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हाईकोर्ट द्वारा प्रशासनिक पक्ष पर पारित आदेश को चुनौती देने के लिए एसएलपी दायर नहीं की जा सकती : सुप्रीम कोर्ट
हाईकोर्ट द्वारा प्रशासनिक पक्ष पर पारित आदेश को चुनौती देने के लिए एसएलपी दायर नहीं की जा सकती : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रशासनिक पक्ष (Administrative Side) की ओर से हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेश को चुनौती देने वाली एक विशेष अनुमति याचिका अवलोकन करते हुए कहा कि प्रशासनिक आदेश के खिलाफ कोई विशेष अनुमति याचिका दायर नहीं की जा सकती। इस मामले में याचिकाकर्ता ने तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश द्वारा पारित प्रशासनिक आदेश की आलोचना की, जिस आदेश में हाईकोर्ट ने सीजेआई के ऑनलाइन सुनवाई के निर्देशों को लागू करते हुय उसे याचिका को ऑनलाइन माध्यम से दायर करने और उस पर सुनवाई करने की अनुमति नहीं दी...

लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर किसी को एक ही विचारधारा का पालन करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता, व्यक्ति अपनी राय रखने का हकदार है: मद्रास हाईकोर्ट
लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर किसी को एक ही विचारधारा का पालन करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता, व्यक्ति अपनी राय रखने का हकदार है: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में टिप्पणी की कि लोकतंत्र में प्रत्येक व्यक्ति किसी विशेष विचारधारा के बारे में अपनी आपत्तियों और राय रखने का हकदार है। किसी को भी एक ही विचारधारा का पालन करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है। अदालत ने यह भी कहा कि केवल संवाद ही समाज में विकास की गुंजाइश सुनिश्चित कर सकता है।अदालत ने कहा,“लोकतांत्रिक व्यवस्था में यह हमेशा संभव है कि किसी विश्वास या विचारधारा के संबंध में उनके विचार भिन्न होंगे। हर किसी को एक ही विचारधारा का पालन करने के लिए मजबूर करना संभव नहीं है।...

सनातन धर्म के खिलाफ टिप्पणी के लिए डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन और ए राजा के खिलाफ एफआईआर की मांग,  सुप्रीम कोर्ट में याचिका
सनातन धर्म के खिलाफ टिप्पणी के लिए डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन और ए राजा के खिलाफ एफआईआर की मांग, सुप्रीम कोर्ट में याचिका

तमिलनाडु के मंत्री और डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन के 'सनातन धर्म' के खिलाफ दिए गए हालिया बयानों के लिए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक अर्जी दायर की गई है।याचिका में घृणा भाषण मामलों में स्वत: संज्ञान लेते हुए एफआईआर दर्ज करने के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का पालन नहीं करने के लिए दिल्ली पुलिस और चेन्नई पुलिस के खिलाफ अवमानना कार्रवाई की भी मांग की गई है।याचिका में स्टालिन के खिलाफ 'धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, हिंदू धर्म के अनुयायियों का अपमान करने और धर्म के...

जुवेनाइल जस्टिस: कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य से बच्चों के लिए केंद्र की वात्सल्य योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए वित्तीय प्रस्ताव दाखिल करने को कहा
जुवेनाइल जस्टिस: कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य से बच्चों के लिए केंद्र की वात्सल्य योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए वित्तीय प्रस्ताव दाखिल करने को कहा

कर्नाटक हाईकोर्ट ने गुरुवार को राज्य सरकार से जानना चाहा कि क्या उसने केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा जारी उस पत्र का जवाब भेजा है, जिसमें राज्य सरकार से वर्ष 2022-2023, मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत वित्तीय प्रस्ताव और योजना प्रस्तुत करने को कहा गया था।चीफ जस्टिस प्रसन्ना बी वराले और जस्टिस कृष्ण एस दीक्षित की खंडपीठ ने मंत्रालय द्वारा 5 जुलाई, 2022 को जारी संचार का जिक्र करते हुए कहा,“ऐसा लगता है कि उक्त योजना सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) के लिए 'मिशन वात्सल्य...

पीड़ादायक आपराधिक शिकायत वापस लिए बिना वैवाहिक अधिकार बहाल करने का पत्नी का दावा पति द्वारा सही गई क्रूरता को कम नहीं करता: कलकत्ता हाईकोर्ट
'पीड़ादायक आपराधिक शिकायत' वापस लिए बिना वैवाहिक अधिकार बहाल करने का पत्नी का दावा पति द्वारा सही गई क्रूरता को कम नहीं करता: कलकत्ता हाईकोर्ट

कलकत्ता हाईकोर्ट ने हाल ही में पति के पक्ष में ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई तलाक की डिक्री को बरकरार रखा। इस पति ने अपनी पत्नी के हाथों की गई 'क्रूरता' के आधार पर तलाक का दावा किया था।जस्टिस राजशेखर मंथा और जस्टिस सुप्रतिम भट्टाचार्य की खंडपीठ ने वैवाहिक अधिकारों की बहाली के लिए पत्नी की अपील खारिज करते हुए कहा:अपीलकर्ता/पत्नी द्वारा दर्ज की गई एफआईआर प्रतिशोध में दायर की गई है, क्योंकि इसे तलाक के लिए वैवाहिक मुकदमे की शुरुआत के बाद दायर किया गया है। पति द्वारा पत्नी के खिलाफ कथित क्रूरता के...

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता | महिलाओं को अविवाहित होने के कारण सार्वजनिक रोजगार से वंचित करना अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन: राजस्थान हाईकोर्ट
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता | 'महिलाओं को अविवाहित होने के कारण सार्वजनिक रोजगार से वंचित करना अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन': राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने माना कि अविवाहित होने के आधार पर किसी महिला को सार्वजनिक रोजगार से वंचित करना भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 के तहत महिला को दिए गए मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। इसके साथ ही यह महिला की गरिमा पर भी आघात करता है।जस्टिस दिनेश मेहता की पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य किसी महिला को सिर्फ इसलिए नौकरी का दावा करने से नहीं रोक सकता, क्योंकि वह विवाह बंधन में नहीं बंधी है।कोर्ट ने आगे कहा,"किसी महिला की शादी करने की शर्त बिल्कुल अनुचित है और सार्वजनिक रोजगार के लिए आवेदन...

निषेध कहां है?: कर्नाटक हाईकोर्ट ने सीएम सिद्धारमैया के मीडिया सलाहकार, राजनीतिक सचिवों की नियुक्ति के खिलाफ याचिका खारिज की
'निषेध कहां है?': कर्नाटक हाईकोर्ट ने सीएम सिद्धारमैया के मीडिया सलाहकार, राजनीतिक सचिवों की नियुक्ति के खिलाफ याचिका खारिज की

कर्नाटक हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के राजनीतिक सचिवों और मीडिया सलाहकार की नियुक्ति के खिलाफ दायर एक जनहित याचिका खारिज कर दी। चीफ ज‌स्टिस प्रसन्ना बी वराले और जस्टिस कृष्ण एस दीक्षित की खंडपीठ ने एडवोकेट उमापति एस की ओर से दायर याचिका को खारिज कर दिया और कहा, "अलग से दर्ज किए जाने वाले कारणों से, याचिका खारिज की जाती है।"याचिकाकर्ता ने कांग्रेस एमएलसी डॉ के गोविंदराज और नजीर अहमद को राजनीतिक सचिव, सुनील कुनागोल को मुख्य सलाहकार और पत्रकार केवी प्रभाकर को मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार...

धारा 100ए सीपीसी वहां दूसरी अपील पर रोक लगाती है, जहां एकल न्यायाधीश ने मूल या अपीलीय डिक्री या आदेश से अपील सुनी हो: दिल्ली हाईकोर्ट
धारा 100ए सीपीसी वहां दूसरी अपील पर रोक लगाती है, जहां एकल न्यायाधीश ने मूल या अपीलीय डिक्री या आदेश से अपील सुनी हो: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि नागरिक प्रक्रिया संहिता की धारा 100ए वहां दूसरी अपील दायर करने पर रोक लगाती है, जहां सिंगल जज ने मूल या अपीलीय डिक्री या आदेश के खिलाफ अपील सुनी थी।जस्टिस यशवंत वर्मा और जस्टिस धर्मेश शर्मा की खंडपीठ ने कहा कि आगे की अपील पर रोक हाईकोर्ट के लेटर्स पेटेंट या उस समय लागू किसी अन्य कानून में निहित किसी भी बात के बावजूद लागू रहेगी।सीपीसी की धारा 100ए में कहा गया है कि किसी भी हाईकोर्ट के लिए किसी भी पत्र पेटेंट में या या किसी अन्य कानून में कुछ भी शामिल होने के...

अधिकारियों की ओर से सकारात्मक घोषणा होने के बाद एकाउंट ऑफिस पेंशन दावे को पलट नहीं सकता: एएफटी ने पायलट की मृत्यु के 24 साल बाद विधवा को राहत दी
अधिकारियों की ओर से सकारात्मक घोषणा होने के बाद एकाउंट ऑफिस पेंशन दावे को पलट नहीं सकता: एएफटी ने पायलट की मृत्यु के 24 साल बाद विधवा को राहत दी

सशस्त्र बल न्यायाधिकरण की चंडीगढ़ पीठ ने हाल ही में एक मृत वायु सेना पायलट की पत्नी को 'उदारीकृत पारिवारिक पेंशन' प्रदान की। पायलट का हेलीकॉप्टर 1999 में हिमाचल प्रदेश में एक जीवन रक्षक मिशन के दरमियान प्रतिकूल मौसम की स्थिति के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।जस्टिस धर्म चंद चौधरी और लेफ्टिनेंट जनरल डॉ रणबीर सिंह की पीठ ने कहा,"यह तयशुदा कानून है कि जब संबंधित प्राधिकारी की ओर से दावेदार के पक्ष में सकारात्मक घोषणा की जाती है, तो इसे एकाउंट्स ब्रांच की ओर से पलटा नहीं जा सकता है। उसका कार्य केवल...

जिस किरायेदार की लीज की अवधि समाप्त हो चुकी हो, वक्फ एक्ट के तहत उसे अतिक्रमणकारी माना जाएगाः केरल हाईकोर्ट
जिस किरायेदार की लीज की अवधि समाप्त हो चुकी हो, वक्फ एक्ट के तहत उसे अतिक्रमणकारी माना जाएगाः केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि लीज (पट्टा) की अवधि समाप्त होने के बाद, किरायेदार को वक्फ कानून के तहत 'अतिक्रमणकारी' माना जाएगा।जस्टिस ए मुहम्मद मुस्ताक और जस्टिस सोफी थॉमस ने कहा कि एक बार वक्फ एक्ट लागू हो गया और कोई लीज मौजूद नहीं रही तो पार्टियों के बीच संबंध वक्‍फ एक्ट के तहत शासित होंगे, न कि ट्रांसफर ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट के तहत।कोर्ट ने कहा,“ट्रासंफर ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट एक सामान्य अधिनियम है, जिसके तहत लीज को नियंत्रित किया जाता है। जब कोई विशेष कानून लीज की समाप्ति के बाद किसी किरायेदार...

दस प्रो बोनो केस लड़ें: दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व पत्नी की शिकायत पर वकील के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर रद्द करते हुए वकील को निर्देश दिया
दस प्रो बोनो केस लड़ें: दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व पत्नी की शिकायत पर वकील के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर रद्द करते हुए वकील को निर्देश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में एक वकील को उनकी पूर्व पत्नी द्वारा उनके खिलाफ दर्ज की गई दो एफआईआर को रद्द करते हुए विवादों को सौहार्दपूर्ण ढंग से निपटाने और तलाक लेने के बाद दस प्रो बोनो केस लड़ने करने का निर्देश दिया।जस्टिस दिनेश कुमार शर्मा ने भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए, 406 और 34 और दहेज निषेध अधिनियम, 1961 की धारा 4 के साथ-साथ आईपीसी की धारा 354 और POCSO अधिनियम की धारा 10 के तहत दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया। पीति और पत्नी के बीच वैवाहिक विवादों के चलते पत्नी ने ये मामले दर्ज कराए थे। ...

स्वतंत्रता सैनिक सम्मान पेंशन योजना के तहत केवल स्वतंत्रता सेनानी ही लाभ के पात्र हैं, उग्रवाद से लड़े लोग नहीं: जेएंडके एंड एल हाईकोर्ट
स्वतंत्रता सैनिक सम्मान पेंशन योजना के तहत केवल स्वतंत्रता सेनानी ही लाभ के पात्र हैं, उग्रवाद से लड़े लोग नहीं: जेएंडके एंड एल हाईकोर्ट

जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसले में कहा कि स्वतंत्रता सैनिक सम्मान पेंशन योजना (एसएसएस पेंशन प्लान) के तहत आतंकवाद के खिलाफ लड़ा व्य‌क्ति पेंशन नहीं पा सकता है, क्योंकि ऐसा व्य‌क्ति पेंशन योजना के मानदंडों को पूरा नहीं करता।जस्टिस संजय धर ने कहा कि एसएसएस पेंशन प्लान उन लोगों को सम्मानित करने के लिए विशेष रूप से बनाया गया है, जिन्होंने राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय रूप से भाग लिया था।कोर्ट ने कहा,"जिस व्यक्ति ने उग्रवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ी, वह पेंशन प्लान के...

जोशीमठ संकट: ज़मीन डूबने के असली कारण का पता लगाने को लेकर राज्य गंभीर नहीं, उत्तराखंड हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को पेश होने का निर्देश दिया
जोशीमठ संकट: 'ज़मीन डूबने के असली कारण का पता लगाने को लेकर राज्य गंभीर नहीं', उत्तराखंड हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को पेश होने का निर्देश दिया

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उत्तराखंड के जोशीमठ क्षेत्र में भूस्खलन और धंसाव का अध्ययन करने के लिए स्वतंत्र विशेषज्ञों को शामिल नहीं करने के लिए राज्य अधिकारियों की खिंचाई की।चीफ जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने कहा,“उत्तरदाताओं ने स्टडी के संचालन में उपरोक्त क्षेत्रों के एक्सपर्ट्स को शामिल नहीं किया है। हमें यह अभिव्यक्ति मिलती है कि राज्य भूमि धंसाव के वास्तविक कारणों का पता लगाने और उभरी स्थिति से गंभीरता से निपटने के प्रति गंभीर नहीं है।सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इस बात का...

बीएसएफ में शामिल होने के बाद ठीक होने वाली बीमारी के कारण बेसिक ट्रेनिंग पूरा नहीं कर पाने वाले कर्मचारी को बर्खास्त करना अनुचित: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
बीएसएफ में शामिल होने के बाद ठीक होने वाली बीमारी के कारण बेसिक ट्रेनिंग पूरा नहीं कर पाने वाले कर्मचारी को बर्खास्त करना अनुचित: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बेसिक ट्रेनिंग (Basic Training) पूरा नहीं कर पाने के कारण 'अयोग्य' घोषित कर सेवा से हटा दिए गए बीएसएफ कांस्टेबल के मामले पर सहानुभूतिपूर्वक पुनर्विचार करने का निर्देश दिया। कांस्टेबल को सर्विस से हटाने का आधार यह बताया गया था कि वह इलाज योग्य बीमारी के कारण बेसिक ट्रेनिंग पूरा नहीं कर सकता। कांस्टेबल को यह बीमारी सर्विस में शामिल होने के बाद हुई थी।जस्टिस जगमोहन बंसल की पीठ ने कहा,''किसी कर्मचारी को इस आधार पर बाहर करना बेहद अनुचित लगता है कि वह बीमारी, जो उसे...

[कस्टडी] बच्चे को यह महसूस नहीं कराया जाना चाहिए कि उसे सिर्फ अदालत के आदेश को लागू करने के लिए जबरदस्ती एक से दूसरे के पास ले जाया जा रहा है: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
[कस्टडी] बच्चे को यह महसूस नहीं कराया जाना चाहिए कि उसे सिर्फ अदालत के आदेश को लागू करने के लिए जबरदस्ती एक से दूसरे के पास ले जाया जा रहा है: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि गोद लिए बच्चे को यह महसूस नहीं कराया जाना चाहिए कि उसे सिर्फ़ अदालत के आदेश को लागू करने के लिए जबरदस्ती एक माता-पिता से दूसरे माता-पिता के पास ले जाया जा रहा है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने कथित तौर पर दत्तक मां की कस्टडी में रह रहे बच्चे के जैविक माता-पिता को उससे मुलाक़ात करने का अधिकार दिया।जस्टिस अरुण मोंगा की बेंच ने कहा,"फिलहाल, ऊपर बताए अनुसार अंतरिम व्यवस्था (मुलाकात के अधिकार) को बच्चे के कल्याण में सर्वोपरि रखते हुए और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के...

किसी महिला की इज्जत को छूने की कोशिश से बड़ा कोई अपमान नहीं, गुजरात हाईकोर्ट ने 12 साल की लड़की की अबॉर्शन याचिका स्वीकार की; पिता पर रेप का आरोप
किसी महिला की इज्जत को छूने की कोशिश से बड़ा कोई अपमान नहीं, गुजरात हाईकोर्ट ने 12 साल की लड़की की अबॉर्शन याचिका स्वीकार की; पिता पर रेप का आरोप

गुजरात हाईकोर्ट ने 12 साल की एक लड़की की लगभग 27 सप्ताह की गर्भावस्था को समाप्त करने की याचिका स्वीकार कर ली। लड़की का बलात्कार करने का आरोप उसके उसके प‌िता के ऊपर है । कोर्ट ने फैसले में कहा, किसी महिला की इज्जत को छूने की कोशिश करने से बड़ा कोई अपमान नहीं है।जस्टिस समीर जे दवे की पीठ ने मामले को दुखद और आश्चर्यजनक माना। उन्होंने फैसले में 'दुर्गा सप्तशती' का उल्लेख करते हुए कहा,"स्त्रिया: समस्ता: सकला जगत्सु [जगत की समस्त स्त्रियां तुम्हारा ही स्वरूप हैं] अर्थात हे देवी जगदम्बे, जगत में जितनी...

मानसिक क्रूरता में जीवनसाथी की वित्तीय अस्थिरता को भी शामिल किया जा सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट
'मानसिक क्रूरता' में जीवनसाथी की 'वित्तीय अस्थिरता' को भी शामिल किया जा सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि "मानसिक क्रूरता" शब्द इतना व्यापक है कि यह अपने दायरे में जीवनसाथी की "वित्तीय अस्थिरता" को भी ले सकता है।जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की खंडपीठ ने कहा,“वर्तमान मामले में मानसिक आघात को समझना आसान है, क्योंकि अपीलकर्ता [पत्नी] काम कर रही थी और प्रतिवादी [पति] काम नहीं कर रहा था। अपीलकर्ता और प्रतिवादी की वित्तीय स्थिति में भारी असमानता थी। स्वयं को जीवित रखने में सक्षम होने के प्रतिवादी के प्रयास निश्चित रूप से विफल रहे थे। इस प्रकार की...

आधी रात को पीड़ितों को कॉल करना और उनसे मिलना, विशेषकर यौन उत्पीड़न के पीड़ितों से, उनकी निजता और गरिमा का उल्लंघन है: कलकत्ता हाईकोर्ट ने लेक पुलिस अधिकारियों की आलोचना की
आधी रात को पीड़ितों को कॉल करना और उनसे मिलना, विशेषकर यौन उत्पीड़न के पीड़ितों से, उनकी निजता और गरिमा का उल्लंघन है: कलकत्ता हाईकोर्ट ने लेक पुलिस अधिकारियों की आलोचना की

कलकत्ता हाईकोर्ट ने एक स्वत: संज्ञान मामले में सामूहिक बलात्कार पीड़िता से जुड़े मामले की जांच कर रहे लेक गार्डन और नरेंद्रपुर पुलिस स्टेशन के पुलिस अधिकारियों के आचरण पर कड़ी निंदा व्यक्त की।जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस गौरांग कंठ की खंडपीठ ने आधी रात को पीड़िता को फोन करने, उससे मिलने जाने और मामले को छोड़ने के लिए उसे प्रभावित करने का प्रयास करने वाले किसी व्यक्ति को जमानत देने के लिए पुलिस अधिकारियों को फटकार लगाई।इसके साथ ही खंडपीठ ने कहा,"इस अदालत ने कभी ऐसा मामला नहीं देखा, जहां...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक एसएचओ के खिलाफ महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करने, पुलिस स्टेशन में एक बूढ़े व्यक्ति की पिटाई के आरोपों की जांच के आदेश दिए
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक एसएचओ के खिलाफ महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करने, पुलिस स्टेशन में एक बूढ़े व्यक्ति की पिटाई के आरोपों की जांच के आदेश दिए

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस अधीक्षक, सुल्तानपुर को एक स्टेशन हाउस अधिकारी (एसएचओ) के खिलाफ कुछ महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करने और पुलिस स्टेशन के अंदर एक बूढ़े व्यक्ति की पिटाई करने के लगाए गए आरोपों की जांच करने का आदेश दिया है। जस्टिस संगीता चंद्रा और जस्टिस नरेंद्र कुमार जौहरी की पीठ ने यह आदेश याचिकाकर्ताओं (कुछ महिलाओं सहित) द्वारा दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। इस याचिका में आरोप लगाया गया कि जब वे अपने बयान दर्ज कराने के लिए पुलिस स्टेशन गए तो एसएचओ. कूरेभार, जिला...