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पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सीआरपीसी के तहत गलत तरीके से प्री-अरेस्ट बेल मांगने वाले आरोपी की गिरफ्तारी पर रोक लगाई, बीएनएसएस के तहत याचिका दायर करने के लिए समय दिया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सीआरपीसी के तहत गलत तरीके से प्री-अरेस्ट बेल मांगने वाले आरोपी की गिरफ्तारी पर रोक लगाई, बीएनएसएस के तहत याचिका दायर करने के लिए समय दिया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (बीएनएसएस) के बजाय दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) के तहत अग्रिम जमानत याचिका दायर करने वाले एक आरोपी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। अर्शदीप सिंह को एफआईआर के अनुसार 18 जुलाई, 2024 को कथित तौर पर हुई एक घटना के लिए गिरफ्तारी की आशंका थी। यह याचिका सीआरपीसी, 1973 की धारा 438 के तहत दायर की गई थी, जिसे 30 जून, 2024 की मध्यरात्रि से निरस्त कर दिया गया है और इसे बीएनएसएस, 2023 द्वारा प्रतिस्थापित किया गया है।जस्टिस अनूप चितकारा ने...

हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व विधायक की सजा पर रोक लगाने से हाईकोर्ट का इनकार, कहा- चुनाव लड़ने के लिए कानून का पालन करने वाले नागरिकों की कोई कमी नहीं
हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व विधायक की सजा पर रोक लगाने से हाईकोर्ट का इनकार, कहा- 'चुनाव लड़ने के लिए कानून का पालन करने वाले नागरिकों की कोई कमी नहीं'

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में एक पूर्व विधायक की दोषसिद्धि को निलंबित करने से इनकार कर दिया है।राम किशन गुर्जर- एक पूर्व विधायक, को 2017 में दोषी ठहराया गया था, जिसके कारण उन्हें जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 8 (3) के संदर्भ में आगामी हरियाणा विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया था। जस्टिस महाबीर सिंह सिंधु ने कहा, "हरियाणा राज्य में विधान सभा के लिए आगामी चुनाव लड़ने के लिए कानून का पालन करने वाले नागरिकों की कोई कमी नहीं है; इस...

धारा 69, बीएनएस महिलाओं की स्थिति के प्रति प्रतिगामी, एलजीबीटीक्यू समुदाय के खिलाफ भेदभाव करती है: केरल हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका
धारा 69, बीएनएस महिलाओं की स्थिति के प्रति प्रतिगामी, एलजीबीटीक्यू समुदाय के खिलाफ भेदभाव करती है: केरल हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका

एक वकील ने केरल हाईकोर्ट में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69 की संवैधानिकता को चुनौती देते हुए एक जनहित याचिका दायर की है, जो शादी करने का झूठा वादा करने जैसे कपटपूर्ण तरीकों का इस्तेमाल करके यौन संबंध बनाने को अपराध बनाती है। याचिकाकर्ता ने इस प्रावधान को इस आधार पर चुनौती दी है कि यह संविधान के तहत गारंटीकृत समानता के अधिकार, अभिव्यक्ति के अधिकार और जीवन के अधिकार का उल्लंघन करता है।संदर्भ के लिए, धारा इस प्रकार है:धारा 69: कपटपूर्ण तरीकों आदि का इस्तेमाल करके यौन संबंध बनाना: जो कोई...

धारा 138 एनआई एक्ट | फ्रोजन अकाउंट के कारण चेक बाउंस होने पर भी शिकायत कायम रखी जा सकती है: जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट
धारा 138 एनआई एक्ट | 'फ्रोजन अकाउंट' के कारण चेक बाउंस होने पर भी शिकायत कायम रखी जा सकती है: जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने माना कि परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 के तहत शिकायत तब भी विचारणीय है, जब चेक 'खाता फ्रीज' के कारण अनादरित हुआ हो। मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस राजेश ओसवाल ने जांच की कि क्या 'खाता फ्रीज' के आधार पर चेक के अनादर के लिए शिकायत अधिनियम की धारा 138 के तहत विचारणीय है।मामले पर फैसला सुनाते हुए जस्टिस ओसवाल ने इस बात पर जोर दिया कि "यह न्यायालय इस विचार पर है कि अधिनियम की धारा 138 के तहत शिकायत तब भी विचारणीय है, जब चेक 'खाता फ्रीज' के कारण अनादरित...

बीएनएसएस के तहत गिरफ्तारी से पहले जमानत के लिए दूसरी/क्रमिक याचिका कब मंजूर की जा सकती है? पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने समझाया
बीएनएसएस के तहत गिरफ्तारी से पहले जमानत के लिए दूसरी/क्रमिक याचिका कब मंजूर की जा सकती है? पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने समझाया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा है कि बीएनएसएस के तहत एक क्रमिक अग्रिम जमानत याचिका को सफल बनाने के लिए याचिकाकर्ता को परिस्थितियों में पर्याप्त परिवर्तन दिखाना आवश्यक है और "केवल सतही या दिखावटी परिवर्तन पर्याप्त नहीं होगा।" जस्टिस सुमीत गोयल ने स्पष्ट किया कि, "परिस्थितियों में पर्याप्त परिवर्तन को क्या माना जाएगा, इस बारे में कोई विस्तृत दिशा-निर्देश संभवतः निर्धारित नहीं किए जा सकते हैं, क्योंकि प्रत्येक मामले के अपने विशिष्ट तथ्य/परिस्थितियां होती हैं। तदनुसार, इस मुद्दे को न्यायालय के...

सभी निविदा आवेदकों के लिए निरीक्षण से छूट देने का निर्णय दुर्भावनापूर्ण या मनमाना नहीं, ना रिट क्षेत्राधिकार के अधीन: इलाहाबाद हाईकोर्ट
सभी निविदा आवेदकों के लिए निरीक्षण से छूट देने का निर्णय दुर्भावनापूर्ण या मनमाना नहीं, ना रिट क्षेत्राधिकार के अधीन: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में माना कि निविदा प्रक्रिया के दौरान सभी आवेदकों के लिए निरीक्षण को माफ करने का 'साल' क्रय समिति का निर्णय दुर्भावनापूर्ण या मनमाना नहीं कहा जा सकता। यह माना गया कि इस तरह की छूट रिट क्षेत्राधिकार के तहत चुनौती देने योग्य नहीं थी। निविदा दस्तावेज के खंड 6(जी) में प्रावधान है कि "तकनीकी बोलियों का मूल्यांकन प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच और बोलीदाताओं के स्टॉक के भौतिक निरीक्षण के आधार पर किया जाएगा।" हालांकि, खंड 6(एच) में प्रावधान है कि भौतिक निरीक्षण केवल उन...

राजस्थान हाईकोर्ट ने पत्नी की दहेज हत्या के मामले में आरोपी पति को बरी करने का फैसला बरकरार रखा
राजस्थान हाईकोर्ट ने पत्नी की दहेज हत्या के मामले में आरोपी पति को बरी करने का फैसला बरकरार रखा

राजस्थान हाईकोर्ट ने दहेज की मांग पूरी न होने के कारण हत्या के कथित मामले में 35 साल पहले पारित बरी करने के आदेश के खिलाफ आपराधिक अपील खारिज की। न्यायालय ने कहा कि आरोप लगाने वाला मृत्यु पूर्व बयान पहले मृत्यु पूर्व बयान के 16 दिन बाद दिया गया। परिणामस्वरूप रिपोर्ट भी घटना के 16 दिन बाद दर्ज की गई।जस्टिस पुष्पेन्द्र सिंह भाटी और जस्टिस मुन्नुरी लक्ष्मण की खंडपीठ सत्र न्यायाधीश द्वारा 1989 में पारित आदेश के खिलाफ दायर आपराधिक अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें आरोपियों को मृतका के खिलाफ हत्या और...

माता-पिता को भरण-पोषण देने का सवाल इस बात पर निर्भर नहीं करता कि बच्चों को कितनी संपत्ति दी गई: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
माता-पिता को भरण-पोषण देने का सवाल इस बात पर निर्भर नहीं करता कि बच्चों को कितनी संपत्ति दी गई: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने माना कि बच्चे द्वारा अपने माता-पिता को भरण-पोषण देने का सवाल इस बात पर निर्भर नहीं करता कि माता-पिता ने बच्चे को कितनी संपत्ति दी। यह बच्चों का कर्तव्य है कि वे अपने माता-पिता का भरण-पोषण करें।जस्टिस जी.एस. अहलूवालिया की पीठ माता-पिता और सीनियर सिटीजन के भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम 2007 के तहत भरण-पोषण आदेश को चुनौती देने वाली रिट याचिका पर विचार कर रही थी।याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि वह अपनी मां को भरण-पोषण देने के लिए उत्तरदायी नहीं है, क्योंकि उसकी मां ने उसे जमीन का एक...

स्थानीय बिक्री मूल्यांकन अंतर-राज्यीय बिक्री कर दावों से करदाता को छूट नहीं देता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने नियम बनाए
स्थानीय बिक्री मूल्यांकन अंतर-राज्यीय बिक्री कर दावों से करदाता को छूट नहीं देता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने नियम बनाए

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि स्थानीय बिक्री मूल्यांकन अंतर-राज्यीय बिक्री कर दावों से करदाता को छूट नहीं देता।जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और संजय वशिष्ठ की पीठ ने कहा,“केवल इसलिए कि संबंधित राज्यों ने स्थानीय बिक्री के लिए करदाता/याचिकाकर्ता का मूल्यांकन किया, वे बिहार राज्य द्वारा उठाए गए दावे से खुद को मुक्त नहीं कर सकते। करदाता/याचिकाकर्ता को इसका भुगतान करना आवश्यक है।”केंद्रीय बिक्री कर अधिनियम 1956 की धारा 6(1) में प्रावधान है कि प्रत्येक डीलर इस अधिनियम के अंतर्गत वस्तुओं...

POSH एक्ट के दायरे में वो यौन उत्पीड़न शामिल नहीं, जिन्हें रोजगार की तलाश में महिलाओं को झेलना पड़ता है: केरल हाईकोर्ट
POSH एक्ट के दायरे में वो यौन उत्पीड़न शामिल नहीं, जिन्हें रोजगार की तलाश में महिलाओं को झेलना पड़ता है: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने मंगलवार (10 सितंबर) को POSH एक्ट, 2013 की कमियों की ओर इशारा किया। कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि मौजूदा कानून के दायरे में वो यौन उत्पीड़न शामिल नहीं है, जिन्हें रोजगार की तलाश में महिलाओं को झेलना पड़ता है। यह कानून केवल कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न पर लागू होता है, इस प्रकार उन अनौपचारिक स्थितियों को छोड़ देता है, जहां कोई स्पष्ट नियोक्ता-कर्मचारी संबंध नहीं है। जस्टिस एके जयशंकरन नांबियार और जस्टिस सीएस सुधा की विशेष पीठ ने मलयालम सिनेमा में बड़े पैमाने पर यौन...

दिल्ली हाईकोर्ट ने पत्रकार अभिषेक बक्शी को रोहन दुआ पर ट्वीट हटाने का निर्देश देने वाला अंतरिम आदेश रद्द किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने पत्रकार अभिषेक बक्शी को रोहन दुआ पर ट्वीट हटाने का निर्देश देने वाला अंतरिम आदेश रद्द किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को पत्रकार अभिषेक बक्शी को ओलंपियन मनु भाकर के इंटरव्यू के संबंध में पत्रकार रोहन दुआ के खिलाफ अपना ट्वीट हटाने का निर्देश देने वाला अंतरिम आदेश रद्द कर दिया।जस्टिस नवीन चावला ने 02 सितंबर को पारित अंतरिम आदेश रद्द कर दिया, जिसमें बक्शी और अन्य सोशल मीडिया हैंडल को इंटरव्यू के संबंध में दुआ के खिलाफ ट्वीट हटाने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद बक्शी ने आदेश के खिलाफ आवेदन दायर किया।बक्शी ने अपने ट्वीट में कहा,“ओलंपिक में दो पदक? ज़रूर। रोहन दुआ इस बीच आप भारत के ओलंपिक...

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने CBI से संदिग्ध अवैध धार्मिक धर्मांतरण के मुद्दे की जांच करने को कहा
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने CBI से संदिग्ध अवैध धार्मिक धर्मांतरण के मुद्दे की जांच करने को कहा

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने दोहराया कि CBI को अंतर-धार्मिक विवाह के नाम पर संदिग्ध अवैध धार्मिक धर्मांतरण के कारणों की जड़ों की गहराई से जांच करने की आवश्यकता है।जस्टिस संदीप मौदगिल ने ऑटोरिक्शा में बिना किसी गवाह के अंतर-धार्मिक विवाह से जुड़े मामले के सामने आने पर यह निर्देश दिया।अपने पिछले आदेश को दोहराते हुए न्यायालय ने कहा,"यह ऐसा मामला है जिसमें केंद्रीय जांच ब्यूरो से अनुरोध किया जाना चाहिए कि वह इस मामले में उठाए गए कारणों और चिंताओं की गहराई से जांच करे यानी अवैध धर्म परिवर्तन की...

गुजरात हाईकोर्ट ने  वकीलों की सूची में एनरोलमेंट न किए जाने के खिलाफ 29 लॉ ग्रेजुएट की याचिका पर राज्य बार काउंसिल से जवाब मांगा
गुजरात हाईकोर्ट ने वकीलों की सूची में एनरोलमेंट न किए जाने के खिलाफ 29 लॉ ग्रेजुएट की याचिका पर राज्य बार काउंसिल से जवाब मांगा

गुजरात हाईकोर्ट ने सोमवार (9 सितंबर) को कई लॉ ग्रेजुएट्स द्वारा दायर याचिका पर गुजरात बार काउंसिल से जवाब मांगा, जिसमें राज्य बार निकाय को वकीलों की सूची में एनरोलमेंट के लिए निर्देश देने की मांग की गई थी बशर्ते कि वे अखिल भारतीय बार परीक्षा (AIBE) उत्तीर्ण करें।जस्टिस संगीता के. विशेन की एकल पीठ ने गुजरात बार काउंसिल, बार काउंसिल ऑफ इंडिया, गुजरात यूनिवर्सिटी, मोतीलाल नेहरू लॉ कॉलेज और गुजरात राज्य सहित प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया।मामला 17 सितंबर को सूचीबद्ध है।यह याचिका मोतीलाल नेहरू लॉ...

हाईकोर्ट ने बांसुरी स्वराज के निर्वाचन के खिलाफ याचिका में चुनावों में इस्तेमाल की गई EVM की जली हुई मेमोरी सुरक्षित रखने की सोमनाथ भारती की प्रार्थना खारिज की
हाईकोर्ट ने बांसुरी स्वराज के निर्वाचन के खिलाफ याचिका में चुनावों में इस्तेमाल की गई EVM की जली हुई मेमोरी सुरक्षित रखने की सोमनाथ भारती की प्रार्थना खारिज की

दिल्ली हाईकोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता सोमनाथ भारती की उस प्रार्थना को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने भारत के चुनाव आयोग (ECI) को नई दिल्ली संसदीय क्षेत्र से 2024 के लोकसभा चुनावों में इस्तेमाल की गई सभी 1489 EVM की जली हुई मेमोरी उपलब्ध कराने का निर्देश देने की मांग की थी।जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा स्वराज के निर्वाचन को भ्रष्ट आचरण के आधार पर चुनौती देने वाली भारती की याचिका पर विचार कर रहे थे।अदालत ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन अधिकारी को चुनाव में इस्तेमाल की गई 1490 EVM को अन्य...

दिल्ली हाईकोर्ट ने ED मामले में समीर महेंद्रू और चनप्रीत सिंह को जमानत दी
दिल्ली हाईकोर्ट ने ED मामले में समीर महेंद्रू और चनप्रीत सिंह को जमानत दी

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को कथित शराब नीति घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में व्यवसायी समीर महेंद्रू और आम आदमी पार्टी (AAP) के स्वयंसेवक चनप्रीत सिंह रयात को जमानत दी।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने महेंद्रू और रयात द्वारा दायर जमानत याचिकाओं को स्वीकार कर लिया।पिछले साल अक्टूबर में समन्वय पीठ ने महेंद्रू को चिकित्सा आधार पर जमानत देने से इनकार कर दिया था।ED का मामला है कि आबकारी नीति को कुछ निजी कंपनियों को 12 प्रतिशत का थोक व्यापार लाभ देने की साजिश के तहत लागू किया गया। हालांकि मंत्रियों...

महिलाओं को अकेले ही अनचाही प्रेग्नेंसी से जूझते देखना दुखद: बॉम्बे हाईकोर्ट ने पार्टनर की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सिस्टम पर विचार किया
महिलाओं को अकेले ही अनचाही प्रेग्नेंसी से जूझते देखना दुखद: बॉम्बे हाईकोर्ट ने पार्टनर की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सिस्टम पर विचार किया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह युवा महिलाओं की दुर्दशा पर चिंता व्यक्त की जो अपने अनचाही प्रेग्नेंसी को मेडिकली टर्मिनेट करने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाने के लिए मजबूर हैं। इस सबमें अदालत ने कहा की कि उनके पार्टनर नही बल्कि केवल महिलाएं ही पीड़ित है।इसलिए ऐसी महिलाओं को सहायता प्रदान करने के लिए जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस डॉ नीला गोखले की खंडपीठ ने इन जांच समय में ऐसी महिलाओं के पुरुष या साथी की भागीदारी जवाबदेही और भागीदारी को सुविधाजनक बनाने के लिए कुछ सिस्टम निर्धारित करने का निर्णय...

भरण-पोषण ट्रिब्यूनल केवल सीनियर सिटीजन द्वारा अपने बच्चों के विरुद्ध लगाए गए अस्पष्ट आरोपों के आधार पर गिफ्ट डीड रद्द नहीं कर सकते: बॉम्बे हाईकोर्ट
भरण-पोषण ट्रिब्यूनल केवल सीनियर सिटीजन द्वारा अपने बच्चों के विरुद्ध लगाए गए अस्पष्ट आरोपों के आधार पर गिफ्ट डीड रद्द नहीं कर सकते: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में माना कि माता-पिता और सीनियर सिटीजन का भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम 2007 के तहत भरण-पोषण ट्रिब्यूनल केवल माता-पिता द्वारा निष्पादित गिफ्ट डीड को उनके बच्चों या उस व्यक्ति द्वारा अस्पष्ट आरोपों के आधार पर रद्द नहीं कर सकता, जिसे उन्होंने अपनी संपत्ति गिफ्ट में दी है।सिंगल जज जस्टिस आर.एम. जोशी ने 29 अगस्त को भरण-पोषण ट्रिब्यूनल के दिसंबर 2022 का आदेश रद्द किया, जिसमें 73 वर्षीय महिला द्वारा अपनी बड़ी बेटी और पति के पक्ष में निष्पादित गिफ्ट डीड रद्द कर दी गई थी, जिससे...

मंजूरी के खिलाफ मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की याचिका पर कर्नाटक हाईकोर्ट से कहा, केवल पुलिस ही CrPC की धारा 17ए के तहत प्रारंभिक जांच कर सकती है, राज्यपाल नहीं
मंजूरी के खिलाफ मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की याचिका पर कर्नाटक हाईकोर्ट से कहा, केवल पुलिस ही CrPC की धारा 17ए के तहत प्रारंभिक जांच कर सकती है, राज्यपाल नहीं

राज्यपाल द्वारा उन पर मुकदमा चलाने की मंजूरी के खिलाफ मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार ने सोमवार को कर्नाटक हाईकोर्ट से कहा कि भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम की धारा 17ए के तहत प्रारंभिक जांच केवल पुलिस द्वारा ही की जा सकती है, राज्यपाल द्वारा नहीं।जस्टिस एम नागप्रसन्ना की सिंगल जज बेंच मुख्यमंत्री की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (मुडा) से संबंधित कथित करोड़ों रुपये के घोटाले में राज्यपाल थावर चंद गहलोत के खिलाफ मुकदमा चलाने की...

अपराधी पर मुकदमा चलाने के लिए CrPC की धारा 468 के तहत सीमा निर्धारित करने के लिए प्रासंगिक शिकायत की तिथि, संज्ञान की तारीख महत्वहीन: कर्नाटक हाईकोर्ट
अपराधी पर मुकदमा चलाने के लिए CrPC की धारा 468 के तहत सीमा निर्धारित करने के लिए प्रासंगिक शिकायत की तिथि, संज्ञान की तारीख महत्वहीन: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा है कि एक शिकायत में जहां अपराध तीन साल की अधिकतम सजा के साथ दंडनीय है, आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 468 के तहत शिकायत दर्ज करने की सीमा, कार्रवाई के कारण की घटना की तारीख से एक वर्ष है और उस अवधि से परे दायर की गई कोई भी शिकायत सुनवाई योग्य नहीं है। जस्टिस एम नागप्रसन्ना की सिंगल जज बेंच ने विधायक बीएस सुरेश और अन्य द्वारा दायर याचिका की अनुमति दी और 2019 में आईपीसी की धारा 285 और कर्नाटक फायर फोर्स अधिनियम की धारा 25 के तहत उनके खिलाफ दर्ज अपराधों को रद्द कर दिया। ...

दिल्ली हाईकोर्ट ने वडोदरा स्थित कैफे को SOCIAL रेस्तरां और बार के ट्रेडमार्क का उपयोग करने से अस्थायी रूप से रोका
दिल्ली हाईकोर्ट ने वडोदरा स्थित कैफे को 'SOCIAL' रेस्तरां और बार के ट्रेडमार्क का उपयोग करने से अस्थायी रूप से रोका

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक अंतरिम आदेश में, वडोदरा स्थित रेस्तरां का संचालन करने वाली एक इकाई को अस्थायी रूप से इम्प्रेसारियो एंटरटेनमेंट एंड हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा पंजीकृत लोकप्रिय 'सोशल' ट्रेडमार्क का उपयोग करने से रोक दिया।पूर्व पक्षीय विज्ञापन अंतरिम निषेधाज्ञा वादी में पारित की गई थी- स्टार हॉस्पिटैलिटी को रोकने के लिए इम्प्रेसारियो की अंतरिम राहत आवेदन- प्रतिवादी इकाई- जो वडोदरा, गुजरात में "सोशल अफेयर" नामक रेस्तरां संचालित करती है - वादी के सोशल ट्रेडमार्क का उल्लंघन करने से। ...