मुख्य सुर्खियां
दशकों तक मुकदमेबाजी करने वाले ‘चिरकालीन’ वादी की ‘ सहनशक्ति’ की ‘ सराहना’ करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने लगाया 50000 का जुर्माना [निर्णय पढ़ें]
हम यह उल्लेख कर सकते हैं कि हमारे सामने अपील का रिकॉर्ड बताता है कि अपीलकर्ताओं द्वारा पुरानी याचिकाओं रूप में उनकी स्थिति की पुष्टि करने वाली कुछ अन्य कार्यवाही भी शुरू की गईं, पीठ ने कहा। जिस दृढता और सहनशक्ति के साथअपीलकर्ता दशकों से मुकदमेबाजी कर रहे हैं, उनकी प्रशंसा की जानी चाहिए, लेकिन न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने ये कहते हुए कई अदालतों को घुमाने वाली याचिका को खारिज करते हुए 50 हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया।ये मुकदमेबाजी 1967 से शुरू हुई जिसमें...
कलकत्ता हाई कोर्ट में जजों की नियुक्ति शीघ्र करने और हड़ताल ख़त्म करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी [याचिका पढ़े]
यूथ बार एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया नामक एक संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कलकत्ता हाई कोर्ट में जजों की नियुक्ति में तेजी लाने और कोर्ट में इस समय चल रहे हड़ताल को ख़त्म कराने की मांग की है।याचिका में देश भर में बार एसोसिएशन द्वारा किए जा रहे हड़ताल को विनियमित किये जाने के बारे में निर्देश दिए जाने की मांग भी की गई है।एडवोकेट मंजू जेटली के माध्यम से दायर इस याचिका की सुनवाई संभवतः 20 अप्रैल को होगी।याचिका में मांग की गई है कि कोर्ट केंद्र को कलकत्ता हाई कोर्ट व अन्य हाई कोर्टों में जजों के...
पत्नी को फ्लोरिडा कोर्ट में दाखिल तलाक केस में कार्रवाई से रोकने की मांग लेकर पहुंचे पति की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने एक पति की उस याचिका को खारिज कर दिया कि जिसमें उसने अपनी पत्नी को फ्लोरिडा (अमेरिका) अदालत में दायर की गई याचिका का पालन करने से रोकने के लिए मुकदमा विरोधी निषेधाज्ञा की मांग की थी। पत्नी ने फ्लोरिडा की अदालत में विवाह के अपरिहार्य टूटने के आधार पर तलाक की अर्जी दाखिल की है। पति ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय में अर्जी दी थी, जिसमें जिला अदालत के आदेश के खिलाफ उसकी चुनौती को खारिज कर दिया था। जिला अदालत ने पत्नी के खिलाफ अंतरिम...
सुप्रीम कोर्ट ने GIDC की कानूनी सलाहकार के आवेदन पर BCI को पुनर्विचार करने को कहा [आर्डर पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया को जलपा प्रदीपभाई देसाई के नामांकन पर पुनर्विचार करने के लिए कहा है, जिन्हें गुजरात औद्योगिक विकास निगम के कानूनी परामर्शदाता के तौर पर काम करने की वजह से एडवोकेट के रूप में नामांकन करने की अनुमति नहीं दी गई थी। " किसी भी अंतिम राय को व्यक्त किए बिना, प्रथम दृष्टया, हमें प्रतीत होता है कि याचिकाकर्ता के नामांकन के मामले में बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा पुनर्विचार की आवश्यकता है क्योंकि याचिकाकर्ता गुजरात औद्योगिक विकास निगम (जीआईडीसी) का पूर्णकालिक...
बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा, फैमिली कोर्ट अनिवासी भारतीय महिला को स्काइप के माध्यम से तलाक की शर्तों पर अपनी सहमति देने की अनुमति दे [निर्णय पढ़ें]
एक महत्त्वपूर्ण फैसले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा कि सहमति से तलाक के लिए अर्जी एक पंजीकृत वकील के माध्यम से दायर किया जा सकता है। कोर्ट ने बांद्रा के फैमिली कोर्ट को निर्देश दिया कि वह स्काइप या किसी अन्य तकनीक के माध्यम से सहमति की शर्तों की रिकॉर्डिंग की अनुमति दे।न्यायमूर्ति भारती डांगरे ने हर्षदा देशमुख द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। याचिका में उन्होंने तलाक की उनकी अर्जी को फैमिली कोर्ट द्वारा खारिज करने के आदेश को निरस्त करने की मांग की है।पृष्ठभूमिहर्षदा और उसके पति...
एफआईआर निरस्त हो जाने के बाद रोजगार चाहने वाले किसी उम्मीदवार के खिलाफ प्रतिकूल निष्कर्ष नहीं निकला जा सकता : त्रिपुरा हाई कोर्ट [आर्डर पढ़े]
त्रिपुरा हाई कोर्ट ने कहा है कि अगर कोई उम्मीदवार अपने खिलाफ दायर एफआईआर को हाई कोर्ट द्वारा निरस्त किये जाने के बाद रोजगार चाहता है तो इसका गलत निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए।एक उम्मीदवार जो कि हाई कोर्ट में ग्रुप-D के लिए चुना गया था, की दावेदारी हाई कोर्ट ने इसलिए रद्द कर दी क्योंकि एक समय उसके खिलाफ इम्मोरल ट्रैफिक (प्रिवेंशन) एक्ट, 1956 के तहत एफआईआर दायर किया गया था। हालांकि उसके आग्रह पर हाई कोर्ट ने अथॉरिटीज को निर्देश दिया था कि वे इस पर विचार करें। पर इसको दुबारा इस आधार पर रद्द कर...
सुप्रीम कोर्ट ने आईपीएस में भर्ती के लिए सीमित प्रतिस्पर्धी परीक्षा को समाप्त करने के केंद्र के निर्णय को सही ठहराया [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने आईपीएस की नियुक्ति के लिए केंद्र सरकार द्वारा आयोजित सीमित प्रतिस्पर्धी परीक्षा (एलसीई) को समाप्त करने के निर्णय को सही ठहराया है। सरकार ने कहा है कि ऐसा आम लोगों के हित में किया गया है।चुनौतीवर्ष 2012 में यूपीएससी ने एलसीई के माध्यम से आईपीएस में भर्ती के लिए आवेदन मांगे थे और लिखित परीक्षा और साक्षात्कार आयोजित किए गए थे पर आज तक इस परीक्षा का परिणाम घोषित नहीं किया गया। इस परीक्षा के लिए भारतीय पुलिस सेवा (भर्ती) संशोधित नियम, 2011 के द्वारा एलसीई शुरू की जो कि इस सेवा में...
अभियुक्त के खिलाफ बलात्कार का मामला सिर्फ इसलिए रद्द नहीं किया जा सकता क्योंकि पीड़ित ने सह-आरोपियों के खिलाफ अभियोजन पक्ष का समर्थन नहीं किया: उड़ीसा हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]
यह न्यायालय किसी चीज को मानकर नहीं चल सकता और याचिकाकर्ता के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही को इस आधार पर रद्द नहीं कर सकता कि सह आरोपियों को बरी कर दिया गया क्योंकि पीड़ित ने अभियोजन पक्ष के मामले का समर्थन नहीं किया, बेंच ने कहा उड़ीसा उच्च न्यायालय ने कहा है कि ट्रायल के दौरान सह-आरोपी के मामले में पीड़ित द्वारा अभियोजन पक्ष का समर्थन नहीं करना आरोपी के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने का आधार नहीं हो सकता। इस मामले में सीआरपीसी की धारा 161 और 164 के तहत पीड़िता के बयान दर्ज करने के बाद...
साक्ष्य अधिनियम की धारा 27 केवल तभी लागू हो सकती है यदि इकबालिया बयानों से कुछ नया तथ्य सामने आए : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
पुलिस का ये दावा कि आरोपी से ये चीजें बरामद की गई हैं, हो सकता है कि इन्हें पुलिस ने ही प्लांट किया हो, बेंच ने कहा। सुप्रीम कोर्ट ने नवनीतकृष्णन बनाम पुलिस निरीक्षक द्वारा राज्य मामले में तय कानूनी बिंदू को दोहराया है कि साक्ष्य अधिनियम की धारा 27 केवल तभी लागू होती है जब इकबालिया बयान के चलते कोई नया तथ्य सामने आता है। इसकी के साथ कोर्ट ने हत्या के मामले में सजा को रद्द कर दिया।दरअसल तीन लोगों को जॉन बोस्को और माधन का अपहरण करने का आरोप लगाया गया और कहा गया कि तीनों ने एक रस्सी का उपयोग करके...
आठ साल पुराने संबंध के दौरान हुए सहवास को बलात्कार कहना मुश्किल है : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े]
महिला ने आरोप लगाया था कि वे पति-पत्नी की तरह रह रहे थे“शादी का झांसा देकर बलात्कार करने” के मामले को निरस्त करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आठ साल तक चले संबंधों के दौरान हुए सहवास को “बलात्कार” बताना मुश्किल है।वर्तमान मामले में शिकायतकर्ता ने खुद ही कहा था कि वे पिछले आठ वर्षों से पति-पत्नी की तरह रह रहे थे और यह आदमी अब उससे दूर भागना चाहता है और उसको धोखा देना चाहता है। उसने इस व्यक्ति के खिलाफ बलात्कार और धोखाधडी का आरोप लगाते हुए शिकायत की।इस पुरुष ने कर्नाटक हाई कोर्ट में अपील की पर...
वादी एक ही मामले में समझौते के विशेष प्रदर्शन और रोक लगाने के आदेश दोनों की मांग नहीं कर सकता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वादी एक ही मामले में विशेष प्रदर्शन और फिर रोक लगाने के आदेश, दोनों की मांग नहीं कर सकता। कोर्ट ने यह फैसला सुचा सिंह सोढ़ी बनाम बलदेव राज वालिया के मामले में सुनाया।इस मामले में प्रतिवादी के खिलाफ आदेश के बारे में याचिका कोर्ट के कहने पर वापस ले लिया गया। बाद में जब एक विशेष प्रदर्शन को लेकर याचिका दायर की गई, तो प्रतिवादी ने इस पर आपत्ति की और आदेश 2 और नियम 2 का हवाला दिया। इसमें कहा गया कि विशेष प्रदर्शन जैसे राहत का दावा रोक लगाने के आदेश की मांग के साथ पूर्व याचिका...
इस तरह ब्रह्मानंद शर्मा ने राजस्थान के पहले दृष्टिहीन जज बनने के लिए सारी बाधाओं को हराया
अजमेर जिले के सरवर शहर के सिविल न्यायाधीश और न्यायिक मजिस्ट्रेट ब्रह्मानंद शर्मा 22 वर्ष की आयु में ग्लेकोमा के कारण अपनी दृष्टि खो चुके हैं। हालांकि इसके बावजूद न्यायाधीश बनने के अपने सपने का पीछा करना बंद नहीं किया। जब उन्हें कोचिंग सेंटरों से हटा दिया गया, उनकी पत्नी ने प्रभार संभाला और किताबें पढ़ीं और इस पढाई को रिकॉर्ड किया। उन्होंने यह रिकॉर्डिंग अक्सर सुनने के लिए एक आदत बना ली। उनकी कड़ी मेहनत का फल मिला और उन्होंने 2013 की राजस्थान ज्यूडिशियल सर्विसेज परीक्षा के पहले प्रयास में 83...
मंत्रियों की मदद के लिए 11 संदादीय सचिवों की नियुक्ति को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सही ठहराया [निर्णय पढ़ें]
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने छत्तीसगढ़ राज्य विधानसभा द्वारा 11 विधायकों को संसदीय सचिव नियुक्त करने को सही ठहराया है। ये संसदीय सचिव विभिन्न मंत्रियों की मदद करेंगे। यद्यपि यह स्पष्ट किया गया है कि ये मंत्री के रूप में कार्य नहीं करेंगे।इन नियुक्तियों के खिलाफ दायर याचिका में यह कहा गया कि नियुक्ति संविधान की धारा 164(1A) के खिलाफ है।मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति थोत्ताथिल बी राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति शरद कुमार गुप्ता की पीठ ने कहा कि संसदीय सचिव का प्रावधान कोई नई परिकल्पना नहीं है और ऐसी व्यवस्था रही...
केरल हाईकोर्ट में राजनीतिक दलों के विदेशी चंदे के प्रावधान को चुनौती दी गई [याचिका पढ़े]
केरल उच्च न्यायालय में देश में चुनाव में राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को चंदा देने के लिए कंपनियों और विदेशी संस्थानों को अनुमति देने वाले प्रावधानों की संवैधानिक वैधता को चुनौती एक याचिका दाखिल की गई है।विक्टर टी थॉमस द्वारा दायर की गई याचिका में कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 182, जनप्रतिनिधि अधिनियम 1951 की धारा 29 बी और विदेशी अंशदान में चुनौती देती है। (विनियमन) अधिनियम, 2010 की धारा 2 (1) (जे) (vi) के प्रावधानों को चुनौती दी गई है। हालांकि 2017 से पहले कंपनी अधिनियम की धारा 182 एक कंपनी...
परोपकारी दानकर्ताओं को मुआवजा देने के प्रावधान वाले अंग प्रत्यारोपण दिशानिर्देश को केरल हाई कोर्ट ने सही ठहराया [निर्णय पढ़ें]
केरल हाई कोर्ट ने अंग प्रत्यारोपण के दिशानिर्देशों को सही ठहराया है जिसमें परोपकारी अंग दानकर्ताओं को मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है। इन दिशानिर्देशों को केरल सरकार ने मानव अंग प्रत्यारोपण और ऊतक अधिनियम, 1994 के तहत तैयार किया है। इन दिशानिर्देशों को इस आधार पर चुनौती दी गई थी कि ये मानव अंगों को व्यावसायिक स्तर पर जमा करने की प्रक्रिया को बढ़ावा देगा जिसकी अधिनियम की धारा 19 में मनाही है।ये दिशानिर्देश निम्न तरीके से परोपकारी अंग दानकर्ताओं को मुआवजे का प्रावधान करता है :(1) दानकर्ता के...
दिल्ली की अदालत ने राजपाल यादव और पत्नी को लोन ना चुकाने पर दोषी करार दिया, 23 अप्रैल को सजा का ऐलान
दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत ने बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव, उनकी पत्नी और कंपनी को पांच करोड़ रुपये के लोन से जुड़े मामले में दोषी करार दिया है। सजा का ऐलान 23 अप्रैल को होगा।अडिशनल चीफ मेट्रोपॉलिटन मैजिस्ट्रेट (ईस्ट) अमित अरोड़ा ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि सबूत संदेह से परे जाकर आरोपियों को दोषी साबित कर रहे हैं। एक बार जब आरोपी ने यह मान लिया कि संबंधित चेक उसके बैंक खाते से जुड़े हैं और उन पर साइन भी उसी के हैं तो फिर शिकायतकर्ता को चेक बाउंस का केस दायर करने का हक मिल...
केरल हाईकोर्ट ने 9 साल की लड़की के बलात्कार और हत्या के आरोपी की मौत की सजा बरकरार रखी [निर्णय पढ़ें]
उसे उम्मीद थी कि वह अपने पिता की तरह व्यवहार करेगा। उन्होंने उसका गला घोंट दिया, उसे रोने से रोका, उससे बलात्कार किया और इस प्रक्रिया में उसकी हत्या कर दी, पीठ ने कहा। केरल उच्च न्यायालय ने हाल ही में 9 वर्षीय लड़की से बलात्कार और हत्या के आरोपी व्यक्ति की मौत की सजा बरकरार रखी। पीड़िता उसकी उसकी बेटी की दोस्त थी।दरअसल मदरसा जाने के लिए रास्ते में लड़की अपने दोस्त के घर गई ताकि उसे भी अपने साथ ले जाए।अभियोजन पक्ष का मामला यह है कि उसकी दोस्त का पिता उस समय घर पर अकेला था और उसने उसके साथ...
व्यावसायिक योग्यता के बिना कोई डॉक्टरी प्रैक्टिस नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने 'परम्परा वैद्य' की याचिका रद्द की [निर्णय पढ़ें]
आजादी के 70 साल बाद भी जिनके पास कोई ज्ञान नहीं है या मान्यता प्राप्त योग्यता नहीं है, वे दवाओं का अभ्यास कर रहे हैं और हजारों और लाखों लोगों के जीवन के साथ खेल रहे हैं, बेंच ने कहा। सुप्रीम कोर्ट ने 2003 केरल हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है कि जिसमें यह तय किया गया है कि जो लोग निर्धारित योग्यता पूरी नहीं करते और प्रासंगिक कानून के तहत विधिवत पंजीकृत नहीं हैं, उन्हें परम्परा वैद्य के रूप में अभ्यास करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। न्यायमूर्ति आरके अग्रवाल और न्यायमूर्ति मोहन एम शांतनागौदर...
स्नातकोत्तर मेडिकल प्रवेश में डॉक्टरों के लिए प्रोत्साहन अंक की वैधता की जांच अब पांच जजों की संविधान पीठ करेगी
सुप्रीम कोर्ट की पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ अब यह जांच करेगी कि क्या राज्य में स्नातकोत्तर मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए दूरस्थ / पहाड़ी क्षेत्रों में कार्यरत डॉक्टरों के लिए प्रोत्साहन अंक प्रदान किए जा सकते हैं। जस्टिस कुरियन जोसेफ,जस्टिस एम एम शांतनागौदर और जस्टिस नवीन सिन्हा की तीन जजों की पीठ ने शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा को तमिलनाडु मेडिकल डॉक्टर एसोसिएशन और अन्य लोगों द्वारा दाखिल याचिकाओं के लिए बड़ी पीठ के फैसले के लिए भेज दिया।याचिकाओं में पोस्ट ग्रेजुएट...
थैलिसीमिया मेजर से ग्रस्त होने के 5 महीने बाद डॉक्टर पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, MCI ने PG कोर्स को दिव्यांग अधिनियम, 2016 के अनुरूप बनाया
नए विनियमन में 21 दिव्यांगता के लिए 5% आरक्षण का प्रावधानथैलिसीमिया मेजर से पीड़ित होने के पांच महीने बाद एक डॉक्टर ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। डॉक्टर को दिव्यांगता प्रमाणपत्र चाहिए था ताकि वह स्नातकोत्तर में दिव्यांगता कोटे के तहत प्रवेश ले सके। मेडिकल काउंसिल ऑफ़ इंडिया (एमसीआई) ने पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन रेगुलेशन्स, 2000 को संशोधित किया है ताकि वह दिव्यांग अधिकार अधिनियम, 2016 के अनुरूप हो सके और 21 तरह की दिव्यांगता के लिए आरक्षण दिया जा सके।इस संशोधित विनियमन को 5 अप्रैल को गजट...

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![केरल हाईकोर्ट में राजनीतिक दलों के विदेशी चंदे के प्रावधान को चुनौती दी गई [याचिका पढ़े] केरल हाईकोर्ट में राजनीतिक दलों के विदेशी चंदे के प्रावधान को चुनौती दी गई [याचिका पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/04/Political-Parties.jpg)
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![केरल हाईकोर्ट ने 9 साल की लड़की के बलात्कार और हत्या के आरोपी की मौत की सजा बरकरार रखी [निर्णय पढ़ें] केरल हाईकोर्ट ने 9 साल की लड़की के बलात्कार और हत्या के आरोपी की मौत की सजा बरकरार रखी [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/04/Death-Penalty-LiveLaw.jpg)
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