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मदरसों में राष्ट्र गान गाने संबंधी उप्र सरकार के आदेश के खिलाफ याचिका खारिज [आर्डर पढ़े]
मदरसों में राष्ट्र गान गाने संबंधी उप्र सरकार के आदेश के खिलाफ याचिका खारिज [आर्डर पढ़े]

इलाहबाद हाई कोर्ट ने उतर प्रदेश के मदरसों में राष्ट्र गान को अनिवार्य बनाने के सरकारी आदेश के खिलाफ याचिका खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि राष्ट्र गान गाना न केवल एक संवैधानिक कार्य है बल्कि यह लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और राष्ट्रीय एकता की भावना फैलाता है।मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दिलीप बी भोंसले ने अपने फैसले में कहा, “राष्ट्र गान और झंडे के महत्त्व के संदेश को सभी शिक्षा संस्थानों तक फैलाने की जरूरत है भले ही वे कहीं से भी जुड़े हों और कैसे भी हों।”स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जारी निर्देश...

घरेलू हिंसा क़ानून और धारा 125 के तहत मिलने वाली गुजारा राशि दोनों एक दूसरे से अलग: बॉम्बे हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
घरेलू हिंसा क़ानून और धारा 125 के तहत मिलने वाली गुजारा राशि दोनों एक दूसरे से अलग: बॉम्बे हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा है कि सीआरपीसी की धारा 125 के तहत गुजारा भत्ता देने का आदेश और घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत गुजारा भत्ता देने का आदेश दोनों ही एक-दूसरे से स्वतंत्र अस्तित्व रखते हैं। कोर्ट ने इस बारे में उठाए गए प्रश्न के संदर्भ में यह बात कही। मामले की पृष्ठभूमियाचिकाकर्ता पत्नी ने धारा 125 के तहत 2010 में एक याचिका दायर की थी जिस पर 20 जनवरी 2016 को फैसला सुनाया जाना था। कोर्ट ने इस याचिका को दायर करने की अनुमति दी थी और इस पति को हर माह पत्नी को 6000 रुपए और बेटी को 4000 रुपए देने का...

गुंडों के एडवोकेट बनने पर मद्रास हाई कोर्ट नाराज, बार काउंसिल को इसके लिए दोषी बताया [आर्डर पढ़े]
गुंडों के एडवोकेट बनने पर मद्रास हाई कोर्ट नाराज, बार काउंसिल को इसके लिए दोषी बताया [आर्डर पढ़े]

मद्रास हाई कोर्ट ने वकीलों पर गुंडों की तरह व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए इसके लिए बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया (बीसीआई) को दोषी ठहराया है। कोर्ट ने कहा है कि इस पेशे में औसत दर्जे के लोगों के आने के लिए बीसीआई जिम्मेदार है जिसने मनमाने ढंग से लॉ कॉलेजों को मान्यता देकर समाज में वकीलों की मांग और उनकी आपूर्ति में असंतुलन पैदा कर दिया है।मद्रास हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति ने भारत में जिस आसानी से क़ानून की डिग्री मिलती है उस पर कठोर टिपण्णी की और बीसीआई से पूछा कि उसने किस आधार पर देश में लॉ कॉलेजों की...

बॉम्बे हाई कोर्ट ने नाबालिग रेप विक्टिम के पिता की उस अर्जी को खारिज किया जिसमें लड़की के 27 हफ्ते की प्रिगनेंसी को गर्भपात कराने की इजाजत मांगी थी [निर्णय पढ़ें]
बॉम्बे हाई कोर्ट ने नाबालिग रेप विक्टिम के पिता की उस अर्जी को खारिज किया जिसमें लड़की के 27 हफ्ते की प्रिगनेंसी को गर्भपात कराने की इजाजत मांगी थी [निर्णय पढ़ें]

बॉम्बे हाई कोर्ट ने उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें रेप विक्टिम लड़की के पिता ने अर्जी दाखिल कर उनकी बेटी के 27 हफ्ते की प्रिगनेंसी को टर्मिनेट करने की गुहार लगाई थी। हाई कोर्ट ने मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर अर्जी खारिज कर दी जिसमें मे केईएम अस्पताल, मुंबई के डॉक्टरों ने विक्टिम के गर्भ को जारी रखने की सलाह दी थी।इस मामले में 2017 में एफआईआर दर्ज की गई थी। मामले में आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा-376 और प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज (पोक्सो) एक्ट 2012 के तहत केस दर्ज किया गया है।...

बैंक खातों और मोबाइल से आधार को जोडने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक और याचिका [याचिका पढ़े]
बैंक खातों और मोबाइल से आधार को जोडने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक और याचिका [याचिका पढ़े]

बैंक खातों और मोबाइल नंबर से आधार नंबर को जोडने के अनिवार्य नियम को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका में कहा गया है कि ये नियम संविधान में अनुच्छेद 14, 19 और 21 के तहत दिए मौलिक अधिकारों को खतरे में डालते हैं। याचिका प्रसिद्ध शोधकर्ता और एक्टिविस्ट कल्याणी मेनन द्वारा दाखिल की गई है और सुप्रीम कोर्ट दिवाली की छुट्टियों के फौरन बाद इसकी सुनवाई कर सकता है।एडवोकेट ऑन रिकार्ड विपिन नैयर के माध्यम से दाखिल याचिका में प्रिवेंशन ऑफ मनी लांडरिंग एक्ट ( PMLA एक्ट ) 2005 के प्रिवेंशन ऑफ मनी...

दहेज प्रताडना को लेकर जारी गाइडलाइन पर फिर से विचार करेगा सुप्रीम कोर्ट, चीफ जस्टिस ने कहा, इससे सहमत नहीं [याचिका पढ़े]
दहेज प्रताडना को लेकर जारी गाइडलाइन पर फिर से विचार करेगा सुप्रीम कोर्ट, चीफ जस्टिस ने कहा, इससे सहमत नहीं [याचिका पढ़े]

केरल के सबरीमाला मंदिर में महिला अधिकारों के मुद्दे को संविधान पीठ  भेजने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने दहेज प्रताडना  यानी भारतीय दंड संहिता IPC  की धारा 498 A पर जारी अपनी ही गाइडलाइन पर फिर से विचार करने का फैसला किया है।शुक्रवार को  जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा कि कोर्ट उस आदेश से अहसमत है क्योंकि कोर्ट कानून नहीं बनाता बल्कि उसकी व्याख्या करता है। सीआरपीसी में पति को सरंक्षण देने के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय मौजूद हैं। कोर्ट समझता है कि ऐसे आदेश महिला अधिकार के खिलाफ हैं।सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र...

रोहिंग्या पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, कोई आकस्मिक हालात ना पैदा करे केंद्र, ये मानवीय समस्या
रोहिंग्या पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, कोई आकस्मिक हालात ना पैदा करे केंद्र, ये मानवीय समस्या

रोहिंग्या मुस्लिमों को वापस बर्मा भेजने के मामले  में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि वो फिलहाल इस मुद्दे पर कोई आकस्मिक हालात ना पैदा होने दे। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को भी छूट दी है कि अगर 21 नवंबर तक किसी रोहिंग्या को वापस भेजा जाता है तो वो सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर सकते हैं।शुक्रवार को हुई सुनवाई में चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस ए एम खानवेलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड की बेंच ने ये कहा है।इस मामले की सुनवाई में चीफ जस्टिस ने कहा कि रोहिंग्या मामला मानवता का बडा मुद्दा है...

दिल्ली NCR में नहीं बिकेंगे पटाखे, सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में संशोधन से किया इंकार, कहा सांप्रदायिक और राजनीतिक रंग देने से पीडा
दिल्ली NCR में नहीं बिकेंगे पटाखे, सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में संशोधन से किया इंकार, कहा सांप्रदायिक और राजनीतिक रंग देने से पीडा

दिल्ली और NCR में दिवाली पर पटाखों की बिक्री नही होगी। सुप्रीम कोर्ट ने बिक्री पर रोक के आदेश में संशोधन करने से इंकार करते हुए पटाखा निर्माता और विक्रेताओं की कुछ दिन या घंटे बिक्री की इजाजत देने की मांग को ठुकरा दिया है।शुक्रवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस ए के सिकरी ने साफ कहा कि अगर अब अपने आदेश में बदलाव करते है तो ये आदेश की आत्मा के खिलाफ होगा। उन्होंने ये भी कहा कि  हमें पीडा है कि कुछ लोग इस आदेश को साम्प्रदायिक रंग देने की और कुछ लोग राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे...

सुप्रीम कोर्ट ने कहा ब्लू व्हेल पर हाईकोर्ट ना करें सुनवाई, केंद्र बनाए एक्सपर्ट कमेटी
सुप्रीम कोर्ट ने कहा ब्लू व्हेल पर हाईकोर्ट ना करें सुनवाई, केंद्र बनाए एक्सपर्ट कमेटी

जानलेवा खेल ब्लू व्हेल गेम पर अब सुप्रीम कोर्ट ही सुनवाई करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने सभी हाईकोर्ट को कहा है कि इस मामले पर वो सुनवाई ना करें।शुक्रवार को चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की बेंच ब्लू व्हेल को लेकर  वकील स्नेहा कलिता द्वारा दाखिल याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को कहा है कि वो इस मामले में एक एक्सपर्ट कमिटी बनाए  जो इस मामले पर विचार करे।दरअसल वकील स्नेहा कलिता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट जानलेवा ब्लू व्हेल...

फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा जेपी इंफ्राटेक, यमुना एक्सप्रेस वे की संपत्ति बेचने की मांगी इजाजत, 23 अक्तूबर को सुनवाई
फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा जेपी इंफ्राटेक, यमुना एक्सप्रेस वे की संपत्ति बेचने की मांगी इजाजत, 23 अक्तूबर को सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट जेपी इंफ्राटेक की उस याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है जिसमें बिल्डर ने यमुना एक्सप्रेस वे की संपत्ति को दूसरी कंपनी को बेचने की इजाजत मांगी है।शुक्रवार को चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की बेंच में जेपी की ओर से मेंशन किया गया कि कंपनी कोर्ट के आदेश के मुताबिक 2000 करोड रुपये जमा कराने की हालत में नहीं है। इसलिए वो यमुना एक्सप्रेस वे की संपत्ति को किसी कंपनी को बेचना चाहते हैं। इससे कंपनी को 2500 करोड रुपये मिलेंगे। सुप्रीम कोर्ट इसकी इजाजत दे। चीफ जस्टिस ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट 23...

रेयान के ट्रस्टियों को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, कोर्ट ने पूछा क्यों ना अंतरिम जमानत रद्द कर दी जाए ?
रेयान के ट्रस्टियों को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, कोर्ट ने पूछा क्यों ना अंतरिम जमानत रद्द कर दी जाए ?

पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट से रेयान इंटरनेशनल स्कूल के तीनों ट्रस्टियों को मिली अंतरिम जमानत के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने ट्रस्टियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।अब सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की बेंच 30 अक्तूबर को सुनवाई करेगी कि उनकी अंतरिम जमानत रद्द की जाए या नहीं।वहीं कोर्ट में मौजूद ट्रस्टियों के वकीलों ने नोटिस स्वीकार कर लिया।गौरतलब है कि रेयान इंटरनेशनल स्कूल के तीनों ट्रस्टियों को अतंरिम जमानत देने के हाईकोर्ट के फैसले को छात्र प्रद्युम्न के पिता ने सुप्रीम कोर्ट में...

सबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी की सुनवाई करेगी पांच जजों की संविधान पीठ
सबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी की सुनवाई करेगी पांच जजों की संविधान पीठ

 केरल के सबरीमाला मंदिर में 10 साल 50 साल की उम्र की महिलाओं  के प्रवेश पर रोक के मामले की सुनवाई पांच जजों की संविधान पीठ करेगी।शुक्रवार को चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगवाई में तीन  जजों की बेंच ने संविधान पीठ को ये मामला सुनवाई के लिए भेजा है।दरअसल इस जनयाचिका में कहा गया है कि मंदिर में महिलाओं को प्रवेश ना करने देना उनके साथ भेदभाव करना है। इससे पहले केरल की UDF सरकार ने भी मंदिर प्रशासन के समर्थन में कहा था कि धार्मिक मान्यताओं की वजह से महिलाओं को मंदिर में प्रवेश करने की इजाजत नहीं दी जा...

लिव इन और समलैंगिक में शादी जैसे मामले को समानता की परिभाषा में लाने के लिए लॉ कमिशन के सामने कुछ वकीलों ने प्रोग्रेसिव यूनिफर्म सिविल कोड के संदर्भ में ड्राफ्ट पेश किया [ड्राफ्ट पढ़े]
लिव इन और समलैंगिक में शादी जैसे मामले को समानता की परिभाषा में लाने के लिए लॉ कमिशन के सामने कुछ वकीलों ने प्रोग्रेसिव यूनिफर्म सिविल कोड के संदर्भ में ड्राफ्ट पेश किया [ड्राफ्ट पढ़े]

भारतीय समाज में चलरही यूनिफर्म सिविल को़ड को लेकर बहस के बीच लॉ कमिशन ऑफ इंडिया के चेयरमैन जस्टिस बीएस चौहान को प्रोग्रेसिवल यूनिफर्म सिविल कोड का ड्राफ्ट पेश किया। इसमें लिव इन रिलेशनशिप, होमो सेक्सुअल रिलेशनशिप का समावेश है साथ ही किसी भी तरह के लिंग भेद के खिलाफ संदर्भ दिया गया है।ड्राफ्ट कोड में तमाम तरह के भेदभाव को खत्म किया गया है। इसके तहत आदमी, औरत, ट्रांसजेंडर, मैरिज, पार्टनरशिप मामले, तलाक, गोद लेने, चाइल्ड कस्टडी और पुश्तैनी मामले में भेदभाव रहित कोड की बात कही गई है।इस मामले में...

सुप्रीम कोर्ट एप बेस ट्रांसपोर्ट को नियंत्रित करने पर करेगा सुनवाई, केंद्र से मांगा सुझाव
सुप्रीम कोर्ट एप बेस ट्रांसपोर्ट को नियंत्रित करने पर करेगा सुनवाई, केंद्र से मांगा सुझाव

ओला, उबर एप बेस ट्रांसपोर्ट सर्विस को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट सुनवाई को तैयार हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वो ये विचार करेगा कि कैसे  देखेंगे एप के आधार पर ट्रांसपोर्ट सर्विस देने वाली कंपनियों को कैसे नियंत्रित  किया जा सकता है ?जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की बेंच ने केंद्र सरकार से पूछा है कि एप बेस कैब सर्विस को किस तरीके से देश में नियंत्रित किया जा सकता है ? 7 दिसंबर तक केंद्र सरकार को कोर्ट को इसका जवाब देना है।गुरुवार को रेप पीडित महिलाओं को मुआवजे के  मामले की सुनवाई के...

दो बच्चों ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को लिखी चिट्ठी, मां-पिता की हत्या की जांच सीबीआई से कराने की गुहार
दो बच्चों ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को लिखी चिट्ठी, मां-पिता की हत्या की जांच सीबीआई से कराने की गुहार

उत्तर प्रदेश के मथुरा में रहने वाले 15 साल की पूजा और 17 साल के उसके भाई राहुल ने सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर अपने मां- पिता की हत्या की जांच के लिए मदद मांगी है। दोनों ने गुहार लगाई है कि इस मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए और दोनों नाबालिग भाई बहनों की सुरक्षा की जाए।दोनों ने पत्र में चीफ जस्टिस को ये भी बताया है कि राज्य की पुलिस ने इस हत्याकांड की जांच के लिए कुछ नहीं किया जिसकी वजह से उनकी बहन राखी ने आठ अक्तूबर को आत्महत्या कर ली। दोनों ने  अपने पत्र में लिखा है कि इसी साल 8...

48 घंटे में एंबी वैली का कब्जा दे महाराष्ट्र पुलिस, सुप्रीम कोर्ट का आदेश, नीलामी के लिए सामने नहीं आया खरीदार
48 घंटे में एंबी वैली का कब्जा दे महाराष्ट्र पुलिस, सुप्रीम कोर्ट का आदेश, नीलामी के लिए सामने नहीं आया खरीदार

सेबी सहारा विवाद मामले में सुनवाई करते हुए  सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को महाराष्ट्र के डीजीपी को निर्देश दिए हैं  कि 48 घंटों के भीतर एंबी वैली का कब्जा आफिसियल लिक्विडेटर को सौंपें। कोर्ट ने कहा है कि  लिक्विडर,  कंपनी जज और हाई कोर्ट के जस्टिस ओका की निगरानी में एंबी वैली की नीलामी करेंगे।चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की बेंच ने कहा कि अगर कोई भी इस प्रक्रिया में बाधा डालेगा तो कोर्ट की अवमानना की कार्रवाई होगी।वहीं सेबी ने कोर्ट को बताया कि नीलामी के लिए कोई बोली लगाने वाला सामने नहीं आया है।10...