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सिनेमा हॉल मालिकों की ओर से दर्शकों को अपनी खाद्य सामग्री ले जाने पर रोक लगाने के समर्थन में यूपी सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल किया
सिनेमा हॉल मालिकों की ओर से दर्शकों को अपनी खाद्य सामग्री ले जाने पर रोक लगाने के समर्थन में यूपी सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल किया

उत्तर प्रदेश सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक हलफनामा दायर किया है, जिसमें सिनेमा हॉल मालिकों की ओर से हॉल के भीतर खाने-पीने के सामान ले जाने पर लगाई गई रोक का समर्थन किया गया है।यह हलफनामा 2018 में दायर एक पीआईएल में दायर किया गया है, जिसमें राज्य में सिनेमा हॉल मालिकों द्वारा दर्शकों को हॉल के अंदर खुद के खाद्य पदार्थ ले जाने पर लगाए गए प्रतिबंधों को चुनौती दी गई थी।बुधवार को जस्टिस मनोज कुमार गुप्ता व जस्टिस ज्योत्सना शर्मा की खंडपीठ के समक्ष प्रतिवादी संख्या 5/सिनेमा हॉल मालिकों के प्रबंधन...

[मोटर दुर्घटना] एफआईआर को दावा याचिका के रूप में माना जाएगा, 6 महीने के भीतर रिपोर्ट दाखिल करने पर परिसीमा लागू नहीं होगी: मद्रास हाईकोर्ट
[मोटर दुर्घटना] एफआईआर को दावा याचिका के रूप में माना जाएगा, 6 महीने के भीतर रिपोर्ट दाखिल करने पर परिसीमा लागू नहीं होगी: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि मोटर वाहन एक्ट के तहत सीमा अवधि तब किए गए दावों पर लागू नहीं होगी जब पुलिस ने पहले ही मोटर वाहन एक्ट की धारा 159 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली हो।प्रावधान में कहा गया कि जांच के दौरान पुलिस अधिकारी दावे के निपटान की सुविधा के लिए दुर्घटना सूचना रिपोर्ट तैयार करेगा और उसे दावा ट्रिब्यूनल को प्रस्तुत करेगा।जस्टिस वी लक्ष्मीनारायण ने कहा कि जब मोटर दुर्घटना के संबंध में पहले से ही एफआईआर दर्ज की गई और उसका विवरण क्षेत्राधिकार ट्रिब्यूनल को भेजा गया है तो दावा याचिका...

वादकारियों के लिए निष्पक्ष सुनवाई महत्वपूर्ण है, सूचीबद्ध मामलों की संख्या नहीं: केरल हाईकोर्ट ने मौजूदा न्यायाधीश के खिलाफ वकील की अपील खारिज की
वादकारियों के लिए निष्पक्ष सुनवाई महत्वपूर्ण है, सूचीबद्ध मामलों की संख्या नहीं: केरल हाईकोर्ट ने मौजूदा न्यायाधीश के खिलाफ वकील की अपील खारिज की

केरल हाईकोर्ट ने जस्टिस मैरी जोसेफ की पीठ के समक्ष मामलों की सीमित सूची को चुनौती देने वाली उनकी याचिका खारिज करने के खिलाफ वकील यशवंत शेनॉय की रिट अपील खारिज कर दी।जस्टिस ए मुहम्मद मुश्ताक और जस्टिस शोबा अन्नम्मा ईपेन की खंडपीठ ने कहा कि मामलों को सूचीबद्ध करना हाईकोर्ट के एडमिनिस्ट्रेशन पक्ष का विशेषाधिकार है।ओपन कोर्ट में आदेश सुनाते हुए उन्होंने कहा,"चीफ जस्टिस को निर्णय लेने का अधिकार है। यदि वह निर्णय नहीं लेते हैं तो यह अपीलकर्ता को रिट याचिका दायर करके अदालत में जाने का कारण नहीं देता...

मोटर दुर्घटना मुआवजे के दावों में घरेलू महिलाओं की सराहनीय सेवाओं पर विचार किया जाएगा: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
मोटर दुर्घटना मुआवजे के दावों में घरेलू महिलाओं की सराहनीय सेवाओं पर विचार किया जाएगा: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने माना कि हालांकि घरों और परिवारों के प्रबंधन में महिलाओं द्वारा प्रदान की गई नि:शुल्क सेवाओं को पैसे के बराबर नहीं किया जा सकता है, मगर मोटर वाहन अधिनियम के तहत मुआवजे के दावे पर निर्णय लेते समय ऐसी सेवाओं पर उचित रूप से विचार किया जाना चाहिए।जस्टिस वीरेंद्र सिंह ने कहा कि महिलाएं घर में विभिन्न गतिविधियां करती हैं। इसलिए मोटर वाहन दुर्घटना के कारण उनकी असामयिक मृत्यु उनके परिवारों को मुआवजे का अधिकार देती है।पीठ ने कहा,“महिलाएं घर में विविध काम कर रही हैं। महिलाओं...

दुर्गा पूजा के लिए निर्धारित भूमि पर अन्य उत्सवों की अनुमति देने से इनकार करना अनुच्छेद 14 का उल्लंघन: कलकत्ता हाईकोर्ट ने गणेश पूजन की अनुमति दी
दुर्गा पूजा के लिए निर्धारित भूमि पर अन्य उत्सवों की अनुमति देने से इनकार करना अनुच्छेद 14 का उल्लंघन: कलकत्ता हाईकोर्ट ने गणेश पूजन की अनुमति दी

कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को आसनसोल दुर्गापुर विकास प्राधिकरण (ADDA) को निर्देश दिया कि वह याचिकाकर्ताओं को 18-22 सितंबर के बीच सार्वजनिक मैदान पर गणेश पूजा समारोह आयोजित करने की अनुमति दे। इस मैदान का उपयोग सरकारी कार्यों और दुर्गा पूजा के लिए किया जाता है।जस्टिस सब्यसाची भट्टाचार्य की एकल पीठ ने कहा कि गणेश पूजा की मेजबानी से इनकार करना और उसी आधार पर दुर्गा पूजा मनाने की अनुमति देना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत याचिकाकर्ता के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होगा।कोर्ट ने कहा कि यदि ज़मीन...

मस्जिद परिसर से मलबा हटाने में ज्ञानवापी संरचना को किसी भी तरह के नुकसान की कोई संभावना नहीं: वाराणसी कोर्ट में एएसआई ने कहा
मस्जिद परिसर से मलबा हटाने में ज्ञानवापी संरचना को किसी भी तरह के नुकसान की कोई संभावना नहीं: वाराणसी कोर्ट में एएसआई ने कहा

वाराणसी की अदालत में जिला न्यायाधीश को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने यह आश्वासन दिया कि मस्जिद परिसर से मलबा और कचरा साफ करते समय ज्ञानवापी मस्जिद संरचना को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा।एएसआई ने अदालत को यह भी बताया कि चूंकि ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में और उसके आसपास पत्थर के स्लैब के रूप में कचरा, मलबा और गिरी हुई सामग्री जमा हो गई है। इसलिए कचरे को साफ करना अपरिहार्य हो गया है, जिससे परिसर की उचित वैज्ञानिक जांच हो सके।एएसआई के वकील ने अदालत के समक्ष मस्जिद परिसर का सर्वेक्षण पूरा करने...

पीड़िता की मौत से 10 दिन पहले पैसे का आदान-प्रदान दहेज मृत्यु का अनुमान देता है: कलकत्ता हाईकोर्ट ने पति की सजा को बरकरार रखा
पीड़िता की मौत से 10 दिन पहले पैसे का आदान-प्रदान 'दहेज मृत्यु' का अनुमान देता है: कलकत्ता हाईकोर्ट ने पति की सजा को बरकरार रखा

कलकत्ता हाईकोर्ट ने हाल ही में एक पति (अपीलकर्ता संख्या एक ) और उसके भाई (अपीलकर्ता संख्या 2) की ओर से दायर अपील को खारिज कर दिया, जिन्हें ट्रायल कोर्ट ने आईपीसी की धारा 498 ए और 304 बी के तहत दहेज हत्या के लिए दोषी ठहराया था। पीड़िता ने अपने वैवाहिक घर में खुद को और अपनी बेटी को जहर दे दिया। दोनों की सजा को बरकरार रखते हुए जस्टिस राय चट्टोपाध्याय की एकल पीठ ने कहा, "पैसे के हस्तांतरण की पूरी घटना दोनों पीड़ितों की मृत्यु की तारीख से दस दिन पहले हुई थी।जहां तक भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा...

कॉलेज में न शिक्षक, न प्राचार्य; कक्षाओं में खिलौने थे: बॉम्बे हाईकोर्ट ने मराठवाड़ा ‌यू‌निवर्सिटी की संबद्धता वापस लेने के फैसले को बरकरार रखा
कॉलेज में न शिक्षक, न प्राचार्य; कक्षाओं में खिलौने थे: बॉम्बे हाईकोर्ट ने मराठवाड़ा ‌यू‌निवर्सिटी की संबद्धता वापस लेने के फैसले को बरकरार रखा

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में शैक्षणिक और बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी के कारण श्री तुलजा भवानी कला और विज्ञान कॉलेज, औरंगाबाद की संबद्धता वापस लेने के मराठवाड़ा यूनिवर्सिटी के फैसले को बरकरार रखा। औरंगाबाद में जस्टिस मंगेश एस पाटिल और जस्टिस शैलेश पी ब्रह्मे की खंडपीठ ने यूनिवर्सिटी के फैसले के खिलाफ एक रिट याचिका में कहा कि कॉलेज में गंभीर खामियां थीं और यूनिवर्सिटी ने संबद्धता वापस लेने के लिए उचित प्रक्रिया का पालन किया था।कोर्ट ने कहा,“प्रबंधन में विवाद आजकल आम बात हो गई है। लेकिन इसका...

उच्च अधिकारियों के खिलाफ गंभीर आरोप हैं, उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कॉर्बेट पार्क में अवैध पेड़ कटाई की जांच के लिए सीबीआई को आदेश दिया
"उच्च अधिकारियों के खिलाफ गंभीर आरोप हैं", उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कॉर्बेट पार्क में अवैध पेड़ कटाई की जांच के लिए सीबीआई को आदेश दिया

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने यह देखते हुए कि उच्च अधिकारियों के खिलाफ गंभीर आरोप हैं, सीबीआई को कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में अवैध निर्माण और 6000 से अधिक पेड़ों की कटाई की जांच करने का निर्देश दिया है। मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और जस्टिस आलोक कुमार वर्मा की पीठ ने कहा,"हम संतुष्ट हैं कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री प्रथम दृष्टया केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा जांच की मांग करने वाले मामले का खुलासा करती है।"आरोपों की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने कहा कि केवल कुछ अधिकारियों को निलंबित करना और उन्हें आरोप पत्र...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सजा काट रही महिला को जमानत दी, डॉक्टर का प्राइवेट पार्ट काटकर उसकी हत्या करने के जुर्म में हुई थी उम्रकैद
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सजा काट रही महिला को जमानत दी, डॉक्टर का प्राइवेट पार्ट काटकर उसकी हत्या करने के जुर्म में हुई थी उम्रकैद

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह आजीवन कारावास की सजा काट रही एक महिला को जमानत दे दी। इस महिला को 2013 में एक डॉक्टर की हत्या कर उसका प्राइवेट पार्ट काटकर और बाद में उसे अन्यत्र भेजने का दोषी पाए जाने के बाद 2016 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। दोषी महिला ने डॉक्टर का प्रायवेट पार्ट काटकर उसकी पत्नी को भेज दिया था। मुख्य न्यायाधीश प्रीतिंकर दिवाकर और जस्टिस नलिन कुमार श्रीवास्तव की पीठ ने दोषी महिला द्वारा उसकी हिरासत अवधि के आधार पर दायर दूसरी जमानत याचिका पर यह आदेश पारित किया।पीठ ने...

फोन टैपिंग मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने आईपीएस अधिकारी रश्मी शुक्ला के खिलाफ दो एफआईआर रद्द कीं
फोन टैपिंग मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने आईपीएस अधिकारी रश्मी शुक्ला के खिलाफ दो एफआईआर रद्द कीं

बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को वरिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी रश्मी शुक्ला के खिलाफ दो एफआईआर रद्द कर दीं।आईपीएस अधिकारी रश्मी शुक्ला पर 2015-2019 के बीच कथित तौर पर राजनेताओं के फोन टैप करने का आरोप था, जब पूर्ववर्ती भाजपा नेतृत्व वाला गठबंधन राज्य में सत्ता में था।एडवोकेट जनरल बीरेंद्र सराफ ने पीठ को सूचित किया कि मुंबई पुलिस को सीआरपीसी की धारा 197 के तहत शुक्ला के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी देने से इनकार कर दिया गया था, जिसके बाद जस्टिस एएस गडकरी और जस्टिस शर्मिला देशमुख ने...

आपको उस पर गर्भपात के लिए दबाव नहीं डालना चाहिए: गुजरात हाईकोर्ट ने गर्भपात की याचिका की अनुमति देते हुए नाबालिग लड़की के पिता से कहा
'आपको उस पर गर्भपात के लिए दबाव नहीं डालना चाहिए': गुजरात हाईकोर्ट ने गर्भपात की याचिका की अनुमति देते हुए नाबालिग लड़की के पिता से कहा

गुजरात हाईकोर्ट ने 17 साल की एक लड़की को लगभग 17 सप्ताह की गर्भावस्था को समाप्त करने की अनुमति प्रदान की। हालांकि कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा है कि लड़की के पिता को अपनी बेटी पर गर्भपात कराने के लिए दबाव नहीं बनाना चाहिए।जस्टिस समीर जे दवे की पीठ ने यह टिप्पणी तब की जब उसने लड़की की मेडिकल रिपोर्ट और पुलिस तथा मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज किये गये उसके बयानों पर गौर किया।कोर्ट ने कहा, "आप अपनी बेटी पर दबाव डाल रहे हैं? मैंने सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज किए गए उसके बयान को देखा है। पीड़िता की मां...

एपोस्टिल कन्वेंशन | सरकार को हस्ताक्षरकर्ता देशों की ओर से जारी दस्तावेजों को अस्वीकार नहीं करना चाहिएः इलाहाबाद हाईकोर्ट
एपोस्टिल कन्वेंशन | सरकार को हस्ताक्षरकर्ता देशों की ओर से जारी दस्तावेजों को अस्वीकार नहीं करना चाहिएः इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भारत सरकार चेतावनी दी है कि वो एपोस्टिल कन्वेंशन, 1961 की भावना को कायम रखे। भारत एपोस्टिल कन्वेंशन का हस्ताक्षरकर्ता है। यह कन्वेंशन एक हस्ताक्षरकर्ता देश के विदेशी सार्वजनिक दस्तावेजों को अन्य हस्ताक्षरकर्ता देशों में वैध बनाने की आवश्यकता को समाप्त कर देता है। कोर्ट बुधवार को गुयाना सरकार की ओर से जारी कुछ दस्तावेजों के आधार पर ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (ओसीआई) कार्ड देने की मांग करने वाले एक अमेरिकी नागरिक की याचिका पर सुनवाई कर रही थी।इस मामले में याचिकाकर्ता ने यह...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने होटल की अनुमति रद्द करने के बीएमसी आदेश के खिलाफ शिवसेना (यूबीटी) विधायक रवींद्र वायकर की याचिका खारिज की
बॉम्बे हाईकोर्ट ने होटल की अनुमति रद्द करने के बीएमसी आदेश के खिलाफ शिवसेना (यूबीटी) विधायक रवींद्र वायकर की याचिका खारिज की

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पार्टी के विधायक रवींद्र वायकर द्वारा उन्हें और चार अन्य को मुंबई में एक लक्जरी होटल बनाने की दी गई अनुमति को रद्द करने के संबंध में दायर याचिका खारिज कर दी। जस्टिस सुनील शुक्रे की अध्यक्षता वाली पीठ द्वारा यह आदेश चैंबर में पारित किया गया। हालांकि हाईकोर्ट ने अपने आदेश पर चार सप्ताह के लिए रोक लगा दी है ताकि वायकर सुप्रीम कोर्ट जा सकें।याचिकाकर्ताओं ने वकील जोएल कार्लोस के माध्यम से दायर याचिका में दावा किया कि 2004 में उन्होंने...

शारदा चिट-फंड घोटाला: कलकत्ता हाईकोर्ट ने टीएमसी नेता कुणाल घोष को बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट प्रतिनिधि के रूप में स्पेन की यात्रा की अनुमति दी
शारदा चिट-फंड घोटाला: कलकत्ता हाईकोर्ट ने टीएमसी नेता कुणाल घोष को बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट प्रतिनिधि के रूप में स्पेन की यात्रा की अनुमति दी

कलकत्ता हाईकोर्ट ने हाल ही में शारदा चिट-फंड घोटाले के आरोपी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता और पत्रकार कुणाल घोष द्वारा दायर जमानत शर्तों में छूट के लिए दायर आवेदन की अनुमति दी।घोष को बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट 2023 में प्रतिनिधि के रूप में चुना गया था। उन्होंने पश्चिम राज्य के लिए व्यावसायिक निवेश के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ मैड्रिड और बार्सिलोना की विदेश यात्रा के लिए अदालत से अनुमति मांगी थी।जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस गौरांग कंठ की खंडपीठ ने उनके आवेदन को अनुमति...

अवैध खनन: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने असली अपराधियों को बचाने के लिए गरीब लोगों पर आरोप लगाने के लिए पुलिस की आलोचना की
अवैध खनन: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने असली अपराधियों को बचाने के लिए 'गरीब लोगों' पर आरोप लगाने के लिए पुलिस की आलोचना की

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने अवैध खनन और कोयला परिवहन के मामले में केवल ड्राइवरों जैसे गरीब व्यक्तियों पर आरोप लगाने और वास्तविक दोषियों को बचाने के लिए पंजाब पुलिस के अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट को बताया गया कि पुलिस के इशारे पर ऐसी अवैध गतिविधियां की जा रही हैं। मामला पंजाब के रूपनगर में अवैध खनन से जुड़ा है।शियाओस शेखावत की पीठ ने टिप्पर चालक की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा,"ऐसा लगता है कि पुलिस उन लोगों के साथ मिल गई है, जो क्षेत्र में इस अवैध शिकार कार्य को...

बैंक लेनदारों से पैसा वसूलने के उपाय के रूप में लुक आउट सर्कुलर का इस्तेमाल नहीं कर सकते: दिल्ली हाईकोर्ट
बैंक लेनदारों से पैसा वसूलने के उपाय के रूप में लुक आउट सर्कुलर का इस्तेमाल नहीं कर सकते: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि क्रेडिटर्स से पैसा वसूलने के उपाय के रूप में बैंक लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) का उपयोग केवल इसलिए नहीं कर सकते क्योंकि उसे लगता है कि कानून के तहत उपलब्ध उपाय पर्याप्त नहीं है। जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा कि एलओसी तभी जारी की जा सकती है जब पर्याप्त कारण हों। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी एलओसी जारी करने के लिए कोई पूर्व शर्त है, तो उसा उल्लेख किया जाना चाहिए।कोर्ट ने कहा, “यह अच्छी तरह से स्थापित है कि लुक आउट सर्कुलर की वैधता पर उस तारीख को मौजूद परिस्थितियों को ध्यान...

एनडीपीएस एक्ट की धारा 42 | तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी प्रक्रियाओं का अनुपालन न करना प्रॉसिक्यूशन के लिए घातक: राजस्थान हाईकोर्ट
एनडीपीएस एक्ट की धारा 42 | तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी प्रक्रियाओं का अनुपालन न करना प्रॉसिक्यूशन के लिए घातक: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में एक आरोपी को इस आधार पर जमानत दे दी कि तलाशी और जब्ती की कार्यवाही करते समय जब्ती अधिकारी को संबंधित पुलिस स्टेशन के एसएचओ के रूप में तैनात नहीं किया गया था। इससे एनडीपीएस एक्ट की धारा 42 और उसके बाद राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के आदेश का उल्लंघन हुआ।जस्टिस फरजंद अली ने कहा कि एनडीपीएस एक्ट का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। तलाशी और गिरफ्तारी के संबंध में इसमें उल्लिखित प्रक्रिया का अनुपालन न करना बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।कोर्ट ने कहा,"एनडीपीएस एक्ट कड़े...

बॉम्बे हाईकोर्ट से सीबीआई डायरेक्टर की नियुक्ति को चुनौती देने वाली जनहित याचिका वापस ली गई
बॉम्बे हाईकोर्ट से सीबीआई डायरेक्टर की नियुक्ति को चुनौती देने वाली जनहित याचिका वापस ली गई

बॉम्बे हाईकोर्ट से केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के डायरेक्टर के रूप में आईपीएस अधिकारी सुबोध कुमार जयसवाल की नियुक्ति को चुनौती देने वाली जनहित याचिका वापस ले ली गई। यह याचिका कोर्ट को यह सूचित किए जाने के बाद वापस ले ली गई कि अधिकारी का कार्यकाल समाप्त हो गया है, जिस कारण जनहित याचिका निरर्थक हो गई है। यह पद अब आईपीएस अधिकारी प्रवीण सूद के पास है।चीफ जस्टिस देवेन्द्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस आरिफ डॉक्टर की खंडपीठ ने जनहित याचिका को वापस लिया हुआ मानते हुए खारिज कर दिया।खंडपीठ ने अपने आदेश में...

हाईकोर्ट द्वारा प्रशासनिक पक्ष पर पारित आदेश को चुनौती देने के लिए एसएलपी दायर नहीं की जा सकती : सुप्रीम कोर्ट
हाईकोर्ट द्वारा प्रशासनिक पक्ष पर पारित आदेश को चुनौती देने के लिए एसएलपी दायर नहीं की जा सकती : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रशासनिक पक्ष (Administrative Side) की ओर से हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेश को चुनौती देने वाली एक विशेष अनुमति याचिका अवलोकन करते हुए कहा कि प्रशासनिक आदेश के खिलाफ कोई विशेष अनुमति याचिका दायर नहीं की जा सकती। इस मामले में याचिकाकर्ता ने तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश द्वारा पारित प्रशासनिक आदेश की आलोचना की, जिस आदेश में हाईकोर्ट ने सीजेआई के ऑनलाइन सुनवाई के निर्देशों को लागू करते हुय उसे याचिका को ऑनलाइन माध्यम से दायर करने और उस पर सुनवाई करने की अनुमति नहीं दी...