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"यूपी गोसेवा आयोग में 25,000 रुपए जमा करें": इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 'यूपी में गो-हत्या निवारण अधिनियम' के तहत दर्ज मामले में व्यक्ति पर जमानत की शर्त लगाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में उत्तर प्रदेश गो-हत्या निवारण अधिनियम, 1955 के तहत दर्ज मामले में एक व्यक्ति को इस शर्त पर जमानत दी कि वह 'यूपी गोसेवा आयोग, लखनऊ' में जेल से रिहा होने की तारीख से चार सप्ताह के भीतर 25,000 रुपये जमा करेगा।जस्टिस सौरभ लावानिया की पीठ ने एक सोनू कसाई को जमानत देते हुए यह आदेश जारी किया, जिसे गोहत्या अधिनियम, 1955 की धारा 3/5/8 के तहत मांस / गोमांस (कथित रूप से गाय) के कब्जे में पाए जाने के बाद केस, दर्ज किया गया था।वकील ने अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया कि उनके कब्जे...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (16 मई, 2022 से 20 मई, 2022 तक) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।सीआरपीसी की धारा 389| यदि सजा 10 साल से कम है तो सजा के निलंबन के आवेदन पर उदारतापूर्वक विचार किया जाना चाहिए: जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने दोहरायाजम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में दोहराया कि सीआरपीसी की धारा 389 के प्रावधान के अनुसार, यदि दोषी को दस साल से कम की अवधि के लिए कारावास की...
ज्ञानवापी मस्जिद से संबंधित पोस्ट पर गिरफ्तार डीयू के प्रोफेसर को दिल्ली कोर्ट ने जमानत दी
दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) में इतिहास के प्रोफेसर रतन लाल को जमानत दे दी, जिन्हें ज्ञानवापी मस्जिद के बारे में हालिया विवाद के संबंध में एक सोशल मीडिया पोस्ट पर गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने देखा कि एक व्यक्ति द्वारा महसूस की गई चोट की भावना पूरे समूह या समुदाय का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकती। रतन लाल को ज्ञानव्यपी मस्जिद से संबंधित धार्मिक सद्भाव को बिगाड़ने के लिए फेसबुक पर कथित मानहानिकारक और उकसाने वाली सामग्री पोस्ट करने के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 153ए और...
दिल्ली हाईकोर्ट ने गर्मी की छुट्टियों के दौरान अर्जेंट मामलों की सुनवाई की व्यवस्था के लिए अधिसूचना जारी की
दिल्ली हाईकोर्ट ने 6 जून से 1 जुलाई, 2022 तक शुरू होने वाली गर्मी की छुट्टियों, 2022 के दौरान अर्जेंट मामलों की सुनवाई की व्यवस्था को अधिसूचित किया है। व्यवस्था निम्नलिखित शर्तों में है:- जस्टिस मनोज कुमार ओहरी और जस्टिस पूनम ए. बंबा: 4 जून से 10 जून-जस्टिस ज्योति सिंह और जस्टिस अनूप कुमार मेंदीरत्ता: 11 जून से 17 जून-जस्टिस जसमीत सिंह और जस्टिस दिनेश कुमार शर्मा: 18 जून से 24 जून-जस्टिस संजीव नरूला और जस्टिस नीना बंसल कृष्णा: 25 जून से 1 जुलाईजज अविलंब सिविल और क्रिमिनल मामलों और ऐसे अन्य...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने घोषित अपराधी की गिरफ्तारी पर रोक लगाई
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में एक व्यक्ति की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। उक्त व्यक्ति को ट्रायल कोर्ट द्वारा अपराधी घोषित (Proclaimed Offender) किया गया था, जबकि उसे अदालत के सामने इस शर्त के साथ आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया गया था कि उसे उसी दिन जमानत पर रिहा किया जाएगा, बशर्ते कि जमानत बांड और अन्य उपयुक्त अतिरिक्त शर्तें प्रस्तुत कर दी जाए।यह आदेश इस तथ्य के आलोक में पारित किया गया था कि उद्घोषित अपराधी ने स्वयं सीआरपीसी की धारा 482 के तहत दायर याचिका में उद्घोषणा के आदेश को चुनौती...
उचित औचित्य के बिना अपील दायर करने में 18 महीने की देरी: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जीएसटी पंजीकरण रद्द करने को बरकरार रखा
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की पीठ ने जीएसटी पंजीकरण रद्द करने के एक फैसले को बरकरार रखा है क्योंकि उचित औचित्य के बिना अपील दायर करने में 18 महीने की देरी हुई थी। पीठ में जस्टिस शील नागू और जस्टिस मनिंदर एस भट्टी शामिल थे।याचिकाकर्ता कंपनी/निर्धारिती को माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 के तहत पंजीकृत किया गया था। रिटर्न दाखिल न करने के कारण, याचिकाकर्ता को आवंटित जीएसटी नंबर रद्द कर दिया गया था। रद्द करने के खिलाफ याचिकाकर्ता ने अपील दायर की। अपील खारिज कर दी गई।करदाता ने जीएसटी पंजीकरण रद्द करने के आदेश...
एनसीबी अधिकारी एविडेंस एक्ट की धारा 25 के तहत पुलिस अधिकारी हैं, एनडीपीएस अधिनियम की धारा 67 के तहत इकबालिया बयान अस्वीकार्य : जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट
जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के अधिकारी एविडेंस अधिनियम की धारा 25 के तहत पुलिस अधिकारी हैं।जस्टिस मोहन लाल ने कहा कि एनडीपीएस अधिनियम की धारा 67 के तहत दर्ज इकबालिया बयान अधिनियम के तहत अपराध के लिए मुकदमे में अस्वीकार्य रहेगा।याचिकाकर्ता ने नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट की धारा 8/20/29 के तहत अपराध के एक मामले में जमानत की मांग करते हुए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 439 के तहत अपील दायर की थी। यह माना गया...
पत्नी के नाम पर खरीदी गई संपत्ति के लिए पति कैपिटल गेन छूट का हकदार: आईटीएटी
आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (आईटीएटी) की डॉ. एस. सीतालाश्मी (न्यायिक सदस्य) और राठौड़ कमलेश जयंतभाई (लेखाकार सदस्य) की जयपुर पीठ ने कहा कि पत्नि के नाम पर खरीदी गई संपत्ति के लिए कैपिटल गेन छूट का हकदार है।निर्धारिती कौशलेंद्र सिंह ने 14,75,000 रुपये में अचल संपत्ति बेची। जिसकी कीमत स्टाम्प ड्यूटी प्राधिकरण द्वारा 14,79,960 रुपये आंकी गई। बिक्री प्रतिफल से बाहर निर्धारिती (Assessee) ने आयकर अधिनियम की धारा 54एफ के प्रावधानों के तहत निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी पत्नी के नाम पर एक नई आवासीय गृह...
परिस्थितिजन्य साक्ष्य पर बड़े पैमाने पर निर्भर मामले में हमेशा खतरा होता है कि अनुमान कानूनी सबूत का स्थान ले सकता है: उत्तराखंड हाईकोर्ट
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने हाल ही में यह माना कि परिस्थितिजन्य साक्ष्य पर बड़े पैमाने पर निर्भर होने वाले मामलों में हमेशा एक खतरा होता है कि अनुमान या संदेह कानूनी सबूत की जगह ले सकता है।कार्यवाहक चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्रा और जस्टिस रमेश चंद्र खुल्बे की खंडपीठ ने कहा कि,"कानून अच्छी तरह से स्थापित है कि प्रत्येक दोषी ठहराने वाली परिस्थिति को विश्वसनीय और पुख्ता सबूतों द्वारा स्पष्ट रूप से स्थापित किया जाना चाहिए और इस तरह साबित हुई परिस्थितियों को घटनाओं की एक श्रृंखला बनानी चाहिए जिससे आरोपी के...
'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण': छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जमानत के बावजूद छह साल से जेल में बंद एसटी समुदाय के तीन आरोपियों को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अप्रैल 2016 में जमानत मिलने के बाद भी 6 साल से जेल बंद रहने को "बेहद दुर्भाग्यपूर्ण मामला" बताते हुए उक्त अनुसूचित जनजाति समुदाय के तीनों आरोपियों को रिहा करने का आदेश दिया।जस्टिस संजय के अग्रवाल और जस्टिस रजनाई दुबे की खंडपीठ ने कहा कि उनकी गरीबी के आधार पर जमानत बांड प्रस्तुत करने में असमर्थता के कारण कैद जारी रही। इस प्रकार, न्यायालय ने आदेश दिया कि अभियुक्तों को केवल 5,000/- रुपये के निजी मुचलके को निष्पादित करने पर रिहा किया जाए।पीठ ने सदस्य सचिव, छत्तीसगढ़ राज्य विधिक...
सीएनएन न्यूज: दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रेडमार्क उल्लंघन के मुकदमे में तीन लाख का मुआवजा दिया, समान चिह्न के उपयोग के खिलाफ स्थायी निषेधाज्ञा दी
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में केबल न्यूज नेटवर्क (सीएनएन) न्यूज चैनल द्वारा दायर ट्रेडमार्क उल्लंघन के एक मामले में एक जैसी समाचार सेवाएं प्रदान करने वाले विभिन्न संस्थाओं के खिलाफ 'सीएनएन' जैसे चिन्ह इस्तेमाल करने पर स्थायी निषेधाज्ञा दी है।जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने मामले में सीएनएन न्यूज चैनल के पक्ष में 3 लाख का जुर्माना भी लगाया। उन्होंने कहा, 'सीएनएन' चिह्न पर कंपनी का अधिकार निर्विवाद है और इसे एक प्रसिद्ध चिह्न के रूप में घोषित किया गया है।'उन्होंने कहा, "इस प्रकार, एक जैसी सेवाओं के लिए...
मद्रास हाईकोर्ट ने मंदिर में दो संप्रदायों को पाठ करने की अनुमति देने वाले सिंगल जज के आदेश पर रोक लगाई
मद्रास हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सिंगल जज के उस आदेश पर रोक लगा दी जिसमें दो संप्रदायों- तेंगलाई संप्रदाय और वडागलाई संप्रदाय को कांचीपुरम के देवराजस्वामी मंदिर में श्रीशैला दयापथरम नाम के प्रारंभिक पाठ का जाप करने की अनुमति दी गई थी।सिंगल जज ने एक रिट याचिका में आदेश पारित किया था जिसमें पूजा और अनुष्ठानों के पालन सहित मंदिर की गतिविधियों को विनियमित करने वाले अरुल्मिघु देवराजस्वामी थिरुकोविल के सहायक आयुक्त/ कार्यकारी ट्रस्टी द्वारा जारी नोटिस की वैधता पर सवाल उठाया गया था। कार्यकारी न्यासी ने...
उड़ीसा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा चचेरे भाई की हत्या के आरोपी की सजा को माफ करने के बाद उसकी उम्रकैद को बरकरार रखा
उड़ीसा हाईकोर्ट ने अपने चचेरे भाई की हत्या करने वाले आरोपी की दोषसिद्धि के बाद उसकी आजीवन कारावास की सजा की पुष्टि की है।चीफ जस्टिस डॉ. एस. मुरलीधर और जस्टिस राधा कृष्ण पटनायक की खंडपीठ ने अपनी दोषसिद्धि के खिलाफ आरोपी द्वारा दायर अपील को खारिज करते हुए कहा कि विचारण न्यायालय के तर्कयुक्त आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं मिल पाया।हालाँकि, न्यायालय के ध्यान में लाया गया कि अपील के लंबित रहने के दौरान, ओडिशा सरकार ने दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 432 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग...
सीआरपीसी की धारा 389| यदि सजा 10 साल से कम है तो सजा के निलंबन के आवेदन पर उदारतापूर्वक विचार किया जाना चाहिए: जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने दोहराया
जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में दोहराया कि सीआरपीसी की धारा 389 के प्रावधान के अनुसार, यदि दोषी को दस साल से कम की अवधि के लिए कारावास की सजा दी जाती है तो आरोपी द्वारा उसकी सजा को निलंबित करने और जमानत पर रिहा करने के लिए लोक अभियोजक/राज्य को दायर आवेदन के संबंध में कोई नोटिस की आवश्यकता नहीं है।जस्टिस मोहन लाल ने भगवान राम शिंदे गोसाई और अन्य बनाम गुजरात राज्य के मामले का उल्लेख किया, जहां यह माना गया था कि सीआरपीसी की धारा 389 में सजा के निलंबन और आरोपी/दोषी को जमानत देने में...
बंगाल के मालदा जिले में जबरन धर्म परिवर्तन: कलकत्ता हाईकोर्ट ने सीबीआई-एनआईए जांच के आदेश दिए
कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और राष्ट्रीय जांच प्राधिकरण (एनआईए) को पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में जबरन धर्म परिवर्तन के एक कथित मामले की जांच करने का आदेश दिया है।जस्टिस राजशेखर मंथा दो महिलाओं द्वारा दायर एक याचिका पर फैसला सुना रहे थे, जिन्होंने दावा किया था कि उनके पति, रिश्तेदार के भाई और जिले के कालियाचक क्षेत्र के निवासियों को एक राजनीतिक दल के लिए काम करने की सजा के तहत हिंदू धर्म से इस्लाम में परिवर्तित कर दिया गया था जो पिछला विधानसभा चुनाव हार गया...
राजस्थान हाईकोर्ट ने 2015 से जेल में बंद हत्या के आरोपी को उसकी नाबालिग बेटी के साथ जमानत दी
राजस्थान हाईकोर्ट ने हत्या मामले में आरोपी-महिला को उसकी नाबालिग बेटी के साथ जमानत दे दी है, जो जून 2015 से जेल में बंद है।यह देखते हुए कि मुकदमा अभी भी लंबित है और यह सूचित किए जाने पर कि गवाहों के कारण देरी के कारण इसे रोक दिया गया है, जस्टिस मनोज कुमार गर्ग ने उनकी दूसरी जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया। महिला 2 जून, 2015 से आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 120-बी (आपराधिक साजिश) और 201 (गायब होने के कारण और शस्त्र अधिनियम की धारा 4/25 के तहत दंडनीय अपराधों के लिए पुलिस स्टेशन कुरी भगतसनी, जोधपुर...
दिल्ली दंगे: मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए अदालत ने बीमार माता-पिता से मिलने के लिए शाहरुख पठान को चार घंटे के लिए पैरोल दी
दिल्ली की एक अदालत ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए शाहरुख पठान को चार घंटे की कस्टडी पैरोल दी है। पठान ने उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान पुलिसकर्मी पर बंदूक तान दी थी। दंगों के दौरान पुलिस कर्मियों को सशस्त्र भीड़ द्वारा चोटें आईं और एक पुलिस कर्मी रोहित शुक्ला को बंदूक की गोली से चोट लगने वाले मामले में एफआईआर नंबर 49/2020 जाफराबाद पुलिस स्टेशन में दर्ज है।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने पठान को उसके द्वारा दायर आवेदन में इस आधार पर राहत दी कि उसके पिता की तबियत खराब है और वह उससे कुछ...
[सीआरपीसी की धारा 125] मां कमा रही है तो भी पिता बच्चे की जिम्मेदारी लेने से नहीं बच सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पाया है कि पिता कानूनी रूप से स्थिति और जीवन शैली के अनुसार अपने बच्चे की देखभाल करने के लिए बाध्य है और इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि बच्चे की मां भी काम कर रही है और कमा रही है।जस्टिस राज बीर सिंह की खंडपीठ ने आगे कहा कि एक पिता को बच्चे को पालने की जिम्मेदारी से इस आधार पर मुक्त नहीं किया जा सकता है कि बच्चा उसके प्रति दया नहीं दिखाता है।इसके साथ ही कोर्ट ने एक फैमिली कोर्ट के उस आदेश को खारिज कर दिया, जिसमें एक लड़की ने सीआरपीसी की धारा 125 के तहत अपने पिता से गुजारा भत्ता...
डॉक्टरों की हड़ताल: मरीजों की तकलीफ की वास्तविक जानकारी के अभाव में अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं कर सकते, मीडिया रिपोर्ट पर्याप्त नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने नवंबर, 2021 की हड़ताल में कथित रूप से शामिल डॉक्टरों के खिलाफ अनुशासत्मक कार्रवाई शुरू करने के आदेश जारी करने से इनकार कर दिया।एक्टिंग चीफ जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस सचिन दत्ता की खंडपीठ ने कोलकाता स्थित गैर सरकारी संगठन 'पीपल फॉर बेटर ट्रीटमेंट' द्वारा दायर जनहित याचिका का निपटारा करते हुए कहा,"हमारे विचार में किसी भी अनुशासनात्मक कार्रवाई से पहले शिकायतकर्ता के लिए यह आवश्यक होगा कि वह वास्तविक घटनाओं के आधार पर विशिष्ट शिकायत करने के लिए पहले स्टेट मेडिकल काउंसिल से...
वारंट जारी करने और जमानतदारों को नोटिस जारी करने के लिए समन जारी करना एक पूर्व शर्त : केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि वारंट जारी करने और जमानतदारों को नोटिस जारी करने के लिए समन जारी करना एक पूर्व शर्त है।जस्टिस मैरी जोसेफ ने कहा कि एनडीपीएस कोर्ट पहले समन जारी किए बिना याचिकाकर्ता को वारंट जारी करने और जमानतदारों को नोटिस जारी करने में अनुचित था।"समन जारी किए बिना, याचिकाकर्ता को वारंट जारी करने और जमानतदारों को नोटिस जारी करने का सहारा लिया गया था। ऐसा करने में विशेष अदालत अत्यधिक अनुचित है।"याचिकाकर्ता को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 (एनडीपीएस एक्ट)...




















