मुख्य सुर्खियां
बिजली नियामक आयोग को बिजली चोरी से संबंधित मुद्दों पर निर्णय लेने का अधिकार नहीं: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने माना है कि राज्य का विद्युत नियामक आयोग (Electricity Regulatory Commission) बिजली अधिनियम, 2003 के तहत अपनी शक्तियों के प्रयोग में बिजली चोरी के मुद्दों का निर्णय नहीं कर सकता।जस्टिस निरजार एस. देसाई की पीठ गुजरात विद्युत नियामक आयोग के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार कर रही थी जिसमें याचिकाकर्ता द्वारा उसके समक्ष बिजली चोरी के मामले में उसके खिलाफ जांच की संस्था को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया गया था।संक्षेप में मामलायाचिकाकर्ता दक्षिण गुजरात विज कंपनी...
'F**K Off' यौन रंजित टिप्पणी, भारतीय समाज में किसी स्थान को छोड़ने के लिए कहने के लिए इसका इस्तेमाल नहीं किया जाता है: यौन उत्पीड़न मामले में दिल्ली कोर्ट
दिल्ली की एक अदालत ने यह देखते हुए कि "f**K off" एक "यौन रंजित" टिप्पणी है, हाल ही में एक ऐसे व्यक्ति के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों को बरकरार रखा, जिसने 2019 में एक महिला को कथित रूप से धमकी दी थी और उसके खिलाफ अपमानजनक भाषा का भी इस्तेमाल किया था।महिला को 'f**k off' कहने के अलावा आरोपी ने उसे 'बजारू औरत' भी कहा था।अगस्त में एक महिला अदालत ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354A (यौन उत्पीड़न), 509 (शब्द, इशारा या महिला के शील का अपमान करने के इरादा से किया गया कृत्य) और 506 (आपराधिक...
अनुसूचित जाति आयोग किसी विशेष स्थान या संवर्ग में किसी व्यक्ति की पदोन्नति या पदस्थापन का आदेश नहीं दे सकता: मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग प्रभावी तरीके से निर्णय लेने के उद्देश्य से दीवानी अदालत की शक्तियों का प्रयोग कर सकता है, लेकिन वह अधिकारियों को किसी व्यक्ति को पदोन्नति देने या उसे विशेष स्टेशन या स्थान पर किसी पद पर पदस्थ करने का निर्देश नहीं दे सकता है।जस्टिस एसएम सुब्रमण्यम ने कहा, "राष्ट्रीय आयोग को किसी विशेष पद या स्थान पर किसी कर्मचारी को स्थानांतरित करने के लिए कोई निर्देश जारी करने का अधिकार नहीं है। पदोन्नति भी सेवा की एक शर्त है और सभी पदोन्नति सेवा...
''शादी के झूठे वादे का कोई विशेष आरोप नहीं': केरल हाईकोर्ट ने वकील के खिलाफ दर्ज बलात्कार का मामला खारिज किया
केरल हाईकोर्ट ने एक वकील के खिलाफ दर्ज बलात्कार के एक मामले को खारिज करते हुए गुरुवार को कहा कि पीड़िता के बयान में ऐसा कोई विशेष आरोप नहीं है कि उसने उससे शादी करने का झूठा वादा किया था जिसके आधार पर पीड़िता को यौन संबंध बनाने के लिए प्रेरित किया गया था। पीड़िता का मामला यह था कि आरोपी ने शादी का झूठा वादा कर महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाए। हालांकि महिला ने कार्यवाही को रद्द पर कोई आपत्ति नहीं की थी, लेकिन लोक अभियोजक ने तर्क दिया कि हाईकोर्ट बलात्कार के मामले को रद्द नहीं कर सकता है, भले ही...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (31 अक्टूबर, 2022 से 4 नवंबर, 2022) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत आरोपी जब्त मवेशियों की अंतरिम कस्टडी का दावा कर सकते हैं: गुवाहाटी हाईकोर्टगुवाहाटी हाईकोर्ट ने दोहराया कि आरोपी व्यक्ति को पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 ('पीसीए अधिनियम') के तहत कथित अपराध के परिणामस्वरूप जब्त किए गए मवेशियों की अंतरिम कस्टडी में सौंपा जा सकता...
[ज्ञानवापी] "क्या संरचना को नुकसान पहुंचाए बिना 'शिव लिंग' की उम्र का पता लगाया जा सकता है?": इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एएसआई से पूछा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को वाराणसी कोर्ट के 14 अक्टूबर के आदेश के खिलाफ दायर याचिका को स्वीकार कर लिया। उक्त आदेश में वाराणसी कोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर (16 मई को) के अंदर कथित तौर पर पाए गए 'शिव लिंग' की वैज्ञानिक जांच करने के लिए हिंदू उपासकों की याचिका को खारिज कर दिया था।कोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को नोटिस जारी करते हुए एएसआई के महानिदेशक से भी राय मांगी है कि क्या ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के अंदर कथित रूप से मिले 'शिव लिंग' की उम्र का सुरक्षित मूल्यांकन किया जा सकता...
लखनऊ में डेंगू का प्रकोप | इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से प्रस्तावित निवारक उपायों का विवरण मांगा
इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ पीठ) ने शुक्रवार को लखनऊ शहर में डेंगू के प्रकोप से निपटने के लिए प्रस्तावित निवारक उपायों (राज्य सरकार द्वारा उठाए जाने वाले) का विवरण मांगा।लखनऊ नगर निगम को निर्देश दिया गया कि नगर आयुक्त की शपथ के साथ एक हलफनामा दाखिल किया जाए, जिसमें मच्छरों के विकास की जांच करने और शहर में सामान्य रूप से स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी जाए।जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस सौरभ श्रीवास्तव की पीठ ने राज्य के सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध चिकित्सा...
आदेश XLI नियम 25 सीपीसी | अपीलीय न्यायालय केवल इसलिए नए मुकदमे के लिए मामले को वापस भेजने के लिए बाध्य नहीं है क्योंकि उसने नए मुद्दे तय किए हैं: एमपी हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने हाल ही में कहा कि निचली अपीलीय अदालत को किसी मामले में निर्णय और डिक्री को रद्द करने की आवश्यकता नहीं है, जिससे कि इसे नए सिरे से तय करने के लिए ट्रायल कोर्ट को वापस भेज दिया जाए, वह भी केवल इसलिए कि उसने नए मुद्दे तैयार किए थे।जस्टिस प्रणय वर्मा ने आदेश XLI नियम 25 CPC के प्रावधानों के अनुसार मामले को शासित करने का विचार करते हुए कहा-वर्तमान मामले में नियम 24 लागू नहीं होगा क्योंकि यह केवल मुद्दों के पुनर्निमाण का मामला नहीं है और एक ऐसा मामला है, जहां...
बॉम्बे हाईकोर्ट को जल्द ही बांद्रा में नए भवन के लिए जमीन मिलेगी, सभी बाधाओं को दूर किया गया: मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शनिवार को कहा कि बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में बॉम्बे हाईकोर्ट के लिए नए भवन के लिए सभी कानूनी मुद्दों को मंजूरी दे दी गई।शिंदे ने कहा,"हमने बीकेसी में भूमि आवंटन के मुद्दे पर चर्चा की, जो मुझे लगता है कि आवश्यकता भी है। इसलिए जो कुछ भी मांगा गया, उसके आधार पर हमने निर्णय लिया। इस अवसर पर मैं बस इतना ही कह सकता हूं।"शिंदे महाराष्ट्र राजभवन में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी द्वारा चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) यू यू ललित के अभिनंदन के लिए आयोजित कार्यक्रम...
पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत आरोपी जब्त मवेशियों की अंतरिम कस्टडी का दावा कर सकते हैं: गुवाहाटी हाईकोर्ट
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने दोहराया कि आरोपी व्यक्ति को पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 ('पीसीए अधिनियम') के तहत कथित अपराध के परिणामस्वरूप जब्त किए गए मवेशियों की अंतरिम कस्टडी में सौंपा जा सकता है।जस्टिस रॉबिन फुकन की एकल पीठ ने प्रबंधक, पिंजरापोल देवदर और बनाम चक्रम मोराजी नट और अन्य (1998) में सुप्रीम कोर्ट की निम्नलिखित टिप्पणियों को पुन: प्रस्तुत करना सार्थक पाया:"[पीसीए] अधिनियम की धारा 35 (2) के तहत मजिस्ट्रेट के पास जानवर की अंतरिम कस्टडी पिंजरापोल को सौंपने का विवेक है, लेकिन वह बाध्य नहीं...
कर्नाटक राज्य चुनाव आयोग ने स्थानीय निकाय चुनावों के लिए परिसीमन संबंधी पर कार्यों पर दिए हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की
सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को कर्नाटक राज्य चुनाव आयोग द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हो गया।याचिका में कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई है, जिसने राज्य सरकार को निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन की कवायद को पूरा करने और कर्नाटक राज्य में सभी तालुक और जिला पंचायतों के लिए एसएी, एसटी, ओबीसी और अन्य श्रेणियों के लिए आरक्षण प्रदान करने के लिए 12 सप्ताह का और समय दिया था।जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस विक्रम नाथ की पीठ ने मामले को अगले सप्ताह के लिए सूचीबद्ध करते हुए औपचारिक नोटिस जारी...
'जन गण मन' और 'वंदे मातरम' एक ही स्तर पर रखे गए हैं, सभी नागरिकों को दोनों का समान सम्मान करना चाहिए: केंद्र ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा
केंद्र ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया है कि जन गण मन और वंदे मातरम दोनों एक स्तर पर रखे गए हैं, और प्रत्येक नागरिक को दोनों के प्रति समान सम्मान दिखाना चाहिए। गृह मंत्रालय ने भाजपा नेता और एडवोकेट अश्विनी कुमार उपाध्याय की जनहित याचिका के जवाब में कहा, "राष्ट्रीय गीत भारत के लोगों की भावनाओं और मानस में एक अनूठा और विशेष स्थान रखता है।"गृह मंत्रालय ने जवाब में कहा कि राष्ट्रीय गीत गाने को रोकने या इस तरह के गायन में लगे किसी भी सभा में गड़बड़ी पैदा करने के कृत्य को राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की...
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने कब्जे में पक्ष को निर्धारित किए बिना संपत्ति विवादों में यथास्थिति के आदेश पारित करने का खंडन किया
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने शुक्रवार को ट्रायल कोर्ट द्वारा नियमित रूप से संपत्ति के मुकदमों में यथास्थिति के आदेश पारित करने की प्रथा खारिज कर दी। उक्त आदेश बिना यह निर्दिष्ट किए पारित किया गया कि विवादग्रस्त संपत्ति पर कौन से पक्ष का कब्जा है।जस्टिस संजय धर ने कहा कि एक अंतरिम आदेश पारित करते हुए पक्षकारों को यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश देते हुए निचली अदालतों को किसी भी अनिश्चित शर्तों में अस्थायी निष्कर्ष दर्ज नहीं करना चाहिए कि विवादित संपत्ति पर किस पक्ष का कब्जा है।बेंच ने...
[पॉक्सो एक्ट] अभियुक्त की सुनवाई के बिना एकतरफा जमानत रद्द करना कानूनन सही नहीं: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने बुधवार को दोहराया कि जमानत रद्द करने के लिए आवेदन पर सुनवाई करते हुए आरोपी को सुनवाई का अवसर दिया जाना चाहिए। भले ही मामला पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज आरोपी से संबंधित ही क्यों न हो।हाईकोर्ट ने स्थानीय फास्ट ट्रैक कोर्ट की कार्रवाई की निंदा की, जिसने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 354 ए (आई) (i) और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम, 2012 (POCSO Act) की धारा 9 और 10 के तहत दर्ज आरोपों में सुनवाई का अवसर दिए बिना आरोपी की जमानत रद्द कर दी।जमानत रद्द करने की मांग इस आधार...
पॉक्सो एक्ट| 13 साल के लड़के का यह दावा कि आरोपी ने 'गंदी हरकत' की थी, धारा 204 सीआरपीसी के तहत प्रक्रिया जारी करने के लिए पर्याप्त: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल में कहा कि 13 वर्षीय लड़के का यह कथन कि आवेदक ने 'गंदी हरकत' की है, आरोपी (इस मामले में एक महिला) को बुलाने के लिए धारा 204 सीआरपीसी के अनुसार प्रथम दृष्टया पर्याप्त आधार होगा।जस्टिस सौरभ श्याम शमशेरी की पीठ ने स्पष्ट किया कि इस तरह का कृत्य, यदि ट्रायल में उसका किया जाना साबित हो जाता है तो पॉक्सो अधिनियम की धारा 7 और 8 के तहत अपराध हो सकता है, यहां तक कि यौन भावना से एक बच्चे के निजी अंग को छूना भी पोक्सो एक्ट की धारा 7 के तहत 'यौन हमले' के अंतर्गत आ सकता...
"मैं इस बारे में बहुत परेशान था": कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने राजद्रोह कानून को स्थगित रखने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश की आलोचना की
मुंबई में इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में बोलते हुए, केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को कहा कि वह इस तथ्य से 'परेशान' रहे कि सुप्रीम कोर्ट ने इस साल की शुरुआत में राजद्रोह कानून (Sedition Law) को स्थगित रखने का फैसला किया था, इस तथ्य के बावजूद कि सरकार ने कोर्ट को सूचित किया था कि वह कानून में बदलाव करने के बारे में सोच रही है। कानून मंत्री सुप्रीम कोर्ट के 11 मई के आदेश का जिक्र कर रहे थे ,जब एक ऐतिहासिक कदम में भारत के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस...
नाबालिग के घरेलू हिंसा के आवेदन को उसके बालिग होने पर सुनवाई योग्य होने के आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता: कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि घरेलू हिंसा से महिलाओं के संरक्षण अधिनियम, 2005 की धारा 12 के तहत नाबालिग द्वारा दायर घरेलू हिंसा के आवेदन को उसके बालिग होने पर सुनवाई योग्य होने के आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता।जबकि यह पाया गया कि नाबालिग द्वारा दायर आवेदन, जिसका प्रतिनिधित्व उसके प्राकृतिक अभिभावकों या किसी अन्य करीबी व्यक्ति द्वारा नहीं किया गया, अनियमित है, कोर्ट ने आगे कहा कि इस तरह के आवेदन को उस दिन नियमित किया जाता है जब ऐसा आवेदक वयस्क हो जाता है।जस्टिस शम्पा दत्त (पॉल) ने आपराधिक...
न्यायाधीश और वकील भी ऐसा सोचते हैं कि कॉलेजियम सिस्टम अपारदर्शी और जवाबदेह नहीं है : केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू
केंद्रीय कानून मंत्री ने शुक्रवार को सार्वजनिक मंचों पर कॉलेजियम प्रणाली के बारे में अपनी राय देते हुए एक बार फिर कहा कि प्रणाली अपारदर्शी है और अधिकांश न्यायाधीश भी ऐसा मानते हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जब तक सरकार वैकल्पिक सिस्टम के साथ नहीं आती, तब तक इससे संतुष्ट न होने के बावजूद उन्हें इस प्रणाली के साथ काम करना होगा। कानून मंत्री रिजिजू मुंबई में इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में बोल रहे थे।केंद्रीय मंत्री ने कहा," मैं न्यायपालिका या न्यायाधीशों के बारे में आलोचनात्मक नहीं हूं लेकिन मैं एक तथ्य...
[जेजे नियम] नाबालिग बलात्कार पीड़िता की उम्र के बारे में डॉक्टर की राय पर स्कूल सर्टिफिकेट हावी: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा है कि नाबालिग बलात्कार पीड़िता की उम्र निर्धारित करते समय स्कूल अधिकारियों द्वारा जारी किया गया सर्टिफिकेट डॉक्टर की मेडिकल राय की तुलना में उच्च स्तर पर होता है।नाबालिग होने के संदेह में पीड़ित की उम्र निर्धारित करने के लिए किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) नियम 2007 का नियम 12(3) लागू होता है।जस्टिस डॉ एचबी प्रभाकर शास्त्री और जस्टिस अनिल बी कट्टी की खंडपीठ ने कहा कि यह केवल मैट्रिक या समकक्ष सर्टिफिकेट या स्कूल से जन्म सर्टिफिकेट या किसी निगम या नगर प्राधिकरण...
एमएस धोनी ने मद्रास हाईकोर्ट में आईपीएस अधिकारी के खिलाफ न्यायपालिका के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी के खिलाफ आपराधिक अवमानना याचिका दायर की
क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी ने आईपीएल घोटाले के संबंध में दायर एक याचिका में सुप्रीम कोर्ट और मद्रास हाईकोर्ट के खिलाफ कथित टिप्पणी के लिए जी संपत कुमार आईपीएस के खिलाफ आपराधिक अवमानना कार्यवाही शुरू करने की मांग करते हुए मद्रास हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। जस्टिस पीएन प्रकाश और जस्टिस आरएमटी टीका रमन की पीठ के समक्ष इस मामले को शुक्रवार को सूचीबद्ध किया गया था, लेकिन यह सुनवाई के लिए नहीं आ सका और अब इस पर अगले सप्ताह इस पर सुनवाई होने की उम्मीद है।धोनी ने तर्क दिया है कि IPS अधिकारी ने...






![[ज्ञानवापी] क्या संरचना को नुकसान पहुंचाए बिना शिव लिंग की उम्र का पता लगाया जा सकता है?: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एएसआई से पूछा [ज्ञानवापी] क्या संरचना को नुकसान पहुंचाए बिना शिव लिंग की उम्र का पता लगाया जा सकता है?: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एएसआई से पूछा](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2021/10/21/500x300_402691-allahabadhc.jpg)






![[पॉक्सो एक्ट] अभियुक्त की सुनवाई के बिना एकतरफा जमानत रद्द करना कानूनन सही नहीं: केरल हाईकोर्ट [पॉक्सो एक्ट] अभियुक्त की सुनवाई के बिना एकतरफा जमानत रद्द करना कानूनन सही नहीं: केरल हाईकोर्ट](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2022/11/05/500x300_442650-justicekauseredappagath.jpg)





