मुख्य सुर्खियां

मद्रास हाईकोर्ट ने प्रकृति मां को एक जीवित प्राणी के रूप में घोषित किया, जिसके पास एक जीवित व्यक्ति के सभी अधिकार कर्तव्य और दायित्व हैं
मद्रास हाईकोर्ट ने 'प्रकृति मां' को एक जीवित प्राणी के रूप में घोषित किया, जिसके पास एक जीवित व्यक्ति के सभी अधिकार कर्तव्य और दायित्व हैं

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में "माता-पिता के अधिकार क्षेत्र" को लागू किया और "मातृ प्रकृति" को एक कानूनी इकाई / कानूनी व्यक्ति / न्यायिक व्यक्ति/ नैतिक व्यक्ति / कृत्रिम व्यक्ति के रूप में "जीवित प्राणी" के रूप में घोषित किया, जिसे सभी संबंधित अधिकारों, कर्तव्यों और देनदारियों के साथ कानूनी व्यक्ति का दर्जा प्राप्त हो, ताकि उसे संरक्षित किया जा सके।मदुरै पीठ की न्यायमूर्ति एस. श्रीमती ने यह भी कहा कि प्रकृति के पास अपनी स्थिति बनाए रखने और अपने स्वास्थ्य और भलाई को बढ़ावा देने के लिए अपने...

दिल्ली हाईकोर्ट, दिल्ली
मध्यस्थता और सुलह अधिनियम की धारा 11 | कोर्ट को मध्यस्थ की नियुक्ति के दावे/प्रति-दावे के गुण-दोष में जाने की आवश्यकता नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि हाईकोर्ट को मध्यस्‍थ की नियुक्त‌ि के लिए मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 11 के तहत दायर एक याचिका में पक्षों के दावे या प्रति-दावे, यदि कोई हो, के गुण-दोषों का विश्लेषण नहीं करना है।जस्टिस संजीव सचदेवा ने कहा कि जब तक कि रिकॉर्ड से यह स्पष्ट न हो कि विवाद की कोई उपयोगिता नहीं है, हाईकोर्ट को इस बात की जांच करनी है कि क्या पक्षों के बीच कोई मध्यस्थता समझौता है और कोई विवाद है।मौजूदा मामले में कोर्ट ओयो होटल्स एंड होम्स प्राइवेट लिमिटेड की याचिका पर विचार कर...

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर टिप्पणी करने के मामले में डॉ कुमार विश्वास की गिरफ्तारी पर रोक लगाई
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर टिप्पणी करने के मामले में डॉ कुमार विश्वास की गिरफ्तारी पर रोक लगाई

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व नेता और कवि कुमार विश्वास को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर उनके द्वारा दिए गए बयानों के संबंध में पंजाब पुलिस द्वारा उनके खिलाफ दर्ज मामले में गिरफ्तारी पर रोक लगा दी।जस्टिस अनूप चितकारा की खंडपीठ ने कुमार विश्वास की उस याचिका पर आदेश जारी किया जिसमें एफआईआर को चुनौती दी गई थी। अपनी इस याचिका में कुमार विश्वास ने खुद के खिलाफ किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने, जांच पर रोक लगाने और गिरफ्तारी/परिणामी कार्यवाही पर रोक लगाने...

दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीएसई, आईसीएसई और सभी राज्य बोर्ड स्कूलों में समान पाठ्यक्रम की मांग वाली याचिका में केंद्र सरकार से जवाब मांगा
दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीएसई, आईसीएसई और सभी राज्य बोर्ड स्कूलों में "समान पाठ्यक्रम" की मांग वाली याचिका में केंद्र सरकार से जवाब मांगा

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने भाजपा नेता और एडवोकेट अश्विनी कुमार उपाध्याय (Advocate Ashwini Kumar Upadhyay) द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें सीबीएसई, आईसीएसई और राज्य बोर्डों सहित सभी बोर्डों में 'समान पाठ्यक्रम' की मांग की गई है।कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति नवीन चावला की खंडपीठ ने केंद्र सरकार को इस मामले में 6 सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।दलील इस बात पर प्रकाश डालती है कि सभी प्रवेश परीक्षाएं जैसे JEE, BITSAT, NEET,...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
घटना के साथ ही या उसके तुरंत बाद ‌‌दिए गए ऐसे बयान, जो इधर-उधर से सुने गए थे, साक्ष्य अधिनियम की धारा 6 के तहत साक्ष्य के रूप में स्वीकार्य: एमपी हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने हाल ही में कहा कि घटना के साथ ही या उसके तुरंत बाद मृतक की ओर से दिया गया बयान भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 32 के तहत मृत्युकालीन घोषणा (dying declaration) के रूप में स्वीकार्य होगा।इसके अलावा, मृतक द्वारा कहे गई बातों के संबंध में शिकायतकर्ताओं द्वारा दिए गए बयान, हालांकि इधर-उधर से सुने हुए, भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 6 के तहत स्वीकार्य हैं। (रेस जेस्टे res gestae का नियम)मौजूदा मामले में जस्टिस सुबोध अभ्यंकर और जस्टिस एसके सिंह निचली अदालत द्वारा...

चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद हस्तक्षेप करने के लिए रिट क्षेत्राधिकार का प्रयोग नहीं किया जा सकता: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद हस्तक्षेप करने के लिए रिट क्षेत्राधिकार का प्रयोग नहीं किया जा सकता: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में आंध्र प्रदेश पारस्परिक रूप से सहायता प्राप्त सहकारी समिति अधिनियम, 1995 के तहत रजिस्टर्ड बैंक की चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। याचिका में चुनाव को अनियमित और कानून के विपरीत बताया गया था, लेकिन अदालत ने माना कि चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद इसे रोक नहीं सकता।मामले के संक्षिप्त तथ्ययह याचिकाकर्ता का मामला है कि वह प्रतिवादी बैंक का सदस्य है, जो आंध्र प्रदेश पारस्परिक सहायता प्राप्त सहकारी समिति अधिनियम, 1995 के प्रावधानों के तहत...

मद्रास हाईकोर्ट
अपने मुवक्किल का प्रतिनिधित्व करने वाले एडवोकेट को समन जारी करना एडवोकेट के कद को प्रभावित करता है: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) के न्यायमूर्ति एन आनंद वेंकटेश ने सीआरपीसी की धारा 91 और 160 के तहत एक पक्ष का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील को समन भेजने वाले पुलिस अधिकारियों के रवैये और लापरवाही को गंभीरता से लिया है।अदालत ने कहा कि यह आदेश बिना सोचे-समझे दिया गया और इस तरह का समन जारी करना एक वकील के कद को प्रभावित करता है।अदालत ने इस तरह के रवैये और लापरवाही को गंभीरता से लिया जिस तरह से पुलिस ने याचिकाकर्ता के वकील को समन भेजा था।ए शंकर द्वारा इस आधार पर अवमानना याचिका दायर की गई थी कि...

हाईकोर्ट के रिट क्षेत्राधिकार के तहत पुलिस द्वारा अनुचित जांच के मुद्दे का निर्णय नहीं किया जा सकता: तेलंगाना हाईकोर्ट
हाईकोर्ट के रिट क्षेत्राधिकार के तहत पुलिस द्वारा अनुचित जांच के मुद्दे का निर्णय नहीं किया जा सकता: तेलंगाना हाईकोर्ट

तेलंगाना हाईकोर्ट ने हाल ही में फैसला सुनाया कि रिट याचिका में पुलिस द्वारा दिन-प्रतिदिन की गतिविधियों में निष्क्रियता का फैसला नहीं किया जा सकता। बस, निजी शिकायत दर्ज करनी होगी।जस्टिस ललिता कन्नेगंती ने कहा:"दिन-प्रतिदिन कई रिट याचिकाएं दायर की जा रही हैं, जिसमें कहा गया है कि पुलिस उचित जांच नहीं कर रही है, आरोप पत्र दाखिल नहीं कर रही है और न ही वे आरोपियों को गिरफ्तार कर रहे हैं। इन मुद्दों पर इस न्यायालय द्वारा निर्णय नहीं किया जा सकता है, जबकि संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत अधिकारिता का...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
"रक्षक कहे जाने वाले पुलिस कर्मी हमलावर हो गए": इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अंतर जातीय विवाह करने वाली लड़की पर कथित रूप से हमला करने वाले पुलिस के खिलाफ जांच के आदेश दिए

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने हाल ही में एस.एस.पी., वाराणसी को एक लड़की द्वारा लगाए गए आरोप की जांच करने का निर्देश दिया। आरोप है कि उसके साथ यूपी पुलिस कर्मियों द्वारा हमला किया गया है, जिसने अंतर्जातीय विवाह किया है।कोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि आरोप सही पाए जाने पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए।अहम बात यह है कि अपनी नाराजगी जताते हुए जस्टिस राहुल चतुर्वेदी की बेंच ने इसे अस्वीकार्य स्थिति बताया और टिप्पणी की कि रक्षक कहे जाने वाले पुलिस कर्मी इस मामले में...

वैश्यावृत्ति का सिर्फ ग्राहक होने से कोई व्यक्ति अभियोजन के लिए उत्तरदायी नहीं होगा : आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
वैश्यावृत्ति का सिर्फ ग्राहक होने से कोई व्यक्ति अभियोजन के लिए उत्तरदायी नहीं होगा : आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में एक याचिकाकर्ता ने सीआरपीसी की धारा 482 के तहत एक आपराधिक याचिका दायर करते हुए अपने खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद्द करने की मांग की। याचिकर्ता ने प्रस्तुत किया कि प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस ने याचिकाकर्ता के खिलाफ अपराध दर्ज किया और जांच करने के बाद आरोप पत्र दायर किया।याचिकाकर्ता के खिलाफ आरोप यह है कि जिस समय पुलिस ने वेश्यालय (brothel house) पर छापा मारा, उन्होंने वहां याचिकाकर्ता को ग्राहक के रूप में पाया।याचिकाकर्ता ने प्रस्तुत किया कि वेश्यावृत्ति का ग्राहक किसी...

Lawyer Not Wearing Neck-Band During Virtual Hearing
राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, जयपुर ने 2 वकीलों की सदस्यता रद्द की

राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, जयपुर ने एडवोकेट गोवर्धन सिंह और एडवोकेट परमेश्वर लाल पिलानिया की सदस्यता रद्द कर दी है।बार एसोसिएशन ने राजस्थान बार काउंसिल से दो माह के भीतर उक्त दो अधिवक्ताओं के विरुद्ध जांच कराकर दोनों अधिवक्ताओं का पंजीयन निरस्त करने का अनुरोध किया है।गौरतलब है कि एडवोकेट गोवर्धन सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था जिसमें जस्टिस नरेंद्र सिंह धड्डा के अशर पर एक वकील से रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया था।उक्त निर्णय न्यायालय की छवि को धूमिल करने, न्यायालय की अवमानना,...

नियोक्ता को वैसे कर्मचारी को काम पर रखने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है, जो जानबूझकर गिरफ्तारी के तथ्य को छुपाता है : पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
नियोक्ता को वैसे कर्मचारी को काम पर रखने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है, जो जानबूझकर गिरफ्तारी के तथ्य को छुपाता है : पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 25 अप्रैल, 2022 को एक बार फिर कहा है कि नियोक्ता को ऐसे कर्मचारी को नौकरी में रखने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता, जिसने झूठा बयान दिया हो या जानबूझकर भौतिक तथ्यों का खुलासा नहीं किया है। हाईकोर्ट ने यह निर्णय ट्रायल कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ अपील की सुनवाई करते हुए दिया, जिसमें गिरफ्तारी के तथ्य को छुपाने के आधार पर प्रतिवादियों ने याचिकाकर्ता को कांस्टेबल के पद पर नियुक्ति से इनकार कर दिया था।मुख्य न्यायाधीश रवि शंकर झा और जस्टिस अरुण पल्ली की पीठ ने इस संबंध में...

सीआरपीसी की धारा 102 के तहत आरोपी के किसी भी रिश्तेदार का बैंक खाता जब्त किया जा सकता है: जम्मू और कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट
सीआरपीसी की धारा 102 के तहत आरोपी के किसी भी रिश्तेदार का बैंक खाता जब्त किया जा सकता है: जम्मू और कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट

जम्मू और कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि किसी आरोपी (जिसके अपराध की जांच की जा रही) के किसी भी रिश्तेदार का बैंक अकाउंट सीआरपीसी की धारा 102 के तहत संपत्ति की परिभाषा के अंतर्गत आता है।जस्टिस संजय धर की खंडपीठ ने आगे कहा कि जांच के दौरान एक पुलिस अधिकारी आरोपी के रिश्तेदारों के उक्त खाते को जब्त या प्रतिबंधित कर सकता है, अगर ऐसी संपत्ति का उस अपराध के साथ सीधा संबंध है, जिसकी पुलिस जांच कर रही है।संक्षेप में मामलाअपराध शाखा, कश्मीर को 2015 के एक सरकारी आदेश के जारी होने के बाद...

लंबे समय तक हिरासत में रखने के लिए मनगढ़ंत रूप से मामला बनाया : पुलिस पर हमले के मामले में जिग्नेश मेवाणी को असम कोर्ट ने दी जमानत
"लंबे समय तक हिरासत में रखने के लिए मनगढ़ंत रूप से मामला बनाया" : पुलिस पर हमले के मामले में जिग्नेश मेवाणी को असम कोर्ट ने दी जमानत

असम की एक स्थानीय अदालत ने शुक्रवार को निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी को एक पुलिसकर्मी पर कथित हमले के मामले में जमानत दे दी।कोर्ट ने यह देखते हुए ज़मानत दी कि वर्तमान मामला मेवानी को लंबे समय तक हिरासत में रखने, कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग करने के उद्देश्य से बनाया गया।एक महत्वपूर्ण कदम में सत्र न्यायाधीश, बारपेटा ए. चक्रवर्ती ने गुवाहाटी हाईकोर्ट से भी अनुरोध किया कि वह असम पुलिस को कुछ उपाय करके खुद को सुधारने का निर्देश दे, जैसे कानून और व्यवस्था में लगे प्रत्येक पुलिस कर्मियों को बॉडी...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
"न्याय केवल अभियुक्त के लिए नहीं बल्कि पीड़ित के साथ भी न्याय होना चाहिए": इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सामूहिक बलात्कार मामले के आरोपियों की स्थानांतरण याचिका खारिज की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि "न्याय केवल आरोपियों के लिए नहीं है, पीड़िता के साथ भी न्याय होना चाहिए।"हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी सामूहिक बलात्कार के आरोपियों की ओर से दायर तीन याचिकाओं को खारिज करते हुए की। याचिकाओं में उन पर दायर मुकदमे को झांसी जिले से किसी अन्य जिले में स्थानांतरित करने की मांग की गई थी। जस्टिस अनिल कुमार ओझा की खंडपीठ ने कहा कि यदि किसी मामले को स्थानांतरित किया जाता है तो यह सामूहिक बलात्कार पीड़िता का अपमान होगा।पीठ ने कहा, "यदि मामला जिला झांसी से किसी अन्य जिले में...

क्या मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड छात्रों के एडमिशन रद्द करने की सिफारिश कर सकता है? राजस्थान हाईकोर्ट विचार करेगा
क्या मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड छात्रों के एडमिशन रद्द करने की सिफारिश कर सकता है? राजस्थान हाईकोर्ट विचार करेगा

राजस्थान हाईकोर्ट इस पर विचार करेगा कि क्या चिकित्सा मूल्यांकन और रेटिंग बोर्ड (MARB) विभिन्न मेडिकल कोर्सेज में छात्रों के एडमिशन रद्द करने की सिफारिश कर सकता है।शैक्षणिक वर्ष 2021 के लिए ग्रेजुएशन और पोस्ट-ग्रेजुएशन कोर्सेज में एडमिशन रद्द करने, अनुमति पत्र वापस लेने के लिए MARB द्वारा की गई सिफारिशों को चुनौती देने वाली मेडिकल कॉलेजों और उसके छात्रों द्वारा दायर कई रिट याचिकाओं की पृष्ठभूमि में यह सवाल पैदा हुआ है।संस्थानों की ओर से कुछ रिट याचिकाएं दायर की गई हैं, जहां छात्रों को ग्रेजुएशन...

झारखंड हाईकोर्ट
मृतका के गोत्रज को नहीं भेजा नोटिस, याचिकाकर्ता उनसे 'विल' का अस्तित्व छिपाने की कोशिश कर रहा है: झारखंड हाईकोर्ट ने प्रोबेट आवेदन खारिज किया

झारखंड हाईकोर्ट ने एक ऐसे मामले में हैरानी व्यक्त की, जिसमें उस मृतका के गोत्रज (एग्नेट्स) को नोटिस नहीं जारी किया गया था, जिसकी कथित वसीयत को आवेदक द्वारा निष्पादित करने की मांग की गई थी। इसने कहा कि इलाके में कोई सामान्य नोटिस जारी नहीं किया गया था और इसे केवल सरकार को भेजा गया था।इस प्रकार प्रोबेट (मृत लेख प्रमाण) आवेदन को खारिज करने के खिलाफ अपील पर विचार करने से इनकार करते हुए न्यायमूर्ति आनंद सेन ने कहा,"यह एक ऐसी स्थिति है, जो न्यायालय की अंतरात्मा को झकझोरती है। यह स्पष्ट नहीं किया गया...