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सुप्रीम कोर्ट ने कोर्ट परिसर में क्रैच सुविधा के कार्यान्वयन के लिए समय सीमा बढ़ाकर 30 अप्रैल की [आर्डर पढ़े]

LiveLaw News Network
7 March 2018 10:18 AM GMT
सुप्रीम कोर्ट ने कोर्ट परिसर में क्रैच सुविधा के कार्यान्वयन के लिए समय सीमा बढ़ाकर 30 अप्रैल की [आर्डर पढ़े]
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 सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अपने परिसर में क्रैच सुविधा को कार्यान्वित करने का समय 1 मार्च से बढाकर30 अप्रैल कर दिया है।

न्यायमूर्ति रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति आर बानुमति की पीठ ने 2015 में अन्नंदिता पुजारी द्वारा दाखिल की गई याचिका पर अपने सेकेट्री जनरल द्वारा दाखिल अर्जी पर ये वक्त बढाया।

 ये याचिका सर्वोच्च न्यायालय में बाल देखभाल केंद्र के शुभारंभ  के दो दिन बाद दायर की गई थी और उसमें इसके लिए विभिन्न कमियों को इंगित किया था।

इसके बाद पिछले साल नवंबर में इसका निपटारा किया गया और यह निर्देश दिया गया था कि प्रबंधकीय समिति के साथ हितधारकों द्वारा नियमों पर विचार-विमर्श किया जाएगा और उसके बाद निर्णय लिया जाएगा।

मंगलवार को सुनवाई के दौरान दो सुझाव कोर्ट के सामने पेश किए गए। पहला मुद्दा एक नियमित रसोई या पेंट्री की व्यवहार्यता पर विचार करना था। दूसरा मुद्दा अदालत परिसर के किनारे विकेट गेट के माध्यम से क्रैच के लिए वैकल्पिक प्रवेश  का प्रावधान है।

इन सुझावों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने वकील को हितधारकों के लिए रजिस्ट्री के संबंधित अधिकारियों के साथ चर्चा करने और सात दिनों के भीतर अदालत को ये निर्णय सौंपने का निर्देश दिया।

 इसी तरह की चर्चा सुविधा की रूपरेखा के मुद्दे पर की गई। कहा गया, " क्रैच की रूपरेखाओं के संबंध में इस मुद्दे के रूप में, जैसे कि भर्ती करने के लिए बच्चों की आयु , फीस वसूलने, कर्मचारियों की संख्या, कर्मचारियों की योग्यता, स्वास्थ्य देखभाल / स्वच्छता, भोजन आदि के सवाल (प्रश्न पर  क्रैच को नियंत्रित करने के लिए एक बार फिर, अलग-अलग हिस्सेदारों के लिए पेश वकील  इस अदालत की रजिस्ट्री के अधिकारी के साथ बैठकर सभी हितधारकों के लिए स्वीकार्य सेट को विकसित करने का प्रयास करेंगे।” ये रूपरेखा महीने के अंत में अदालत के समक्ष रखी जाएंगी। इस मामले को अब 15 मार्च के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

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