मुख्य सुर्खियां

उत्तर पुस्तिका के लिए अत्यधिक फीस वसूलकर सीबीएसई कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन कर रहा है : सुप्रीम कोर्ट में उठा कोर्ट की अवमानना का मामला [याचिका पढ़े]
उत्तर पुस्तिका के लिए अत्यधिक फीस वसूलकर सीबीएसई कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन कर रहा है : सुप्रीम कोर्ट में उठा कोर्ट की अवमानना का मामला [याचिका पढ़े]

एक बार फिर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) मुश्किलों में घिर गया है।  सुप्रीम कोर्ट में उसके खिलाफ न्यायिक अवमानना का मामला दायर किया गया है क्योंकि उस पर जांची गई उत्तर पुस्तिका  उपलब्ध कराने के लिए छात्रों से प्रति विषय 1200 रुपए लेने का आरोप लगाया गया है।व्हिसल फॉर पब्लिक इंटरेस्ट (डब्ल्यूएचआईपी) के कुमार शानू और पारस जैन ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है की  सीबीएसई ऐसा करके सीबीएसई एवं अन्य बनाम आदित्य बंधोपाध्याय एवं अन्य  मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लंघन  कर रहा है।...

मां के यह कहने पर कि उसके बेटे को ट्रांसजेंडरों ने अपने जाल में फंसा लिया है, केरल हाईकोर्ट ने 25 वर्षीय युवक की मेडिकल जांच का आदेश दिया; मां को जबरन सेक्स परिवर्तन का अंदेशा
मां के यह कहने पर कि उसके बेटे को ट्रांसजेंडरों ने अपने जाल में फंसा लिया है, केरल हाईकोर्ट ने 25 वर्षीय युवक की मेडिकल जांच का आदेश दिया; मां को जबरन सेक्स परिवर्तन का अंदेशा

अपने तरह के एक अलग मामले में केरल हाईकोर्ट ने एक 25 वर्षीय युवक के मनोचिकित्सकीय और मेडिकल जांच का आदेश दिया। इस युवक की मां  ने यह कहते हुए हाईकोर्ट में अर्जी दी थी कि उसको अंदेशा है कि उसके बेटे को ट्रांसजेंडरों के गिरोह ने फंसा लिया है और वह इस तरह से व्यवहार कर रहा है जैसे वह ट्रांसजेंडर हो।  मां ने आशंका जाहिर की कि ये लोग उसके बेटे की मानसिक गड़बड़ी का फ़ायदा उठा रहे हैं और उसके जननांगों को वे बदलवा सकते हैं।न्यायमूर्ति वी चितम्बरेश और न्यायमूर्ति केपी ज्योतिन्द्रनाथ की पीठ ने इस युवक की जांच...

अगर लॉ कॉलेज उतने घंटे तक क्लास नहीं आयोजित करते जितने जरूरी हैं तो उस स्थित में बीसीआई क्या कर सकती है, इसकी पड़ताल करेगा दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]
अगर लॉ कॉलेज उतने घंटे तक क्लास नहीं आयोजित करते जितने जरूरी हैं तो उस स्थित में बीसीआई क्या कर सकती है, इसकी पड़ताल करेगा दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]

दिल्ली हाईकोर्ट इस बात पर गौर करेगी कि बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया (बीसीआई)  यह सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठा सकता है ताकी देश के लॉ कॉलेज निर्धारित संख्या में क्लास आयोजित करें।न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने निम्नलिखित प्रश्नों को रेखांकित किया है जिस पर कोर्ट को गौर करना है - “उस स्थिति में बीसीआई क्या करेगा जब उसको यह  पता चलता है कि उसने जिन कॉलेजों को मान्यता दी है वे कॉलेज बीसीआई के नियमों का पालन नहीं  कर रहे हैं और निर्धारित संख्या में क्लास का आयोजन नहीं करते हैं? क़ानून  की शिक्षा देने वाले...

क्या एक नाबालिग बच्चा अपने अभिभावक की मर्जी के खिलाफ किसी अन्य के साथ रह सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने इस बारे में गुजरात हाईकोर्ट के मत पर संदेह जताया [आर्डर पढ़े]
क्या एक नाबालिग बच्चा अपने अभिभावक की मर्जी के खिलाफ किसी अन्य के साथ रह सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने इस बारे में गुजरात हाईकोर्ट के मत पर संदेह जताया [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने एक नाबालिग के अपने अभिभावक की इच्छा के विरुद्ध किसी अन्य के साथ रहने की इच्छा के बारे में गुजरात हाईकोर्ट के मत पर संदेह जताया, हालांकि उसने इस आदेश में कोई हस्तक्षेप नहीं  किया।न्यायमूर्ति एके  सिकरी और न्यायमूर्ति अशोक भूषण  की पीठ ने इस बारे में विशेष अनुमति याचिका को ख़ारिज कर दिया और कहा कि  वह इस मामले की वैधता पर गौर नहीं करना चाहती है।इस आदेश में कहा गया है, “चूंकि आलोच्य आदेश में सात साल की एक लड़की के संरक्षण दायित्व उसकी स्वाभाविक मां  को सौंपने का आदेश गया है, हम इस...

किसी मेडिकल कॉलेज की जांच के लिए न्यूनतम स्तर का निर्धारण गैर-कानूनी नहीं : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
किसी मेडिकल कॉलेज की जांच के लिए न्यूनतम स्तर का निर्धारण गैर-कानूनी नहीं : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल काउंसिल ऑफ़ इंडिया बनाम वेदांता इंस्टिट्यूट ऑफ़ अकादमिक एक्सीलेंस प्राइवेट लिमिटेड मामले में कहा है कि मेडिकल कॉलेज अगर यह चाहता है कि  उसकी नए सिरे से जांच हो तो इसके लिए जरूरी है कि इसके लिए एक न्यूनतम मानदंड तय किए जाएं और यह मेडिकल काउंसिल अधिनियम, 1956 के प्रावधानों के खिलाफ नहीं है।वर्तमान मामले में एक मेडिकल कॉलेज की जांच का दुबारा आदेश देते हुए हाईकोर्ट ने कहा की मेडिकल कॉलेज स्थापना विनियमन, 1999 का विनियमन 8(3)(1) प्रावधान (a) मेडिकल कॉलेज पर लागू नहीं होता।  यह...

आधार क्यूआर कोड के स्कैन नहीं होने पर छात्र को एम्स की परीक्षा में नहीं बैठने देने का मामला -दिल्ली हाईकोर्ट ने एम्स ,यूआईडीएआई को भेजा नोटिस [याचिका पढ़े]
आधार क्यूआर कोड के स्कैन नहीं होने पर छात्र को एम्स की परीक्षा में नहीं बैठने देने का मामला -दिल्ली हाईकोर्ट ने एम्स ,यूआईडीएआई को भेजा नोटिस [याचिका पढ़े]

एम्स एमबीबीएस परीक्षा का रिजल्ट 18  जून को आने वाला है। इस बीच, दिल्ली हाईकोर्ट ने एक छात्र की याचिका पर केंद्र सरकार, एम्स  और भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण जारी किया है। इस छात्र ने याचिका दायर कर इस वर्ष के एम्स एमबीबीएस परीक्षा परिणाम को रद्द करने की मांग की है क्योंकि कर्नाटक के एक परीक्षा केंद्र पर आधार क्यूआर कोड के स्कैन नहीं होने के कारण उसे इस परीक्षा में बैठने  नहीं दिया गया था।अभिमन्यु  विश्नोई ने अपनी कहानी के साथ हाईकोर्ट में अपील की कि  कैसे उसे कर्नाटक के गुलबर्गा केंद्र पर उसे...

सड़क दुर्घटना में मरने वाली नन के लिए मुआवजे  की ईसाई धार्मिक संस्था की मांग को मद्रास हाईकोर्ट ने सही ठहराया [निर्णय पढ़ें]
सड़क दुर्घटना में मरने वाली नन के लिए मुआवजे की ईसाई धार्मिक संस्था की मांग को मद्रास हाईकोर्ट ने सही ठहराया [निर्णय पढ़ें]

मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने सड़क दुर्घटना में मृत एक नन के लिए मुआवजे की मांग को लेकर एक ईसाई धार्मिक संस्था की याचिका को सही ठहराया है।  नन की मौत राज्य परिवहन की एक बस द्वारा ठोकर मार देने से हुई। संस्था ने कहा कि अपनी एक कार्यकर्ता की अकाल मौत के कारण संगठन को काफी घाटा हुआ।न्यायमूर्ति एएम बशीर की पीठ ने 2009  में सेंट मारिया ऑक्सीलियम सिस्टर्स कांग्रेस के पक्ष में वाहन दुर्घटना दावा अधिकरण के आदेश को तमिलनाडु राज्य परिवहन निगम द्वारा दी गई चुनौती को खारिज  कर दिया। यह नन उसी कांग्रेस में...

शिमला जल संकट: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा, जल संरक्षण पर व्हाट्सएप ग्रुप बनाएं, जिंगल बजाएं [आर्डर पढ़े]
शिमला जल संकट: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा, जल संरक्षण पर व्हाट्सएप ग्रुप बनाएं, जिंगल बजाएं [आर्डर पढ़े]

शिमला जल संकट के विभिन्न मुद्दों को लेकर हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एक और निर्देश जारी किया है जो लोगों को पानी मिलने में हो रही विभिन्न तरह की असुविधाओं को लेकर है।कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल की पीठ ने निर्देश दिया कि एक व्हाट्सएप  ग्रुप बनाया जाए ताकि नगरनिगम के अधिकारियों के साथ जल आपूर्ति को लेकर प्रभावी संयोजन किया जा सके। कोर्ट ने यह निर्देश भी दिया की नगर निगम जल संरक्षण को लेकर जिंगल बजाए ताकि लोगों को मुद्दे को लेकर जागरूक बनाया जा...

लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले पार्टनर्स को बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के माध्यम से अलग नहीं कर सकते; केरल हाईकोर्ट ने 18 साल के लड़के और 19 साल की लड़की को एक साथ रहने की अनुमति दी [निर्णय पढ़ें]
लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले पार्टनर्स को बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के माध्यम से अलग नहीं कर सकते; केरल हाईकोर्ट ने 18 साल के लड़के और 19 साल की लड़की को एक साथ रहने की अनुमति दी [निर्णय पढ़ें]

केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को 18 साल के एक लड़के और 19 साल की एक लड़की को एक साथ रहने की इजाजत दे दी और इस बारे में लड़की के पिता द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को खारिज कर दिया।न्यायमूर्ति वी चितम्बरेश और न्यायमूर्ति केपी ज्योतिन्द्रनाथ की पीठ ने कहा कि  कोर्ट बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका द्वारा एक साथ रह रहे दो लोगों (लिव -इन पार्टनर्स) को अलग नहीं कर सकता बशर्ते की दोनों ही वयस्क हो गए हों।कोर्ट ने कहा, “हम इस तथ्य को नजरअंदाज  नहीं कर सकते कि लिव-इन रिलेशनशिप का हमारे समाज में चलन हो गया है...

वाहन दुर्घटना दावा : परमिट का नहीं होना कानून का मौलिक उल्लंघन, ऐसे में बीमा कंपनी की कोई देनदारी नहीं- सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
वाहन दुर्घटना दावा : परमिट का नहीं होना कानून का मौलिक उल्लंघन, ऐसे में बीमा कंपनी की कोई देनदारी नहीं- सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बिना परमिट के सार्वजनिक स्थलों पर वाहनों का परिचालन वैधानिक नीति का उल्लंघन है और ऐसे में अगर दुर्घटना होती है तो बीमा कंपनियां देनदारी से मुक्त होंगी।मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति एएम खानविलकर की पीठ ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की एक अपील पर यह फैसला दिया। यह अपील एक ट्रक मालिक ने दायर की थी जिसकी दुर्घटना हो गयी थी। मोटर वाहन दुर्घटना दावा अधिकरण ने पाया कि यह ट्रक बिना किसी परमिट के चलाया जा रहा था और कहा कि इस वजह से क़ानून का उल्लंघन हुआ...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को मिले पांच नए जज; कर्नाटक हाईकोर्ट में दो अतिरिक्त जजों की नियुक्ति [अधिसूचना पढ़ें]
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को मिले पांच नए जज; कर्नाटक हाईकोर्ट में दो अतिरिक्त जजों की नियुक्ति [अधिसूचना पढ़ें]

शुक्रवार को जारी एक अधिसूचना के तहत केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के लिए पांच जजों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी। ये जज हैं -     न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी     न्यायमूर्ति अखिल कुमार श्रीवास्तव     न्यायमूर्ति ब्रिज किशोर श्रीवास्तव     न्यायमूर्ति राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव     न्यायमूर्ति मुहम्मद फहीम अनवरइसके अलावा दो अतिरिक्त जजों - न्यायमूर्ति मोहम्मद नवाज़ आर न्यायमूर्ति हरेकोप्पा थिम्मन्ना गौड़ा नरेन्द्र प्रसाद की कर्नाटक हाईकोर्ट में नियुक्त की अधिसूचना भी जारी की गई है।एक अन्य...

पीड़ित मुआवजे कोष में यौन उत्पीड़न के पुरुष बाल पीड़ितों को शामिल करें: WCD मंत्री मेनका गांधी ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को पत्र लिखा
पीड़ित मुआवजे कोष में यौन उत्पीड़न के पुरुष बाल पीड़ितों को शामिल करें: WCD मंत्री मेनका गांधी ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को पत्र लिखा

लंबे समय से लंबित मांग और बलात्कार विरोधी कानूनों को लिंग तटस्थ बनाने की आवश्यकता के जवाब में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से अपने पीड़ित मुआवजा योजनाओं और कोष में यौन शोषण के पुरुष बाल पीड़ितों को शामिल करने का आग्रह किया है। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों को संबोधित एक पत्र में मेनकागांधी ने उनसे यह भी सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है कि समय पर पीड़ितों को अंतिम और अंतरिम मुआवजे का भुगतान किया जाए।एक पीआईबी...

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पहली दया याचिका का निपटारा याचिका को खारिज कर किया
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पहली दया याचिका का निपटारा याचिका को खारिज कर किया

दया याचिका के अपने पहले फैसले में  राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सितंबर 2013 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा  अपील को खारिज करने के बाद मौत की सजायाफ्ता एक व्यक्ति की दया याचिका खारिज कर दी है।पिछले साल जुलाई में गृह मंत्रालय से राष्ट्रपति सचिवालय में इस संबंध में एक सिफारिश प्राप्त हुई थी। राष्ट्रपति ने 23 अप्रैल 2018 को याचिका का निपटारा किया। जगत राय, अपीलकर्ता और दो अन्य लोगों पर एक आदमी, उसकी पत्नी और उनके पांच नाबालिग बच्चों की हत्या का आरोप लगाया गया था जब वे अपने घर में सो रहे थे। अभियोजन पक्ष के...

‘इस अदालत ने याचिका का अंतिम निपटारा नहीं किया था‘ सुप्रीम कोर्ट की आलोचना के बाद पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने एक लाइन के आदेश पर खुद का किया बचाव [आर्डर पढ़े]
‘इस अदालत ने याचिका का अंतिम निपटारा नहीं किया था‘ सुप्रीम कोर्ट की आलोचना के बाद पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने एक लाइन के आदेश पर खुद का किया बचाव [आर्डर पढ़े]

उच्च न्यायालय ने कहा कि इस अदालत ने उपरोक्त संशोधन याचिका पर अंततः एक पंक्ति आदेश से फैसला नहीं किया था।इस साल की शुरुआत में पारित आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश को पूर्ण करके एक पंक्ति में एक संशोधन याचिका का निपटारा करने के लिए पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय की आलोचना की थी।जस्टिस एसए बोबड़े की अध्यक्षता वाली पीठ ने हाईकोर्ट में इस मामले को फिर से भेजते हुए कहा था कु हमें उच्च न्यायालय को याद दिलाने की जरूरत नहीं है कि कई निर्णयों में यह कहा गया है कि इस तरह का निर्णय अनुमति योग्य नहीं...

आपराधिक मामलों में बरी किये जाने के आधार पर क्या न्यायिक अधिकारी के रूप में किसी की नियुक्ति निरस्त की जा सकती है? सुप्रीम कोर्ट करेगा इस मामले की जांच [आर्डर पढ़े]
आपराधिक मामलों में बरी किये जाने के आधार पर क्या न्यायिक अधिकारी के रूप में किसी की नियुक्ति निरस्त की जा सकती है? सुप्रीम कोर्ट करेगा इस मामले की जांच [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के एक फैसले पर फिलहाल रोक लगा दी है। इस फैसले में हाईकोर्ट ने अनुसूचित जाति के एक उम्मीदवार आकाशदीप मौर्य को सिविल जज और न्यायिक मजिस्ट्रेट के पद पर नियुक्त करने का आदेश दिया था और उसके खिलाफ विगत में चार आपराधिक मामले दर्ज होने के कारण उसको अयोग्य घोषित करने के आदेश को निरस्त कर दिया क्योंकि इन सभी मामलों में मौर्य बरी हो गया था।हाईकोर्ट ने हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ एक विशेष अनुमति याचिका दाखिल की जिसमें उसे इस पद पर नियुक्ति के अयोग्य ठहराने वाले आदेश को...

सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्टों से कहा, वर्चुअल करेंसी के प्रचलन पर रोक संबंधी आरबीआई के सर्कुलर के बारे में कोई याचिका स्वीकार नहीं करें
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्टों से कहा, वर्चुअल करेंसी के प्रचलन पर रोक संबंधी आरबीआई के सर्कुलर के बारे में कोई याचिका स्वीकार नहीं करें

सुप्रीम कोर्ट ने देश के हाईकोर्टों से कहा है कि वे वर्चुअल करेंसी के कारोबार पर प्रतिबंध के बारे में रिज़र्व बैंक के सर्कुलर के संबंध में कोई याचिका स्वीकार नहीं करें।मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिल्ली और कलकत्ता हाईकोर्ट में इस बारे में आगे की कार्यवाही रोकने का आदेश देते हुए यह निर्देश जारी किया।कोर्ट सिद्धार्थ डालमिया द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया। डालमिया ने अपनी याचिका में दिल्ली और कलकत्ता हाईकोर्ट में लंबित मामलों को ट्रांसफर...

जुर्माने का प्रावधान आवश्यक नहीं; सूचना चाहनेवाले आरटीआई अधिनियम के तहत जुर्माने की प्रक्रिया का सहारा नहीं ले सकते : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]
जुर्माने का प्रावधान आवश्यक नहीं; सूचना चाहनेवाले आरटीआई अधिनियम के तहत जुर्माने की प्रक्रिया का सहारा नहीं ले सकते : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]

जुर्माने का मामला आयोग और गफलत करने वाले सूचना अधिकारी के बीच का है और इसमें याचिकाकर्ता/सूचना प्राप्तकर्ता को कोई अधिकार नहीं है, कोर्ट ने कहा। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा है कि सूचना का अधिकार के तहत दंड का प्रावधान विवेकाधीन है और यह मामला सूचना आयोग और गफलत करने वाले उसके अधिकारी के बीच का है। कोर्ट ने कहा कि सूचना प्राप्त करनेवाले दंड की कार्यवाही में सुनवाई की मांग अधिकारतः नहीं कर सकते। वर्तमान मामले में, सूचना आयोग ने एक अधिकारी पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया क्योंकि सूचना देने में...

नारी निकेतन, बाल संरक्षण केंद्रों में संदेहास्पद मौत, बलात्कार, कुपोषण और स्वच्छता नहीं होने से उत्तराखंड हाईकोर्ट हैरान; जारी किए कई निर्देश [निर्णय पढ़ें]
नारी निकेतन, बाल संरक्षण केंद्रों में संदेहास्पद मौत, बलात्कार, कुपोषण और स्वच्छता नहीं होने से उत्तराखंड हाईकोर्ट हैरान; जारी किए कई निर्देश [निर्णय पढ़ें]

नारी निकेतन और बाल गृहों की दयनीय स्थिति से हैरान उत्तराखंड हाईकोर्ट ने इनकी स्थिति में सुधार के लिए अनेक निर्देश जारी किये हैं। इन स्थानों पर रहने वाले कई बच्चे जिनमें सुनने और बोलने में असमर्थ एक लड़की भी शामिल थी, के साथ बलात्कार हुआ और उसका जबरन गर्भपात भी कराया गया। कोर्ट ने इस तरह के संस्थानों का नियमित निरीक्षण, सामान्य और मानसिक रूप से बीमार कैदियों को अलग रखने और बच्चों से नशीली पदार्थों को बेचने और भीख मांगने का धंधा कराने वालों या बच्चों को शारीरिक दंड देने वालों को कड़ी सजा दिलाने जैसे...

जिस अकेली शिक्षित माँ पर छोटे बच्चे को संभालने की जिम्मेदारी है उससे खुद कमाने की उम्मीद नहीं की जा सकती : कर्नाटक हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]
जिस अकेली शिक्षित माँ पर छोटे बच्चे को संभालने की जिम्मेदारी है उससे खुद कमाने की उम्मीद नहीं की जा सकती : कर्नाटक हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]

यह एक काल्पनिक आदर्श है कि हर शिक्षित और अकेली रहने वाली महिला काम कर सकती है, अपनी और अपने बच्चे की जरूरत के लिए आवश्यक पैसे कमा सकती है, कोर्ट ने कहा।कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि सीआरपीसी की धारा 125 में “अपना भरण-पोषण नहीं कर सकने” की बात का जो जिक्र है उसका अर्थ यह नहीं लगाया जाना चाहिए कि ऐसी महिला “गरीब या शारीरिक रूप से इतनी अशक्त होगी कि वह अपनी आजीविका नहीं चला सकती या अपने जीवन-यापन के लिए कुछ भी नहीं कमा सकती है और किसी व्यक्ति की धनार्जन की क्षमता उसके जीवन के तथ्यों और उसकी...

कथित अपराध की जानकारी प्रेस को देना आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन के दायरे में नहीं : MP हाईकोर्ट ने मानहानि के लिए पुलिस अधिकारी के अभियोजन की अनुमति दी [आर्डर पढ़े]
कथित अपराध की जानकारी प्रेस को देना आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन के दायरे में नहीं : MP हाईकोर्ट ने मानहानि के लिए पुलिस अधिकारी के अभियोजन की अनुमति दी [आर्डर पढ़े]

अदालत ने कहा कि पुलिस के एक DySP को न तो किसी भी समाचार पत्र या मीडिया कर्मियों को  कथित अपराध के बारे में सूचित करने की जरूरत है या ना उम्मीद की जाती है जो उसके संज्ञान में आता है।मानहानि के लिए एक पुलिस अधिकारी के अभियोजन पक्ष को अनुमति देते हुए मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने कहा है कि किसी पुलिस अधिकारी को न तो किसी भी समाचार पत्र या मीडिया कर्मियों को किसी कथित अपराध के बारे में सूचित करने की जरूरत या उम्मीद नहीं है जो उसके संज्ञान में आता है।पुलिस अधिकारी, एक संपादक और अख़बार के प्रकाशक के...