मुख्य सुर्खियां

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कोर्ट के कर्मचारियों से आदेश बदलवाने की कोशिश करने पर वकील को कड़ी फटकार लगाई
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कोर्ट के कर्मचारियों से आदेश बदलवाने की कोशिश करने पर वकील को कड़ी फटकार लगाई

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में अदालत के कर्मचारियों के माध्यम से न्यायिक आदेश में बदलाव करने की कोशिश कर रहे एक वकील के आचरण पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की।निजी सचिव (पीएस), जिन्होंने अदालत में डिक्टेशन लिया था, उन्होंने बताया कि याचिकाकर्ता के वकील ने आदेश में कुछ बदलाव करने का अनुरोध किया था, जिस पर अदालत ने कहा, "यह आचरण अशोभनीय है और हम खुली अदालत में सुनाए गए न्यायिक आदेश को बदलने और अदालत में सुनवाई के बिना और दूसरे पक्ष को नोटिस दिए बिना ऐसा करने के इस प्रयास पर अपनी गंभीर नाराजगी व्यक्त करते...

गुजरात हाईकोर्ट
संपत्ति का कब्जा/स्वामित्व बिजली चोरी के खिलाफ कार्यवाही के लिए प्रासंगिक विचार: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट के एक हालिया आदेश में बिजली अधिनियम की धारा 135 के तहत कथित रूप से बिना लाइसेंस के कनेक्शन के एक व्यक्ति को बरी करने के आदेश में यह स्पष्ट किया कि मामले में संपत्ति के स्वामित्व/कब्जे को ध्यान में रखा जाना चाहिए।जस्टिस अशोककुमार जोशी ने राज्य की अपील को कई आधारों पर खारिज कर दिया, जिसमें यह तथ्य भी शामिल था कि पुलिस ने तथाकथित घटना स्थल के लिए आरोपी के कब्जे या स्वामित्व को दिखाने के लिए कोई प्रमाण पत्र या दस्तावेज नहीं मांगे थे।यह माना गया कि ट्रायल कोर्ट के आदेश ने गवाहों के...

Install Smart Television Screens & Make Available Recorded Education Courses In Shelter Homes For Ladies/Children
राजस्थान हाईकोर्ट ने बेंच हंटिंग के लिए चिकित्सा संस्थान पर 10 लाख रुपए का जुर्माना के आदेश को बरकरार रखा

राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan High Court) की प्रधान पीठ (जोधपुर) ने सिंगल जज पीठ के आदेश को बरकरार रखा है, जिसमें फोरम शॉपिंग के लिए एक चिकित्सा संस्थान पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।धनवंतरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस द्वारा दायर याचिका को अप्रैल में हाईकोर्ट की जयपुर पीठ से वापस लेने के रूप में खारिज कर दिया गया था, संस्थान ने अगले दिन प्रिंसिपल सीट से संपर्क किया था, पूर्व याचिका के तथ्य का खुलासा किए बिना इसी तरह की राहत की मांग की।इस आलोक में एकल न्यायाधीश ने 10 लाख के जुर्माने के...

मद्रास हाईकोर्ट
क्या मोटर दुर्घटना दावों में अनुमानित आय का आकलन करने के लिए 'लागत मुद्रास्फीति सूचकांक' या 'उपभोक्ता मूल्य सूचकांक' का उपयोग किया जाता है? मद्रास हाईकोर्ट ने सवाल बड़ी बेंच को संदर्भित किया

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में मोटर दुर्घटना के दावों में काल्पनिक आय और इसके परिणामस्वरूप मुआवजे के अनुदान को तय करने में कुछ "विसंगतियों" पर ध्यान दिया। चूंकि इस मुद्दे पर दो खंडपीठों के परस्पर विरोधी आदेश हैं, इसलिए अदालत ने कहा कि एक बड़ी पीठ द्वारा न्यायिक घोषणा की आवश्यकता है।जस्टिस पीटी आशा ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि वह निम्नलिखित मुद्दों को हल करने के लिए उचित शक्ति की एक पीठ गठित करने के अनुरोध के साथ कागजात मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखे:1. क्या केंद्र और राज्य सरकार द्वारा मजदूरी को...

एक निश्चित समय बीतने और संकट समाप्त होने के बाद अनुकंपा नियुक्ति का दावा/पेशकश नहीं की जा सकती: इलाहाबाद हाईकोर्ट
एक निश्चित समय बीतने और संकट समाप्त होने के बाद अनुकंपा नियुक्ति का दावा/पेशकश नहीं की जा सकती: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति का दावा या पेशकश नहीं की जा सकती है, जो महत्वपूर्ण समय व्यतीत होने और संकट समाप्त होने के बाद हो।अदालत ने टिप्पणी की,"अनुकम्पा नियुक्ति का उद्देश्य संबंधित कर्मचारी की अप्रत्याशित मौत के कारण शोक संतप्त परिवार को तत्काल वित्तीय संकट से उबारना है।"जस्टिस सौरभ श्याम शमशेरी की पीठ ने संजय कुमार सिंह की याचिका को खारिज करते हुए उक्त टिप्पणी की। सिंह ने अपने दत्तक पिता की मृत्यु के कारण अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति की मांग की थी, जिनकी...

5 साल की बच्ची के अपहरण का मामला | पुलिस जांच संतोषजनक नहीं, बताएं कि मामला सीबीआई को क्यों न ट्रांसफर किया जाए: पटना हाईकोर्ट ने मुजफ्फरपुर एसएसपी से पूछा
5 साल की बच्ची के अपहरण का मामला | पुलिस जांच संतोषजनक नहीं, बताएं कि मामला सीबीआई को क्यों न ट्रांसफर किया जाए: पटना हाईकोर्ट ने मुजफ्फरपुर एसएसपी से पूछा

पटना हाईकोर्ट ने मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को यह कारण बताने का निर्देश दिया है कि 5 साल की बच्ची के अपहरण से जुड़े मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो को क्यों न भेजा जाए। अदालत ने याचिकाकर्ता (राजन साह) की छह वर्षीय बेटी खुशी के अपहरण से संबंधित मामले की सुनवाई करते हुए इस प्रकार आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि राज्य पुलिस द्वारा की गई जांच संतोषजनक नहीं थी।जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद की खंडपीठ ने यह आदेश दिया,"इसमें बताए गए तथ्य इस न्यायालय को पीड़ित की बरामदगी के लिए जांच एजेंसी द्वारा किए गए...

सीआरपीसी शिकायत में संशोधन करने पर रोक नहीं लगाता, दूसरे पक्षकार के प्रति कोई पूर्वाग्रह न हो तो अदालत ऐसे अनुरोध की अनुमति दे सकती है: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
सीआरपीसी शिकायत में संशोधन करने पर रोक नहीं लगाता, दूसरे पक्षकार के प्रति कोई पूर्वाग्रह न हो तो अदालत ऐसे अनुरोध की अनुमति दे सकती है: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि परक्राम्य लिखत अधिनियम के तहत मामले में शिकायतकर्ता अपनी शिकायत में संशोधन/संशोधन कर सकता है। इस तरह के संशोधनों को किस स्तर और किस हद तक अनुमति दिए जाने के संबंध में अदालत ने कहा कि किसी भी स्तर पर साधारण संशोधन की अनुमति दी जा सकती है, जिससे आरोपी को कोई नुकसान न हो।जस्टिस डी.के. पालीवाल ने देखा,यह निर्विवाद है कि शिकायतकर्ता के संशोधन से संबंधित दंड प्रक्रिया संहिता में कोई विशेष प्रावधान नहीं है। साथ ही शिकायतकर्ता को अपनी शिकायत में संशोधन करने की...

Consider The Establishment Of The State Commission For Protection Of Child Rights In The UT Of J&K
मोटर वाहन अधिनियम के तहत याचिका में दलीलों के बारीक तत्वों को शामिल न करना दावेदार के लिए घातक नहीं: जम्मू और कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट

जम्मू और कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने मंगलवार को एक फैसले में कहा कि बहस के बारीक तत्व, जिनका दीवानी मुकदमे जैसी कार्यवाही में उल्लेख किया जाना आवश्यक है, यदि मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के तहत दायर दावा याचिका में उन्हें शामिल नहीं किया गया तो यह जरूरी नहीं कि दावेदार के लिए यह घातक साबित होगा।जस्टिस पुनीत गुप्ता की एक पीठ एक अपील पर सुनवाई कर रही थी। अपीन में याचिकाकर्ता ने मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण, उधमपुर के आदेश को चुनौती दी थी, जिसने मृतक-बेटी पर उसकी निर्भरता के कारण मुआवजे के...

दिल्ली हाईकोर्ट
सह-आरोपी का इकबालिया बयान; दिल्ली हाईकोर्ट ने आरोप अटकलों के आधार पर होने के कारण चार्टर्ड अकाउंट के खिलाफ आरोप खारिज किए

दिल्ली हाईकोर्ट ने चार्टर्ड अकाउंट के खिलाफ आपराधिक प्रक्रिया संहिता, 1973 (सीआरपीसी) की धारा 164 के तहत सह-आरोपी द्वारा दिए गए इकबालिया बयानों के आधार पर अपने मुवक्किल को मनी लॉन्ड्रिंग में सहायता करने के लिए लगाए गए आरोपो खारिज कर दिये।जस्टिस आशा मेनन की एकल पीठ ने कहा कि सीआरपीसी की धारा 164 के तहत सह-आरोपी द्वारा दिए गए बयान भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराधों के गठन में साजिश में भागीदारी स्थापित करने के लिए अपर्याप्त हैं।याचिकाकर्ता विनोद कुमार किला ने विशेष न्यायाधीश, सीबीआई द्वारा...

दिल्ली हाईकोर्ट से महिला ने इच्छामृत्यु के लिए दोस्त को विदेश जाने से रोकने की मांग वाली याचिका वापस ली
दिल्ली हाईकोर्ट से महिला ने इच्छामृत्यु के लिए दोस्त को विदेश जाने से रोकने की मांग वाली याचिका वापस ली

दिल्ली हाईकोर्ट से महिला ने अपने दोस्त को "इच्छामृत्यु" के लिए यूरोप की यात्रा करने से रोकने की मांग करने वाली याचिका वापस ले ली।याचिकाकर्ता ने अपने पुरुष मित्र को विदेश जाने देने की मंजूरी देने से रोकने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। उक्त पुरुष को क्रोनिक थकान सिंड्रोम बीमारी है।जस्टिस यशवंत वर्मा को एडवोकेट सुभाष चंद्रन ने अवगत कराया कि उनके पास याचिका वापस लेने का निर्देश। उन्होंने कहा कि याचिका दायर करने वाली महिला को जब पता चला कि मामला दर्ज करने से उसके दोस्त को "सदमा" हुआ है तो उसने...

दुनिया जब ओणम मनाती है तो ये लोग भूखे रहते हैं: केरल हाईकोर्ट ने केएसआरटीसी कर्मचारियों को लंबित वेतन देने में देरी की निंदा की
'दुनिया जब ओणम मनाती है तो ये लोग भूखे रहते हैं': केरल हाईकोर्ट ने केएसआरटीसी कर्मचारियों को लंबित वेतन देने में देरी की निंदा की

केरल हाईकोर्ट ने बुधवार को केएसआरटीसी कर्मचारियों के लंबित वेतन के वितरण में देरी पर निराशा व्यक्त की। इस तरह अधिकारियों से कर्मचारियों के वेतन का भुगतान करने के लिए केएसआरटीसी की संपत्ति का उपयोग करने के लिए कहा।जस्टिस देवन रामचंद्रन ने न्यायालय द्वारा बार-बार आदेश पारित करने के बाद भी देरी पर असंतोष व्यक्त किया।कोर्ट ने टिप्पणी की,"जब दुनिया ओणम मना रही है तो ये लोग भूखे रहेंगे।"केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) ने पहले अपने कर्मचारियों को भुगतान किए जाने वाले वेतन का भुगतान करने के लिए...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य के जनजातीय क्षेत्र मेलघाट में कुपोषण से हुई बच्चों की मौत पर चिंता व्यक्त की
बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य के जनजातीय क्षेत्र मेलघाट में कुपोषण से हुई बच्चों की मौत पर चिंता व्यक्त की

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को अमरावती जिले के मेलघाट के आदिवासी बेल्ट में सोलह वर्षों में कुपोषण के कारण कई बच्चों की मौत पर चिंता व्यक्त की।चीफ जस्टिस दीपांकर दत्ता ने कहा,"...हम मुख्य रूप से इस बात से चिंतित हैं कि मौतें क्यों नहीं घट रही हैं।"2006 में याचिका दायर किए जाने के बाद से सोलह वर्षों में मौतों में उल्लेखनीय कमी नहीं आई है।चीफ जस्टिस ने एक घटना का भी उल्लेख किया, जिसमें पालघर जिले के बोटोशी गांव में कोई अस्पताल नहीं होने के कारण मां ने अपने जुड़वां बच्चों को खो दिया।चीफ जस्टिस दीपांकर...

दिल्ली हाईकोर्ट ने पोक्सो दोषसिद्धि को कम गंभीर अपराध में संशोधित किया, दोषी के अधिकतम सज़ा काटने के बाद उसे रिहा किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने पोक्सो दोषसिद्धि को कम गंभीर अपराध में संशोधित किया, दोषी के अधिकतम सज़ा काटने के बाद उसे रिहा किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने माना कि नाबालिग का यौन शोषण करने के आरोपी व्यक्ति को पोक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत पेनिट्रेटिव यौन हमले के अपराध के लिए दंडित नहीं किया जा सकता, जब कथित कृत्य में 'पेनिट्रेशन' न हो।जस्टिस जसमीत सिंह की पीठ ने कहा कि पेनिट्रेशन के बिना इस तरह का कार्य केवल पॉक्सो एक्ट की धारा 9 (एम) के अनुसार बलात्कार या यौन उत्पीड़न का प्रयास है, जो एक्ट की धारा 10 के तहत 5-7 साल के कारावास के साथ दंडनीय है।अदालत मोहम्मद अज़ीज़ुल द्वारा तीन साल की नाबालिग लड़की पर गंभीर यौन उत्पीड़न के लिए दोषी...

दिल्ली हाईकोर्ट
'पुलिस तीन महीने के भीतर जांच पूरी करे': दिल्ली हाईकोर्ट ने रेप केस में भाजपा नेता सैयद शाहनवाज हुसैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने कथित 2018 रेप केस (Rape Case) में भाजपा (BJP) नेता सैयद शाहनवाज हुसैन (Syed Shahnawaz Hussain) के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने देखा कि शहर की पुलिस की ओर से एफआईआर दर्ज करने की पूरी तरह से अनिच्छा दिखाई दे रही है।जस्टिस आशा मेनन ने निर्देश दिया कि मामले की जांच पूरी की जाए और सीआरपीसी की धारा 173 के तहत एक विस्तृत रिपोर्ट तीन महीने की अवधि के भीतर एमएम के समक्ष प्रस्तुत की जाए।अदालत ने पूर्व केंद्रीय मंत्री द्वारा 12 जुलाई, 2018 के विशेष...

वकील कोर्ट के अधिकारी हैं, वे उसी तरह के सम्मान के हकदार हैं जो न्यायिक अधिकारियों और कोर्ट के पीठासीन अधिकारियों को दिया जाता है: जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट
'वकील कोर्ट के अधिकारी हैं, वे उसी तरह के सम्मान के हकदार हैं जो न्यायिक अधिकारियों और कोर्ट के पीठासीन अधिकारियों को दिया जाता है': जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट

जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि वकील कोर्ट के अधिकारी हैं और वे उसी तरह के सम्मान के हकदार हैं जो न्यायिक अधिकारियों और कोर्ट के पीठासीन अधिकारियों को दिया जा रहा है।जस्टिस संजय धर ने देखा,"बेंच और बार न्याय के रथ के दो पहिये हैं। दोनों समान हैं और कोई भी दूसरे से श्रेष्ठ नहीं है। बार के सदस्य भी अत्यंत सम्मान और गरिमा के पात्र हैं।"अदालत एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें याचिकाकर्ताओं ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, श्रीनगर द्वारा पारित आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत...

समय की आवश्यकता: दिल्ली हाईकोर्ट ने इंटरफेथ कपल्स की सुरक्षा के लिए गठित स्पेशल सेल के विज्ञापन के लिए कहा
'समय की आवश्यकता': दिल्ली हाईकोर्ट ने इंटरफेथ कपल्स की सुरक्षा के लिए गठित स्पेशल सेल के विज्ञापन के लिए कहा

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने बुधवार को इंटरफेथ विवाहित जोड़ों (Inter-Faith Couples) को सुरक्षा प्रदान करने के लिए शहर में गठित जिला स्पेशल सेल के संवेदीकरण और विज्ञापन करने के लिए कहा है। कोर्ट ने देखा कि ऐसा करना समय की आवश्यकता है।जस्टिस जसमीत सिंह एनजीओ धनक ऑफ ह्यूमैनिटी द्वारा दायर एक याचिका पर विचार कर रहे थे, जिसमें एक अंतर-धार्मिक जोड़े ने एक सुरक्षित घर में आश्रय की मांग की थी।दंपति ने दावा किया कि उन्हें अपने परिवारों से धमकी मिल रही है और आरोप लगाया कि उन्हें शहर में किराए के...

Consider The Establishment Of The State Commission For Protection Of Child Rights In The UT Of J&K
वकील और कोर्ट के बीच कठोर शब्दों का आदान प्रदान किसी याचिका को दूसरी अदालत में ट्रांसफर करने का ठोस आधार नहीं : जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट

जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि केवल इसलिए कि अदालत और वकील के बीच बहस के दौरान कठोर शब्दों के आदान-प्रदान की घटना होती है, यह किसी याचिका को एक अदालत से दूसरी अदालत में स्थानांतरित करने का ठोस आधार नहीं हो सकता। जस्टिस संजय धर की अदालत एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें याचिकाकर्ताओं ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, श्रीनगर द्वारा पारित एक आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत याचिकाकर्ताओं ने अदालत से घरेलू हिंसा से महिलाओं के संरक्षण अधिनियम की धारा 12 के तहत मामला न्यायिक...