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आदेश XIV नियम 5 सीपीसी- ‘कोर्ट दलीलों से परे मुद्दों को फ्रेम नहीं कर सकता’: जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में स्पष्ट किया कि नागरिक प्रक्रिया संहिता के आदेश XIV नियम 5 के तहत अदालतों को दी गई शक्ति का दायरा संशोधित करने, जोड़ने, हटाने या मुद्दों को समाप्त करने के लिए पूर्ण नहीं है और आदेश XIV का नियम 3 के प्रावधानों के अधीन है जो मुद्दों के निर्धारण को सामग्री तक सीमित करता है जिसमें याचिकाओं में लगाए गए आरोप, पूछताछ के उत्तर, प्रस्तुत दस्तावेज, या शपथ पर किए गए बयान शामिल हैं।जस्टिस जावेद इकबाल वानी की पीठ ने कहा,"आदेश 14, नियम 5 में निहित शक्ति, हालांकि,...
'हत्या का आरोपी-बीजेपी अध्यक्ष' वाला बयान - झारखंड हाईकोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि के मामले में शिकायतकर्ता को काउंटर दायर करने का आखिरी मौका दिया
झारखंड हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता और अयोग्य सांसद राहुल गांधी के खिलाफ भाजपा और उसके तत्कालीन अध्यक्ष नेता अमित शाह की कथित रूप से बदनामी करने के लिए दायर मानहानि के मामले में शिकायतकर्ता को मामले में अपना जवाबी हलफनामा दायर करने का आखिरी मौका दिया। गांधी के खिलाफ भाजपा नेता नवीन झा द्वारा दायर मामला गांधी द्वारा 2018 में दिए गए एक बयान से संबंधित है जिसमें उन्होंने कथित तौर पर (तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का जिक्र करते हुए) कहा था कि लोग हत्या के आरोपी व्यक्ति को भाजपा के अध्यक्ष के रूप में...
गुड़गांव स्कूल मर्डर केस: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने जुवेनाइल पर वयस्क के रूप में मुकदमा चलाने के फैसले को बरकरार रखा
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 2017 में गुड़गांव के स्कूल के स्टूडेंट की हत्या के मामले में कानून का उल्लंघन करने वाले जुवेनाइल पर वयस्क के रूप में मुकदमा चलाने के गुरुग्राम के प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट, किशोर न्याय बोर्ड के फैसले को बरकरार रखा है। जस्टिस अनूप चितकारा ने कहा कि यह आदेश सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप है और किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के आलोक में पारित किया गया है और "कोई हस्तक्षेप नहीं" करने का आह्वान करता है।अदालत ने कहा,"बोर्ड की अंतिम राय कि नाबालिग अभियुक्त (कानून के...
गुड़गांव स्कूल मर्डर: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने किशोर पर वयस्क के रूप में मुकदमा चलाने के फैसले को बरकरार रखा
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 2017 में गुड़गांव के स्कूल के स्टूडेंट की हत्या के मामले में कानून का उल्लंघन करने वाले बच्चे पर वयस्क के रूप में मुकदमा चलाने के गुरुग्राम के प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट, किशोर न्याय बोर्ड के फैसले को बरकरार रखा।जस्टिस अनूप चितकारा ने कहा कि यह आदेश सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप है और किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के आलोक में पारित किया गया है और "कोई हस्तक्षेप नहीं" करने का आह्वान करता है।अदालत ने कहा,"बोर्ड की अंतिम राय कि नाबालिग अभियुक्त (कानून के साथ...
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने उपमुख्यमंत्री सहित छह मुख्य संसदीय सचिवों की नियुक्ति के खिलाफ भाजपा विधायकों की याचिका पर राज्य सरकार को नोटिस जारी किया
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने गुरुवार को उपमुख्यमंत्री सहित छह मुख्य संसदीय सचिवों (सीपीएस) को नोटिस जारी कर राज्य में उपमुख्यमंत्री की नियुक्ति को चुनौती देने वाली भाजपा के 12 विधायकों की याचिका पर जवाब मांगा।एक्टिंग चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस वीरेंद्र सिंह की खंडपीठ ने नोटिस जारी करते हुए मामले को 19 मई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।भाजपा विधायकों की याचिका में कहा गया कि एक उपमुख्यमंत्री (वर्तमान में कांग्रेस विधायक मुकेश अग्निहोत्री द्वारा संचालित) का कार्यालय/पद/स्थिति बनाने में...
'हम आंखें नहीं मूंद सकते': दिल्ली हाईकोर्ट ने दुर्लभ बीमारियों वाले बच्चों के मुफ्त इलाज की मांग वाली याचिका केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव को तलब किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने डचेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी और हंटर सिंड्रोम जैसी दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित बच्चों के इलाज से संबंधित याचिकाओं के समूह में केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव को तलब किया।जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने कहा कि इलाज के लिए और राशि जारी करने के अदालत के बार-बार के आदेश को केंद्रीय मंत्रालय ने स्वीकार नहीं किया।अदालत ने कहा,“23 मार्च, 2021 और 30 जनवरी, 2023 के आदेशों में यह देखा गया कि बड़ी मात्रा में धनराशि वास्तव में दुर्लभ बीमारियों के लिए आवंटित की गई। हालांकि, बजट...
एनडीपीएस एक्ट की धारा 37 की कठोरता स्थाई रूप से शीघ्र ट्रायल के अधिकार को कमज़ोर नहीं कर सकती : हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने दोहराया कि शीघ्र ट्रायल की संवैधानिक गारंटी को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट (NDPS Act) की धारा 37 की कठोरता को स्थायी रूप से लागू करके कमजोर नहीं किया जा सकता।जस्टिस सत्येन वैद्य उस याचिका पर सुनवाई कर रहे थे जिसके संदर्भ में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 और 29 के तहत दर्ज एफआईआर में आरोपी याचिकाकर्ता ने इस आधार पर जमानत देने की प्रार्थना की कि मुकदमे के शीघ्र निपटान के उनके संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन किया गया।याचिकाकर्ता के अनुसार, वह दो साल से अधिक समय...
रिंग रोड के लिए भूमि अधिग्रहण नेशनल हाइवे के रूप में अधिसूचित नहीं, लेकिन एनएच प्रोजेक्ट का हिस्सा एनएचएआई एक्ट के तहत होना चाहिए: जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में आदेश दिया कि श्रीनगर रिंग रोड के निर्माण के लिए आवश्यक सभी भूमि को नेशनल हाइवे एक्ट, 1956 के अनुसार अधिग्रहित किया जाना चाहिए। अदालत ने यह भी फैसला सुनाया कि जिनकी जमीन परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई है, उन्हें 20% अतिरिक्त मुआवजे का भुगतान किया जाना चाहिए।अदालत ने कहा कि श्रीनगर रिंग रोड प्रोजेक्ट नेशनल हाइवे प्रोजेक्ट है और इसे मौजूदा नेशनल हाइवे 1ए के हिस्से के रूप में माना जाना चाहिए। एनएच एक्ट, 1956 की धारा 2 के तहत इसे पूरा होने तक नेशनल...
नॉन-टीचिंग एंप्लॉय को सरकारी कर्मचारियों के रूप में माना और नियमित किया जाना चाहिए: कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट की जस्टिस आई.पी. मुखर्जी और जस्टिस बिस्वरूप चौधरी की खंडपीठ ने तकनीकी शिक्षा और प्रशिक्षण निदेशक सरकार के मामले में रिट अपील का फैसला करते हुए कहा कि मालदा पॉलिटेक्निक के छात्रावास/मेस के नॉन-टीचिंग एंप्लॉय को कॉलेज के सरकारी कर्मचारियों के रूप में माना जाना चाहिए और उन्हें सेवा लाभ सहित भत्ते दिए जाने चाहिए। इसके लिए खंडपीठ ने पश्चिम बंगाल बनाम मदन मोहन सरकार व अन्य मामले का हवाला भी दिया।मामले की पृष्ठभूमिपश्चिम बंगाल सरकार के शिक्षा विभाग की तकनीकी ब्रांच द्वारा जारी अधिसूचना...
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने उत्पीड़न मामले में युवा कांग्रेस प्रमुख श्रीनिवास बीवी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने यह देखते हुए कि "जांच अपने प्रारंभिक चरण में है", निष्कासित पार्टी नेता की यौन उत्पीड़न और अपमान के आरोप में दर्ज कराई गई एफआईआर में युवा कांग्रेस प्रमुख श्रीनिवास बीवी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।जस्टिस अजीत बोरठाकुर ने कहा कि कथित पीड़िता का बयान, जिसमें उसने आरोपी को कथित अपराधों में फंसाया है, गुवाहाटी में सीजेएम कामरूप (एम) द्वारा 164 सीआरपीसी के तहत दर्ज किया गया है।उन्होंने कहा,"उसे प्रतिबिंब के लिए दो घंटे की अवधि देने के बाद और उसके बाद इस बात से संतुष्ट होने...
मेघालय हाईकोर्ट ने बलात्कार पीड़िता के 'पति' के खिलाफ पॉक्सो मामला खारिज करने से इनकार किया कहा, पीड़िता के साथ रहने पर आरोपी का असली रंग सामने आया
मेघालय हाईकोर्ट ने यह देखते हुए कि पीड़िता के बयान से यह नहीं पता चलता है कि उसके और आरोपी के बीच यौन संबंध सहमति से बने थे, आईपीसी की धारा 506 सहपठित POCSO अधिनियम की धारा 5(जे)(ii) और धारा (l)/6 के तहत गंभीर प्रवेशन यौन हमले के एक मामले को रद्द करने से इनकार कर दिया। पीड़िता 13 साल की थी जब 2019 में कथित बलात्कार हुआ था। अदालत ने आरोपी के पीड़िता के साथ विवाहित होने का भी दावा करने और पार्टियों के बीच समझौते के दावे के बावजूद पॉक्सो अधिनियम की धाराओं में दर्ज मामले को खारिज करने से इनकार...
पेपर लीक होने से से ईमानदार छात्रों का करियर खतरे में: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने दो वरिष्ठ शिक्षकों द्वारा उनके निलंबन और बाद में सेवा से बर्खास्तगी को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि पेपर लीक होना और अन्य कदाचार समाज में तबाही मचा रहे हैं। अदालत ने कहा,"ईमानदार और वास्तविक छात्रों का करियर इस तरह के कृत्यों से खतरे में है और उन्हें पूरी तरह से हतोत्साहित कर रहा है। इस तरह के कदाचारों में शिक्षकों की भागीदारी गंभीर चिंता का कारण है। इस अदालत को लगता है कि अब समय आ गया है जब कोई सहानुभूति और संदेह का लाभ नहीं दिया जाना चाहिए।"अदालत...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने पिता के मुलाक़ात के अधिकार को इस आधार पर समाप्त करने से इनकार किया कि उसने तलाक के बाद दोबारा शादी की और उसका एक बच्चा है
कर्नाटक हाईकोर्ट ने नाबालिग बेटी को उसके पिता से मिलने का अधिकार देने वाले पारिवारिक न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। बच्ची की मां ने इस आधार पर इसका विरोध किया था कि उसके पूर्व पति ने उससे तलाक लेने के बाद दूसरी शादी की थी। जस्टिस आलोक अराधे और जस्टिस विजयकुमार ए पाटिल की खंडपीठ ने कहा," अपीलकर्ता का दावा है कि प्रतिवादी ने अपीलकर्ता से तलाक लेने के बाद दुबारा शादी की है और उसकी दूसरी पत्नी के पहले विवाह से एक बच्चा है और बेटा प्रतिवादी की कस्टडी में है, किसी भी मुलाक़ात...
मद्रास हाईकोर्ट ने 'द केरल स्टोरी' मूवी पर बैन की मांग वाली जनहित याचिका खारिज की, कहा- यह नहीं मान सकते कि इससे समस्याएं पैदा होंगी
मद्रास हाईकोर्ट ने गुरुवार को एक जनहित याचिका को खारिज कर दिया जिसमें बहुभाषी फिल्म "द केरला स्टोरी" की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की गई थी। चेन्नई के एक पत्रकार बीआर अरविंदक्षण ने यह कहते हुए याचिका दायर की थी कि फिल्म देश की संप्रभुता और एकता को प्रभावित करेगी जिससे सार्वजनिक व्यवस्था में खलल पड़ेगा। उन्होंने तर्क दिया कि फिल्म केरल राज्य को आतंकवादी-समर्थक राज्य के रूप में चित्रित करने का एक जानबूझकर प्रयास है।उन्होंने यह भी कहा कि अगर फिल्म को रिलीज करने की अनुमति दी जाती है, तो यह पूरे देश...
मप्र आवास नियंत्रण अधिनियम की धारा 10 के तहत किराया निर्धारण के लिए दिया गया आदेश निष्पादन योग्य नहीं; बकाया वसूलने के लिए मकान मालिक दीवानी मुकदमा दायर करें : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही एक फैसले में कहा कि मध्य प्रदेश आवास नियंत्रण अधिनियम, 1961 की धारा 10 के तहत पारित एक आदेश निष्पादन योग्य नहीं है और बकाया राशि की वसूली के लिए मकान मालिक को मुकदमा दायर करना होगा।मध्य प्रदेश आवास नियंत्रण अधिनियम, 1961 की धारा 10 में किराया नियंत्रण प्राधिकारी को मानक किराया आदि निर्धारित करने का प्रावधान है। जस्टिस जीएस अहलूवालिया की खंडपीठ ने त्रिवेणी बाई (श्रीमती) बनाम श्रीमती विमला बाई में न्यायालय के फैसले पर भरोसा करते हुए कहा,त्रिवेणी बाई (श्रीमती)...
धारा 64 उचित मुआवजे का अधिकार अधिनियम| कलेक्टर भूमि अधिग्रहण के खिलाफ आपत्तियों को उचित प्राधिकारी को सौंपने के लिए बाध्यः हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा है कि भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन अधिनियम, 2013 में उचित मुआवजे और पारदर्शिता के अधिकार की धारा 64 के संदर्भ में, कलेक्टर का कर्तव्य है कि वह भूमि अधिग्रहण अवॉर्ड के खिलाफ उठाई गई आपत्तियों को उपयुक्त प्राधिकारी को संदर्भित करे। जस्टिस सत्येन वैद्य ने कहा,"अधिनियम 2013 की धारा 64 का प्रावधान भूमि अधिग्रहण कलेक्टर के पास इस मुद्दे को स्वयं निर्धारित करने का कोई विवेक नहीं छोड़ता है। उपरोक्त किसी भी आधार पर आपत्ति के साथ एक आवेदन प्राप्त होने...
कार्यकाल रोजगार में टर्मिनेशन ऑर्डर कानून में अवैध, यदि आरोपों के खिलाफ बचाव का अवसर नहीं दिया गया: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने माना कि यदि यह कर्मचारी को खुद पर लगे आरोपों के खिलाफ बचाव का अवसर नहीं दिया जाता है तो एक कार्यकाल रोजगार में एक कर्मचारी को टर्मिनेट करने का आदेश कानून में टिकाऊ नहीं है। जस्टिस ज्योति सिंह ने इस विषय पर विभिन्न निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा:"...यदि कोई आदेश आरोपों पर आधारित है तो आदेश लांछित और दंडात्मक है और एक कर्मचारी की सेवाओं को पूर्ण जांच में उस पर लगे आरोपों का बचाव करने का अवसर दिए बिना नहीं समाप्त नहीं किया जा सकता है।"अदालत ने उक्त टिप्पणियों के साथ...
बिहार में जातीय जनगणना पर पटना हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक लगाई
बिहार में जातीय जनगणना पर रोक लगाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर पटना हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने राज्य में जातीय जनगणना कराने के बिहार सरकार के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी है। चीफ जस्टिस के विनोद चंद्रन और जस्टिस मधुरेश प्रसाद की बेंच ने ये फैसला सुनवाया है। बेंच तीन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। इसमें एक याचिका यूथ फॉर इक्वैलिटी नाम के संगठन की तरफ से दायर की गई थी। मामले में अगली सुनवाई 3 जुलाई को होगी।बेंच ने कहा कि जाति आधारित सर्वे जनगणना के समान है जिसे कराने का राज्य सरकार...
जब तक कोई नाबालिग पीड़िता स्पष्ट रूप से शारीरिक संबंध के अस्तित्व से इनकार नहीं करती है, तब तक ये माना जा सकता है कि पीड़िता और आरोपी ने विवाह किया है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि जब तक कोई नाबालिग पीड़िता स्पष्ट रूप से शारीरिक संबंध के अस्तित्व से इनकार नहीं करती है, तब तक यह माना जा सकता है कि पीड़िता और आरोपी, जो पति-पत्नी के रूप में रहते हैं या उन्होंने विवाह किया है, ने शारीरिक संबंध स्थापित किए हैं।जस्टिस सौरभ श्याम शमशेरी की खंडपीठ ने उन मामलों में आगे कहा, जहां नाबालिग पीड़िता और आरोपी के बीच शारीरिक संबंध होने का अनुमान लगाया जा सकता है, फिर बलात्कार का मामला बनाया जा सकता है क्योंकि सहमति दी गई थी या नहीं, यह तथ्य महत्वहीन है।"जांच...
तेलंगाना हाईकोर्ट ने सामूहिक बलात्कार और हत्या मामले में तीन दोषियों की मौत की सजा को कम किया, अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा दी
तेलंगाना हाईकोर्ट ने 2019 मे अनुसूचित जाति की एक महिला के साथ सामूहिक बलात्कार करने और उसकी हत्या करने के दोषी तीन व्यक्तियों की मृत्युदंड की सजा को घटा दिया है। कोर्ट ने कहा कि दोषियों को बिना किसी छूट के अंतिम सांस तक उम्रकैद की सजा देना उचित सजा होगी। जस्टिस पी नवीन राव और जस्टिस जुव्वादी श्रीदेवी की पीठ ने कहा कि दोषियों ने हत्या ने "उस परिणाम से खुद को बचाने के लिए की", जो उन्हें भुगतना पड़ती, यदि पीड़िता घटना का खुलासा करती।अदालत ने कहा कि उनका कृत्य "अत्यंत क्रूर" "भड़काऊ", "शैतानी"...




















