मुख्य सुर्खियां
वकील ने विदेशी वकीलों और लॉ फर्मों के प्रवेश नियमों के खिलाफ बीसीआई को पत्र लिखा, कहा इससे संप्रभुता को खतरा होगा
दिल्ली के एक वकील ने भारत में विदेशी वकीलों और विदेशी लॉ फर्मों के रजिस्ट्रेशन और विनियमन के लिए हाल ही में अधिसूचित नियमों, 2022 के खिलाफ बार काउंसिल ऑफ इंडिया और केंद्रीय कानून और न्याय मंत्रालय को एक अभ्यावेदन लिखा है।एडवोकेट पवन प्रकाश पाठक ने प्रस्तुत किया है कि विदेशी डिग्री योग्यता को मान्यता देने की शक्ति अकेले बीसीआई के दायरे में नहीं है और विधायिका वकीलों के निकाय के परामर्श से उक्त मुद्दे पर कानून बनाने के लिए सक्षम है।यह कहते हुए कि नियम मनमाना है और वकीलों के एक वर्ग के भीतर एक वर्ग...
"नागरिक अपने धर्म का प्रचार कर सकते हैं": बॉम्बे हाईकोर्ट ने धर्मांतरण के आरोपी ईसाई युगल के खिलाफ धारा 144 का आदेश रद्द किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने माना है कि किसी व्यक्ति को सीआरपीसी की धारा 144 के तहत एक आदेश के माध्यम से उसी की संपत्ति पर किसी भी धार्मिक गतिविधि करने से रोकना, संविधान के अनुच्छेद 19 (1), अनुच्छेद 25 और 26 में निहित उसके मौलिक अधिकारों का प्रत्यक्ष उल्लंघन होगा। गोवा स्थित जस्टिस महेश सोनक और जस्टिस वाल्मीकि मेनेजेस की पीठ ने उक्त टिप्पणियों के साथ धर्म परिवर्तन के आरोपी एक ईसाई जोड़े के खिलाफ जिला मजिस्ट्रेट की ओर से सीआरपीसी की धारा 144 के तहत पारित एक आदेश को रद्द कर दिया।अदालत ने कहा कि...
हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13 B के तहत तलाक की डिक्री देने के लिए दोनों पक्षों की निरंतर पारस्परिक सहमति आवश्यक: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने कहा कि कि हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 13 बी (2) के तहत तलाक की डिक्री देने के लिए दोनों पक्षों की निरंतर पारस्परिक आपसी सहमति आवश्यक है।हाईकोर्ट ने स्मृति पहाड़िया बनाम संजय पहाड़िया (2009) में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भरोसा किया। जस्टिस अनिल के. नरेंद्रन और जस्टिस पी.जी. अजितकुमार न कहा,"ये केवल पार्टियों की निरंतर आपसी सहमति पर है कि उक्त अधिनियम की धारा 13बी के तहत तलाक के लिए एक डिक्री अदालत द्वारा पारित की जा सकती है। यदि तलाक के लिए याचिका औपचारिक रूप से वापस नहीं...
आरोपी के डिफॉल्ट जमानत के अधिकार को खत्म करने के लिए पीस-मील चार्जशीट दायर करने की अनुमति देना संविधान के अनुच्छेद 21 के आदेश के खिलाफ: हाईकोर्ट ने लोन फ्रॉड केस में आरोपी को जमानत दी
दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है कि सीबीआई को जांच के एक पहलू को चुनने और आरोपी के डिफॉल्ट जमानत के अधिकार को खत्म करने के लिए पीस-मील चार्जशीट दायर करने की अनुमति देना संविधान के अनुच्छेद 21 के आदेश के खिलाफ है।अदालत इस साल फरवरी में सीबीआई अदालत द्वारा ऋण धोखाधड़ी मामले में एक आरोपी को डिफ़ॉल्ट जमानत देने से इनकार करने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी।2020 में, सीबीआई ने छह बैंकों के एक संघ की ओर से भारतीय स्टेट बैंक के एक अधिकारी की शिकायत पर मामला दर्ज किया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि...
अगर मेडिकल, JEE एंट्रेंस एग्जाम हिंदी में हो सकते हैं तो CLAT क्यों नहीं? दिल्ली हाईकोर्ट ने NLU’s के कंसोर्टियम से पूछा
अगर मेडिकल और जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाएं हिंदी में आयोजित की जा सकती हैं, तो लॉ स्कूलों में एडमिशन के लिए आयोजित कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट यानी CLAT क्यों नहीं? दिल्ली हाईकोर्ट ने नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज के कंसोर्टियम से पूछा। जानकारी के लिए बात दें, लॉ स्कूलों में एडमिशन के लिए CLAT की परीक्षा केवल अंग्रेजी में आयोजित की जाती है।चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद की डिवीजन बेंच एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में कहा गया कि CLAT-UG की परीक्षा केवल अंग्रेजी में नहीं...
कलकत्ता हाईकोर्ट ने सामूहिक बलात्कार पीड़िता को धमकी देने के आरोपी व्यक्ति को "तत्काल" रिहा करने पर पुलिस से स्पष्टीकरण मांगा
कलकत्ता हाईकोर्ट ने राजारघाट में वैदिक गांव के कथित सामूहिक बलात्कार मामले की पीड़िता को अपना मामला वापस लेने की धमकी देने के आरोपी व्यक्ति को "तत्काल रिहा" करने की पुलिस अधिकारियों की कार्रवाई पर निराशा व्यक्त की।जस्टिस अजय कुमार गुप्ता और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने संबंधित थाने के प्रभारी अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने और स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है कि उपरोक्त कार्रवाई क्यों की गई।पीड़िता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि नवंबर, 2022 में पार्टी में चार लोगों...
पुलिस कस्टडी चेकअप के दौरान व्यक्ति द्वारा कोल्लम डॉक्टर की चाकू मारकर हत्या के परिवार के लिए एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग को लेकर वकील ने केरल हाईकोर्ट का रुख किया
एक वकील ने केरल हाईकोर्ट से 23 वर्षीय हाउस सर्जन डॉ. वंदना दास के शोक संतप्त परिवार के सदस्यों के लिए एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिए जाने की मांग की। डॉ. वंदना दास को कोट्टारक्करा, कोल्लम में पुलिस जीप में सरकारी अस्पताल में लाए गए घायल व्यक्ति द्वारा बेरहमी से मार दिया गया था।यह घटना 10 मई, 2023 को सुबह के समय हुई, जब हाउस सर्जन ड्यूटी पर थी। ड्रेसिंग रूम की कैंची से स्कूल टीचर संदीप ने उसे कई बार चाकू मारा। हमलावर को उसकी चोटों के इलाज के लिए पुलिस द्वारा कोट्टारक्कारा तालुक अस्पताल लाया गया...
समीर वानखेड़े ने क्रूज शिप मामले में सीबीआई के जबरन वसूली के आरोपों का जवाब देने के लिए शाहरुख खान के साथ कथित चैट का हवाला दिया
बॉम्बे हाईकोर्ट के समक्ष एनसीबी के पूर्व अधिकारी समीर वानखेड़े ने सीबीआई की एफआईआर में उनके खिलाफ जबरन वसूली के आरोप का मुकाबला करने के लिए आर्यन खान की गिरफ्तारी के बाद एक्टर शाहरुख खान के साथ कथित चैट का हवाला दिया।वानखेड़े की याचिका याचिका में अटैच्ड कथित चैट में लिखा है,"शाहरुख खान ने अपने मैसेज में स्पष्ट रूप से दर्शाया कि उन्हें याचिकाकर्ता (वानखेड़े) के खिलाफ कोई शिकायत नहीं है और उन्होंने केवल 'अपने बेटे के प्रति दयालु' रहने का अनुरोध किया। खान ने न केवल याचिकाकर्ता की सत्यनिष्ठा की...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 23 साल पुराने मर्डर केस में अजय मिश्रा 'टेनी' को बरी किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 23 साल पुराने प्रभात गुप्ता मर्डर केस में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी को बरी किए जाने के फैसले को आज बरकरार रखा। जस्टिस अताउ रहमान मसूदी और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की पीठ ने 2004 में ट्रायल कोर्ट द्वारा पारित उनके बरी आदेश के खिलाफ यूपी सरकार की अपील को खारिज कर दिया।ज्ञात हो कि यह मामला वर्ष 2000 का है जब उभरते हुए छात्र नेता प्रभात गुप्ता की तिकोनिया (लखीमपुर खीरी) में उनके घर के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में केंद्रीय मंत्री टेनी समेत 4 लोगों...
किसी व्यक्ति को 'उपयुक्त प्रथम दृष्टया साक्ष्य' के बिना मुकदमे की कठोरता से गुजरने के लिए मजबूर करना मौलिक अधिकारों का सीधा उल्लंघन: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक फैसले में टिप्पणी की कि ट्रायल कोर्ट की ओर से आरोप तय होना एक निर्णायक कार्रवाई है और शक्ति का महत्वपूर्ण अभ्यास है। किसी व्यक्ति को बिना किसी प्रथम दृष्टया साक्ष्य के ट्रायल की कठोरता से गुजरने के लिए मजबूर करना उसके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। कोर्ट ने कहा,"किसी व्यक्ति को उपयुक्त सामग्री या साक्ष्य के बिना ट्रायल की कठोरता से गुजरने के लिए मजबूर करना निश्चित रूप से उसके मौलिक अधिकारों का प्रत्यक्ष उल्लंघन होगा। बेशक, अगर किसी व्यक्ति का कथित अपराध से कुछ...
अनुच्छेद 226 | वैकल्पिक उपाय की उपलब्धता खुद किसी उपयुक्त मामले में रिट याचिका पर विचार करने से हाईकोर्ट को वंचित नहीं करती: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि वैकल्पिक उपाय की उपलब्धता एक उचित मामले में स्वयं हाईकोर्ट को अनुच्छेद 226 के तहत उसकी शक्ति से वंचित नहीं करती है, हालांकि आमतौर पर एक रिट याचिका पर विचार नहीं किया जाना चाहिए जब कानून की ओर से प्रभावी और वैकल्पिक उपाय प्रदान किया गया हो।जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की पीठ ने गोदरेज सारा ली लिमिटेड बनाम एक्साइज एंड टैक्सेशन ऑफिसर कम असेसिंग अथॉरिटी 2023 लाइवलॉ (एससी) 70, राधा कृष्ण इंडस्ट्रीज बनाम हिमाचल प्रदेश राज्य एलएल 2021...
जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट ने अमरनाथ यात्रा के सुचारू संचालन के लिए सरकार से कार्य योजना बताने के लिए कहा
जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख उच्च न्यायालय ने पर्यटकों की सुविधा और आगामी अमरनाथ यात्रा तीर्थ यात्रा के आयोजन की अपनी कार्य योजना के संबंध में यूटी प्रशासन से रिपोर्ट मांगी।चीफ जस्टिस कोटेश्वर सिंह और जस्टिस मोक्ष काजमी खजूरिया की खंडपीठ ने सोनमर्ग रिसॉर्ट के संरक्षण पर केंद्रित जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए उक्त जवाब मांगा।सुनवाई के दौरान, सरकारी वकील इलियास लावे ने अदालत को सूचित किया कि सोनमर्ग पर्यटन विकास प्राधिकरण (टीडीए) के लिए विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार करने के लिए समिति बनाई गई। यह...
जम्मू एंड कश्मीर सिविल सर्विस रेगुलेशन | पूरी तरह से बरी सरकारी कर्मचारी के निलंबन की अवधि को 'ऑन ड्यूटी' समय माना जाना चाहिए: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने जम्मू एंड कश्मीर सिविल सर्विस रेगुलेशन के अनुच्छेद 108-बी के आदेश को स्पष्ट करते हुए कहा कि जब सरकारी कर्मचारी किसी भी गलत काम से पूरी तरह मुक्त हो जाता है तो वह पूर्ण वेतन और भत्ते प्राप्त करने के हकदार होते हैं जैसे कि वे कभी बर्खास्त, हटाया, अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त या निलंबित नहीं किया गया।अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में ड्यूटी से अनुपस्थिति की अवधि को ड्यूटी पर बिताया गया समय माना जाता है।जस्टिस एम ए चौधरी की पीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए ये...
मद्रास हाईकोर्ट ने शिक्षकों के लिए किराया मुक्त आवास क्वार्टर की मांग वाली याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा
मद्रास हाईकोर्ट ने सरकारी और निजी दोनों स्कूलों और कॉलेजों में शिक्षकों के लिए किराया-मुक्त आवास की मांग वाली याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा।जस्टिस सीवी कार्तिकेयन और जस्टिस सेंथिलकुमार राममूर्ति की खंडपीठ ने राज्य सरकार को वकील एम पुरुषोत्तम की याचिका पर चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।पुरुषोत्तमन ने तर्क दिया कि मन की शांति के लिए किफायती आवास शिक्षकों की बुनियादी और ज़रूरी आवश्यकता है, जो उन्हें सार्थक रूप से शिक्षा प्रदान करने में सक्षम बनाएगी। उन्होंने आगे तर्क दिया...
'बेहूदा व्यवसायिकता': मद्रास हाईकोर्ट ने नीलगिरि में ग्रीष्मकालीन महोत्सव के दौरान हेली टूरिज्म के आयोजन पर रोक लगाई
मद्रास हाईकोर्ट ने ग्रीष्मकालीन महोत्सव के हिस्से के रूप में नीलगिरी क्षेत्र में आयोजित किए जाने वाले प्रस्तावित हेली-टूरिज्म के साथ राज्य को आगे बढ़ने से रोकते हुए इस बात पर जोर दिया कि नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र और जैव-विविध क्षेत्र की समस्या नहीं बन सकती है। ।अदालत ने कहा,"इस जैव-विविध क्षेत्र की नाजुक ईको-सिस्टम और भेद्यता मूर्खतापूर्ण व्यावसायिकता का शिकार नहीं हो सकती है, वह भी इस तरह के अनियोजित और लापरवाह फैशन के कारण।"जस्टिस अनीता सुमंत और जस्टिस निर्मल कुमार की खंडपीठ ने कहा कि...
[एनडीपीएस एक्ट की धारा 59] विशेष अदालत 180 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करने में विफल रहने पर जांच अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दे सकती है: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में एनडीपीएस एक्ट की धारा 59 के तहत जांच अधिकारी (आईओ) के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाने के निर्देश देने वाले आदेश को बरकरार रखा, जिसमें प्रथम दृष्टया निर्धारित अवधि के भीतर चार्जशीट दाखिल करने में विफलता रहने का आरोप लगाया गया है।एक्ट की धारा 59 के तहत जो अधिकारी अधिनियम के तहत निर्धारित अपने कर्तव्य को निभाने में विफल रहता है या जो किसी अभियुक्त के साथ सांठगांठ करता है, उसे एक वर्ष तक के कारावास और/या जुर्माने से दंडित किया जा सकता है।जस्टिस जीए सनप ने कहा,"यह कहने की...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने देवी गौरी और भगवान गणेश के खिलाफ कथित बयान के लिए विधायक स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ दर्ज शिकायत खारिज की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को समाजवादी पार्टी के विधायक स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ वर्ष 2014 में दिए गए उनके कथित बयान कि "शादियों के दौरान देवी गौरी या भगवान गणेश की पूजा नहीं की जानी चाहिए" के खिलाफ दायर एक आपराधिक शिकायत को खारिज कर दिया।जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की पीठ ने नवंबर 2014 में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सुल्तानपुर की अदालत के उस आदेश को भी रद्द कर दिया, जिसमें मौर्य को आईपीसी की धारा 295ए के तहत आरोपों का सामना करने के लिए समन भेजा गया था।पीठ ने यह कहते हुए आदेश दिया कि...
ट्रायल को टालना या अपील की सुनवाई में देरी ही सजा कम करने का आधार नहीं: जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने कहा है कि केवल सुनवाई में देरी या अपील पर निर्णय लेने में देरी को सजा कम करने का एक वैध कारण नहीं माना जा सकता है, खासकर तब जब अपीलकर्ता को अपील प्रक्रिया के दौरान अंतरिम जमानत दी गई हो। जस्टिस संजय धर की एकल पीठ ने स्टेट ऑफ राजस्थान बनाम बनवारी लाल और अन्य, 2022 लाइवलॉ (एससी) 357 का उल्लेख करते हुए कहा,"... सुनवाई में देरी या अपील के फैसले में देरी सजा को कम करने का आधार नहीं हो सकती है, खासकर जब अपील की लंबितता के दौरान, अपीलकर्ता को 08.11.2016 के आदेश...
आर्टिकल 21 के तहत दूसरे रिश्ते की मंजूरी के लिए अदालत का दरवाजा नहीं खटखटा सकते जब पहली पत्नी इक्विटी से वंचित होः पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा है कि जो व्यक्ति अपनी जीवन साथी के साथ भी समानता का व्यवहार नहीं करता है, वह आर्टिकल 21 के तहत अपने दूसरे रिश्ते की मंजूरी के लिए अदालत का दरवाजा नहीं खटखटा सकता है। इसी के साथ कोर्ट ने एक मुस्लिम व्यक्ति और उसकी दूसरी पत्नी को सुरक्षा प्रदान करने के लिए निर्देश जारी करने से इनकार कर दिया। जस्टिस संजय वशिष्ठ की बेंच ने कहा, ‘‘यह अदालत इस पहलू की अनदेखी नहीं कर सकती है कि इस तरह की याचिकाएं याचिकाकर्ताओं द्वारा उनके जीवन और स्वतंत्रता के लिए खतरे की धारणा को...
एनडीपीएस एक्ट की धारा 52ए के तहत सैंपल लेने के लिए आवेदन 72 घंटे के भीतर किया जाना चाहिए, इसे एनसीबी की मनमर्जी पर स्थानांतरित नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा है कि एनडीपीएस एक्ट की धारा 52ए के तहत संबंधित मजिस्ट्रेट के समक्ष मादक पदार्थ या नशीले पदार्थ का नमूना लेने के लिए आवेदन 72 घंटे के भीतर किया जाना चाहिए।जस्टिस जसमीत सिंह ने कहा कि इस तरह के आवेदन को अभियोजन एजेंसी होने के नाते नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की "मनमर्जी" पर स्थानांतरित नहीं किया जा सकता है। यह देखते हुए कि मजिस्ट्रेट को इस तरह का आवेदन करने का उचित समय प्रत्येक मामले के तथ्यों और परिस्थितियों पर निर्भर करता है, अदालत ने कहा, "हालांकि, यह...
















![[एनडीपीएस एक्ट की धारा 59] विशेष अदालत 180 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करने में विफल रहने पर जांच अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दे सकती है: बॉम्बे हाईकोर्ट [एनडीपीएस एक्ट की धारा 59] विशेष अदालत 180 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करने में विफल रहने पर जांच अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दे सकती है: बॉम्बे हाईकोर्ट](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2022/12/24/500x300_450680-bombayhc.jpg)



