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गैंग रेप
"एक ऐसे देश में नाबालिग के साथ गैंग रेप होता है जहां देवी दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती की पूजा की जाती है": यूपी कोर्ट ने 2 को मौत की सजा सुनाई

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले की एक अदालत ने एक नाबालिग लड़की के अपहरण और बलात्कार के 2 दोषियों [हलीम, एक ऑटो मैकेनिक और रिजवान, एक दर्जी] को मौत की सजा सुनाई।कोर्ट ने कहा कि आरोपी-पुरुष पिशाच न केवल नाबालिग लड़की के मंदिर जैसे शरीर में जबरन प्रवेश किया, बल्कि उसे तोड़ने की भी कोशिश की।अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश/बलात्कार और पोक्सो कोर्ट के न्यायाधीश पंकज कुमार श्रीवास्तव ने 21 अक्टूबर को यह निष्कर्ष निकालने के बाद कि मामला दुर्लभतम से दुर्लभ श्रेणी में आता है और उन्हें दोषी पाया क्योंकि...

चेक बाउंस मामले में आरोपी को बरी किए जाने के खिलाफ अपील सेशन कोर्ट में नहीं की जा सकती : कलकत्ता हाईकोर्ट
चेक बाउंस मामले में आरोपी को बरी किए जाने के खिलाफ अपील सेशन कोर्ट में नहीं की जा सकती : कलकत्ता हाईकोर्ट

कलकत्ता हाईकोर्ट ने माना है कि चेक बाउंस मामले में आरोपी को बरी किए जाने के खिलाफ अपील केवल सीआरपीसी की धारा 378(4) के तहत हाईकोर्ट में दायर की जा सकती है, न कि सत्र न्यायालय के समक्ष।जस्टिस शुभेंदु सामंत की पीठ ने इस निष्कर्ष पर पहुंचने के बाद कहा कि नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत एक शिकायतकर्ता सीआरपीसी की धारा 2 (डब्ल्यूए) के तहत पीड़ित नहीं है और इसलिए, वह सीआरपीसी की धारा 372 के प्रावधान के अनुसार दोषमुक्ति के खिलाफ अपील दायर नहीं कर सकता।पीठ ने कहा," इस प्रकार, 1881 के...

Consider The Establishment Of The State Commission For Protection Of Child Rights In The UT Of J&K
यदि धारा 138 एनआई एक्ट के तहत जारी डिमांड नोटिस में अभियुक्त का पता सही है तो डाक रसीद में भिन्नता के कारण डिलिवरी का प्रश्न ट्रायल में तय किया जाए: जएंडकेएंड एल हाईकोर्ट

जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने माना कि यदि शिकायत में और साथ ही नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत मांग के नोटिस में आरोपी के सही पते का उल्लेख किया गया है, तो डाक रसीद में पते की भिन्नता मात्र से यह धारणा नहीं बनती है कि नोटिस गलत पते पर भेजा गया था।कोर्ट ने कहा,"इन परिस्थितियों में, यह सवाल कि क्या याचिकाकर्ता/ आरोपी को वास्तव में मांग का नोटिस प्राप्त हुआ है, मामले की सुनवाई के दौरान ही निर्धारित किया जा सकता है।" जस्टिस संजय धर ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए उक्त...

महिला न्यायिक अधिकारी को धमकाने के लिए उड़ीसा हाईकोर्ट ने तंगी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष को अवमानना नोटिस जारी किया
महिला न्यायिक अधिकारी को धमकाने के लिए उड़ीसा हाईकोर्ट ने तंगी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष को अवमानना नोटिस जारी किया

उड़ीसा हाईकोर्ट ने मंगलवार को तंगी शहर में स्थित वकील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नकुल कुमार नायक को एक न्यायिक मजिस्ट्रेट के खिलाफ ''गंदी भाषा'' का इस्तेमाल करने और उनको धमकी देने के मामले में अवमानना नोटिस जारी किया है। न्यायाधीश ने बार के अध्यक्ष के मुवक्किल की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। जस्टिस एस. तलापात्रा और जस्टिस संजीव कुमार पाणिग्रही की खंडपीठ ने आरोपों पर कड़ा संज्ञान लेते हुए कहा कि वे इस बात से ''हैरान'' हैं कि बार एसोसिएशन का एक जिम्मेदार पदाधिकारी एक न्यायिक मजिस्ट्रेट के साथ ऐसा...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
कोर्ट के काम में बाधा डालने वाले वकील ने मांगी माफी, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वकील के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही बंद की

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने एक वकील के खिलाफ अवमानना कार्यवाही बंद कर दी, जिसने 21 अक्टूबर को उच्च न्यायालय के कामकाज को बाधित किया था।बेंच ने उसे कारण टाइटल में बदलाव करने और कानून के उल्लंघन में किशोर/बच्चे का नाम छिपाने के लिए कहा था, तभी वकील ने कोर्ट के काम में बाधा डाला था।अवमाननाकर्ता (एडवोकेट सुनील कुमार) की ओर से मौखिक और लिखित रूप से बिना शर्त माफी मांगने के बाद जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस शिव शंकर प्रसाद की खंडपीठ ने कार्यवाही बंद कर दी।21 अक्टूबर जस्टिस...

प्रयागराज में डेंगू का प्रकोप : इलाहाबाद हाईकोर्ट सरकारी दावों से असंतुष्ट, सीएमओ, डीएम को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए
प्रयागराज में डेंगू का प्रकोप : इलाहाबाद हाईकोर्ट सरकारी दावों से असंतुष्ट, सीएमओ, डीएम को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को प्रयागराज शहर में डेंगू बुखार से निपटने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए दावों से असंतुष्टता जाहिर करते हुए जिला मजिस्ट्रेट, नगर आयुक्त और मुख्य चिकित्सा अधिकारी, प्रयागराज को अगली सुनवाई ( 4 नवंबर ) को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए।मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल और जस्टिस जे जे मुनीर की खंडपीठ ने प्रयागराज शहर में डेंगू बुखार के प्रसार से निपटने के लिए एक स्वत: जनहित याचिका पर विचार करते हुए आदेश दिया।अपने आदेश में न्यायालय ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह डेंगू...

केवल जिहादी साहित्य रखना अपराध नहीं, जब तक कि यह न दिखाया जाए कि आतंकवादी कृत्यों को करने के लिए इस तरह के दर्शन का उपयोग किया गया: दिल्ली कोर्ट
केवल 'जिहादी साहित्य' रखना अपराध नहीं, जब तक कि यह न दिखाया जाए कि आतंकवादी कृत्यों को करने के लिए इस तरह के दर्शन का उपयोग किया गया: दिल्ली कोर्ट

दिल्‍ली की एक कोर्ट ने गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले में कहा कि केवल "जिहादी साहित्य" रखना, जिसमें "विशेष धार्मिक दर्शन" शामिल हो, अपराध नहीं होगा, जब तक कि ऐसी सामग्री न हो कि आतंकवादी कृत्यों को करने के लिए इस तरह के दर्शन का निष्पादन किया गया है।पटियाला हाउस कोर्ट स्‍थ‌ित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश धर्मेश शर्मा ने कहा, "... यह मानना कि केवल जिहादी साहित्य रखना, जिसमें विशेष धार्मिक दर्शन शामिल हो, अपराध होगा, यह कानून की समझ से परे है, यद्यपि इस प्रकार के साहित्य...

पोलियो पीड़ित पति की दिव्यांगता को ताना मारना, उसकी बैसाखी छीनना, उसे धक्का देना और इधर-उधर फेंकना क्रूरता का सबसे अमानवीय प्रकार: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पोलियो पीड़ित पति की दिव्यांगता को ताना मारना, उसकी बैसाखी छीनना, उसे धक्का देना और इधर-उधर फेंकना क्रूरता का सबसे अमानवीय प्रकार: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पति द्वारा दायर अपील का निपटारा करते हुए कहा कि प्रतिवादी-पत्नी द्वारा पति की शारीरिक अक्षमता को ताना मारना, उसकी बैसाखी छीनना और उसके साथ मारपीट करना और उसे इधर-उधर फेंकना शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की क्रूरता है।अपीलकर्ता-पति द्वारा अतिरिक्त जिला न्यायाधीश, होशियारपुर द्वारा पारित आदेश के खिलाफ अपील दायर की गई, जिसमें हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 13 के तहत 'क्रूरता' और 'त्याग' के आधार पर तलाक की उनकी याचिका खारिज कर दी थी।अपीलकर्ता का मामला यह था कि वह...

कर्नाटक राज्य अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति आयोग के पास सेवा मामलों में कोई निर्णायक शक्ति नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक राज्य अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति आयोग के पास सेवा मामलों में कोई निर्णायक शक्ति नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा है कि राज्य अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति आयोग को कर्नाटक राज्य अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग अधिनियम, 2002 के तहत न्यायिक शक्तियां प्रदान नहीं की गई हैं और यह सेवाओं के नियमितीकरण का निर्देश नहीं दे सकता है।जस्टिस एसजी पंडित की एकल पीठ ने कर्नाटक आवासीय शैक्षणिक संस्थान सोसायटी के कार्यकारी निदेशक-सह-नियुक्ति प्राधिकरण द्वारा दायर याचिका को स्वीकार कर लिया और मोरारजी देसाई आवासीय स्कूल, अरकेरी के प्रधानाचार्य के रूप में ज्योति मल्लप्पा सवानाल्ली की सेवा को नियमित...

गलत सूचना देने पर सुरक्षा का दावा नहीं कर सकता: दिल्ली हाईकोर्ट ने एफआईआर का खुलासा न करने के लिए बर्खास्तगी के खिलाफ बीएसएफ कांस्टेबल की याचिका खारिज की
'गलत सूचना देने पर सुरक्षा का दावा नहीं कर सकता': दिल्ली हाईकोर्ट ने एफआईआर का खुलासा न करने के लिए बर्खास्तगी के खिलाफ बीएसएफ कांस्टेबल की याचिका खारिज की

दिल्ली हाईकोर्ट ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में कांस्टेबल के रूप में नियुक्त व्यक्ति के खिलाफ नाबालिग होने पर उसके खिलाफ दर्ज एफआईआर के "गैर-प्रकटीकरण और गलत प्रकटीकरण" पर बर्खास्तगी का आदेश बरकरार रखा।जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस सौरभ बनर्जी की खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता शुरू से ही झूठी सूचना दे रहा था- जब उसने बीएसएफ में पोस्ट के लिए आवेदन करते समय फॉर्म भरा था, जब उसने अभी तक अपना प्रशिक्षण शुरू नहीं किया। इसके बाद एक बार फिर जब उन्होंने ज्वाइन करने के बाद कारण बताओ नोटिस का जवाब...

मध्यस्थों में से एक की मृत्यु- लेकिन मृत्यु से पहले अवार्ड पारित करने का निर्णय लिया तो मध्यस्थता और सुलह अधिनियम की धारा 10 के विपरीत नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट
मध्यस्थों में से एक की मृत्यु- लेकिन मृत्यु से पहले अवार्ड पारित करने का निर्णय लिया तो मध्यस्थता और सुलह अधिनियम की धारा 10 के विपरीत नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि यदि मध्यस्थ न्यायाधिकरण ने मुख्य रूप से उस दिन निर्णय पारित करने का निर्णय लिया जब मध्यस्थ न्यायाधिकरण के सभी सदस्य उपस्थित थे, केवल इसलिए कि विस्तृत निर्णय उस दिन पारित किया गया जब मध्यस्थ के सदस्यों में से एक ट्रिब्यूनल जीवित नहीं था और इस प्रकार केवल दो सदस्यों द्वारा हस्ताक्षरित किया गया तो यह नहीं कहा जा सकता कि निर्णय मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 (ए एंड सी अधिनियम) की धारा 10 के विपरीत है।जस्टिस विजय बिश्नोई की एकल पीठ ने कहा कि न्याय न्याय के...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने मुख्य सूचना आयोग के आदेश के खिलाफ दायर याचिका खारिज की, पीएम केयर्स फंड संबंधी जानकारी देने से आयोग ने किया था इनकार
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने मुख्य सूचना आयोग के आदेश के खिलाफ दायर याचिका खारिज की, पीएम केयर्स फंड संबंधी जानकारी देने से आयोग ने किया था इनकार

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में मुख्य सूचना आयोग के एक आदेश के खिलाफ दायर एक याचिका को खारिज कर दिया। मुख्य सूचना आयोग ने पीएम केयर्स फंड के विवरण के बारे में मांगी गई जानकारी से इनकार कर दिया था।जस्टिस महाबीर सिंह सिंधु की पीठ ने कहा कि दोनों प्राधिकरण, सीपीआईओ और सीआईसी का कार्यालय, नई दिल्ली में हैं और चूंकि वे हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते हैं, इसलिए मौजूदा याचिका पर सुनवाई कर पाना संभव नहीं होगा।मामला7 जून, 2020 को याचिकाकर्ता ने प्रतिवादी संख्या 3 [लोक सूचना अधिकारी,...

रक्षक बना अपराधी, उनसे चालाक बिल्ली की तरह काम किया: उड़ीसा हाईकोर्ट ने हॉस्टल स्टूडेंस से बलात्कार के दोषी प्राथमिक स्कूल के रसोइया की सजा बरकरार रखी
"रक्षक बना अपराधी, उनसे 'चालाक बिल्ली' की तरह काम किया": उड़ीसा हाईकोर्ट ने हॉस्टल स्टूडेंस से बलात्कार के दोषी प्राथमिक स्कूल के रसोइया की सजा बरकरार रखी

उड़ीसा हाईकोर्ट ने फूलबनी जिले के प्राथमिक विद्यालय के 'कुक-कम-अटेंडेंट' पर लगाए गए 12 साल के कठोर कारावास की दोषसिद्धि और आगामी सजा को बरकरार रखा, जिस पर स्कूल के छात्रावास की तीन छात्राओं से बलात्कार का आरोप लगाया गया।जस्टिस संगम कुमार साहू की एकल पीठ ने इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर सदमे और निंदा व्यक्त करते हुए कहा,"यह मामला उन महिला छात्रावासों के रखरखाव और सुरक्षा के बारे में खेदजनक स्थिति देता है जहां अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदाय की नाबालिग लड़कियां रह रही हैं। भीड़भाड़ वाला...

व्यभिचार में रहने वाली पत्नी स्थायी गुजारा भत्ता का दावा करने की हकदार नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
व्यभिचार में रहने वाली पत्नी स्थायी गुजारा भत्ता का दावा करने की हकदार नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि व्यभिचार में रहने वाली पत्नी तलाक की डिक्री पारित होने के बाद अपने पति से स्थायी गुजारा भत्ता का दावा करने की हकदार नहीं होगी।मामले में अपीलकर्ता-पत्नी ने फैमिली कोर्ट, अंबाला के फैसले को चुनौती देते हुए अपील दायर की, जिसके फैसले से फैमिली कोर्ट ने प्रतिवादी-पति द्वारा हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 13(1)(i) और 13(1)(बी) के तहत दायर तलाक की याचिका को स्वीकार कर लिया।याचिका की ओर ले जाने वाले तथ्य यह है कि अपीलकर्ता और प्रतिवादी क्रमशः हिंदू...

अग्रिम जमानत आवेदनों के लिए राज्य अनावश्यक पक्षकार: मणिपुर हाईकोर्ट
अग्रिम जमानत आवेदनों के लिए 'राज्य' अनावश्यक पक्षकार: मणिपुर हाईकोर्ट

मणिपुर हाईकोर्ट ने अग्रिम आवेदन दाखिल करने के संबंध में अपनी रजिस्ट्री को निम्नलिखित निर्देश जारी किए हैं-A) रजिस्ट्री को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अग्रिम जमानत या नियमित जमानत के लिए याचिका को शिकायत की सुपाठ्य प्रतियों और याचिकाकर्ता/अभियुक्त के खिलाफ दर्ज एफआईआर के साथ संलग्न किया जाना चाहिए। यदि याचिकाकर्ता/आरोपी शिकायत और एफआईआर की प्रतियां संलग्न करने में विफल रहता है तो रजिस्ट्री को याचिका वापस करनी चाहिए और उचित अनुपालन के बाद ही याचिका को क्रमांकित किया जाना चाहिए।(B) सभी अग्रिम जमानत...

आरोपी को भीड़ का हिस्सा दिखाने के लिए दिल्ली पुलिस के सबूत विश्वसनीय और पर्याप्त नहीं: कोर्ट ने 2020 के दंगों के मामले में आरोपी को बरी किया
आरोपी को भीड़ का हिस्सा दिखाने के लिए दिल्ली पुलिस के सबूत 'विश्वसनीय और पर्याप्त नहीं': कोर्ट ने 2020 के दंगों के मामले में आरोपी को बरी किया

दिल्ली की एक अदालत ने पूर्वोत्तर दिल्ली दंगों के एक मामले में दिल्ली पुलिस द्वारा लगाए गए सभी आरोपों से आरोपी नूर मोहम्मद उर्फ ​​नूरा को बरी कर दिया।अदालत ने कहा,"यहां आरोपियों के खिलाफ किसी भी तरह की खुली कार्रवाई का कोई सबूत नहीं है और न ही दंगाई भीड़ में आरोपियों की पहचान के संबंध में चार गवाहों की लगातार गवाही है।"अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुलस्त्य प्रमाचला ने नूरा को भारतीय दंड संहिता, 1860 (आईपीसी) की धारा 147, 148, 427, 436 और 149 के तहत सभी आरोपों से बरी कर दिया।सीमा अरोड़ा द्वारा दायर...

जांच एजेंसी आरोपी को कंप्यूटर का पासवर्ड बताने के लिए बाध्य नहीं कर सकती, इस तरह की कार्रवाई अनुच्छेद 20(3) का उल्लंघन: दिल्ली कोर्ट
जांच एजेंसी आरोपी को कंप्यूटर का पासवर्ड बताने के लिए बाध्य नहीं कर सकती, इस तरह की कार्रवाई अनुच्छेद 20(3) का उल्लंघन: दिल्ली कोर्ट

दिल्ली की एक अदालत ने पिछले हफ्ते माना कि किसी जांच एजेंसी को किसी आरोपी की सहमति के बिना उसके इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का पासवर्ड मांगने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि यह भारत के संविधान के अनुच्छेद 20(3) और दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 161(2) का उल्लंघन होगा।राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश नरेश कुमार लाका ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा आरोपी के कंप्यूटर सिस्टम और टैली सॉफ्टवेयर के पासवर्ड या यूजर आईडी की मांग करने वाले आवेदन को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की।अदालत ने कहा कि आरोपी को...

कॉलेज में किसी भी कानून-व्यवस्था की स्थिति को पुलिस के सामने उठाना प्रिंसिपल की जिम्मेदारी है: केरल हाईकोर्ट ने पार्ट-टाइम लेक्चरर को संरक्षण देने से इनकार किया
कॉलेज में किसी भी कानून-व्यवस्था की स्थिति को पुलिस के सामने उठाना प्रिंसिपल की जिम्मेदारी है: केरल हाईकोर्ट ने पार्ट-टाइम लेक्चरर को संरक्षण देने से इनकार किया

केरल हाईकोर्ट ने मंगलवार को सेंट थॉमस कॉलेज, कोझेनचेरी में पार्ट-टाइम लेक्चरर को पुलिस सुरक्षा देने से इनकार कर दिया, जिसने याचिका दायर की थी कि उसकी कक्षा में दो लड़कियों की अनधिकृत अनुपस्थिति पर सवाल उठाने के लिए उसके खिलाफ दर्ज "शिकायत" कराई गई है और उसे भारतीय छात्र संघ (एसएफआई) के सदस्यों द्वारा परेशान किया जा रहा है और धमकी दी जा रही है।जस्टिस अनु शिवरामन ने इस संबंध में अरनमुला पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस अधिकारी और कॉलेज के प्राचार्य द्वारा किए गए सबमिशन को ध्यान में रखते हुए आदेश पारित...

दिल्ली हाईकोर्ट
क्या कैदियों के साथ वीडियो कॉल का अनुरोध करने वाले लोगों के आधार कार्ड डिटेल्स वेरिफाइड हैं? दिल्ली हाईकोर्ट ने तिहाड़ जेल के अधीक्षक से पूछा

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने तिहाड़ जेल के अधीक्षक को यह प्रक्रिया समझाने का निर्देश दिया है कि जेल अधिकारियों द्वारा कैदियों के साथ वीडियो कॉल करने के अनुरोध को कैसे निपटाया जाता है।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने यह भी पूछा कि क्या इस तरह के वीडियो कॉल का कोई रिकॉर्ड रखा जाता है और कितनी अवधि के लिए कॉल की अनुमति है।अदालत ने विशेष रूप से पूछा है कि वीडियो कॉल द्वारा वर्चुअल मीटिंग स्थापित करने का अनुरोध करने वाले व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत किए गए आधार कार्ड जेल अधिकारियों द्वारा सत्यापित...