मुख्य सुर्खियां
4 साल बाद बिना किसी वैध कारण के आयकर पुनर्मूल्यांकन नोटिस जारी किया गया: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने नोटिस रद्द की
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (Chhattisgarh High Court) के जस्टिस पार्थ प्रतिम साहू (Justice Parth Prateem Sahu) की खंडपीठ ने आयकर पुनर्मूल्यांकन नोटिस को रद्द कर दिया है, जो बिना कोई वैध कारण बताए 4 साल बाद जारी किया गया था।याचिकाकर्ता ने नोटिस को आयकर अधिनियम (Income Tax Act) की धारा 148 के तहत चुनौती दी है।आयकर अधिनियम की धारा 148 के अनुसार, कोई भी आयकर गणना जिसकी पुनर्गणना या पुनर्मूल्यांकन नहीं किया गया है, उसे आयकर विभाग से एक नोटिस प्राप्त होगा। याचिकाकर्ता/निर्धारिती एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है...
'रेप के अपराध में पेनिट्रेशन की डेप्थ मायने नहीं रखती': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने POCSO आरोपी को जमानत देने से इनकार किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने पिछले हफ्ते 8 साल की बच्ची से बलात्कार के आरोपी-व्यक्ति को जमानत देने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि बलात्कार के अपराध में पेनिट्रेशन की डेप्थ मायने नहीं रखती है।जस्टिस संजय कुमार सिंह की खंडपीठ ने आगे कहा कि हमारे देश में छोटी लड़कियों की पूजा करता है, लेकिन साथ ही देश में पीडोफिलिया के मामले बढ़ रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पिछले साल अगस्त में इस बात पर जोर दिया था कि भारत छोटी लड़कियों की पूजा करता है, लेकिन...
एनडीपीएस एक्ट की धारा 52 के तहत आरोपी को गिरफ्तारी के कारणों का खुलासा करना अनिवार्य: गुजरात हाईकोर्ट ने बरी करने के आदेश को रद्द करने से इनकार किया
गुजरात हाईकोर्ट ने इस बात पर जोर देते हुए कि एनडीपीएस एक्ट की धारा 50 के तहत प्रक्रिया का उचित तरीके से पालन करने की आवश्यकता है, प्रतिवादी को आरोपी को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट के धारा 8 (सी), 20 (बी), 22 और 29 के तहत अपराधों से बरी करने के निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखा।मामले के तथ्य यह थे कि प्रतिवादी के पास से प्लास्टिक बैग में पैक की गई ब्राउन शुगर प्राप्त की गई थी। शिकायत और आरोप पत्र दाखिल करने के बाद, गवाहों से पूछताछ की गई, हालांकि कुछ पंच और गवाह मुकर गए और...
दिल्ली दंगा केस: दिल्ली कोर्ट ने शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार किया
दिल्ली कोर्ट (Delhi Court) ने सोमवार को 2020 के दिल्ली दंगों में बड़ी साजिश मामले में आरोपी शारजील इमाम की जमानत याचिका खारिज कर दी।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने इमाम की ओर से पेश अधिवक्ता तनवीर अहमद मीर को सुनने के बाद आदेश सुनाया जबकि अभियोजन पक्ष के लिए विशेष लोक अभियोजक अमित प्रसाद पेश हुए।शरजील इमाम ने क्या दलील दी?अधिवक्ता तनवीर अहमद मीर ने तर्क दिया कि 24 और 25 फरवरी, 2020 को हुए वास्तविक दंगों से कुछ दिन पहले दंगों के एक अन्य मामले में इमाम की गिरफ्तारी के बाद साजिश के किसी भी...
नाबालिग लड़की को उसकी मर्जी के खिलाफ या पिता की इच्छा पर संरक्षण गृह में नहीं रखा जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि एक नाबालिग लड़की को भी उसकी इच्छा के विरुद्ध या उसके पिता की इच्छा पर एक सरंक्षण गृह में बंद नहीं किया जा सकता है।जस्टिस सुरेश कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पोक्सो अधिनियम), सुल्तानपुर, जिसने एक लड़की/ कथित पीड़िता को सरंक्षण गृह में भेजा था, को नारी निकेतन से उसे बुलाने, उसकी इच्छाओं के बारे में पूछने और उसकी इच्छा को ध्यान में रखते हुए कानून के अनुसार उसकी कस्टडी के संबंध में उचित आदेश पारित करने आदेश दिया।कथित पीड़िता/लड़की...
एनडीपीएस अधिनियम | वाणिज्यिक मात्रा में प्रतिबंधित सामग्री जब्त कर एफआईआर में सटीक वजन का उल्लेख न करना अभियोजन मामले के लिए घातक नहीं: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि एफआईआर में गांजे की सही मात्रा का उल्लेख न करने से अभियोजन का मामला निष्फल नहीं हो जाएगा, यदि आरोपी से जब्त सामग्री एक व्यावसायिक मात्रा में है।जस्टिस चीकाती मानवेंद्रनाथ रॉय ने कहा:"मामले के उक्त तथ्यों और परिस्थितियों में केवल एफआईआर में गांजा की सही मात्रा का उल्लेख न करना अभियोजन के मामले के लिए घातक नहीं है। चूंकि याचिकाकर्ताओं के कब्जे से जब्त किए गए गांजे की मात्रा वाणिज्यिक मात्रा है तो एनडीपीएस अधिनियम की धारा 37 में निहित प्रतिबंध और कठोरता...
'ससुराल वालों पर दबाव बनाने और प्रताड़ित करने के इरादे से एफआईआर दर्ज करवाई गई ': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने आईपीसी 498ए के तहत दर्ज एफआईआर रद्द की
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, ग्वालियर खंडपीठ ने हाल ही में एक पत्नी द्वारा अपने ससुराल वालों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा (आईपीसी) 498ए के तहत दर्ज करवाई गई एफआईआर को यह कहते हुए रद्द कर दिया है कि इसे 'प्रतिशोध लेने के लिए' और ससुराल वालों पर 'दबाव बनाने और उनको प्रताड़ित करने के इरादे से' दर्ज करवाया गया है। जस्टिस आर.के. श्रीवास्तव सीआरपीसी की धारा 482 के तहत दायर एक आवेदन पर विचार कर रहे थे, जिसमें याचिकाकर्ताओं ने अदालत से उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 498ए, 506, 34 के तहत दर्ज एफआईआर और उसके...
(एनडीपीएस एक्ट) सह-अभियुक्तों के बीच हुई कॉल, वह भी जिसकी ट्रांसक्रिप्ट न हो, पर्याप्त सबूतों के अभाव में पुष्टिकारक सामग्री नहीं: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पाया है कि सह-अभियुक्तों के बीच हुई बातचीत की ट्रांसक्रिप्ट के बिना, केवल कॉल डिटेल को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक एक्ट के तहत मामले में आरोपी के खिलाफ वास्तविक सामग्री के अभाव में पुष्टि के लिए आवश्यक सामग्री नहीं माना जाएगा।जस्टिस विकास बहल की खंडपीठ ने यश जयेशभाई चंपकलाल शाह बनाम गुजरात राज्य 2022 लाइव लॉ (गुजरात) 66 के मामले में गुजरात हाईकोर्ट के हालिया आदेश पर भरोसा करते हुए उक्त टिप्पणी की। उक्त मामले में यह निर्धारित किया गया था कि एनडीपीएस मामलों में...
'अभियोक्ता को आरोपी के धर्म के बारे में जानकारी थी': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने धार्मिक पहचान छिपाने और रेप के आरोपी को जमानत दी
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (Madhya Pradesh High Court), इंदौर खंडपीठ ने हाल ही में अपनी धार्मिक पहचान छिपाने, बलात्कार करने और उसके मंगेतर को 'आपत्तिजनक वीडियो क्लिप' भेजने के आरोपी आवेदक को जमानत दी, जिसके कारण उसकी शादी रद्द हो गई।जस्टिस सुबोध अभ्यंकर आईपीसी की धारा 376, 376 (2) (एन), 328 और एमपी धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3, 5 और आई.टी. अधिनियम की धारा 66 (ई) के तहत दंडनीय अपराधों के आरोपी आवेदक द्वारा दायर सीआरपीसी की धारा 439 के तहत जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहे थे।आवेदक का मामला यह था कि...
'पिछले कथित कदाचार के आधार पर सेवा से हटाने का कोई कानूनी प्रावधान नहीं है': मद्रास हाईकोर्ट ने भारतीय समुद्री विश्वविद्यालय के कैंपस निदेशक की बहाली के आदेश दिए
मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) ने कहा कि कर्मचारी का पिछला कदाचार एक बड़ा जुर्माना लगाने का कारण नहीं हो सकता है जैसे कि सेवा से हटाना (भारतीय समुद्री विश्वविद्यालय के शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारी (सेवा के नियम और शर्तें) नियमों के तहत)।जस्टिस सी सरवनन की पीठ भारतीय समुद्री विश्वविद्यालय के पूर्व निदेशक डॉ. पी विजयन द्वारा भारतीय समुद्री विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद के आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर विचार कर रही थी, जिसमें उन्हें सेवाओं से बर्खास्त कर दिया गया था और 22,65,469 रुपये का...
पटना हाईकोर्ट ने मुजफ्फरपुर में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के दौरान कई व्यक्तियों के आंख की रौशनी चले जाने के मामले में एसपी को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए
पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) ने मुजफ्फरपुर आई हॉस्पिटल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के दौरान कई व्यक्तियों के आंख की रौशनी चले जाने के मामले में मुजफ्फरपुर के सीनियर एसपी को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।चीफ जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एस. कुमार की खंडपीठ ने कहा कि हम मुजफ्फरपुर के सीनियर एसपी को यह सुनिश्चित करने का निर्देश देते हैं कि जांच तेज हो और जल्द से जल्द पूरी हो। इसके साथ ही वह अगली तारीख से पहले नवीनतम स्थिति का उल्लेख करते हुए अपना व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करें।कोर्ट...
'धर्मपाल मामले' में सजा के निलंबन के लिए निर्धारित पैरामीटर केवल दिशानिर्देश हैं, अपरिवर्तनीय नियम नहीं: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पाया है कि हाईकोर्ट द्वारा धर्मपाल मामले [धर्मपाल बनाम हरियाणा राज्य, 1999 (4) आरसीआर (आपराधिक) 600] में सजा के निलंबन के लिए निर्धारित पैरामीटर केवल दिशानिर्देश हैं, और उन्हें एक अपरिवर्तनीय नियम के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।उल्लेखनीय है कि धर्मपाल मामले में, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने 1999 में हत्या के दोषियों को, जो पहले ही एक निश्चित अवधि हिरासत में बिता चुके थे, (कुछ मामलों में विचाराधीन के रूप में 2 साल और बाद में 3 साल- सजा के चरण में), कहा था कि उन्हें...
राजस्थान हाईकोर्ट ने लखनऊ में लड़कियों के मिलने के बाद वकील की गुमशुदा बेटियों का मामला बंद किया, 'सपनों को पूरा करने' के लिए वहीं रहने की इच्छा जताई
राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan High Court) ने बेटियों के कोर्ट में पेश होने के बाद एडवोकेट की गुमशुदा बेटियों के मामले का निपटारा किया।कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता-पिता से यह अपेक्षा की जाती है कि वह अपनी बेटियों की इच्छाओं का पालन करें और उन्हें लखनऊ ले जाएं। कोर्ट जयपुर के एडवोकेट अवधेश कुमार पुरोहित द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिनकी दो नाबालिग बेटियां 3 फरवरी, 2022 से लाई सी.एम. सीनियर सेकेंडरी स्कूल, करतारपुरा, जयपुर से गायब थीं। उसी दिन एक प्राथमिकी भी दर्ज की...
रिडिवेलपमेंट के लिए बेदखली की अवधि के दौरान फ्लैट का कब्जाधारी ट्रांजिट रेंट का हकदार होगा: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि जिस व्यक्ति का आवास फिर से विकसित किया जा रहा है, वह परिसर का मालिक न होने पर भी अदालत के आदेश के अभाव में ट्रांजिट रेंट का हकदार होगा।हाईकोर्ट ने वर्तमान मामले में यदि फ्लैट मालिक के साथ उसका विवाद अंततः तब तक तय नहीं होता है तो डेवलपर से रिडिवेलपमेंट संपत्ति के कब्जे में रखने के लिए भी कहा।जस्टिस जीएस कुलकर्णी ने कहा,"तथ्य यह है कि प्रतिवादी नंबर तीन (कब्जा करने वाला) के कब्जे में है और अब वह याचिकाकर्ता/सोसाइटी को इस तरह के मकान का कब्जा सौंप देगा। ट्रांजिट किराए का...
एनआई एक्ट धारा 138 । चेक के ' पुर्न- प्रस्तुतीकरण' के बाद जारी नोटिस के आधार पर शिकायत पर अदालत संज्ञान ले सकती है : उड़ीसा हाईकोर्ट
उड़ीसा हाईकोर्ट ने माना है कि न्यायालय दूसरी बार नकदीकरण के लिए चेक की प्रस्तुति के अनुसार जारी नोटिस के आधार पर 'चेक बाउंस' के लिए और इसके बाद के अनादर के लिए निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 की धारा 138 के तहत दायर एक शिकायत का संज्ञान ले सकता है।जस्टिस राधा कृष्ण पटनायक की एकल न्यायाधीश पीठ ने कहा,"... यदि एन आई अधिनियम की धारा 138 का संपूर्ण उद्देश्य व्यापार या अन्य लेनदेन के दौरान की गई अपनी प्रतिबद्धताओं का सम्मान करने के लिए भुगतानकर्ता को मजबूर करना है, कोई कारण नहीं है कि एक व्यक्ति...
एनएलएसआईयू के छात्रों की शिकायत पर उपभोक्ता आयोग ने पेप्सिको से कहा- 'एक ही उत्पाद के लिए अलग-अलग एमआरपी तय नहीं किए जा सकते'
कर्नाटक राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने हाल ही में पेप्सिको इंडिया होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर एक अपील को खारिज कर दिया जिसमें लिमिटेड ने अतिरिक्त जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम द्वारा समान मात्रा और गुणवत्ता वालो उत्पाद के लिए अलग-अलग अधिकतम खुदरा मूल्यों (एमपीआर) प्रिंट करने पर रोक लगाने के आदेश को चुनौती दी थी।डिस्ट्रिक्ट फोरम ने बेवरेज कंपनी को पानी की बोतल, पेप्सी कैन और निंबूज बोतल जैसे उत्पादों की समान मात्रा और गुणवत्ता के लिए समान एमआरपी तय करने और समान मात्रा की सभी...
सिक्किम हाईकोर्ट ने राज्य में लापता बच्चों का पता लगाने का निर्देश दिया
सिक्किम हाईकोर्ट ने राज्य में लापता बच्चों का पता लगाने के लिए कुछ निर्देश जारी किए।चीफ जस्टिस बिस्वनाथ सोमद्दर और जस्टिस मीनाक्षी मदन राय की खंडपीठ ने पहले अतिरिक्त महाधिवक्ता के माध्यम से राज्य के अधिकारियों को शेष सात (7) पुलिस स्टेशनों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रक्रिया को पूरा करने और अनुपालन रिपोर्ट करने का निर्देश दिया था।कोर्ट ने दर्ज किया कि संबंधित राज्य के अधिकारियों ने जाहिर तौर पर सिक्किम राज्य के भीतर पुलिस स्टेशनों और चेक-पोस्ट में सीसीटीवी कैमरों की स्थापना के निर्देशों का...
यमन में भारतीय महिला को मौत की सजा का मामला: दिल्ली हाईकोर्ट में भारत सरकार द्वारा राजनयिक हस्तक्षेप की मांग को लेकर याचिका दायर
दिल्ली हाईकोर्ट में भारतीय महिला निमिषा प्रिया के मामले में भारत सरकार द्वारा राजनयिक हस्तक्षेप की मांग करते हुए अपील दायर की गई है। उक्त महिला को यमन की एक अदालत ने स्थानीय व्यक्ति की हत्या के लिए मौत की सजा सुनाई है।याचिका में केंद्र को यह निर्देश देने की मांग की गई कि पीड़ित परिवार के साथ बातचीत की सुविधा प्रदान की जाए। साथ ही यमन कानून के अनुसार ब्लड मनी देकर प्रिया को मौत की सजा से बचाया जाए।सात मार्च, 2022 को यमन की एक अपीलीय अदालत ने निमिशा प्रिया द्वारा दायर अपील को खारिज कर दिया था।...
किशोर की उम्र निर्धारित करने के लिए लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस और वोटर आईडी कार्ड पर विचार नहीं किया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि किरोश की आयु का निर्धारण करते समय लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस और वोटर आईडी कार्ड को ध्यान में नहीं रखा जाना चाहिए।जस्टिस राहुल चतुर्वेदी की खंडपीठ ने विशेष न्यायाधीश, पॉक्सो अधिनियम / अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, बुलंदशहर के आदेश को खारिज कर दिया। इस आदेश में नौशाद अली की ओर से उसे किशोर घोषित करने के लिए दायर आवेदन को खारिज कर दिया गया था। नौशाद पर बलात्कार, पेनेट्रेटिव यौन उत्पीड़न के आरोप (पॉक्सो अधिनियम के तहत) के तहत मामला दर्ज है।संक्षेप में मामलानौशाद अली...
पति के करियर और प्रतिष्ठा को नष्ट करने पर तुली पत्नी, मानसिक क्रूरता का मामला, पति को तलाक का अधिकार है: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट (Punjab And Haryana High Court) ने हाल ही में कहा कि यदि पत्नी अपने वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ शिकायत करके अपने पति के करियर और प्रतिष्ठा को नष्ट करने पर तुली हुई है, तो यह मानसिक क्रूरता होगी और वही आदमी को तलाक का अधिकार देगा।जस्टिस रितु बाहरी और जस्टिस अशोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने भारतीय वायु सेना (IAF) के एक जवान द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया, जिसने क्रूरता और परित्याग के आधार पर तलाक की डिक्री की मांग की थी।नतीजतन, अदालत ने तलाक की एक...


















