मुख्य सुर्खियां
धन की उपलब्धता के बावजूद जेलों की स्थिति में सुधार के लिए प्रभावी कदम नहीं उठा रही मिजोरम सरकार: गुवाहाटी हाईकोर्ट
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने हाल ही में मिजोरम राज्य को राज्य में जेलों की स्थितियों में सुधार के लिए काम की निर्धारित शुरुआत और पूरा होने के बारे में अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है।चीफ़ जस्टिस विजय बिश्नोई और जस्टिस माइकल ज़ोथनखुमा की खंडपीठ ने कहा, ''हम उम्मीद करते हैं कि राज्य सरकार अपने आकलन के अनुसार जेलों की स्थिति में सुधार के लिए कार्यों के निष्पादन के लिए एक ठोस प्रस्ताव लेकर आएगी।" न्यायालय मिजोरम राज्य के प्रत्येक जिले में जेल के बुनियादी ढांचे की मरम्मत या...
आश्रय की तलाश में घर खरीदारों की मेहनत की कमाई को सफेद करना: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ED गिरफ्तारी को चुनौती देने वाले बिल्डर की याचिका खारिज की
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ED द्वारा गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली एक रियल एस्टेट कंपनी के मालिक की याचिका को खारिज कर दिया है और कहा कि "अपराध की भारी आय की पहचान की गई है, और प्रथम दृष्टया, उसके खिलाफ धन शोधन का अपराध स्पष्ट रूप से बनता है"।जस्टिस महाबीर सिंह सिंधु ने कहा, याचिका में कहा गया है, 'करीब 1500 भावी मकान खरीदारों ने आश्रय मिलने की उम्मीद में अपनी मेहनत की कमाई का निवेश किया लेकिन याचिकाकर्ता ने अन्य सह आरोपियों के साथ मिलकर साजिश के तहत करीब 363 करोड़ रुपये की पूरी राशि का गबन...
'सद्भावपूर्ण आरोप' के अपवाद का दावा करने वाले आवेदन को परिसीमा पर खारिज नहीं किया जा सकता, जांच के लिए ट्रायल की आवश्यकता: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने एक उल्लेखनीय फैसले में जोर देकर कहा कि रणबीर दंड संहिता (RPC) की धारा 499 (मानहानि) के आठवें अपवाद के आवेदन में तथ्यात्मक मुद्दों का निर्धारण शामिल है, जिनका ट्रायल कोर्ट द्वारा या रद्द करने की मांग वाली याचिका में प्रारंभिक चरण में मूल्यांकन नहीं किया जा सकता है।आरपीसी के आठवें अपवाद में कहा गया है कि किसी के खिलाफ उन पर वैध अधिकार वाले व्यक्ति के खिलाफ एक अच्छा विश्वास आरोप लगाना मानहानि नहीं माना जाता है। घरेलू हिंसा मामले के दौरान लगाए गए आरोपों के आधार...
मौत या आजीवन कारावास के मामलों में जमानत पर रोक त्वरित सुनवाई के अधिकार का स्थान नहीं ले सकती: जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में फैसला सुनाया है कि मृत्यु या आजीवन कारावास से दंडनीय मामलों में जमानत देने के लिए दंड प्रक्रिया संहिता के तहत प्रतिबंध भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत गारंटीकृत त्वरित सुनवाई के मौलिक अधिकार को ओवरराइड नहीं कर सकता है।जस्टिस रजनीश ओसवाल की पीठ ने 13 साल से अधिक समय तक बिना मुकदमे की सुनवाई पूरी किए जेल में बंद रमन कुमार नाम के व्यक्ति को जमानत देते हुए कहा, "मौत या आजीवन कारावास के साथ दंडनीय अपराधों में जमानत देने के लिए बार पर विचार...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी ट्रांसजेंडर नीति तैयार करने के लिए जनहित याचिका पर UOI यूपी सरकार से जवाब मांगा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश ट्रांसजेंडर नीति तैयार करने की मांग करने वाली जनहित याचिका (PIL) पर भारत संघ, यूपी राज्य और केंद्र और राज्य सरकार के तहत विभिन्न मंत्रालयों और विभागों से जवाब मांगा।किन्नर शक्ति फाउंडेशन (अपने अध्यक्ष शुभम गौतम के माध्यम से) द्वारा दायर जनहित याचिका में राज्य में प्रभावी आउटरीच और जागरूकता कार्यक्रम और ट्रांसजेंडर सुरक्षा सेल की स्थापना के साथ ट्रांसजेंडर आयुष्मान टीजी प्लस कार्ड योजना के त्वरित कार्यान्वयन की भी मांग की गई।जनहित याचिका में राज्य भर में गरिमा...
"अतिरिक्त पेंशन का भुगतान सार्वजनिक धन से किया गया": पटना हाईकोर्ट ने विधवा की याचिका खारिज की, अधिक भुगतान की गई पेंशन की वसूली को बरकरार रखा
पटना हाईकोर्ट ने हाल ही में भारतीय स्टेट बैंक के पक्ष में फैसला सुनाया कि वह 8.63 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि वसूलने का अधिकार रखता है, जो कई वर्षों से एक विधवा पेंशनभोगी को गलती से भुगतान की गई थी। महिला के दिवंगत पति 1998 में ऑडिटर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे, और 2002 में उनकी मृत्यु के बाद से वह बढ़ी हुई पारिवारिक पेंशन प्राप्त कर रही थी। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को बाद में पता चला कि उसे कई वर्षों से अतिरिक्त पेंशन भुगतान मिल रहा था।इस मामले की सुनवाई कर रही पीठ की अध्यक्षता कर रहे जस्टिस...
अभियुक्त के स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार में महत्वपूर्ण पारिवारिक कार्यक्रमों में भाग लेने का अधिकार शामिलः राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने हत्या के प्रयास और शस्त्र अधिनियम के तहत आरोपी को अपनी बेटी की सगाई समारोह में शामिल होने के लिए विदेश यात्रा करने की अनुमति दी।जस्टिस अरुण मोंगा की पीठ ने सत्र न्यायाधीश का आदेश खारिज किया, जिसमें अभियुक्त द्वारा इस आशय की याचिका खारिज कर दिया गई और कहा कि अभियुक्त होने के बावजूद याचिकाकर्ता के पास अभी भी व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मौलिक अधिकार है, जिसमें यात्रा करने और महत्वपूर्ण पारिवारिक कार्यक्रमों में भाग लेने का अधिकार शामिल है।न्यायालय ने पाया कि याचिकाकर्ता का न्यायिक...
Netflix सीरीज IC 814: ANI ने The Kandahar Hijack के निर्माताओं के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में कॉपीराइट उल्लंघन का मुकदमा दायर किया
एशिया न्यूज इंटरनेशनल (ANI) ने Netflix सीरीज "IC 814: The Kandahar Hijack के निर्माताओं के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में कॉपीराइट उल्लंघन का मुकदमा दायर किया।इस मामले की सुनवाई जस्टिस मिनी पुष्करणा ने की और शो के निर्माताओं को नोटिस जारी किया गया।अदालत ने निर्देश दिया कि अंतरिम राहत की मांग करने वाली ANI की अर्जी पर दो दिनों के भीतर जवाब दाखिल किया जाए। अब मामले की सुनवाई शुक्रवार को होगी।ANI का कहना है कि Netflix सीरीज ने बिना किसी अनुमति और लाइसेंस के तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जनरल...
नगर परिषद प्रमुख के कार्यकाल के संबंध में अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए समय में संशोधन करने वाला अध्यादेश पूर्वव्यापी: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम के तहत नगर परिषद के अध्यक्ष पद के संबंध में अविश्वास प्रस्ताव बैठक बुलाने के आदेश को रद्द कर दिया है, यह देखते हुए कि इस तरह के प्रस्ताव पारित होने से पहले 2 से 3 साल तक कार्यकाल बढ़ाने के लिए बाद में प्रख्यापित अध्यादेश पूर्वव्यापी रूप से लागू होगा। यह मामला इस बात से संबंधित है कि चुनाव लड़ने का अधिकार वैधानिक है या मौलिक, और क्या विचाराधीन अध्यादेश पूर्वव्यापी या भावी रूप से लागू होता है।जस्टिस गुरपाल सिंह अहलूवालिया की एकल पीठ ने अपने...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक्स पर इजरायल का समर्थन करने के लिए सरकार का विरोध करने के आरोपी को जमानत दी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह ऐसे व्यक्ति को जमानत दी, जिसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर हमास के लिए कथित तौर पर अपना समर्थन व्यक्त किया था जबकि इजरायल का समर्थन करने के लिए भारत सरकार के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की थी।जस्टिस समीर जैन की पीठ ने आरोपी गोश मोहम्मद को जमानत दी, जो वर्तमान मामले में अक्टूबर 2023 से जेल में है और सभी कथित अपराधों पर मजिस्ट्रेट-I श्रेणी द्वारा अधिकतम तीन साल की सजा के साथ मुकदमा चलाया जा सकता है। साथ ही इस तथ्य के साथ कि उसका कोई आपराधिक...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस कांस्टेबल परीक्षा पेपर लीक मामले में पूर्व विधायक को अंतरिम राहत दी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह यूपी के पूर्व मंत्री और समाजवादी पार्टी के नेता यासर शाह को अंतरिम राहत दी, जो कथित तौर पर एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अफवाह फैलाने के आरोप में एफआईआर का सामना कर रहे हैं कि यूपी पुलिस कांस्टेबल परीक्षा 2024 का पेपर लीक हो सकता है।जस्टिस अताउ रहमान मसूदी और जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की पीठ ने निर्देश दिया कि शाह को बीएनएस की धारा 318(4), 336(3), 338 और 340(2) तथा यूपी सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अध्यादेश, 2024 की धारा 13 के तहत उनके खिलाफ दर्ज...
उड़ीसा हाईकोर्ट ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय से सिलेंडर विस्फोट मामलों में बीमा कवरेज के बारे में जागरूकता फैलाने को कहा
उड़ीसा हाईकोर्ट ने हाल ही में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय से कहा है कि वह एलपीजी सिलेंडरों के संचालन में सुरक्षा मानदंडों के संबंध में तेल विपणन कंपनियों के लिए एक मजबूत विज्ञापन नीति तैयार करे तथा दुर्घटनावश सिलेंडर फटने की स्थिति में बीमा कवरेज के बारे में लोगों में जागरूकता फैलाए।बीमा कवरेज के बारे में आम जनता की अज्ञानता को उजागर करते हुए जस्टिस डॉ संजीव कुमार पाणिग्रही की एकल पीठ ने कहा, "लेकिन, गैस रिसाव दुर्घटनाओं के कई पीड़ित इस मानदंड से अनभिज्ञ हैं कि गैस कंपनियां...
जाली शैक्षिक प्रमाण पत्र प्रस्तुत करके प्राप्त की गई सार्वजनिक नौकरी "आरंभ से ही अमान्य": इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक सेवानिवृत्त शिक्षक की रिट याचिका पर विचार करते हुए कहा कि जाली शैक्षणिक प्रमाण पत्र प्रस्तुत करके प्राप्त सार्वजनिक रोजगार शुरू से ही शून्य और अमान्य होगा, जिससे ऐसे कर्मचारी को सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले लाभों से वंचित होना पड़ेगा। जस्टिस सुभाष विद्यार्थी ने कहा,“….जो व्यक्ति जाली शैक्षणिक प्रमाण पत्र प्रस्तुत करके नियुक्ति प्राप्त करता है, उसे सुनवाई का कोई अवसर प्राप्त करने का अधिकार नहीं है…”न्यायालय ने अमरेंद्र प्रताप सिंह बनाम तेज बहादुर प्रजापति पर भरोसा किया,...
धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात का अपराध एक साथ नहीं हो सकता: हाईकोर्ट ने वाणिज्यिक मामलों में राजस्थान पुलिस की ओर से की गई "नियमित" एफआईआर पर अफसोस जताया
राजस्थान हाईकोर्ट ने दोहराया कि भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 405 (आपराधिक विश्वासघात) (भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318 और 316 के अनुरूप) एक दूसरे के विरोधी हैं और इन्हें एक साथ आरोपी व्यक्ति के खिलाफ नहीं लगाया जा सकता।जस्टिस अरुण मोंगा की पीठ ने कहा कि धारा 405 के तहत मुख्य तत्व शिकायतकर्ता की ओर से आरोपी को संपत्ति सौंपना है और इस तरह के सौंपे जाने से पहले या उस समय आरोपी की ओर से बेईमानी का कोई तत्व मौजूद नहीं है।हालांकि, धारा 420 के तहत यह दिखाना जरूरी है कि संपत्ति की...
UAPA | पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 2020 में 'राष्ट्र विरोधी गतिविधियों' के लिए गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को रिहा किया; उसके पास से केवल फोन बरामद हो पाया, जिसमें हथियारों की 'आपत्तिजनक' तस्वीरें थीं
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में एक यूएपीए आरोपी को में जमानत प्रदान की। उसे 2020 में "राष्ट्र-विरोधी" गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जस्टिस अनुपिंदर सिंह ग्रेवाल और जस्टिस लपिता बनर्जी ने कहा कि "आरोपित व्यक्ति के पास से कथित रूप से केवल एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है, जिसमें हथियारों और गोला-बारूद आदि की आपत्तिजनक तस्वीरें होने की बात कही गई है। इस स्तर पर आग्नेयास्त्रों या किसी अन्य आपत्तिजनक सामग्री की कोई अन्य बरामदगी नहीं हुई है। अपीलकर्ता 3 साल और 8...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीनियर एडवोकेट के बारे में शपथ पर गलत बयान देने के लिए तीन लोगों पर 2-2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तीन याचिकाकर्ताओं पर 2-2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। उक्त लोगों ने हलफनामे में झूठा दावा किया था कि उनके पिछले वकील ने दूसरे वकील को नियुक्त करने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र देने से इनकार कर दिया था।याचिकाकर्ताओं ने न्यायालय में हलफनामा दायर कर कहा कि वे अपने पिछले वकील के काम से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त (NOC) करने के लिए उनसे संपर्क किया था लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया। इसलिए याचिकाकर्ताओं ने हलफनामा दाखिल किया और दूसरे वकील को...
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने केंद्र को जॉइंट सेक्रेटरी के रूप में IFS संजीव चतुर्वेदी के पैनल में शामिल होने के संबंध में रिकॉर्ड उपलब्ध कराने का निर्देश दिया
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने केंद्र को संजीव चतुर्वेदी (IFS) को केंद्र में जॉइंट सेक्रेटरी के पद पर पैनल में शामिल करने की प्रक्रिया और निर्णय लेने से संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।यह विवाद 15.11.2022 को लिए गए निर्णय में कैबिनेट की नियुक्ति समिति (SCC) द्वारा चतुर्वेदी और अन्य अधिकारी की केंद्र में जॉइंट सेक्रेटरी या समकक्ष पद पर नियुक्ति को मंजूरी नहीं देने से संबंधित है।चतुर्वेदी ने निर्णय लेने की प्रक्रिया के रिकॉर्ड का विवरण मांगने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) से...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (02 सितंबर, 2024 से 06 सितंबर, 2024) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।धोखाधड़ी, शरारत, गलत बयानी के अभाव में सार्वजनिक रोजगार समाप्त नहीं किया जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट ने दोहरायाजस्टिस विनीत कुमार माथुर राजस्थान हाईकोर्ट ने पुष्टि की कि योग्यता के आधार पर दिए गए व्यक्तियों के सार्वजनिक रोजगार को कर्मचारी की ओर से किसी भी धोखाधड़ी, शरारत, गलत बयानी या दुर्भावना के...
SC/ST Act के तहत FIR दर्ज करने की अपील की भी वीडियो रिकार्डिंग करनी होगी: बॉम्बे हाईकोर्ट
एक महत्वपूर्ण फैसले में, बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (एससी एसटी) के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करने की मांग करने वाली अपील में कार्यवाही को भी "वीडियो-रिकॉर्ड" करने की आवश्यकता होगी।जस्टिस संदीप मार्ने ने विजय सपकाले की याचिका पर सुनवाई करते हुए कुछ निजी व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। जस्टिस मार्ने ने तीन सितंबर के अपने आदेश में कहा कि डॉ. हेमा आहूजा बनाम महाराष्ट्र राज्य के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट...
पेटेंट अवैधता की जांच करते समय न्यायालय साक्ष्यों का पुनर्मूल्यांकन या अनुबंधों की पुनर्व्याख्या नहीं कर सकता : कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट माना कि मध्यस्थता एवं सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 34 (2-ए) के प्रावधान के अनुसार न्यायालय पेटेंट अवैधता की आड़ में साक्ष्यों का पुनर्मूल्यांकन नहीं कर सकता।जस्टिस सब्यसाची भट्टाचार्य पीठ ने कहा कि न्यायालय न्यायाधिकरण के निर्णय पर अपील में नहीं बैठ सकता है और पेटेंट अवैधता के साक्ष्य के बिना न्यायाधिकरण से अलग अनुबंध की पुनर्व्याख्या नहीं कर सकता है।तथ्ययाचिकाकर्ता, एसआरएमबी सृजन लिमिटेड (एसआरएमबी) और ग्रेट ईस्टर्न एनर्जी कॉरपोरेशन लिमिटेड (दावेदार/प्रतिवादी) के बीच 11 मई, 2011...



















