मुख्य सुर्खियां
"पति और पत्नी परिवार के दो स्तंभ, एक के कमजोर होने पर पूरा घर ढह जाता है": दिल्ली हाईकोर्ट ने पत्नी के पक्ष में दिए तलाक को बरकरार रखा
दिल्ली हाईकोर्ट ने हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 13 (1) (ia) के तहत पत्नी के पक्ष में तलाक देने के फैमिली कोर्ट के एक आदेश को बरकरार रखा है, जिसमें कहा गया था कि पत्नी ने पति द्वारा दी जा रही मानसिक क्रूरता के आधार को अच्छी तरह से स्थापित किया है।फैमिली कोर्ट ने प्रतिवादी पत्नी को धारा 13(1)(ia) के तहत तलाक दिया था, जो पूरी तरह से मानसिक क्रूरता के आधार पर निर्भर करती है।उसी को बरकरार रखते हुए कार्यवाहक चीफ जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस जसमीत सिंह की खंडपीठ ने इस प्रकार कहा,"पति और पत्नी...
सक्षम फोरम के काम न कर रहा हो तो वादी फैसले का इंतजार करता नहीं रह सकता: राजस्थान हाईकोर्ट ने सेवा मामले में रिट खारिज करने से इनकार किया
राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा, "यह नहीं माना जा सकता है कि एक वादी अपने विवादों के फैसले का इंतजार करता रहेगा, अगर सक्षम फोरम या प्राधिकरण काम नहीं कर रहा है।"जस्टिस रेखा बोराना ने यह टिप्पणी केंद्र की ओर से दायर एक आवेदन पर सुनवाई के दरमियान की, जिसमें वैकल्पिक उपाय के आधार पर सिविल सेवा में भर्ती से संबंधित एक याचिका को खारिज करने की मांग की गई थी। उस समय केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण में स्वीकृत रिक्ति के कारण हाईकोर्ट के समक्ष याचिका दायर की गई थी।पीठ ने प्रतिवादियों द्वारा दायर...
'जघन्य अपराध का आरोपी भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के उल्लंघन की शिकायत नहीं कर सकता है, जब वह खुद मुकदमे के जल्द समापन में सहयोग नहीं कर रहा हो': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत देने से इनकार किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने हाल ही में कहा कि एक जघन्य अपराध का आरोपी भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के उल्लंघन की शिकायत नहीं कर सकता है, जब वह खुद मुकदमे के जल्द समापन में सहयोग नहीं कर रहा हो। 2019 रायबरेली-आदित्य हत्याकांड के मुख्य आरोपी सुरेश यादव को जमानत देने से इनकार करते हुए न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की पीठ ने कहा, "जब आरोपी मुकदमे में सहयोग नहीं कर रहे हैं और आरोपी-आवेदक पर सबसे नृशंस तरीके से एक युवक की भीषण हत्या का जघन्य अपराध का आरोप लगाया गया है,...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 10 साल की कैद की सजा पूरी करने के एक साल बाद व्यक्ति की अपील का फैसला किया, सजा कम की
बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने एक श्रमिक ठेकेदार की अपील का फैसला किया, जिसमें 10 साल की कैद की सजा पूरी करने के एक साल बाद 30 वर्षीय व्यक्ति को केंद्रीय जेल से रिहा किया गया।न्यायमूर्ति पीडी नाइक की पीठ ने नकली मुद्रा (आईपीसी की 489-बी) रखने के संबंध में केवल सात साल के लिए लूथपुरा शेख की सजा को बरकरार रखा और उसे 10 साल की सजा को आकर्षित करने वाले गंभीर आरोपों से बरी कर दिया।इसका मतलब है, शेख, कम से कम 3 साल जेल में अधिक रहे । अनवरबीबी मुजीबुल शेख, जिन्होंने भी अपील दायर की थी, को सभी...
''कोई भी भारतीय महिला अपने पति को बांट नहीं कर सकती'': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी व्यक्ति को डिस्चार्ज करने से इनकार किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में निचली अदालत के उस आदेश को बरकरार रखा है, जिसमें पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी एक व्यक्ति के आरोपमुक्त करने की मांग वाले आवेदन को खारिज कर दिया गया था। पत्नी ने कथित तौर पर इस वजह से आत्महत्या कर ली थी कि उसके पति ने उसे तलाक दिए बिना दूसरी महिला से शादी कर ली थी। जस्टिस राहुल चतुर्वेदी की पीठ ने यह कहते हुए कि एक भारतीय महिला किसी भी कीमत पर अपने पति को साझा नहीं कर सकती है, पति द्वारा दायर रिवीजन याचिका को खारिज कर दिया और कहा किः ''वे (भारतीय...
मेवाणी का ज़मानत आदेश : गुवाहाटी हाईकोर्ट ने असम अदालत के राज्य पुलिस के खिलाफ टिप्पणी पर रोक लगाई, ,ज़मानत जारी रहेगी
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने एक पुलिसकर्मी पर कथित हमले के मामले में गुजरात के निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी को जमानत देते समय राज्य पुलिस के खिलाफ असम की अदालत द्वारा की गई टिप्पणियों पर रोक लगा दी है हालांकि, उन्हें जमानत का लाभ देने के आदेश में हस्तक्षेप नहीं किया गया है। जस्टिस देवाशीष बरुआ की पीठ का यह आदेश राज्य द्वारा सत्र न्यायाधीश, बारपेटा: ए चक्रवर्ती के खिलाफ दायर एक अपील पर आया है।मामले में नोटिस जारी करते हुए कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि उसका आदेश जिला जज द्वारा की गई टिप्पणियों पर रोक लगाने...
उसी मुद्दे का फिर से बढ़ाना अदालती प्रक्रिया का घोर दुरुपयोग है: दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीआई को जांच स्थानांतरित करने की मांग करने वाले वादियों पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक याचिकाकर्ता पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है, जिसने एक जांच को सीबीआई को स्थानांतरित करने की मांग की थी। जबकि ऐसी ही एक याचिका को वापस लिया गया के रूप में कोर्ट पहले ही खारिज कर चुका था।जस्टिस अनूप कुमार मेंदीरत्ता एफआईआर की जांच सीबीआई को स्थानांतरित करने की मांग वाली याचिका पर विचार कर रहे थे। इसी तरह की प्रार्थना के साथ एक समान आपराधिक रिट याचिका को अदालत ने 22 मार्च, 2022 के आदेश के तहत वापस ले लिया था।मामले के तथ्य यह थे कि याचिकाकर्ता ने वुडलैंड से एक जोड़ी जूते...
सेवा की गलत समाप्ति के मामले में सेवा की निरंतरता और पिछले वेतन के साथ बहाली सामान्य नियम: तेलंगाना हाईकोर्ट
तेलंगाना हाईकोर्ट ने हाल ही में औद्योगिक न्यायाधिकरण द्वारा एक कर्मचारी की गलत तरीके से सेवा समाप्त करने के लिए दी गई राहत की पुष्टि की और रिट अपील को खारिज कर दिया। कर्मचार को 50% पिछले वेतन के साथ सेवा में बहाल करने की राहत दी गई थी।मामलाएक रिट याचिका पर 21.10.2016 को आदेश जारी किया गया था, जिसके बाद उक्त अपील दायर की गई थी। मामले के तथ्य यह थे कि कर्मचारी पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई थी। 2000 में उसके खिलाफ आरोप पत्र जारी किया गया था और उसके बाद मामले की जांच की गई थी।जांच अधिकारी ने...
POCSO Act-एफएसएल रिपोर्ट के बिना दायर चार्जशीट अधूरी नहीं, सीआरपीसी की धारा 167(2) के तहत डिफ़ॉल्ट जमानत के लिए कोई आधार नहीं बनताः पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम, 2012 (पॉक्सो) के प्रावधानों के तहत दर्ज एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा है कि यौन उत्पीड़न के अपराध के लिए, पीड़ित के बयान पर अंतिम रिपोर्ट पूरी मानी जाएगी और एफएसएल रिपोर्ट का उपयोग केवल उनके बयानों की पुष्टि के लिए किया जा सकता है। जस्टिस सुवीर सहगल की पीठ ने कहा कि जांच एजेंसी द्वारा दायर चालान के आधार पर अदालत अपराध का संज्ञान ले सकती है। अदालत निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने हुए सीआरपीसी की धारा 401 के तहत...
तलाक का अधिकार इस्लाम में कॉंट्रेक्चुअल मैरिज के तहत निहित : मुस्लिम महिला ने दिल्ली हाईकोर्ट में 'तलाक-उल-सुन्नत' को असंवैधानिक घोषित करने की याचिका का विरोध किया
एक मुस्लिम महिला ने एक जनहित याचिका का विरोध करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है, जिसमें तलाक -उल-सुन्नत को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की गई है। तलाक -उल-सुन्नत को एक 28 वर्षीय मुस्लिम महिला ने चुनौती दी, जिसमें कहा गया कि विवादित प्रथा एक मुस्लिम पति को अपनी पत्नी को बिना किसी कारण या अग्रिम सूचना के किसी भी समय तलाक देने के लिये सक्षम बनाती है, जो मनमाना है।एक मुस्लिम महिला कुर्रत उल ऐन लतीफ ने इस याचिका के विरोध में एक आवेदन दायर किया है, जो दावा करती है कि उसकी शादी खराब हुई, लेकिन ...
बहुविवाह: दिल्ली हाईकोर्ट ने मुस्लिम पुरुषों को दूसरी शादी के लिए मौजूदा पत्नी की पूर्व सहमति प्राप्त करने की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने 28 वर्षीय मुस्लिम महिला द्वारा दायर जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया। इस याचिका में यह घोषणा करने की मांग की गई कि मुस्लिम पुरुष अपनी पहली पत्नी की पूर्व सहमति के बिना दूसरी शादी नहीं कर सकते।संक्षेप में, याचिका मुस्लिम पुरुषों में बहुविवाह की प्रथा को प्रतिबंधित करने का प्रयास करने की मांग करती है। इसमें कहा गया कि यह एक प्रतिगामी प्रथा है, जो महिलाओं के लिए अपमानजनक है। शरीयत कानून के तहत केवल "असाधारण परिस्थितियों" में दूसरी शादी की अनुमति दी जाती है, जैसे कि पहली पत्नी की...
तेलंगाना हाईकोर्ट ने अमिताभ बच्चन-स्टारर फिल्म 'झुंड' के ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज़ पर यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए
तेलंगाना हाईकोर्ट ने शुक्रवार को हैदराबाद के फिल्म निर्माता नंदी चिन्नी कुमार की याचिका पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है, जिसमें अमिताभ बच्चन-स्टारर फिल्म 'झुंड' को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज पर रोक लगाने की मांग की गई है।जस्टिस पी. श्री सुधा की एकल पीठ ने निर्देश दिया,"मामले की अगली सुनवाई तक यानी 8 जून तक दोनों पक्ष यथास्थिति बनाए रखें।"कोर्ट ने प्रतिवादियों को अस्थायी निषेधाज्ञा की मांग करने वाले याचिकाकर्ता के आवेदन का जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।तेलंगाना की एक स्थानीय अदालत ने...
क्या स्कूल फीस के भुगतान के लिए रिमाइंडर भेजना किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 के तहत 'बच्चों के प्रति क्रूरता' है? गुजरात हाईकोर्ट जांच करेगा
गुजरात हाईकोर्ट यह जांचने के लिए तैयार है कि क्या फीस का भुगतान न करने पर अभिभावकों को रिमाइंडर भेजने वाले स्कूलों की कार्रवाई किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 75 के तहत अपराध है।अधिनियम की धारा 75 में बच्चे के प्रति क्रूरता के लिए सजा का प्रावधान किया गया है, जिससे बच्चों को शारीरिक या "मानसिक पीड़ा" पहुंचाना कारण हो सकता है।जस्टिस भार्गव करिया ने सूरत के कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी एक आदेश के खिलाफ सेल्फ फाइनेंस स्कूलों के फेडरेशन द्वारा दायर एक स्पेशल...
कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में बम विस्फोटों की एनआईए जांच की मांग वाली जनहित याचिका में राज्य सरकार से जवाब मांगा
कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में पिछले महीने क्रूड बम विस्फोट की घटना की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से जांच करवाने की मांग करने वाली एक जनहित याचिका (पीआईएल) याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा।पिछले महीने भारत-बांग्लादेश सीमा के पास कालियाचक के गोपालनगर गांव में बम विस्फोट होने से पांच स्कूली बच्चे कथित तौर पर घायल हो गए थे।मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव और जस्टिस राजर्षि भारद्वाज की पीठ को याचिकाकर्ता के वकील ने अवगत कराया कि घटना में पांच स्कूली बच्चे गंभीर...
पारिवारिक व्यवस्था का पंजीकरण केवल तभी आवश्यक है, जब शर्तों को लिखित रूप में कर दिया जाए, न कि जहां व्यवस्था मौखिक है: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि जहां पारिवारिक व्यवस्था मौखिक हो, वहां पंजीकरण आवश्यक नहीं है और यह तभी आवश्यक है जब व्यवस्था की शर्तों को लिखित कर दिया जाए।जस्टिस नजमी वजीरी ने दोहराया,"यह बखूबी तय है कि पंजीकरण केवल तभी आवश्यक होगा जब परिवार व्यवस्था की शर्तों को लिखित रूप में दर्ज कर दिया जाए। यहां भी दस्तावेज के तहत किए गए पारिवारिक व्यवस्था की शर्तों और विवरणों वाले दस्तावेज के बीच एक अंतर किया जाना चाहिए और परिवार की व्यवस्था के बाद तैयार किया गया ज्ञापन या तो रिकॉर्ड के उद्देश्य से या अदालत...
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का इस्तेमाल करके धोखाधड़ी करने के मामले में आरोपी-व्यक्ति को जमानत देने से इनकार किया
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (Chhattisgarh high Court) के चीफ जस्टिस अरूप कुमार गोस्वामी और जस्टिस गौतम चौड़िया की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कथित रूप से धोखाधड़ी वाले इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ उठाने में शामिल एक व्यक्ति को जमानत देने से इनकार कर दिया है।अपीलकर्ताओं ने छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में कई फर्जी और भौतिक रूप से गैर-मौजूद ट्रेडिंग कंपनी फर्म बनाई, जाली पैन का उपयोग करने वाले कई व्यक्तियों की पहचान प्रमाण पत्र का उपयोग करके उन्हें जीएसटीएन पोर्टल में...
अगर पति अपनी वैवाहिक स्थिति पर विवाद करता है तो मजिस्ट्रेट घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत पत्नी की याचिका में तलाक की वैधता तय कर सकते हैं: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट (Kerala High Court) ने फैसला सुनाया कि अगर पति अपनी वैवाहिक स्थिति पर विवाद करता है तो मजिस्ट्रेट घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत पत्नी की याचिका में तलाक की वैधता तय कर सकते हैं।न्यायमूर्ति कौसर एडप्पागथ ने इस तरह एक आपराधिक पुनरीक्षण याचिका की अनुमति देते हुए कहा कि अपीलीय अदालत का यह निष्कर्ष कि मजिस्ट्रेट के पास तलाक की वैधता का फैसला करने की कोई शक्ति नहीं है, गलत है और अपीलीय अदालत के फैसले को पलटा जाता है।बेंच ने कहा, "डीवी अधिनियम के तहत पत्नी द्वारा दायर एक याचिका में, यदि पति...
COVID-19: हाईकोर्ट ने अस्पतालों / नर्सिंग होम में ड्यूटी पर होने वाली मौत के लिए मुआवजे की नीति पर दिल्ली सरकार से अपना रुख स्पष्ट करने को कहा
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में निजी या सरकारी अस्पताल, नर्सिंग होम में काम कर रहे डॉक्टरों, नर्सों, सुरक्षा कर्मचारियों, सफाई कर्मचारियों, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मचारी, जिनकी COVID 19 लहर के दौरान मृत्यु हो गई थी, उन्हें देय मुआवजे के संबंध में दिल्ली सरकार द्वारा बनाई गई पॉलिसी के बारे में उसका स्टैंड मांगा है।जस्टिस राजीव शकधर और जस्टिस पूनम ए. बंबा की खंडपीठ जून 2020 में कोविड -19 महामारी की पहली लहर के दौरान मरने वाले स्वर्गीय डॉ हरीश कुमार की विधवा द्वारा दायर एक याचिका पर विचार कर...
दिल्ली हाईकोर्ट ने निजामुद्दीन मरकज में मस्जिद को फिर से खोलने की इजाजत देने वाला अंतरिम आदेश 14 अक्टूबर तक बढ़ाया
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को निजामुद्दीन मरकज में मस्जिद परिसर के भूतल के साथ-साथ चार मंजिलों सहित पांच मंजिलों को 14 अक्टूबर तक खोलने की अनुमति दी।जस्टिस जसमीत सिंह ने एक अप्रैल, 2022 के अंतरिम आदेश के संचालन को बढ़ा दिया। इसमें रमजान महीने के दौरान नमाज अदा करने के लिए मस्जिद को फिर से खोलने की अनुमति दी गई थी।उक्त अंतरिम आदेश सुनवाई की अगली तिथि 14 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगा।2020 में तब्लीगी जमात के सदस्यों के COVID-19 पॉजीटिव पाए जाने के बाद निजामुद्दीन मरकज में सार्वजनिक प्रवेश पर प्रतिबंध...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2016 में सीएम योगी आदित्यनाथ को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी देने वाले पीस पार्टी अध्यक्ष को अग्रिम जमानत दी
इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने पिछले हफ्ते पीस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अयूब को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) खिलाफ एक सार्वजनिक रैली में कथित बयान देने के लिए 2016 में दर्ज एक मामले में अग्रिम जमानत दी।डॉ.अयूब ने कथित तौर पर साल 2016 में गोरखपुर के तत्कालीन सांसद और वर्तमान सीएम योगी आदित्यनाथ को मारने की धमकी दी गई थी।डॉ. अयूब के खिलाफ हिंदू युवा वाहिनी संगठन के अध्यक्ष के कहने पर मामला दर्ज किया गया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि एक...


















