मुख्य सुर्खियां
एनर्जी वाचडॉग ने शशिशंकर और संबित पात्रा की ONGC में CMD व निदेशक की नियुक्ति को दी दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती
ऊर्जा क्षेत्र में उपभोक्ता के हितों के सरंक्षण के लिए काम करने वाले संगठन एनर्जी वाचडॉग ने दिल्ली हाईकोर्ट में शशि शंकर औल बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा को ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन ( ONGC) का मुख्य प्रबंध निदेशक और नॉन आफिशियल निदेशक के तौर पर नियुक्ति को चुनौती दी है।ये याचिका प्रशांत भूषण के माध्यम से दाखिल की गई है और सितंबर 2017 में की गई दोनों नियुक्तियों को चुनौती दी गई है।याचिका में कहा गया है कि संबित पात्रा बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं जो डे टू डे राजनीति में सक्रिय हैं। उन्हें...
जिला न्यायाधीश की छुट्टी करने वाले इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की रोक
सुप्रीम कोर्ट ने अतिरिक्त जिला न्यायाधीश विमल प्रकाश कांडपाल की सेवानिवृत्ति संबंधी इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को निरस्त कर दिया है। कांडपाल गत वर्ष सेवानिवृत्ति हुए थे।सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान अपनी टिप्पणी में कहा, “इस मामले को स्थगित किया जा रहा है ताकि हाई कोर्ट की पैरवी कर रहे वकील वार्षिक गोपनीयता रिपोर्ट संबंधी नियमों को न्यायालय के सामने रख सकें। प्रथम दृष्टया, हम इस बारे में संतुष्ट हैं कि जिस आदेश को निरस्त किया गया है उसे जहाँ तक इस याचिका का सवाल है, अभी परे रखने की...
अस्थायी, तदर्थ और कांट्रेक्ट पर काम करने वाली महिलाकर्मी भी मातृत्व अवकाश की हकदार : CAT [आर्डर पढ़े]
सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल ( CAT) ने एक अहम मामले में कहा है कि अस्थायी, तदर्थ और कांट्रेक्ट पर काम करने वाली महिलाकर्मी भी नियमित कर्मियों की तरह मातृत्व अवकाश व अन्य सुविधाएं पाने की हकदार हैं।CAT ने ये भी कहा है कि तथ्य है कि अस्थायी, तदर्थ और कांट्रेक्ट कर्मी वो सुविधा नहीं पाते जो नियमित कर्मियों को मिलती है लेकिन मातृत्व अवकाश का मामला अलग है। इस फैसले से देशभर में काम कर रही लाखों महिलाओं को फायदा होगा।दरअसल नई दिल्ली के वेस्ट पटेल नगर के राजकीय उच्चतर माध्यमिक कन्या विद्यालय में...
मद्रास हाईकोर्ट ने खबरों का खंडन किया, कहा कभी दावा नहीं किया कि मार्च, 2018 तक लंबित मामले निपटा देंगे
मीडिया में आई खबर के जवाब में मद्रास हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि उसने कभी ये नहीं कहा कि वो मार्च 2018 तक कोर्ट में लंबित सभी मामलों का निपटारा कर देगा।हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने स्पष्ट किया है कि चीफ जस्टिस इंदिरा बनर्जी ने सिर्फ ये कहा था कि पांच साल से ज्यादा वक्त से लंबित मामलों के निपटारे के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।इस स्पष्टीकरण में चीफ जस्टिस को ये कहते बताया गया है कि हम कोशिश कर रहे हैं कि 31 मार्च,2018 के दौरान पांच साल से ज्यादा वक्त से लंबित मामलों में शून्य करने कर...
शादीशुदा महिला पति की जाति के आधार पर सुरक्षित सीट से चुनाव नहीं लड़ सकती : बॉम्बे हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा है कि कोई शादीशुदा महिला अपने पति की जाति के आधार पर सुरक्षित सीटों से चुनाव नहीं लड़ सकती। हाई कोर्ट ने वाल्सम्मा पॉल बनाम कोच्चि विश्वविद्यालय एवं अन्य मामले में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फैसले के आधार पर यह फैसला सुनाया है।न्यायमूर्ति वासंती नाइक और न्यायमूर्ति रियाज चागला की खंड पीठ अनुराधा काकर की याचिका पर सुनवाई कर रहा था जो कि शोलापुर नगर निगम में पार्षद का चुनाव जीती थी। यह सीट अन्य पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित है।चुनाव का पर्चा भरने के दौरान याचिकाकर्ता ने ‘तम्बत’ जाति...
सरकारी अफसरों को बचाने संबंधी राजस्थान सरकार के अध्यादेश को हाई कोर्ट में चुनौती [याचिका पढ़े]
राजस्थान सरकार के आपराधिक क़ानून (राजस्थान संशोधन) अध्यादेश, 2017 को राजस्थान हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है। इस नए विवादास्पद विधेयक के तहत प्रावधान है कि लोक सेवकों, जज और मजिस्ट्रेट के खिलाफ छानबीन से पहले सरकार से मंजूरी लेनी होगी।गत 7 सितंबर को इस मामले में अध्यादेश जारी किया गया था। अध्यादेश के अनुसार, किसी भी सरकारी मुलाजिम के खिलाफ जांच हो सकती है या नहीं इसके लिए 180 दिनों के भीतर संबंधित अथॉरिटी से मंजूरी लेनी होगी और अगर इस दौरान उस पर फैसला नहीं हुआ तो इसे मंजूर माना जाएगा। साथ ही यह...
आरटीआई के तहत सूचना मिलने में दो साल की देरी पर पांच हजार का मुआवजा [आर्डर पढ़े]
एक आरटीआई आवेदक को सूचना मिलने में दो साल की देरी होने पर केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने पांच हजार का मुआवजा दिया है। आयोग ने कहा कि इस तरह की देरी एक तरह का उत्पीड़न है।आबिद हुसैन ने जबलपुर के कैंटोनमेंट बोर्ड से भूमि सर्वेक्षण रिपोर्ट की प्रतियां मांगी थी पर बोर्ड ने दो साल तक उसको यह जानकारी नहीं दी। इस देरी की वजह से सीआईसी ने बोर्ड से हुसैन को पांच हजार का मुआवजा चुकाने का आदेश दिया। सूचना आयुक्त दिव्य प्रकाश सिन्हा का मानना था कि आबिद सूचना मिलने में इस देरी के लिए मुआवजे का हकदार है।आबिद...
चुप्पी को यौन संबंधों में सहमति का सबूत नहीं माना जा सकता : दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]
दिल्ली हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि सिर्फ चुप्पी को यौन संबंधों में सहमति का सबूत नहीं माना जा सकता। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने छह महीने तक नाबालिग से बलात्कार करने वाले शख्स की दस साल की सजा को बरकरार रखा है।न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा सहगल ने दोषी मुन्ना की अपने बचाव में उन दलीलों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें उसने कहा था कि इन यौन संबंधों के दौरान पीडिता चुप रही जो सहमति का एक बडा सबूत है जबकि पीडिता ने कोर्ट में कहा था कि इस दौरान उसे नशीला पदार्थ दिया गया और बार- बार गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी...
बोंबे हाईकोर्ट ने MSRTC कर्मियों की हडताल को बताया गैरकानूनी, वेतन संशोधन के लिए बनाई हाई पावर कमेटी [निर्णय पढ़ें]
बोंबे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ( MSRTC) के कर्मचारियों द्वारा की गई हडताल तो गैरकानूनी ठहराते हुए इसे वापस करा दिया। कर्मचारियों ने 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत वेतनमान देने की मांग को लेकर हडताल की थी।जस्टिस एसके शिंदे की वेकेशन बेंच ने पाया कि MSRTC के 13700 विभिन्न रूटों पर रोजाना करीब 70 लाख लोग यात्रा करते हैं और इस हडताल से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।हाईकोर्ट ने कहा कि निजी बस सेवा सभी रूटों पर उपलब्ध नहीं हैं और राज्य...
फर्जी अस्पतालों पर जुर्माना काफी नहीं,होने चाहिए कडे कानूनी प्रावधान : आंध्र हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]
मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी एक्ट, 1971 और रूल्स 2003 और टीएस एलोपैथिक मेडिकल केयर एस्टाब्लिशमेंट ( रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन ) एक्ट, 2002 और रूल्स 2007 में कुछ वैधानिक बदलाव की आवश्यकता बताते हुए आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा है कि बीमार सज्जा के साथ बिना लाइसेंस के फर्जी अस्पताल चलाने वाले निर्लज लोगों को कडी सजा का प्रावधान होना चाहिए। अभी तक इन कानून के तहत सिर्फ जुर्माने का ही प्रावधान है जोकि आर्थिक प्रकृति का है।जस्टिस चल्ला कोडांडा राम ने ये भी कहा कि मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी एक्ट...
सभी अंतरधार्मिक विवाह को लव जेहाद या घर वापसी की संज्ञा नहीं दी जा सकतीः केरल हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
सभी अंतरधार्मिक शादियों को धार्मिक नजरिये से नहीं देखा जा सकता क्योंकि इससे धार्मिक सौहार्द को नुकसान होगा। यह केरल हाई कोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा है।कोर्ट ने कहा कि तमाम अंतरधार्मिक विवाह को लव जेहाद नहीं कहा जा सकता। उसे लव जेहाद के नजर से नहीं देखा जा सकता। कोर्ट ने एक हिंदू युवती और एक मुस्लिम युवक के बीच शादी को बरकरार रखा है।केरल हाई कोर्ट के जज न्यायमूर्ति वी.चितंबरेश और न्यायमूर्ति सतीश निनान की खंडपीठ ने कन्नूर के श्रुति और अनीस हमीद की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की।हाई...
मदरसों में राष्ट्र गान गाने संबंधी उप्र सरकार के आदेश के खिलाफ याचिका खारिज [आर्डर पढ़े]
इलाहबाद हाई कोर्ट ने उतर प्रदेश के मदरसों में राष्ट्र गान को अनिवार्य बनाने के सरकारी आदेश के खिलाफ याचिका खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि राष्ट्र गान गाना न केवल एक संवैधानिक कार्य है बल्कि यह लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और राष्ट्रीय एकता की भावना फैलाता है।मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दिलीप बी भोंसले ने अपने फैसले में कहा, “राष्ट्र गान और झंडे के महत्त्व के संदेश को सभी शिक्षा संस्थानों तक फैलाने की जरूरत है भले ही वे कहीं से भी जुड़े हों और कैसे भी हों।”स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जारी निर्देश...
घरेलू हिंसा क़ानून और धारा 125 के तहत मिलने वाली गुजारा राशि दोनों एक दूसरे से अलग: बॉम्बे हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा है कि सीआरपीसी की धारा 125 के तहत गुजारा भत्ता देने का आदेश और घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत गुजारा भत्ता देने का आदेश दोनों ही एक-दूसरे से स्वतंत्र अस्तित्व रखते हैं। कोर्ट ने इस बारे में उठाए गए प्रश्न के संदर्भ में यह बात कही। मामले की पृष्ठभूमियाचिकाकर्ता पत्नी ने धारा 125 के तहत 2010 में एक याचिका दायर की थी जिस पर 20 जनवरी 2016 को फैसला सुनाया जाना था। कोर्ट ने इस याचिका को दायर करने की अनुमति दी थी और इस पति को हर माह पत्नी को 6000 रुपए और बेटी को 4000 रुपए देने का...
तलवार दंपति डासना जेल से अपने घर पहुंचे
चर्चित आरुषी-हेमराज दोहरे हत्याकांड में इलाहाबाद हाई कोर्ट से बरी किए जाने के बाद राजेश और नूपुर तलवार डासना जेल से नोएडा स्थित अपने घर पहुंच गए। आरुषी के माता-पिता के बरी हो जाने के बाद 2008 में हुए इस दोहरे हत्याकांड का रहस्य अब और गहरा हो गया है क्योंकि इसे किसने अंजाम दिया इसका अभी तक नहीं पता चला है।इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 12 अक्तूबर को इस दंपति को रिहा करते हुए कहा कि पर्याप्त सबूत नहीं होने के कारण वह आरुषी के माता-पिता राजेश और नूपुर तलवार को रिहा कर रहा है। रिहाई के आदेश के चार दिन...
नजीब मामले की जांच पर कोर्ट का सीबीआई के खिलाफ कड़ा रुख
देश के प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्र नजीब जंग का पता लगाने में असमर्थ रहने पर दिल्ली हाई कोर्ट ने सीबीआई की खिंचाई की है।जेएनयू में एमएससी प्रथम वर्ष के 27 वर्षीय छात्र नजीब की 14 अक्टूबर 2016 की रात को तथाकथित रूप से एबीवीपी के तीन छात्रों से कहासुनी हो गई थी। और इसके अगले दिन से उसका कोई अतापता नहीं है।दिल्ली हाई कोर्ट की पीठ ने अपनी टिपण्णी में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “इस मामले की स्थिति रिपोर्ट में कुछ भी नहीं है...इस मामले में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई गई है। किसी...
कंचा इलैया की पुस्तक पर प्रतिबंध लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक बहुत महत्त्वपूर्ण फैसले में प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता और लेखक कंचा इलैया की पुस्तक पर प्रतिबंध लगाने से इनकार कर दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने चेतावनी दी कि वह किसी लेखक के बोलने और अभिव्यक्ति के अधिकार पर पाबंदी लगाने की मांग को हल्के में नहीं लेगा।आर्य-वैश्य संगठन ने इलैया की पुस्तक “Post – Hindu India” पर प्रतिबंध लगाने की मांग करते हुए एक याचिका दाखिल की थी।सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्र, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और डीवाई चंद्रचूड की पीठ ने...
गुंडों के एडवोकेट बनने पर मद्रास हाई कोर्ट नाराज, बार काउंसिल को इसके लिए दोषी बताया [आर्डर पढ़े]
मद्रास हाई कोर्ट ने वकीलों पर गुंडों की तरह व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए इसके लिए बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया (बीसीआई) को दोषी ठहराया है। कोर्ट ने कहा है कि इस पेशे में औसत दर्जे के लोगों के आने के लिए बीसीआई जिम्मेदार है जिसने मनमाने ढंग से लॉ कॉलेजों को मान्यता देकर समाज में वकीलों की मांग और उनकी आपूर्ति में असंतुलन पैदा कर दिया है।मद्रास हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति ने भारत में जिस आसानी से क़ानून की डिग्री मिलती है उस पर कठोर टिपण्णी की और बीसीआई से पूछा कि उसने किस आधार पर देश में लॉ कॉलेजों की...
लवलीन केस : सुप्रीम कोर्ट चौथे आरोपी की अर्जी पर 27 अक्टूबर को करेगा सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एनवी रामना और जस्टिस अमितावा राय की बेंच लवलीन केस में चाथे आरोपी की एसएलपी पर सुनवाई करने का फैसला किया है। आरोपी ने इस मामले में केरल हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है। हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता को बरी करने के निचली अदालत के फैसले को पलट दिया था। केरल हाई कोर्ट ने 23 अगस्त 2017 को दिए फैसले में क्रिमिनल रिविजन को आंशिक तौर पर स्वीकार करते हुए तीनों आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले को स्वीकार कर लिया था। आरोपियों में केरल के मुख्यमंत्री पिनराइ विजयन भी शामिल...
बॉम्बे हाई कोर्ट ने नाबालिग रेप विक्टिम के पिता की उस अर्जी को खारिज किया जिसमें लड़की के 27 हफ्ते की प्रिगनेंसी को गर्भपात कराने की इजाजत मांगी थी [निर्णय पढ़ें]
बॉम्बे हाई कोर्ट ने उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें रेप विक्टिम लड़की के पिता ने अर्जी दाखिल कर उनकी बेटी के 27 हफ्ते की प्रिगनेंसी को टर्मिनेट करने की गुहार लगाई थी। हाई कोर्ट ने मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर अर्जी खारिज कर दी जिसमें मे केईएम अस्पताल, मुंबई के डॉक्टरों ने विक्टिम के गर्भ को जारी रखने की सलाह दी थी।इस मामले में 2017 में एफआईआर दर्ज की गई थी। मामले में आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा-376 और प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज (पोक्सो) एक्ट 2012 के तहत केस दर्ज किया गया है।...
बैंक खातों और मोबाइल से आधार को जोडने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक और याचिका [याचिका पढ़े]
बैंक खातों और मोबाइल नंबर से आधार नंबर को जोडने के अनिवार्य नियम को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका में कहा गया है कि ये नियम संविधान में अनुच्छेद 14, 19 और 21 के तहत दिए मौलिक अधिकारों को खतरे में डालते हैं। याचिका प्रसिद्ध शोधकर्ता और एक्टिविस्ट कल्याणी मेनन द्वारा दाखिल की गई है और सुप्रीम कोर्ट दिवाली की छुट्टियों के फौरन बाद इसकी सुनवाई कर सकता है।एडवोकेट ऑन रिकार्ड विपिन नैयर के माध्यम से दाखिल याचिका में प्रिवेंशन ऑफ मनी लांडरिंग एक्ट ( PMLA एक्ट ) 2005 के प्रिवेंशन ऑफ मनी...



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![शादीशुदा महिला पति की जाति के आधार पर सुरक्षित सीट से चुनाव नहीं लड़ सकती : बॉम्बे हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें] शादीशुदा महिला पति की जाति के आधार पर सुरक्षित सीट से चुनाव नहीं लड़ सकती : बॉम्बे हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/08/Bombay-Hc-6.jpg)
![सरकारी अफसरों को बचाने संबंधी राजस्थान सरकार के अध्यादेश को हाई कोर्ट में चुनौती [याचिका पढ़े] सरकारी अफसरों को बचाने संबंधी राजस्थान सरकार के अध्यादेश को हाई कोर्ट में चुनौती [याचिका पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/10/Rajasthan-High-Court-min.jpg)
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![चुप्पी को यौन संबंधों में सहमति का सबूत नहीं माना जा सकता : दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें] चुप्पी को यौन संबंधों में सहमति का सबूत नहीं माना जा सकता : दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/09/Rape-LiveLaw.jpg)
![फर्जी अस्पतालों पर जुर्माना काफी नहीं,होने चाहिए कडे कानूनी प्रावधान : आंध्र हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े] फर्जी अस्पतालों पर जुर्माना काफी नहीं,होने चाहिए कडे कानूनी प्रावधान : आंध्र हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/10/Andhra-Pradesh-HC.jpg)
![सभी अंतरधार्मिक विवाह को लव जेहाद या घर वापसी की संज्ञा नहीं दी जा सकतीः केरल हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें] सभी अंतरधार्मिक विवाह को लव जेहाद या घर वापसी की संज्ञा नहीं दी जा सकतीः केरल हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/10/Chitambaresh-Satish-nainan-1.jpg)
![मदरसों में राष्ट्र गान गाने संबंधी उप्र सरकार के आदेश के खिलाफ याचिका खारिज [आर्डर पढ़े] मदरसों में राष्ट्र गान गाने संबंधी उप्र सरकार के आदेश के खिलाफ याचिका खारिज [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/09/Allahabad-HC-1.jpg)



![गुंडों के एडवोकेट बनने पर मद्रास हाई कोर्ट नाराज, बार काउंसिल को इसके लिए दोषी बताया [आर्डर पढ़े] गुंडों के एडवोकेट बनने पर मद्रास हाई कोर्ट नाराज, बार काउंसिल को इसके लिए दोषी बताया [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/10/Madras-High-Court-Lawyers-min.jpg)

![बॉम्बे हाई कोर्ट ने नाबालिग रेप विक्टिम के पिता की उस अर्जी को खारिज किया जिसमें लड़की के 27 हफ्ते की प्रिगनेंसी को गर्भपात कराने की इजाजत मांगी थी [निर्णय पढ़ें] बॉम्बे हाई कोर्ट ने नाबालिग रेप विक्टिम के पिता की उस अर्जी को खारिज किया जिसमें लड़की के 27 हफ्ते की प्रिगनेंसी को गर्भपात कराने की इजाजत मांगी थी [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/09/Abortion.jpg)
![बैंक खातों और मोबाइल से आधार को जोडने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक और याचिका [याचिका पढ़े] बैंक खातों और मोबाइल से आधार को जोडने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक और याचिका [याचिका पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/10/aadhaar-1.jpg)