मुख्य सुर्खियां

Writ Of Habeas Corpus Will Not Lie When Adoptive Mother Seeks Child
'जाति-पंथ के नाम पर 21वीं सदी में भी हो रहा है सामाजिक भेदभाव': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने रेप के आरोपी की जमानत याचिका खारिज की

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (Madhya Pradesh High Court) ने रेप (Rape Case) के आरोपी को जमानत देने से इनकार करते हुए टिप्पणी की,"21 वीं सदी में अभी भी जाति और पंथ के नाम पर सामाजिक भेदभाव पैदा किया जा रहा है।"व्यक्ति पर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया है।जस्टिस विवेक अग्रवाल की पीठ ने उसे इस आधार पर जमानत देने से इनकार कर दिया कि यह न्याय के अधिकार में नहीं है, इसलिए उसे जमानत देने के लिए एक कमजोर गवाह का भी हित है क्योंकि अदालत ने पाया कि उसे जमानत का लाभ देने के लिए यह सही स्टेज...

Writ Of Habeas Corpus Will Not Lie When Adoptive Mother Seeks Child
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 21 किलो गांजा जब्ती मामले में 'दोषपूर्ण' जांच के लिए पुलिस अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश दिया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (Madhya Pradesh High Court) ने हाल ही में 21 किलोग्राम गांजा जब्ती मामले में 'दोषपूर्ण जांच' के लिए पुलिस अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश दिया।अदालत ने इसके साथ ही आरोपी को जमानत दे दी, जिसके कब्जे से कथित तौर पर 21 किलोग्राम गांजा बरामद की गई थी।जस्टिस दीपक कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, चंबल रेंज, ग्वालियर और पुलिस अधीक्षक, ग्वालियर को एनडीपीएस अधिनियम के तहत जांच करने के लिए अपने पुलिस अधिकारियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का...

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने फेसबुक पर पैगंबर मुहम्मद पर नूपुर शर्मा की टिप्पणियों को शेयर करने के आरोपी व्यक्ति को जमानत दी
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने फेसबुक पर पैगंबर मुहम्मद पर नूपुर शर्मा की टिप्पणियों को शेयर करने के आरोपी व्यक्ति को जमानत दी

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (Chhattisgarh High Court) ने फेसबुक पर पैगंबर मुहम्मद (Prophet Muhammad) पर भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा (Nupur Sharma) की टिप्पणियों को शेयर करने के आरोपी नागेंद्र पटेल को जमानत दी।जस्टिस रजनी दुबे की खंडपीठ ने पटेल को 25,000 रुपये का निजी बॉन्ड भरने और इतनी ही राशि को एक जमानतदार पेश करने की शर्त पर जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।लाइव लॉ द्वारा एक्सेस की गई एफआईआर के अनुसार, पटेल के खिलाफ आरोप यह है कि उन्होंने फेसबुक पर पैगंबर मुहम्मद और इस्लाम धर्म के खिलाफ एक...

उत्तर प्रदेश में विशेष लोक अदालतों का आयोजन : 2000 से अधिक लंबित मध्यस्थता मामलों का निपटारा हुआ
उत्तर प्रदेश में विशेष लोक अदालतों का आयोजन : 2000 से अधिक लंबित मध्यस्थता मामलों का निपटारा हुआ

उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में 6 अगस्त, 2022 और 7 अगस्त, 2022 को विशेष लोक अदालतों का आयोजन किया गया और 2000 से अधिक लंबित मध्यस्थता मामलों का निपटारा किया गया। यह मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल के निर्देशन में आयोजित किया गया, जो उत्तर प्रदेश राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण के मुख्य संरक्षक भी हैं। जस्टिस प्रिंकर दिवाकर, न्यायाधीश, इलाहाबाद हाईकोर्ट / कार्यकारी अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण और जस्टिस रमेश सिन्हा, अध्यक्ष विशेष बकाया समिति, इलाहाबाद हाईकोर्ट के मार्गदर्शन में...

अभियुक्त की खास जानकारी वाले गुप्त स्थान से हथियार की बरामदगी पूरी तरह से विश्वसनीय: इलाहाबाद हाईकोर्ट
अभियुक्त की खास जानकारी वाले गुप्त स्थान से हथियार की बरामदगी पूरी तरह से विश्वसनीय: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि हथियार छुपाने का स्थान विशेष रूप से अभियुक्त की जानकारी में है और वह स्थान यदि किसी अन्य व्यक्ति की जानकारी में नहीं हो सकता है या नहीं है, तथा यदि हथियार उसी स्थान से बरामद किया गया है, तो इस प्रकार का बरामदगी पूरी तरह विश्वसनीय है। जस्टिस डॉ कौशल जयेंद्र ठाकर और जस्टिस अजय त्यागी की बेंच ने हत्या के एक आरोपी (अनुराग शर्मा) की सजा बरकरार रखते हुए यह टिप्पणी की है। अनुराग शर्मा ने अपने ही पिता की हत्या कर दी थी और उसे 2018 में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, मेरठ...

आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में पीड़िता की उम्र साबित करने के लिए उसकी गवाही ली जा सकती है: मद्रास हाईकोर्ट
आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में पीड़िता की उम्र साबित करने के लिए उसकी गवाही ली जा सकती है: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत दोषसिद्धि के फैसले को आईपीसी के एक प्रावधान के तहत यह कहते हुए संशोधित किया कि अभियोजन पक्ष अपराध के समय पीड़िता की उम्र स्थापित करने में विफल रहा था। जस्टिस भरत चक्रवर्ती सलेम स्थित महिला कोर्ट की सेशन जज द्वारा पारित उस फैसले को चुनौती देने वाली एक अपील पर विचार कर रहे थे, जिसमें अपीलकर्ता को पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के साथ पठित 5(के) और 5(जे)(ii) तथा आईपीसी की धारा 506(i) के तहत अपराध का दोषी पाया गया...

जज उत्तम आनंद मर्डर केस में सीबीआई की विशेष अदालत ने दोनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई
जज उत्तम आनंद मर्डर केस में सीबीआई की विशेष अदालत ने दोनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई

झारखंड में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक विशेष अदालत ने शनिवार को न्यायाधीश उत्तम आनंद मर्डर केस में दोनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई।कोर्ट ने पिछले हफ्ते दोनों आरोपियों राहुल कुमार वर्मा और लखन कुमार वर्मा को आईपीसी की धारा 302, 201 और 34 के तहत दोषी पाया था।उल्लेखनीय है कि 28 जुलाई, 2022 को धनबाद के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत एएसजे उत्तम आनंद को सुबह की सैर के दौरान एक वाहन ने टक्कर मार दी थी।घटना के सीसीटीवी दृश्य सोशल मीडिया पर सामने आए, जिससे कानूनी बिरादरी...

यह एक मिथक है कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता खतरे में है: कर्नाटक हाईकोर्ट के जज जस्टिस पी कृष्णा भट ने अपने विदाई भाषण में कहा
"यह एक मिथक है कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता खतरे में है": कर्नाटक हाईकोर्ट के जज जस्टिस पी कृष्णा भट ने अपने विदाई भाषण में कहा

कर्नाटक हाईकोर्ट के जस्टिस पी कृष्णा भट ने गुरुवार को कहा कि 'न्यायपालिका की स्वतंत्रता' के लिए खतरा एक मिथक है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता एक न्यायाधीश द्वारा स्वतंत्र रहकर महसूस की जाती है।हाईकोर्ट द्वारा आयोजित विदाई समारोह में उन्होंने कहा,"न्यायपालिका की स्वतंत्रता' और उसके लिए खतरा चर्चा में है। मेरा मानना है कि 'न्यायपालिका की स्वतंत्रता' के लिए खतरा एक मिथक है। न्यायपालिका की स्वतंत्रता एक न्यायाधीश स्वतंत्र रहकर महसूस करता है। यह कैसे प्राप्त होती है? यह जजों द्वारा केवल...

God Does Not Recognize Any Community, Temple Shall Not Be A Place For Perpetuating Communal Separation Leading To Discrimination
मद्रास हाईकोर्ट ने एडवोकेट की भूमि हथियाने की "प्रेरित" शिकायत खारिज की, कहा- मजिस्ट्रेट धारा 156 (3) सीआरपीसी के तहत शक्ति का प्रयोग सतर्कता से करें

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में इस बात पर जोर दिया था कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156 (3) के तहत न्यायिक विवेक के प्रयोग के बिना मजिस्ट्रेट द्वारा निर्देश जारी नहीं किए जाने चाहिए।प्रियंका श्रीवास्तव और एक अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य और अन्य के फैसले पर भरोसा करते हुए अदालत ने कहा कि मजिस्ट्रेट को आवेदन में लगाए गए आरोपों की प्रकृति के संबंध में सतर्क रहना चाहिए और रूटीन के रूप में निर्देश पारित नहीं करना चाहिए।जस्टिस एन सतीश कुमार ने यह भी कहा कि पुलिस द्वारा किसी अपराध की जांच का आदेश देने...

केरल हाईकोर्ट
दहेज के लिए मौत| साक्ष्य अधिनियम की धारा 113 बी के तहत अनुमान अनिवार्य: केरल हाईकोर्ट ने आत्महत्या के रूप में बंद किए गए मामले को फिर से खोला

केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को दहेज हत्या के एक मामले को फिर से खोलने का निर्देश दिया। जांच के प्रभारी पुलिस उप निरीक्षक ने इसे आत्महत्या के मामले के रूप में बंद कर दिया था।जस्टिस कौसर एडप्पागथ ने कहा कि भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 113 बी (दहेज मृत्यु के रूप में अनुमान) के अनुसार यदि यह देखा जाता है कि एक महिला को उसकी मृत्यु से ठीक पहले दहेज के लिए क्रूरता या उत्पीड़न का सामना करना पड़ा था तो अनिवार्य अनुमान यह है कि ऐसा व्यक्ति दहेज हत्या का कारण बना है।जज ने कहा कि एसआई अपनी अंतिम रिपोर्ट...

बॉम्बे हाईकोर्ट, मुंबई
[पॉक्सो मुकदमे में 8 साल की देरी] बॉम्बे हाईकोर्ट ने निर्दिष्ट अदालतों को मामलों के असमान वितरण पर प्रिंसिपल जज से स्पष्टीकरण मांगा

बॉम्बे हाईकोर्ट ने प्रिंसिपल जज (पीजे), सिटी सिविल एंड सेशंस कोर्ट, मुंबई से यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम के तहत निर्दिष्ट अदालतों में मामलों के असमान वितरण के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा।जस्टिस भारती डांगरे ने कहा कि डिंडोशी में चार कार्यात्मक पोक्सो अदालतों में से अदालत नंबर 11 को 1,228 मामले आवंटित किए गए और 1,070 मामले अदालत नंबर 12 को आवंटित किए गए। हालांकि, शेष दो अदालतों को प्रत्येक को केवल 138 और 116 मामले सौंपे गए।अदालत ने कहा,"मामलों के वितरण में असमानता समझ...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वघोषित 'अंतर्राष्ट्रीय हिंदू नेता' को जमानत दी, उस पर योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता का दुरुपयोग कर बड़े पैमाने पर लोगों को धोखा देने का आरोप

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में एक स्वघोषित अंतरराष्ट्रीय हिंदू नेता और योगी सेना नामक एक संगठन के प्रमुख कुलदीप शर्मा उर्फ ​​कुलदीप हिंदू को जमानत दे दी है। उस पर धोखाधड़ी से बड़े पैमाने पर जनता से पैसे ऐंठने का आरोप है।जस्टिस कृष्ण पहल की खंडपीठ ने मामले के समग्र तथ्यों और परिस्थितियों, और अपराध की प्रकृति, रिकॉर्ड पर मौजूदा साक्ष्य, उसकी संलिप्तता और संविधान के अनुच्छेद 21 के वृहत्तर जनादेश को देखते हुए उसे जमानत दे दी। वह दिसंबर 2020 से जेल में था।शर्मा के खिलाफ धारा 419, 420, 467, 469...

दिल्ली हाईकोर्ट
कोई व्यक्ति कानून का उल्लंघन करे और स्वतंत्रता का आनंद भी ले, ऐसा संवैधानिक योजना में शामिल नहींः दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने दंगा मामले में एक व्यक्ति को अग्रिम जमानत देने से इनकार करते हुए कहा, "ऐसी धारणा बनाने का कोई भी प्रयास कि कोई कानून को धोखा दे सकता है और फिर भी वह स्वतंत्रता का आनंद ले सकता है, संवैधानिक योजना में शामिल लहीं है।"जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने कहा कि जब कोई व्यक्ति मनमाना व्यवहार करता है तो समाज उसे अस्वीकार कर देता है और उसने कानूनी नतीजे भुगतने पड़ते हैं। कोर्ट ने उक्त टिप्पणियां भारतीय दंड संहिता की धारा 145, 147, 148, 149, 186, 353, 308 और 505, सार्वजनिक संपत्ति के...

कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने 10 अगस्त तक 4 रोहिंग्या मुस्लिम महिलाओं को म्यांमार भेजने के भारत सरकार के फैसले पर रोक लगाई

कलकत्ता हाईकोर्ट ने अस्थायी उपाय के रूप में भारत संघ को 4 रोहिंग्या शरणार्थी महिलाओं को 10 अगस्त तक म्यांमार भेजने से रोक दिया।जस्टिस मौसमी भट्टाचार्य की पीठ ने आगे निर्देश दिया कि 4 महिलाओं को गरिमा के साथ जीने के लिए उनके अधिकार के अनुरूप सुविधाएं प्रदान की जानी चाहिए।न्यायालय 4 महिलाओं द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा है, जिन्होंने 20 जुलाई, 2019 को नजरबंदी की अवधि पूरी कर ली है। हालांकि, वे तब से दमदम सुधार गृह में हैं।अपनी रिट याचिका में उन्होंने प्रतिवादी अधिकारियों को उन्हें म्यांमार न...

आदेशों की सर्टिफाइट कॉपी प्राप्त करने के लिए फोलियो पर एडवोकेट बैंड, गैवेल और न्याय प्रतीक का उपयोग क्यों किया जा रहा है? इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी बार काउंसिल से पूछा
आदेशों की सर्टिफाइट कॉपी प्राप्त करने के लिए फोलियो पर एडवोकेट बैंड, गैवेल और न्याय प्रतीक का उपयोग क्यों किया जा रहा है? इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी बार काउंसिल से पूछा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सचिव, उत्तर प्रदेश बार काउंसिल, प्रयागराज को कारण बताने के लिए नोटिस जारी किया है कि एडवोकेट बैंड, गैवेल और न्याय के प्रतीक का उपयोग फोलियो (आवेदन) पर वकीलों द्वारा आदेश की प्रमाणित प्रति (Certified Copy) प्राप्त करने के लिए कैसे किया जा रहा है।जस्टिस सूर्य प्रकाश केसरवानी और जस्टिस जयंत बनर्जी की पीठ ने शबनम ज़हीर (अपीलकर्ता) द्वारा मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 37 के तहत दायर एक अपील पर सुनवाई करते हुए इस प्रथा पर आपत्ति जताई।जब न्यायालय मामले के रिकॉर्ड का...

गुवाहाटी हाईकोर्ट
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने फेसबुक पर उल्फा की विचारधारा का कथित तौर पर प्रचार करने वाले UAPA आरोपी को जमानत देने से इनकार किया

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने सोमवार को प्रतिबंधित संगठन (ULFA ) की विचारधारा का प्रचार करने के लिए कथित रूप से आपत्तिजनक पोस्ट करने पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए )के तहत गिरफ्तार 24 वर्षीय युवक को जमानत देने से इनकार कर दिया।जस्टिस कल्याण राय सुराणा की पीठ ने केस डायरी का अवलोकन करते हुए कहा कि अब तक की गई जांच में याचिकाकर्ता को प्रतिबंधित संगठन की विचारधारा का प्रचार करने वाले आपत्तिजनक पोस्ट करने का आरोप लगाया गया है, जिसे याचिकाकर्ता ने अपने फेसबुक अकाउंट पर अपलोड किया...

P&H High Court Dismisses Protection Plea Of Married Woman Residing With Another Man
धारा 307 आईपीसी के तहत गिरफ्तारी के कारण लॉ स्टूडेंट की अटेंडेंस हुई कम, कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी ने परीक्षा देने से रोका; पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने निर्णय की पुष्टि की

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के विधि संस्थान के उस फैसले को बरकरार रखा है, जिसके तहत आईपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत आरोपी कानून के एक छात्र को 10वीं सेमेस्टर [बीए एलएलबी (ऑनर्स) कोर्स] की थ‌ियरी की परीक्षा में शामिल होने से रोक दिया गया था।जस्टिस सुधीर मित्तल की पीठ ने कहा कि चूंकि विश्वविद्यालय अध्यादेश के खंड 4 में न्यायिक हिरासत में होने के कारण उपस्थिति की कमी को माफ करने का प्रावधान नहीं है, इसलिए अदालत ने छात्र द्वारा दायर याचिका को खारिज...

अभियुक्तों की आवाज का सैंपल कोर्ट की अनुमति से चार्जशीट दाखिल करने के बाद प्राप्त किया जा सकता है : दिल्ली हाईकोर्ट
अभियुक्तों की आवाज का सैंपल कोर्ट की अनुमति से चार्जशीट दाखिल करने के बाद प्राप्त किया जा सकता है : दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि आरोप तय करना अभियोजन पक्ष के आवाज के सैंपल पर विशेषज्ञ राय प्राप्त करने के अधिकार को पराजित नहीं कर सकता, जिसे अदालत ने लेने की अनुमति दी हो।जस्टिस आशा मेनन ने कहा कि आवाज का सैंपल लेने का उद्देश्य किसी अपराध की जांच करना है, लेकिन इसकी व्याख्या करना गलत होगा कि आवाज का सैंपल केवल आरोप पत्र दायर करने के समय के भीतर ही लेना होगा, उसके बाद नहीं।अदालत ने हरियाणा सिविल सेवा (न्यायिक) (प्रारंभिक) परीक्षा 2017 के लिए निर्धारित प्रश्न पत्र के लीक होने से संबंधित मामले में...