिका खारिज की

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में शहर के नगर निगम चुनावों के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन सहित मतपत्र से चुनाव चिन्ह हटाने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया।एक्टिंग चीफ जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस नवीन चावला की पीठ ने कहा:"हालांकि दिल्ली राज्य में साक्षरता के स्तर में वृद्धि हुई है और ईवीएम पर उम्मीदवारों की तस्वीरों से निरक्षर मतदाताओं को अपनी पसंद के उम्मीदवार के पक्ष में मताधिकार के अपने अधिकार का उचित उपयोग करने के लिए सशक्त बनाने में भी मदद कर सकती है। हमारा विचार है कि चुनाव चिन्ह अभी भी...

पटना हाईकोर्ट ने बिहार में तंबाकू पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग को लेकर जनहित याचिका पर सक्षम प्राधिकारी को तीन महीने के अंदर निर्णय लेने का निर्देश दिया
पटना हाईकोर्ट ने बिहार में तंबाकू पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग को लेकर जनहित याचिका पर सक्षम प्राधिकारी को तीन महीने के अंदर निर्णय लेने का निर्देश दिया

पटना हाईकोर्ट ने राज्य में चबाने वाले तंबाकू, शुद्ध तंबाकू, खैनी आदि पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग वाली जनहित याचिका (पीआईएल) याचिका पर सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता को अपनी शिकायत के साथ सक्षम प्राधिकारी से संपर्क करने के लिए कहा। इसके साथ ही कोर्ट ने सक्षम प्राधिकरण को निर्देश दिया कि वह तीन महीने के अंदर इस पर फैसला ले।गौरतलब है कि वर्तमान जनहित याचिका में तंबाकू/निकोटीन युक्त किसी भी प्रकार के गुटखा और पान मसाला के निर्माण, भंडारण, वितरण, परिवहन, प्रदर्शन या बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की...

चाइल्ड मैरिज से पैदा हुए 3000 बच्चे गंभीर रूप से कुपोषित: बॉम्बे हाईकोर्ट को महाराष्ट्र के 16 आदिवासी जिलों में हुए चाइल्ड मैरिज के बारे में बताया गया
"चाइल्ड मैरिज से पैदा हुए 3000 बच्चे गंभीर रूप से कुपोषित": बॉम्बे हाईकोर्ट को महाराष्ट्र के 16 आदिवासी जिलों में हुए चाइल्ड मैरिज के बारे में बताया गया

महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) द्वारा गठित एक विशेषज्ञ समिति ने सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) को सूचित किया कि बाल विवाह (Child Marriage) से पैदा हुए 3000 बच्चे गंभीर रूप से कुपोषित पाए गए, जबकि पिछले तीन वर्षों में ऐसे पैदा हुए लगभग 600 बच्चों की मृत्यु हुई है।आशा कार्यकर्ताओं और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण में पाया गया कि बाल विवाह से पैदा हुए कुल 15,000 गंभीर या मध्यम कुपोषित बच्चे पाए गए। इसमें पिछले तीन वर्षों में पीड़ित बाल विवाह से बच्चों...

कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट में मालदा जिले में बम विस्फोटों की एनआईए जांच की मांग को लेकर जनहित याचिका दायर

पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में रविवार को कच्चे बम विस्फोट की घटना की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से जांच कराने की मांग को लेकर मंगलवार को कलकत्ता हाईकोर्ट में जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई है।भारत-बांग्लादेश सीमा के पास कालियाचक के गोपालनगर गांव में रविवार को बम विस्फोट में पांच स्कूली बच्चे कथित तौर पर घायल हो गए थे।चीफ जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और जस्टिस राजर्षि भारद्वाज की खंडपीठ के समक्ष संबंधित वकील ने मंगलवार को इस मामले का उल्लेख किया और जनहित याचिका दायर करने की अनुमति मांगी।अदालत को...

याचिका में सीएम आदित्यनाथ को अपना वास्तविक नाम बताने, योगी को शीर्षक के रूप में इस्तेमाल नहीं करने की मांग: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 1 लाख रुपए जुर्माने के साथ याचिका खारिज की
याचिका में सीएम आदित्यनाथ को अपना वास्तविक नाम बताने, 'योगी' को शीर्षक के रूप में इस्तेमाल नहीं करने की मांग: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 1 लाख रुपए जुर्माने के साथ याचिका खारिज की

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने सोमवार को 1 लाख रुपए के जुर्माने के साथ जनहित याचिका (PIL) याचिका खारिज कर दी, जिसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) को अपना पूरा और वास्तविक नाम सार्वजनिक करने का निर्देश देने की मांग की गई थी।नामा द्वारा दायर जनहित याचिका में सीएम योगी आदित्यनाथ को उनके वास्तविक नाम को सार्वजिनिक करने और अपने आधिकारिक संचार में 'योगी' शब्द को एक शीर्षक के रूप में इस्तेमाल करने से परहेज करने का निर्देश देने की मांग की गई है।जनहित...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
न्यायिक अधिकारी की पत्नी ने रिश्वत लेने का आरोप लगाने वाले वकील के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एसएसपी को जांच की निगरानी के निर्देश दिए

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फर नगर को एक न्यायिक अधिकारी की पत्नी द्वारा एक वकील के खिलाफ प्राथमिकी में व्यक्तिगत रूप से जांच की निगरानी करने का आदेश दिया, जिसने न्यायिक अधिकारी पर अनुकूल आदेश पारित करने के लिए रिश्वत लेने का आरोप लगाया है।न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रजनीश कुमार की पीठ ने मामले को किसी अन्य जांच एजेंसी को स्थानांतरित करने से इनकार कर दिया है।अदालत ने कहा कि आरोप न तो विशेष हैं और न ही प्रमाणित हैं और मामले में जांच...

कलकत्ता हाईकोर्ट
अनीस खान के पिता ने एसआईटी की रिपोर्ट में मौत की वजह को 'हास्यास्पद' बताया, कलकत्ता हाईकोर्ट ने हलफनामा मांगा

कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को मृतक छात्र नेता अनीस खान के पिता को हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया। अनीस के पिता ने उसकी मौत की जांच से संबंधित विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा दायर रिपोर्ट पर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें आपत्ति हलफनामा दायर करने को कहा।अनीस खान शनिवार, 19 फरवरी, 2022 की तड़के हावड़ा जिले के अमता ब्लॉक में अपने घर पर रहस्यमय परिस्थितियों में मृत पाया गया था।अदालत ने पहले इस घटना को 'गंभीर और चौंकाने वाला' करार देते हुए मामले का स्वत: संज्ञान लिया था। कोर्ट ने पहले...

दिल्ली हाईकोर्ट, दिल्ली
सीपीसी आदेश XII नियम 6| स्वीकृतियों पर निर्णय पारित किया जा सकता है यदि पार्टी द्वारा स्थापित बचाव इतनी कमजोर है कि सफल होना असंभव है: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में सीपीसी के आदेश XII नियम 6 के तहत अपनी विवेकाधीन शक्तियों का प्रयोग करते हुए अधीनस्थ अदालतों द्वारा इस आधार पर स्वीकृतियों के मामले में एक निर्णय की पुष्टि की कि बचाव इतना कमजार था कि पार्टी के लिए सफल होना असंभव था।इस संबंध में न्यायमूर्ति वी कामेश्वर राव ने कहा,"सीपीसी के आदेश XII नियम 6 को तब भी लागू किया जा सकता है जब निर्णय के खिलाफ उठाई गई आपत्तियां ऐसी हों, जो मामले की जड़ तक जाती हों या आपत्तियां अप्रासंगिक हों, जिसकी यदि सुनवाई हो तब भी पार्टी का सफल होना...

अंतर-धार्मिक जोड़े ने विशेष विवाह अधिनियम के तहत रजिस्टर्ड करवाने के लिए समय मांगा, मप्र हाईकोर्ट ने अपहरण की एफआईआ पर रोक लगाई
अंतर-धार्मिक जोड़े ने विशेष विवाह अधिनियम के तहत रजिस्टर्ड करवाने के लिए समय मांगा, मप्र हाईकोर्ट ने अपहरण की एफआईआ पर रोक लगाई

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में एक अंतर-धार्मिक जोड़े को उनके माता-पिता और समाज से सुरक्षा के रूप में राहत दी। अदालत ने पुलिस को याचिकाकर्ता/लड़के के खिलाफ याचिकाकर्ता/लड़की के परिवार द्वारा अपहरण के कथित अपराध के लिए दर्ज एफआईआर के अनुसार कोई कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया।जस्टिस नंदिता दुबे ने रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्देश दिया,प्रतिवादी नंबर तीन से छह तक को निर्देशित किया जाता है कि याचिकाकर्ता नंबर एक के रिश्तेदारों द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर याचिकाकर्ताओं के खिलाफ...

Writ Of Habeas Corpus Will Not Lie When Adoptive Mother Seeks Child
मप्र हाईकोर्ट ने अभियुक्तों से मिलीभगत करके मुकदमे में देरी करने की रणनीति अपनाने के स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर के आचरण की जांच का निर्देश दिया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, ग्वालियर बेंच ने हाल ही में राज्य के अधिकारियों को एक गवाह के बयान दर्ज करने में ट्रायल कोर्ट का सहयोग नहीं करने पर विशेष लोक अभियोजक (Special Public Prosecutor) के आचरण की जांच करने का निर्देश दिया।अदालत ने अधिकारियों को यह भी जांच करने का निर्देश दिया कि क्या उनका पद पर बने रहना न्याय के हित में होगा या नहीं।जस्टिस जीएस अहलूवालिया ने याचिकाकर्ता द्वारा सीआरपीसी के धारा 439 पेश की गई जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा-स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर के इस आचरण की सराहना नहीं...

पटना हाईकोर्ट ने जब्त गाड़ियों समेत अन्य अवरोधों को हटाने के मामले में ट्राफिक एसपी को तलब किया, एक हफ्ते के अंदर कार्रवाई के निर्देश दिए
पटना हाईकोर्ट ने जब्त गाड़ियों समेत अन्य अवरोधों को हटाने के मामले में ट्राफिक एसपी को तलब किया, एक हफ्ते के अंदर कार्रवाई के निर्देश दिए

पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) ने गांधी मैदान थाना में जब्त गाड़ियों समेत अन्य अवरोधों को हटाने के मामले में पटना के ट्राफिक एसपी को तलब किया है।चीफ जस्टिस संजय करोल (Justice Sanjay Karol) और जस्टिस एस. कुमार (Justice S Kumar) की खंडपीठ ने एडवोकेट शिल्पी केशरी की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए जब्त गाड़ियों को फिर से सड़कों पर रखने पर नाराजगी जताई।कोर्ट ने आदेश दिया,"पटना के ट्राफिक एसपी हर हप्ते गांधी मैदान में जब्त गाड़ियों समेत अन्य अवरोधों का निरीक्षण करें।"याचिका में कहा गया है कि...

कलकत्ता हाईकोर्ट
बीरभूम हिंसा - कलकत्ता हाईकोर्ट में जनहित याचिका, सीएम ममता बनर्जी पर पीड़ितों के परिजनों को नौकरी देकर "गवाहों को प्रभावित" करने का आरोप, नोटिस जारी

कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में भड़की हिंसा के पीड़ितों के परिजनों को मुआवजा और सरकारी नौकरी देने के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आचरण पर सवाल उठाने वाली एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर राज्य सरकार से जवाब मांगा। स्थानीय अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता भादु शेख की हत्या की कथित तौर पर जवाबी कार्रवाई में इस घटना में दो बच्चों सहित 8 लोगों की जान चली गई थी।कोर्ट ने 25 मार्च के आदेश में हिंसा की घटना की सीबीआई जांच का आदेश दिया था। इसके बाद, 8 अप्रैल को अदालत ने...

गुजरात हाईकोर्ट
'आईपीसी की धारा 415 के तहत इरादा आवश्यक; गहन जांच की आवश्यकता': गुजरात हाईकोर्ट ने धोखाधड़ी, हेराफेरी के अपराधों के लिए दर्ज एफआईआर रद्द करने से इनकार किया

गुजरात हाईकोर्ट (Gujarat High Court) ने आईपीसी की धारा 406, 420, 114 और 120बी के तहत अपराधों के लिए आपराधिक शिकायतों की समाप्ति के लिए प्रार्थना करने वाले एक आवेदन में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है, जिसमें शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने ग्रे कपड़ा खरीदने के लिए लाखों रुपए का भुगतान नहीं किया था।आरोप है कि आरोपी ने शिकायतकर्ता से वादा किया था कि वे कपड़े बेचे जाने के एक महीने के भीतर माल का भुगतान कर देंगे और इस तरह के वादे के आधार पर कपड़े का बड़ा मूल्य बेचा गया।आरोप लगाया गया कि...

क्या पक्षकारों के आपस में समझौते करने पर नाबालिग के खिलाफ POCSO मामला रद्द किया जा सकता है? कर्नाटक हाईकोर्ट विचार करेगा
क्या पक्षकारों के आपस में समझौते करने पर नाबालिग के खिलाफ POCSO मामला रद्द किया जा सकता है? कर्नाटक हाईकोर्ट विचार करेगा

कर्नाटक हाईकोर्ट ने नाबालिग लड़के के खिलाफ मामले में आगे की जांच पर रोक लगा दी है। उक्त लड़के पर नाबालिग लड़की का यौन उत्पीड़न करने के आरोप में यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO) के तहत आरोप लगाया गया है।पक्षकारों के बीच आपसी समझौता होने पर अभियोजन को रद्द करने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।जस्टिस एम नागप्रसन्ना की एकल पीठ ने कहा,"23.05.2022 तक मामले में आगे की जांच पर रोक रहेगी, जो आगे के आदेश पारित होने के परिणाम के अधीन होगी।"याचिकाकर्ता और शिकायतकर्ता की बेटी अभी भी...

मुंबई कोर्ट ने अज़ान के दौरान मस्जिद के बाहर ड्रम बजाने के आरोपी तीन लोगों को अग्रिम जमानत दी
मुंबई कोर्ट ने अज़ान के दौरान मस्जिद के बाहर ड्रम बजाने के आरोपी तीन लोगों को अग्रिम जमानत दी

मुंबई की एक अदालत ने हाल ही में अज़ान के दौरान मस्जिद के बाहर ड्रम बजाने के आरोपी तीन लोगों को अग्रिम जमानत दी। कोर्ट ने उक्त आरोपियों को जमानत देते हुए कहा कि उन्होंने नारे नहीं लगाए और हिरासत में उनसे पूछताछ की "बिल्कुल जरूरी नहीं है।"अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एसयू बघेले ने कहा,"यह सुनिश्चित करना राज्य की जिम्मेदारी है कि विभिन्न समुदायों के बीच भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए सभी कदम उठाए जाएं। राज्य को अपनी आंखें और अपने कान बंद नहीं करने चाहिए, जिसके परिणामस्वरूप किसी भी व्यक्ति का अपमान होता...

हनुमान चालीसा विवाद: एमपी-एमएलए कपल ने एफआईआर रद्द करने की मांग करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया, कहा- पुलिस की वर्दी पहने हुए अधिकारी आधिकारिक कर्तव्य का निर्वहन नहीं कर रहे हैं
हनुमान चालीसा विवाद: एमपी-एमएलए कपल ने एफआईआर रद्द करने की मांग करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया, कहा- पुलिस की वर्दी पहने हुए अधिकारी आधिकारिक कर्तव्य का निर्वहन नहीं कर रहे हैं

अमरावती से निर्दलीय विधायक रवि राणा (MLA Ravi Rana) और उनकी पत्नी, सांसद नवनीत राणा (MP Navneet Rana) ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (CM Uddhav Thackeray) के परिवार के घर के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने के लिए उनकी गिरफ्तारी का विरोध करने के लिए उनके खिलाफ दर्ज दूसरी प्राथमिकी रद्द करने की मांग करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) का दरवाजा खटखटाया है।एडवोकेट रिजवान मर्चेंट द्वारा सुबह के सत्र में इस मामले का उल्लेख करने के बाद जस्टिस पीबी वराले की अध्यक्षता वाली पीठ दोपहर के भोजन के बाद...

सुप्रीम कोर्ट को फैसला करने दें: स्कूलों में धार्मिक कपड़े और अन्य एसेसरीज प्रतिबंधित करने की याचिका पर मद्रास हाईकोर्ट ने कहा
"सुप्रीम कोर्ट को फैसला करने दें": स्कूलों में धार्मिक कपड़े और अन्य एसेसरीज प्रतिबंधित करने की याचिका पर मद्रास हाईकोर्ट ने कहा

मद्रास हाईकोर्ट ने सोमवार को स्कूल शिक्षा विभाग को स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में धार्मिक कपड़े और सामान पहनने से छात्रों को प्रतिबंधित करने का निर्देश देने के लिए दायर याचिका को खारिज कर दिया।जस्टिस एम दुरईस्वामी और जस्टिस टी.वी थमिलसेल्वी की पीठ हिंदू मुनेत्र कड़गम के नेता अधिवक्ता के गोपीनाथ द्वारा दायर एक याचिका पर विचार कर रही थी।पीठ ने कहा कि चूंकि यह मामला पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, इसलिए वह इस स्तर पर इस पर विचार करने की स्थिति में नहीं है।पृष्ठभूमिअपनी याचिका में गोपीनाथ...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
'ईमानदारी, निष्पक्षता और साफ मन से कोर्ट का दरवाजा खटखटाना चाहिए': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वादियों पर समझौता का झूठा दावा करने पर 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने हाल ही में कहा कि अदालतें पक्षकारों के बीच न्याय प्रदान करने के लिए होती हैं और जो कोई भी न्यायालय का दरवाजा खटखटाता है उसे साफ हाथों से आना चाहिए और कोई भी भौतिक तथ्य छुपाया नहीं जाना चाहिए।जस्टिस संजय कुमार सिंह की एकल-न्यायाधीश पीठ ने भारतीय दंड संहिता की धारा 406 और दहेज निषेध अधिनियम की धारा 6 के तहत संपूर्ण आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने के लिए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 482 के तहत दायर आवेदन को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की।क्या है पूरा...

[सीआरपीसी की धारा 167(2)] डिफ़ॉल्ट जमानत के लिए केवल चार्जशीट जमा करने की तिथि प्रासंगिक है, चार्जशीट तैयार करने की तिथि नहीं: उड़ीसा हाईकोर्ट
[सीआरपीसी की धारा 167(2)] डिफ़ॉल्ट जमानत के लिए केवल चार्जशीट जमा करने की तिथि प्रासंगिक है, चार्जशीट तैयार करने की तिथि नहीं: उड़ीसा हाईकोर्ट

उड़ीसा हाईकोर्ट (Orissa High Court) ने कहा कि चार्जशीट की 'जमा करने की तारीख' ही एकमात्र प्रासंगिक तारीख है जिसे आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 167 (2) के तहत 'डिफ़ॉल्ट जमानत' देते समय ध्यान में रखा जाना चाहिए। चार्जशीट की 'तैयारी की तारीख' तब तक मायने नहीं रखती जब तक कि इसे उसी दिन अदालत के सामने पेश नहीं किया जाता है।जस्टिस बिभु प्रसाद राउतरे की एकल न्यायाधीश खंडपीठ ने फैसला सुनाया,"सीआरपीसी की धारा 167 में प्रयुक्त भाषा के अनुसार जांच पूरी होने तक हिरासत अधिकृत है और जांच पूरी होने पर...

राजस्थान हाईकोर्ट
डिफ़ॉल्ट जमानत- केवल इसलिए कि अदालतें होली की छुट्टियों पर बंद थीं, अभियोजन पक्ष को निर्धारित समय की समाप्ति के बाद चार्जशीट दाखिल करने का लाभ नहीं मिल सकता : राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि केवल इसलिए कि होली की छुट्टियों के लिए अदालतें बंद थीं, अभियोजन पक्ष को 60 दिनों की अवधि या कानून द्वारा अनिवार्य समय की निर्धारित अवधि की समाप्ति के बाद आरोप-पत्र दाखिल करने का लाभ नहीं मिल सकता।अदालत ने कहा कि यह कानून का एक व्यवस्थित प्रस्ताव है कि यदि बरामद की गई सामग्री वाणिज्यिक मात्रा से कम है तो चार्जशीट को 60 दिनों की अवधि के भीतर दायर करना आवश्यक है और 60 दिनों की अवधि किसी भी परिस्थिति में बढ़ाई नहीं जा सकती। .याचिकाकर्ता को 17.01.2022 को गिरफ्तार किया गया...