मुख्य सुर्खियां

कम उम्र की लड़कियों को वेश्यावृत्ति में धकेलने वाली आरोपी महिला की जमानत सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किया [आर्डर पढ़े]
कम उम्र की लड़कियों को वेश्यावृत्ति में धकेलने वाली आरोपी महिला की जमानत सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किया [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने अनैतिक व्यापार की आरोपी एक महिला को मिली जमानत को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने ऐसा राज्य के यह कहने के बाद किया कि यह महिला अनैतिक व्यापार में संलग्न है और इस पर कम उम्र की लड़कियों को वेश्यावृत्ति में धकेलने के आरोप हैं।काली को अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाया गया था। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उसकी अपील पर गौर करते हुए उसे जमानत दे दी थी। सुनवाई अदालत ने उसे 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी।गौरिया स्वयं सेवी संस्था नामक एक एनजीओ, जो कि उत्तरी...

झारखंड हाई कोर्ट के वेबसाइट पर जमानत के परस्पर विरोधी आदेश अपलोड : सुप्रीम कोर्ट ने विवाद सुलझाया [आर्डर पढ़े]
झारखंड हाई कोर्ट के वेबसाइट पर जमानत के परस्पर विरोधी आदेश अपलोड : सुप्रीम कोर्ट ने विवाद सुलझाया [आर्डर पढ़े]

एक बहुत ही अजीब सा वाकया तब हुआ जब झारखंड हाई कोर्ट के वेबसाईट पर एक जमानत के बाए में विरोधाभासी आदेश अपलोड कर दी गए। एक रिपोर्ट में झारखंड की कांग्रेस नेता निर्मला देवी के पति की जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी जबकि दूसरे में उन्हें जमानत दे दी गई थी।विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील विवेक तंखा जिसने कांग्रेस नेता की पैरवी की, ने कोर्ट का ध्यान इस विरोधाभासी आदेश की और दिलाया जिसे हाई कोर्ट के वेबसाइट पर शुरू में अपलोड किया गया था। पर बाद में इसे हटा दिया गया।आदेश के पहले हिस्से...

क़ानून के प्रतिष्ठित कॉलेजों और इसके सामान्य कॉलेजों के स्नातकों के  बीच भेदभाव दूर होना चाहिए : न्यायमूर्ति चंद्रचूड़
क़ानून के प्रतिष्ठित कॉलेजों और इसके सामान्य कॉलेजों के स्नातकों के बीच भेदभाव दूर होना चाहिए : न्यायमूर्ति चंद्रचूड़

यह दुर्भाग्य है कि कुछ लॉ फर्म्स क़ानून की डिग्री लने वाले प्रतिष्ठित संस्थानों और सामान्य संस्थानों के छात्रों के बीच भेदभाव करते हैं। वे प्रतिष्ठित संस्थानों से निकलने वाले छात्रों को ज्यादा वेतन देंते हैं जबकि कथित रूप से दूसरे और तीसरे दर्जे के संस्थानों से निकलने वाले छात्रों की अगर उसी पद पर नियुक्ति होती है तो उन्हें कम वेतन दिया जाता है। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ ने दिल्ली में हार्वर्ड लॉ स्कूल सेंटर द्वारा कानूनी पेशे पर आयोजित कार्यक्रम में यह बात...

काम के कारण तनाव की वजह से वकील बुरी आदत और मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं से ग्रस्त हो सकते हैं : न्यायमूर्ति चंद्रचूड़
काम के कारण तनाव की वजह से वकील बुरी आदत और मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं से ग्रस्त हो सकते हैं : न्यायमूर्ति चंद्रचूड़

जिस तरह से देश के प्रमुख विधि संस्थानों में आत्महत्या की घटनाएं बढ़ रही हैं वह व्यवस्थागत गड़बड़ियों की और संकेत है |वकीलों का कार्य कई बार बहुत ही तनाव पैदा करने वाला होता है और इस वजह से वकीलों को बुरी आदत लगने की आशंका ज्यादा होती है। इनमें आम लोगों की तुलना में तनावग्रस्त होने की आशंका ज्यादा होती है। सुप्रीम कोर्ट के वकील डीवाई चंद्रचूड़ ने दिल्ली में क़ानून के पेशे पर हार्वर्ड लॉ स्कूल सेंटर की और से आयोजित कार्यक्रम में यह बात कही।सेंटर के इस कार्यक्रम में ‘द इंडियन लीगल प्रोफेशन इन द एज ऑफ़...

ऑपरेशनल ऋणदाता की ओर से उसका वकील बकाया ऋण के लिए डिमांड नोटिस जारी कर सकता है : सुप्रीम कोर्ट
ऑपरेशनल ऋणदाता की ओर से उसका वकील बकाया ऋण के लिए डिमांड नोटिस जारी कर सकता है : सुप्रीम कोर्ट

इंसोल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड के दो महत्त्वपूर्ण मुद्दों के बारे में मैक्वारी बैंक लिमिटेड बनाम शिल्पी केबल टेक्नोलोजी लिमिटेड मामले की  सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऑपरेशनल ऋणदाता की ओर से उसका वकील बकाये ऋण के लिए डिमांड नोटिस जारी कर सकता है।कोर्ट ने यह भी कहा कि कोड की धारा 9(3)(c) के प्रावधान इंसोल्वेंसी की प्रक्रिया शुरू करने के लिए जरूरी है।न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन और न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा की पीठ ने नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल के आदेश को स्थगित कर दिया जिसमें उसने धारा...

सुप्रीम कोर्ट का निर्देश : सरकार तमाम सार्वजनिक बिल्डिंगों में नेत्रहीनों की पहुंच सुनिश्चित करे [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट का निर्देश : सरकार तमाम सार्वजनिक बिल्डिंगों में नेत्रहीनों की पहुंच सुनिश्चित करे [निर्णय पढ़ें]

सुप्रीम कोर्ट ने गुड़गांव के रहने वाले एक नेत्रहीन की याचिका को निपटाते हुए दिव्यांगों को सार्वजनिक स्थानों तक उनकी पहुँच आसान बनाने के लिए निर्देश जारी किए हैं और इसके लिए एक समय सीमा तय कर दी है।मानवाधिकार संगठन के साथ काम करने वाले राजीव रतूड़ी ने अपनी याचिका में कहा कि भारत में 60-70 लाख दिव्यांग हैं, लगभग 50% लोग दृश्य विकलांगता से पीड़ित हैं और इन लोगों की मौलिक चिंता है कि वह सड़क,परिवहन और अपने गंतव्य तक सुरक्षित कैसे पहुंचें। अपने फैसले में न्यायमूर्ति एके सिकरी और न्यायमूर्ति अशोक भूषण...

अपहरण व हत्या के आरोपी की फांसी के अमल पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक [आर्डर पढ़े]
अपहरण व हत्या के आरोपी की फांसी के अमल पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने अपहरण व हत्या मामले में राजेश उर्फ राकेश और राजा यादव को सुनाई गई मौत की सजा पर रोक लगा दिया है।मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की जबलपुर पीठ ने 15 वर्षीय लड़के के अपहरण और उसकी हत्या के मामले में निचली अदालत से दोनों को फांसी की सजा को बरक़रार रखा था।बेंच ने फांसी की सजा को बहाल रखते हुए कहा था कि जहां तक ​​अभियुक्त राजेश उर्फ राकेश और राजा यादव की सजा का सवाल है तो इन दोनों में सुधार की कोई गुंजाइश नहीं है।उच्च न्यायालय ने कहा था कि इन्हें मौत की सजा दिए जाने के अलावा और कोई विकल्प...

उच्चतम न्यायालय अवार्ड के लिए अर्जी पर सुनवाई नहीं कर सकता भले ही उसने मध्यथता प्रक्रिया का सारा अधिकार उसी के पास हो : SC [निर्णय पढ़ें]
उच्चतम न्यायालय अवार्ड के लिए अर्जी पर सुनवाई नहीं कर सकता भले ही उसने मध्यथता प्रक्रिया का सारा अधिकार उसी के पास हो : SC [निर्णय पढ़ें]

सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने कहा है कि विधान के तहत कोर्ट के क्षेत्राधिकार को ना बदलने की इजाजत दी जा सकती है और ना ही लचीला बनाने की, वो भी इसलिए कि उच्चतम अदालत ने अलग तरीके से मामले में दखल दिया है।चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगवाई वाली पीठ ने मध्य प्रदेश राज्य बनाम साइतहैंड स्कैल्टन ( प्रा.) लिमिटेड औल गुरू नानक फाउंडेशन बनाम रतन सिंह एंड संस मामले के फैसले को पलट दिया जिसमें कहा गया कि जब सुप्रीम कोर्ट द्वारा किसी मामले में मध्यथ नियुक्त किया गया और आगे निर्देश जारी किए गए, तो परिभोग का...

राजस्थान हाई कोर्ट ने धर्म परिवर्तन और अंतर-धार्मिक विवाह के बारे में दिशानिर्देश जारी किए [निर्णय पढ़ें]
राजस्थान हाई कोर्ट ने धर्म परिवर्तन और अंतर-धार्मिक विवाह के बारे में दिशानिर्देश जारी किए [निर्णय पढ़ें]

राजस्थान हाई कोर्ट ने शुक्रवार को कई तरह के दिशानिर्देश जारी किए जो कि धर्म परिवर्तन और अंतर-धार्मिक विवाह से जुड़े हैं। कोर्ट ने निर्देश दिया कि अगर कोई शादी इन निर्देशों के खिलाफ किसी धर्म में परिवर्तित होने के बाद संपन्न हुआ तो इस तरह की शादी को पीड़ित पक्ष की शिकायत पर निष्फल ठहरा दिया जाएगा।न्यायमूर्ति वीरेंद्र कुमार माथुर और गोपाल कृष्ण व्यास की खंडपीठ ने चिराग सिंघवी द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण की याचिका पर सुनवाई करते हुए ये निर्देश जारी किए। इस याचिका द्वारा सिंघवी ने अपनी बहन पायल...

राज्यसभा द्वारा नियुक्त पैनल का निष्कर्ष, न्यायमूर्ति गंगेले ने महिला न्यायाधीश का यौन उत्पीड़न नहीं किया [रिपोर्ट पढ़ें]
राज्यसभा द्वारा नियुक्त पैनल का निष्कर्ष, न्यायमूर्ति गंगेले ने महिला न्यायाधीश का यौन उत्पीड़न नहीं किया [रिपोर्ट पढ़ें]

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एसके गंगेले के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच करने के लिए राज्यसभा द्वारा गठित तीन सदस्यीय एक जांच समिति ने पाया है कि उनके  खिलाफ लगाए गए आरोप ‘साबित नहीं हुए’। पर समिति ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इस बात के लिए आलोचना की कि उसने शिकायत करने वाली महिला न्यायिक अधिकारी के मामले में अपने मानवीय पक्ष को नहीं दिखाया। इस समिति में न्यायमूर्ति आर बनुमती (सुप्रीम कोर्ट), न्यायमूर्ति मंजुला चेल्लुर (बॉम्बे हाई कोर्ट की पूर्व मुख्य न्यायाधीश) और वरिष्ठ वकील...

परिक्षा के दौरान छात्रों को अतिरिक्त उत्तर पुस्तिका नहीं देने के मुंबई यूनिवर्सिटी के नियम पर बॉम्बे हाई कोर्ट की रोक
परिक्षा के दौरान छात्रों को अतिरिक्त उत्तर पुस्तिका नहीं देने के मुंबई यूनिवर्सिटी के नियम पर बॉम्बे हाई कोर्ट की रोक

छात्रों को राहत देते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट ने मुंबई यूनिवर्सिटी के उस नियम को स्थगित कर दिया है जिसमें परीक्षा के दौरान छात्रों को अतरिक्त उत्तर पुस्तिका नहीं देने की बात कही गई थी।यूनिवर्सिटी ने यह नियम 9 अक्टूबर 2017 को जारी किया था जो यूनिवर्सिटी के सभी कॉलेजों के लिए था। यूनिवर्सिटी ने कहा था कि ऐसा उत्तर पुस्तिकाओं की ऑनलाइन जांच शुरू करने के निर्णय के कारण किया गया है।याचिकाकर्ता मानसी भूषण क़ानून की अंतिम वर्ष की छात्रा है जिसका कहना है कि इस नियम से उसके मौलिक अधिकारों का हनन हुआ...

सभी उच्च शिक्षा संस्थान दिव्यांगों के लिए कम से कम 5% सीट रिज़र्व करें या फिर कार्रवाई झेलने के लिए तैयार रहें : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
सभी उच्च शिक्षा संस्थान दिव्यांगों के लिए कम से कम 5% सीट रिज़र्व करें या फिर कार्रवाई झेलने के लिए तैयार रहें : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को आदेश दिया कि सभी सरकारी और सरकार की आर्थिक मदद से चलने वाले उच्च शिक्षा संस्थानों को प्रवेश में हर साल पांच प्रतिशत सीट दिव्यांगों के लिए आरक्षित करनी होगी। ऐसा नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ कारवाई की जाएगी।न्यायमूर्ति एके सिकरी और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने आदेश में कहा, “...हमारा आदेश है कि विकलांगता अधिनियम 2016 की धारा 32 के तहत ऐसे सभी उच्च शिक्षा संस्थान जो इसके अधीन आते हैं, प्रवेश प्रक्रिया में धारा 32 के प्रावधानों को लागू करेंगे।“इसके तहत उन्हें हर...

केंद्र ट्रिब्यूनल्स के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति का नया ड्राफ्ट 4 जनवरी तक पेश करे : सुप्रीम कोर्ट
केंद्र ट्रिब्यूनल्स के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति का नया ड्राफ्ट 4 जनवरी तक पेश करे : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति एएम खान्विलकर की बेंच ने शुक्रवार को केंद्र सरकार को निर्देश किया कि वह ट्रिब्यूनल, अपीली ट्रिब्यूनल और अन्य प्राधिकरणों (योग्यता, अनुभव और सेवा की अन्य शर्तों) के नियमों का प्रारूप 4 जनवरी 2018 तक कोर्ट के सामने पेश करने को कहा।बेंच वित्त अधिनियम 2017 की धारा 182, 183, 184 और 185 को चुनौती देने वाली कई रिट याचिकाओं की सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया। वरिष्ठ वकील कपिल सिबल ने बेंच से कहा कि नया वित्त अधिनियम और...

तीन यूनिवर्सिटी के 155 छात्रों ने दूरस्थ शिक्षा के जरिए ली गई इंजीनिरिंग डिग्री के निलंबन को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी
तीन यूनिवर्सिटी के 155 छात्रों ने दूरस्थ शिक्षा के जरिए ली गई इंजीनिरिंग डिग्री के निलंबन को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी

2001 से 2005 के बीच दूरस्थ शिक्षा यानी पत्राचार के माध्यम से राजस्थान के JRN राजस्थान विद्यापीठ, इंस्टीटयूट ऑफ एडवांस स्टडीज इन एजुकेशन और इलाहाबाद के इलाहाबाद एग्रीकल्चर इंस्टीटयूट से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने वाले छात्रों की डिग्री निलंबित करने के फैसले के खिलाफ 155 छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है।नवंबर में जस्टिस आदर्श कुमार गोयल और जस्टिस यू यू ललित की बेंच ने कहा था कि ये डिग्री तब तक निलंबित रहेंगी जब तक छात्र UGC और AICTE की देखरेख में परीक्षा पास नहीं कर लेते। साथ...

मौलिक मामलों का प्रबंधन : सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को खुद कोर्ट में मौजूद रहकर उसके सात सवालों का जवाब देने का आदेश दिया [आर्डर पढ़े]
मौलिक मामलों का प्रबंधन : सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को खुद कोर्ट में मौजूद रहकर उसके सात सवालों का जवाब देने का आदेश दिया [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को कोर्ट में निजी रूप से उपस्थित रहने और दिल्ली हाई कोर्ट में दाखिल किए जाने वाले मूल मामलों के प्रबंधन से संबंधित प्रश्नों का उत्तर देने का आदेश दिया है।पिछली सुनवाई में कोर्ट को बताया गया था कि दिल्ली हाई कोर्ट ओरिजिनल साइड रूल्स एंड प्रैक्टिसेज डाइरेक्शन्स में संशोधन किए जाने हैं।न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने रजिस्ट्रार जनरल की रिपोर्टों को पढने के बाद कहा, “अब स्थिति से निपटने के लिए नियमों में नए तरह के परिवर्तन के...

भविष्य में सारी परीक्षाएं सीबीएसई आयोजित करेगा और इन परीक्षाओं में सभी परीक्षार्थियों के लिए प्रश्न पत्र एक जैसे होंगे : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े]
भविष्य में सारी परीक्षाएं सीबीएसई आयोजित करेगा और इन परीक्षाओं में सभी परीक्षार्थियों के लिए प्रश्न पत्र एक जैसे होंगे : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि भविष्य में सारी परीक्षाएं सीबीएसई आयोजित करेगा और और सभी परीक्षार्थियों को एक सामान प्रश्न पत्र दिए जाएंगे। कोर्ट ने कहा कि ये प्रश्न पत्र अंग्रेजी, हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं में होंगे।सीबीएसई के वकील की यह दलील सुनने के बाद कि बोर्ड और प्रिंसिपल ने यह निर्णय किया है कि 2018 और इसके आगे होने वाली सभी परीक्षाओं के लिए एक ही तरह के प्रश्न पत्र सेट किए जाएंगे, बेंच ने कहा, “यह आदेश दिया जाता है कि भविष्य में सारी परीक्षाएं सीबीएसई आयोजित करेगा, इसमें सभी...

सुप्रीम कोर्ट ने सत्र अदालत को जमानत देने के राजस्थान हाई कोर्ट के आदेश को रद्द किया; कहा, कोई बड़ी अदालत छोटी अदालत को आदेश पास करने को नहीं कह सकता [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने सत्र अदालत को जमानत देने के राजस्थान हाई कोर्ट के आदेश को रद्द किया; कहा, कोई बड़ी अदालत छोटी अदालत को आदेश पास करने को नहीं कह सकता [निर्णय पढ़ें]

सुप्रीम कोर्ट ने वृहस्पतिवार को कहा कि कोई भी ऊंची अदालत किसी निचली अदालत को किसी पक्ष द्वारा दायर याचिका पर कोई विशेष फैसला/आदेश देने को नहीं कह सकता। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी अदालत की न्यायिक स्वतंत्रता में कोई कोर्ट, यहाँ तक की ऊंची अदालत भी दखल नहीं दे सकता।न्यायमूर्ति आरके अग्रवाल और न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे ने राजस्थान हाई कोर्ट के आदेश को निरस्त करते हुए उक्त बातें कही। इस आदेश में हाई कोर्ट के एकल जज ने एक अवयस्क को अगवा कर रेप करने के कथित मामले में पुनरीक्षण चाहने वालों से सत्र...

एसएआरएफएईएसआई अधिनियम की धारा 14 के तहत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आवेदनों की सुनवाई कर सकते हैं या नहीं, सुप्रीम कोर्ट इसकी जांच करेगा
एसएआरएफएईएसआई अधिनियम की धारा 14 के तहत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आवेदनों की सुनवाई कर सकते हैं या नहीं, सुप्रीम कोर्ट इसकी जांच करेगा

सुप्रीम कोर्ट इस बात की जांच करेगा कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट Securitisation and Reconstruction of Financial Assets and Enforcement of Security Interest (एसएआरएफएईएसआई) अधिनियम, 2002 की धारा 14 के तहत आवेदनों पर सुनवाई कर सकता है या नहीं। यह मामला पीएम केलुकुट्टी और अन्य बनाम यंग मेन्स क्रिस्चियन एसोसिएशनसे संबंधित है।इस मामले में केरल हाई कोर्ट के निर्णय के खिलाफ विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई करते हुए बेंच ने कहा कि कलकत्ता, बॉम्बे और मद्रास हाई कोर्ट का यह विचार है कि इस अधिनियम के तहत आने...

आधार की अनिवार्यता की डेडलाइन को लेकर अंतरिम रोक पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आज
आधार की अनिवार्यता की डेडलाइन को लेकर अंतरिम रोक पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आज

बैंक खातों और कल्याणकारी योजनाओं के लिए आधार को लिंक करने के खिलाफ अंतरिम रोक की अर्जियों पर सुप्रीम कोर्ट आज अपना फैसला सुनाएगा।चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस ए के सीकरी, जस्टिस ए एम खानविलकर, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड और जस्टिस अशोक भूषण की संविधान पीठ ने AG के के वेणुगोपाल और याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकीलों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया।सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने कहा कि अब डेडलाइन बढा दी गई है इसलिए ये ही सवाल बचता है कि क्या नए बैंक खाते के लिए आधार को अनिवार्य किया जा सकता...

उप राज्यपाल ठोस कचरा प्रबंधन के बारे में उप नियमों को तीन सप्ताह के भीतर नोटिफाई करें : दिल्ली हाई कोर्ट [आर्डर पढ़े]
उप राज्यपाल ठोस कचरा प्रबंधन के बारे में उप नियमों को तीन सप्ताह के भीतर नोटिफाई करें : दिल्ली हाई कोर्ट [आर्डर पढ़े]

दिल्ली हाई कोर्ट ने ठोस कचरा प्रबंधन को लेकर उप नियमों को अधिसूचित नहीं कर पाने के लिए दिल्ली सरकार पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। इन उप नियमों को ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2016 के तहत अधिसूचित करना जरूरी है। इन उप नियमों को नगर निगम निकायों और पर्यावरण विशेषज्ञों ने मिलकर तैयार किया है।दिल्ली हाई कोर्ट की कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की पीठ ने कहा कि उप नियमों को नोटिफाई करने के कोर्ट के बार-बार निर्देश के बावजूद आज तक ऐसा नहीं किया गया।कोर्ट ने कहा, “पर्यावरण...