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पीड़ित के SC/ST होने की जानकारी होना ही आरोपी के खिलाफ SC/ST के मुकदमे के लिए पर्याप्त: SC [निर्णय पढ़ें]
पीड़ित के SC/ST होने की जानकारी होना ही आरोपी के खिलाफ SC/ST के मुकदमे के लिए पर्याप्त: SC [निर्णय पढ़ें]

सुप्रीम कोर्ट ने अशर्फी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले की सुनवाई में कहा है कि 2016 में  अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निरोधक) अधिनियम में संशोधन के बाद आरोपी को सिर्फ ये जानकारी होने से ही कि पीडित समुदाय से संबंधित है,धारा 3(2)(v) के तहत उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।सुप्रीम कोर्ट रेप केस में ट्रायल कोर्ट और हाईकोर्ट द्वारा दोषी करार जाने के खिलाफ एक शख्स की अपील पर सुनवाई कर रहा था। चूंकि पीडिता  अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति से संबंधित थी इसलिए उसे अनुसूचित जाति...

व्यावसायिक विवादों को संस्थागत मध्यस्थता से सुलझाने के पक्ष में हैं मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा
व्यावसायिक विवादों को संस्थागत मध्यस्थता से सुलझाने के पक्ष में हैं मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा

मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा का कहना है कि व्यावसायिक विवादों को संस्थागत मध्यस्थता से सुलझाया जाए। वे देश में इस तरह के विवादों को तात्कालिक रूप से सुलझाने के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि कोर्ट इस मध्यस्थता में न्यूनतम हस्तक्षेप करता है और वे चाहते हैं कि मध्यस्थ ज्यादा से ज्यादा मामलों को निपटाएं।विवाद सुलझाने के एक वैकल्पिक तरीके और कम खर्चीली मध्यस्थता का समर्थन करते हुए न्यायमूर्ति मिश्रा ने कहा कि इससे देश की आर्थिक प्रगति को मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि तदर्थ मध्यस्थता का रास्ता नहीं अपनाना...

अगर कोई अनजान व्यक्ति लिफ्ट लेने के बाद उस वाहन को चुरा लेता है तो इससे बीमा पॉलिसी का मौलिक उल्लंघन नहीं होता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
अगर कोई अनजान व्यक्ति लिफ्ट लेने के बाद उस वाहन को चुरा लेता है तो इससे बीमा पॉलिसी का मौलिक उल्लंघन नहीं होता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि अगर कोई अनजान व्यक्ति जिसको लिफ्ट दिया जाता है बाद में उस गाड़ी को चुरा लेता है तो यह बीमा पॉलिसी का उल्लंघन नहीं है और इसकी वजह से किसी वाहन की बीमा पॉलिसी को कैंसिल नहीं किया जा सकता।कोर्ट मंजीत सिंह की अपील पर सुनवाई करते हुए यह बात कही। मंजीत सिंह के पास एक ट्रक था जिसकी चोरी हो गई। जब यह घटना हुई, इस ट्रक को कोई और चला रहा था, और इस व्यक्ति ने कुछ लोगों को लिफ्ट दिया। इन अनजान लोगों ने बाद में ड्राईवर को मारा पीटा और फिर ट्रक लेकर फरार हो गए।बीमा कंपनी ने...

सिर्फ खाली सीट भरने के लिए विशेष श्रेणी के लिए कट ऑफ अंक कम नहीं किए जा सकते: इलाहाबाद हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]
सिर्फ खाली सीट भरने के लिए विशेष श्रेणी के लिए कट ऑफ अंक कम नहीं किए जा सकते: इलाहाबाद हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]

क्या विशेष श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए निर्धारित सीटों का कोटा भरने के लिए कट ऑफ अंक कम किए जा सकते हैं क्योंकि पर्याप्त संख्या में छात्र लिखित परिक्षा पास नहीं हो पाए?इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इस प्रश्न का उत्तर ना में दिया है।न्यायमूर्ति सिद्धार्थ का मानना ​​था कि महज विशेष श्रेणी के लिए आरक्षित सीटों को भरने के लिए कट ऑफ अंक कम नहीं किए जा सकते। उन्होंने कहा कि एक बार जब छात्र चयन की एक ख़ास प्रक्रिया को स्वीकार कर लेते हैं तो वह चयनित नहीं होने पर उसको चुनौती नहीं दे सकते।अदालत ने एक शख्स...

CAT और NCDRC में घटती क्षमता : सुप्रीम कोर्ट ने AG से रिक्तियों को भरने के लिए निर्देश लाने को कहा
CAT और NCDRC में घटती क्षमता : सुप्रीम कोर्ट ने AG से रिक्तियों को भरने के लिए निर्देश लाने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अटार्नी जनरल के के वेणुगोपाल को सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल और नेशनल कंज्यूमर डिस्पयूट रिड्रेसल कमीशन  में रिक्त पदों को भरने के लिए क्या योजना है, इसके लिए सोमवार को केंद्र सरकार से निर्देश लाने को कहा है।बेंच को विभिन्न ट्रिब्यूनल बार एसोसिएशनों की ओर से पेश वरिष्ठ वकीलों पी एस पटवालिया और ए सुंदरम ने बताया कु NCDRC में 36 पद रिक्त हैं और इसकी क्षमता घटकर चार रह जाएगी।चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगवाई वाली बेंच ने AG को कहा है कि वो ये निर्देश लाएं कि क्या ये...

दिल्ली हाई कोर्ट ने अपहर्ता का अपहृत सरकारी स्कूल शिक्षक से “सेटेलमेंट” को मानने से इनकार किया [आर्डर पढ़े]
दिल्ली हाई कोर्ट ने अपहर्ता का अपहृत सरकारी स्कूल शिक्षक से “सेटेलमेंट” को मानने से इनकार किया [आर्डर पढ़े]

दिल्ली हाई कोर्ट ने वृहस्पतिवार को अपहर्ता और अपहृत स्कूल शिक्षक के बीच सेटेलमेंट को मानने से इनकार कर दिया और कहा कि प्राथमिकी में दर्ज अपराध गैरसमाधेय है।कोर्ट आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 438 के तहत अभियुक्त वाजिद खान द्वारा याचिका की सुनवाई कर रहा था जिसने अपने खिलाफ दायर प्राथमिकी में अग्रिम जमानत का आग्रह किया था। उसके खिलाफ यह प्राथमिकी भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 323 (स्वैच्छिक रूप से नुकसान पहुंचाने), 365(अपहरण और अगवा), 342(गलत तरीके से नजरबंद करना) और 34(आम इच्छा) के तहत दर्ज...

मेडिकल घोटाला : चीफ जस्टिस ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करने वाले जज के खिलाफ जांच पैनल बनाया
मेडिकल घोटाला : चीफ जस्टिस ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करने वाले जज के खिलाफ जांच पैनल बनाया

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा ने एक निजी मेडिकल कॉलेज को सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद छात्रों को दाखिल करने की इजाजत देने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज पर लगे आरोपों की जांच के लिए तीन जजों का पैनल बनाया है। ये आज द टाइम्स ऑफ इंडिया ने प्रकाशित किया है।पैनल में मद्रास हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस इंदिरा बैनर्जा, सिक्किम हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एस के अग्निहोत्री और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जज पीके जयसवाल शामिल हैं।हाईकोर्ट जज की कमी के चलते मेडिकल दाखिले के घोटाले में सीबीआई ने जांच शुरू की...

प्रोमोशन में दिव्यांग कोटा : सुप्रीम कोर्ट ने एमपी हाउसिंग एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड के खिलाफ अवमानना का आरोप हटाया [आर्डर पढ़े]
प्रोमोशन में दिव्यांग कोटा : सुप्रीम कोर्ट ने एमपी हाउसिंग एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड के खिलाफ अवमानना का आरोप हटाया [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एमपी हाउसिंग एंड डेवलपमेंट बोर्ड के खिलाफ अवमानना के आरोपों को हटा दिया। उसके खिलाफ यह आरोप लगाया गया था कि वह दिव्यांगों को प्रोमोशन में आरक्षण नहीं दे रहा है।न्यायमूर्ति राजन गोगोई और न्यायमूर्ति आर बनुमथी इस मामले की सुनवाई कर रहे थे जिसके बारे में याचिका अचिंत्य देब दासगुप्ता ने दायर की थी। उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार के खिलाफ याचिका में राज्य के आवासीय और पर्यावरण विभाग, आम प्रशासन विभाग, उद्योग एवं रोजगार मंत्रालय, एमपी हाउसिंग एंड डेवलपमेंट बोर्ड और राज्य के...

सभी मंत्री को आरटीआई अधिनियम के अधीन सार्वजनिक अधिकरण घोषित करने का सीआईसी का आदेश रद्द [आर्डर पढ़े]
सभी मंत्री को आरटीआई अधिनियम के अधीन सार्वजनिक अधिकरण घोषित करने का सीआईसी का आदेश रद्द [आर्डर पढ़े]

दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्रीय सूचना आयोग के उस आदेश को निरस्त कर दिया है जिसमें उसने प्रत्येक मंत्री को सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत “सार्वजनिक अधिकरण” घोषित कर दिया था।न्यायमूर्ति विभु बखरू ने 12 मार्च 2016 को दिए इस आदेश को निरस्त कर दिया जिसमें कहा गया था कि केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के मंत्री सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के खंड 2(h) के तहत “सार्वजनिक अधिकरण” होंगे।कोर्ट ने सीआइसी द्वारा केंद्र और राज्य सरकारों को जारी निर्देशों को भी खारिज कर दिया जिसमें उसने प्रत्येक मंत्री को मदद...

न्यायिक तरीके से अलग पत्नी भी गुजारा भत्ता पाने की हकदार : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े]
न्यायिक तरीके से अलग पत्नी भी गुजारा भत्ता पाने की हकदार : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि न्यायिक तरीके से अलग हो चुकी पत्नी भी भरण- पोषण पाने की हकदार है।दरअसल एक पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी क्योंकि ट्रायल कोर्ट के भरण पोषण के आदेश को पटना हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था।बेंच पति की उन दलीलों पर विचार कर रही थी जिसमें कहा गया कि  उनकी पत्नी कोड ऑफ क्रिमिनल प्रॉसीजर, 1973 से सेक्शन 125(4) के तहत न्यायिक तरीके से अलग हो चुकी है इसलिए वो भरण पोषण पाने की हकदार नहीं है। बेंच ने कहा कि कोर्ट ये बहस खारिज करने के लिए नोट कर रही है क्योंकि इस दलील के...

निस्सहाय पीड़ितों” के मामले में जांच और सुनवाई को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट ने जारी किए निर्देश [निर्णय पढ़ें]
"निस्सहाय पीड़ितों” के मामले में जांच और सुनवाई को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट ने जारी किए निर्देश [निर्णय पढ़ें]

कलकत्ता हाई कोर्ट ने किसी अवयस्क बच्चे या अन्य “ निस्सहाय पीड़ितों ” की हत्या या बलात्कार मामले में जांच या सुनवाई को लेकर कई तरह के निर्देश जारी किए हैं।न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति राजर्षि भारद्वाज की पीठ ने इस बारे में अपने निर्देशों में कहा,“(a) अवयस्क बच्चों या फिर अन्य “ निस्सहाय पीड़ितों ” की हत्या या बलात्कार जैसे मामलों में प्रमुख गवाहों के बयान सीआरपीसी की धारा 164 के तहत ही रिकॉर्ड किए जाएं;(b) दोषी ठहराए जाने के लिए आवश्यक डीएनए जांच (अगर जरूरी हुआ तो) सहित जब्त वस्तुओं...

सुप्रीम कोर्ट ने पत्नी से कहा, कोर्ट की इजाजत के बिना ना छोड़े पति का साथ [आर्डर पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने पत्नी से कहा, कोर्ट की इजाजत के बिना ना छोड़े पति का साथ [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने एक असमान्य आदेश जारी करते हुए एक महिला को कहा है कि वो कुछ हफ्ते अपनी पत्नी के साथ गुजारे और कोर्ट की अनुमति के बिना पति को ना छोड़े ।जस्टिस कूरियन जोसफ और जस्टिस दीपक गुप्ता की बेंच ने पति की लंबित अपील पर ये फैसला सुनाया है जिसमें पति ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के तलाक देने से इंकार करने के आदेश को चुनौती दी है।सुनवाई के दौरान पक्षकारों से बातचीत के बाद बेंच ने कहा कि उन्होंने पाया है कि अभी सब कुछ खत्म नहीं हुआ है। याचिकाकर्ता हरजिंदर सिंह ने उदारता और सही तरीके से दलीलें...

1984 सिख विरोधी हिंसा के बंद मामलों की पर सुपरवाइजरी पैनल ने सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट सौंपी, सुनवाई 11 दिसंबर को
1984 सिख विरोधी हिंसा के बंद मामलों की पर सुपरवाइजरी पैनल ने सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट सौंपी, सुनवाई 11 दिसंबर को

1984 में हुई सिख विरोधी हिंसा के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित सुपरवाइजरी पैनल ने SIT द्वारा बंद किए गए 241 केसों की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंप दी है।बुधवार को चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की बेंच ने कहा कि  इस रिपोर्ट पर 11 दिसंबर को तय किया जाएगा कि ये मामले फिर से खोले जाएं या नहीं। दरअसल 1 सितंबर को 1984 की सिख विरोधी हिंसा के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने SIT द्वारा छंटनी के बाद बंद किए गए 241 केसों की छानबीन के लिए सुप्रीम कोर्ट के दो रिटायर जजों के सुपरवाइजरी पैनल का गठन किया था। पैनल में...

दिल्ला सरकार बनाम केंद्र : गोपाल सुब्रमण्यम ने दलील दी कि क्यों मंत्रीमंडल की सलाह और मदद LG पर बाध्यकारी
दिल्ला सरकार बनाम केंद्र : गोपाल सुब्रमण्यम ने दलील दी कि क्यों मंत्रीमंडल की सलाह और मदद LG पर बाध्यकारी

वरिष्ठ वकील गोपाल सुब्रमण्यम ने संविधान पीठ को बताया कि अनुच्छेद 239 (1), 239A(1),  और 239 AA(4) को एक साथ जोडकर समझा जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि इसमें कोई विसंगति नहीं है और ये मानकर नहीं चलना चाहिए कि इसके तहत अधिकार के प्रतिष्ठापन में कोई कमी है। उपराज्यपाल सिर्फ नाममात्र के हेड हैं क्योंकि राष्ट्रपति ही दिल्ली में मंत्रीमंडल की नियुक्ति करते हैं।सलाह और मदद को सिद्धांत के तौर पर बाध्यकारी बताते हुए उन्होंने कहा कि अनुच्छेद  239AA में दिए गए प्रावधान “ कोई भी मामला “ विधायी शक्तियों की...

“ सुरक्षा, इन्हें बाहर ले जाओ” : CJI ने सुराज इंडिया ट्रस्ट के चैयरमैन को जुर्माने के 25 लाख देने का आदेश देते हुए कहा
“ सुरक्षा, इन्हें बाहर ले जाओ” : CJI ने सुराज इंडिया ट्रस्ट के चैयरमैन को जुर्माने के 25 लाख देने का आदेश देते हुए कहा

मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुराज इंडिया ट्रस्ट बनाम भारत संघ मामले में उस वक्त बडा ड्रामा हुआ जब चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने सुराज इंडिया ट्रस्ट के चेयरमैन राजीव दहिया को बाहर निकालने के लिए सुरक्षाकर्मियों को बुला लिया। बेंच ने कहा कि उन्हें जुर्माने के 25 लाख रुपये देने ही होंगे मगर दहिया बार बार ये ही कहते रहे कि ये आदेश वापस लिए जाएं क्योंकि उनकी बात सही तरीके से सुनी नहीं गई।चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने गुस्से में कहा, “ आप हमारा वक्त बर्बाद मत कीजिए। आप रुकावट पैदा कर रहे हैं। आपने कोर्ट में...

गोरखालैंड : दंगाई भीड लोकतंत्र के विरोधी, अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा
गोरखालैंड : दंगाई भीड लोकतंत्र के विरोधी, अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा

पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि आरोपी ये कहकर जांच के चुनौती नहीं दे सकता कि इससे क्षेत्र में तनाव बढेगा। सिंघवी गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के नेता विमल गुरंग की याचिका पर दलीलें दे रहे थे जिसमें स्वतंत्र जांच को ये कहकर चुनौती दी गई है कि राज्य सरकार पर भरोसा नहीं है।याचिका का विरोध करते हुए सिंघवी ने कहा कि दंगाई भीड को खुली छूट दी गई तो लोकतंत्र बचा नहीं रह सकता। राज्य को शक्ति क्यों सौंपी जाती है? इसलिए क्योंकि सामाजिक करार राज्य को...

जांच अधिकारी एफआईआर में सूचना देने वाले मृत व्यक्ति की सूचनाओं को सबूत के रूप में पेश नहीं कर सकता : गुजरात हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
जांच अधिकारी एफआईआर में सूचना देने वाले मृत व्यक्ति की सूचनाओं को सबूत के रूप में पेश नहीं कर सकता : गुजरात हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

गुजरात हाइ कोर्ट ने कहा है कि जांच अधिकारी एफआईआर में दर्ज सूचना को उस व्यक्ति की अनुपस्थिति में इसे सामने नहीं रख सकता जिसने यह सूचना दी है और जिसकी स्वाभाविक रूप से मौत हो गई है या जिसकी मौत का दर्ज शिकायत से कोई लेना देना नहीं है। यह फैसला हाई कोर्ट ने भवनभाई प्रेमजीभाई वाघेला बनाम  गुजरात राज्य के मामले में दिया।इस केस में सूचना देने वाले व्यक्ति की अदालत में सुनवाई के चरण में स्वाभाविक मृत्यु हो गई थी। जांच अधिकारी ने जांच के दौरान एफआईआर में जो भी सूचना दी गई थी उसको हूबहू अदालत के समक्ष...