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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पोक्सो एक्ट के तहत अधिवक्ता के खिलाफ लगे आरोपों को खारिज करने से इनकार किया, अपराध को छुपाने के दुष्कर्म आरोपी को गलत सलाह दी थी
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पोक्सो एक्ट के तहत अधिवक्ता के खिलाफ लगे आरोपों को खारिज करने से इनकार किया, अपराध को छुपाने के दुष्कर्म आरोपी को 'गलत सलाह' दी थी

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में एक वकील के खिलाफ पोक्सो अधिनियम के तहत तय आरोपों में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। उस पर एक बलात्कार के मामले में आरोपी और अभियोक्ता को 'गलत सलाह' देने का आरोप है, जिसमें उसने आरोपी और ‌अभियोक्ता को 'पुलिस के सामने सही तथ्यों का खुलासा न करने' का सुझाव दिया था।जस्टिस संजय द्विवेदी निचली अदालत के आदेश के ‌खिलाफ दायर आपराधिक पुनरीक्षण याचिका का निस्तारण कर रहे थे। उस पर पोक्सो एक्ट की धारा 19 (अपराधों की रिपोर्टिंग) और 21 (मामलों की रिपोर्ट करने के लिए...

कोर्ट सीआरपीसी की धारा 104 के तहत पासपोर्ट जब्त नहीं कर सकता, पासपोर्ट अधिनियम के तहत यह केवल प्राधिकरण कर सकता है: कर्नाटक हाईकोर्ट
कोर्ट सीआरपीसी की धारा 104 के तहत पासपोर्ट जब्त नहीं कर सकता, पासपोर्ट अधिनियम के तहत यह केवल प्राधिकरण कर सकता है: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा है कि अदालत आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 104 के तहत किसी भी दस्तावेज को जब्त कर सकती है लेकिन किसी आरोपी का पासपोर्ट जब्त नहीं कर सकती। यह केवल पासपोर्ट अधिनियम के तहत किया जा सकता है, जो एक विशेष अधिनियम है।जस्टिस एम नागप्रसन्ना की सिंगल जज बेंच ने कहा,"सीआरपीसी की धारा 104 के तहत न्यायालय के पास दस्तावेज जब्त करने की शक्ति है। यह पासपोर्ट जब्त करने की सीमा तक उपलब्‍ध नहीं हो सकती है। पासपोर्ट एक अन्य अधिनियम के दायरे में शामिल है और यह एक विशेष कानून होने...

केरल हाईकोर्ट
फैमिली कोर्ट एक्ट| ससुराल पक्ष के साथ सभी लेन-देन 'वैवाहिक संबंधों से पैदा परिस्थितियों' के रूप नहीं माना जा सकता: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा है कि परिवार न्यायालय अधिनियम, 1984 के तहत पति या पत्नी या दोनों द्वारा ससुराल या रिश्तेदारों के साथ प्रत्येक लेनदेन को 'वैवाहिक संबंधों से पैदा परिस्थितियों में' के रूप में नहीं माना जा सकता है।जस्टिस ए मोहम्मद मुस्ताक और जस्टिस सोफी थॉमस की खंडपीठ ने पाया कि याचिका में आक्षेपित लेन-देन दामाद और ससुर के बीच विशुद्ध रूप से व्यापारिक लेनदेन था, और इसलिए यह माना गया कि इसे वैवाहिक संबंधों से पैदा परिस्थितियों के रूप में नहीं कहा जा सकता है।कोर्ट ने कहा, "पति या...

मास्क पहनने और COVID-19 प्रोटोकॉल में कोई ढील नहीं; मीडिया रिपोर्ट गलत: स्वास्थ्य मंत्रालय
मास्क पहनने और COVID-19 प्रोटोकॉल में कोई ढील नहीं; मीडिया रिपोर्ट गलत: स्वास्थ्य मंत्रालय

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि COVID-19 के संबंध में फेसमास्क नियम और हाथ-स्वच्छता प्रोटोकॉल में ढील के बारे में रिपोर्ट असत्य हैं।स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने आधिकारिक हैंडल से ट्वीट किया,"कुछ मीडिया रिपोर्ट में मास्क पहनने और हाथ की स्वच्छता #COVID19 प्रोटोकॉल में छूट का सुझाव दिया जा रहा है। ये असत्य हैं। फेस मास्क और हाथ की स्वच्छता का उपयोग COVID-19 प्रबंधन उपायों का मार्गदर्शन करना जारी रखेगा।"केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पहले राज्यों को COVID-19 रोकथाम उपायों के...

बीमा कंपनी केवल इसलिए दावा से इनकार नहीं कर सकती क्योंकि वाहन चलाने वाला व्यक्ति कथित तौर पर कई मोटर दुर्घटनाओं में शामिल है: उड़ीसा हाईकोर्ट
बीमा कंपनी केवल इसलिए दावा से इनकार नहीं कर सकती क्योंकि वाहन चलाने वाला व्यक्ति कथित तौर पर कई मोटर दुर्घटनाओं में शामिल है: उड़ीसा हाईकोर्ट

उड़ीसा हाईकोर्ट (Orissa High Court) ने कहा कि केवल इसलिए कि वाहन चलाने वाला व्यक्ति अलग-अलग समय पर कई सड़क दुर्घटनाओं में शामिल होता है, बीमा कंपनी के लिए उसके दावे को अस्वीकार करने का कोई कारण नहीं है।एकल बेंच जज जस्टिस बी.पी. राउट्रे ने देखा,"अपीलकर्ता के तर्क में कोई तर्क नहीं है कि अभियुक्त अलग-अलग समय पर एक से अधिक दुर्घटनाओं में शामिल है, इसलिए एम.वी. अधिनियम की धारा 166 के तहत परिकल्पित मुआवजे के दावे को उस आधार पर रद्द कर दिया जाएगा।"मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी), क्योंझर...

पत्रकारों की आपराधिक धमकी की शिकायत पर अंधेरी कोर्ट ने सलमान खान और उनके बॉडीगार्ड को तलब किया
पत्रकारों की आपराधिक धमकी की शिकायत पर अंधेरी कोर्ट ने सलमान खान और उनके बॉडीगार्ड को तलब किया

अंधेरी मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत ने 2019 में आपराधिक धमकी का आरोप लगाते हुए एक पत्रकार द्वारा दायर शिकायत पर अभिनेता सलमान खान और उनके बॉडीगार्ड नवाज शेख को तलब किया।अशोक पांडे ने मजिस्ट्रेट को अपनी निजी शिकायत में आरोप लगाया कि खान ने मुंबई की एक सड़क पर साइकिल चलाते समय उनका मोबाइल फोन छीन लिया था, जब कुछ मीडियाकर्मियों ने उनकी तस्वीरें क्लिक करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि अभिनेता ने उससे बहस की और फिर उसे धमकी दी।मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट आरआर खान ने मामले में एक पुलिस रिपोर्ट पर...

दिल्ली हाईकोर्ट, दिल्ली
अधीनस्थ न्यायालय स्वयं अवमानना की कार्यवाही शुरू नहीं कर सकता, केवल हाईकोर्ट का संदर्भ दे सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट ने दोहराया

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने दोहराया है कि अधीनस्थ न्यायालय (Subordinate Court) स्वयं अवमानना की कार्यवाही शुरू नहीं कर सकता, केवल हाईकोर्ट का संदर्भ दे सकता है।न्यायमूर्ति अनु मल्होत्रा ने नुसरत अली बनाम राज्य एंड अन्य, राजीव मित्तल बनाम संजय गोयल और नेविल ए मेहता बनाम संजय गोयल के साथ-साथ न्यायालय अवमानना अधिनियम, 1971 की धारा 10, 11 और 15(2) के प्रावधानों में दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णयों पर भरोसा किया।याचिकाकर्ता ने अदालत की अवमानना अधिनियम, 1971 की धारा 10 के साथ पठित...

दिल्ली दंगा: कथित हेट स्पीच के लिए राजनीतिक नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने वाले आवेदन पर हाईकोर्ट ने नया नोटिस जारी किया
दिल्ली दंगा: कथित हेट स्पीच के लिए राजनीतिक नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने वाले आवेदन पर हाईकोर्ट ने नया नोटिस जारी किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान कथित हेट स्पीच के लिए राजनेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करने वाली याचिकाओं में विभिन्न राजनीतिक नेताओं को पक्षकार प्रतिवादी के रूप में शामिल करने की मांग करने वाले आवेदनों पर मंगलवार को नए नोटिस जारी किए।जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल और जस्टिस रजनीश भटनागर की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता शेख मुजतबा और लॉयर्स वॉयस द्वारा दायर याचिकाओं पर नया नोटिस जारी किया।यह घटनाक्रम तब सामने आया जब कोर्ट ने नोट किया कि याचिकाकर्ताओं द्वारा प्रक्रिया शुल्क का भुगतान...

केरल हाईकोर्ट
समझौते के आधार पर नैतिक पुलिसिंग मामलों को रद्द करने से लोगों के बीच गलत संदेश जाता है: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट (Kerala High Court) ने हाल ही में फैसला सुनाया कि नैतिक पुलिसिंग एक ऐसा अपराध है जिसमें मानसिक भ्रष्टता शामिल है और ऐसे मामलों को आरोपी और शिकायतकर्ता के बीच समझौते के आधार पर रद्द नहीं किया जा सकता है।न्यायमूर्ति के. हरिपाल उस मामले पर फैसला सुना रहे थे जिसमें हिंसक भीड़ ने एक निहत्थे व्यक्ति पर एक अलग समुदाय की महिला को अपनी कार में ले जाने पर हमला किया था।बेंच ने कहा, "यह एक ऐसा मामला है जिसमें घातक हथियारों से लैस एक भीड़ दूसरे प्रतिवादी को इस आधार पर घेर रखी थी और उस पर हमला...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जाति से बाहर शादी करने वाली महिला के लिए पुलिस सुरक्षा का निर्देश दिया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जाति से बाहर शादी करने वाली महिला के लिए पुलिस सुरक्षा का निर्देश दिया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में जाति से बाहर शादी करने वाली महिला को पुलिस सुरक्षा का निर्देश दिया। महिला को उसके माता-पिता द्वारा धमकी दी जा रही है।जस्टिस विशाल मिश्रा रिट याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। इसमें याचिकाकर्ता ने अपने, अपने पति और अपने ससुराल वालों के लिए पुलिस सुरक्षा की मांग की। उसने अपने पति के लिए ट्रांजिट जमानत की भी मांग की ताकि वह गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले के जेएमएफसी की अदालत में पेश हो सके।याचिकाकर्ता का मामला यह है कि उसने बालिग होने के कारण अपनी मर्जी से शादी की। उसका पति...

केंद्र सरकार ने तेलंगाना हाईकोर्ट में 10 नए न्यायाधीशों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की
केंद्र सरकार ने तेलंगाना हाईकोर्ट में 10 नए न्यायाधीशों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की

राष्ट्रपति ने तेलंगाना हाईकोर्ट में 10 नए न्यायाधीशों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की। इन न्यायाधीशों में पांच अधिवक्ताओं और पांच न्यायिक अधिकारी शामिल हैं।वरिष्ठता के क्रम में तेलंगाना हाईकोर्ट में निम्नलिखित को न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया है:1. एडवोकेट कासोजू सुरेंद्र उर्फ ​​के सुरेंद्र2. एडवोकेट सुरेपल्ली नंदा3. एडवोकेट मुमिनेनी सुधीर कुमार4. एडवोकेट जुवाडी श्रीदेवी उर्फ ​​कुचाड़ी श्रीदेवी5. एडवोकेट नटचरजू श्रवण कुमार वेंकट6. न्यायिक अधिकारी गुन्नू अनुपमा चक्रवर्ती7. न्यायिक अधिकारी...

न्यायिक अनुशासनहीनता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाईकोर्ट के निर्देश का उल्लंघन करने पर मजिस्ट्रेट के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की
'न्यायिक अनुशासनहीनता': पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाईकोर्ट के निर्देश का उल्लंघन करने पर मजिस्ट्रेट के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट (Punjab And Haryana High Court) की एकल पीठ ने एक मामले में हाईकोर्ट के निर्देश का उल्लंघन करने पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की है।कोर्ट ने देखा कि मजिस्ट्रेट की कार्रवाई न केवल कानून के मौलिक सिद्धांतों की समझ की कमी को दर्शाती है, बल्कि न्यायिक अनुशासनहीनता को भी दर्शाती है। न्यायमूर्ति मनोज बजाज ने विभागीय कार्रवाई शुरू करने के लिए मामले को मुख्य न्यायाधीश के पास भेज दिया। न्यायमूर्ति बजाज ने आदेश में कहा, "इस न्यायालय को यह कहने...

कलकत्ता हाईकोर्ट
'पुलिस पूरी तरह से निष्क्रिय': कलकत्ता हाईकोर्ट में रामपुरहाट हिंसा की सीबीआई/एनआईए जांच की मांग वाली जनहित याचिका दायर

पश्चिम बंगाल राज्य में भड़की रामपुरहाट हिंसा की घटना की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) या राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से जांच कराने की मांग करते हुए मंगलवार को कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) में जनहित याचिका (पीआईएल) याचिका दायर की गई है।बीरभूम जिले के बोगतुई गांव में तृणमूल कांग्रेस के उप-पंचायत प्रमुख की कथित हत्या के कुछ ही समय बाद रामपुरहाट में हिंसा भड़क उठी। भीड़ ने कथित तौर पर निवासियों के साथ 10-12 घरों को बंद कर दिया और उनमें आग लगा दी, जिसमें 8 लोगों की मौत हो गई।एडवोकेट...

बलात्कार के कारण गर्भावस्था आजीवन मानसिक पीड़ा का कारण बन सकती है, सामाजिक-आर्थिक समस्याएं पैदा कर सकती है: गुजरात हाईकोर्ट ने नाबालिग को राहत दी
बलात्कार के कारण गर्भावस्था आजीवन मानसिक पीड़ा का कारण बन सकती है, सामाजिक-आर्थिक समस्याएं पैदा कर सकती है: गुजरात हाईकोर्ट ने नाबालिग को राहत दी

गुजरात ‌हाईकोर्ट ने हाल ही में एक नाबालिग बलात्कार पीड़िता की 6 सप्ताह की गर्भावस्था को समाप्त करने की याचिका को इस आधार पर स्वीकार कर लिया कि यदि गर्भावस्था जारी रहती है तो इससे उसे सामाजिक-आर्थिक समस्याओं के साथ आजीवन मानसिक पीड़ा होगी।कोर्ट ने कहा, "याचिकाकर्ता आरोपी द्वारा जबरन बलात्कार के कारण गर्भवती है ... गर्भावस्था के जारी रहने के कारण यह नाबालिग के मानसिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर चोट का कारण बनेगा। साथ ही बच्चे को जन्म देना और उसका पालन-पोषण करने जीवन भर के ल‌िए मानसिक पीड़ा पैदा करेगा...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
'मामूली त्रुटियों' के लिए उम्मीदवारी रद्द नहीं की जा सकती: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने आवेदन में गलत जन्म तिथि दर्ज करने वाली महिला के नौकरी का ऑफर बहाल किया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, इंदौर खंडपीठ ने हाल ही में एक सरकारी बैंक को जन्म तिथि में टाइपोग्राफिक त्रुटि के कारण कार्यालय सहायक (बहुउद्देश्यीय) के पद के लिए एक सफल उम्मीदवार की उम्मीदवारी को रद्द करने के अपने निर्णय को वापस लेने और उसके पक्ष में नियुक्ति आदेश जारी करने का निर्देश दिया।जस्टिस प्रणय वर्मा ने कहा,"यह स्वयं प्रतिवादी का मामला नहीं है कि याचिकाकर्ता ने आवेदन में गलत जन्म तिथि दर्ज करके कोई लाभ प्राप्त किया है। याचिकाकर्ता की ओर से कोई जानबूझकर गलत बयानी नहीं की गई थी क्योंकि उसने अपना...

अपीलीय अदालत अंतरिम आदेश में तब तक हस्तक्षेप नहीं कर सकती जब तक कि ट्रायल कोर्ट ने सामग्री को उचित परिप्रेक्ष्य में नहीं माना / खुद को गलत तरीके से निर्देशित नहीं किया: गुजरात हाईकोर्ट
अपीलीय अदालत अंतरिम आदेश में तब तक हस्तक्षेप नहीं कर सकती जब तक कि ट्रायल कोर्ट ने सामग्री को उचित परिप्रेक्ष्य में नहीं माना / खुद को गलत तरीके से निर्देशित नहीं किया: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने स्थापित कानून की पुष्टि करते हुए कि अपीलीय अदालतों को अंतरिम स्तर पर ट्रायल कोर्ट के विवेकाधीन आदेश को भंग नहीं करना चाहिए, भले ही मामले का दूसरा दृष्टिकोण संभव हो, निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली अपील की अनुमति दी है, जिसमें अंतरिम निषेधाज्ञा देने से इनकार किया गया था।जस्टिस एपी ठाकर की खंडपीठ ने वादी के आवास की पूर्वी दीवार की ओर निर्माण के संबंध में यथास्थिति का आदेश दिया जब तक कि दोनों पक्ष अपने दावे और प्रति-दावे के समर्थन में अपने साक्ष्य पेश नहीं करते।कोर्ट ने...

मातृत्व लाभ अधिनियम के तहत वर्क फ्रॉम होम का लाभ तभी उठाया जा सकता है जब काम की प्रकृति अनुमति दे: कर्नाटक हाईकोर्ट ने महिला को राहत से इनकार किया
मातृत्व लाभ अधिनियम के तहत 'वर्क फ्रॉम होम' का लाभ तभी उठाया जा सकता है जब काम की प्रकृति अनुमति दे: कर्नाटक हाईकोर्ट ने महिला को राहत से इनकार किया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने दोहराया कि मातृत्व लाभ (संशोधन) अधिनियम 2017 की धारा 5 (5) के तहत किसी कर्मचारी को घर से काम करने की अनुमति देने जैसे मातृत्व लाभ केवल तभी दिए जा सकते हैं, जब महिलाओं को सौंपे गए कार्य की प्रकृति ऐसी है कि उसके लिए घर से काम करना संभव है।जस्टिस आर देवदास की सिंगल जज बेंच ने सेमी कंडक्टर टेक्नोलॉजी एंड एप्लाइड रिसर्च सेंटर, (STARC) में काम करने वाले एक कर्मचारी को राहत देने से इनकार करते हुए कहा,"हालांकि अधिनियम, 1961 की धारा 5(5) का संदर्भ दिया गया है, उक्त प्रावधान से यह...

केएचसीएए महिला वकीलों के यौन उत्पीड़न की शिकायतों के निवारण के लिए आंतरिक समिति के गठन की मांग के प्रस्ताव पर विचार करेगा
केएचसीएए महिला वकीलों के यौन उत्पीड़न की शिकायतों के निवारण के लिए आंतरिक समिति के गठन की मांग के प्रस्ताव पर विचार करेगा

केरल हाई कोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन (केएचसीएए) की जनरल बॉडी ने एसोसिएशन के भीतर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की शिकायतों के निवारण के लिए एक आंतरिक समिति के गठन के संबंध में प्रस्ताव पर चर्चा करने के लिए एक बैठक का आयोजन किया। प्रस्ताव एडवोकेट बॉबी एम शेखर और 117 अन्य सदस्यों की ओर से पेश किया गया था।जनरल बॉडी ने सर्वसम्मति से संकल्प का अध्ययन करने और एसोसिएशन के उपनियमों में संशोधन का प्रस्ताव करने के लिए एक समिति का गठन करने का संकल्प लिया।बैठक में केएचसीएए के अध्यक्ष एडवोकेट राजेश विजयन ने कहा कि...

दिल्ली हाईकोर्ट
पत्नी द्वारा वैवाहिक अधिकारों की बहाली के लिए पति की याचिका का विरोध करना घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत उसके निवास के अधिकार को प्रभावित नहीं करता : दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि घरेलू हिंसा अधिनियम, 2008 के तहत निवास का अधिकार, हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 9 के तहत उत्पन्न होने वाले किसी भी अधिकार से विशिष्ट और अलग है, जो वैवाहिक अधिकारों की बहाली से संबंधित है। जस्टिस चंद्रधारी सिंह इस मामले में एक दंपति द्वारा दायर एक याचिका पर विचार कर रहे थे, जिसमें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के आदेश को चुनौती दी गई थी। सत्र न्यायाधीश ने उनके बेटे की पत्नी/प्रतिवादी नंबर 1 के पक्ष में दिए गए निवास के अधिकार के आदेश की पुष्टि की थी। शुरुआत...