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श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद: इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी मथुरा कोर्ट में जमा की गई
इलाहाबाद हाईकोर्ट के 12 मई के आदेश की प्रति मंगलवार को मथुरा कोर्ट में जमा की गई। इलाहाबाद हाईकोर्ट के इस आदेश में मथुरा की स्थानीय अदालत को उसके समक्ष लंबित दो आवेदनों पर फैसला करने का निर्देश दिया गया है, जो कि श्री कृष्ण जन्मभूमि विवाद के संबंध में चार महीने के भीतर दायर किये गए हैं। आदेश की कॉपी वादी मनीष यादव द्वारा कोर्ट में जमा करवाई गई है, जिन्होंने शाही ईदगाह मस्जिद को स्थानांतरित करने के लिए मथुरा कोर्ट के समक्ष एक मुकदमा दायर किया है। इस मुकदमे में दावा किया गया है कि यह केशव देव...
'बेहद अविश्वसनीय है कि कोई व्यक्ति पहचान पत्र प्रतिबंधित पदार्थ के साथ बैग में रखेगा': हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एनडीपीएस के आरोपी को जमानत दी
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टेंस एक्ट (NDPS Act), 1985 के तहत एक आरोपी को जमानत देते हुए कहा कि यह अत्यधिक अविश्वसनीय है कि वाणिज्यिक मात्रा में प्रतिबंधित पदार्थ रखने वाले व्यक्ति अपनी पहचान से संबंधित दस्तावेजों को एक ही बैग में रखेंगे।जस्टिस संदीप शर्मा ने कहा कि इससे अभियोजन की कहानी की सत्यता पर संदेह पैदा होता है। आमतौर पर पहचान पत्र को पर्स या जेब में रखा जाता है, बैग में नहीं, वह भी प्रतिबंधित सामग्री के साथ।आगे कहा,"एक बार जमानत याचिकाकर्ता को बटुआ...
ज्ञानवापी विवाद: हिंदुओं को मस्जिद के अंदर पूजा करने का अधिकार मांगने वाला नया सूट वाराणसी फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्राफंसफर
कथित तौर पर ज्ञानवापी मस्जिद में पाए गए देवताओं (शिव लिंग) की पूजा करने की अनुमति मांगने वाला एक नया मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया है।अब इस मामले की सुनवाई 30 मई को होगी।आज मामला सिविल जज-सीनियर डिवीजन से सिविल जज सीनियर डिवीजन/फास्ट ट्रैक कोर्ट महेंद्र पांडेय को ट्रांसफर कर दिया गया है।वादी किरण सिंह ने प्रतिवादियों (अंजुमन इस्लामिया मस्जिद समिति सहित) के खिलाफ अंतरिम निषेधाज्ञा की मांग की है कि वे हिंदू याचिकाकर्ताओं / भक्तों के प्रवेश और शिव लिंग की धार्मिक गतिविधियों में...
आरोपी की फरारी को अपने आप में अपराध का निर्णायक सबूत नहीं माना जा सकता: कलकत्ता हाईकोर्ट ने 10 साल के बच्चे की हत्या के दोषी व्यक्ति को बरी किया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने माना कि किसी आरोपी की फरारी अपने आप में उसके अपराध को स्थापित नहीं करती है और आईपीसी की धारा 302 के तहत हुई दोषसिद्धि के आदेश को रद्द कर दिया।जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस अनन्या बंद्योपाध्याय की खंडपीठ 10 साल के लड़के की हत्या के लिए अपीलकर्ता के खिलाफ पारित दोषसिद्धि के आदेश के खिलाफ दायर अपील पर फैसला सुना रही थी। यह आरोप लगाया गया था कि अपीलकर्ता के लड़के की मां रसीदा के साथ अवैध संबंध थे। आगे यह तर्क दिया गया था कि बच्चे ने अपने पिता को अवैध संबंधों का खुलासा किया था...
बार एसोसिएशन किसी व्यक्ति का प्रतिनिधित्व करने के खिलाफ प्रस्ताव नहीं पारित कर सकते, इसे संविधान का उल्लंघन माना जाएगा: मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने कराइकुडी बार एसोसिएशन के उस प्रस्ताव को पारित करने के कृत्य की निंदा की जिसमें कहा गया है कि कि कोई भी इस मामले में कुछ अभियुक्तों का प्रतिनिधित्व नहीं करेगा।कोर्ट ने कहा कि ऐसा प्रस्ताव अवैध है और इसे शून्य माना जाएगा। ऐसे मामलों में भी जहां अधिवक्ताओं पर हमला हुआ है, उसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए और हमलावरों से निपटा जाना चाहिए। लेकिन फिर भी, बार एसोसिएशन से इस तरह के प्रस्तावों को पारित करने की उम्मीद नहीं की जाती है। इसे भारतीय संविधान का उल्लंघन माना जाएगा।मदुरै खंडपीठ...
मेडिक्लेम पॉलिसी के तहत बीमा कंपनी द्वारा दी गयी राशि मोटर दुर्घटना दावे के मुआवजे से कटौती योग्य: मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने माना है कि मेडिकल खर्च के लिए मुआवजा प्रतिपूर्ति का मामला है और इसलिए एक बार बीमा कंपनी द्वारा सड़क दुर्घटना के शिकार व्यक्ति को मेडिकल खर्च के लिए क्षतिपूर्ति करने का निर्णय लेने के बाद, मोटर वाहन अधिनियम के तहत एक बार फिर से इसका दावा नहीं किया जा सकता है।जस्टिस टीका रमन की पीठ ने इस प्रकार व्यवस्था दी कि चिकित्सा पॉलिसी कवरेज के तहत बीमा कंपनी द्वारा सीधे अस्पताल को भुगतान की गई राशि को मोटर दुर्घटना न्यायाधिकरण द्वारा घायलों को मुआवजे की गणना करते समय कम किया जाएगा।यह आदेश...
निजी गवाहों का दोनों परीक्षण, मुख्य और क्रॉस, एक ही दिन में हो: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में राज्य के सभी सेशन कोर्ट्स को निर्देश दिया है कि जहां तक संभव हो, निजी गवाहों के दोनों परीक्षण, मुख्य परीक्षण (examination in chief) और प्रति परीक्षण (cross examination), एक ही दिन में पूरा करने का प्रयास करें।जस्टिस विकास कुंवर श्रीवास्तव और जस्टिस सुनीता अग्रवाल की खंडपीठ ने राज्य के ट्रायल जजों को आधिकारिक गवाहों के परीक्षण से पहले निजी गवाहों की परीक्षण का निर्देश दिया।अदालत ने कहा, "निष्पक्ष और उचित ट्रायल सुनिश्चित करने के लिए ऐसे दृष्टिकोण की...
'बीमा कंपनी ने एक छोटी मुआवजे की राशि के लिए अनावश्यक रूप से अपील दायर की': गुजरात हाईकोर्ट ने 65,200 रुपए के मुआवजे के अवार्ड को बरकरार रखा
गुजरात हाईकोर्ट के जस्टिस संदीप भट्ट ने मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा पारित 65,200 रुपए के मुजावजे के अवार्ड को बरकरार रखते हुए कहा कि बीमा कंपनी ने मोटर वाहन दुर्घटना के दावे में एक छोटी मुआवजे की राशि को चुनौती देने के लिए अनावश्यक रूप से अपील दायर की है।कोर्ट ने इसके साथ ही बीमा कंपनी की अपील को खारिज कर दिया। मामले के संक्षिप्त तथ्य यह थे कि दावेदार (प्रतिवादी संख्या 1) एक मोटरसाइकिल पर तेज और लापरवाही से सवारी कर रहा था, जिसमें प्रतिद्वंद्वी नंबर 2 एक पिलर सवार के रूप में था, जब...
दिल्ली हाईकोर्ट ने वंदे मातरम' को राष्ट्रगान 'जन-गण-मन' के समान दर्जा देने की मांग वाली याचिका में केंद्र सरकार से जवाब मांगा
दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने 'वंदे मातरम' को राष्ट्रगान 'जन-गण-मन' के समान दर्जा देने की मांग वाली याचिका में केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।एक्टिंग चीफ जस्टिस विपिन संघी और जस्टिस सचिन दत्ता ने याचिकाकर्ता एडवोकेट अश्विनी उपाध्याय की मांग पर विचार करते हुए आदेश दिया,"केंद्र सरकार 6 सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करे।" कोर्ट ने याचिका की फाइलिंग को मीडिया में सार्वजनिक करने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा, "यह एक पब्लिक स्टंट प्रतीत होता है। आपके पास प्रेस में जाने और...
लाभ कमाने के लिए प्रेरित: कलकत्ता हाईकोर्ट ने किराया निर्धारित करने के अधिकार की मांग वाली बस ऑपरेटरों की याचिका खारिज की
कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) ने हाल ही में बस और मिनीबस ऑपरेटरों के एसोसिएशन की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें ईंधन के बाजार मूल्य में वृद्धि के अनुपात में किराए के निर्धारण के मामले में ऑपरेटरों के अधिकार की मांग की गई थी, इस आधार पर कि किराए का ऐसा निर्धारण पूरी तरह से कार्यपालिका के अधिकार के भीतर उचित नहीं है।दायर की गई याचिका में कहा गया है कि मोटर वाहन अधिनियम, 1988 (अधिनियम) की धारा 67 के प्रावधानों को पढ़ा जाना चाहिए ताकि बस ऑपरेटरों को किराया निर्धारण में अपनी राय दी जा...
सिंगल जज की प्रतिकूल टिप्पणी के खिलाफ यूपी की पूर्व एएजी ज्योति सिक्का की अपील: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उन्हें उसी जज से संपर्क करने के लिए कहा
पूर्व एडिशनल एडवोकेट जनरल, उत्तर प्रदेश ज्योति सिक्का द्वारा उनके खिलाफ की गई प्रतिकूल टिप्पणी वाले सिंगल जज के आदेश को चुनौती देने वाली अपील पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने उन्हें "उसी जज" से संपर्क करने के लिए कहा, जिन्होंने शिकायत के निवारण के लिए आदेश पारित किया था।जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की पीठ ने आगे सिंगल जज से अनुरोध किया कि यदि आवेदन दायर किया जाता है, तो वह शीघ्रता से निर्णय करें।क्या है पूरा मामला?उल्लेखनीय है कि 2 मार्च...
किसी की नफरत ने गांधी के शरीर को समाप्त कर दिया लेकिन मानवता के लिए उनका प्रेम खत्म नहीं हुआ : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 'गंगा-जमुनी तहजीब' का समर्थन किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के बीच एक विवाद पर एक आपराधिक मामले के संबंध में एक आरोपी को जमानत देते कहा कि किसी की नफरत ने महात्मा गांधी के शरीर को समाप्त कर दिया लेकिन मानवता के लिए उनका प्रेम खत्म नहीं हुआ। अदालत ने कहा," विभिन्न पथों के साधकों को राष्ट्रपिता को याद करना अच्छा होगा। महात्मा अपने जीवन के उदाहरण और उनकी मृत्यु के तथ्य से हमें याद दिलाते हैं कि चार सभी धर्मों की खोज और एक भारतीय धर्म का सार अपने साथियों के प्रति प्रेम है।किसी की नफरत ने उनके शरीर...
यौन उत्पीड़न, बाल शोषण के सर्वाइवर के लिए इमरजेंसी सप्लाई सपोर्ट सिस्टम के रूप में टोल-फ्री नंबर 112 का प्रचार करें: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने सोमवार को राज्य के लिए बाल शोषण या यौन हिंसा के सर्वाइवर की सहायता करने के लिए सुझावों का सेट जारी किया। इसके साथ ही कोर्ट ने विशेष रूप से टोल-फ्री नंबर '112' को इमरजेंसी सप्लाई सपोर्ट सिस्टम के रूप में प्रचारित करने के लिए कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया।जस्टिस देवन रामचंद्रन ने दोहराया कि असहाय पीड़ितों को निराशा में चले जाने के मामलों की बढ़ती संख्या इस संदेह की गवाही देती है कि वर्तमान में लागू उपायों को ठीक से लागू नहीं किया जा रहा है।कोर्ट ने कहा,"केंद्रीय मुद्दे पर वापस...
भविष्य में माता-पिता या किसी अन्य द्वारा धमकाए जाने पर पुलिस आयुक्त से संपर्क करेंः मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सुरक्षा की मांग कर रहे विवाहित जोड़े को निर्देश दिया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, इंदौर खंडपीठ ने हाल ही में पुलिस सुरक्षा की मांग करने वाले एक विवाहित जोड़े को निर्देश दिया है कि अगर उन्हें भविष्य में अपने माता-पिता या किसी अन्य से कोई धमकी मिलती है या उनके जीवन को कोई खतरा है तो वे सीधे पुलिस आयुक्त, इंदौर से संपर्क कर सकते हैं। जस्टिस विवेक रूसिया ने आगे निर्देश दिया है कि यदि आयुक्त को लगता है कि वास्तव में कपल के जीवन के लिए खतरा है, तो वे शक्ति वाहिनी बनाम मध्य प्रदेश राज्य मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई...
रेप केस:पटना हाईकोर्ट ने पूर्व विधायक राजबल्लभ यादव की जमानत याचिका खारिज की
पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) ने नाबालिग के साथ रेप मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे पूर्व विधायक राजबल्लभ यादव की जमानत याचिका खारिज कर दी।जस्टिस अश्वनी कुमार सिंह तथा जस्टिस हरीश कुमार की खंडपीठ ने आदेश दिया,"अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी राजबल्लभ यादव को जमानत पर रिहा नहीं किया जा सकता है।"आरोपी राजबल्लभ यादव को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम की धारा 4 और 8 के तहत दंडनीय अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया है और दंडनीय अपराध के लिए आजीवन...
अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति के लिए आवेदनों पर 6 महीने में फैसला किया जाए : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति के लिए आवेदनों पर समयबद्ध तरीके से फैसला किया जाना चाहिए, न कि आवेदन जमा करने की तारीख से छह महीने की अवधि के बाद ।सुप्रीम कोर्ट को आशंका थी कि यदि आवेदनों पर शीघ्रता से निर्णय नहीं लिया गया तो ऐसी नियुक्तियों का पूरा उद्देश्य ही विफल हो जाएगा।"... अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति के उद्देश्य और लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए यानी, मृत कर्मचारी के परिवार को सेवा में रहते हुए कर्मचारी की असामयिक मृत्यु पर वित्तीय कठिनाई की स्थिति में रहने...
'कोमल उम्र के बच्चे को उकसाने और पढ़ाए जाने की संभावना': कलकत्ता हाईकोर्ट ने पत्नी की हत्या के दोषी व्यक्ति को बरी किया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने हाल ही में एक महिला की हत्या के अपराध में पति को दोषी ठहराने के आदेश को रद्द कर दिया।कोर्ट ने आईपीसी की धारा 302 के तहत हत्या के अपराध के लिए दोषी ठहराए जाने के आदेश को इस आधार पर रद्द कर दिया कि घटना की प्रत्यक्षदर्शी बच्ची की उम्र बहुत ही कम थी, जिस कारण उसे परिस्थितियां समझ में नहीं आई थी और उसके पढ़ाया भी जा सकता था।इस मामले में, मृतका अपने ससुराल में जल गई थी और बाद में जिस अस्पताल में उसे भर्ती कराया गया, वहां उसकी मृत्यु हो गई।जस्टिस बिवास पटनायक और जस्टिस जॉयमाल्या...
'न्याय की पवित्र धारा' दूषित नहीं होनी चाहिए: गुजरात हाईकोर्ट ने धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात के आरोपी वकील को जमानत देने से इनकार किया
गुजरात हाईकोर्ट ने एक आरोपी वकील को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा कि एक वकील के लिए धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक धमकी के गंभीर अपराधों में शामिल होना शर्म की बात है।दरअसल, वकील पर 3 साल पहले सेल डीड के निष्पादन के दौरान एक बड़ी धन राशि लेने का आरोप है।जस्टिस निराल आर मेहता की खंडपीठ ने कहा,"आवेदक पेशे से वकील होने के कारण अक्सर गंभीर प्रकृति के अपराध में शामिल होता है जो अपने आप में शर्म की बात है। एक वकील द्वारा इस तरह के अपराध में एक बार नहीं, बल्कि अतीत में कई बार लिप्त होना...
कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल बाल अधिकार आयोग द्वारा चुनाव के दौरान COVID-19 के कारण अनाथ होने वाले बच्चों के लिए चुनाव आयोग से मुआवजे की मांग वाली याचिका खारिज की
कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल बाल अधिकार संरक्षण आयोग (WBCPCR) के अध्यक्ष द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) याचिका खारिज कर दी। इस याचिका में भारत के चुनाव आयोग (ECI) को 26 फरवरी, 2021 को राज्य में विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद COVID-19 के कारण जान गंवाने वाले बच्चों के प्रत्येक परिवार को मुआवजा देने का निर्देश देने की मांग की गई थी।याचिका में कहा गया कि राज्य में COVID-19 से प्रभावित बच्चों की दुर्दशा चुनाव आयोग के आठ चरणों में विधानसभा चुनाव कराने के असंवेदनशील निर्णय का प्रत्यक्ष...
यदि पर्याप्त स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया गया हो तो मोटर दुर्घटना दावों में एफआईआर दर्ज करने में देरी घातक नहीं है: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने हाल ही में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण को एक मोटर दुर्घटना पीड़ित द्वारा दायर दावा याचिका पर विचार करने का निर्देश दिया, भले ही पुलिस को मामले की रिपोर्ट करने में लगभग एक महीने की देरी हुई हो।दावा याचिका को खारिज करने को चुनौती देते हुए मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 173 के तहत दायर पहली अपील में निर्देश पारित किया गया था। इस तथ्य पर ध्यान आकर्षित किया गया था कि यहां पीड़ित अपने कृषि कार्य से 1,50,000 रुपये कमा रहा था और इसलिए दावेदार 11,00,000 रुपये का मुआवजा पाने के हकदार...

















