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शैक्षणिक संस्थानों को हाईजेक करने और राजनीतिक लडाई का मैदान बनाने की इजाजत नहीं : केरल हाईकोर्ट [केरल हाईकोर्ट ]
शैक्षणिक संस्थानों को हाईजेक करने और राजनीतिक लडाई का मैदान बनाने की इजाजत नहीं : केरल हाईकोर्ट [केरल हाईकोर्ट ]

कैंपस राजनीति को लेकर दाखिल एक अवमानना याचिका पर  केरल हाईकोर्ट ने कहा है कि शैक्षणिक संस्थानों को हाईजैक नहीं किया जा सकता और इन्हें राजनीतिक लडाई का मैदान बनाने की इजाजत नहीं दी जा सकती।हाईकोर्ट चीफ जस्टिस नवनीति प्रसाद सिंह और जस्टिस राजा विजयराघवन की बेंच ने कुरियाकोसे इलियास कालेज के प्रिंसिपल की अवमानना याचिका पर फिर से ये टिप्पणी की। इससे पहले एक अन्य अवमानना याचिका पर अंतरिम आदेश जारी करते हुए पहली बेंच ने कहा था कि राजनीतिक गतिविधियों जैसे धरना, भूख हडताल और सत्याग्रह आदि का संवैधानिक...

अमित जेठवा हत्याकांड : सुप्रीम कोर्ट ने दीनूभाई सोलंकी की जमानत रद्द की, गवाहों से दोबारा जिरह के आदेश दिए [निर्णय पढ़ें]
अमित जेठवा हत्याकांड : सुप्रीम कोर्ट ने दीनूभाई सोलंकी की जमानत रद्द की, गवाहों से दोबारा जिरह के आदेश दिए [निर्णय पढ़ें]

पर्यावरण एक्टिविस्ट अमित जेठवा हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य आरोपी पूर्व सांसद दीनूभाई सोलंकी को फिर से हिरासत में लेने का आदेश देते हुए आठ अहम गवाहों के फिर से बयान दर्ज करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को ये निर्देश सोलंकी की जमानत याचिका को रद्द करने की याचिका पर दिए।2010 में गुजरात हाईकोर्ट के बाहर अमित जेठवा की हत्या कर दी गई थी। ये हत्या उस जनहित याचिका के बाद हुई जब उन्होंने गिर वन क्षेत्र के आसपास दीनूभाई और उनके भतीजे द्वारा अवैध खनन करने के आरोप लगाए थे।शुरुआत में...

डायन के नाम पर प्रताड़ित करने का चलन अभी भी कई राज्यों में, इससे निपटने के लिए कानून की दरकार : गुवाहाटी हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
डायन के नाम पर प्रताड़ित करने का चलन अभी भी कई राज्यों में, इससे निपटने के लिए कानून की दरकार : गुवाहाटी हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

डायन बताकर उसको प्रताड़ित करना अमानवीय हड़कत है और मानवाधिकार के उल्लंघन का सबसे घिनौना तरीका। अभी भी कई राज्यों में यह प्रथा चलन में है। गुवाहाटी हाई कोर्ट ने कहा कि असम और उत्तर पूर्व के अन्य राज्यों में इसका चलन जारी है।गुवाहाटी हाई कोर्ट ने कहा कि आदमी और औरत को डायन बताकर लोग उनको तरह-तरह से प्रताड़ित करते हैं। यह अमानवीय है और मानवाधिकार के उल्लंघन का बेहद बुरा तरीका। हाई कोर्ट के दो सदस्यीय बेंच में शामिल न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुयान और न्यायमूर्ति परान कुमार फुलकान ने तीन लोगों की अर्जी पर...

वंदे मातरम् के प्रति सम्मान के लिए उसे कानून के तहत संरक्षण की जरूरत नहीं : दिल्ली हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
वंदे मातरम् के प्रति सम्मान के लिए उसे कानून के तहत संरक्षण की जरूरत नहीं : दिल्ली हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् देश के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा रहा है और इसको सम्मान मिले यह सुनिश्चित करने के लिए कानून में बदलाव की जरूरत नहीं है। दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार की उक्त दलील पर सहमति जताते हुए कहा कि सकारात्मक कार्यों को सम्मान देने के लिए कानून के तहत संरक्षण की जरूरत नहीं है।मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर की पीठ ने गौतम मुरारका की अर्जी खारिज करते हुए उक्त टिप्पणी की। याचिकाकर्ता मुरारका ने अपनी अर्जी में इंसल्ट ऑफ नैशनल ओनर एक्ट, 1971 में बदलाव करने...

संशोधित वेतन लागू करवाने केरल नर्स एसोसिएशन निजी अस्पतालों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुँचा [याचिका पढ़े]
संशोधित वेतन लागू करवाने केरल नर्स एसोसिएशन निजी अस्पतालों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुँचा [याचिका पढ़े]

कम वेतन मिलने के खिलाफ केरल स्टेट यूनाइटेड नर्सेज एसोसिएशन ने केरल के निजी अस्पतालों में संशोधित वेतन को लागू कराने के लिए सोमवार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।एसोसिएशन ने यह अर्जी तब दाखिल किया जब नर्सों के वेतन और उनकी कार्यस्थिति की समीक्षा के लिए सरकार द्वारा गठित कमिटी के सुझावों को लागू करने पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को रोक लगा दिया।एसोसिएशन ने कहा कि केरल प्राइवेट हॉस्पिटल एसोसिएशन बनाम स्टेट ऑफ़ केरल मामले में किसी भी तरह का फैसला देने से पहले उनका पक्ष सुना जाना चाहिए।केरल स्टेट...

प्रोपर्टी डीलर की हत्या मामले में केरल हाई कोर्ट ने एडवोकेट उदयभानु की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की [आर्डर पढ़े]
प्रोपर्टी डीलर की हत्या मामले में केरल हाई कोर्ट ने एडवोकेट उदयभानु की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की [आर्डर पढ़े]

केरल हाई कोर्ट ने एडवोकेट सीपी उदयभानु की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। उदयभानु पर एक प्रोपर्टी डीलर राजीव कुमार की हत्या का षड्यंत्र रचने का आरोप है। न्यायमूर्ति पी उबैद के इस केस की सुनवाई से अलग हो जाने के बाद न्यायमूर्ति हरिप्रसाद ने आज यह फैसला सुनाया।उदयभानु को सनसनीखेज चंद्रबोस हत्याकांड में विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया गया था जिसमें मोहम्मद निशाम को सजा हुई थी। एक छात्र जिश्नु प्रणय की आत्महत्या मामले में नेहरू कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग के चेयरमैन डॉ। पीके कृष्णदास की जमानत याचिका का...

दिहाडी मजदूर की 11 साल की बीमार बेटी की मदद के लिए आगे आया दिल्ली हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]
दिहाडी मजदूर की 11 साल की बीमार बेटी की मदद के लिए आगे आया दिल्ली हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]

दिल की बीमारी से पीडित 11 साल की लडकी की मदद के लिए दिल्ली हाईकोर्ट आगे आया है। हाईकोर्ट ने गोविंद बल्लभ पंत अस्पताल लडकी को भर्ती कर तुंरत चिकित्सा सहायता देने के आदेश जारी किए हैं।ये लडकी एक दिहाडी मजदूर की बेटी है और उसे आपरेशन की जरूरत है। लेकिन पिता उसके इलाज का खर्च नहीं जुटा पा रहे हैं।जस्टिस विभू बाखरू ने जीबी पंत अस्पताल को बिना रुपये जमा कराए मोहम्मद जाकी की बेटी को भर्ती कराने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ये जांच कर सकती है कि क्या लडकी के पिता ऐसी सहायता के योग्य हैं या...

राज्य पुलिस मध्य प्रदेश में तैनात केंद्र सरकार के कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच कर सकती है : मप्र हाई कोर्ट [आर्डर पढ़े]
राज्य पुलिस मध्य प्रदेश में तैनात केंद्र सरकार के कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच कर सकती है : मप्र हाई कोर्ट [आर्डर पढ़े]

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की एक वृहत्तर पीठ ने कहा है कि राज्य पुलिस या विशेष पुलिस प्रतिष्ठान (एसपीई) के पास मध्य प्रदेश में पदस्थापित केंद्र सरकार के कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले की जांच करने का अधिकार है। इस पीठ की अध्यक्षता कर रहे हैं मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता।एक ही जैसे मामलों वाले तीन आपराधिक पुनरीक्षण को एक वृहत्तर पीठ को सौंप दिया गया। इन सभी ने जो प्रश्न पूछे थे वे एक ही थे – मध्य प्रदेश विशेष पुलिस प्रतिष्ठान अधिनियम, 1947 की धारा 3 के...

सुप्रीम कोर्ट ने महात्मा गाँधी हत्या की फिर से जांच कराने की याचिका पर सुनवाई चार सप्ताह के लिए टाली
सुप्रीम कोर्ट ने महात्मा गाँधी हत्या की फिर से जांच कराने की याचिका पर सुनवाई चार सप्ताह के लिए टाली

सुप्रीम कोर्ट ने आज महात्मा गांधी की हत्या की फिर से जांच कराने की अपील पर सुनवाई चार सप्ताह तक के लिए टाल दिया। कोर्ट की मदद करने वाले एडवोकेट (Amicus Curiae) अमरेन्द्र शरण ने इस मामले की कानूनी स्थिति के बारे में बताने के लिए और समय की मांग की जिसके बाद कोर्ट ने ऐसा किया।इस अपील का विरोध करते हुए महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गाँधी ने कोर्ट के नोटिस जारी करने पर इस मामले में हस्तक्षेप करने के लिए कोर्ट की अनुमति माँगी।कोर्ट की मदद करने वाले वकील शरण ने न्यायमूर्ति एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली...

बलात्कार पीड़िता ने शारीरिक रूप से कोई प्रतिरोध नहीं किया सिर्फ इसलिए उसके बयानों पर अविश्वास नहीं कर सकते : दिल्ली हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
बलात्कार पीड़िता ने शारीरिक रूप से कोई प्रतिरोध नहीं किया सिर्फ इसलिए उसके बयानों पर अविश्वास नहीं कर सकते : दिल्ली हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को अपनी इस बात को दुहराया कि बलात्कार पीड़िता के बयानों पर सिर्फ इसलिए अविश्वास नहीं किया जा सकता क्योंकि वह बलात्कार का शारीरिक रूप से विरोध नहीं कर पाई जिसकी वजह से उसके शरीर पर किसी भी तरह के निशान नहीं पड़े।न्यायमूर्ति संगीता धींगरा ने कहा, “सिर्फ इसलिए कि पीड़िता के शरीर पर बलात्कार के प्रतिरोध का कोई निशान नहीं है या कोई आतंरिक घाव नहीं है तो इसका मलतब यह नहीं है उसका बयान गलत है।”कोर्ट भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (2) (g) (सामूहिक बलात्कार) और 506 (डराने-धमकाने)...

शार्टहैंड नोट न्यायिक रिकार्ड का हिस्सा नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर सहमति जताई
शार्टहैंड नोट न्यायिक रिकार्ड का हिस्सा नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर सहमति जताई

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस जे चेलामेश्वर और जस्टिस एस अब्दुल नजीर ने 23 अक्तूबर को कहा है कि उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट के 25 मई के आदेश में दखल देने का कोई आधार नजर नहीं आता जिसमें RTI आवेदक तपन चौधरी की याचिका पर सहमति नहीं जताई गई थी। इसमें तपन ने कोर्ट के दिए निर्देशों पर स्टेनोग्राफर द्वारा लिए गए शार्टहैंड नोट की प्रति की मांग की गई थी।दरअसल तपन ने एक निश्चित तारीख को एक केस में दिल्ली हाईकोर्ट के जज द्वारा दिए गए निर्देशों की शार्टहैंड नोटस की कॉपी मांगी थी। 15 अक्तूबर 2015 को CPIO ने इसका जवाब...

कानूनी शिक्षा के बाद इंजीनियरिंग कॉलेजों में बेतहाशा वृद्धि मद्रास हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति किरुबाकरण के निशाने पर [आर्डर पढ़े]
कानूनी शिक्षा के बाद इंजीनियरिंग कॉलेजों में बेतहाशा वृद्धि मद्रास हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति किरुबाकरण के निशाने पर [आर्डर पढ़े]

देश में कानूनी शिक्षा के जरूरत से ज्यादा प्रसार पर अपनी बेबाक टिप्पणी करने के बाद मद्रास हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति एन किरुबाकरण ने देश भर में इंजीनियरिंग कॉलेजों की बेतहाशा बढ़ती संख्या और इंजीनियरिंग स्नातकों में बढ़ती बेरोजगारी पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इन स्नातकों को रोजगार देने की योजनाओं के साथ-साथ यह भी पूछा है कि क्या यह सच है कि इनमें से अधिकाँश स्नातकों में रोजगार प्राप्त करने की क्षमता नहीं है।न्यायमूर्ति किरुबाकरण ने केंद्र से पूछा है कि बेरोजगार इंजीनियरिंग स्नातकों को वैकल्पिक...

जनहित याचिका के दुरूपयोग से मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्र दुखी
जनहित याचिका के दुरूपयोग से मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्र दुखी

 “कोर्ट से किस हद तक जाने की आप उम्मीद कर सकते हैं? जनहित याचिकाओं को गरीबों और पिछड़े वर्गों की शिकायतों को दूर करने के लिए बनाया गया था जिनकी न्याय तक पहुँच नहीं होती है। लेकिन अब यह तो घोटालों की जांच से लेकर कई अन्य क्षेत्रों तक पहुँच गया है। अब तो जनहित याचिका का प्रयोग यह तक पूछने के लिए हो रहा है कि खेल की सुविधा होनी चाहिए कि नहीं।” – मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रगुजरात में एक स्टेडियम के निर्माण को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान दुखी मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक...

केरल हाईकोर्ट को दो पहले और सुप्रीम कोर्ट को 14 जज देने के लिए फक्र होना चाहिए : CJI मिश्रा
केरल हाईकोर्ट को दो पहले और सुप्रीम कोर्ट को 14 जज देने के लिए फक्र होना चाहिए : CJI मिश्रा

भारत के मुख्य न्यायधीश दीपक मिश्रा ने कहा कि कोर्ट लोगों के लिए हैं ना कि लोग कोर्ट के लिए। वो शनिवार को केरल हाईकोर्ट के डायमंड जुबली समारोह के मौके पर बोल रहे थे।इस मौके पर चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा कि केरल हाईकोर्ट को सुप्रीम कोर्ट में 14 जज और पहली महिला जज देने पर गर्व होना चाहिए। उन्होंने कहा कि संस्थान में सेवा देने के लिए कोर्ट लोगों के लिए हैं, लोग कोर्ट के लिए नहीं, ये ही मोटो होना चाहिए।उन्होंने केरल हाईकोर्ट की केसों की संख्या बढने पर तारीफ करते हुए कहा कि ये संस्थान के प्रति...

शोमी (Xiaomi) के साथ कानूनी लड़ाई में एरिक्सन को “कांफिडेंशियल क्लब” बनाने की दिल्ली हाई कोर्ट की इजाजत [निर्णय पढ़ें]
शोमी (Xiaomi) के साथ कानूनी लड़ाई में एरिक्सन को “कांफिडेंशियल क्लब” बनाने की दिल्ली हाई कोर्ट की इजाजत [निर्णय पढ़ें]

दिल्ली हाई कोर्ट ने एरिक्सन की अपील को मानते हुए चीन की मोबाइल हैंडसेट बनाने वाली कंपनी शोमी के साथ उसकी कानूनी लड़ाई में उसे “कांफिडेंशियल क्लब” बनाने की अनुमति दे दी है। कांफिडेंशियल क्लब में विशेषकर वकील और कुछ प्रमुख गवाह शामिल होते हैं जिनको उन कागजातों को देखने की अनुमति होती है जिस पर विवाद होता है।न्यायमूर्ति योगेश खन्ना ने इस तरह के क्लब के गठन में कोई नुकसान नहीं देखा और उन्होंने कहा, “इसका कारण शायद आज की वैश्विक दुनिया है जहाँ प्रतिस्पर्धा अपने चरम पर है, कोई संगठन अपने व्यापार के...

सबरीमाला मामले की सुनवाई में संविधान पीठ में हों 50 फीसदी महिला जज : सुप्रीम कोर्ट में अर्जी [याचिका पढ़े]
सबरीमाला मामले की सुनवाई में संविधान पीठ में हों 50 फीसदी महिला जज : सुप्रीम कोर्ट में अर्जी [याचिका पढ़े]

सबरीमाला मंदिर के लंबित मामले में सुप्रीम कोर्ट में एक हस्तक्षेप अर्जी दाखिल  कर कहा गया है कि इस मामले की संविधान पीठ में सुनवाई के लिए 50 फीसदी महिला जज होनी चाहिएं।85 साल के एस परमेश्वरन नंपूथिरी ने वैकल्पिक तौर पर कहा है कि कोर्ट को प्रख्यात लोगों जैसे सुप्रीम कोर्ट के जज या हाईकोर्ट के जज, इतिहासकार व लेखक आदि की जूरी बनानी चाहिए और इस मामले में तय समय सीमा में फैसला देने के निर्देश जारी करने चाहिए। याचिका में उन्होंने महिलाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया है और कहा है कि 67 साल के वक्त में...

इंडियन नर्सिंग काउंसिल राज्यों के नर्सिंग प्रशिक्षण संस्थान को  मान्यता नहीं दे सकता : बॉम्बे हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
इंडियन नर्सिंग काउंसिल राज्यों के नर्सिंग प्रशिक्षण संस्थान को मान्यता नहीं दे सकता : बॉम्बे हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

एक महत्वपूर्ण फैसले में बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच ने कहा है कि इंडियन नर्सिंग काउंसिल राज्यों में चलने वाले नर्सिंग ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट को मान्यता देने के लिए अधिकृत नहीं है। कोर्ट ने कहा कि ऐसे संस्थान द्वारा दी गई मान्यता को राज्य नर्सिंग काउंसिल का अनुमोदन होना चाहिए और यह राज्य के लिए ही मान्य होगा।यानी जिन उम्मीदवारों ने ऐसे संस्थानों से मान्यता ली है और उसे राज्य काउंसिल का अनुमोदन मिला है वह राज्य में प्रैक्टिस करने के लिए अधिकृत हैं। न्यायमूर्ति आरएम बोर्डे और न्यायमूर्ति विभा...

आईएएस अधिकारी अनुराग तिवारी की हत्या मामले में कथित खाद्य घोटाले की जांच सीबीआई से नहीं कराने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्णय के खिलाफ याचिका खारिज [आर्डर पढ़े]
आईएएस अधिकारी अनुराग तिवारी की हत्या मामले में कथित खाद्य घोटाले की जांच सीबीआई से नहीं कराने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्णय के खिलाफ याचिका खारिज [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ ने आईएएस अधिकारी अनुराग तिवारी की हत्या के सिलसिले में कथित खाद्य घोटाले की सीबीआई जांच नहीं कराने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने 25 मई को अपने फैसले में तिवारी की हत्या के सिलसिले में कथित खाद्य घोटाले की विस्तृत जांच सीबीआई से कराने संबंधी मांग को 23 अक्टूबर को खारिज कर दिया था। यह याचिका ‘वी द पीपल’ नामक संस्था ने अपने महासचिव प्रिंस लेनिन के माध्यम से दायर की थी। याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में मांग की थी कि...