मुख्य सुर्खियां

महिला कैदी को अपने खर्च पर निजी अस्पताल में इलाज कराने की सुप्रीम कोर्ट ने दी इजाजत
महिला कैदी को अपने खर्च पर निजी अस्पताल में इलाज कराने की सुप्रीम कोर्ट ने दी इजाजत

मुंबई की बायकुला जेल में इस समय बंद एक महिला को सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश को संशोधित करते हुए निजी अस्पताल में इलाज कराने की इजाजत दे दी है।अभियुक्त की एंजियोप्लास्टी होनी है पर वह सरकारी अस्पताल में इलाज नहीं कराना चाहती थी क्योंकि सह-अभियुक्त और उसका बेटा एक सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान मर गया था।पहले तो उसने हाई कोर्ट से चिकित्सा के लिए अस्थायी जमानत माँगी। इसके लिए कोर्ट द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड ने 22 अगस्त को अपनी रिपोर्ट में कहा कि अभियुक्त को एंजियोप्लास्टी कराने की...

निलावेंबू कुदिनियर मामला : मद्रास हाईकोर्ट ने पुलिस को कहा, अगर कमल हासन पर अपराध बनता हो तो दर्ज हो FIR [आर्डर पढ़े]
निलावेंबू कुदिनियर मामला : मद्रास हाईकोर्ट ने पुलिस को कहा, अगर कमल हासन पर अपराध बनता हो तो दर्ज हो FIR [आर्डर पढ़े]

मद्रास हाईकोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि वो एक्टर कमल हासन के खिलाफ शिकायत पर गौर करे और अगर आरोपों में दम है तो उनके खिलाफ FIR दर्ज करे।ये शिकायत कमल हासन द्वारा पिछले हफ्ते ट्वीट के बाद की गई जिसमें एक्टर ने फैन्स को कहा था कि वो  डेंगू के लिए हर्बल दवा निलावेंबू कुदिनियर को ना बांटे जब तक इस पर पूरी तरह शोध नहीं हो जाता।हालांकि बाद में उन्होंने सफाई दी थी कि उन्होंने विवाद में चल रही एक दवा के अत्याधिक मात्रा में दिए जाने से बचने का ट्विट किया था।शिकायतकर्ता जी देवराजन ने आरोप लगाया है...

PAN से आधार लिंक करने का मामला: बिनॉय विस्वम ने सुप्रीम कोर्ट से फिर इंकम टैक्स के सेक्शन 139 AA को रद्द करने की मांग की
PAN से आधार लिंक करने का मामला: बिनॉय विस्वम ने सुप्रीम कोर्ट से फिर इंकम टैक्स के सेक्शन 139 AA को रद्द करने की मांग की

CPI नेता बिनॉय विस्वम ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर दो जजों की बेंच के उस आदेश पर फिर से विचार करने की मांग की है जिसमें इंकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 139 AA की संवैधानिकता को बरकरार रखा गया था। इस एक्ट के मुताबिक आयकर रिटर्न के लिए PAN से आधार कार्ड लिंक करना अनिवार्य है।9 जून के इस फैसले में जस्टिस ए के सिकरी और जस्टिस अशोक भूषण ने कहा था कि इस प्रावधान की संवैधानिकता को संविधान पीठ के सामने लंबित संविधान के अनुच्छेद 21 के मामले  में फैसले तक बरकरार रखा जाता है। तब तक सेक्शन 139 AA की...

रिटायर्ड कर्मचारी एडवोकेट वेलफेयर फंड से निकाली राशि वापस करने के लिए बाध्य नहीं : केरल हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
रिटायर्ड कर्मचारी एडवोकेट वेलफेयर फंड से निकाली राशि वापस करने के लिए बाध्य नहीं : केरल हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

केरल हाई कोर्ट के एकल पीठ ने कहा है कि एडवोकेट के रूप में नामांकन कराने की इच्छा रखने वाले रिटायर्ड सरकारी अधिकारियों से बार काउंसिल वेलफेयर फंड से निकाली गई राशि लौटाने पर जोर नहीं दे।आठ साल प्रैक्टिस करने के बाद याचिकाकर्ता ने सरकारी सेवा में प्रवेश किया था। सरकारी सेवा में जाने से पहले उसने एडवोकेट की सूची से अपना नाम निकलवा लिया था। इस सूची से अपना नाम हटवाने पर याचिकाकर्ता को 37,500 रुपए मिले जो कल्याणकारी कोष में उसके योगदान की राशि थी। इस कोष की स्थापना केरल एडवोकेट वेलफेयर फंड एक्ट, 1957...

प्रभावी समाधान के लिए पारिवारिक अदालतें तकनीक का प्रयोग अवश्य करें : न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ [निर्णय पढ़ें]
प्रभावी समाधान के लिए पारिवारिक अदालतें तकनीक का प्रयोग अवश्य करें : न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ [निर्णय पढ़ें]

गत 9 अक्टूबर 2017 को सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की खंड पीठ ने संथिनी बनाम विजय वेंकटेश मामले में दिए गए अपने फैसले में इससे पूर्व कृष्णा वेणी नगम बनाम हरीश नगम मामले में दिए फैसले को पलट दिया। यह फैसला 2:1 की सहमति से दी गई थी। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्र और न्यायमूर्ति एएम खान्विलकर ने बहुमत का फैसला दिया जबकि न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ ने फैसले से अपनी असहमति जताई।इससे पहले कृष्णा वेणी नगम के मामले में सुप्रीम कोर्ट के दो जजों की पीठ ने उन पक्षकारों को वीडिओ कांफ्रेंसिंग की सुविधा का...

तमिलनाडु में बिना इजाजत के दीवारों पर बैनर, फोटो,  चित्र आदि लगाने पर मद्रास हाई कोर्ट की रोक [आर्डर पढ़े]
तमिलनाडु में बिना इजाजत के दीवारों पर बैनर, फोटो, चित्र आदि लगाने पर मद्रास हाई कोर्ट की रोक [आर्डर पढ़े]

मद्रास हाई कोर्ट ने कहा है कि तामिलनाडु में वातावरण को साफ़ रखने के लिए वहाँ की दीवारों पर होर्डिंग्स, बैनर्स, साइन  बोर्ड, झंडे और  चित्र आदि बिना इजाजत के नहीं लगना चाहिए। किसी भी जिवित व्यक्ति या फिर प्रायोजक का फोटोग्राफ नहीं लगना चाहिए।न्यायमूर्ति एस वैद्यनाथन ने राज्य के मुख्य सचिव को आदेश दिया है कि वह इसके लिए तमाम शहरों और पंचायतों में सर्कुलर जारी करें और इस प्रतिबंध को लागू कराएं।कोर्ट ने कहा कि पूरे तामिलनाडु में वातावरण को स्वच्छ बनाने के लिए बिना मतलब के दीवारों पर चित्र आदि लगाने...

सरकारी अफसरों के चुनाव के दौरान RSS चीफ से मिलने के खिलाफ याचिका मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने खारिज की [आर्डर पढ़े]
सरकारी अफसरों के चुनाव के दौरान RSS चीफ से मिलने के खिलाफ याचिका मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने खारिज की [आर्डर पढ़े]

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा है कि सरकारी अफसरों ने 2015 में  स्थानीय निकाय के चुनाव के दौरान RSS चीफ मोहन भागवत से मिलकर सेंट्रल सिविल सर्विस ( कंडक्ट) रूल्स, 1964 के नियम 5 का उल्लंघन नहीं किया।इसी के साथ हाईकोर्ट ने कुछ वकीलों की जनहित याचिका को खारिज कर दिया गया जिसमें कहा गया था कि कुछ सरकारी अफसरों ने जबलपुर में RSS चीफ मोहन भागवत से मुलाकात की थी जो कि नियमों के खिलाफ है। उस वक्त जबलपुर में मेयर और वार्ड सदस्यों के चुनाव चल रहे थे।डेमोक्रेटिक लॉयर फोरम के वकीलों ने याचिका दाखिल कर कहा था...

एनर्जी वाचडॉग ने शशिशंकर और संबित पात्रा की ONGC में CMD व निदेशक की नियुक्ति को दी दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती
एनर्जी वाचडॉग ने शशिशंकर और संबित पात्रा की ONGC में CMD व निदेशक की नियुक्ति को दी दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती

ऊर्जा क्षेत्र में उपभोक्ता के हितों के सरंक्षण के लिए काम करने वाले संगठन एनर्जी वाचडॉग ने दिल्ली हाईकोर्ट में शशि शंकर औल बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा को ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन ( ONGC) का मुख्य प्रबंध निदेशक और नॉन आफिशियल निदेशक के तौर पर नियुक्ति को चुनौती दी है।ये याचिका प्रशांत भूषण के माध्यम से दाखिल की गई है और सितंबर 2017 में की गई दोनों नियुक्तियों को चुनौती दी गई है।याचिका में कहा गया है कि संबित पात्रा बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं जो डे टू डे राजनीति में सक्रिय हैं। उन्हें...

जिला न्यायाधीश की छुट्टी करने वाले इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की रोक
जिला न्यायाधीश की छुट्टी करने वाले इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की रोक

सुप्रीम कोर्ट ने अतिरिक्त जिला न्यायाधीश विमल प्रकाश कांडपाल की सेवानिवृत्ति संबंधी इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को निरस्त कर दिया है। कांडपाल गत वर्ष सेवानिवृत्ति हुए थे।सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान अपनी टिप्पणी में कहा, “इस मामले को स्थगित किया जा रहा है ताकि हाई कोर्ट की पैरवी कर रहे वकील वार्षिक गोपनीयता रिपोर्ट संबंधी नियमों को न्यायालय के सामने रख सकें। प्रथम दृष्टया, हम इस बारे में संतुष्ट हैं कि जिस आदेश को निरस्त किया गया है उसे जहाँ तक इस याचिका का सवाल है, अभी परे रखने की...

अस्थायी, तदर्थ और कांट्रेक्ट पर काम करने वाली महिलाकर्मी भी मातृत्व अवकाश की हकदार : CAT [आर्डर पढ़े]
अस्थायी, तदर्थ और कांट्रेक्ट पर काम करने वाली महिलाकर्मी भी मातृत्व अवकाश की हकदार : CAT [आर्डर पढ़े]

सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल ( CAT) ने एक अहम मामले में कहा है कि अस्थायी, तदर्थ और कांट्रेक्ट पर काम करने वाली महिलाकर्मी भी नियमित कर्मियों की तरह मातृत्व अवकाश व अन्य सुविधाएं पाने की हकदार हैं।CAT ने ये भी कहा है कि तथ्य है कि अस्थायी,  तदर्थ और कांट्रेक्ट कर्मी वो सुविधा नहीं पाते जो नियमित कर्मियों को मिलती है लेकिन मातृत्व अवकाश का मामला अलग है। इस फैसले से देशभर में काम कर रही लाखों महिलाओं को फायदा होगा।दरअसल नई दिल्ली के वेस्ट पटेल नगर के राजकीय उच्चतर माध्यमिक कन्या विद्यालय में...

मद्रास हाईकोर्ट ने खबरों का खंडन किया, कहा कभी दावा नहीं किया कि मार्च, 2018 तक लंबित मामले निपटा देंगे
मद्रास हाईकोर्ट ने खबरों का खंडन किया, कहा कभी दावा नहीं किया कि मार्च, 2018 तक लंबित मामले निपटा देंगे

मीडिया में आई खबर के जवाब में मद्रास हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि उसने कभी ये नहीं कहा कि वो मार्च 2018 तक कोर्ट में लंबित सभी मामलों का निपटारा कर देगा।हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने स्पष्ट किया है कि चीफ जस्टिस इंदिरा बनर्जी ने सिर्फ ये कहा था कि पांच साल से ज्यादा वक्त से लंबित मामलों के निपटारे के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।इस स्पष्टीकरण में चीफ जस्टिस को ये कहते बताया गया है कि हम कोशिश कर रहे हैं कि 31 मार्च,2018 के दौरान पांच साल से ज्यादा वक्त से लंबित मामलों में शून्य करने कर...

शादीशुदा महिला पति की जाति के आधार पर सुरक्षित सीट से चुनाव नहीं लड़ सकती : बॉम्बे हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
शादीशुदा महिला पति की जाति के आधार पर सुरक्षित सीट से चुनाव नहीं लड़ सकती : बॉम्बे हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा है कि कोई शादीशुदा महिला अपने पति की जाति के आधार पर सुरक्षित सीटों से चुनाव नहीं लड़ सकती। हाई कोर्ट ने वाल्सम्मा पॉल बनाम कोच्चि विश्वविद्यालय एवं अन्य मामले में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फैसले के आधार पर यह फैसला सुनाया है।न्यायमूर्ति वासंती नाइक और न्यायमूर्ति रियाज चागला की खंड पीठ अनुराधा काकर की याचिका पर सुनवाई कर रहा था जो कि शोलापुर नगर निगम में पार्षद का चुनाव जीती थी। यह सीट अन्य पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित है।चुनाव का पर्चा भरने के दौरान याचिकाकर्ता ने ‘तम्बत’ जाति...

सरकारी अफसरों को बचाने संबंधी राजस्थान सरकार के अध्यादेश को हाई कोर्ट में चुनौती [याचिका पढ़े]
सरकारी अफसरों को बचाने संबंधी राजस्थान सरकार के अध्यादेश को हाई कोर्ट में चुनौती [याचिका पढ़े]

राजस्थान सरकार के आपराधिक क़ानून (राजस्थान संशोधन) अध्यादेश, 2017 को राजस्थान हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है। इस नए विवादास्पद विधेयक के तहत प्रावधान है कि लोक सेवकों, जज और मजिस्ट्रेट के खिलाफ छानबीन से पहले सरकार से मंजूरी लेनी होगी।गत 7 सितंबर को इस मामले में अध्यादेश जारी किया गया था। अध्यादेश के अनुसार, किसी भी सरकारी मुलाजिम के खिलाफ जांच हो सकती है या नहीं इसके लिए 180 दिनों के भीतर संबंधित अथॉरिटी से मंजूरी लेनी होगी और अगर इस दौरान उस पर फैसला नहीं हुआ तो इसे मंजूर माना जाएगा। साथ ही यह...

आरटीआई के तहत सूचना मिलने में दो साल की देरी पर पांच हजार का मुआवजा [आर्डर पढ़े]
आरटीआई के तहत सूचना मिलने में दो साल की देरी पर पांच हजार का मुआवजा [आर्डर पढ़े]

एक आरटीआई आवेदक को सूचना मिलने में दो साल की देरी होने पर केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने पांच हजार का मुआवजा दिया है। आयोग ने कहा कि इस तरह की देरी एक तरह का उत्पीड़न है।आबिद हुसैन ने जबलपुर के कैंटोनमेंट बोर्ड से भूमि सर्वेक्षण रिपोर्ट की प्रतियां मांगी थी पर बोर्ड ने दो साल तक उसको यह जानकारी नहीं दी। इस देरी की वजह से सीआईसी ने बोर्ड से हुसैन को पांच हजार का मुआवजा चुकाने का आदेश दिया। सूचना आयुक्त दिव्य प्रकाश सिन्हा का मानना था कि आबिद सूचना मिलने में इस देरी के लिए मुआवजे का हकदार है।आबिद...

चुप्पी को यौन संबंधों में सहमति का सबूत नहीं माना जा सकता : दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]
चुप्पी को यौन संबंधों में सहमति का सबूत नहीं माना जा सकता : दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]

दिल्ली हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि सिर्फ चुप्पी को यौन संबंधों में सहमति का सबूत नहीं माना जा सकता। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने छह महीने तक नाबालिग से बलात्कार करने वाले शख्स की दस साल की सजा को बरकरार रखा है।न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा सहगल ने दोषी मुन्ना की अपने बचाव में उन दलीलों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें उसने कहा था कि इन यौन संबंधों के दौरान पीडिता चुप रही जो सहमति का एक बडा सबूत है जबकि पीडिता ने कोर्ट में कहा था कि इस दौरान उसे नशीला पदार्थ दिया गया और बार- बार गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी...

बोंबे हाईकोर्ट ने MSRTC कर्मियों की हडताल को बताया गैरकानूनी, वेतन संशोधन के लिए बनाई हाई पावर कमेटी [निर्णय पढ़ें]
बोंबे हाईकोर्ट ने MSRTC कर्मियों की हडताल को बताया गैरकानूनी, वेतन संशोधन के लिए बनाई हाई पावर कमेटी [निर्णय पढ़ें]

बोंबे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ( MSRTC) के कर्मचारियों द्वारा की गई हडताल तो गैरकानूनी ठहराते हुए इसे वापस करा दिया। कर्मचारियों ने 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत वेतनमान देने की मांग को लेकर हडताल की थी।जस्टिस एसके शिंदे की वेकेशन बेंच ने पाया कि MSRTC के 13700 विभिन्न रूटों पर रोजाना करीब 70 लाख लोग यात्रा करते हैं और इस हडताल से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।हाईकोर्ट ने कहा कि निजी बस सेवा सभी रूटों पर उपलब्ध नहीं हैं और राज्य...

फर्जी अस्पतालों पर जुर्माना काफी नहीं,होने चाहिए कडे कानूनी प्रावधान : आंध्र हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]
फर्जी अस्पतालों पर जुर्माना काफी नहीं,होने चाहिए कडे कानूनी प्रावधान : आंध्र हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]

मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी एक्ट, 1971 और रूल्स 2003 और टीएस एलोपैथिक मेडिकल केयर एस्टाब्लिशमेंट ( रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन ) एक्ट, 2002 और रूल्स 2007 में कुछ वैधानिक बदलाव की आवश्यकता बताते हुए आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा है कि बीमार सज्जा के साथ बिना लाइसेंस के फर्जी अस्पताल चलाने वाले निर्लज लोगों को कडी सजा का प्रावधान होना चाहिए। अभी तक इन कानून के तहत सिर्फ जुर्माने का ही प्रावधान है जोकि आर्थिक प्रकृति का है।जस्टिस चल्ला कोडांडा राम ने ये भी कहा कि मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी एक्ट...

सभी अंतरधार्मिक विवाह को लव जेहाद या घर वापसी की संज्ञा नहीं दी जा सकतीः केरल हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
सभी अंतरधार्मिक विवाह को लव जेहाद या घर वापसी की संज्ञा नहीं दी जा सकतीः केरल हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

सभी अंतरधार्मिक शादियों को धार्मिक नजरिये से नहीं देखा जा सकता क्योंकि इससे धार्मिक सौहार्द को नुकसान होगा। यह केरल हाई कोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा है।कोर्ट ने कहा कि तमाम अंतरधार्मिक विवाह को लव जेहाद नहीं कहा जा सकता। उसे लव जेहाद के नजर से नहीं देखा जा सकता। कोर्ट ने एक हिंदू युवती और एक मुस्लिम युवक के बीच शादी को बरकरार रखा है।केरल हाई कोर्ट के जज न्यायमूर्ति वी.चितंबरेश और न्यायमूर्ति सतीश निनान की खंडपीठ ने कन्नूर के श्रुति और अनीस हमीद की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की।हाई...