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राजस्थान हाईकोर्ट
"बिना किसी शोध के याचिका दायर की गई" : राजस्थान हाईकोर्ट ने केवल 10 साल पुराने डीजल वाहनों के डी-रजिस्ट्रेशन को चुनौती देने वाली जनहित याचिका खारिज की

राजस्थान हाईकोर्ट ने दायर जनहित याचिका को खारिज कर दिया। इस याचिका में कहा गया कि अधिसूचना दिनांक 22.01.2018 को अल्ट्रा वायर्स घोषित किया जाए, क्योंकि निर्देश केवल 10 साल पुराने डीजल वाहनों के रजिस्ट्रेशन तक ही सीमित है, पेट्रोल वाहनों की तरह 15 साल तक के लिए नहीं है।जनहित याचिका भानु प्रताप सिंह नाम के व्यक्ति ने दायर की थी।कोर्ट ने कहा कि याचिका में कोई दम नहीं है। अदालत ने कहा कि कोई भी सामग्री रिकॉर्ड में नहीं रखी गई है कि याचिकाकर्ता किस आधार पर दावा करता है कि एक समान पुराने डीजल वाहन और...

Gujarat High Court
गुजरात हाईकोर्ट ने सीजीएसटी के सहायक आयुक्त को प्रक्रिया को पूरा करने में अत्यधिक देरी के कारण 2 महीने के भीतर मूल्यांकन कार्यवाही को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए

गुजरात हाईकोर्ट (Gujarat High Court) ने हाल ही में एक रिट जारी कर सीजीएसटी और केंद्रीय उत्पाद शुल्क के सहायक आयुक्त को आवेदक कंपनी से संबंधित अंतिम मूल्यांकन कार्यवाही शुरू करने और पूरा करने और दो महीने के भीतर आवेदक के पक्ष में बैंक गारंटी जारी करने का निर्देश दिया है।यहां आवेदक कंपनी ने बैंक गारंटी शुल्क के कारण 96,87,616 रुपये की मौद्रिक हानि भी दिखाई है और अपने रिट आवेदन में उसी के मुआवजे का दावा किया है। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस निशा ठाकोर ने रिट आवेदन में प्रार्थनाओं पर ध्यान देते...

रिट कोर्ट किसी उपभोक्ता को मुआवजा पाने का कानूनी अधिकार नहीं दे सकती: उड़ीसा हाईकोर्ट
रिट कोर्ट किसी उपभोक्ता को मुआवजा पाने का कानूनी अधिकार नहीं दे सकती: उड़ीसा हाईकोर्ट

उड़ीसा हाईकोर्ट के जस्टिस अरिंदम सिन्हा की एकल पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट की तरह रिट न्यायालय मुआवजे प्राप्त करने के लिए किसी व्यक्ति के कानूनी अधिकार पर निर्णय लेने के लिए अपने अधिकार क्षेत्र का प्रयोग नहीं कर सकता है। खासकर जब उस प्रभाव के लिए कोई नीति उपलब्ध नहीं है।रिट याचिका में समन्वय पीठ के आदेश दिनांक 29 मई, 2020 के अनुसार बिजली आपूर्ति कंपनी को शिकायत याचिका दिनांक 2 जुलाई, 2020 से निपटने के निर्देश के लिए याचिका दायर की गई थी। याचिकाकर्ता ने एक करोड़ रुपये के मुआवजे के साथ-साथ गलत तरीके से...

सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान प्रतिबंधित है: कर्नाटक हाईकोर्ट ने रेस्तरां को हुक्का धूम्रपान क्षेत्र चिह्नित करने और लाइसेंस लेने का निर्देश दिया
सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान प्रतिबंधित है: कर्नाटक हाईकोर्ट ने रेस्तरां को हुक्का धूम्रपान क्षेत्र चिह्नित करने और लाइसेंस लेने का निर्देश दिया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने सोहो पब एंड ग्रिल रेस्तरां को अपने ग्राहकों को हुक्का धूम्रपान करने की अनुमति देने के लिए लाइसेंस प्राप्त करने के बाद अपने परिसर में अलग क्षेत्र निर्धारित करने का निर्देश दिया।जस्टिस एसजी पंडित ने कहा,"हुक्का पीने से अन्य ग्राहकों को असुविधा नहीं होनी चाहिए, क्योंकि सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पर प्रतिबंध लगा हुआ है। हुक्का बार के लिए अलग स्पेस के साथ एक विशेष क्षेत्र आरक्षित करने की आवश्यकता है।"याचिकाकर्ताओं ने कानूनी गतिविधियों में हस्तक्षेप नहीं करने के लिए प्रतिवादियों...

केरल हाईकोर्ट
फैमिली कोर्ट के समक्ष कार्यवाही का मास्टर फैमिली कोर्ट का पीठासीन अधिकारी है, न कि पक्षकार; फैमिली कोर्ट सच्चाई का पता लगाने के लिए जांच कर सकती है: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट (Kerala High Court) ने हाल ही में कहा कि फैमिली कोर्ट के समक्ष कार्यवाही का मास्टर फैमिली कोर्ट का पीठासीन अधिकारी है, न कि पक्षकार, जबकि यह दोहराते हुए कि फैमिली कोर्ट सच्चाई का पता लगाने के लिए कोई भी जांच करने के लिए सक्षम है।जस्टिस ए. मोहम्मद मुस्ताक और जस्टिस सोफी थॉमस की एक खंडपीठ ने कहा कि एक पार्टी मांगी गई राहत को दबाने में सक्षम नहीं हो सकती है, लेकिन वे परिवार न्यायालय को सच्चाई की खोज से रोक नहीं सकते हैं।कोर्ट ने कहा, "फैमिली कोर्ट में जांच का दायरा पक्षों द्वारा उसके...

दिल्ली हाईकोर्ट ने केवीएस में कक्षा 1 में प्रवेश के लिए न्यूनतम छह वर्ष आयु मानदंड के खिलाफ दायर अपील खारिज की
दिल्ली हाईकोर्ट ने केवीएस में कक्षा 1 में प्रवेश के लिए न्यूनतम छह वर्ष आयु मानदंड के खिलाफ दायर अपील खारिज की

दिल्ली हाईकोर्ट ने नीति के कार्यान्वयन के बारे में अचानक कुछ भी नहीं कहे जाने पर शैक्षणिक वर्ष 2022-23 के लिए केंद्रीय विद्यालयों (केवीएस) में कक्षा एक में प्रवेश के लिए 6 वर्ष की न्यूनतम आयु मानदंड में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।एक्टिंग चीफ जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस नवीन चावला की पीठ ने एकल न्यायाधीश के आदेश के खिलाफ दायर अपील को खारिज कर दिया, जिसमें न्यूनतम आयु मानदंड को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया गया था।अपील तीन जून, 2016 को पैदा हुई एक नाबालिग लड़की द्वारा की गई है,...

God Does Not Recognize Any Community, Temple Shall Not Be A Place For Perpetuating Communal Separation Leading To Discrimination
मद्रास हाईकोर्ट ने एससी/एक्ट संशोधन अधिनियम 2016 के तहत 2014 में किए गए अपराध के लिए पीड़ित को मुआवजा देने का निर्देश दिया

मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) संशोधन नियम, 2016 के तहत मुआवजे का दावा करने वाली अनुसूचित जाति समुदाय की पीड़िता द्वारा दायर याचिका को अनुमति दे दी है। उसके खिलाफ वर्ष 2014 में एक अपराध किया गया था।आदेश पारित करते हुए न्यायमूर्ति जी. इलंगोवन ने कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) संशोधन नियम, 2016 के अनुसार पीड़िता 5,00,000 रुपए की राहत और मुआवजे की...

दिल्ली हाईकोर्ट
'हम जांच करेंगे': टियर -1 लॉ फर्म में महिला वकील के कथित यौन उत्पीड़न पर दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि वह टियर-1 लॉ फर्म में महिला वकील के यौन उत्पीड़न और आपराधिक धमकी से संबंधित आरोपों की जांच करेगा।लंच के बाद के सत्र के दौरान एक्टिंग चीफ जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस नवीन चावला की खंडपीठ के समक्ष इस मुद्दे का उल्लेख किया गया।महिला वकील ने भी खुद को यौन उत्पीड़न का शिकार होने का दावा करते हुए हाईकोर्ट की यौन उत्पीड़न समिति द्वारा मामले की जांच करने का आग्रह किया था।उन्होंने लीगली इंडिया वेबसाइट के एक सूत्र का हवाला दिया, जहां एक "व्हिसलब्लोअर" ने महिला वकील की...

आपत्तिजनक परिस्थितियों की श्रृंखला के लिए कोई ठोस स्पष्टीकरण नहीं दिया गया: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पत्नी की हत्या करने वाले व्यक्ति की आजीवन कारावास की सजा बरकरार रखी
आपत्तिजनक परिस्थितियों की श्रृंखला के लिए कोई ठोस स्पष्टीकरण नहीं दिया गया: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पत्नी की हत्या करने वाले व्यक्ति की आजीवन कारावास की सजा बरकरार रखी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपीलकर्ता-दोषी द्वारा आपत्तिजनक परिस्थितियों की श्रृंखला को समझाने के लिए कोई स्पष्ट स्पष्टीकरण नहीं दिए जाने पर वर्ष 2004 में अपनी पत्नी की हत्या करने वाले व्यक्ति को दी गई आजीवन कारावास की सजा बरकरार रखी।जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस समीर जैन की खंडपीठ ने विशेष रूप से देखा कि दोषी-अपीलकर्ता की ओर से कुछ भी रिकॉर्ड में नहीं आया कि वह कहीं और रहता था या कहीं और लाभ के लिए काम करता था, जिस कारण वह रात को अपराध स्थल पर मौजूद नहीं था।मामला/तथ्य संक्षेप मेंशिकायतकर्ता की बड़ी बहन...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
''समलैंगिक विवाह को मान्यता देना भारतीय संस्कृति, कानूनों और धर्म के खिलाफ होगा'': यूपी सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया

उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष समलैंगिक विवाह को मान्यता देने का विरोध करते हुए कहा कि इस तरह के विवाह भारतीय संस्कृति और भारतीय धर्मों के खिलाफ हैं और भारतीय कानूनों के अनुसार अमान्य होंगे, जिन्हें एक पुरुष और एक महिला की अवधारणा/अस्तित्व को ध्यान में रखकर बनाया गया है। जस्टिस शेखर कुमार यादव की खंडपीठ के समक्ष यह प्रस्तुत किया गया है। पीठ एक मां की तरफ से दायर एक हैबियस कार्पस (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसने अपनी बेटी (23 वर्षीय) की...

हाईकोर्ट सीआरपीसी की धारा 482 के क्षेत्राधिकार का प्रयोग करते हुए ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई सजा को साथ-साथ चलने का निर्देश दे सकता है: मद्रास हाईकोर्ट
हाईकोर्ट सीआरपीसी की धारा 482 के क्षेत्राधिकार का प्रयोग करते हुए ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई सजा को साथ-साथ चलने का निर्देश दे सकता है: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि सीआरपीसी की धारा 427 की व्याख्या करते हुए कहा कि एक ही प्रकृति के अपराध के लिए बाद के मामलों में पारित कारावास की सजा भुगतने के संबंध में सजा एक साथ चलेगी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि वह सीआरपीसी की धारा 482 के तहत अपने अधिकार क्षेत्र का प्रयोग कर सकती है और निर्देश जारी कर सकती है कि निचली अदालत द्वारा गी गई सजा साथ-साथ चलेगी।मदुरै खंडपीठ के जस्टिस जीके इलांथिरैयान ने मुरुगन उर्फ ​​पन्नी मुरुगन द्वारा दायर याचिका पर फैसला करते हुए उपरोक्त का अवलोकन किया।...

P&H High Court Dismisses Protection Plea Of Married Woman Residing With Another Man
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने 'कानूनी नैतिकता के सम्मानित सिद्धांतों को कारगर बनाने' के लिए बार से सुझाव मांगे

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने कानूनी नैतिकता के सम्मानित सिद्धांतों को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से पंजाब और हरियाणा के बार काउंसिल के अध्यक्ष और हाईकोर्ट बार एसोसिएशन से भी सुझाव आमंत्रित किए हैं।जस्टिस जसगुरप्रीत सिंह पुरी की खंडपीठ ने न्यायालय के प्रति वकील के कर्तव्य से संबंधित कानूनी नैतिकता के आभाव वाले क्षेत्रों का पता लगाने के लिए भारत के संविधान के अनुच्छेद 226 सपठित सीआरपीसी की धारा 482 के तहत अपने सामान्य अधिकार क्षेत्र का उपयोग करते हुए सुझाव मांगे।बेंच अमनप्रीत और अन्य द्वारा दायर...

मद्रास हाईकोर्ट
वकील को वर्चुअल कोर्ट के दौरान महिला के साथ कनूडलिंग करते देखा गया: मद्रास हाईकोर्ट ने वकील को दो सप्ताह की कैद के साथ जुर्माना लगाया

जस्टिस पी.एन. प्रकाश और जस्टिस ए.ए. नक्किरन की मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) की खंडपीठ ने हाल ही में तमिलनाडु और पुडुचेरी बार काउंसिल में प्रैक्टिस करने वाले एक वकील आर.डी संथाना कृष्णन को दो सप्ताह के लिए साधारण कारावास और 6000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।आर डी संथाना कृष्णन को 20.12.2021 को वर्चुअल अदालती कार्यवाही में भाग लेने के दौरान एक महिला के साथ कनूडलिंग करते देखा गया। उक्त घटना की वीडियो क्लिपिंग वायरल हो गई और अदालत ने इस मुद्दे पर स्वत: संज्ञान लिया था।पीठ ने 21.12.2021 को...

इलाहाबाद हाईकोर्ट से अपने आचरण के लिए फटकारे जाने वाले अतिरिक्त महाधिवक्ता को राज्य सरकार ने पद से हटाया
इलाहाबाद हाईकोर्ट से अपने आचरण के लिए फटकारे जाने वाले अतिरिक्त महाधिवक्ता को राज्य सरकार ने पद से हटाया

उत्तर प्रदेश सरकार ने अतिरिक्त महाधिवक्ता के रूप में एडवोकेट ज्योति सिक्का की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी। शासन सचिव प्रफुल्ल कमल ने इस आशय का पत्र उत्तर प्रदेश के महाधिवक्ता कार्यालय को भिजवाया।राज्य सरकार ने सरकारी वकील अमित शर्मा की नियुक्त भी रद्द कर दी। दोनों सरकारी वकीलों को साल 2017 में नियुक्त किया गया था।इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में दोनों सरकारी वकीलों को उनके आचरण के लिए फटकार लगाई थी।सरकारी वकील अमित शर्मा दो मार्च, 2022 को याचिकाकर्ता राज्य [यू.पी. वन विभाग के माध्यम से...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
"राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मामला": इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पाकिस्तानी नागरिकों के संपर्क के आरोपी नेपाली नागरिक को जमानत देने से इनकार किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को एक नेपाली नागरिक को जमानत देने से इनकार कर दिया। उक्त नेपाली नागरिक पर पाकिस्तानी नागरिकों से संबंधित 11 नंबरों के नियमित संपर्क में होने का आरोप लगाया गया है।जस्टिस कृष्ण पहल की खंडपीठ ने उन्हें इस आधार पर जमानत देने से इनकार कर दिया कि मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित है। कोर्ट ने कहा कि आवेदक भारतीय नागरिक नहीं है और इसलिए, वह जमानत पर रिहा होने के लायक नहीं है।जमानत आवेदक मो. सलीम खान को यूपी पुलिस ने 28 फरवरी, 2021 को गिरफ्तार किया था। उसके कब्जे से तीन...

दुर्भाग्य से भारत में लड़कियां बहुत कमजोर स्थिति में हैं: केरल कोर्ट ने 9 साल की बच्ची के साथ बलात्कार मामले दोषी को सजा सुनाई
'दुर्भाग्य से भारत में लड़कियां बहुत कमजोर स्थिति में हैं': केरल कोर्ट ने 9 साल की बच्ची के साथ बलात्कार मामले दोषी को सजा सुनाई

केरल की स्पेशल POCSO कोर्ट ने एक 53 वर्षीय व्यक्ति को 9 साल की बच्ची के साथ बार-बार बलात्कार (Rape) करने के लिए दोषी ठहराया और उसे आईपीसी की धारा 376 (f) (i) (नाबालिग से बलात्कार) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा 5 (एल) (एम) (पी) आर / डब्ल्यू 6 और 9 (एल) (एम) (पी) आर / डब्ल्यू 10 के तहत दोषी पाया गया।व्यक्ति को दोषी ठहराते हुए विशेष न्यायाधीश आर. जयकृष्णन ने कहा कि आरोपी को सजा में कोई ढील नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि उसने अपनी पोती के समान मासूम लड़की पर अत्याचार किया...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने शाहिद कपूर अभिनीत फिल्म जर्सी की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने शाहिद कपूर अभिनीत फिल्म 'जर्सी' की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार किया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को एक लेखक द्वारा दायर कॉपीराइट उल्लंघन के मुकदमे में शाहिद कपूर अभिनीत फिल्म 'जर्सी' की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।यह फिल्म 22 अप्रैल, 2022 को सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार है।जस्टिस रियाज छागला ने उस मामले की सुनवाई की जिसमें आरोप लगाया कि वादी रूपेश जायसवाल की पटकथा के कई पहलुओं जैसे कहानी और अवधारणा जर्सी के निर्माताओं द्वारा चोरी की गई है। फिल्म की कहानी और अवधारणा एक तेलुगु फिल्म की रीमेक है।दोनों पक्षों की दलीलें सुनकर जस्टिस छागला ने...