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केरल हाईकोर्ट ने अनधिकृत झंडे, बैनर के मुद्दे पर 'लुका-छिपी खेलने' पर राज्य सरकार को फटकार लगाई
केरल हाईकोर्ट ने केरल सरकार से अवैध फ्लैग पोस्ट, बोर्ड और बैनर लगाने के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने के लिए कहा। हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार इस मुद्दे पर कोर्ट से 'लुका-छिपी' का खेल न खेले। यह देखते हुए कि न्यायालय लगभग चार वर्षों से उक्त मुद्दे से निपट रहा था, जस्टिस देवन रामचंद्रन ने कहा, "अगर सरकार को लगता है कि इस न्यायालय को आगे नहीं बढ़ना चाहिए और यह मामला चार साल पहले जैसा होना चाहिए, तो हमें एक नया केरल बनाने के दावों से बचना चाहिए और यथास्थिति से खुश रहना चाहिए"।अदालत ने...
[ज्ञानवापी] ऑर्डर 7 रुल 11 सीपीसी याचिका को खारिज करने के वाराणसी कोर्ट के आदेश को मस्जिद कमेटी की चुनौती: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनवाई 19 अक्टूबर तक के लिए स्थगित की
इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने हिंदू उपासकों के मुकदमे की स्थिरता के खिलाफ दायर अपने ऑर्डर 7 रुल 11 सीपीसी याचिका को खारिज करने के वाराणसी कोर्ट के आदेश (12 सितंबर, 2022) को चुनौती देने वाली ज्ञानवापी मस्जिद कमेटी की रिवीजन याचिका पर सुनवाई आज स्थगित कर दी।गौरतलब है कि जस्टिस जे जे मुनीर की खंडपीठ ने मौखिक रूप से टिप्पणी की थी कि ऑर्डर 7 रुल 11 के तहत एक आदेश को चुनौती देने वाली पुनरीक्षण याचिका का दायरा सीमित है। हालांकि, दोनों पक्षों के सहमत होने के बाद उन्होंने मामले को 19...
आदेश I नियम 10 सीपीसी | डोमिनस लिटिस के सिद्धांत का उपयोग आवश्यक पक्षों को मुकदमे से बाहर करने के लिए नहीं किया जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में माना कि ट्रायल कोर्ट के पास सिविल प्रोसीजर कोड के आदेश एक नियम 10 (2) के तहत, यदि आवश्यक हो तो एक पक्ष को प्रतिवादी के रूप में जोड़ने की "पूर्ण शक्ति" है, भले ही वादी ने उक्त पक्ष का चुनाव न किया हो।कोर्ट ने कहा,"डोमिनस लिटिस के सिद्धांत को पक्षकारों को शामिल करने के मामले में अधिक नहीं बढ़ाया जा सकता है, जिसका नतीजा यह हो सकता है कि आवश्यक पार्टियों की अनुपस्थिति में अप्रभावी डिक्री पारित होंगी या जहां गैर-हितधारक व्यक्तियों / अधिकारियों के खिलाफ जानबूझकर डिक्री...
[राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम] दूसरे अवॉर्ड की अनुमति नहीं, राज्य की कारवाइयां अगर पार्टियों के अधिकारों को प्रभावित कर रही हैं तो उन्हें शुरु में ही दबा दिया जाना चाहिए: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा है कि राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम अधिनियम के 3-ए और 3-डी के तहत अधिसूचनाओं के अनुसार अधिग्रहित भूमि के संबंध में दूसरा अवॉर्ड जारी करने का प्रावधान नहीं करता है।जस्टिस ई एस इंदिरेश की एकल न्यायाधीश पीठ ने याचिकाओं के एक बैच की अनुमति दी और सक्षम प्राधिकारी द्वारा 22 जनवरी, 2021 और 27 जनवरी, 2021 के आदेश के दूसरे फैसले को रद्द कर दिया, जिसके तहत याचिकाकर्ताओं को उनकी जमीन के बदले कम मुआवजा दिया गया था।याचिकाकर्ताओं में से एक की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट जी एस कन्नूर ने तर्क...
सुप्रीम कोर्ट से दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन ने मामले को दूसरे जज को ट्रांसफर करने को चुनौती देने वाली याचिका वापस ली
दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन ने पीएमएलए मामले में उनकी जमानत याचिका को दूसरी अदालत में स्थानांतरित करने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका वापस ले ली।जैन के वकील विवेक जैन एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड ने मामले को वापस ले लिया ताकि जमानत के उपाय को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस कृष्ण मुरारी की पीठ ने पिछले हफ्ते (11 अक्टूबर) जैन की याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय को नोटिस जारी किया था और मामले को 31 अक्टूबर को सुनवाई के लिए पोस्ट किया...
एक साल के भीतर छोड़ दी गई प्रेमिका से शादी करे: बॉम्बे हाईकोर्ट की बलात्कार के आरोपी के लिए जमानत शर्त
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महिला से बलात्कार करने और उसे छोड़ देने के आरोपी व्यक्ति को इस शर्त पर जमानत दे दी कि वह उससे एक साल के भीतर शादी कर लेगा।जस्टिस भारती डांगरे ने पाया कि पीड़िता और आरोपी के बीच सहमति से संबंध थे और जब वह छह महीने की गर्भवती थी तो उस व्यक्ति ने उससे शादी करने से इनकार कर दिया।आरोपी ने प्रस्तुत किया कि वह और उसके परिवार के सदस्य शादी करने और बच्चे के पितृत्व को स्वीकार करने के लिए तैयार है। हालांकि, अदालत को बताया गया कि पीड़िता अब लापता है, क्योंकि उस पर बच्चे को छोड़ने का आरोप...
श्रीलंका में नस्लीय संघर्ष के प्रमुख शिकार हिंदू तमिल थे; सीएए 2019 के सिद्धांत उन पर लागू: मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट (मदुरै बेंच) ने एक महत्वपूर्ण अवलोकन में कहा कि नागरिकता (संशोधन) अधिनियम 2019 के सिद्धांतों को बहुत अच्छी तरह से हिंदू तमिलों पर लागू किया जा सकता है, जो श्रीलंका में नस्लीय संघर्ष के प्रमुख शिकार थे।जस्टिस जीआर स्वामीनाथन की पीठ ने ऐसी टिप्पणी इसलिए कि उन्होंने इस तथ्य को ध्यान में रखा कि श्रीलंका सीएए 2019 के दायरे में नहीं आता है। उल्लेखनीय है कि सीएए केवल पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता प्राप्त करने की अनुमति देता है।कोर्ट ने...
धारा 319 सीआरपीसी| अतिरिक्त अभियुक्तों को समन करने के लिए संतुष्टि की डिग्री, अपराध में उनके शामिल होने की संभावना से कहीं अधिक मजबूत होनी चाहिए: जेएंडकेएंड एल हाईकोर्ट
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में दोहराया कि मुकदमे के दरमियान एक अतिरिक्त आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए, अपराध में उसके शामिल होने की संभावना से कहीं अधिक मजबूत सबूत उसके खिलाफ होना चाहिए।जस्टिस संजय धर ने अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश, भ्रष्टाचार विरोधी, कश्मीर, श्रीनगर द्वारा पारित आदेश के खिलाफ दायर एक याचिका पर यह टिप्पणी की।विशेष न्यायाधीश ने अपने आदेश में अभियोजन पक्ष के गवाहों की परीक्षा पूरी होने के बाद 2012 में सतर्कता संगठन को याचिकाकर्ता के खिलाफ जम्मू-कश्मीर भ्रष्टाचार...
आईपीसी धारा 498ए के तहत घरेलू हिंसा के मामलों में समझौता होने के बाद भी पक्षकारों को मुकदमा आगे बढ़ाने के लिए मजबूर करना खतरनाक: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि जब एक पति-पत्नी खुशी से रहना चाहते हैं तो उन्हें मुकदमा कायम रखने के लिए मजबूर करना "हानिकारक" होगा। कोर्ट ने उक्त टिप्पणियों के साथ पार्टियों के बीच समझौता होने पर घरेलू हिंसा के मामलों को रद्द करने के महत्व को रेखांकित किया।कोर्ट ने कहा,"न्याय का लक्ष्य समाज की इकाई यानी परिवार की एकजुटता को बढ़ावा देना और मजबूत करना है। पार्टियों को किसी मुद्दे पर मुकदमा कायम रखने के लिए मजबूर करना समाज के लिए खतरनाक होगा, खासकर जब पार्टियों ने आपस में एक समझौता किया हो और वे...
पीएफआई हड़ताल: केरल हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को संपत्ति के नुकसान की राशि के संबंध में रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया
केरल हाईकोर्ट (Kerala High Court) ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वो 23 सितंबर को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और उसके महासचिव ए. अब्दुल सत्तार द्वारा दिए गए हड़ताल के संबंध में नुकसान की राशि पर रिपोर्ट दाखिल करें।अदालत ने पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारी और विभिन्न अदालतों में लंबित जमानत आवेदनों के बारे में भी जानकारी मांगी। यह पीएफआई के खिलाफ पिछले महीने कोर्ट की ओर से शुरू की गई स्वत: संज्ञान अवमानना मामले की सुनवाई कर रहा था।जस्टिस ए.के. जयशंकरन नांबियार और जस्टिस मोहम्मद नियास सी.पी. की...
आने वाले सप्ताह में मामलों का अधिकतम निपटान सुनिश्चित करके मुझे सम्मानित करें: जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अली मोहम्मद माग्रे ने कहा
चीफ जस्टिस ऑफ जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट के रूप में 14 अक्टूबर को शपथ लेने जस्टिस अली मोहम्मद माग्रे ने जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख के दो केंद्र शासित प्रदेशों में न्यायिक अधिकारियों से आने वाले सप्ताह में मामलों का अधिकतम निपटान सुनिश्चित करने का आग्रह किया, जब लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा।जम्मू एंड कश्मीर कानूनी सेवा प्राधिकरण और लद्दाख कानूनी सेवा प्राधिकरण 21 अक्टूबर, 2022 को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष लोक अदालत का आयोजन कर रहे हैं।विशेष लोक अदालत सीजे माग्रे के संरक्षण...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बलात्कार के आरोपी को जांच पूरी होने तक अग्रिम जमानत दी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बलात्कार के आरोपी को जांच पूरी होने तक या पुलिस रिपोर्ट/चार्जशीट दाखिल होने तक अग्रिम जमानत दे दी।जस्टिस राजेश सिंह चौहान की खंडपीठ ने आरोपी को राहत दी, क्योंकि उसने कहा कि पीड़ित और आरोपी दोनों ने एक-दूसरे से शादी कर ली और अब पति-पत्नी के रूप में खुशी-खुशी रह रहे हैं।अदालत ने टिप्पणी की,"इसलिए मुद्दे के गुण-दोष में प्रवेश किए बिना पक्षकारों के वकीलों के तर्कों पर विचार करते, रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री को देखते हुए और यह देखते हुए कि आरोपी और पीड़ित दोनों खुशी-खुशी रह रहे...
"पति के खिलाफ झूठे मामले दर्ज करना क्रूरता": पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पति को तलाक की डिक्री दी, पत्नी को स्थायी भरणपोषण के रूप में 18 लाख रुपये दिए
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में एक व्यक्ति की ओर से दायर याचिका पर उसे तलाक की डिक्री प्रदान की। उसने पत्नी को अलग रहने और उसके साथ क्रूरता करने आधार पर उसके खिलाफ याचिका दायर की थी। पत्नी ने पति के खिलाफ कई झूठे और ओछे मामले दर्ज कराए थे। जस्टिस रितु बाहरी और जस्टिस निधि गुप्ता की खंडपीठ ने पत्नी को पूर्ण और अंतिम निस्तारण के रूप में अठारह लाख रुपये की राशि का स्थायी गुजारा भत्ता भी दिया। साथ ही यह नोट किया पति पहले मुकदमे के दरमियान पत्नी को भरण-पोषण के रूप में 23 लाख रुपये प्रदान...
अब वह मृतक पर आश्रित नहीं है, विवाहित बेटी अनुकंपा नियुक्ति का दावा नहीं कर सकती : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने हाल ही में मृत कर्मचारी की विवाहित बेटी को अनुकंपा रोजगार देने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि अब वह अपने पिता की आय पर 'आश्रित' नहीं रहेगी।जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास ने कहा कि याचिकाकर्ता-बेटी की शादी उसके पिता की मृत्यु से पहले हुई थी, इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि वह उसकी कमाई पर निर्भर थी।बेंच ने महाराष्ट्र राज्य और अन्य बनाम माधुरी मारुति विधाते मामले में सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले पर बहुत भरोसा किया, जहां यह माना गया कि विवाहित बेटी को उसकी मृत मां पर निर्भर नहीं...
झारखंड हाईकोर्ट ने नकद जब्ती मामले में कांग्रेस के तीन निलंबित विधायकों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगाने से किया इनकार
झारखंड हाईकोर्ट (Jharkhand High Court) ने झारखंड के तीन निलंबित कांग्रेस विधायकों (इरफान अंसारी, राजेश कच्छप, और नमन बिक्सल कोंगारी) के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।जुलाई 2022 में पश्चिम बंगाल पुलिस ने कथित तौर पर उनके कार से लगभग 49 लाख नकद जब्त करने के बाद गिरफ्तार किया था।जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की पीठ ने कोलकाता पुलिस को मामले की जांच जारी रखने की इजाजत दे दी है। हालांकि अदालत ने पुलिस से कहा है कि वो सुनवाई की अगली तारीख तक मामले में चार्जशीट दाखिल न करें।पीठ ने...
एल्गर परिषद मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने ज्योति जगताप को जमानत देने से इनकार किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को भीमा कोरेगांव-एल्गार परिषद मामले में आतंकवाद विरोधी गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत आरोपी ज्योति जगताप को जमानत देने से इनकार कर दिया।32 वर्षीय जगताप कथित तौर पर कबीर कला मंच की सदस्य हैं। यह सांस्कृतिक समूह, जिसे प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के प्रमुख संगठन के रूप में ब्रांडेड किया गया है। उसे एनआईए ने सितंबर, 2020 में गिरफ्तार किया था।एनआईए के अनुसार, जगताप और अन्य ने 31 दिसंबर, 2017 को एल्गार परिषद का आयोजन किया, जिसके अगले दिन हिंसा हुई।जस्टिस...
दिल्ली हाईकोर्ट ने जामिया मिलिया इस्लामिया को शारजील उस्मानी के एमए कोर्स में एडमिशन को नियमित करने का निर्देश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के पूर्व छात्र शरजील उस्मानी को जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी (जेएमआई) में 'सामाजिक बहिष्कार और समावेशी योजना(सीएसएसईआईपी)' के थर्ड सेमेस्टर एग्जाम में बैठने की अनुमति दे दी।जस्टिस संजीव नरूला ने जामिया को पहले और दूसरे सेमेस्टर एग्जाम के संबंध में उस्मानी के परिणाम तुरंत घोषित करने का भी निर्देश दिया। अदालत ने यूनिवर्सिटी से उसके एडमिशन को नियमित करने को भी कहा।उस्मानी ने इस साल की शुरुआत में हाईकोर्ट का रुख किया था और जामिया को...
फुट-ओवर ब्रिज के अभाव में रेलवे ट्रैक पार करते समय ट्रेन की चपेट में आया यात्री मुआवजे का हकदार: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि फुट ओवर ब्रिज की अनुपस्थिति के कारण यात्री रेलवे ट्रैक पार करने के लिए मजबूर हो जाता है और ट्रेन की चपेट में आ जाता है, उसे लापरवाही नहीं कहा जा सकता। उसके आश्रित रेलवे अधिनियम, 1989 के तहत मुआवजे के हकदार होंगे।अदालत ने कहा,"व्यक्ति जो नौकरी की तलाश में गांव से आता है, वैध यात्रा टिकट वाली यात्री ट्रेन में चढ़ता है, ट्रेन से उतरता है और ओवरब्रिज के अभाव में रेलवे स्टेशन से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा है और पटरियों के साथ चलने के लिए मजबूर हो जाता है और किसी...
राजस्थान हाईकोर्ट ने पोक्सो केस में आजीवन कारावास के दोषी को अपना वंश बढ़ाने के लिए 15 दिन की पैरोल दी
राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan High Court) ने पोक्सो केस में आजीवन कारावास के दोषी को अपना वंश बढ़ाने के लिए 15 दिन की पैरोल दी।दोषी (पति) की पत्नी की तरफ से वंश बढ़ाने के उद्देश्य से याचिका दायर की गई थी।जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस समीर जैन की खंडपीठ ने दोषी-याचिकाकर्ता की कम उम्र को ध्यान में रखा और उसे 2 लाख रुपये का निजी बॉन्ड भरने और दो जमानतदार पेश करने की शर्त पर पैरोल पर रिहा करने का आदेश दिया।पूरा मामलाराजस्थान कारागार (पैरोल पर रिहाई) नियम, 2021 के तहत एक महिला ने अपने पति की ओर से...
दिल्ली हाईकोर्ट ने 2008 के एम्ब्रेयर रिश्वत मामले में वकील गौतम खेतान को जमानत दी
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में एक वकील गौतम खेतान को वर्ष 2008 के एम्ब्रेयर रिश्वत मामले में जमानत दे दी है। इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा की जा रही है। यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता के तहत किए गए विभिन्न अपराधों के लिए वर्ष 2016 में दर्ज किया गया था, लेकिन खेतान को हाल ही में 25 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। उसकी जमानत याचिका को एक निचली अदालत ने 3 सितंबर को खारिज कर दिया था। जस्टिस जसमीत सिंह ने खेतान को यह कहते हुए जमानत दे दी कि एफआईआर में...




![[राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम] दूसरे अवॉर्ड की अनुमति नहीं, राज्य की कारवाइयां अगर पार्टियों के अधिकारों को प्रभावित कर रही हैं तो उन्हें शुरु में ही दबा दिया जाना चाहिए: कर्नाटक हाईकोर्ट [राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम] दूसरे अवॉर्ड की अनुमति नहीं, राज्य की कारवाइयां अगर पार्टियों के अधिकारों को प्रभावित कर रही हैं तो उन्हें शुरु में ही दबा दिया जाना चाहिए: कर्नाटक हाईकोर्ट](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2021/09/06/500x300_400043-karnatakahighcourt.jpg)












