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पैसे की कमी कोई जवाब नहीं: शिक्षकों को वेतन देने में विफलता पर हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार की खिंचाई की
"पैसे की कमी कोई जवाब नहीं": शिक्षकों को वेतन देने में विफलता पर हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार की खिंचाई की

दिल्ली हाईकोर्ट ने शिक्षकों को वेतन देने में विफल रहने पर दिल्ली सरकार की खिंचाई करते हुए बुधवार को मौखिक रूप से टिप्पणी की कि पैसे की कमी इस तरह के भुगतान न करने का जवाब नहीं है।जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद विभिन्न शिक्षकों द्वारा दायर अवमानना ​​याचिकाओं के एक समूह पर सुनवाई रहे थे। इसमें शिक्षकों को छठे और सातवें केंद्रीय वेतन आयोग के अनुसार वेतन का भुगतान न करने का मुद्दा शामिल है।अदालत ने शिक्षा निदेशालय, दिल्ली सरकार की ओर से पेश वकील से कहा,"शिक्षकों के साथ इस तरह का व्यवहार कैसे किया जा सकता...

पटना हाईकोर्ट ने गांधी मैदान पुलिस स्टेशन में जब्त गाड़ियों समेत अन्य अवरोधों को सड़क से हटाने का निर्देश दिया; डीजीपी से हलफनामा मांगा
पटना हाईकोर्ट ने गांधी मैदान पुलिस स्टेशन में जब्त गाड़ियों समेत अन्य अवरोधों को सड़क से हटाने का निर्देश दिया; डीजीपी से हलफनामा मांगा

पटना हाईकोर्ट (Patna high Court) ने गांधी मैदान थाने में जब्त गाड़ियों को सड़क पर रखे जाने का ब्यौरा तलब किया है।चीफ जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एस. कुमार की खंडपीठ ने एडवोकेट शिल्पी केशरी की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पटना के सभी पुलिस स्टेशन में जब्त वाहनों समेत अन्य अवरोधों को हटाने के कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करने पर सख्त नाराजगी जताई। कोर्ट ने आदेश दिया, "डीजीपी को 24 घंटों में गांधी मैदान थाना से सभी अवरोध हटाने का निर्देश दिया जाता है। इसके साथ ही दो सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल...

कलकत्ता हाईकोर्ट
'घटना को दबाने का प्रयास': कलकत्ता हाईकोर्ट ने हंसखली गैंगरेप और हत्या मामले में सीबीआई जांच का आदेश दिया

कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को हंसखली सामूहिक बलात्कार और हत्या मामले की सीबीआई जांच का आदेश दिया।रिपोर्टों के अनुसार, पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और अन्य के प्रति निष्ठा के कारण पंचायत सदस्य के बेटे द्वारा कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किए जाने के बाद अनुसूचित जाति समुदाय की एक 14 वर्षीय लड़की की पांच अप्रैल को मौत हो गई थी। 10 अप्रैल को पुलिस में शिकायत दर्ज कराने वाले उसके माता-पिता के अनुसार, जब वह घर लौटी तो उसका खून बह रहा था और रात में उसकी मौत हो गई।चीफ जस्टिस...

आईआईटी मद्रास के प्रोफेसरों ने यौन उत्पीड़न मामले में अग्रिम जमानत की मांग करते हुए मद्रास हाईकोर्ट का रुख किया
आईआईटी मद्रास के प्रोफेसरों ने यौन उत्पीड़न मामले में अग्रिम जमानत की मांग करते हुए मद्रास हाईकोर्ट का रुख किया

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मद्रास (IIT-M) के दो प्रोफेसरों ने विश्वविद्यालय के एक पीएचडी उम्मीदवार के यौन उत्पीड़न के मामले में अग्रिम जमानत की मांग करते हुए मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) का दरवाजा खटखटाया है।जस्टिस जी. जयचंद्रन ने मामले को 18 अप्रैल को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।याचिकाकर्ताओं ने प्रस्तुत किया कि वे क्रमशः 2006 और 2010 से रसायन विज्ञान विभाग में काम कर रहे हैं और बी.टेक, दोहरी डिग्री और एमएससी पढ़ाते हैं। छात्र और पीएचडी और पोस्ट डॉक्टरल रिसर्च स्कॉलर्स का मार्गदर्शन...

दिल्ली हाईकोर्ट, दिल्ली
पक्षकारों के बीच बाद में उत्पन्न विवाद को अलग मध्यस्थता के माध्यम से तय किया जा सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने कहा कि एक ही लेन-देन से उत्पन्न होने वाले बाद के विवाद को एक अलग मध्यस्थता के लिए संदर्भित किया जा सकता है और मध्यस्थता समझौते को एक बार का उपाय नहीं कहा जा सकता है जिसे पहले के संदर्भ में अवार्ड के बाद लागू नहीं किया जा सकता है।जस्टिस मुक्ता गुप्ता की एकल पीठ ने देखा कि मध्यस्थता समझौते में "सभी विवाद" शब्द का अर्थ मध्यस्थता के आह्वान के समय सभी मौजूदा विवाद हैं और बाद में उत्पन्न होने वाले विवादों को एक अलग मध्यस्थता में तय किया जा सकता है। कोई कानूनी...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मेडिकल आधार पर वरवर राव की अस्थाई जमानत तीन महीने बढ़ाई
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मेडिकल आधार पर वरवर राव की अस्थाई जमानत तीन महीने बढ़ाई

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को तेलुगु कवि और भीमा कोरेगांव-एलगार परिषद के आरोपी पी वरवर राव को स्थायी मेडिकल बेल देने से इनकार कर दिया। हालांकि अदालत ने उनके मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए अस्थायी जमानत की अवधि तीन महीने बढ़ा दी और मुकदमे में तेजी लाने के निर्देश जारी किए।कोर्ट ने उन्हें तेलंगाना में उनके घर पर रहने की अनुमति देने से भी इनकार कर दिया।जस्टिस सुनील शुक्रे और जस्टिस जीए सनप की खंडपीठ ने दो रिट याचिकाओं और राव द्वारा दायर अंतरिम आवेदन पर अपनी बीमारियों और मुंबई में किराए पर रहने की उच्च...

यदि रिकॉर्ड पर सामग्री गलत साबित नहीं होती हैं तो सज़ा उचित रूप से संभव है:  दिल्ली दंगों के मामले में अदालत ने छह के खिलाफ आरोप तय किए
"यदि रिकॉर्ड पर सामग्री गलत साबित नहीं होती हैं तो सज़ा उचित रूप से संभव है": दिल्ली दंगों के मामले में अदालत ने छह के खिलाफ आरोप तय किए

दिल्ली की एक अदालत ने 2020 के उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों से संबंधित एक मामले में छह लोगों के खिलाफ आरोप तय किए। कोर्ट ने आरोप तय करते हुए कहा कि यह प्रथम दृष्टया स्पष्ट है कि यदि रिकॉर्ड पर सामग्री गलत साबित नहीं होती है तो आरोपी व्यक्तियों की सजा उचित रूप से संभव है।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र भट ने सुमित, नरेश उदय सिंह, दर्शन, विनोद कुमार और देवराज के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 147, 148, 395, 436 और 149 के तहत आरोप तय किए। वहीं आरोपी सुमित के खिलाफ आईपीसी की धारा 412 के तहत...

बॉम्बे हाईकोर्ट में शाहिद कपूर अभिनीत फिल्म जर्सी की रिलीज पर रोक लगाने की मांग वाली कॉपीराइट सूट दायर
बॉम्बे हाईकोर्ट में शाहिद कपूर अभिनीत फिल्म 'जर्सी' की रिलीज पर रोक लगाने की मांग वाली कॉपीराइट सूट दायर

बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) में रूपेश जैन नाम के एक लेखक ने एक्टर शाहिद कपूर (Shahid Kapoor) अभिनीत फिल्म 'जर्सी (Jursey)' के निर्माताओं के खिलाफ कॉपीराइट उल्लंघन का मुकदमा दायर किया है।जस्टिस रियाज छागला द्वारा आज फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने के लिए अंतरिम राहत के लिए मुकदमे की सुनवाई की संभावना है।प्रतिवादियों में फिल्म निर्माता दिल राजू, अमन गिल के माध्यम से ब्रैट फिल्म, अल्लू अरविंद, तेलुगु फिल्म निर्माता सूर्यदेवरा नागा वामसी और अभिनेता शाहिद कपूर शामिल हैं।2007 में, जायसवाल ने...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
पुलिस को अपहरण के मामलों में पीड़िता की उम्र का आकलन करना चाहिए ताकि अगर किसी बालिग लड़की ने स्वतंत्र रूप से निर्णय लिया है तो उसे प्रताड़ित न किया जाए: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने कहा है कि अपहरण के मामलों की जांच करते समय, पुलिस अधिकारियों को पहले पीड़ित लड़की की उम्र का आकलन करना चाहिए ताकि अगर यह पाया जाए कि वह बालिग है और उसने अपने जीवन के लिए कोई कदम उठाया है, तो किसी भी प्रकार का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए।न्यायमूर्ति अरविंद कुमार मिश्रा- I और न्यायमूर्ति मनीष माथुर की पीठ ने एक युवा-बालिग विवाहित जोड़े के मामले से निपटने के दौरान यह टिप्पणी की, जिन्होंने अदालत से सुरक्षा मांगी क्योंकि उन्होंने प्रस्तुत किया कि लड़की के पिता...

यदि धारा 138 एनआई एक्ट के तहत शिकायत दायर करने में देरी का आधार पहली बार अपील में उठाया गया है तो केस को धारा 142 (बी) के तहत विचार के लिए वापस भेजा जा सकता है: कर्नाटक हाईकोर्ट
यदि धारा 138 एनआई एक्ट के तहत शिकायत दायर करने में देरी का आधार पहली बार अपील में उठाया गया है तो केस को धारा 142 (बी) के तहत विचार के लिए वापस भेजा जा सकता है: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि कोई पक्ष नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत स्थापित कार्यवाही का विरोध करते हुए प्रथम दृष्टया अदालत के समक्ष शिकायत दर्ज करने में देरी के आधार को उठाने में विफल रहता है तो अपील में न्यायालय को अधिनियम की धारा 142 (बी) के तहत विलंब की माफी के मुद्दे पर नए सिरे से विचार के लिए मामले को वापस करने का अधिकार है।जस्टिस एचपी संदेश की बेंच ने कहा,"यह मामले के अजीबोगरीब तथ्य और परिस्थितियां हैं और याचिकाकर्ताओं (धारा 138 एनआई एक्ट के तहत आरोपी) द्वारा...

गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने अंतर-धार्मिक जोड़े की सुरक्षा का आदेश दिया, निवारक और उपचारात्मक कार्रवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों को दोहराया

गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य पुलिस को एक अंतर-धार्मिक जोड़े के संरक्षण का निर्देश दिया है। जोड़े ने परिजनों से अपनी जान को खतरे का अंदेशा जताया है।जस्टिस सोनिया गोकानी और जस्टिस मौना एम भट्ट की खंडपीठ ने आदेश दिया कि जोड़े को शुरुआत में चार महीने के लिए सुरक्षा प्रदान की जाए। वे जहां भी बसने का प्रयास करें, संबंधित जोन के एसपी/एसीपी मामले को देखें।इसके बाद यदि युगल अहमदाबाद में रहता है तो अहमदाबाद शहर के पुलिस आयुक्त चार महीने के बाद निर्णय लेंगे कि इस तरह की सुरक्षा जारी रखी जाए या नहीं। ऐसा करते...

मद्रास हाईकोर्ट
अदालत में झूठी जानकारी देना न्याय प्रशासन में हस्तक्षेप: मद्रास हाईकोर्ट ने वादी को चार सप्ताह के लिए जेल भेजा

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में एक वादी को अदालत में झूठा हलफनामा दाखिल करने के लिए चार सप्ताह की जेल की सजा सुनाई। कोर्ट ने कहा कि उक्त वादी ने झूठे हलफनामा दायर करके न्यायिक प्रशासन में हस्तक्षेप करने का प्रयास किया है, जो न्यायालयों की अवमानना ​​अधिनियम, 1971 के तहत दंडनीय है।अधिनियम की धारा 2 (सी) (iii) किसी भी प्रकाशन के रूप में "आपराधिक अवमानना" को परिभाषित करती है, जो किसी अन्य तरीके से न्यायिक प्रशासन में हस्तक्षेप करता है या बाधा डालता है।जस्टिस पीएन प्रकाश और जस्टिस ए ए नक्किरन की पीठ ने...

6 किलो गांजा व्यावसायिक मात्रा नहीं, एनडीपीएस एक्ट की धारा 37 के तहत ज़मानत के कड़े नियम लागू नहीं होंगे : आंध प्रदेश हाईकोर्ट
6 किलो गांजा व्यावसायिक मात्रा नहीं, एनडीपीएस एक्ट की धारा 37 के तहत ज़मानत के कड़े नियम लागू नहीं होंगे : आंध प्रदेश हाईकोर्ट

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में 6 किलोग्राम गांजा रखने के आरोपी एक व्यक्ति को जमानत दी। कोर्ट ने यह देखते हुए जमानत दी कि यह "व्यावसायिक मात्रा" नहीं है और इस प्रकार जमानत देने का मामला एनडीपीएस अधिनियम की धारा 37 के तहत नियंत्रित नहीं होगा।नशीले पदार्थों और मन:प्रभावी पदार्थों के संबंध में वाणिज्यिक मात्रा को अधिनियम की धारा 2(viia) के तहत परिभाषित किया गया है। इसका अर्थ सरकारी राजपत्र में अधिसूचना द्वारा केंद्र सरकार द्वारा निर्दिष्ट मात्रा से अधिक मात्रा से है। वर्तमान में गांजे की...

गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने मोटर दुर्घटना मुआवजा बढ़ाया; गणना के लिए सुविधाओं की हानि, कार्यात्मक अक्षमता को भी शामिल किया

गुजरात हाईकोर्ट ने एक खेत कामगार को मोटर वाहन ट्रिब्यूनल की ओर से द‌िए गए मुआवजे में बढ़ोतरी की है। कोर्ट ने खेत मजदूर/आवेदक की "कार्यात्मक अक्षमता" को 100% माना। उसे स्कूटी चलाते समय ट्रक ने टक्कर मार दी थी, जिसमें उसके दोनों पैरों, सिर और दाहिने हाथ में फ्रैक्चर हो गया था।जस्टिस संदीप भट्ट की खंडपीठ ने कहा कि ट्रिब्यूनल ने भविष्य में आय के नुकसान को ध्यान में रखकर मुआवजे का आदेश दिया था। हालांकि, राम अवतार तोमर बनाम सुप्रीम कोर्ट के फैसले के संदर्भ में आवेदक की 100% कार्यात्मक अक्षमता को देखते...

P&H High Court Dismisses Protection Plea Of Married Woman Residing With Another Man
पत्नी द्वारा पति के खिलाफ निराधार और झूठी शिकायत करना 'मानसिक क्रूरता' के बराबर: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने तलाक को मंजूरी दी

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट (Punjab & Haryana High Court) ने दोहराया कि पत्नी द्वारा शिकायत दर्ज करना और आपराधिक कार्यवाही शुरू करना, जो निराधार और झूठा पाया गया, पति और उसके परिवार को परेशान और प्रताड़ित करता है। ऐसी ही एक शिकायत वैवाहिक क्रूरता का गठन करने के लिए पर्याप्त है।जस्टिस रितु बाहरी और जस्टिस अशोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने टिप्पणी की,"प्रतिवादी पत्नी भी अपीलकर्ता-पति के करियर और प्रतिष्ठा को नष्ट करने पर आमादा थी क्योंकि उसने वायु सेना में वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ शिकायत की थी।"...

वकीलों के लिए ड्रेस कोड के मुद्दे को देखने के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने पांच सदस्यीय समिति का गठन किया
वकीलों के लिए ड्रेस कोड के मुद्दे को देखने के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने पांच सदस्यीय समिति का गठन किया

बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने इलाहाबाद हाईकोर्ट को सूचित किया कि उसने वकीलों के लिए ड्रेस कोड के मुद्दे पर बार और न्यायपालिका के साथ विचार-विमर्श करने के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है।बीसीआई ने यह सबमिशन हाईकोर्ट द्वारा उसे जारी एक नोटिस के जवाब में दिया है, जो अदालत के समक्ष दायर याचिका पर वकीलों के लिए निर्धारित काले कोट और पोशाक के मौजूदा ड्रेस कोड पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहा है। इसमें आरोप लगाया गया कि यह भारत की जलवायु परिस्थितियों के खिलाफ है।उल्लेखनीय है कि जुलाई, 2021...

आर्टिकल 227 इस तरह की याचिकाओं के लिए  नहीं बना है: दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट द्वारा सिविल सूट के शीघ्र निपटान की मांग करने वाले पक्षकार पर 11 हजार का जुर्माना लगाया
"आर्टिकल 227 इस तरह की याचिकाओं के लिए नहीं बना है": दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट द्वारा सिविल सूट के शीघ्र निपटान की मांग करने वाले पक्षकार पर 11 हजार का जुर्माना लगाया

दिल्ली हाईकोर्ट ने दीवानी वाद पर शीघ्र निर्णय लेने के लिए ट्रायल कोर्ट को निर्देश देने की मांग करने वाले पक्षकार पर 11,000 रूपये का जुर्माना लगाया। हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि याचिका अदालत की प्रक्रिया का दुरुपयोग है।जस्टिस सी हरि शंकर ने कहा कि याचिका मामले से निपटने के लिए निचली अदालत पर दबाव बनाने के लिए हाईकोर्ट का उपयोग करने की कोशिश करने का एक साधन है।कोर्ट ने कहा,"आर्टिकल 227 इस तरह की याचिकाओं के लिए नहीं बना है।"तदनुसार, अदालत ने 11,000 रुपये के जुर्माने के साथ याचिका खारिज कर दी।...